टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामान्य प्रशाासन विभाग एवं गृह विभाग के रिक्त पदों को भरने को कहा। नीतीश ने बुधवार को यहां एक, अणे मार्ग स्थित संकल्प में सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग की समीक्षा की और विभाग के अद्यतन कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उन्हें जब से काम करने का मौका मिला है, राज्य में विकास के कई कार्य किए गए हैं। यहां व्यापार बढ़ा है। राज्य का बजट आकार दो लाख करोड़ रुपए से ऊपर हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों सहित कई आधारभूत संरचना का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों का मेंटेनेंस हर हाल में अवश्य करायें। मेंटेनेंस का कार्य विभाग से ही करायें, इसके लिए जितने और अभियंताओं एवं कर्मियों की आवश्यकता हो उनकी बहाली कराएं। नीतीश ने कहा कि प्रत्येक थाने में कानून-व्यवस्था एवं अनुसंधान दो अलग-अलग विंग बनाए गए हैं ताकि बेहतर ढंग से कार्यों का निष्पादन हो सके। पुलिसकर्मियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि विभागों में जो भी रिक्तियां हैं उन्हें भरने की प्रक्रिया शुरू करें। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस के सिंघल, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग चैतन्य प्रसाद, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, योजना एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुणीश चावला, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव बी राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक सह अध्यक्ष विनय कुमार उपस्थित थे।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार में दो सीटों गोपालगंज और मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में महागठबंधन की ओर से राजद के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन दोनों क्षेत्रों में मुख्य मुकाबला भाजपा और राजद के बीच माना जा रहा है। लेकिन, अब तक साफ तौर पर जदयू के नेताओं और कार्यकर्ताओं में वह उत्साह नहीं देखा जा रहा है। बिहार की मोकामा सीट से भाजपा ने बाहुबली नेता ललन सिंह की पत्नी सोनम देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। सोनम देवी का मुकाबला राजद की प्रत्याशी नीलम देवी से है। नीलम देवी राजद के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की पत्नी हैं। एक मामले में अनंत सिंह के सजायाफ्ता होने के बाद उनकी विधायकी चली गई और मोकामा सीट खाली हो गई। वहीं गोपालगंज से भाजपा की उम्मीवार कुसुम देवी हैं। कुसम देवी दिवंगत सुभाष सिंह की पत्नी हैं। उनका मुकाबला राजद के मोहन गुप्ता से है। भाजपा के विधायक रहे सुभाष सिंह के निधन से गोपालगंज सीट खाली हो गई। दोनों सीटों पर सभी प्रत्याशी चुनाव जीतने को लेकर पूरा जोर लगा रहे है। लेकिन, अब तक जदयू का कोई बड़ा नेता इस क्षेत्र में प्रचार करने नहीं पहुंचा है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ऐसे में मुंगेर के सांसद और जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह का अब तक नहीं आना कई सवाल खड़े करता है। राजद के प्रत्याशियों के नामांकन पर्चा दाखिल करने के समय भी जदयू का कोई बड़ा चेहरा उपस्थित नहीं हुआ था, जिस कारण महागठबंधन में जदयू की नाराजगी के कयासों को और बल मिला। अनंत सिंह कभी जदयू के नेता थे और जदयू अध्यक्ष ललन सिंह के करीबी माने जाते थे, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव से दोनों के बीच की दूरियां बढ़ गई। अनंत सिंह की पत्नी नीलम सिंह कांग्रेस के टिकट पर मुंगेर सीट से चुनाव लड़ीं, लेकिन जीत जदयू के ललन सिंह की हुई। 2020 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से अनंत सिंह ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। अब राज्य में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और जदयू-राजद साथ आ गए हैं, जिसके बाद मोकामा में उपचुनाव हो रहे हैं। इधर, भाजपा के संतोष पाठक कहते भी हैं, जदयू और राजद को गठबंधन कहा ही नहीं जा सकता। यह तो सत्ता के लिए समझौता है। उन्होंने यहां तक कहा कि जदयू मोकामा में राजद प्रत्याशी के खिलाफ काम कर रही है। इधर, गोपालगंज में भी यही स्थिति दिख रही है। गोपालगंज में भी अब तक जदयू के नेता खुलकर राजद प्रत्याशी के समर्थन में नहीं उतरे हैं। ऐसे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच, हालांकि जदयू के एक नेता नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहते हैं, राजद को जब भी जरूरत होगी, जदयू के नेता चुनाव प्रचार में जाएंगे। उन्हें अब तक जरूरत महसूस नहीं हुई है। भाजपा ख्याली पुलाव पका रही है। इस उपचुनाव में दोनो सीटों पर महागठबंधन की जीत तय है। दोनों सीटों पर तीन नवंबर को मतदान होना है।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के कई हिस्सों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। यहां करीब 2 बजकर 52-53 मिनट पर महसूस भूंकप के झटके महसूस किए गये। पटना, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया सहित नेपाल से सटे कई जिलों में भी भूकम्प के झटके महसूस किये गये, वहीं यूपी के गोरखपुर सहित कई जिलों में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किया। भूकंप का झटका इतना हल्का था कि ज्यादातर लोगों को इसका अहसास भी नहीं हुआ। दोपहर 2 बजकर 52 मिनट और 44 सेकंड पर भूकंप का झटके आए थे जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 पाई गई है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल काठमांडू से 66 किलोमीटर पूर्व में था। यही वजह है कि पटना में हल्की जबकि नेपाल से सटे जिलों में थोड़ा तेज झटका महसूस किया गया है। वहीं पश्चिम चंपारण में दो बार लोगों ने भूकंप के झटके को महसूस किया। अभी तक कहीं से भी जान माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है, भूकंप का केंद्र नेपाल में काठमांडू के 66 किमी पूर्व में था। शॉकवेब काफी कम समय के लिए था। इसलिए किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। भूंकप आने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। बहुत देर बाद वापस घर लौटे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आईआरसीटी घोटाला मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की जमानत निरस्त करने की सीबीआई की मांग पर आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान यादव के वकीलों ने केंद्र सरकार पर विपक्ष के खिलाफ सीबीआई व ईडी का दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। सीबीआई ने भी अपना पक्ष रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने राजद नेता को फटकारते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने पाया कि जमानत निरस्त करने कोई खास आधार नहीं हैं। सीबीआई ने कहा कि तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों को धमकी दी थी। इस तरह उन्होंने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की, इसलिए उनकी जमानत निरस्त की जाये। सुनवाई के दौरान यादव के वकीलों ने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते केंद्र सरकार के गलत कार्यों का विरोध करना उनका फर्ज है। वहीं, केंद्र सरकार सीबीआई व ईडी का दुरुपयोग कर रही है। सभी विपक्षी दलों के सदस्य ऐसा मानते हैं। इसके पहले 28 सितंबर को कोर्ट ने तेजस्वी को सीबीआई की अर्जी का जवाब दाखिल करने के लिए मोहलत दी थी। इसके साथ ही 18 अक्तूबर को पेशी तय की थी। डिप्टी सीएम को कोर्ट ने फटकारते हुए यह कहा मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने बिहार के डिप्टी सीएम को फटकारते हुए कहा कि वे सार्वजनिक रूप से बोलते वक्त जिम्मेदाराना व्यवहार करें और उचित शब्दों का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में विस्तृत आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कहा कि जमानत निरस्त करने के कोई ठोस आधार नहीं पाये गये। अदालत ने तेजस्वी को चेतावनी दी कि वे शब्दों के चयन में और सावधानी बरतें। आईआरसीटीसी घोटाला 2004 में संप्रग सरकार में लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह आईआरसीटीसी को सौंप दिया था। इस दौरान झारखंड के रांची और ओडिशा के पुरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमिताएं किए जाने की बातें सामने आई थीं। ये टेंडर 2006 में एक प्राइवेट होटल सुजाता होटल को मिला था। आरोप है कि सुजाता होटल्स के मालिकों इसके बदले लालू यादव परिवार को पटना में तीन एकड़ जमीन दी, जो बेनामी संपत्ति थी। इस मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 11 लोग आरोपी हैं। बता दें कि सीबीआई ने जुलाई 2017 में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीबीआई की एक विशेष अदालत ने जुलाई 2018 में लालू प्रसाद और अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था।
टीम एबीएन, बिहार/ रांची। लालू प्रसाद यादव किडनी के इलाज के लिए मंगलवार की रात सिंगापुर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनकी सांसद बेटी मीसा भारती भी थीं। इसके अलावा उनके साथ सिंगापुर जाने वालों में विधान पार्षद सुनील सिंह, लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले सुभाष यादव और दो सेवक भी शामिल हैं। सिंगापुर पहुंचने पर लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्या ने उनका स्वागत किया। उन्होंने पैर छूकर अपने मां-पिता का आशीर्वाद लिया। रोहिणी एयरपोर्ट पर अपने पिता का इंतजार कर रही थीं। लालू यादव व्हीलचेयर पर बैठकर एयरपोर्ट से बाहर निकले, जहां उनकी बेटी ने पैर छूकर पिता का आशीर्वाद लिया। रोहिणी ने खुद यह वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, जिनका हौसला आसमान से ऊंचा है। मेरे पापा के जैसा दुनिया में न कोई दूजा है। इससे पहले तेजस्वी यादव ने बताया कि लालू प्रसाद को किडनी की समस्या है। दिल्ली के एम्स के डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक वे नियमित रूप से दवा ले रहे हैं, लेकिन सिंगापुर में किडनी की बीमारियों के इलाज का दुनिया में सबसे बेहतर इंतजाम है। लिहाजा हमने उन्हें वहां ले जाने का फैसला किया। वहां डॉक्टरों से उन्हें दिखाया जायेगा। फिलहाल डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह नहीं दी है, लेकिन सिंगापुर में डॉक्टर जो सलाह देंगे वैसा किया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जेपी की जयंती के नाम पर बिहार में सियासत जोरों पर है। अमित शाह 11 अक्टूबर को बिहार आने वाले हैं। अमित शाह के दौरे से पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री ने जेपी की जन्मभूमि को कई सौगातें दी। इसके बाद सीएम ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। जेपी की जन्मभूमि सिताब दियारा इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। वजह जेपी की जयंती और 11 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सिताब दियारा का दौरा है। गृह मंत्री के दौरे को लेकर बिहार में सियासी उमस काफी बढ़ी हुई है। यहां अमित शाह के दौरे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के ‘अपनी डफली-अपना राग’ वाली स्थिति है। अमित शाह के दौरे पर बिहार के सीएम से लेकर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के कई नेताओं ने निशाना साधा है। इन सब के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ को एक पत्र लिखा है। सीएम नीतीश के द्वारा यूपी के मुख्यमंत्री को लिखे गए इस पत्र के बाद बिहार में एक बार फिर से सियासी फिजा ने करवट बदली है। योगी आदित्यानाथ से पत्र लिखा : बता दें कि आज शुक्रवार को सीएम नीतीश कुमार ने अपने आवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सिताब दियारा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मृति भवन सह पुस्तकालय से मुख्य सड़क तक नव निर्मित सड़क का लोकार्पण किया। नीतीश कुमार ने सिताब दियारा को कई सौगातें देकर यह साफ कर दिया है कि उनके दिल में सिताब दियारा और जेपी के लिए कितना खास महत्व है। इसके बाद नीतीश कुमार ने जेपी की जन्मस्थली के विकास नामक गेंद को भाजपा के पाले में डाल दिया। दरअसल, सीएम नीतीश ने उतरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र लिखकर जेपी की जन्मस्थली जो यूपी की सीमा में आता है। उन इलाके का विकास कराने की गुजारिश की है। सीएम ने पत्र में इन मुद्दों को उठाया : बिहार के मुख्यमंत्री ने पत्र में जयप्रकाश नारायण जी की जन्मभूमि सिताब दियारा के उत्तर प्रदेश क्षेत्र के लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किये जाने का अनुरोध किया है। नीतीश कुमार ने पत्र में लिखा है कि लोकनायक जेपी जन्मभूमि सिताब दियारा ग्राम, जो बिहार एवं उत्तर प्रदेश की सीमा के पास गंगा एवं घाघरा नदी के संगम पर बिहार के सारण जिला में अवस्थित है। यहां बारिश के मौसम में गांव की भूमि के कटाव का खतरा बना रहता है। बीते कई सालों में यहां कटाव की स्थिति भी उत्पन्न हुई है। कटाव से निपटने के लिए बिहार की सीमा में घाघरा नदी पर रिंग बांध बनाया जा रहा है, जिसे बिहार की सीमा में पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन यूपी की सीमा में बांध निर्माण का कार्य लंबित है, जिसे बिहार की सीएम ने योगी आदित्यनाथ से पूरा कराने की गुजारिश की है। क्या है मामला : बता दें कि जेपी की जन्मभूमि सिताब दियारा में हर साल घाघरा नदी के चलते बाढ़ का प्रकोप झेलना पड़ता है। वर्ष 2017-18 में बिहार भू-भाग में लगभग 04 किमी एवं उत्तर प्रदेश के भू-भाग में लगभग 3.5 किमी की लंबाई में रिंग बांध तथा अन्य कटाव निरोधक कार्य प्रारंभ किया गया था। घाघरा नदी पर बिहार सरकार द्वारा रिंग बांध एवं अन्य बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों को तो पूरा कर लिया गया है। लेकिन यूपी की सीमा में यह कार्य लंबित है। जिसको लेकर सीएम नीतीश कुमार ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को एक पत्र लिखा है।
टीम एबीएन, पटना/रांची। पटना उच्च न्यायालय के मंगलवार के फैसले के बाद बिहार निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव को तत्काल स्थगित कर दिया है। उच्च न्यायालय ने स्थानीय नगर निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अति पिछड़ा वर्ग के लिए सीटों के आरक्षण को अवैध करार दिया है और कहा है कि ऐसी सीटें सामान्य श्रेणी के तौर पर माने जाने के बाद ही चुनाव कराए जायें। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने कोटा प्रणाली को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया कि ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य श्रेणी की सीटें मानते हुए फिर से अधिसूचना जारी कर चुनाव आयोजित किया जाए। अदालत का यह आदेश उस समय आया जब 10 अक्टूबर को पहले चरण के मतदान में एक हफ्ते से भी कम समय रह गया था। अदालत के इस आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को एक परिपत्र जारी कर कहा कि इस आदेश के आलोक में नगरपालिका आम निर्वाचन, 2022 की प्रक्रिया- तैयारी में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता है, उसके फलस्वरूप प्रथम चरण के 10 अक्टूबर एवं द्वितीय चरण के 20 अक्टूबर के मतदान को तत्काल स्थगित किया जाता है। उसने कहा कि मतदान की अगली तिथि के बारे में बाद में सूचना जारी की जायेगी। अदालत के इस आदेश के बाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और हाल में सत्ता से बाहर हुई भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर कहा, बिहार में चल रहे नगर निकायों के चुनाव में अतिपिछड़ा आरक्षण को रद्द करने एवं तत्काल चुनाव रोकने का उच्च न्यायालय का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा निर्णय केन्द्र सरकार और भाजपा की गहरी साजिश का परिणाम है। उन्होंने कहा, अगर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने समय पर जातीय जनगणना करवाकर आवश्यक संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर ली होती तो आज ऐसी स्थिति नहीं आती। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया, नीतीश कुमार की जिद का परिणाम है कि पटना उच्च न्यायालय को नगर निकाय चुनावों में आरक्षण रोकने का आदेश देना पड़ा। उच्चतम न्यायालय के ट्रिपल टेस्ट के निर्देश को नीतीश कुमार ने नकार दिया। तत्काल चुनाव रोका जाय। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना का नगर निकाय चुनाव से कोई सम्बन्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत का कहना था कि एक समर्पित आयोग बना कर उसकी अनुशंसा पर आरक्षण दें, पर नीतीश कुमार अपनी जिद पर अड़े थे तथा उन्होंने महाधिवक्ता और राज्य चुनाव आयोग की राय भी नहीं मानी। छुट्टी के दिन पारित किये गए 86 पन्नों के इस आदेश में राज्य निर्वाचन आयोग से एक स्वायत्त और स्वतंत्र निकाय के रूप में अपने कामकाज की समीक्षा करने के लिए कहा गया है, जो बिहार सरकार के निर्देशों से बाध्य नहीं है। ये चुनाव दो चरणों में 10 और 20 अक्टूबर को होने थे जिसके परिणाम क्रमशः 12 और 22 अक्टूबर को घोषित किए जाने थे।
टीम एबीएन, पटना/रांची। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन पर बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान पटना में गांधी जी की प्रतिमा और बापू कक्ष का उद्घाटन कृषि विभाग के सचिव एन सरवण कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आजकल लोग बोलते कुछ है और करते कुछ हैं। जबकि हमें वही करना चाहिए जो हम बोलते हैं। कथनी और करनी एक होनी चाहिए तभी समाज और देश की प्रगति होगी। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक आभांशु जैन, डॉ आदित्य प्रकाश, विजय कुमार, खादी ग्रामोद्योग के निदेशक डॉ हनीफ मेवाती आदि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में बिहार के प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने बापू का प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए जाने जे पीड़ पराई रे गाकर सुनाया। उन्होंने इस अवसर पर दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल, रघुपति राघव राजा राम, अमन की प्यासी इस धरती को दो बापू का अमर पैगाम सत्य अहिंसा के साए में पायेगी दुनिया आराम सहित दूसरे गीत भी प्रस्तुत किये।
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