बिहार

View All
Published / 2025-10-26 15:15:12
बिहार चुनाव : क्या सभा की भीड़ को वोट में बदल पायेंगे राजनीतिक दल

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष की जनसभाओं में कोई फ़र्क दिखा आपको? बीजेपी हो या जेडीयू, इनकी रैलियों और जनसभाओं में महिलाओं की संख्या देखिए और किसी भी दूसरे दलों की रैली या जनसभा को देखिए।

अगर मेरी बात पर यकीन न हो तो पिछले दिनों तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार और मोदी-शाह की रैलियों की तस्वीरें निकाल कर देख सकते हैं। नीतीश कुमार की दो जनसभा में मैंने एक बात गौर की है कि उनमें मुस्लिम महिलाएं बहुत अच्छी संख्या में थीं।

लेकिन क्या महिलाएं, अपने परिवार के दबाव को दरकिनार कर वोट करेंगी? कहीं ऐसा तो नहीं है कि पति, बेटा या परिवार के सदस्यों ने जहां बोल दिया, वहीं वोट देकर चले आए?

Published / 2025-10-26 14:50:35
बिहार चुनाव : पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन, 50 लाख का बीमा और 5 लाख की मदद करेगी तेजस्वी सरकार!

  • बिहार में तेजस्वी का मास्टरस्ट्रोक! पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन, 50 लाख का बीमा और 5 लाख की मदद का ऐलान

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार चुनाव को देखते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव लगातार घोषणाएं कर रहे। इसी बीच उन्होंने आज रविवार (26 अक्तूबर) को एक बड़ा वादा किया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सत्ता में आने पर पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन और 50 लाख रुपये का बीमा कवर देने का वादा किया है।

तेजस्वी यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए कहा कि प्रचार अभियान तेज हो गया है और बिहार बदलाव के लिए बेचैन है। उन्होंने मौजूदा नितीश कुमार सरकार पर तंज करते हुए कहा कि 20 साल से बिहार में खटारा सरकार है, अब जनता बदलाव के लिए बेचैन है। बोले हम जहां भी जा रहे हैं, सभी जातियों और धर्मों के लोग बड़ी संख्या में हमारा समर्थन करने आ रहे हैं। लोग मौजूदा सरकार से तंग आ चुके हैं और बिहार सरकार को बदलना चाहते हैं। इस सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर है, लोग बीजेपी को समझ चुके हैं।

बीजेपी और नीतीश पर निशाना 

बीजेपी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में जानबूझकर कारखाने नहीं लगने दिये। इसके साथ ही अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 17 महीने में बुहत काम हुआ था चाचा जी नहीं पलटे होते तो और काम होता। कांग्रेस और गठबंधन पर कहा कि हम लोग साथ प्रचार कर रहे हैं आगे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ भी प्रचार शुरू होगा। बोले कि तेजस्वी ने किसी का नुकसान नहीं किया है और न तेजस्वी से किसी को शिकायत है। बिहार की जनता ने पिछली सरकार को 20 साल दिए और अब हम केवल 20 महीने मांग रहे हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना करने का वादा 

तेजस्वी यादव ने अपनी सरकार बनने के वादों की लिस्ट में कहा कि सरकार बनने पर पंचायत प्रतिनिधि का मानदेय दोगुना कर दिया जाएगा। इसके अलावा सोनार,नाई, लोहार और बढ़ई पेशे से जुड़े लोगों को स्वरोजगार के लिए एकमुश्त पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। तेजस्वी यादव ने बिहार में उद्योग धंधे न लगने पर मोदी सरकार पर निशाना साधा, बोले कि बड़ी बड़ी फैक्ट्रियां, आईटी पार्क समेत सारे उद्योग गुजरात ले गए और बिहार को सिर्फ धोखा और ठेंगा दिखाया।

Published / 2025-10-19 20:16:25
बिहार चुनाव : झामुमो ने चुनाव से मुंह मोड़ा?

नामांकन का अंतिम दिन कल, प्रत्याशियों को रांची से बैरंग लौटाया 

टीम एबीएन, रांची। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन से अलग राह पकड़ने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भले ही छह सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया हो, लेकिन पार्टी अब तक किसी भी उम्मीदवार को टिकट नहीं दे सकी है। 

टिकट की उम्मीद में बीते दस दिनों से बिहार के अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचे संभावित प्रत्याशी रविवार शाम तक पार्टी मुख्यालय में जमे रहे, मगर घंटों इंतजार के बाद सभी को निराश होकर लौटना पड़ा। 

शाम करीब छह बजे पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता बिनोद पांडेय की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सभी दावेदार मौजूद थे। बैठक के बाद उन्हें बताया गया कि टिकट को लेकर शीर्ष नेतृत्व से अंतिम बातचीत चल रही है और जल्द ही फैसला लेकर जानकारी दी जाएगी। 

इसके बाद सभी प्रत्याशी मायूस होकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट गए। पिरपैती विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदार निर्मला कुमारी ने बताया कि हमसे कहा गया कि अभी शांत रहें, आलाकमान बातचीत कर रहा है, निर्णय होने पर हमें सूचित किया जाएगा। 

वहीं कटोरिया सीट से टिकट की उम्मीद लगाए बैठी अंजला हांसदा, जिन्होंने पहले भी इसी क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, उन्होंने कहा कि हमें भरोसा दिया गया था कि पार्टी इस बार हमें मौका देगी, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है, इसलिए हमें वापस लौटना पड़ रहा है। 

इसी तरह चकाई से आये ओमकारनाथ वर्मा, मनिहारी की फुलमनी हेंब्रम और बांका के हीरालाल मंडल ने भी बताया कि उन्हें सिर्फ इंतजार करने को कहा गया है। झामुमो ने भले ही छह सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर अपनी राजनीतिक मंशा साफ कर दी हो, लेकिन टिकट वितरण में देरी से कार्यकर्ताओं और दावेदारों में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि टिकट को लेकर फैसला जल्द ही लिया जायेगा, सभी कार्यकर्ता धैर्य बनाये रखें।

Published / 2025-10-19 20:13:38
बिहार चुनाव 2025 : जनसुराज के प्रदेश प्रवक्ता भाजपा में शामिल

चुनाव से ठीक पहले जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका, प्रदेश प्रवक्ता अमित पासवान ने थामा भाजपा का दामन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। जन सुराज के प्रदेश प्रवक्ता डॉ अमित कुमार पासवान, मानस भूमि विद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल की निदेशक और पूर्व जिला पार्षद अनिता कुमारी और जन सुराज के संस्थापक सदस्य कर्मवीर कुशवाहा आज अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।  

जो गठबंधन ढंग से आपस में सीटों का बंटवारा नहीं कर सकता, वह... : दिलीप जायसवाल 

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित एक मिलन समारोह में सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया और कहा कि महागठबंधन सत्ता की दुकानदारी चाहता है जबकि राजग विकसित बिहार का सपना पूरा करना चाहता है। 

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में मतदाताओं के रुझान को देखते हुए जननायक लोक दल पार्टी ने भी राजग को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन आज ऐसी स्थिति में है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को दलित समुदाय के लोगों को अपमानित करने की बात सोशल मीडिया में लिखनी पड़ रही है। 

उन्होंने कहा कि जो गठबंधन ढंग से आपस में सीटों का बंटवारा नहीं कर सकता, वह राज्य में भला सरकार कैसे चलायेगा। दिलीप जायसवाल ने दावा किया कि आज प्रदेश में जो माहौल दिख रहा है, उससे स्पष्ट है कि बिहार में एक बार फिर राजग की सरकार बन रही है। 

आज अंबेडकर छात्रावास से आये आशुतोष पासवान, विकास कुमार, राहुल कुमार, टिंकू कुमार, नीतीश कुमार, कृष्णा पासवान, शिबू कुमार, तरुण कुमार और गौतम कुमार ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

Published / 2025-10-18 22:38:25
बिहार चुनाव : अब महागठबंधन का हिस्सा नहीं रहा झामुमो

  • महागठबंधन से अलग हुई हेमंत सोरेन की झामुमो?
  • छह सीटों पर लड़ने का किया एलान; उतारे प्रत्याशी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची /पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के छह प्रत्याशी उतरेंगे। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर बिहार आए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्षी गठबंधन को लेकर कई तरह की संभावनाएं जताई थी, लेकिन बिहार में महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे पर सार्थक बातचीत नहीं देख अब झारखंड मुक्ति मोर्चा में यह फैसला लिया है। 

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पांच प्रत्याशी उतारे थे। पांचों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। ऐसे में महागठबंधन को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही थी। झारखंड में राजद और कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ है, यह भी ऐसी तैयारी हो रही थी।

बिहार विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के छह प्रत्याशी उतरेंगे। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर बिहार आए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्षी गठबंधन को लेकर कई तरह की संभावनाएं जताई थी, लेकिन बिहार में महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे पर सार्थक बातचीत नहीं देख अब झारखंड मुक्ति मोर्चा में यह फैसला लिया है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पांच प्रत्याशी उतारे थे। पांचों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। ऐसे में महागठबंधन को लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही थी। झारखंड में राजद और कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ है, यह भी ऐसी तैयारी हो रही थी।

Published / 2025-10-18 15:01:12
मैथिली को जामवंत बनना होगा, तभी जीत मिलेगी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रांची। बड़े-बड़े पत्रकार और विद्वतजन चिंतित हैं। उनकी वाजिब चिंता मैथिली ठाकुर या किसी भी मासूम को लेकर हो सकती है। लेकिन आश्चर्य है कि जब 16 साल की उम्र में वंडरबॉय सचिन क्रिकेट खेलने के लिए मैदान में उतरे तो उस समय ऐसी बातें कहीं गई थी क्या?

क्या उन्हें यह कह कर नहीं रोका जा सकता था कि तुम्हारे सामने वसीम अकरम और उनके जैसे दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज गेंदबाजी करने उतरेंगे। लेकिन देखिए उस वंडरबॉय को, उसने ऐसी कहानी लिख डाली कि आज आप उदाहरण देते हैं। दूसरी ओर उनके साथ ही विनोद कांबली भी थे, वह आज कहां हैं?

असल में मैंने जितना देखा और समझा है, उस हिसाब से किसी भी फील्ड में असफलता और सफलता में बस महीन फर्क होता है। आप मन को अनुशासन में रख कर ही तरक्की कर सकते हैं। आपकी सफलता आपके धैर्य, समर्पण और समझदारी पर निर्भर करती है।

जब हनुमान समंदर के किनारे खड़े होकर समुद्र पार करने की चिंता में डूबे हुए थे। पवनपुत्र, जो मेरे और आपके आराध्य हैं, भूल चुके थे कि उनमें असीम शक्ति है। वह उड़ सकते हैं। तब जामवंत देवदूत बनकर आए। उनकी शक्ति का अहसास कराया और लंका पर विजय हासिल हो सका।

अब आयरन लेडी इंदिरा गांधी की बात करें, तो उन्हें बापू, नेहरू जैसे लोगों का कम उम्र से सानिध्य मिला और वह एक कद्दावर व सफल राजनीतिज्ञ बनीं। ऐसे में देखें तो मैथिली को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आज के चाणक्य अमित शाह का साथ और संरक्षण मिल रहा है।

अब जब मैथिली के राजनीतिक जीवन का आगाज हो रहा है तो तमाम चिंतित लोगों को अपने अंदर मौजूद जामवंत को भी जगाना होगा। राजनीति को आप सही क्षेत्र नहीं मानते। लेकिन इसे सही बनाने के लिए जब कलाकारों, पत्रकारों और साहित्यकारों को लाया जाता है तो हजारों सवाल करते हैं। वैचारिक द्वंद्व की ऐसी दीवार खड़ी करते हैं कि शक्ति स्थिर हो जाती है।

जिस मिथिला में एक स्त्री से शंकराचार्य भी परास्त हो चुके हों और जो मां सीता की जन्मस्थली हो, वहां स्त्री शक्ति पर सवाल गैरवाजिब लगता है। ऐसा लगता है कि मिथिला के विचारों को जंग लग चुकी है। ऐसे में मन रूपी हनुमान को जगाने के लिए जामवंत बनना होगा। मिथिला या किसी भी क्षेत्र में नारी शक्ति या आधी आबादी ही परिवर्तन का अहसास करा सकती है। उसके लिए आपको और हमको खुद से सवाल करना होगा कि हम क्यों ऐसी बहस या बात करते हैं।

किसी के मासूम होने, किसी के संरक्षण में रहने जैसा तर्क देखकर आप बस मन को दिलासा दिलाते हैं। मैथिली हारे या जीते, इससे फर्क ज्यादा नहीं पड़ता है। लेकिन उनकी राजनीतिक पहल पर खड़े किए जा रहे सवालों ने खोखले हो रहे समाज की पोल खोल दी है। ऐसे में समाज के जामवंत सरीखे महापुरुषों को आगे आना होगा। तभी जीत भी मिलेगी  और राम राज्य हासिल होगा।

Published / 2025-10-17 23:07:42
बिहार चुनाव : मुकेश साहनी चुनावी अखाड़े से बाहर!

  • मुकेश सहनी के लिए राजद ने नहीं छोड़ी सीट, नहीं कर पाए नामांकन, अब नहीं लड़ेंगे चुनाव

टीम एबीएन रांची/पटना। महागठबंधन में मुकेश सहनी की क्या स्थिति है यह इसी बात से पता चलता है कि राजद ने दरभंगा जिले की गौड़ाबोराम विधानसभा सीट उनके लिए नहीं छोड़ी। इसलिए मुकेश सहनी नामांकन नहीं कर पाए। उन्होंने घोषणा की थी कि आज वह नामांकन करेंगे।

नामांकन की पूरी तैयारी हो गई थी। लेकिन उनके नामांकन करने से पहले राजद प्रत्याशी अफजल अली ने नामांकन कर दिया। अफजल अली के नामांकन के बाद मुकेश सहनी को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। अब वह कह रहे हैं कि चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी के प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगे। राष्ट्रीय जनता दल ने जब एक सीट नहीं छोड़ी तो बेचारे चुनाव कहां से लड़ेंगे। 

चुनाव लड़ने के उनके सपने पर पानी फिर गया। हालांकि अभी भी वह उपमुख्यमंत्री बनने के अपने स्व घोषित दावे पर कायम हैं। दावा कर रहे हैं कि बिना चुनाव लड़े भी उपमुख्यमंत्री बनेंगे। अब तेजस्वी यादव यदि मुख्यमंत्री बनते हैं तो उन्हें डिप्टी सीएम बनाएंगे उसकी क्या गारंटी है। चुनाव लड़ने के लिए जब एक सीट नहीं नहीं छोड़ी तो  क्या उपमुख्यमंत्री बनाएंगे? आगे की कहानी आप खुद समझ सकते हैं।

Published / 2025-10-17 19:32:26
बिहार चुनाव : 40 सीटों पर मिलेंगे एससी और एसटी विधायक

बिहार की इन सीटों पर सिर्फ एसटी और एससी वर्ग का उम्मीदवार लड़ेगा चुनाव, देखिये रिजर्व सीटों की लिस्ट

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव  के लिए आगामी छह नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा तथा मतगणना 14 नवंबर होगी। राज्य में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 40 सीटों पर सिर्फ एसटी और एससी वर्ग का ही उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा यानि यह सीटें एसटी और एससी के लिए आरक्षित की गयी हैं। 

38 सीटें एससी और 2 सीटें एसटी के लिए आरक्षित 

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 40 सीटों में 38 सीटें एससी और 2 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। जो सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित की गयी हैं, उनमें सिंहेश्वर, सोनबर्षा, कुशेश्वर अस्थान, पतेपुर, कलयानपुर, रोसेरा, बोचहां, सकरा, भोर, धरौली, गरखा, राजपुर, रामनगर,  हरसिद्धि, राजा पाकर, बखरी, अलौली, बनमनखी सीट, कोहरा, पीरपैंती, राजगीर, धौरैया, चेनारी, मखदूमपुर, कुटुंबा, फुलवारी, मसौढी, अगिआंव, बथनाहा, राजनगर, त्रिवेनीगंज, बाराचट्टी, बोध गया, राजौली, रानीगंज,   इमामगंज, और सिकंदरा सीट शामिल हैं। वहीं जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए मनिहारी और कटौरिया सीट शामिल हैं।  

7.42 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान 

बता दें कि कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है, जिनमें पुरुष मतदाता 3.92 करोड़ और महिला मतदाता 3.50 करोड़ हैं। आयोग ने बताया कि इस चुनाव के लिए 90,712 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें से 76,801 ग्रामीण क्षेत्रों में तथा शेष 13,911 शहरी क्षेत्रों में होंगे। प्रति मतदान केंद्र मतदाताओं की संख्या औसतन संख्या 818 होगी और सभी मतदान केंद्रों की वेब कास्टिंग की जायेगी। एक हजार तीन सौ पचास मॉडल मतदान केंद्र होंगे और 1044 केंद्रों का संचालन पूरी तरह से महिलाओं को दिया जायेगा। इसके अलावा 38 केंद्रों की कमान युवा तथा 292 केंद्रों का संचालन दिव्यांग करेंगे।

Page 5 of 61

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse