बिहार

View All
Published / 2022-09-06 12:44:02
बिहार ही नहीं, पूरे देश को मॉडल बनाने पर कर रहे काम : नीतीश कुमार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही खुलकर अपने आप को पीएम पद का चेहरा मानने को तैयार नहीं हैं, लेकिन उनके मन में इस पद की लालसा जोरों से दिख रही है। क्योंकि उनका बयान इस बात की ओर संकेत दे रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वे देश का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं। देश भर के विपक्षी नेताओं को लामबंद करने की मुहिम में लगे बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने कहा है कि वह विपक्षी दलों के साथ मिलकर देश में शासन का मॉडल बनाने पर काम कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं को विश्वास में लेने के अभियान पर सोमवार को यहां पहुंचे श्री कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद मंगलवार को यहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब हुए श्री कुमार ने एक बार फिर कहा कि वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं और न ही इसकी इच्छा रखते हैं। श्री राजा ने जद यू द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का साथ छोड़े जाने का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार के मॉडल का प्रभाव समूचे देश पर पड़ता है और इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि सभी दलों को एकजुट होना चाहिए जिससे कि भाजपा को परास्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में हम नीतीश जी के साथ हैं। एक सवाल के जवाब में श्री कुमार ने कहा कि बिहार मॉडल क्या है हम देश में शासन का मॉडल बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। श्री कुमार ने कहा कि यदि वाम दल, क्षेत्रीय दल और कांग्रेस एक साथ आ जाये तो यह बहुत बड़ी बात होगी। श्री येचुरी ने कहा कि श्री कुमार का वामदल के पास आना देश में राजनीति के लिए सकारात्मक संकेत है। सभी विपक्षी दलों को मिलकर देश तथा संविधान को बचाना होगा। श्री कुमार ने श्री गांधी से मुलाकात के बाद सोमवार को ही जनता दल एस के नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के साथ भी बातचीत की थी।

Published / 2022-09-05 17:32:56
मुझे पीएम बनने की कोई इच्छा नहीं : नीतीश कुमार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ने के बाद विपक्षी नेताओं को लामबंद करने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने कहा है कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। श्री कुमार ने सोमवार को यहां संवाददताओं से बातचीत में कहा कि वह विपक्षी नेताओं से मिलने आये हैं और यदि विपक्ष एकजुट हो जाता है तो एक अच्छा माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष को एक सूत्र में बांधना चाहते हैं और उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने के साथ साथ राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि राजग से नाता तोड़ने के बाद श्री कुमार विपक्षी नेताओं से लगातार एकजुट होने की अपील कर रहे हैं और अगले आम चुनाव में राजग को टक्कर देने की रणनीति बना रहे हैं।

Published / 2022-09-05 17:32:47
मुझे पीएम बनने की कोई इच्छा नहीं : नीतीश कुमार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ने के बाद विपक्षी नेताओं को लामबंद करने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने कहा है कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। श्री कुमार ने सोमवार को यहां संवाददताओं से बातचीत में कहा कि वह विपक्षी नेताओं से मिलने आये हैं और यदि विपक्ष एकजुट हो जाता है तो एक अच्छा माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष को एक सूत्र में बांधना चाहते हैं और उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने के साथ साथ राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि राजग से नाता तोड़ने के बाद श्री कुमार विपक्षी नेताओं से लगातार एकजुट होने की अपील कर रहे हैं और अगले आम चुनाव में राजग को टक्कर देने की रणनीति बना रहे हैं।

Published / 2022-09-03 11:49:39
विपक्षियों को एकजुट करने के लिए पांच को दिल्ली में कई नेताओं से मिलेंगे नीतीश

टीम एबीएन, पटना/रांची। राजद से मिलकर सरकार बनाने के बाद बिहार के सीएम की महत्वाकांक्षाएं और भी बढ़ती जा रही हैं। अब वे "कल करै सो आज" वाली कहावत पर ज्यादा फोकस करते।दिख रहे हैं। इसी को लेकर इस वक्त बिहार और दिल्ली के सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 5 सितंबर को अपने तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली रवाना होने वाले हैं। दिल्ली दौरे के दौरान नीतीश कुमार कई सीनियर नेताओं से मुलाकात करेंगे। नीतीश के इस दौरे को काफी मायनों में खास बताया जा रहा है। इसे नीतीश कुमार की देश में विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश के रुप में भी देखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार दिल्ली में 5 से 7 सितंबर तक रहेंगे। इस दौरान वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा नीतीश कुमार अन्य दलों के भी शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर विपक्षी एकता को एकजुट करने का बिगुल फूंकेंगे। बता दें, जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने भी कहा है कि नीतीश कुमार जल्द ही देशभर की विपक्षी पार्टियों को एक साथ लाने के लिए देशव्यापी अभियान पर निकलने वाले हैं। ऐसे में नीतीश कुमार का यह दिल्ली दौरा इस अभियान के पहले पड़ाव के रूप में भी देखा जा रहा है। फिलहाल बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) की शनिवार से दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सामूहिक रूप से मुकाबला करने के अलावा महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रमुखता से चर्चा हुई। जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट विपक्ष का प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनने की चर्चा जोरों पर है। आज इस बैठक की एक खास बात यह भी रही कि बैठक में शामिल हुये नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक शुरू में नारा लगाना शुरू कर दिया- देश का प्रधानमंत्री कैसा हो…नीतीश कुमार जैसा हो…।

Published / 2022-08-31 16:08:56
जांच एजेंसियों को केंद्र सरकार ने बना दिया राजनीतिक प्रतिशोध का उपकरण : तेजस्वी

टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने बीते 8 वर्ष में जांच एजेंसियों को राजनीतिक प्रतिशोध का एक उपकरण बना दिया है। 8 साल पूर्व देशवासियों ने इनकी इंटेग्रिटी व कार्यप्रणाली पर इस तरह के सवाल कभी नहीं उठाए थे। अभी हमारा सीबीआइ से विरोध इंस्टीच्यूशन से नहीं बल्कि इनकी राजनीति से प्रेरित कार्यप्रणाली से है। तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि जांच एजेंसियां केवल व केवल विपक्ष शासित राज्य और वहां के नेताओं पर ‘छापे मारकर’ अपने राजनीतिक मालिकों को प्रसन्न करने की कोशिश करती हैं। भाजपा के लगभग 300 से अधिक सांसद और 1000 से अधिक विधायकों पर इन एजेंसियों की आज तक कोई रेड नहीं पड़ी। इसलिए इनके राजनीतिक चेहरे से हमारा विरोध है। बीते 8 वर्षों में विपक्ष के कई नेताओं पर इसी आइटी/ ईडी/ सीबीआइ के माध्यम से छापे पड़े। ढेर सारे आरोप तय हुए, गोदी मीडिया के माध्यम से उनका चरित्रहनन हुआ लेकिन जैसे ही उन कथित भ्रष्ट विपक्षी नेताओं ने भाजपा ज्वाइन की वो पवित्रता का प्रमाण पत्र पा गए। कोई मंत्री बन गया तो कोई मुख्यमंत्री बन गया। वहीं डिप्टी सीएम ने कहा कि एजेन्सी के अधिकारियों से हमारा न कभी विरोध था और ना है। हम जानते हैं कि ये आदेश का अनुपालन कर रहे हैं। लेकिन उइक का इस्तेमाल राजनीतिक इंस्ट्रूमेंट की तरह जो हो रहा हैं उसका हम विरोध करते रहेंगे। हमारे यहां संविधान को मानने वाली न्यायप्रिय समाजवादी सरकार है, जहां हर कोई सुरक्षित है।

Published / 2022-08-30 18:39:07
नीतीश कैबिनेट ने कुल 8 एजेंडों पर लगायी मुहर, शिक्षकों के वेतन के लिए 9400 करोड़ मंजूर

टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद आज कैबिनेट की पहली बैठक हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट मीटिंग में कुल 8 एजेंडों पर मुहर लगी। इस बैठक में सबसे अहम फैसला बालू घाटों की निलामी और शिक्षकों को लेकर लिया गया। नीतीश सरकार ने राज्य में बालू की बंदोबस्ती दर को दोगुना कर दिया है, जिससे बालू की कीमत बढ़नी तय मानी जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार ने शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी दी है। शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए कैबिनेट में 9400 करोड़ की राशि की स्वीकृति दी गई है। इसमें बकाया वेतन भुगतान के लिए राशि भी शामिल है। इससे राज्य के 2.64 लाख शिक्षकों को फायदा होगा। इसके अलावा बिहार के अधीन अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तों को विनियमित करने हेतु बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में शिक्षक (नियुक्ति, प्रोन्नति, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली 2022 के गठन की स्वीकृति दी गई है। वहीं राज्य स्कीम मद से वित्तीय वर्ष 2022-23 में सब मिशन ऑन Agriculture Extension के कार्यान्वयन के लिए संविदा आधारित नियोजित कर्मियों के नियत मानदेय एवं ईपीएफ की राशि, बामेती परिसर का प्रबंधन, सुरक्षा एवं प्रसार कार्यक्रम हेतु कुल तैंतीस करोड़ बासठ लाख छियानवे हजार छः सौ अड़सठ रुपए की लागत पर योजना कार्यान्वयन तथा निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गयी।

Published / 2022-08-28 15:20:44
नीतीश का सुमो पर पलटवार, कहा- सरकार बनने पर इन्हें कुछ नहीं बनाया, इसकी थी तकलीफ

टीम एबीएन, पटना/रांची। भाजपा के राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के महागठबंधन की सरकार गिरने वाले बयान पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पलटवार किया है। रविवार को गोपालगंज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के इस संबंध में सवाल पूछने पर कहा कि अभी खाली हैं और उन्हें फिर कोई जगह मिल जाए इसलिए वसुशील मोदी ऐसा बोल रहे हैं। सीएम नीतीश ने कहा कि 2020 में जब बिहार में एनडीए की सरकार बनी थी तो उन्हें कुछ नहीं बनाया गया, इसकी उन्हें बड़ी तकलीफ थी। अब बेचारे कुछ बोल रहे हैं, उन्हें रोज-रोज बोलना चाहिए, रोज बोलेंगे तो केंद्र वाले लोग कहीं फिर खुश हो जाएं तो बड़ी खुशी की बात होगी, इसलिए सुशील मोदी रोज बोलते रहें। मुख्यमंत्री यहां राज्य के पूर्व सहकारिता मंत्री सुभाष सिंह के श्राद्धकर्म में शामिल होने पहुंचे थे। सदर प्रखंड के ख्वाजेपुर में आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सुभाष सिंह के निधन का व्यक्तिगत तौर पर मुझे दुख है। सुभाष सिंह से पुराना और व्यक्तिगत तौर पर गहरा संबंध था। कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से पटना के लिए रवाना हो गये। मौके पर उनके साथ राज्य के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार, जेडीयू के स्थानीय सांसद आलोक कुमार सुमन, जेडीयू के प्रवक्ता मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष आदित्य शंकर शाही आदि यहां मौजूद रहे।

Published / 2022-08-26 13:21:19
वंदे भारत : केवल पांच घंटे में पूरा होगा पटना से दिल्ली का सफर

टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार के लोगों को भारतीय रेलवे बड़ा तोहफा देने जा रही है। इस साल के आखिर तक देश के 27 मार्गों पर 18 वंदे मातरम चलाने की कवायद जारी है। पहले चरण में जिन रूटों का चयन हुआ है, उनमें पटना-वाराणसी-दिल्ली शामिल है। वंदे मातरम एक्सप्रेस के यात्री केवल चार से 5 घंटे में पटना से देश की राजधानी दिल्ली पहुंच जाएंगे। फिलहाल दिल्ली से पटना के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस को पटना से दिल्ली पहुंचने में 12 घंटे का वक्त लगता है। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि दिल्ली पटना रेल मार्ग पर यात्रियों का काफी लोड है। फिलहाल इस रूट पर संपूर्ण क्रांति, राजधानी और तेजस जैसी ट्रेनों का संचालन हो रहा है। बेहतर सुविधा चाहने वाले पैसेंजर्स के लिए यह ट्रेन शानदार विकल्प होगा। इस ट्रेन में यात्रियों को कई तरह की खास सुविधा मिलेगी, लोगों का समय कम लगेगा। अधिकारियों ने किराए को लेकर कोई भी बात कहने से इनकार किया है। बता दें कि फिलहाल देश के कुछ चुनिंदा रुटों पर वंदे भारत ट्रेन चल रही है। पहली वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच चली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ 15 फरवरी 2019 को किया था। ट्रेन का कमर्शियल परिचालन 17 फरवरी 2019 से शुरू हुआ। फिलहाल दिल्ली से जम्मू के बीच यह ट्रेन चल रही है। अंबाला रेल रूट पर ट्रायल चल रहा है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच रेलवे ने यह ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक ट्रेन बुलेट ट्रेन को भी पीछे छोड़ देती है। महज कुछ सेकंड में ही ट्रेन 0 से 100 किलोमीटर की स्पीड पकड़ लेती है। यह ट्रेन बेहद ही अपग्रेडेड है। इसकी विशेषताओं के वजह से ट्रेन की स्पीड दूसरों से काफी तेज है। फिलहाल वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की है। चरणबद्ध ढंग से वर्ष 2025 तक अपडेटेड एडिशन 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। वंदे मातरम पूरी तरह से एसी ट्रेन है। अपडेटेड वर्जन में बोगियों को बैक्टीरिया की एयर कंडीशनिंग सिस्टम से लैस किया जाना है। इसमें यात्रियों के बैठने की सुविधा का विशेष ख्याल रखा जाएगा। हर बोगी में चार इमरजेंसी खिड़की होंगे, जिससे किसी भी इमरजेंसी स्थिति में पैसेंजर्स को जल्द से जल्द निकाला जा सके। ट्रेन में बिजली गुल होने पर लाइटिंग और वेंटिलेशन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। लगभग 3 घंटे का वेंटिलेशन मौजूद होगा। तमाम बोगियों में बड़ी-बड़ी लाइटें होंगी।

Page 48 of 62

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse