एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोनू सूद बिहार के कटिहार जिले के अनाथ बच्चों के लिए स्कूल खोलेंगे। सोनू सूद ने हाल ही में बिहार के कटिहार के एक इंजीनियर से मुलाकात की, जिसने अपनी नौकरी छोड़कर अनाथ बच्चों के लिए एक स्कूल शुरू किया और उसका नाम सोनू सूद के नाम पर रखा।
सोनू सूद इस स्कूल के लिए एक नयी बिल्डिंग और वंचित बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करेंगे। सोनू सूद की इस पहल से कटिहार जिले के हजारों बच्चों को उंची और अच्छी शिक्षा मिलेगी। सोनू सूद ने कहा कि शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना गरीबी का मुकाबला करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।
हमारा उद्देश्य समाज के हाशिए के वर्गों के बच्चों को शिक्षित करना है जिससे उनके पास नौकरी के अवसरों का बेहतर अवसर हो। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा एक ऐसी चीज है जिस पर हम काम कर रहे हैं। अन्य महत्वपूर्ण पहलू पोषण और समग्र कल्याण है।
टीम एबीएन, पटना। उद्योग विभाग की ओर से पटना के अधिवेशन भवन में बिहार इन्वेस्टर्स मीट 2023 किया। इसमें पूरे प्रदेश के 200 से अधिक निवेशकों और उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया।
बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक शिव ओम दीक्षित, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, हथकरघा एवं रेशम तथा खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
उद्घाटन सत्र में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार की उद्योग नीतियों के बारे में उद्यमियों को बेहतर तरीके से जानकारी देने तथा उद्यमियों को जोड़ने और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार में निवेश से पहले सभी निवेशकों को यहां आकर यहां की आधारभूत संरचना और औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं का मुआयना करना चाहिए। बिहार का औद्योगिक परिदृश्य बेहतरीन है। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि यहां आइये, देखिये, जानिये, समझिये। इसके बाद अपनी राय कायम कीजिये।
उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि रोजी-रोजगार के क्षेत्र में बिहार को आगे ले जाना है। देश-दुनिया में जो बिहार के लोग हैं उन्हें आपस में जोड़ना है। बिहार संभावनाओं की भूमि है। सब मिलकर प्रयास करेंगे तो बिहार आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि नौकरी करेंगे तो सिर्फ अपना पेट पालेंगे।
उद्योग लगायेंगे तो सैकड़ों दूसरों लोगों को रोजगार देंगे। इससे समाज में प्रतिष्ठा मिलेगी। उद्योग विभाग में आॅनलाइन सिस्टम के माध्यम से बियाडा की जमीन का आवंटन होता है। निवेशकों के लिए सिंगल विंडो भी खुला हुआ है, जो आॅनलाइन है। उन्होंने कहा कि बैंक भी बिहार के उद्यमियों को मदद करने के लिए संकल्पित हैं।
उद्घाटन सत्र में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौंडरीक ने विस्तार से बिहार की औद्योगिक नीतियों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 13 औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 24 लाख वर्ग फीट का प्लग एंड प्ले बनाया जा रहा है।
यहां उद्योगपति अपनी मशीनें लगाकर उत्पादन चंद दिनों में ही प्रारंभ कर सकते हैं। मुजफ्फरपुर के बैग कलस्टर और टेक्सटाइल कलस्टर में कई उद्यमियों ने 40 से 45 दिनों के अंदर उत्पादन प्रारंभ किया।एक दिवसीय इन्वेस्टर्स मीट के समापन सत्र के मुख्य अतिथि बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार का रोड नेटवर्क शानदार है।
उद्योगों के लिए हम लगातार बिजली की सप्लाई करने में सक्षम है। बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में डेडीकेटेड फिटर द्वारा बिजली सप्लाई की जा रही है। बिहार में रेलवे का नेटवर्क भी अच्छा है और राज्य के अंदर तीन हवाई अड्डे भी हैं। राज्य की सीमा पर चार दूसरे एयरपोर्ट हैं।
जल-जीवन-हरियाली अभियान पर हम काम कर रहे हैं और बिहार में हर प्रकार की आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। बिहार के पास बड़ा मार्केट मौजूद है। बियाडा के औद्योगिक क्षेत्रों में जो लोग जमीन लेकर काम नहीं कर रहे थे उनके आवंटन को रद्द करके नए उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बैंक भी बिहार में रुचि ले रहे हैं और उद्यमियों की सहायता के लिए तत्पर हैं। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि बिहार सरकार की औद्योगिक नीतियों का पूरा लाभ लें और लोकल पोटेंशियल का भरपूर इस्तेमाल करें। महत्वाकांक्षी योजना बनाएं और उसे लागू करें।
राज्य सरकार की ओर से हर किस्म की सहायता मिलेगी। उद्योग लगाकर खुद खुशहाल बनें, अपने परिवार को खुशहाल बनावें और राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जायें। इन्वेस्टर्स मीट के द्वितीय सत्र में कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ बी राजेंदर ने कृषि क्षेत्र में निवेश और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के क्षेत्र में संभावनाओं को विस्तार से बताया। भारतीय स्टेट बैंक के सीजीएम शिव ओम दीक्षित और पंजाब नेशनल बैंक के जोनल मैनेजर सुधांशु शेखर दास ने बैंक लिंकेज के बारे में जानकारी दी। इंडियन आयल के अधिकारियों ने पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में बताया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी एकता की मुहिम में तेजी से जुट गये हैं। वह आज (सोमवार) नयी दिल्ली में इस मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे।
इससे पहले रविवार को नीतीश ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। नीतीश ने 40 दिन के अंतराल में केजरीवाल से दूसरी बार मुलाकात थी। उनके साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी एकता के मुद्दे पर पटना में बैठक करने वाले हैं। यह बैठक इसी हफ्ते होनी है। इसमें शामिल होने के लिए अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, मल्लिकार्जुन खड़गे और लेफ्ट के प्रमुख नेता को न्योता भेजा गया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार स्टार्टअप को मजबूती प्रदान करने के लिए मौर्या लोक के बाद दूसरा बी हब पटना के फ्रेजर रोड स्थित बिहार राज्य वित्तीय निगम की बिल्डिंग में प्रारंभ होने वाला है।
उद्योग विभाग और बिहार स्टार्टअप फंड ने बिहार राज्य में प्रारंभ हो रहे इस दूसरे बी हब के संचालन की जिम्मेदारी इंडियन इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, पटना के इनक्यूबेशन सेंटर को सौंपी है। इस आशय के सहमति पत्र पर उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित और इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ टी एन सिंह ने हस्ताक्षर किए।
इस मौके पर बिहार सरकार के विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक, योजना एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुणीश चावला और सूचना प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव संतोष कुमार मल्ल उपस्थित रहे।
इस मौके पर विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने में बी हब की विशेष भूमिका है। इमर्जिंग स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में बिहार देश का अग्रणी राज्य है। स्टार्टअप उद्यमियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नए को वर्किंग स्पेस के प्रारंभ हो जाने पर स्टार्टअप सिस्टम और मजबूत होगा।
फ्रेजर रोड स्थित कॉमन वर्किंग सेंटर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और कुछ दिनों में ही पूरा काम हो जाएगा। इसके बाद स्टार्टअप उद्यमियों को इस कॉमन वर्किंग सेंटर पर आकर काम करने का मौका मिलेगा।
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि स्टार्टअप के संबंध में जागरूकता फैलाने तथा युवाओं का मार्गदर्शन करने के उद्देश्य से पूरे राज्य में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बिहार स्टार्टअप की टीम हर जिले में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चला रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बागेश्वर वाले बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर बिहार में जुर्माना लगा है। बाबा और भाजपा सांसद मनोज तिवारी पर सड़क पर यातायात ने नियम पालन नहीं कर यात्रा करने का आरोप लगा था। दरअसल, बाबा जिस गाड़ी में बैठे थे, उसे मनोज तिवारी चला रहे थे और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पीछे वाली सीट पर बैठे थे।
नये नियमों के तहत गाड़ी में आगे के साथ ही पीछे की सीट पर भी बेल्ट लगाना भी अनिवार्य है, लेकिन मध्य प्रदेश नंबर की बाबा की कार में किसी ने बेल्ट नहीं लगायी थी। ट्रैफिक एसपी पूरण झा ने फाइन की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक असल राशि की जानकारी नहीं दी जा रही है।
पटना ट्रैफिक पुलिस को शिकायत मिली कि आगे बैठै बाबा धीरेंद्र शास्त्री, ड्राइव कर रहे सांसद मनोज तिवारी और पीछे बैठे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीट बेल्ट नहीं लगायी थी। यह गाड़ी एमपी 16सी 5005 मध्य प्रदेश के छतरपुर एआरटीओ में निबंधित बतायी जा रही है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार, 25 अप्रैल 2015 को इंद्र विक्रम सिंह बुंदेला के नाम पर निबंधित इस आलीशान कार के नियंत्रित प्रदूषण का प्रमाण पत्र 28 सितंबर 2020 को खत्म बताया जा रहा है। पटना ट्रैफिक पुलिस ने 13 मई को बगैर बेल्ट या बगैर पीयूसी की इस गाड़ी को नहीं पकड़ा। बाद में शिकायत आयी तो फाइन किया गया। अपुष्ट जानकारी के अनुसार बिहार में हजार रुपये फाइन लगाया गया है।
क्यों और कितना फाइन लगेगा
पटना के ट्रैफिक एसपी पूरण झा ने बताया कि शिकायत मिली है कि जिस दिन बागेश्वर वाले बाबा पटना आये थे, उस दिन एयरपोर्ट से होटल के लिए निकलते समय गाड़ी में बैठे किसी भी व्यक्ति ने सीट बेल्ट नहीं लगायी थी।
एयरपोर्ट से निकलने के बाद और होटल पहुंचने के दरम्यान का सीसीटीवी फुटेज निकालकर देखा गया कि गाड़ी में बैठे लोगों ने बेल्ट लगायी थी या नहीं। इसमें पाया गया कि बाबा ने बेल्ट नहीं लगाया था। इसके बाद उनपर एक हजार रुपये का फाइन लगाया गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मुजफ्फरपुर/ पटना। बिहार में मुजफ्फरपुर जिले की मशहूर शाही लीची का स्वाद राष्ट्रपति और पीएम सहित कई गणमान्य जून के प्रथम सप्ताह में चखेंगे।
उत्तर बिहार की अघोषित राजधानी मुजफ्फरपुर की मशहूर शाही लीची जो देश ही नहीं विदेशों तक अपने स्वाद के लिए मशहूर है। इस शाही लीची को जी आई टैग भी प्राप्त है। विश्व प्रसिद्ध मुजफ्फरपुर के शाही लीची का स्वाद देश के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री समेत कई गणमान्य व्यक्ति चखेंगे।
इसको लेकर जिले के समाहरणालय सभाकक्ष में लीची टास्क फोर्स की बैठक की गयी और बैठक में एक टीम का गठन किया गया है। जिसमें उद्यान पदाधिकारी कृषि पदाधिकारी एवं अन्य कई अधिकारी को शामिल किया गया है।
जो मुजफ्फरपुर के कांटी मीनापुर मुसहरी और बोचहां प्रखंड क्षेत्र से अच्छे फलों वाले शाही लीची के बागवानी को चिन्हित कर करीब एक हजार पेटी बढ़िया लीची चुनकर दिल्ली स्थित बिहार भवन भेजेंगे। जहां से देश के माननीयों के यहां जून के प्रथम सप्ताह में लीची पहुंच जायेगी।
रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि पहले आओ पहले पाओ के नियम के अनुसार लीची लोड किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत रेलवे के माध्यम से ना हो। इसको लेकर पुख्ता इंतजाम किये गये ताकि मुजफ्फरपुर की मशहूर लिखी देश दुनिया के विभिन्न जगहों पर आसानी से पहुंच सके और किसानों को अच्छी आय हो सके।
पूरे मामले पर पूछे जाने पर एबीएन न्यूज24 से बातचीत में प्रभारी जिलाधिकारी सह डीडीसी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि लीची टास्क फोर्स की बैठक में लीची किसानों के लिए विशेष निर्णय लिया गया है। जिसके तहत उन्हें लीची लाने में नो एंट्री में छूट मिलेगी। जिससे कोई दिक्कत न हो। अन्य प्रदेशों में लीची भेजने में सरकार की सभी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिले इसका ध्यान रखा गया है।
साथ ही साथ कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से एक कमेटी द्वारा अच्छी बागवानी जिसमें अच्छे फल लगे होंगे उन्हें चिन्हित कर करीब 1000 पेटी लीची दिल्ली स्थित बिहार भवन भेजा जायेगा। जून के प्रथम सप्ताह में लीची दिल्ली बिहार भवन पहुंच जायेगी वहां से देश के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पहुंचाया जाएगा हर साल की तरह इस बार भी इसकी व्यवस्था की गयी है।
टीम एबीएन, पटना। उद्योग विभाग के तत्वावधान में पटना के ज्ञान भवन में बिहार एमएसएमई कनेक्ट 2023 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमीर सुबहानी, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव बी बी स्वैन तथा उद्योग विभाग बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री संदीप पौंडरीक ने किया।
कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी विनीत कुमार, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक शिव ओम दीक्षित, उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित तथा सभी प्रमुख बैंकों के उच्च अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में लघु एवं मध्यम उद्योग सेक्टर काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार और बिहार सरकार की अनेक योजनाएं हैं जिनका विशेष महत्व है। लघु एवं मध्यम उद्यमों से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं में विश्वसनीय होती हैं।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में बैंकों ने पीएमईजीपी और पीएम एफएफएमई कार्यक्रमों को लागू करने में अच्छा सहयोग दिया। बिहार के समग्र विकास के लिए एमएसएमई मंत्रालय से हमें अधिक फंड और अधिक योजनाओं की आवश्यकता है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सचिव बी बी स्वैन ने कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों का योगदान लगभग 30% है भारत के कुल निर्यात में लगभग 45% योगदान सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों का है।
कृषि क्षेत्र के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र भी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र ही है। हमारी योजना है कि अगले 10 वर्षों में इस सेक्टर में करीब 30 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जायें।
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संदीप पौण्डरीक ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों के लिए कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योग से प्रारंभ करने वाले उद्यमियों की हौसला अफजाई करना है। सरकार और बैंकों से प्राप्त सुविधाओं का उपयोग करके सूक्ष्म लघु और मध्यम आकार की औद्योगिक इकाइयां तेजी से आगे बढ़ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपया तक की सहायता पाने वाली कुछ औद्योगिक इकाइयों का कारोबार अब करोड़ों में भी पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत करीब 29000 लोगों को उन्नीस सौ करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में योजना के तहत उद्यमियों को 1500 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम क्रियान्वयन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बैंकों और उनकी शाखाओं को पुरस्कृत किया गया।
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक शिव ओम दीक्षित, पंजाब नेशनल बैंक के जोनल हेड पीसी बेहरा, बैंक आफ इंडिया की महाप्रबंधक पुष्पा चौधरी, केनरा बैंक के सर्किल हेड श्रीकांत एम भांदीवाद, यूनियन बैंक आफ इंडिया के डीजीएम अजय बंसल, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के चेयरमैन सोहेल अहमद, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष आशुतोष कुमार झा और यूको बैंक के धीरज पटवर्धन ने मुख्य सचिव, बिहार सरकार और भारत सरकार के एमएसएमई सचिव से पुरस्कार ग्रहण किया।
इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक की मधुबनी और औरंगाबाद शाखा, पंजाब नेशनल बैंक के नारदीगंज और नया भोजपुर शाखा, बैंक आफ इंडिया के इस्लामिया कॉलेज लक्ष्मीपुर शाखा तथा कटिहार शाखा, केनरा बैंक के बुद्व मार्ग शाखा और बिहटा शाखा, यूनियन बैंक आफ इंडिया के नवादा शाखा और वारसलीगंज शाखा, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के मधुबनी शाखा और मलमलिया मोड़, पश्चिम चंपारण शाखा, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के बिशनपुर, समस्तीपुर शाखा तथा बेन, बिहार शरीफ शाखा तथा यूको बैंक के नवादा शाखा और सोनो, जमुई शाखा को पीएमईजीपी कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पुरस्कृत किया गया। मौके पर पीएमईजीपी कार्यक्रम के 16 लाभुकों को स्वीकृत ऋण का चेक सौंपा गया।
इससे पहले उद्योग विभाग की ओर से तकनीकी विषयों पर तीन सत्रों में विशेष जानकारी दी गई। चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ राणा सिंह ने मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। उद्यमियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव गुरुवार को अपने मुंबई प्रवास के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे। जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के एक विधान परिषद सदस्य ने यह जानकारी दी।
नीतीश और तेजस्वी पहले उद्धव ठाकरे के आवास पर जाएंगे और बाद में पवार से उनके घर पर मुलाकात करेंगे। जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ मजबूत गठजोड़ बनाने के लिए विपक्षी नेताओं से मिल रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से मुलाकात की थी।
जद (यू) के एमएलसी कपिल पाटिल ने कहा कि कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता यादव उपनगरीय बांद्रा में उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री में दोपहर का भोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों नेता शाम को पवार से उनके दक्षिण मुंबई स्थित आवास सिल्वर ओक में मिलेंगे।
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