टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 72 साल के हो गये। देश भर से उन्हें बधाई मिल रही है। बधाई देने वालों में नीतीश कुमार की पार्टी के नेता कार्यकर्ता और बिहारी की राजनीति के बड़े नेता भी शामिल हैं। सीएम को उनके जन्मदिन पर जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और मंत्री संजय झा ने बधाई दी है और उनके दीर्घायु होने की कामना की है।
बीते दो दशक से बिहार की सियासत यानी 17 सालों से राज्य की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार 72 साल के हो गये हैं। उनका जन्म 1 मार्च 1951 को पटना जिले के बख्तियारपुर में हुआ था। नीतीश केंद्रीय रेल और कृषि मंत्री भी रह चुके हैं। जेपी आंदोलन की उपज नीतीश कुमार पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।
टीम एबीएन, पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सुरेश रुंगटा ने मंगलवार को कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में बिहार सरकार ने जो बजट प्रस्तुत किया है, उससे प्रदेश की जनता को निराशा हाथ लगी है।
भाजपा नेता रुंगटा ने कहा कि बजट में प्रांत के आधारभूत संरचना के विकास के लिए दूरदर्शिता का अभाव खटकता है। किसान, गरीब, मजदूर एवं उद्यमियों के लिए बजट में उचित प्रावधान एवं आवंटन नहीं होने से राज्य के गरीबों, मजदूरों एवं किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। गत वर्ष जब बिहार सरकार में भाजपा सम्मिलित थी, उस वक्त प्रांत में औद्योगिक विकास के लिए कई कार्य योजनाएं शुरू की गई थीं।
उसे आगे बढ़ाना तो दूर वर्तमान सरकार उसे जारी भी नहीं रख सकी। इससे बिहार में औद्योगिक विकास का जो वातावरण बना था, वह सब वर्तमान सरकार की गलत नीतियों एवं उदासीनता और राज्य में गिरती कानून व्यवस्था के कारण ठप ही नहीं हुआ है, बल्कि जो कार्य शुरू किये गये थे वह सब भय के कारण बंद हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन सरकार का ध्यान इस क्षेत्र पर नहीं होने से राज्य के राजस्व की जो आमदनी इस माध्यम से बढ़ सकती थी उसे अपेक्षित छोड़ दिया गया है।
आश्चर्य तो यह है कि बजट में जीएसटी पर प्रश्न चिन्ह लगाया गया है, जबकि जीएसटी लगने के बाद बिहार में वाणिज्य कर विभाग का कर संग्रह वित्त-वर्ष 2016-17 में 18751 करोड़ रुपये से बढ़कर गत वर्ष ही दोगुना से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के इस बजट में राज्य के पिछड़े जिलों के विकास के लिए समुचित आवंटन का स्पष्ट अभाव दिखता है। गरीबों एवं मजदूरों की हितैषी बताने वाली सरकार के बजट में इन वर्गों की घोर अनदेखी की गयी है।
टीम एबीएन, नवादा (पटना)। पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्दे पर नवादा पुलिस ने अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सोमवार की देर शाम नवादा जिले के हिसुआ चौक के निकट ऑल्टो कार से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद किया। जिसे होली पर्व से पहले नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
एसपी ने बताया कि हिसुआ थाना के द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर अवैध शराब कारोबारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए नवादा राजगीर बाईपास रेलवे फाटक के करीब एक ऑल्टो कार से 132.75 लीटर विदेशी शराब जब्त किया गया एवं एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही शराब ढुलाई में प्रयोग होने वाले ऑल्टो कार को जब्त किया गया है। प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की गयी है।
नवादा पुलिस का शराब तस्करों, निर्माण, बिक्री, भंडारण, शराब माफियाओं के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। एसपी ने कहा कि व्यापक पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
टीम एबीएन, आरा (पटना)। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आरा के बाबू वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में 10 दिवसीय खादी मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है जिसका उद्घाटन भोजपुर के जिलाधिकारी राजकुमार ने किया। खादी मेला सह प्रदर्शनी में पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों की खादी संस्थाओं द्वारा खादी के कपड़े और रेडीमेड वस्त्रों की बिक्री के साथ-साथ खादी के बारे में विस्तृत जानकारी देने की व्यवस्था की गई है।
मेला में 110 से भी अधिक स्टाल लगाए गए हैं। खादी संस्थाओं के अलावा हैंडलूम और हथकरघा, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, जीविका आदि कार्यक्रमों के तहत अपना उद्योग चला रहे उद्यमियों को भी मेला में अपनी सामग्रियों को प्रदर्शित और बेचने करने का अवसर प्रदान किया गया है। मेला का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह में जिलाधिकारी राज कुमार ने कहा कि के देश की आजादी में खादी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आरा के हमारे बाबू वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों के दांत खट्टे किए थे। वह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे। असहयोग आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हर गांव को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार और खादी का मंत्र दिया। उनकी प्रेरणा से ही घर-घर में चरखा चलना प्रारंभ हुआ जिससे देश में विदेशी कपड़ों की मांग कम हुई।
चरखा और ग्राम उद्योग के माध्यम से अभी लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। खादी के कपड़े पहनना स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि गांव में जितने ज्यादा उद्योग खुलेंगे, उतनी हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और उतनी ही ज्यादा जिले की प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उद्योगों द्वारा बनाए गए माल को खरीदना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के विशेष सचिव और बिहार राज्य खड़ी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि खादी-ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस मेले का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि खादी के वस्त्र आरामदायक होने के साथ-साथ फैशन के अनुकूल भी हैं। खादी फॉर नेशन, खादी फोर फैशन और खादी फोर ट्रांसफॉरमेशन नए भारत का मूल मंत्र है।
युवाओं को खादी और ग्रामोद्योग से जुड़कर न सिर्फ अपने लिए स्वरोजगार की व्यवस्था करनी है, बल्कि दूसरे लोगों को रोजगार भी देना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत उद्यमियों को रोजगार के अलावा बेहतरीन संस्थानों में प्रशिक्षण और हैंड होल्डिंग की व्यवस्था भी उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है। विशेष सचिव ने बताया कि नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बैंकों के माध्यम से कई दूसरी योजनाएं भी चलायी जा रही है जिनमें पर्याप्त सब्सिडी के व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि नए उद्यमी पीएमईजीपी और पीएमएफएमई कार्यक्रम के तहत भी बैंकों से ऋण प्राप्त करके स्वरोजगार प्रारंभ कर सकते हैं। बैंकों से लोन दिलाने में जिला उद्योग केंद्र सक्रिय भूमिका निभायेगा।
जिलाधिकारी ने खरीदे खादी के कपड़े : खादी मेला में भोजपुर के जिलाधिकारी राजकुमार ने मेला का भ्रमण करते हुए कई स्टॉलों पर खरीदारी की। उन्होने अपने लिए होली में पहनने हेतु खादी का सफेद रंग का कपड़ा खरीदा। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी उन्होंने खादी के कपड़ों की खरीदारी की। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक उषा सिन्हा ने किया।
टीम एबीएन, पटना। पटना नगर निगम ने किदवईपुरी पार्क के पास स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने तथा सड़कों पर टायर, प्लास्टिक आदि जलाने पर होने वाले नुकसान के संबंध में लोगों को बताने के लिए स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें पटना नगर निगम स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर और वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ उषा किरण खान, क्रिकेटर अमिकर दयाल, कार्टूनिस्ट पवन, सामाजिक कार्यकर्ता रेशमा प्रसाद और लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने लोगों को स्वच्छता के लिए प्रयत्नशील रहने और इधर उधर कचरा न फैलाने के लिए जागृत किया।
वरिष्ठ कवयित्री भावना शेखर, वरिष्ठ साहित्यकार शिवनारायण अर्चना त्रिपाठी सतीश कुमार और कवयित्री एवं शिक्षाविद वीणा अमृत ने भी कार्यक्रम में स्वच्छता का अलख जगाया। मौके पर एक नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से लोगों से अपील की गई कि कृपया होलिका दहन का त्योहार पारंपरिक तरीके से बनाएं और टायर एवं प्लास्टिक जलाकर वातावरण को प्रदूषित न करें। नुक्कड़ नाटक में प्रवीण सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने राहुल रंजन, सुधीर कुमार, राजकुमार ऋषि कुमार हर्ष, हेमा कुमारी आदि ने शानदार अभिनय के माध्यम से शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने की अपील की।
कार्यक्रम में डॉ उषा किरण खान ने कहा कि स्वच्छता हमारे संस्कार का हिस्सा है। हर पर्व त्योहार और शुभ अवसरों पर हम अपने घर की विशेष सफाई करते हैं। पटना शहर हम सबका है। इसको साफ रखने की सामूहिक जिम्मेदारी हम सब की है। सब मिलकर काम करेंगे और शहर को साफ रखेंगे। लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने अपने गीतों के माध्यम से शहर को साफ और सुंदर रखने का आवाहन किया।
टीम एबीएन, कटिहार/ पटना। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ न केवल शहरी इलाकों बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी जागरूकता बढ़ रही है और खुद समाज के भीतर से इसके खिलाफ आवाज उठने लगी है। इसकी बानगी उस समय देखने को मिली, जब नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के एक कार्यकर्ता की सूचना पर कटिहार जिले के आजम नगर पुलिस थाना इलाके में एक 15 साल की नाबालिग का विवाह रुकवाया गया। विवाह को रुकवाने में सबसे खास बात यह रही कि खुद गांव वाले इस बात पर अड़ गए कि बाल विवाह नहीं होने देंगे।
बिहार के गांव देश के दूरस्थ इलाकों में से एक है और गरीबी व पिछड़ापन ही इन इलाकों की पहचान है। इसके कारण इन इलाकों में बाल विवाह की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के एक कार्यकर्ता को यहां 15 साल की लड़की का विवाह 16 साल के लड़के के साथ किए जाने की सूचना मिली थी। लड़का अपने कुछ दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ कुछ दिन पहले ही लड़की वालों के यहां आ चुका था और अगर कार्रवाई करने में थोड़ी भी देर होती तो बाल विवाह हो चुका होता। इस इलाके में यह पहली बार है जब बाल विवाह के खिलाफ गांव वालों ने इस तरह से आवाज उठाई है।
बाल विवाह की सूचना मिलते ही कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के कार्यकर्ता ने सक्रियता दिखाई और एसडीएम बारसोई से संपर्क कर तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया। एसडीएम ने आजम नगर पुलिस थाना को इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल विवाह रुकवाने का आदेश दिया। रात करीब 9.45 बजे पुलिस लड़की वालों के घर पहुंची। तब तक वहां काफी गांव वाले और महिला मुखिया भी आ चुकी थीं। माहौल हंगामे में तब्दील हो चुका था। इस बीच, पुलिस को देखकर लड़के के दोस्त और रिश्तेदार वहां से भाग गये।
हालांकि स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब लड़का विवाह करने पर अड़ गया और लड़की की मां भी उसके समर्थन में आ गई। लड़की की मां का कहना था कि वह गरीब लोग हैं और रिश्तेदारी में ही विवाह कर रहे हैं। आप लोग इसे हो जाने दीजिए। इस पर गांव वालों ने लड़की की मां को समझाया कि जब तक लड़की 18 साल की न हो जाए तब तक उसकी शादी न करें। 18 साल की होने पर हम सब चंदा देंगे और पूरा गांव अच्छे से उनकी बेटी की शादी करेगा। महिला मुखिया ने भी मां को समझाने की कोशिश की। लेकिन लड़का विवाह करने को लेकर अड़ा रहा। हंगामा बढ़ता देख पुलिस देर रात लड़के को थाने ले गई।
इसके बाद सुबह एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने दोनों पक्षों के परिवारों को भी थाने बुलाया। साथ ही उन्हें समझाया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है और ऐसा करवाने वालों को भी जेल हो सकती है। पुलिस ने दोनों पक्षों को हिदायत दी कि वे बच्चों का बाल विवाह नहीं करेंगे और उनसे दस-दस हजार रुपए का बांड भी भरवाया कि वे भविष्य में भी बच्चों के बाल विवाह का प्रयास नहीं करेंगे। इसके बाद सभी को जाने दिया गया। इस तरह एक मासूम बच्ची बालिका वधु बनने से बच गयी।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने पिछले साल 16 अक्टूबर से बाल विवाह मुक्त भारत आंदोलन की शुरूआत की है। आंदोलन में देश के 500 से अधिक जिलों के तहत आने वाले 10,000 गांवों में 75,000 से अधिक महिलाओं और बच्चों ने मशाल जुलूस निकालकर बाल विवाह रोकने की शपथ ली थी। बाल विवाह के खिलाफ जमीनी स्तर पर यह दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन है। इससे दो करोड़ से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े थे।
बाल विवाह जैसी गंभीर समस्या पर चिंता जताते हुए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन(केएससीएफ) के कार्यकारी निदेशक बिधान चंद्र सिंह ने कहा, केएससीएफ देश भर में अपने सहयोगी स्वयंसेवी संगठनों और कार्यकतार्ओं के साथ बाल विवाह के खिलाफ लोगों को जागरुक कर इस अपराध को रोकने का प्रयास कर रहा है। साथ ही तमाम सरकारों से आहवान कर रहे हैं कि बाल विवाह के खिलाफ सख्ती बरती जाए। हम बाल विवाह रोकने के लिए असम सरकार द्वारा उठाए गए सख्त कानूनी कदम की सराहना करते हैं और अन्य सरकारों से भी अपील करते हैं कि वे भी असम की तरह ही अपने-अपने राज्यों में बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानून लाएं।
टीम एबीएन, पटना। स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में शहरवासियों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए गंगा नदी के गांधी घाट पर पटना नगर निगम की मेयर महापौर सीता साहू और स्वच्छता जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेस्डर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जिसमें नगर महापौर ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान सराहनीय कोशिश है। अपने आस-पास साफ-सफाई रखना सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। सीता साहू ने कहा कि हर कोई अपना घर तो जरूर साफ करता है।
पूरा देश ही हमार घर है। इसे भी साफ रखना हमारा ही काम है। कोई पड़ोसी या बाहर का नहीं आयेगा साफ करने। उन्होंने कहा कि भारत को साफ-सुथरा देखना गांधी जी का सपना था। गांधी जी हमेशा लोगों को अपने आस-पास साफ-सफाई रखने को बोलते थे। स्वच्छ भारत के माध्यम से पटना में लोगों के अंदर जागरूकता पैदा करना है कि वो शौचालयों का प्रयोग करें, खुले में शौच के लिए न जाए। इससे तमाम बीमारियाँ भी फैलती है।
ब्रांड एंबेसडर लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने लोकगीतों के माध्यम से स्वच्छता का अलख जगाया। स्वच्छता के लिए हम सब को समर्पित भाव से काम करना चाहिए। शहर को स्वच्छ रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है, निगम अपना काम बेहतरीन तरीके से कर रहा है लेकिन साथ में हम नागरिकों का भी कर्तव्य है कि शहर को साफ सुथरा रखने में सहयोग करें और अपनी आदतें बदलें। इधर-उधर कचरा फैलाने से गंदगी बढ़ती है और फिर उस गंदगी पर नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है।
लोक गायिका नीतू नवगीत ने कहा कि सभी पटना वासी स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लें। सबकी सहभागिता से ही स्वच्छता में सुधार होगा और पूरा शहर चमकेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रति आम नागरिकों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए पटना नगर निगम द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसमें एक कार्यक्रम संगीत संध्या का आयोजन भी है। निगम द्वारा हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था की गई है।
अलग-अलग मोहल्लों में जो कचरा पॉइंट था, उसकी पूरी सफाई करके सौंदर्यीकरण किया गया है। बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका और पटना नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण जागरूकता अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने गीतों के माध्यम से स्वच्छता का अलख जगाया। उन्होंने कहा कि पटना शहर साफ हो और पटना को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सब का हाथ हो।
उन्होंने कहा कि अकेला व्यक्ति थक जाता है लेकिन सब लोग मिलकर के गंदगी के खिलाफ जंग छेड़ दें, तो स्वच्छ पटना का सपना साकार हो जाएगा। नगर वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए लोक गायिका नीतू नवगीत ने सबसे बड़ा है गहना साफ रहना ओ भैया साफ रहना, उत्तम दवा है सफाई बापू का कहना और घर घर अलख जगायेंगे स्वच्छ भारत बनेगा जैसे गीत गाए।
बापू को सच्चा सिपाही बताते हुए उन्होंने सत्य की राह दिखाए दियो रे लाठी वाले बापू, अहिंसा का अलख जगाए दियो रे लाठी वाले बापू गीत गाया। गीत संगीत संध्या में युवाओं ने भी खुलकर भागीदारी निभाई और शहर को साफ सुथरा रखने का संकल्प लिया।
टीम एबीएन, पटना। पटना के नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान की ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने कलेक्टेरिएट घाट के समीप स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जिसमें बॉलीवुड के कलाकार बृजेंद्र काला, इंदौर से आए कवि हिमांशु भावसार, शौर्य फाउंडेशन, इंदौर के रमेश चंद्र शर्मा, अभिषेक मालवीय, शिवम शाही और कवि संजीव मुकेश सहित अनेक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में हिंदी फिल्मों और टेलीविजन के प्रसिद्ध कलाकार बृजेंद्र काला ने कहा कि स्वच्छता हमारी आदत में शुमार होना चाहिए। इंदौर से आए कवि हिमांशु भावसार ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ इंदौर की नहीं बल्कि पूरे देश की जरूरत है।
पटना को भी इंदौर की तरह ही साफ सुथरा होने का पूरा हक है। उन्होंने कहा कि इंदौर की नंबर वन स्वच्छता रैंकिंग में नागरिकों की भूमिका सबसे अहम रही। पटना में भी स्वच्छता का स्तर काफी बेहतर हुआ है। शहर के संपूर्ण स्वच्छता के लिए यदि हर व्यक्ति सिर्फ इतना संकल्प ले ले कि वह सार्वजनिक स्थलों को गंदा नहीं करेगा तो शहर अपने आप साफ हो जायेगा। नगर निगम या कोई सरकारी एजेंसी चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, नागरिकों के सक्रिय सहयोग के बिना पूरी तरह से स्वच्छ शहर का सपना पूरा नहीं हो सकता।
शौर्य फाउंडेशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि स्वच्छता के मामले में इंदौर जैसी उपलब्धि हासिल करने के लिए सरकारी एजेंसियों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर डॉक्टर नीतू कुमारी नवगीत ने इस अवसर पर सबसे बड़ा है गहना, साफ रहना, उत्तम दवा है सफाई बापू का कहना, शहर का कोना कोना चमकायेंगे, पटना को स्वच्छ बनायेंगे, सब ने मिलकर है ठान लिया मन में है अरमान लिया पटना अपना पटना सुंदर होगा अपना पटना बेहतर होगा जैसे गीत गाकर स्वच्छता का अलख जगाया। कार्यक्रम के दौरान अविनाश बंधु, नसीम अख्तर, संजीव मुकेश, अभिषेक मिश्रा सहित अनेक लोगों ने स्वच्छ पटना का संकल्प लिया।
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