बिहार

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Published / 2022-04-15 13:04:33
रघुनाथगंज मंदिर में आकर हुई दिव्य अनुभूति : आलोक रंजन झा

टीम एबीएन, रतनी (शकुराबाद)। रघुनाथगंज शकुराबाद में नवनिर्मित सूर्य मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए आज बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन झा रघुनाथगंज मंदिर में आए और वहां उन्होंने पूजा अर्चना की। रघुनाथ मंदिर समिति की ओर से अजय प्रसाद, शंभु प्रसाद, प्रभा देवी और नीलम देवी ने कला एवं संस्कृति मंत्री आलोक रंजन झा को सम्मानित किया। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा भी आये। मौके पर आलोक रंजन झा ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा हो जाने से यह स्थान धाम में परिवर्तित हो गया है। मंदिर में आकर उन्हें दिव्य अनुभूति हो रही है। यहां पर आकर उन्हें भगवान सूर्य का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और साथ ही मंदिर में स्थापित सभी देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इतने भव्य मंदिर के निर्माण के लिए और इतनी सुंदर मूर्तियों की स्थापना के लिए वह समाज एवं ग्राम के सभी लोगों को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि इस मंदिर में आने के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे साक्षात भगवान खुद यहां पर विराजमान हुए हैं। यह मंदिर इस क्षेत्र के एक बड़े पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा, ऐसा मुझे विश्वास है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आप यहां आकर विराजे हैं तो फिर इस क्षेत्र की सुख,शांति और समृद्धि का ख्याल रखें।

Published / 2022-04-15 08:10:42
बिहार के स्कूलों में सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक होगी पढ़ाई

टीम एबीएन, पटना। पूरा बिहार इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। लू चलने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच राजधानी पटना के स्कूलों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों की मानें तो पटना में स्कूलों के खुलने और बंद होने का समय बदल दिया गया है। बदली व्यवस्था के तहत जिले में अब सभी स्कूलों में सुबह 7 से पढ़ाई शुरू होगी और 12 बजे तक ही पठन-पाठन का कार्य चलेगा। बताया जा रहा है कि पटना जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार शाम तक इस बाबत आदेश जारी कर दिया जाएगा। भीषण गर्मी और लू के चलते यह फैसला लिया गया है। बता दें कि बढ़ते तापमान के साथ ही सभी जिला कलेक्टरों को सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि नया टाइमटेबल सभी स्कूलों पर लागू होगा। जिले के सभी सरकार और निजी स्कूल अब बदले हुए समय के साथ ओपन होंगे। सभी स्कूलों पर एक ही समय सारणी लागू होगी। बता दें कि बिहार में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। अधिकांश जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से पार या फिर उसके आसपास पहुंच चुका है। इसके चलते लू जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खासकर दोपहर 12 बजे के बाद हालात और भी बिगड़ जाते हैं। इसे देख पटना जिला प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव करने का बड़ा फैसला लिया है। खास बात यह है कि ताजा आदेश गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। भीषण गर्मी को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आमलोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा था कि पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। लू भी चल रहा है, ऐसे में खुद को सुरक्षित रखें और सतर्क रहें। मौसम विभाग ने पहले ही तापमान में वृद्धि होने की संभावना जता दी थी।

Published / 2022-04-15 07:55:46
बिहार से भी गुज़रेगी वाराणसी से हावड़ा जाने वाली बुलेट ट्रेन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बुलेट ट्रेन परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार पुरज़ोर कोशिश कर रही है। देश के कई राज्य़ों को बुलेट ट्रेन से ज़ोड़ने की क़वायद तेज़ कर दी गई है। इसकी कड़ी में बिहार और झारखंड के कई शहरों से भी बुलेट ट्रेन गुजरेगी इसके लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। बिहार और झारखंड के रास्ते वाराणसी से हावड़ा जानी वाली बुलेट ट्रेन गुज़रेगी। प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक दोनो राज्यों के कई शहरों से होते हुए यह ट्रेन गुजरेगी। बिहार-झारखंड होते हुए हावड़ा पहुंचेगी ट्रेन : वाराणसी से हावड़ा के लिए चलाई जाने वाली बुलेट ट्रेन की स्पीड 260 किमी प्रति घंटा होगी। क़रीब 5 घंटे में यह ट्रेन वाराणसी से हावड़ा पहुंच जाएगी। बिहार के सासाराम और गया से होते हुए यह ट्रेन झारखंड से गुजरेगी जिसका रूट कोडरमा, हजारीबाग, गिरीडीह, धनबाद से होते हुए हावड़ा के तरफ़ जाएगा। हाल ही में राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि देश में सात रूट पर बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें वाराणसी से हावड़ा तक का रूट भी शामिल है। वाराणसी से हावड़ा तक बुलेट ट्रेन की रूट के लिए उच्च स्तरीय बैठक कर चर्चा की गई। इसका डीपीआर तैयार करने लिए रायशुमारी की जा रही है। वहीं जानकार बताते हैं कि बुलेट ट्रेन के परिचालन में लंबा वक्त लगेगा। 2030 तक बुलेट ट्रेन परिचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। ग़ौरतलब है कि वाराणसी को जिस तरह से काशी विश्वनाथ की नगरी की संज्ञा दी जाती है और एक पर्यटन स्थल है। बिहार में गया को भी उसी तरह भगवान बुद्ध और विष्णु की नगरी की संज्ञा दी जाती है। बिहार में इसलिए ही इस प्रोजेक्ट के तहत बुलेट ट्रेन को गया रेलवे स्टेशन चलाने का फ़ैसला लिया गया है। इसी कड़ी में गया रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की क़वायद भी तेज़ कर दी है। इसके साथ ही बिहार और झारखंड के सासाराम, गया, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और धनबाद से होते हुए बुलेट ट्रेन हावड़ा पहुंचेगी। गया को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की बात सुनने के बाद स्थानीय लोगों में काफ़ी उत्साह है। उनका कहना है इसी बहाने हम लोगों के क्षेत्रों का भी विकास होगा।

Published / 2022-04-15 03:51:57
एसएसजी के 50 नये जवान देंगे सीएम नीतीश को सुरक्षा

टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा सख्त कर दी गई है। हाल ही में दो बार उनकी सुरक्षा में चूक होने के मामले सामने आए थे। इसे लेकर देशभर में बिहार पुलिस की किरकिरी हुई थी। सुरक्षा की समीक्षा के बाद अब सीएम की सुरक्षा के जिम्मेदार स्पेशल सुरक्षा गार्ड (SSG) में 50 नए जवान तैनात किए गए हैं। नीतीश कुमार पर राज्य के बख्तियारपुर में हमले की कोशिश की गई थी। वहीं, नालंदा में उनकी सभा में पटाखे छोड़े गए थे। इस कारण सीएम की सुरक्षा में बार-बार चूक का मुद्दा उठा था। व्यापक समीक्षा के बाद बड़ा बदलाव किया गया है। नीतीश कुमार की सुरक्षा सख्त कर दी गई है। एसएसजी में नए पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं।

Published / 2022-04-12 12:50:56
नीतीश की सुरक्षा में चूक, सिरफिरे ने फोड़ा पटाखा

टीम एबीएन, नालंदा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा में एक बार भारी चूक हुई है। इस बार नालंदा में ऐसा हुआ है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनसंवाद कार्यक्रम के तहत सिलाव पहुंचे थे। वहां सभा स्थल पर पंडाल के अंदर एक सरफिरे युवक ने पटाखा फोड़ दिया, जिससे भगदड़ मच गई। फिलहाल, सिरफिरे युवक को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Published / 2022-04-09 17:45:22
किसी की कृपा पर नहीं, जनता के आशीर्वाद से सीएम बने हैं नीतीश : भाजपा

टीम एबीएन, पटना। बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को जेडीयू ने एक बार फिर जोरदार ढंग से बिहार में जातीय जनगणना कराने की मांग उठाई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा ने एक सुर में कहा कि हम कभी भी नेतृत्व से समझौता नहीं करेंगे। हम सब के नेता नीतीश कुमार हैं और आगे भी रहेंगे। नीतीश कुमार किसी की कृपा पर नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। बता दें कि शुक्रवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा था कि 2020 के विधानसभा चुनाव के वक्त ही यह तय हो गया था कि हमारे एनडीए गठबंधन में नीतीश कुमार हमारे मुख्यमंत्री रहेंगे। 2025 तक नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज कोई व्यक्ति 2025 के बाद की बात कर रहा है, जो कि अभी गठबंधन किन-किन दलों का और कैसे हम आगे की रूपरेखा बनाएंगे यह तय नहीं है। संजय जायसवाल ने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा आज तक एक दल में पांच साल नहीं रहे हैं, इसलिए पहले वह वादा करें कि 2025 के बाद भी वह जदयू में ही, एनडीए में ही रहेंगे तथा नीतीश जी को ही नेता मानेंगे।

Published / 2022-04-08 07:45:41
बिहार एमएलसी चुनाव : जदयू पर भारी पड़ा राजद, जीती 6 सीटें

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में से चार- यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में प्रचंड जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी को एक महीने बाद ही बिहार से भी बड़ी खुशखबरी मिली है। बिहार में गुरुवार को 24 सीटों के लिए हुए विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव के नतीजे घोषित किए गए, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 24 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि इस चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू को झटका लगा है और आरजेडी ने उससे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों का ऐलान किया। इन 24 सीटों में से 13 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की, जबकि 6 सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी जीते। एनडीए के खाते में गई एमएलसी की 13 सीटों में से 7 सीटें भाजपा, 5 सीटें जेडीयू और एक सीट पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को मिली है। हालांकि एमएलसी के इस चुनाव में आरजेडी ने जेडीयू से एक सीट ज्यादा हासिल करते हुए नीतीश कुमार झटका दिया है। चुनाव आयोग की तरफ से जारी नतीजों के मुताबिक, एमएलसी की चार सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। वहीं, हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हारी कांग्रेस का प्रदर्शन इस चुनाव में भी खराब रहा और उसे महज एक सीट पर ही जीत मिली। एमएलसी चुनाव के लिए एनडीए में हुए सीटों के बंटवारे के तहत भाजपा को 12, जेडीयू को 11 और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए 1 सीट दी गई थी। बिहार चुनाव में जातियों का फैक्टर सबसे ज्यादा हावी रहता है, जो इस एमएलसी चुनाव में भी साफ दिखाई दिया। चुनाव आयोग के नतीजों के मुताबिक, बिहार एमएलसी चुनाव में भूमिहार और राजपूत जातियों के उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं। कुल 24 सीटों के लिए हुए चुनाव में 6 सीटों पर राजपूत और 6 सीटों पर भूमिहार जाति के उम्मीदवार जीते हैं। एमएलसी की जिन सीटों पर राजपूत जाति के उम्मीदवारों को जीत मिली है, उनमें औरंगाबाद, रोहतास, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, सहरसा और मुजफ्फरपुर शामिल है। वहीं, भूमिहार जाति के उम्मीदवारों में पटना सीट से आरजेडी के कार्तिकेय कुमार, गोपालगंज से भाजपा के राजीव कुमार और बेगुसराय सीट से कांग्रेस के राजीव कुमार जीते हैं। इनके अलावा वैशाली, नवादा, नालंदा, मधुबनी और गया सीटों पर यादव जाति के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, 6 सीटों पर वैश्य समुदाय के उम्मीदवारों को जीत मिली है। वहीं, 24 सीटों के लिए हुए एमएलसी चुनाव में मुस्लिम या दलित समुदाय के एक भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली है। इस चुनाव में कांग्रेस को हालांकि एक ही सीट पर जीत मिली है, लेकिन पार्टी के लिए एक बड़ी बात यह है कि उसके उम्मीदवार ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के गढ़ बेगुसराय में जीत हासिल की है।

Published / 2022-04-06 15:26:42
मिथिला की रोहू मछली को जीआई टैग दिलाने की तैयारी में नीतीश

टीम एबीएन, पटना। बिहार सरकार ने मिथिला की प्रसिद्ध रोहू मछली को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग दिलाने की कवायद तेज कर दी है। एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार से संपर्क करने का फैसला किया है। राज्य मत्स्य पालन विभाग के निदेशक निशात अहमद ने कहा कि राज्य सरकार ने मिथिला क्षेत्र की रोहू मछली पर अध्ययन करने व एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो विशेषज्ञों को काम पर लगाया है। अहमद ने कहा, मिथिला क्षेत्र में खास तौर पर दरभंगा और मधुबनी में पाई जाने वाली रोहू मछली को अपने स्वाद के लिए जाना जाता है। हमने इस मछली पर अध्ययन करने के लिए और एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए नियुक्त किया है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद हम केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से संपर्क करेंगे और इसे जीआई टैग प्रदान करने का अनुरोध करेंगे। मिथिला क्षेत्र में बिहार व झारखंड के हिस्से और नेपाल के पूर्वी तराई के जिले आते हैं। निशात अहमद ने आगे कहा कि हमें इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस क्षेत्र की रोहू मछली को निश्चित तौर पर जीआई टैग मिल जाएगा। इससे इस क्षेत्र में रोहू मछली पालन के काम में लगे लोगों को लाभ होगा, उन्हें वैश्विक बाजार और एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसका उनकी आय पर सीधा असर देखने को मिलेगा। बता दें कि एक जीआई टैग किसी उत्पाद की पहचान किसी विशेष क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले उत्पाद के रूप में करता है। बिहार के इन उत्पादों को मिल चुका है जीआई टैग : ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने हाल ही में एक याचिका को स्वीकार किया है जिसमें बिहार मखाना का नाम बदलकर मिथिला मखाना करने का प्रस्ताव रखा गया है। अभी तक बिहार के कतरनी चावल, जरदारू आम, शाही लीची और मगही पान को जीआई टैग मिल चुका है।

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