एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। स्वच्छता ही सेवा राष्ट्रव्यापी अभियान 17 सितंबर से शुरू होगा। दिनांक 2 अक्टूबर, 2025 तक चलने वाले इस स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के लिए विशेष अभियान का संचालन किया जाएगा।
इस दौरान छोटे-बड़ वर्षो पुराने कचरे के ढेरों को साफ करने के लिए विशेष अभियान संचालित होंगे। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा का थीम स्वच्छोत्सव है। नवरात्र सहित अन्य त्योहारों के दौरान पूजा पंडालों को प्लास्टिक कचरा मुक्त, स्वच्छ एवं इको फ्रेंडली बनाने पर विशेष बल दिया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को बिहार के पूर्णिया जिले में नवनिर्मित एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का शुभारंभ किया। यह टर्मिनल भवन न सिर्फ सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए हवाई सफर की नयी सुविधाएं लेकर आएगा, बल्कि बिहार के क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास को भी नयी उड़ान देगा।
पीएम की उपस्थिति में 76 सीटों वाला विमान अहमबाद के लिए और उसके बाद एक विमान कोलकाता के लिए भी रवाना हुआ। इसके साथ ही पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्णिया की जनता से नये एयरपोर्ट टर्मिनल बनाने का अपना वादा प्रधानमंत्री ने पूरा किया दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के तहत देश के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पूर्णिया एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य बदलेगा।
पूर्णिया एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन न केवल सीमांचल क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को पूरा करेगा, बल्कि बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को एक नयी ऊंचाई भी देगा। इससे जहां स्थानीय लोगों की सुविधा बढ़ेगी, वहीं प्रदेश के विकास और रोजगार सृजन को भी नयी गति मिलेगी। इस विमान सेवा का लाभ पूर्णिया प्रमंडल समेत आसपास के करीब एक दर्जन जिलों को मिलेगा।
पटना, गया, दरभंगा के बाद पूर्णिया अब बिहार का चौथा एयरपोर्ट है जहां से कामर्शियल फ्लाइट की सेवा शुरू हुई। इंडिगो एयरलाइंस अहमदाबाद और पूर्णिया के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें भरेगा जिससे गुजरात जैसे प्रमुख औद्योगिक शहर से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। पूर्णिया पूर्वी बिहार का सबसे महत्वपूर्ण शहर है और इसके आसपास के शहरों सहरसा, मधेपुरा , सुपौल, अररिया, कटिहार, भागलपुर, नवगछिया, फारबिसगंज के अलावा नेपाल और बंगाल के कई शहरों से इसका संपर्क है।
पूर्णिया हवाई अड्डे के नवनिर्मित अंतरिम टर्मिनल भवन के शुरू होने से इस क्षेत्र में हवाई सेवाओं का विस्तार होगा। यह टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और इसकी नई इमारत बनाने के बाद यात्री प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। अब विमानो कि आवाजाही शुरू होने और उनकी संख्या में वृद्धि के साथ यात्रियों को दिल्ली, पटना और अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी और नियमित हवाई सेवाएं मिलने लगेंगी।
पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल और सहरसा जैसे जिलों के लोग अब हवाई सेवाओं का लाभ अपने नजदीकी शहर से उठा सकेंगे। अभी तक इस क्षेत्र के यात्रियों को पटना या बागडोगरा तक जाना पड़ता था, लेकिन इस टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों के समय और लागत दोनों की बचत होगी।
पूर्णिया और आसपास का इलाका व्यापार, शिक्षा और कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हवाई संपर्क बढ़ने से यहां निवेश, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यहां के छात्रों और उद्यमियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को राज्य के एक दिवसीय दौरे पर आएंगे और 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। श्री जायसवाल ने मीडियाकर्मियों को बताया कि प्रधानमंत्री पीएम मोदी पूर्णिया हवाईअड्डे का उद्घाटन करेंगे और नेपाल सीमा के पास छेहरटा (अमृतसर)-सहरसा और इरोड-जोगबनी से वंदे भारत और दो अमृत भारत एक्सप्रेस सहित चार नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने इस बिहार दौरे के दौरान 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। डा.जायसवाल ने बताया कि मोदी मखाना के बाजार, निर्यात और ब्रांड विकास को सुगम बनाने के लिए मखाना बोर्ड का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी भागलपुर के पीरपैती में 33 800 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे और साथ में 2,680 करोड़ रुपये की लागत वाली कोसी-मेची अंतरराज्यीय नदी संपर्क परियोजना के पहले चरण की आधारशिला भी रखेंगे।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष ने बताया कि पीएम मोदी बिक्रमशिला-कटरिया के बीच 2,170 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेल लाइन की आधारशिला रखेंगे, जो गंगा नदी के पार सीधा रेल संपर्क प्रदान करेगी। इससे गंगा के पार सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा और क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा। इसके अलवा प्रधानमंत्री अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) के बीच 4,410 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नई रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे।
उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) खंड पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जो अररिया और किशनगंज जिलों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करेगी और पूर्वोत्तर बिहार में पहुंच में उल्लेखनीय सुधार करेगी।
वह जोगबनी और दानापुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जिससे अररिया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना जैसे जिलों को सीधा लाभ होगा। ये ट्रेनें आधुनिक आंतरिक साज-सज्जा, बेहतर सुविधाएं और तेज यात्रा क्षमताएं प्रदान करेंगी, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देंगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर सरगर्मी बढ़ गयी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस बार बिहार में सक्रिय दावेदारी पेश करते हुए 12 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग रखी है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में अपने बिहार प्रवास के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी।
इस दौरान उन्होंने झामुमो की तैयारी और 12 सीटों पर दावेदारी का प्रस्ताव रखा। झामुमो ने जिन विधानसभा सीटों पर दावेदारी की है, उनमें कटोरिया, चकाई, ठाकुरगंज, कोचाधामन, रानीगंज, बनमनखी, धमदाहा, रुपौली, प्राणपुर, छातापुर, सोनवर्षा, झाझा, रामनगर, जमालपुर, तारापुर और मनिहारी शामिल हैं।
झामुमो की बिहार इकाई ने पहले 16 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब संभावना है कि पार्टी कम से कम 12 सीटों पर मैदान में उतरेगी। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और केंद्रीय समिति सदस्य मनोज पांडेय ने कहा कि महागठबंधन में झामुमो की हिस्सेदारी तय हो गयी है और पार्टी को उसकी राजनीतिक क्षमता और मान-सम्मान के अनुसार सीटें मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि 12 सीटों की सूची सौंपी गयी है, जिनमें से 8 सीटों पर झामुमो का मजबूत जनाधार है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महागठबंधन में पहले से मौजूद राजद और कांग्रेस जैसे मजबूत घटक दल अपने हिस्से की सीटें कम नहीं करेंगे।
ऐसे में झामुमो को एक या दो से अधिक सीटें मिलना मुश्किल माना जा रहा है। पिछले चुनाव में तो झामुमो को गठबंधन में एक भी सीट नहीं दी गयी थी। वजह यह बतायी गयी थी कि झामुमो का बिहार में मजबूत संगठन और वोट बैंक मौजूद नहीं है।
टीम एबीएन, रांची/ पटना। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को पटना पहुंचे, जहां उन्होंने राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री सोरेन ने पटना स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर जाकर लालू यादव का हालचाल लिया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, सामाजिक-आर्थिक हालात, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ युवाओं के भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुलाकात के बाद कहा कि लालू प्रसाद यादव संघर्ष और न्याय की राजनीति के प्रतीक हैं।
उन्होंने हमेशा गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती मिलती रही है। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड और बिहार के बीच ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं।
दोनों राज्यों की एकजुटता और सहयोग से क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित परिवार के सदस्य और राजद के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर पटना में एक रैली को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर लोगों के अधिकार छीन रही है और मतदाता सूची सत्तारूढ़ गठबंधन की इच्छा के अनुसार तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राजग सरकार फूट डालो और राज करो की नीति अपना रही है।
उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन को सत्ता से बेदखल करने के लिए इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) गठबंधन के घटक दलों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने भाजपा के राज्य सरकारों को गिराने के लिए वोट चोरी करने और विधायकों की खरीद-फरोख्त में लिप्त होने की बात कही।
सोरेन ने कहा, भाजपा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा, हमारा वोट हमारे संविधान की रक्षा करता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार कारण है उनका भड़कना। वह भी अपने भाई का नाम सुनते ही। दरअसल, जहानाबाद के लखनार गांव में तेज प्रताप यादव जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
अचानक कुछ लोग तेजस्वी यादव के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। समर्थक अपकी बार तेजस्वी सरकार... का नारा लगा रहे थे। इतना सुनते ही तेज प्रताप यादव भड़क गये और कहा कि फालतू बात मत करो। तुम आरएसएस (राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ) के हो क्या? अभी पुलिस पकड़ेगी लेकर चल देगी।
तेज प्रताप यादव यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा कि सरकार किसी व्यक्ति विशेष की नहीं जनता की होती है। जो घमंड में रहेगा वह जल्दी गिरेगा। उन्होंने कहा कि नारा लगाने वाले को कहा कि नौटंकी करोगे तो रोजगार भी नहीं मिलेगा।
बताया जा रहा है कि तेज प्रताप यादव घोसी विधानसभा में अपने भावी प्रत्याशी के प्रचार सह जनता संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने जयचंदों से सावधान रहने की अपील की। कहा कि जो लोग मेरा भला नहीं कर सकता वो सूबे के आम लोगों का क्या भला करेगा?
उन्होंने दावा कि अगर उनकी सरकार बनी तो युवाओं के रोजगार के लिए बेहतर इंतजाम किया जाएगा ताकि छोटे-छोटे बच्चे राजनीति छोड़ कर अपने काम-धंधे पर ध्यान दें। वहीं राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि वह अभी यात्रा निकाले हैं हम पहले से यात्रा निकाले हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना जिला अंतर्गत प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादों को पूरा करते हुए पटना शहरी क्षेत्र (पूर्वी) के लिए 341.43 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया।
नीतीश कुमार ने पटना शहरी क्षेत्र (पूर्वी) के लिए भद्र घाट, पटना सिटी में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 341.43 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर कुमार ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि चार घोषणाओं से संबंधित पांच योजनाओं का शिलान्यास आज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पटना सिटी के स्थानीय लोगों तथा प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में पटना साहिब आने वाले सिख श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पटना शहरी क्षेत्र (पूर्वी) के आम लोगों को काफी फायदा होगा तथा बेहतर जनसुविधाएं मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश ने भद्र घाट, में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 158.40 करोड़ रुपये लागत की गायघाट - कंगन घाट-दीदारगंज तक (लंबाई 7.80 कि.मी.) गंगा के किनारे पुराने पथ के चौड़ीकरण, निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पटनासिटी क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।
ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी। साथ ही छठ महापर्व और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों हेतु गंगा नदी तक पहुंचने में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने भद्र घाट में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 61.95 करोड़ रुपए की लागत से गाय घाट में जे.पी. गंगा पथ से सटे नदी की ओर डाउन रैंप के निर्माण कार्य का कार्यारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के पूर्ण होने पर जे.पी गंगा पथ से गाय घाट उतरने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि जे.पी. गंगा पथ गाय घाट में यू-टर्न व्यवस्था के कारण निरंतर जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे कार्य पूर्ण होने पर मुक्ति मिल जाएगी। यातायात सुगम होगा और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।
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