बिहार

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Published / 2022-09-30 07:15:20
अमेरिका : बिहार की बेटी ने अमेरिकी छात्रों को पछाड़ जीता गोल्ड मेडल

लबिहार के बच्चे देश से लेकर विदेशों तक अपने हुनर का लोहा मनवा रहे हैं। बिहार की बेटी ईशा ने अमेरिका में देश और प्रदेश का परचम लहराया है। न्यू मैक्सिको सिटी (अमेरिका) के एलबर्क शहर में ईशा ठाकुर ने दसवीं में सबसे ज़्यादा नंबर हासिल किया है। दसवीं की परीक्षा में सबसे ज़्यादा नंबर लाने पर उसे गोल्ड मेडल से नवाजा गया है। अमेरिकि छात्रों को पीछे छोड़ते हुए अव्वल आने पर अमेरिकी सरकार की तरफ़ से उसे नेशनल सोसाइटी का मेम्बर भी बनाया गया। अमेरिका में अपने हुनर का परचम लहराने वाली ईशा ठाकुर का ताल्लुक बिहार के दरभंगा ज़िले से है। रतनपुर की रहने वाली ईशा को अमेरिकि सरकार की तरफ से स्कॉलरशिप भी दिया जाएगा। इशा को अमेरिका में सम्मानित किए जाने पर उसके गांल में जश्न का माहौल है। वही इशा के गांव वालों का कहना है कि इशा ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश, राज्य और जिला का नाम रोशन किया है। ईशा को मिथिला समाज, मैथिली भाषा और रीति-रिवाजों की काफी अच्छी जानकारी है। ग्रामीणों ने बताया कि ईशा परिवार के साथ न्यूयॉर्क शहर में ही रहती है। ईशा ठाकुर के पिता सुजय ठाकुर बतौर कैमिकल इंजीनियर अमेरिका में काम करते हैं। इसके साथ ही ईशा की मां उषा ठाकुर रियल स्टेट का बिजनेस करती हैं। इन सबके अलावा उनके दादा महेश्वर ठाकुर माइनिंग इंजीनियर के पद पर अमेरिका में काम कर रहे थे जोकि रिटायर हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ईशा की कामयाबी से पूरे देश को गर्व है, बिहार छात्रों को हुनर दिखाने का मौक़ा दिया जाए तो वह विश्व भर में नाम कमा सकता है। पटना जिले के गोनपुरा गांव (फुलवारीशरीफ) के रहने ग़रीब मजदूर के बेटे को अमेरिका में पढ़ने के लिए फ़ेलोशिप मिली थी। भारत से 6 नाम इस स्कॉलरशिप के लिए भेजे गए थे, जिसमें बिहार के बेटे प्रेम कुमार को अमेरिका के प्रतिष्ठित लाफायेट कॉलेज की तरफ़ से ढाई करोड़ रुपये की फेलोशिप दी गई। महादलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 17 वर्षीय छात्र प्रेम कुमार को अमेरिका के कॉलेज से फ़ेलोशिफ मिलने से पूरा समाज गर्व महसबस कर रहा है।

Published / 2022-09-26 17:15:29
मां दुर्गा की भक्ति में डूबा लालू परिवार, राबड़ी ने तेज प्रताप के साथ की कलश स्थापना

टीम एबीएन, पटना/ रांची। शारदीय नवरात्र को लेकर सोमवार को लोग मां दुर्गा की आराधना में डूबे हैं। दुर्गा पूजा को लेकर जगह-जगह कलश स्थापना की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आवास पर भी कलश स्थापना की गई। बिहार की सत्ता में राजद के लौटने बाद राजद परिवार में खुशी है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ उनके बड़े बेटे और बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव भी मौजूद रहे। तेज प्रताप यादव लाल वस्त्र पहन कर पूजा करते नजर आये। तेज प्रताप ने पूजा की कई तस्वीर भी सोशल मीडिया में शेयर की है। तेज ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कलश स्थापना की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, आप सभी देश वासियों सह बिहारवासियों को नवरात्र महापर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं...। मेरी मां (पूर्व व प्रथम महिला मुख्यमंत्री, बिहार) और मैंने बिहार के विकास के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की।

Published / 2022-09-23 16:53:45
एक बार भाजपा को पूर्ण बहुमत दीजिये, हम बिहार को देश का सबसे विकसित राज्य बनायेंगे : अमित शाह

टीम एबीएन, पटना/ रांची। केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से बिहार में तेजी से अपराध बढ़ने का दावा करते हुए आज कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में श्री लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का सूपड़ा साफ हो जाएगा और अगले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। श्री शाह ने शुक्रवार को यहां रंगभूमि मैदान में आयोजित भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए कहा, केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार है इसलिए सीमांचल के लोगों को किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता राजद और जदयू का सूपड़ा साफ कर देगी। मुख्यमंत्री श्री कुमार को केवल कुर्सी प्यारी है और इसके लिए वह किसी के साथ भी गठबंधन कर सकते हैं लेकिन वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनते ही प्रदेश में विधि-व्यवस्था की स्थिति चरमरा जाने का अरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों के सत्ता में बैठे होने की वजह से मुख्यमंत्री षड्यंत्र करने वालों को रोक नहीं पाएंगे। घोटालेबाजों को मंत्री देने के बाद से ही श्री कुमार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर प्रतिबंध लगाने की बात करने लगे हैं। यह राजद अध्यक्ष श्री यादव का भय और सत्ता का मोह नहीं तो और क्या है। इस राज्य में जंगलराज का खतरा मंडराने लगा है। श्री शाह ने मुख्यमंत्री श्री कुमार के प्रधानमंत्री बनने को लेकर चल रही अटकलों पर कटाक्ष करते हुए कहा, कांग्रेस विरोधी राजनीति से उत्पन्न नीतीश बाबू फिर से कांग्रेस और राजद की गोद में जा बैठे हैं। इस तरह सत्ता के स्वार्थ में दल-बदल करके नीतीश बाबू प्रधानमंत्री बन सकते हैं क्या, बिहार में सरकार चल सकती है क्या। लालू जी सुनिए, नीतीश बाबू कल आपको भी धोखा दे देंगे। भाजपा के शीर्ष नेता ने कहा कि नीतीश कुमार सबसे पहले देवीलाल गुट में गये, फिर लालू के साथ कपट किया, सबसे बड़ा धोखा जॉर्ज फर्नांडीस को दिया। श्री फर्नांडीस के कंधे पर बैठकर समता पार्टी बनाई और जब तबीयत खराब हुई तो उन्हें पार्टी से ही निकाल दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव को धोखा दिया, फिर भाजपा को पहली बार दोखा दिया, फिर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को धोखा दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को धोखा दिया और अब फिर से प्रधानमंत्री बनने की लालसा में भाजपा को धोखा देकर लालू यादव के साथ चले गए हैं। श्री शाह ने राजद अध्यक्ष श्री यादव के बयान कि श्री शाह के मन में कुछ तो काला है इसलिए सभी को चौकन्ना रहना है, ये लोग मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करके उन्माद फैलाते हैं और मस्जिद पर भगवा झंडा फहराकर समाज में तनाव उत्पन्न करते हैं पर जमकर हमला बोला और कहा, मैं सीमांत जिलों में आया हूं तो लालू-नीतीश के पेट में दर्द हो रहा है, कह रहे हैं कि मैं यहां झगड़ा लगाने आया हूं। ये काम लालू परिवार का है। नीतीश लालू की गोदी में बैठे हुए हैं। यहां डर का माहौल है। ये सीमावर्ती जिले हिंदुस्तान का हिस्सा है, किसी को डरने की जरूरत नहीं है। गृहमंत्री ने बिहार के लिए मोदी सरकार के 1.35 लाख करोड़ रुपये के काम गिनवाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके कामों का हिसाब मांगा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में 1.25 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का वादा किया था लेकिन उसके मुकाबले हवाईअड्डे, पर्यटन, पेट्रोलियम एवं गैस, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल, बिजली आदि क्षेत्रों में 1.35 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। अब मुख्यमंत्री श्री कुमार बताएं कि उन्होंने राजद अध्यक्ष श्री यादव के साथ मिलकर कुर्सी बचाने के अलावा क्या-क्या काम किए हैं। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बिहार को तीन साल के भीतर वामपंथी उग्रवाद को मुक्त कराया। चक्रबंधा और भीमबंधा से नक्सलवाद खत्म हो गया। कभी वामपंथी उग्रवाद के प्रभाव में रहने वाला बिहार अब इससे मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार गरीबों की सरकार है। हर घर में शौचालय का निर्माण और कोरोना का टीका लगाने के बाद दो साल तक प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम राशन मुफ्त दिया गया है। सरकारी योजना का पैसा अब डायरेक्ट लोगों के खाते में आता है। लालू के बिचौलियों को खाने के लिए नहीं मिलता। बिहार के सभी शहरों में मोदी सरकार ने बिजली पहुंचाई। गृहमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किये जाने के फैसले को सही बताया और श्री यादव एवं श्री कुमार को चुनौती देते हुए कहा, क्या लालू यादव और नीतीश कुमार इसका समर्थन करेंगे। इनमें हिम्मत नहीं है। देश की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार ने जो कदम उठाए, लालू उसे मानते नहीं। लालू राज में फिरौती मांगी जाती थी, हत्याएं होती थीं। गांधी मैदान में लालू-नीतीश दोनों लट्ठ रैली निकालेंगे और लालू नीतीश के कंधे पर रहेंगे। एक बार भाजपा को पूर्ण बहुमत दे दीजिए। हम बिहार को देश का सबसे विकसित राज्य बना देंगे। श्री शाह रैली को संबोधित करने के बाद किशनगंज के लिए रवाना हो गए। वह किशनगंज में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में सीमांचल के नेता भी मौजूद रहेंगे। इस मौके पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, पूर्व उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन, पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, पूर्व मंत्री प्रेम कुमार, नंदकिशोर यादव एवं मंगल पांडेय, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और रामकृपाल यादव समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

Published / 2022-09-22 10:05:50
राजद-जदयू का होगा विलय! तेजस्वी बिहार तो नीतीश करेंगे दिल्ली पर राज?

टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार राजनीति में एक और बड़ा प्रयोग करने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में लालू प्रसाद यादव की राजद और नीतीश कुमार की जदयू का विलय तय माना जा रहा है, जिसमें नीतीश कुमार एक्टिंग प्रेसिडेंट की भूमिका में होंगे। योजना के मुताबिक बिहार में ताजपोशी तेजस्वी यादव की तय मानी जा रही है, वहीं नीतीश कुमार राज्य से निकलकर केन्द्र की राजनीति करने दिल्ली का रुख करने वाले हैं, जहां नीतीश कुमार भाजपा विरोधी दल के संयोजक के रूप में काम करते दिखाई पड़ने वाले हैं। जदयू और राजद विलय कर देश की एक बड़ी पार्टी के रूप में दिखना चाहती हैं, जिसका लोकसभा चुनाव से पहले देश में एक बड़े दल के रूप में पहचान हो। नीतीश अपनी राजनीति के अंतिम दौर में हैं और इस बार वो दिल्ली की राजनीति में धमाकेदार कदम रखना चाहते हैं। नीतीश कुमार की योजना ज्यादा से ज्यादा विपक्षी पार्टियों को एक कर संयोजक बनने की है, इसलिए लालू प्रसाद और नीतीश कुमार एक साथ सोनिया गांधी से मिलने आ रहे हैं। सोनिया विदेश दौरे से लौटने के बाद दिल्ली आई हैं और नीतीश और लालू अपनी इस कवायद में कांग्रेस की भूमिका को अहम मानते हैं। योजना के मुताबिक, नीतीश कुमार एंटी भाजपा फ्रंट बनाकर भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रचार पूरे देश में करना चाह रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस कड़ी में बिहार की गद्दी छोड़ने को नीतीश कुमार तैयार हो गए हैं और वो दिल्ली का रुख करना चाहते हैं। योजना के मुताबिक विपक्षी एकता का मजबूत गठजोड़ बनाना पहली प्राथमिकता है। वहीं संयोजक बनकर भाजपा के खिलाफ पूरे देश में प्रचार करना दूसरी प्राथमिकता। यही वजह है कि राजनीति के हाशिए पर जा चुके शरद यादव भी पटना पहुंचकर अचानक एक्टिव नजर आने लगे हैं। शरद यादव लालू प्रसाद के साथ पटना में एक मंच पर बुधवार को एक स्वर में साल 2024 में भाजपा को हराने की बात करते नजर आये। लालू प्रसाद लंबी बीमारी के बावजूद सक्रिय इसलिए दिखाई पड़ रहे हैं, क्योंकि उनकी योजना अब अपने बेटे तेजस्वी यादव को पूरे तौर पर पदस्थापित करने की है। लालू इस मुहिम में लगभग सफल हैं। वहीं तेजस्वी योजना के मुताबिक सीएम बन जाते हैं तो ये उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जायेगी। आरजेडी के दिग्गज नेता शिवानंद तिवारी सहित कई नेता तेजस्वी यादव को गद्दी सौंपने को लेकर गाहे बगाहे बयान देते नजर आए हैं, लेकिन ऐसा करने की योजना पर काम हो रहा है और लालू प्रसाद इसको फलीभूत करने के लिए सक्रिय नजर आने लगे हैं। बिहार का ताज तेजस्वी के हवाले करने की योजना : दो दिन पहले यानि की 20 सितंबर को नीतीश कुमार ने भी अपनी मंशा इशारों में ज़ाहिर कर दी थी कि उनकी योजना तेजस्वी यादव को मज़बूत करने की है। अगले दिन 21 सितंबर को लालू प्रसाद, शरद यादव और तेजस्वी यादव एक मंच से भाजपा विरोध की मुहिम को तेज करते नजर आए और सोनिया गांधी से मिलने की बात जोर-शोर से कही। मतलब साफ है कि लालू प्रसाद इसलिए भी उत्साहित हैं कि बिहार का ताज साल 2005 के बाद राजद के हाथों आता दिखाई पड़ रहा है और अब उनके बेटे तेजस्वी यादव उस कुर्सी से चंद महीनों की दूरी पर हैं। लालू प्रसाद तय योजना के मुताबिक नीतीश कुमार को बीजेपी विरोधी दल का संयोजक बनाने के लिए पुरजोर पहल करने वाले हैं और इस कड़ी में कांग्रेस की हामी बेहद जरूरी है। ये सर्वविदित है कि लालू प्रसाद के रिश्ते गांधी परिवार से शुरुआती दिनों से अच्छे रहे हैं और लालू प्रसाद कांग्रेस के बुरे दौर में भी कांग्रेस के साथ बने रहे हैं। इसलिए लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का सोनिया गांधी से मिलना तय योजना के तहत किया जा रहा है। लालू प्रसाद अपनी विश्वसनियता के दम पर कांग्रेस और तमाम दलों को साथ लाने की कोशिश करेंगे, क्योंकि लालू प्रसाद भाजपा के खिलाफ हमेशा से लड़ते रहे हैं। इसलिए बीजेपी विरोधी दल को लामबंद करने की योजना सोनियां गांधी से मिलने के बाद तेज होने वाली है। राष्ट्रीय फलक पर मज़बूत दल के तौर पर दिखने की मंशा ही विलय की प्रमुख वजह है। इसलिए कांग्रेस की सर्वोपरि नेता सोनिया गांधी से मिलने के बाद बिहार की राजनीति में कई नये प्रयोग कुछ महीनों में दिखने वाले हैं जिनमें तेजस्वी यादव का सीएम बनना तय माना जा रहा है। विलय के बाद किन मुद्दों को अस्त्र बनाकर भाजपा को घेरने की है तैयारी : 90 के शुरुआती दौर में लालू प्रसाद, शरद यादव और नीतीश कुमार मंडल की राजनीति के सिरमौर माने जाते थे। ये तीनों नेता की तिकड़ी ने देश में बीपी सिंह की राजनीति को मज़बूत आधार देकर आगे बढ़ाने का काम किया था। बिहार में एक बार फिर जातीय जनगणना सफल पूर्वक अंजाम देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके परिणाम के बाद एक बार फिर पूरे देश में कराने को लेकर योजना के मुताबिक भाजपा पर दबाव डाला जायेगा। मंडल की राजनीति को चमकाने की एकबार पुरोजर कोशिश होगी। कमंडल को पटखनी देने के लिए उसी पुरानी राजनीति का सहारा लिये जाने की योजना है, जिसकी धार अब कुंद पड़ने लगी थी। इस पूरी कवायद में सेनापति के तौर पर राष्ट्रीय फलक पर नीतीश कुमार संयोजक की भूमिका में नजर आएंगे और लालू प्रसाद द्वारा उन्हें मज़बूती से समर्थन राष्ट्रीय राजनीति में दिया जाता रहेगा। गौरतलब है कि जातीय जनगणना के मुद्दे पर ही नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की सीएम आवास पर 52 मिनट की मुलाकात अकेले में हुई थी और दोनो नेताओं के चेहरे पर मुस्कुराहट को देखकर राजनीतिक पंडित बिहार में बड़े उलटफेर की आशंका ज़ाहिर करने लगे थे। इसलिए एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर मंडल की राजनीति का शोर सुनाई पड़ने वाली है और 28 साल पहले की राजनीति में ज्यादातर समाजवादी नेता नजर आने वाले हैं। दरअसल, इस मुहिम में कर्नाटक की जेडीएस भी साथ आ सकती है, जिसके नेता पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा हैं और नीतीश कुमार के एनडीए से बाहर आने पर उन्हें बधाई देने वालों में आगे दिखाई पड़े हैं। इतना ही नहीं देवगौड़ा ने ये भी कह दिया था कि जनता दल ने देश को तीन तीन प्रधानमंत्री दिये हैं जो आगे की रणनीति का इशारा साफ तौर पर कर चुका है। भाजपा विरोध के नाम पर इन दलों का साथ आना तय माना जा रहा है : ये तय योजना का ही हिस्सा है कि कांग्रेस और लेफ्ट को साथ रखते हुए राष्ट्रीय फलक पर एनसीपी, शिवसेना जैसे दलों का महाराष्ट्र में समर्थन हासिल किया जायेगा। वहीं पंजाब में शिरोमणी अकाली दल, झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, यूपी में समाजवादी पार्टी और बीएसपी को भी एक साथ लाने की कवायद हो सकती है। नीतीश और लालू प्रसाद की योजना का हिस्सा केसीआर भी हैं जो तेलांगना से भाजपा विरोध के नाम पर भाजपा विरोधी फ्रंट का हिस्सा बनेंगे, क्योंकि केसीआर के लिए भाजपा-कांग्रेस के मुकाबले बड़ी चुनौती नजर आ रही है और राज्य की राजनीति में भाजपा को रोकने की कोशिशों में आगे दिखने के लिए केसीआर ऐसा करने को मजबूर होंगे। लेकिन ममता, केजरीवाल और नवीन पटनायक सहित आंध्रा के वाईएसआर इस मोर्चे का हिस्सा नहीं होंगे ये तय माना जा रहा है। इन्हें चुनाव परिणाम के बाद समर्थन के लिए आजमाये जाने की योजनाओं पर काम किया जायेगा। ज़ाहिर है बिहार की राजनीति में नए प्रयोगों का असर चंद महीनों में देशव्यापी होने की संभावना तेज है, जिस पर लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार तेजी से काम कर रहे हैं। इसमें बीजेपी को पटखनी देने के नाम पर सबको एक साथ लाने की योजना है, जिसमें संयोजक पद की भूमिका तय रणनीति का हिस्सा है। गौर करने वाली बात है कि साल 2014 में नरेन्द्र मोदी भी कैंपेन कमिटी के चेयरमैन बने थे और फिर देश के प्रधानमंत्री।

Published / 2022-09-21 14:07:53
अगर मैं झुक जाता तो जेल नहीं जाता, इसलिए मैं कभी नहीं झुकूंगा : लालू यादव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं अपनी आइडियोलॉजी पर मजबूती से कायम हूं। कई पार्टियों ने भाजपा के साथ समझौता कर घुटने टेक लिये। लेकिन न मैं झुका हूं और न ही कभी झुकूंगा। भाजपा हमारी सबसे बड़ी दुश्मन है। अगर मैं झुक जाता तो मुझे इतने दिन जेल में नहीं रहना पड़ता। सोनिया से मिलने दिल्ली जायेंगे लालू : राजद राज्य परिषद की बैठक में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि मैं जल्द ही नीतीश कुमार के साथ मिलकर दिल्ली जाकर सोनिया गांधी से मुलाकात करूंगा। राहुल गांधी की यात्रा के बाद राहुल से भी मुलाकात करूंगा। 2024 में हम भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगे। तेजस्वी यादव ने कही यह बात : इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य 2024 में 40 सीट महागठबंधन को जीताना है...मैं अपने सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि अब उछल कूद नहीं करना है शांति से अपना काम करना है और लोगों को जोड़ना है। अति पिछड़ा समाज, दलित, अंतिम पायदान के लोग और गरीबों को हमें जोड़ना है।

Published / 2022-09-21 04:32:46
सासाराम : मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, गया-हावड़ा रूट पर कई ट्रेनें प्रभावित

टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार के सासाराम में मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गये। यह हादसा दीनदयाल उपाध्याय रेल डिवीजन के कुंभऊ स्टेशन के पास हुआ। हादसे के चलते कई ट्रेनें प्रभावित हो गईं। मौके पर राहत और बचाव की टीमें तैनात हैं। हादसे की तस्वीरें भी सामने आई हैं। मालगाड़ी होने के चलते किसी के चोटिल होने की खबर नहीं है। टीमें डिब्बों को पटरियों से हटाकर ट्रेन रूट शुरू करने के काम में जुट गई हैं। हादसे के बाद दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन गया हावड़ा रेल रूट पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है।

Published / 2022-09-20 17:55:00
बिहार : मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल में 8,000 नये पदों पर होगी भर्ती

टीम एबीएन, बिहार/पटना। बिहार सरकार ने मेडिकल सेक्टर में भर्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार में 8000 नए पदों पर मेडिकल भर्ती की जायेगी। मंगलवार, 20 सितंबर 2022 को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। ये सरकारी भर्तियां बिहार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल्स में की जायेंगी। जाहिर है कि बिहार कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 8000 नये पद सृजित किये जायेंगे। बिहार में सरकारी नौकरी की तमन्ना रखने वालों के लिए ये बड़ी खुशखबरी है। बिहार मंत्रिमंडल की बैठक पूरी होने के बाद अधिकारियों ने बताया कि जिन 8000 नये पदों को मंजूरी मिली है, उनमें से 210 एडिशनल पोस्ट राज्य के 35 जिला अस्पतालों में होंगे। इसके अलावा 6,663 नये पद बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बनाए जायेंगे। पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल यानी पीएमसीएच में 229 और छपरा मेडिकल कॉलेज में 423 नये पदों पर सरकारी नौकरी दी जायेगी। नीतीश कुमार की मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार में मेडिकल की 8000 नई वैकेंसी की जरूरत पर राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक सीनियर ऑफिसर ने बात की। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पद लाने का मकसद है बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करना। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के कामकाज में सुधार लाना और उन्हें अच्छे ढंग से व्यवस्थित करना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ये बैठक दिन के 11.30 बजे शुरू हुई थी। इस बिहार कैबिनेट मीटिंग में कुल 16 प्रमुख एजेंडों पर सरकार ने मुहर लगाई। इनमें से एक बिहार में ओबीसी प्लस 2 कन्या उच्च विद्यालय खोले जाने का भी प्रस्ताव था। इसके लिए बिहार सरकार ने 556 करोड़ 23 लाख 36 हजार रुपये के खर्च को मंजूरी दी। ये सभी स्कूल आवासीय होंगे। इसके अलावा गया एयरपोर्ट पर एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर वैट 29 फीसदी से घटाकर 4 प्रतिशत करने का बड़ा फैसला लिया। दरभंगा एयरपोर्ट पर भी वैट घटाया गया है। वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इस कदम से सरकार गया एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाना चाहती है। राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा देना चाहती है।

Published / 2022-09-18 09:02:27
बिहार : शराब तस्कर की मौत के बाद थाने पर भीड़ का हमला, सात पुलिसकर्मी घायल

टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के कटिहार जिले में कथित तौर पर हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के कुछ घंटों बाद ग्रामीणों के समूह ने एक पुलिस थाने पर हमला कर दिया, जिसमें दो थाना प्रभारी (एसएचओ) सहित सात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि प्रमोद कुमार सिंह (40) के हवालात में मृत पाए जाने के बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने प्राणपुर थाने में हंगामा किया और परिसर में खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। शराब की बोतलें मिलने के बाद प्रमोद सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो घायल एसएचओ में प्राणपुर थाने के मनीतोष कुमार और दंडकोहरा थाने के शैलेश कुमार शामिल हैं। कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक (एसपी) दया शंकर ने बताया कि सभी घायल पुलिसकर्मियों को कटिहार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और हमारी टीम इलाके में तैनात हैं। भीड़ ने थाने पर किया हमला एसपी ने दावा किया कि शव तब मिला जब पुलिस अधिकारी प्रमोद सिंह को अदालत में पेश करने के लिए दस्तावेज तैयार कर रहे थे। वहीं मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने लाठियों और लोहे की रॉड से थाने पर हमला कर दिया और पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। उन्होंने कहा कि पास के पुलिस थानों से अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को बुलाये जाने के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका। एसएचओ सहित सात पुलिसकर्मी घायल : उन्होंने बताया कि घायल थाना प्रभारी शैलेश कुमार पुलिसकर्मियों की भेजी गई अतिरिक्त टीम में शामिल थे। दो एसएचओ सहित सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एसपी ने बताया कि प्रमोद सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

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