टीम एबीएन, पटना। बिहार की राजधानी पटना सहित कई जिलों में आज भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। साथ ही रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई है। वहीं पटना में आज भाजपा ने शोभा यात्रा निकाली, जिसमें जेपी नड्डा सहित पार्टी के तमाम नेता शामिल हुए। ऐसी ही दिनभर की बड़ी खबरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। पटना समेत बिहार के कई जिलों में भूकंप के झटके : बिहार में आज सुबह 7 बजकर 58 मिनट पर कई जिलों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र नेपाल के काठमांडू में था। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई।
टीम एबीएन, पटना। एक स्कूल में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां एक ही सुई से 30 बच्चों को वैक्सीन लगा दी गई। अब इस मामले की गहनता से जांच हो रही है। मामला मध्य प्रदेश का है। मध्यप्रदेश के सागर संभागीय मुख्यालय पर एक स्कूल में कोरोना वैक्सीन शिविर के दौरान एक ही सुई से लगभग 30 बच्चों को वैक्सीन देने के संवेदनशील मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी जांच की जा रही है और इसके लपेटे में स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारी कर्मचारी आ सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बुधवार के इस मामले में बच्चों को वैक्सीन लगाने वाले एक निजी नर्सिंग कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र जितेंद्र अहिरवार के खिलाफ प्रशासन ने तत्काल यहां गोपालगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डी गोस्वामी ने जिला टीकाकरण अधिकारी आर रोशन के खिलाफ जांच और कार्रवाई संबंधी प्रस्ताव सागर संभाग आयुक्त मुकेश शुक्ला को भेजा है। सूत्रों ने कहा कि बुधवार को एक स्कूल में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन देने के लिए शिविर लगाया गया था। अचानक एक व्यक्ति की नजर पड़ी कि वैक्सीन लगाने वाला सभी बच्चों के लिए एक ही सुई (सिरिंज) का उपयोग कर रहा है। उसने तत्काल इस पर आपत्ति जताई और इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पड़ताल के दौरान वैक्सीन लगाने वाले जितेंद्र अहिरवार ने कहा कि उसे वैक्सीन के साथ एक ही सुई दी गई है। तब तक वह लगभग 30 बच्चों को वैक्सीन दे चुका था। मामले के तूल पकड़ने पर वैक्सीनेशन कार्य रोका गया। प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासन ने वैक्सीन देने वाले के खिलाफ गोपालगंज थाने में लापरवाही संबंधी मामला दर्ज कराया। वहीं जिला टीकाकरण अधिकारी की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि राहत की बात है कि फिलहाल बच्चों को किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं आई है। लेकिन निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार एक सुई (सिरिंज) का उपयोग सिर्फ एक ही व्यक्ति को वैक्सीन लगाने में किया जा सकता है।
टीम एबीएन, पटना। पटना के फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल मामले को लेकर एनआईए) की टीम ने बिहार के कई जिलों में एक साथ छापेमारी शुरू की है। सबसे पहले टीम सुबह-सुबह दरभंगा पहुंची, जहां सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में कई आरोपियों के घरों में छापेमारी जारी है। वहीं, नालंदा जिला के बिहारशरीफ के सोहसराय महुआ टोला, लहेरी थाना के नदी मोड़ और बिहार थाना के गढ़पर मोहल्ला में भी एनआईए की छापेमारी चल रही है। यहां भी भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद हैं। इसके अलावा मोतिहारी और पटना में भी एनआईए आरोपी के घरों में जांच कर रही है। इस मामले में गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद अब एनआईए ने इसकी जांच शिद्दत से शुरू कर दी है। एनआईए की टीम दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी मो जाकिर के पुत्र मुस्तकीम और उसी गांव के सनाउल्लाह उर्फ आकिब और नूरुद्दीन जंगी के घर पर छापेमारी कर रही है, तो पटना में आरोपी अतहर परवेज के घर पर जांच चल रही है। वहीं मोतिहारी के चकिया के कुअवां गांव स्थित पीएफआई के जेनरल सेक्रेटरी रियाज मॉरुफ उर्फ बब्लू के घर की तलाशी ली जा रही है। फुलवारी शरीफ थाने में दर्ज पीएफआई और गजवा ए हिंद जिहादी मॉड्यूल के दोनों मामले को एनआईए ने पूरी तरह से अपने हाथों में ले लिया है और यही वजह है कि टीम ने एक साथ तमाम आरोपियों को घरों की तालाशी शुरू कर दी है, ताकि इस मामले में अहम जानकारियां टीम के हाथ लग सकें। जिसके आलोक में वो जांच को आगे बढ़ायेगी। दरभंगा में एनआईए की 4 घंटे छापेमारी चली। जहां नूरूद्दीन जंगी की मां और भाई से एनआई ने गहन पूछताछ की और पूरे घर की तालाशी ली। हालांकि टीम ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि जंगी के घर कुछ दस्तावेज उनके हाथ लगे या नहीं, मीडिया वाले ने एनआईए से लगातार सवाल करते रहे, लेकिन टीम ने कोई जामकारी नहीं दी। एनआईए की टीम पूर्वी चंपारण जिला के चकिया के कुअवां गांव स्थित पीएफआई के जेनरल सेक्रेटरी रियाज मॉरुफ उर्फ बब्लू के पैतृक घर की एनआईए तलाशी ले रही है। चकिया के नगर पंचायत के वार्ड नंबर 13 में स्थित कुअवां गांव में लोग कुछ समझ पाते इससे पहले कई पुलिस की गाड़ियों के साथ एनआईए की टीम सुबह सवेरे ही वहां पहुंच गई और रियाज के घर में छापेमारी शुरू कर दी। रियाज के घर में उसकी बूढ़ी मां और छोटा भाई है। छोटा भाई गांव के हीं मदरसा में शिक्षक है। एनआईए की टीम रियाज के घर को खंगाल रही है। पटना में दर्ज एफआईआर में चकिया के रहने वाले पीएफआई के जेनरल सेक्रेटरी रियाज मॉरुफ उर्फ बब्लू का भी नाम सामने आया था। हालांकि रियाज अभी फरार है और एनआईए उसकी तलाश कर रही है। रियाज के घर से क्या-क्या बरामदगी हुई है, इसका पता अभी नहीं चल सका है।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। पटना में मंकीपॉक्स के पहले संदिग्ध मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। संदिग्ध महिला मरीज पटना सिटी के गुडहट्टा एरिया की बतायी जा रही है। मरीज का सैंपल जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इधर केंद्र सरकार ने भी मंकीपॉक्स को लेकर बिहार सरकार को अलर्ट किया है। संभावित खतरे को लेकर बिहार सरकार भी तैयारियों में जुट गई है। हला संदिग्ध मरीज मिलने के बाद पूरे बिहार में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पटना सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि सस्पेक्ट महिला है। उसका सैंपल जांच के लिए 4 लोगों की टीम बनाकर कलेक्ट किया जा रहा है। एहतियात के तौर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह से तैयार है। इसको लेकर सभी उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। बिहार में एक ओर कोरोनावायरस संक्रमण बढ़ रहा है तो दूसरी तरफ मंकीपॉक्स के संभावित खतरे से लोग डरे सहमे हैं। केंद्र सरकार ने भी 3 दिन पहले बिहार सरकार को अलर्ट भेजा था। बिहार सरकार भी तैयारियों में जुटी है। राज्य में कोरोनावायरस का खतरा भी बरकरार है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी संक्रमित हो गए हैं। मंगल पांडे ने कहा कि सभी जिलों के सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेजों के सुपरिटेंडेंट के साथ बैठक कर गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिया गया है।
टीम एबीएन, मुजफ्फरपुर/पटना। कहने को तो बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल में शराब सप्लाई करने व अन्य नशीले पदार्थ पहुंचाने और इसके एवज में अवैध उगाही का मामला सामने आया है। यह गंभीर आरोप जेल अधीक्षक बृजेश कुमार और तत्कालीन उपाधीकक्ष सुनील कुमार मौर्य पर लगा है। जेल में सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता (ठेकेदार) रहे संवेदक रमेश सिंह ने आरोप लगाया है कि यह दोनों जेल अधिकारी जेल में शराब पहुंचा कर कैदियों से वसूली करते रहे हैं। इस गलत काम के लिए अपराधियों का सहारा लिया जाता है। पॉक्सो एक्ट (Pocso Act) के एक बंदी को अपना खास शागिर्द बनाकर यह गोरखधंधा धड़ल्ले से होता था। इतना ही नहीं, वो बंदी पैसा न देने वाले कैदियों को दूसरे जेल में ट्रांसफर कराने का भय दिखा कर उनसे वसूली करता है। ठेकेदार ने यह भी आरोप लगाया कि मानक के विपरीत दोनों अधिकारी उस पर सामान आपूर्ति का दबाव बनाते हैं। इसी क्रम में एक संवेदक के द्वारा भेजी गई दूध की गाड़ी में जांच के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। इस मामले में अरोपित संवेदक के प्रतिनिधि को छोड़ने के लिए दो लाख रुपये में सौदा किया गया था। ठेकेदार की शिकायत पर गृह विभाग के संयुक्त सचिव रजनीश कुमार सिंह ने कारा अधीक्षक बृजेश कुमार और तत्कालीन उपाधीक्षक सुनील कुमार मौर्य के खिलाफ जांच के आदेश दिये हैं।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के छपरा में विस्फोट हुआ है। एक घर में पटाखे वाला बम बनाते समय धमाका हुआ है। जिला प्रशासन ने 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं इस धमाके से पूरा घर उड़ गया, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। घटना जिले के खैरा इलाके के खुदाईबाग की है। हां पर जो घर था उसके परिवार के सदस्य ने बताया कि आगे रेडीमेड की दुकान थी और पीछे पटाखा बनाता था और बेचता था। इसी में आज आग लग गई और विस्फोट हुआ। इसी में पटाखे के साथ साथ सिलेंडर में भी विस्फोट हुआ होगा। क्योंकि पूरा का पूरा मकान जमींदोज हो गया है। धमाका पटाखा से हुआ या बम से हुआ इसकी भी जांच करवा रहे हैं। बम स्क्वॉड को मौके पर बुलवाया गया है। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया जा रहा है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पुलिस पता लगा रही है कि ये पटाखा अवैध तरीके से बनाते थे या अनुज्ञप्तिधारी थे। सारण एसपी संतोष कुमार ने बताया कि इस बम धमाके की जांच फॉरेंसिक टीम और बम स्क्वॉड करेगी। धमाका इतना तेज था कि पूरा इलाका दहल गया। पूरा घर ध्वस्त हो गया और घर की छतें और दीवार कई मीटर दूर उछलकर मलबे में तब्दील हो गईं। घर के अंदर मौजूद एक शख्स के शरीर का हिस्सा लगभग 50 मीटर दूर छिटककर गिरा। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। चर्चा है कि पटाखे से इतना बड़ा धमाका कैसे हो सकता है। बम धमाके में अब तक मलबे से 6 शवों के निकाला जा चुका है। घर ध्वस्त होने के बाद भी लगातार धमाके होते रहे। एक धमाका ऐसा भी कैमरे में कैद हुआ कि लोग दहल गए। इस धमाके को वीडियो में भी देखा जा सकता है। बम धमाके की सूचना पाकर छपरा पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी लगभग आधा दर्जन एंबुलेंस और राहत एवं बचाव दल के साथ खोदाईबाग के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव का कार्य शुरू किया गया। गौरतलब है कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पा रही है कि धमाका "बम विस्फोट" से हुआ है या आतिशबाजी बनाने के दौरान विस्फोट हुआ है। मलबे से प्रशासन ने एक बच्चे के शव समेत 6 लाशों को निकाला। धमाके में कई लोग जख्मी हुए हैं जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार की राजधानी पटना में खून बेचने के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के काली मंदिर रोड नंबर 1 के एक मकान पर छापेमारी की तो यहां से बड़ी संख्या में खून से भरे पैकेट बरामद हुए। दरअसल, कोतवाली थाना पुलिस ने शुक्रवार को लॉकेट (गले का चेन) काटने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस काटे गए लॉकेट की तलाश में उसको उसके घर लेकर पहुंची थी, लेकिन यहां उसके कमरे में रखे फ्रिज के अंदर से 44 ब्लड के पैकेट, सैकड़ों सीरिंज व अन्य आपत्तिजनक चीजें बरामद की गई। पुलिस की टीम फ्रिज में इतनी संख्या में रखे ब्लड बैग को देख कर हैरान रह गयी। जब लॉकेट गिरोह के सरगना से पूछताछ की गई तो उसने एक अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसको भी गिरफ्तार कर लिया है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने जिलाधिकारी (डीएम) से इस मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया। ड्रग डिपार्टमेंट को इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है। पुलिस खून के अवैध कारोबार को बड़ा अपराध मान रही है। इसके विरुद्ध कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। वहीं, ड्रग विभाग के अधिकारियों की मानें तो पटना के एक बड़े निजी अस्पताल के खून बेचने के अवैध कारोबार के तार जुड़े हैं। अस्पताल के कर्मी भी इस काले धंधे में शामिल हैं। विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के लिए अलग से टीम गठित की है। अधिकारियों के मुताबिक इस निजी अस्पताल के ब्लड बैंक के कर्मचारी संतोष कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खून की दलाली में कंपनी के दो ब्लड बैंक मिले हैं। ब्लड बैंक से केवल लाइसेंसवाले सेंटर को ही बेचा जाता है, लेकिन इसके बावजूद एक घर से 44 ब्लड बैग का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।
टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार के यातायात को बेहतर करने के लिए एक और फोर लेन का नाम जुड़ने जा रहा है। पटना औरंगाबाद के बीच एक शानदार हाईवे का निर्माण किया जाना है। इसके निर्माण के लिए डीपीआर बनाने हेतु टेंडर जारी कर दिया गया है। माना जा रहा है कि अगस्त महीने तक डीपीआर मंजूरी दे दी जाएगी। जिसके बाद फोरलेन का निर्माण शुरू हो जाएगा। बता दें कि डालटेनगंज औरंगाबाद-पटना हाईवे का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट टेंडर निकल चुका है। विभिन्न एजेंसियों से टेंडर आमंत्रित किया गया है। बता दें कि अगले माह 23 या 24 तारीख को टेंडर खोला जाना है। फिर एजेंसी को पटना के नौबतपुर से छतरपुर तक सड़कों का ट्रैफिक लोड, फ्लाई ओवर, अंडरपास, बाईपास एवं हर तकनीकी पहलुओं को समझेगी। डीपीआर में चार लाइन में आने वाले खर्च का बजट भी बनेगा। सड़क का ज्वाइन आदि बिंदुओं को केंद्रित किया जायेगा। औरंगाबाद-पटना हाईवे के फोरलेन होने पर सबसे अधिक औरंगाबाद के व्यवसायी, नौकरी-पेशा करने वाले और छात्रों को लाभ होगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। फिलहाल औरंगाबाद से पटना के लिए बस और ट्रैवल से लोग लगभग 4 घंटे में सफर तय करते हैं। जबकि आपने ही प्राइवेट वाहनों से इतनी दूरी तय करने में तीन से साढ़े तीन घंटे का वक्त लगता है। औरंगाबाद से पटना की दूरी 130 किलोमीटर है। फोरलेन बन जाने के बाद 60 की रफ्तार से भी गाड़ी चलती है तो 2 घंटा 10 मिनट में लोग सफर तय कर लेंगे।
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