टीम एबीएन, पटना। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री तेज प्रताप यादव खादी मॉल पहुंचे। मॉल में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने उनका स्वागत जूट का पुष्पगुच्छ देकर किया। इसके बाद मंत्री तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उन्होंने चरखा चलाकर भी देखा। खादी मॉल में उन्होंने शॉपिंग भी की।
मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि खादी हमारी संस्कृति का परिचायक है। खादी गांधी जी को पसंद था और मुझे भी बहुत पसंद है। मैं हमेशा खादी मॉल में आया करता हूं। मेरा बिहार वासियों से अनुरोध है कि सभी बिहार वासी खादी का कपड़ा पहनें और विदेशी कपड़ों का त्याग करें। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। अपने विभाग में वह खादी के चादर और दूसरे चीजों के प्रयोग का निर्देश विभागीय अधिकारियों को देंगे।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह तो रोज खादी ही पहनते हैं। अब विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सप्ताह में एक दिन खादी पहनने के लिए भी कहेंगे। उन्होंने कहा कि खादी मॉल का संचालन बेहतर तरीके से हो रहा है। उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ खादी को बढ़ाने के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं। हम सभी युवाओं और महिलाओं से अपील करेंगे कि खादी पहनें और बिहार के गांवों में बनाए गए प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें।
टीम एबीएन, पटना। बिहार में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। वहीं कोहरे के कारण 72 घंटे से राज्य में सूरज नहीं दिखाई दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि बिहार में प्रति चक्रवात का प्रभाव देखने को मिल रहा और अगले कुछ दिनों तक ठंड का ये प्रकोप जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में शीतलहर को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। बीते 24 घंटे में राजधानी पटना का अधिकतम तापमान सात डिग्री से नीचे रहा। जिसके चलते पूरे दिन गलन वाली ठंड का एहसास होते रहा।
बीते 24 घंटे में सीवान का जीरादोई सबसे ज्यादा ठंडा रहा। वहां न्यूनतम तापमान आठ डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, शेखपुरा, रोहतास, चंपारण, फारबिसगंज में भी न्यूनतम तापमान काफी कम दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में 23 सालों बाद 3 जनवरी का दिन सबसे ठंडा रहा। बुधवार को पूरे राज्य में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे को लेकर फ्लाइट और ट्रेनें पहले से ही काफी प्रभावित हैं। ठंड को ध्यान में रखते हुए राज्य के स्कूलों को पहले ही बंद कर दिया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक फारबिसगंज और सबौर में बीते 24 घंटे में भारी कोहरा देखने को मिला। इसके अलावा पटना, छपरा, भागलपुर और डेहरी में भी कोहरा दिखा। ठंड से नालंदा में भी लोगों की हालत खस्ता है। मौसम विभाग की माने तो राज्य में अभी आने वाले दिनों में घने कोहरे से राहत मिलने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पछुआ और उत्तर पछुआ की गति सतह पर बेहद कम है, जिसके कारण वातावरण में 90 फ़ीसदी से अधिक नमी की मात्रा है।
टीम एबीएन, पटना। पटना नगर निगम ने बिहार खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और पटना नगर निगम के बीच हुए इकरारनामा के अनुसार दोनों संस्थाएं स्वच्छता, खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में एक दूसरे का सहयोग करेंगी। इस आशय के एमओयू पर पटना नगर निगम के आयुक्त अनिमेष कुमार पाराशर और बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने हस्ताक्षर किये।
इकरारनामा के अनुसार पटना नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और उन पर आश्रित रहने वाले लोगों को सुक्ष्म उद्योगों का प्रशिक्षण बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा दिया जायेगा। साबुन निर्माण, फिनाइल निर्माण, झाड़ू निर्माण, टोकरी और सूप निर्माण, पेंटिंग, सूत कताई और कपड़े की बुनाई एवं सिलाई का प्रशिक्षण बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा दिया जायेगा। इसके साथ ही पटना नगर निगम और उसके कर्मचारियों को बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के खादी मॉल में 10% के अतिरिक्त छूट की व्यवस्था भी की जायेगी। पटना नगर निगम द्वारा बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से स्वच्छता में काम आने वाली सामग्री की खरीद बिहार राज्य खड़ी ग्रामोद्योग बोर्ड से भी की जा सकती है।
इस संबंध में पटना नगर निगम के आयुक्त अनिमेष कुमार पाराशर ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को बढ़ावा दिया था और आत्मनिर्भरता को भी। खादी आज निर्भरता का परिचायक है। निगम के कर्मचारी सप्ताह में 1 दिन खादी पहनेंगे। इसके अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी निगम के अधिकारी खादी के वस्त्र पहनेंगे। निगम द्वारा चलाये जाने वाले स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों में बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग को भागीदार बनाया जाएगा और संस्थान से जुड़े लोगों के सामानों की खरीद भी पटना नगर निगम द्वारा की जायेगी। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच हुए मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग से खादी और स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
टीम एबीएन, पटना। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अन्तर्गत प्राप्त हुए 2,23,863 आवेदनों में से कम्प्युटरीकृत रेंडमनाइजेशन पद्धति से कैटेगरी-ए में 5 हजार, कैटेगरी-बी में 2 हजार और कैटैगरी-सी में सभी 877 आवेदकों का चयन किया गया। इस अवसर पर उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने बताया कि कैटेगरी-1 में कुल 201204 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति संवर्ग में 43984, अति पिछड़ा वर्ग में 57,867 युवा उद्यमी संवर्ग में 60,973 और महिला उद्यमी संवर्ग में 38,380 आवेदन प्राप्त हुए। कैटेगरी-बी में कुल 21,782 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति संवर्ग में 4,735, अति पिछड़ा वर्ग में 5,790, युवा उद्यमी संवर्ग में 6,243 और महिला उद्यमी संवर्ग में 5,014 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में से नये लाभुकों का चयन किया गया।
मौके पर उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि चयन की पूरी प्रक्रिया को अल्प समय में पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया गया है, जिसके लिए प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक और निदेशक, तकनीकी विकास संजीव कुमार बधाई के पात्र हैं। यह प्रक्रिया एन.आई.सी. के सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए पूर्ण किया गया है। उन्होंने कहा कि 01 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2022 तक मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का पोर्टल खोला गया था और 01 जनवरी 2023 को रविवार का अवकाश था। इस तरह मात्र 24 घंटे में ही तकनीकी प्रक्रिया पूरी की गई। उद्योगों की स्थापना के लिए हम हर काम ऐसे ही तेजी से कर रहे हैं। हम विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नये उद्यमियों से उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने अपील की कि पूरी मेहनत और ईमानदारी से उद्योगों की स्थापना करें, अपने लिए रोजी-रोजगार की व्यवस्था करें और परिवार एवं समाज के लोगों को भी रोजगार दें। हर जिले में सैकड़ों उद्यमी होंगे। उद्योग विभाग द्वारा सभी की हैण्डहोल्डिंग की जाएगी। बैंकों को भी विश्वास में भी लिया जाएगा कि उद्योग के लिए ज्यादा से ज्यादा ऋण दें। बिहार के लोग पहले रोजगार करने के लिए बाहर जाते थे। अब बिहार में ही रह कर सभी रोजगार करें और दूसरों को भी रोजगार दें। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्यमियों के विकास का पूरा अवसर है।
मौके पर तकनीकी विकास निदेशक संजीव कुमार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्यमिता के विस्तार तथा स्वरोजगार की भावना के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना प्रारंभ की गयी है जिसके तहत चयनित लाभार्थियों को 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया। इसमें 5 लाख रुपये अनुदान और 5 लाख रुपये ब्याज रहित ऋण के रूप में है। पात्रता के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 50 वर्ष है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में समान प्रावधानों के साथ मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना प्रारंभ किया गया। सात निश्चय- 02 के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना लागू की गई। महिला उद्यमी योजना में ट्रांस जेन्डरों को भी शामिल किया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में दिये जाने वाले ऋण पर एक प्रतिशत के ब्याज के प्रावधान किया गया। चयनित लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का भुगतान तीन चरणों में - 4 लाख, 4 लाख और 2 लाख किया जाता है। चयनित योग्य आवेदकों के कागजातों और कार्यस्थल की जाँच जिला स्तर पर की जाती है। मुख्यमंत्री योजना के अन्तर्गत लाभुकों के चयन हेतु जिलावार संख्या निर्धारित है। सबसे अधिक 381 लाभुक पटना जिला से और सबसे कम 45 लाभुक शिवहर जिला के लिए निर्धारित है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित किये गये 15,986 लाभुकों में से 15101 को प्रशिक्षण दिया गया और उन्हें प्रथम किस्त की राशि प्रदान की गई। 6447 लाभुकों को द्वितीय किस्त और 955 लाभुकों को तृतीय किस्त प्रदान किया गया। इस योजना के तहत 860 करोड़ से अधिक की राशि लाभुकों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 8000 नये लाभुकों के चयन हेतु मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का पोर्टल 01 दिसम्बर 2022 को खोला गया और 31 दिसम्बर 2022 तक 2 लाख 23 हजार लोगों ने आवेदन किया। 8 हजार लाभुकों में से 5 हजार लाभुक निर्धारित 51 ट्रेड में से किसी एक उद्योग की स्थापना अपनी जमीन पर कर सकेंगे। 2 हजार लाभुकों का चयन टेक्सटाईल, लेदर और खाद्य प्रसंस्करण प्रक्षेत्र से किया गया है। 1 हजार ऐसे लाभुकों हेतु प्रावधान किया गया जिन्होंने बियाडा के द्वारा आवंटित शेड में टेक्सटाईल और लेदर उद्योग लगाने की योजना बनायी है।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से जीविका के दीदीयों को जोड़ा गया और बैग कलस्टर की शुरूआत के लिए 39 जीविका दीदीयों को मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत 10-10 लाख रुपये की सहायता दी गई, जिसका उपयोग करते हुए उन्होंने मुजफ्फरपुर और फतुहा में बैग उत्पादन के लिए नई इकाइयों की स्थापना की गई। हर इकाई में लगभग 40 व्यक्तियों को रोजगार मिला।
मौके पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार, उप निदेशक तकनीकी विकास नागेन्द्र शर्मा, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ॰ राणा सिंह, विकास प्रबंधन संस्थान के डॉ॰ एस॰ राजेश्वरन, एलएन मिश्रा इन्स्टीच्यूट की रीतू नारायणन, बिहार उद्योग संघ के सचिव अनिल कुमार सिन्हा, कन्फेडेरेशन आॅफ इंडियन इन्डस्ट्रीज के प्रतिनिधि सुदीप कुमार, लघु उद्योग भारती के सुमन शेखर, दलित इंडियन चैम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के अनन्त कुमार, बिहार चैम्बर आॅफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के कुमार पुष्प राज भी उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, पटना। उद्योग विभाग के मीटिंग हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने विभागीय पत्रिका उद्योग संवाद के अक्टूबर-दिसंबर, 2022 अंक का विमोचन किया। इसके बाद उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, विशेष सचिव आलोक कुमार तथा बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने बिहार खादी के कैलेंडर का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में वर्ष 2022 की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि उद्योग विभाग का बजट 3000 करोड़ से अधिक का हो गया है। विभाग का बढ़ता बजट माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव जी के उद्योग विभाग के प्रति बढ़ते विश्वास को दिखाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार स्टार्टअप नीति, बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर नीति आदि के माध्यम से उद्यमिता के वातावरण के निर्माण के लिए लगातार प्रयास जारी है।
स्टार्टअप को को-वर्किंग स्पेस देने के लिए पटना के मौर्यलोक और फ्रेजर रोड के वित्तीय भवन में आधुनिक ऑफिस स्पेस बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि पटना, मुजफ्फरपुर और मधुबनी सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में नया खादी मॉल निर्माणाधीन है, जबकि पटना के खादी मॉल का विस्तार किया जा रहा है।
उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ में सभी उपस्थित लोगों को वर्ष 2023 की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 4 महीनों में ही उद्योग विभाग का कायाकल्प हो गया है। अगले वर्ष विकास के और भी अनेक काम हाथ में लिये जायेंगे। वर्ष 2023 में इथेनॉल और खाद्य प्रसंस्करण के कई नये कारखानों का उद्घाटन किया जायेगा, जिसमें हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में जो इकाइयां वर्षों से बंद पड़ी हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उद्योगों के लिए चिह्नित भूमि को घेर कर रखने का हक किसी को नहीं है। जो उद्यमी उद्योग लगाना चाहते हैं उन्हें 1 सप्ताह के अंदर हर प्रकार का क्लीयरेंस दिया जा रहा है। बिहार राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद की बैठक हर सप्ताह की जाती है और निवेशकों को प्रथम चरण एवं फाइनेंसियल क्लीयरेंस प्रदान किया जाता है।
आवेदन से औद्योगिक यूनिट की स्थापना तक की हैंडहोल्डिंग उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर और फतुहा में बैग निर्माण की अनेक नई इकाइयां लगी हैं। जल्द ही मुजफ्फरपुर एक बड़ा लेदर कलस्टर के रूप में अपनी पहचान बनायेगा। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को गति बढ़ाने के लिए भी वह तत्पर हैं। हर 3 महीने पर नया स्टार्टअप के लिए आवेदन स्वीकार किया जायेगा और 45 दिनों के अंदर स्टार्टअप प्रपोजल की जांच करते हुए सीड फंडिंग और दूसरे सपोर्ट की व्यवस्था की जायेगी।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना भी विभाग की प्राथमिकता है, जिसके लिए हर सप्ताह जिला स्तर पर बैठक की जा रही है और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करके औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।
टीम एबीएन, पटना। दिसंबर महीने में लगाये गये महा सेल की बदौलत बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के खादी मॉल की बिक्री ने नया कीर्तिमान बनाया। खादी, हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट पर पहली बार दिये गये 50% की महाछूट ने खादी प्रेमियों और दूसरे ग्राहकों को आकर्षित किया। नतीजन पूरे माह में तीन करोड़ 92 लाख के खादी एवं बिहार हैंडलूम के सामान की बिक्री हुई।
इससे पहले किसी एक माह में सबसे अधिक बिक्री का रिकॉर्ड नवंबर, 2019 में बना था। उस समय खादी मॉल नया-नया बना था और ग्राहकों ने मॉल की स्थापना का जोरदार तरीके से स्वागत करते हुए 2 करोड़, 39 लाख के खादी के सामानों की खरीद की थी। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि दिसंबर 2022 में सर्वाधिक बिक्री वाले दिन का रिकॉर्ड पांच बार टूटा।
सबसे अधिक बिक्री का पुराना कीर्तिमान 21 मार्च, 2021 को बना था जब खादी मॉल में 15.84 लाख रुपये के खादी वस्तुओं की बिक्री हुई थी। इस बार 1 दिसंबर को 18.54 लाख, 2 दिसंबर को 20.68 लाख, 3 दिसंबर को 23.35 लाख, 4 दिसंबर को 22.39 लाख और 31 दिसंबर को 20.77 लाख रुपयों के बिहार खादी हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की बिक्री हुई।
उन्होंने कहा कि हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों पर 11 जनवरी 2022 तक 50% के महा छूट की व्यवस्था की गयी थी। अब खादी सहित सभी उत्पादों पर 50% की छूट 12 जनवरी तक बढ़ा दी गयी है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि खादी को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं के बीच विशेष तौर पर लोकप्रिय बनाने के लिए महाछूट, लोक गायिका मैथिली ठाकुर को ब्रांड एंबेसडर बनाना, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान सहित प्रमुख संस्थाओं के साथ आपसी सहयोग पर करार, क्विज प्रतियोगिता का आयोजन, खादी मेलों का आयोजन सहित कई नये कदम उठाये गये हैं।
खादी मॉल के कर्मचारियों के उत्साहवर्धन के लिए सभी कर्मचारियों को लोक गायिका और ब्रांड एंबेसडर मैथिली ठाकुर के हाथों पुरस्कृत भी किया गया। उन्होंने कहा कि नये साल में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को बिहार खादी से जोड़ने के लिए अभिनव प्रयास किये जायेंगे।
टीम एबीएन, पटना। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प की ब्रांड एंबेसडर मैथिली ठाकुर ने पुरस्कृत किया। खादी मॉल में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने क्विज प्रतियोगिता के 10 विजेताओं को पुरस्कार दिया। पुरस्कृत प्रतिभागियों में करण कुमार, अजय कुमार, चांदनी सारस्वत, सीमा सिंह, इंद्रानी सिंह, सोनी कुमारी, आशीष आनंद, मनीष कुमार, शिखा आदि शामिल रहे।
इस अवसर पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि बिहार के युवाओं को खादी और ग्राम उद्योग से जुड़ने के लिए बोर्ड द्वारा लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे। खादी के प्रचार-प्रसार के लिए कुछ दूसरे अभिनव प्रयास भी किए जाएंगे। लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने कहा कि खादी वस्त्र आरामदायक और किफायती होने के साथ-साथ ट्रेंडी भी हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को वस्त्र ही नहीं बल्कि विचार माना था। खादी की प्रासंगिकता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान रही। नए जमाने में भी खादी प्रासंगिक है। हमारे जैसे युवाओं को सप्ताह में कम से कम 1 दिन खादी के कपड़े जरूर पहनने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान संगीत गुरु रमेश ठाकुर, ऋषभ ठाकुर, अयाची ठाकुर, लोकगायिका डा. नीतू कुमारी नवगीत, खादी बोर्ड के वित्त अधिकारी प्रदीप कुमार, रमेश चौधरी सहित कई लोग उपस्थित रहे। मैथिली ठाकुर ने खादी मॉल के सभी कर्मचारियों को भी दिसंबर माह में शानदार सेल के लिए सम्मानित किया। दिसंबर माह में सबसे अधिक खरीदारी के लिए सहरसा के आर्यमान कुमार को स्टार कस्टमर सम्मान प्रदान किया गया।
टीम एबीएन, पटना। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और चंद्रगुप्त इंस्टिट्यूट आफ मैनेजमेंट, पटना के बीच खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में मिलकर काम करने को लेकर सहमति हुई। इस आशय के मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग पर बिहार खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार और चंद्रगुप्त इंस्टिट्यूट आफ मैनेजमेंट पटना के निदेशक डॉ राणा सिंह ने हस्ताक्षर किए। प्रबंधन संस्थान में आयोजित इकरारनामा हस्ताक्षर समारोह में बिहार खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प की ब्रांड एंबेसडर प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर भी उपस्थित रही। कार्यक्रम में डॉ राणा सिंह ने कहा कि आधुनिक प्रबंधकीय कौशल का प्रयोग करके खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों को लोकल से ग्लोबल बनाना संभव है। पूरी दुनिया में शुद्ध और आर्गेनिक उत्पादों के प्रति रुझान बन रहा है और अगले कुछ दशकों में यह रुझान और बढ़ेगा। बड़े ब्रांड के उत्पादों को भी अपने मार्केट की खोज में गांव में जाना पड़ रहा है।
मार्केटिंग, ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में हुए सुधारों और नए प्रयोगों से गांव के प्रोडक्ट को पूरी दुनिया में भी कहीं पर भी पहुंचाना संभव हो गया है। बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के मूल्य खादी में निहित हैं। लेकिन समय के साथ खादी की गुणवत्ता और खादी से जुड़े फैशन में बदलाव आया है। इस क्षेत्र में नया मंत्र है- खादी फॉर मेशन खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांसफॉरमेशन। बिहार खादी को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए तथा पूरी दुनिया में पहुंचाने के लिए बोर्ड अपनी ओर से कार्य योजना बना रहा है। चंद्रगुप्त इंस्टिट्यूट आॅफ मैनेजमेंट को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत बोर्ड से जोड़ा गया है ताकि खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सके। बोर्ड से जुड़े लोगों का प्रशिक्षण यहां कराया जायेगा। संस्थान को बोर्ड द्वारा प्रीमियम पार्टनर बनाया गया है।
अब इस संस्थान को और संस्थान से जुड़े सभी लोगों को बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उत्पादों पर 10% की अतिरिक्त छूट प्रदान की जायेगी। इसके लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा की जायेगी। उन्होंने चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट के बच्चों से कहा कि आप लोग उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें। नये आइडिया के साथ स्टार्टअप बनाएं। डॉक्टर को गांवों से जोड़ें। भारत के गांव भारत के गांव सबसे उभरते हुए और सबसे बड़े बाजार हैं। ग्रामीण लोगों की समस्याओं को समझते हुए नवाचारों और नई प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए नए समाधान खोजे जाने की आवश्यकता है। लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार खादी हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट से जोड़कर वह काफी खुश हैं।
ग्रामीण बिहार के उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। स्टार्टअप इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए चंद्रगुप्त इंस्टिट्यूट आॅफ मैनेजमेंट के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमोद कुमार ने कहा कि संस्थान ने नये आइडिया पर काम करता है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़कर हम नवाचारों को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान के बच्चे सप्ताह में 1 दिन खादी का वस्त्र पहनेंगे। हॉस्टल में भी खादी के परदे और बेडशीट उपलब्ध कराए जाएंगे। संस्थान के किचन में ग्रामीण उत्पादकों द्वारा बनाए गए मसाले और दूसरे सामग्रियों का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थान के बच्चों को इंटर्नशिप और ग्रामीण प्रशिक्षण के लिए बिहार खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भेजा जाएगा।
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