एबीएन सेंट्रल डेस्क। बस नहीं मिलने पर अब यात्री बेबस नहीं होंगे। बस में सीट उपलब्धता की भी अब कोई चिंता नहीं होगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर विभिन्न रूटों पर तकरीबन 100 नई बसें चलाने जा रही है। जहां बिहार के विभिन्न जिलों के बीच 27 रूटों पर 62 बसें चलायी जायेगी। वहीं बिहार से झारखंड के बीच 15 रूटों पर 38 बसें चलाने की भी योजना है। इससे यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। यात्री बसों की संख्या बढ़ने से जहां एक तरफ आने जाने वालों को एक ही रूट पर ज्यादा बसों की सुविधा मिलेगी, वहीं सीट उपलब्धता से भीड़ की समस्या से भी लोगों को निजात मिलने की उम्मीद है। पीपीपी के अंतर्गत बिहार के विभिन्न शहरों के बीच 27 रूटों पर और बिहार से झारखंड के विभिन्न शहरों के बीच 15 रूटों पर बस चलाने के लिए बिहार स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोशन ने 30 नवंबर तक एजेंसियों से आवेदन मांगा है। आवेदन प्रक्रिया के बाद नियमानुसार एजेंसियों का चयन किया जायेगा। अधिकारियों के अनुसार अगले साल मार्च तक नई बसों का परिचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है। बिहार से झारखंड के विभिन्न शहरों के बीच चलने वाली बसों में गया से टाटा के लिए 4, गया से बोकारो के लिए 4, गया से रांची के लिए 2, गया से देवघर के लिए 2, गया से धनबाद के लिए 2, हजारीबाग से गया के लिए 2, पाली से रांची के लिए 2, नवादा से रांची के लिए 2, पटना से रांची के लिए 4, पटना से टाटा के लिए 4, पटना से देवघर के लिए 2, पटना से दुमका के लिए 2, पटना से हजारीबाग के लिए 2, बिहारशरीफ से बोकारो के लिए 2 और पटना से डालटेनगंज के लिए 2 बसें चलायी जायेगी।
टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार राजधानी पटना से आई है। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार की तबीयत खराब हो गई है। बीती रात हालत बिगड़ने पर उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। आज उन्हें हैदराबाद ले जाने की तैयारी चल रही है। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद ले जाने के लिए सलाह दी है। एयर एंबुलेंस के जरिए उन्हें आज हैदराबाद ले जाया जायेगा। उन्हें एक्सपर्ट डॉक्टरों की देखभाल में पटना से हैदराबाद ले जाया जायेगा। वहां उनका बेहतर इलाज कराया जायेगा। बताया जा रहा है कि नीरज कुमार के हार्टमें प्रॉब्लम आ रहा था। कुछ दिन पहले उन्हें पेसमेकर लगाया गया था। उसके बाद से वह लगातार इलाज में चल रहे थे। मंगलवार देर रात अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। जिसके बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री आवास में अपने परिवार के निकट सदस्यों के साथ अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया तथा राज्यवासियों की सुख शांति एवं समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। बता दें कि लोक आस्था के महापर्व छठ बिहार सहित देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। चार दिवसीय महापर्व का आज तीसरा दिन है। छठ को लेकर राजधानी पटना समेत पूरा बिहार भक्तिमय हो गया है और लोगों में उत्साह और रौनक देखने को मिल रही है।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार के औरंगाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जब रसोई गैस का सिलेंडर ब्लास्ट हो गया और इसमें 25 लोग झुलस गये। इतना ही नहीं, सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना पर पहुंची पुलिस की टीम के 7 जवान भी आग बुझाने के क्रम में झुलस गये। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गयी। सभी घायलों को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इनका इलाज चल रहा है। फिलहाल, घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। दरअसल, यह घटना औरंगाबाद के शाहगंज मुहल्ले की है, जहां अनिल गोस्वामी के घर महिलाएं छठ का प्रसाद बना रही थीं। तभी सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण घर में आग लग गयी। आग लगने की खबर मिलते ही आस-पड़ोस के लोग भी आग बुझाने पहुंच गये। इसी बीच सूचना पाकर नगर थाना की पुलिस की गश्ती टीम भी वहां पहुंच गई और पुलिस कर्मी आग बुझाने का प्रयास करने लगे। मगर इसी दौरान सिलिंडर ब्लास्ट कर गया, जिसकी चपेट में 7 पुलिस वाले समेत कुल लगभग 25 लोग आ गये और झुलस गये। फिलहाल घायलों का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, इनमें से 10 को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक, इन सबों का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है और सभी की स्थिति सामान्य है। वहीं जिला प्रशासन ने ऐसे मौकों पर लोगों से सावधान रहने की अपील की है और कहा है कि सावधानी से आगजनी के खतरों को टाला जा सकता है।
टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार राज्य का सबसे बड़ा महापर्व छठ पूजा के आने से पहले भक्तों के लिए एक बड़ी खबर है। दरअसल, छठ पूजा में घर जाने वाले लोग सुविधाजनक यात्रा कर सकें इसके लिए रेलवे ने 250 से अधिक ट्रेनें शुरू की हैं। जिसमें से त्योहार के दौरान अधिक सीट और बर्थ उपलब्ध कराने के लिए 56 नियमित रेलगाड़ियों में 165 अतिरिक्त डिब्बे जोड़े गये हैं। ये 165 अतिरिक्त डिब्बे 4700 अतिरिक्त फेरे लगाएंगे जिससे 3.5 लाख अतिरिक्त बर्थ/सीट उपलब्ध होंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छठ पूजा के लिए, हमने 250 से अधिक ट्रेनें शुरू की हैं। करीब 1.4 लाख बर्थ उपलब्ध कराये गये हैं और लोगों के लिए जो भी जरूरी होगा हम करेंगे। मैं सभी को छठ पूजा की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। इससे पहले रेलवे ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि छठ त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए 32 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं। इन्हें देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से गुजारा जा रहा है। स्पेशल ट्रेनों का मुख्य रूट दरभंगा, आजमगढ़, सहरसा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, फिरोजपुर, पटना, कटिहार और अमृतसर रखा गया है। छठ पूजा चार दिन लंबा त्योहार है। इस त्योहार का समापन नहाय-खाय के साथ होता है, जहां उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्तूबर से शुरू होकर जिसका समापन 31 अक्तूबर को होगा।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। पटना में डेंगू ने पूरी तरह से अपने पैर पसार लिए है। पटना में अब तक डेंगू का आंकड़ा 49 सौ के पार पहुंच गया है। पीएमसीएच, आइजीआइएमएस समेत अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना नये मरीज चिह्नित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में पीएमसीएच अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 6 मरीज नये पायव गये हैं। इनमें एक कर्मचारी व पांच अन्य मरीज शामिल हैं। इसके अलावा आइजीआइएमएस में 32 और एनएमसीएच में 42 व पीएचसी, प्राइवेट अस्पतालों में 11 समेत पटना जिले में 91 नये डेंगू के मरीज मिले हैं। इनमें 67 मरीज शहर और 24 मरीज ग्रामीण इलाकों के रहने वाले हैं। डेंगू के खतरे को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम द्वारा समय समय पर अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या में सबसे ज्यादा बच्चे और किशोर को चिह्नित किया जा रहा है। आइजीआइएमएस में 24 घंटे के अंदर चार बच्चों को डेंगू वार्ड भर्ती किया गया है। चारों बच्चे पीआइसीयू डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने अनुसार सभी चार बच्चों के अलावा तीन मरीज एचडीयू, चार प्राइवेट वार्ड व पांच प्राइवेट वार्ड में भर्ती हुए हैं। इसके अलवा पीएमसीएच में 35 मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश मरीज खतरे से बाहर हैं। सिविल सर्जन डॉ केके राय ने अनुसार बुद्धा कॉलोनी, फुलवारीशरीफ, वराजीव नगर, दानापुर, शास्त्रीनगर और कंकड़बाग आदि इलाकों से 12 बच्चे भी पॉजिटिव पाये गये हैं। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर, नेऊरा, पालीगंज, मसौढ़ी, पंडारक, खगौल आदि अलग-अलग इलाकों से मरीज मिले हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल आंकड़ा 4849 मरीज थे। साथ ही बता दें कि डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए शहर में नगर-निगम की ओर से डीडीटी के छिड़काव भी किये जा रहे हैं। साथ ही डेंगू प्रभावित इलाकों में दो राउंड फॉगिंग करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ फॉगिंग के भरोसे रहने पर डेंगू से छुटकारा नहीं मिल पायेगा। इससे बचने के लिए खुद से सावधान होने की जरूरत है। वहीं गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि फॉगिंग में एक लीटर पायरेथ्रियम और कुछ अन्य केमिकल मिलाये जाते हैं। पायरेथ्रियम सहित कुल छह तरह के केमिकल मिलाये जाते हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू से सुरक्षित रहने के लिए बचाव सबसे बेहतर उपाय हो सकता है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों को लेकर सड़क मार्ग से विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान जेपी गंगा पथ से होते हुए दीघा के पाटीपुल घाट, जेपी सेतु घाट, 93 घाट, 83 घाट, बालूपर घाट, कुर्जी घाट, एलसीटी घाट, पहलवान घाट, अंटा घाट और कलेक्ट्रेट घाट का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने दीघा के पाटीपुल घाट पर रुककर वहां की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री जेपी गंगा पथ पर रुककर 93 घाट और कलेक्ट्रेट घाट की स्थिति का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने घाटों की सफाई, सुरक्षा एवं स्वच्छता के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि छठ व्रतियों को अर्घ्य देने में कोई परेशानी न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करें। छठ व्रतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छठ घाटों के पास मजबूत बैरिकेडिंग करवाएं। घाटों पर साफ-सफाई एवं स्वच्छता की पूरी व्यवस्था रखें। घाटों के पहुंच पथ एवं गंगा नदी के किनारों की सड़कों के पास छठ व्रतियों के सुचारू आवागमन का प्रबंध करवायें। छठ व्रतियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें ताकि उन्हें अर्घ्य देने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। निरीक्षण के दौरान वित्त सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य मनीष कुमार वर्मा, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, पथ निर्माण सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राकेश राठी, जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, नगर आयुक्त अनिमेश पराशर और वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, बिहार/ पटना। यदि आप शराबबंदी वाले बिहार में आ रहे हैं या बिहार के रहनेवाले हैं, तो ये खबर आपको सावधान करने वाली है। बिहार में आप शराब पीते पकड़े जाते हैं तो आपके साथ-साथ परिवार को भी फजीहत झेलनी पड़ सकती है, क्योंकि शराबबंदी वाले बिहार में नयी कानून के तहत मद्य निषेध विभाग जुर्माना तो वसूल करेगी ही। साथ ही आपके घर के बाहर दरवाजे पर चेतावनी भरी की पोस्टर भी चिपकायेगी, जिसमें साफ-साफ शब्दों में लिखा होगा कि ह्यपहली बार शराब पीने के आरोप में पकड़े जाने के उपरांत जुमार्ना देकर रिहा हुए हैं। वहीं अगर आप दूसरी बार पीते हुए या पीए हुए पकड़े जाते हैं, तो आपको एक वर्ष की सजा हो सकती है। अत: भविष्य में आपको सचेत रहने की सख्त हिदायत दी जाती है। मद्य निषेध विभाग की ओर से आदेश जारी होने के बाद गोपालगंज में शराब पीने के आरोप में पकड़े गए लोगों के घर उत्पाद विभाग ने चेतावनी वाला पोस्टर चिपकाने का काम शुरू कर दिया है। गोपालगंज में विधानसभा का उपचुनाव है। चुनाव से पहले ही हजारों की संख्या में शराब पकड़े जा चुके हैं। पांच हजार रुपये जुर्माना देकर छोड़े गये हैं। उत्पाद विभाग के अनुसार अप्रैल 2022 से अबतक करीब 52 हजार शराबी पकड़े गये हैं, जिनके घरों पर चेतावनी वाला पोस्टर चिपाकने का अभियान शुरू किया गया है। गोपालगंज में शराब के नशे में पकड़े गये लोगों के घर के बाहर उत्पाद विभाग की टीम चेतावनी वाली पोस्टर चिपका रही है। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब चोरी-छिपे शराब पीने वाले सकते में हैं। शराब के साथ पकड़े जाने के बाद जुमार्ना देकर छूट जा रहे हैं, जिसकी जानकारी आस-पड़ोस और रिश्तेदारों तक नहीं पहुंचती, लेकिन जब उत्पाद टीम घर पहुंचकर पोस्टर चिपका रही है तो आस-पड़ोस के साथ दूर के रिश्तेदार भी जान जा रहे हैं, ऐसे में कई शराबी सकते में हैं। उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि वैसे लोग शराब के नशे में पहली बार पकड़ा रहे हैं, उन्हें कड़ी वॉर्निंग दी जा रही है कि दूसरी बार में आप बच नहीं पाएंगे। दोबारा शराब पीते या पीए हुए पकड़े जाने पर एक साल की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि अप्रैल-2022 के बाद जितने भी लोग शराब के नशे में पकड़े गये हैं, उनके दरवाजे पर चेतावनी की पोस्टर चिपकाया जा रहा है।
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