बिहार

View All
Published / 2022-11-19 18:07:21
पटना : छात्र संघ चुनाव में 54.53 प्रतिशत मतदान

टीम एबीएन, पटना/ रांची। पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए आज सुबह से हो रहा मतदान खत्म हो चुका है। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक हुए मतदान का प्रतिशत 54.53 रहा। मतदान शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, साइंस कॉलेज में राजद-जाप समर्थकों में मारपीट और पटना कॉलेज में गोली चलाने की घटना हुई लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। कुछ घंटे बाद ही पटना आर्ट्स कॉलेज में मतगणना की शुरूआत होगी। बताया जा रहा है कि आज देर रात तक चुनाव के परिणाम आयेंगे। 
 

पटना आर्ट कॉलेज के ऊपरी तल्ले पर मतगणना 
 

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव की मतगणना की तैयारी पटना आर्ट कॉलेज में है। यहां आर्ट कॉलेज के ऊपरी तल्ले पर काउंटिंग की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था ऊपरी तल पर इसलिए की गई है कि कोई उपद्रवी यहां किसी तरह का उत्पात नहीं मचा सकें। जिला प्रशासन और यूनिवर्सिटी के अफसरों के बैठने की व्यवस्था भी ऊपरी तल पर ही की गई है, जहां सभी बैलेट बॉक्स सुरक्षित भेजे गये है। मतगणना केंद्रों के आसपास विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 70 की संख्या में मजिस्ट्रेट, 50 की संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ 50 जवानों की तैनाती की जायेगी। 
 

पटना वीमेंस कॉलेज सबसे अधिक मतदाता 
 

इस बार के छात्र संघ चुनाव में सबसे ज्यादा मतदाता पटना वीमेंस कॉलेज से है। पटना वीमेंस कॉलेज में 5355, मगध महिला में 3488, बीएन कॉलेज में 3209 वोटर, पटना कॉलेज में 2452, पीजी सोशल साइंस में 2243, वाणिज्य महाविद्यालय में 2008, पटना साइंस कॉलेज में 1863, पीजी साइंस में 1288, मानविकी में 989 वोटर्स, पीजी कॉमर्स, एजुकेशन और लॉ में कुल 561 वोटर्स, पटना लॉ कॉलेज में 387, कॉलेज आॅफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स में 221, वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज में 199, पटना ट्रेनिंग कॉलेज में 192 मतदाता हैं। इसके साथ ही सभी कॉलेज को मिला कर इस बार के चुनाव में कुल 24395 वोटर्स हैं। 
 

अध्यक्ष पद के सात उम्मीदवार 
 

  1. आनंद मोहन 
  2. प्रगति राज 
  3. आदित्य रंजन 
  4. मानसी झा 
  5. दीपांकर प्रकाश 
  6. साकेत कुमार 
  7. शाश्वत शेखर

Published / 2022-11-18 20:32:39
दूसरे दिन भी राजद विधायक फतेह बहादुर के आवास पर आयकर की छापेमारी

टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार में रोहतास जिले के डेहरी विधान सभा से राजद विधायक फतेह बहादुर सिंह के डेहरी नगर थाना क्षेत्र के पाली रोड स्थित निजी आवास और होटल पर इनकम टैक्स विभाग की टीम ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी छापेमारी की।  
छापेमारी की वजह स्पष्ट नहीं हो पाया है। माना जा रहा है वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले को लेकर ये जांच चल रही है। क्योंकि, उनका पुराना व्यवसायिक इतिहास रहा है। हालांकि, विधायक यहां से बाहर हैं। उनसे संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन नहीं हो सका।  
छापेमारी में शामिल आईटी विभाग से जुड़े अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कार्य पूर्ण होने पर मीडिया को जानकारी दी जायेगी। होटल परिसर व आवास में कागजात खंगाला जा रहा है। इनकम टैक्स के तमाम अधिकारी छापेमारी में शामिल हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद है।

Published / 2022-11-15 18:39:53
बिहार में स्टार्टअप के लिए इकोसिस्टम तैयार : विकास आयुक्त

स्टार्टअप को पोडियम फिनिश तक ले चलें 
स्टार्टअप कंपनियों की होगी हैंड होल्डिंग 

टीम एबीएन, पटना/ रांची। बिहार स्टार्टअप नीति के तहत नवचयनित  लाभुकों के लिए सीडफंड और प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन पटना के अधिवेशन भवन में किया गया। इसमें 31 लाभुकों को लगभग 1.86 करोड़ रुपए की राशि सीड फंड के रूप में उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में बिहार के विकास आयुक्त और बिहार स्टार्टअप फंड के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने सभी लाभुकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया, जबकि लाभ की राशि सीधे लाभुकों के खाते में हस्तांतरित की गई।  
उपस्थित नवचयनित स्टार्टअप इकाइयों के प्रबंधकों को संबोधित करते हुए विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में हम स्टार्टअप के लिए विशेष सुविधा युक्त इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप कंपनियों की हैंडहोल्डिंग लगातार की जाएगी और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी मार्केटिंग टैक्स एवं कंपनी मामलों में आवश्यकतानुसार सहायता एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा। स्टार्टअप उद्यमियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि तीन चरणों की प्रक्रिया से गुजरने के बाद आप सब का चयन हुआ है, जो यह साबित करता है कि आप बेस्ट हैं। आप में और अधिक बढ़िया करने की संभावना है। आप सब में उड़ान भरने की क्षमता है। सरकार आप लोगों को फैसिलिटी दे रही है। उड़ने के लिए ईंधन प्रदान कर रही है, लेकिन उड़ान आपको स्वयं भरना है।  
उन्होंने कहा कि आलोचनाओं की परवाह नहीं करनी है। कमेंटेटर बनना आसान है, लेकिन बेहतर ढंग से कार्य निष्पादित करना चुनौतीपूर्ण होता है। स्टार्टअप इकाइयों को लीक से हटकर चलना है अपने लिए नई राह बनानी है। नए आइडिया पर काम करते हुए लगातार इंप्रूव करते जाना है। जिन इकाइयों को आज सहायता दी गई है। उन्होंने प्रथम चरण की बढ़त बना ली है, लेकिन आगे मार्केट में काफी कंपटीशन होने वाला है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग और स्टार्टअप मिलकर काम करें और बिहार का नाम रोशन करें। सभी नए उद्यमी अच्छी शुरूआत कर चुके हैं, लेकिन लक्ष्य रखें कि पोडियम फिनिश तक जाना है। जीतने के लिए जूझना है, जीतने के लिए लगातार प्रयास करना है। बाकियों से हमेशा दो कदम आगे रहना है।  
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने जानकारी दी कि पटना में मौर्य कंपलेक्स तथा फ्रेजर रोड में स्टार्टअप के लिए को वर्किंग स्पेस विकसित किया जा रहा है। यह दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा और जनवरी माह से उसका आवंटन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इससे नए स्टार्टअप की हैंडहोल्डिंग सरलता से हो जायेगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रेरित करने हेतु राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम कराए जाएंगे और सभी को स्टार्टअप की बारीकियों से अवगत कराया जायेगा।  
संदीप पौण्डरीक ने कहा कि स्टार्टअप और पारंपरिक व्यवसाय में फर्क होता है। स्टार्टअप में इनोवेशन और रिस्क का फैक्टर होता है। स्टार्टअप नई लीक पर चलने का नाम है। उन्होंने कहा कि जिन स्टार्टअप को सी फंड और प्रमाण पत्र मिल रहा है, उनके लिए यह पहला कदम है। उन्हें अपनी संस्था को यूनिकॉर्न बनाना है। संदीप पौण्डरीक ने कहा कि जिंदगी में आसानी से कुछ नहीं मिलता है, लेकिन जो लोग धैर्य रखते हुए कड़ी मेहनत करते हैं, सफलता उनसे दूर भी नहीं रह पाती। उन्होंने कहा कि बिहार में उबेर और जोमैटो जैसी स्टार्टअप कंपनी बननी चाहिए। 
कार्यक्रम में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ राणा सिंह सहित अनेक स्टार्टअप कंपनियों ने भाग लिया। धजक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड की रश्मि, मिथिंगा वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की मोनालिसा, एग्रिक्स एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड के डॉ नीलय पांडे ने अपने स्टार्टअप अनुभवों को साझा किया। तकनीकी सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट हर्ष भगत ने किसी भी नई कंपनी को प्रारंभ करने से संबंधित विधि और वित्तीय मामलों की जानकारी दी।

Published / 2022-11-15 08:07:10
बिहार : उद्योग विभाग की कार्यशाला में मजदूर से मालिक बनने पर जोर

आत्मनिर्भर बिहार की ओर हमें बढ़ना है : समीर महासेठ

बिक्री से विनिर्माण की ओर बढ़ेगा बिहार : उद्योग मंत्री

टीम एबीएन, पटना। बिहार के लोग मजदूर से मालिक बनने की राह पर हैं। वह रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहते हैं। खुद का उद्योग लगाकर उद्योगपति बनना चाहते हैं। ऐसे लोगों की हमें मदद करनी है। ऐसे लोग ही बिहार को उपभोक्ता राज्य से उत्पादक राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। 

पटना के अधिवेशन भवन में राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों के लिए आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि यदि आप किसी एक व्यक्ति को उद्योग स्थापित करने में मदद करते हैं, तो उसकी एक पीढ़ी नहीं बल्कि कई-कई पीढ़ियां  आपको याद करेंगी। जिलों में जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त नये उद्यमियों को मोटिवेट करें और उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए आगे आयें। नये उद्यमियों को बिहार में बैंकों से ऋण लेने में भी परेशानी होती है। बैंकों की नियमित मॉनिटरिंग करें। बिहार के पास बड़ा लैंड बैंक है। बिहार के पास स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर का बड़ा फोर्स है। बिहार में बड़ा बाजार है, भरपूर पानी है। उद्योग लगाने के लिए यह सब महत्वपूर्ण कारक हैं। हमें आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर बिहार भी बनाना है। लोगों की सोच बदलनी है। सोच बदलेगी तो युगांतकारी बदलाव आयेगा। रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।

उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार के सभी इंडस्ट्रियल एरिया का विकास किया जायेगा। उद्योग लगाने के लिए 9 जिलों में प्लग एंड प्ले फैसिलिटी विकसित की गई है। इंडस्ट्रियल शेड तैयार हैं, बिहार तैयार है। उद्योग लगाने के लिए इंडस्ट्रियल शेड में बहुत कम मासिक दर पर उद्यमियों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन बियाडा के वेबसाइट पर देना है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग की योजनाओं के संबंध में युवाओं को पूरी जानकारी उपलब्ध करायें। बिहार में उद्योग के क्षेत्र में सफलता की अनेक कहानियां हैं जिनसे प्रेरणा लेकर युवा उद्योग लगाने के लिए आकर्षित होंगे। 

जिलों में उप विकास आयुक्तों को ऋण वितरण के साथ-साथ नये उद्योग लगाने पर भी फोकस करना है। उन्होंने कहा कि बिहार को बिक्री वाले राज्य से विनिर्माण वाले राज्य के रूप में आगे बढ़ाना है। कार्यशाला में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक आलोक कुमार तथा विशेष सचिव दिलीप कुमार ने भी उद्योग विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

मोतिहारी के जिलाधिकारी शीर्षथ कपिल अशोक, जहानाबाद के जिलाधिकारी रिची पांडे, बांका के जिलाधिकारी अंशुल कुमार और वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने अपने-अपने जिलों में चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और सक्सेस मॉडल प्रस्तुत किये। यशपाल मीणा ने वैशाली जिले में केला फाइबर उद्योग लगाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

निदेशक संजीव कुमार ने कार्यशाला में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2022-23 के लाभुकों के चयन हेतु प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए इसके लिए आवेदन 1 दिसंबर से आमंत्रित किये जायेंगे। इस योजना के तहत 8000 लाभुकों का चयन किया जायेगा। कार्यशाला में उद्योग विभाग की पत्रिका उद्योग संवाद के नये अंक का विमोचन उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने किया।

Published / 2022-11-11 22:44:10
भारत-पाक बंटवारा के खिलाफ थे मौलाना अबुल कलाम : नीतीश कुमार

टीम एबीएन, पटना/ रांची। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर आयोजित शिक्षा दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के दौरान मौलाना अबुल कलाम आजाद की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। समाज में आपसी एकता को बनाए रखने में उनका योगदान था। वे हिंदुस्तान और पाकिस्तान बंटवारा के खिलाफ थे। सीएम ने कहा कि उस समय जो माहौल पैदा हो रहा था उसमें वे हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए काम करते रहे। गांधी भी हिन्दु-मुस्लिम एकता के लिए काम कर रहे थे लेकिन उनकी हत्या कर दी गई। देश की आजादी के बाद जब सरकार बनी तो मौलाना अबुल कलाम आजाद को देश का प्रथम शिक्षा मंत्री बनाया गया। शिक्षा के क्षेत्र में जितना काम हुआ है सब उन्हीं की देन है। देश को एकजुट करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास के लिए कई कदम उठाए गये। शिक्षकों की बहाली की गयी, नये-नये संस्थानों की स्थापना की गयी। कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाये गये। मुझे प्रसन्नता हो रही है कि आज यहां इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लड़कियां मौजूद हैं। पोशाक योजना, साईकिल योजना की शुरूआत कर लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाने लगीं और आज लड़कों के बराबर लड़कियां मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रही हैं। सीएम ने कहा कि सरकार में आने के बाद जब हमने अध्ययन कराया तो पता चला कि साढ़े 12 प्रतिशत बच्चे और बच्चियां स्कूल नहीं जाते हैं। मुस्लिम समुदाय और महादलित समुदाय के बच्चे इसमें सबसे ज्यादा थे, उसके बाद इनके लिए पढ़ने का इंतजाम हम लोगों ने कराया। अब 0.5 प्रतिशत से भी कम बच्चे-बच्चियां स्कूल से बाहर हैं लेकिन हमारा लक्ष्य है कि सभी पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सर्वे से जानकारी मिली कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश का प्रजनन दर 2 और बिहार का प्रजनन दर भी 2 है लेकिन पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर पास है तो देश का प्रजनन दर 1.7 और बिहार का 1.6 है। वर्ष 2011-12 में बिहार का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर आज 2.9 पर आ गया है। लड़कियां पढ़ेंगी तो राज्य का प्रजनन दर 2.9 से घटकर 2 पर आ जायेगा। लड़कियों को शिक्षित करने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अन्तर्गत जन्म से स्नातक तक हर लड़की को पढ़ने के लिए 54 हजार 100 रुपये दिया जाता था लेकिन उसको बढ़ाकर 94 हजार 100 रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम तो एक पिछड़ा राज्य हैं लेकिन राज्य में विकास के कई काम किए जा रहे हैं। हर घर तक पक्की गली नाली का निर्माण, शौचालय का निर्माण, हर घर नल का जल पहुंचाने का काम किया गया। हम आप शिक्षकों से कहेंगे कि आप लोग स्कूल जायें और बच्चों को ठीक से पढ़ायें। जो शिक्षक स्कूल में नहीं पढ़ाते हैं उन पर कार्रवाई करें। अभी सबसे अधिक खर्च शिक्षा पर किया जा रहा है। बजट का 21 प्रतिशत तक पढ़ाई पर खर्च हो रहा है। हमलोग 25 प्रतिशत तक शिक्षा पर खर्च करेंगे। हम लोगों ने लड़कियों के पढ़ने के लिए पूरी व्यवस्था कर दी है। इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्रों में लड़कियों के लिये एक तिहाई सीट आरक्षित कर दिया गया है। लड़कियां पढ़ेंगी तो प्रजनन दर कम होगा और अपने बच्चों को भी शिक्षित कर पायेंगी। स्कूलों में तीन से आठ वर्ग के बच्चों के लिये ‘बापू की पाती’ तथा 9 से 12 वर्ग के बच्चों के लिए ‘एक था मोहन’ पुस्तक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है ताकि बापू के बारे में बच्चे-बच्चियां ठीक से जान सकें। जिस प्रकार बापू के बारे में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है उसी प्रकार उसी प्रकार मौलाना आजाद की कहानी भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। कभी-कभी देश में लोग झगड़ा पैदा करना चाहते हैं। जब आप बापू और मौलाना आजाद के बारे में लोग जानेंगे तो आपस में प्रेम और भाईचारे का माहौल रहेगा। उन्होंने कहा कि सब चीज लोग भूलते जा रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी सभी चीजों की जानकारी नई पीढ़ी को मिले। नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी बिहार में किये गये कामों को लोग जानेंगे, आजादी की बातों को भी लोग जानेंगे। सबको एक दूसरे के साथ मिलकर चलना चाहिए। आपस में मिल्लत के साथ रहना चाहिए। आपस में प्रेम और भाईचारे का भाव रखें। कार्यक्रम की शुरुआत के पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

Published / 2022-11-11 22:42:37
मिथिला अलग राज्य की मांग : चार दिसंबर को राजभवन मार्च

टीम एबीएन, पटना/ रांची। मिथिला स्टूडेंट यूनियन के मिथिला वादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरत झा का अभिनंदन समारोह किया गया। जहां प्रदेश अध्यक्ष व जिप सदस्य अमित ठाकुर, जिप सदस्य सागर नवदिया, धीरज कुमार झा, मिथिलावादी नेता विद्या भूषण राय, संरक्षक संतोष मिश्रा, शिवेंद्र वत्स उपस्थित थे। बैठक को संबोधित कर नेताओं ने कहा कि 04 दिसंबर को मिथिला राज्य के मुद्दे को लेकर गांधी मैदान से राज्यभवन तक मार्च किया जायेगा। इसी संदर्भ में 15 नवम्बर से 25 नवम्बर तक 10 लाख मैथिलों के बीच व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर चलाकर समर्थन जुटायेगी। ई शरत झा ने कहा कि भौगौलिक, आर्थिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से मिथिला के पास एक राज्य की सारी योग्यताएं हैं। दुर्भाग्य की बात है कि भारत की स्वतंत्रता के समय ही इसे राज्य का दर्जा प्रदान नहीं किया गया। परिणाम स्वरूप स्वतंत्रता के पूर्व तथा बाद से कुछ वर्षों में जो इसका आर्थिक ढांचा था धीरे-धीरे वह भी नष्ट हो गया। वहीं शोषण तथा उपेक्षा इतनी बढ़ती गई कि सारे उद्योग धंधे समाप्त हो गए तथा उससे सम्बंधित कृषि का विनाश होता गया। प्रतिवर्ष बाढ़ एवं अकाल के तांडव तथा राजनेताओं के खोखले आश्वासन, छलावा एवं शोषण यहां की नियति बन गई। अत: अगर शोषण तथा विकास को आधार मानकर राज्यो का निर्माण होता रहा है तो भी मिथिला राज्य का निर्माण परमावश्यक एवं समयानुकूल है। राज्य स्थापना के बाद ही इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की बात सोची जा सकती है। कृषि, उद्योग-धंधा, पर्यटन शिक्षा एवं संस्कृति के विकास से ही इस क्षेत्र की दुर्दशा तथा बेरोजगारी का अंत हो सकता है तथा लोगों को पलायन रुक सकता है। भाषा, लिपि, क्षेत्र, जनसंख्या और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के मानक पर खरा उतरते हुए मिथिला पूर्ण राज्य बनने का अधिकार रखता है। मिथिला के सर्वांगीण उन्नयन एवं अभ्युत्थान के लिए एक मात्र विकल्प मिथिला राज्य है। बैठक में संगठन के समर्थित मेयर उम्मीदवार अभिषेक वर्मा ने कहा एक समय ऐसा था जब मिथिला में अन्य प्रदेश के लोग रोजगार हेतु आते थे। आज मिथिला के लोग रोजागर के लिये अन्य प्रदेशो मे पलायन कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में पटना में 55 ओवरब्रिज बना हैं, लेकिन उत्तर बिहार मिथिला क्षेत्र की दशा और दिशा हैं किसी से छुपा नही हैं। एक ओवरब्रिज के लिये सहरसा तरस रहा हैं। इन्हीं सब मुद्दे के साथ ये मगहिया नीति के खिलाप 4 दिसंबर को हजारों की संख्या में पटना राज्य भवन की ओर कुच किया जायेगा। कार्यक्रम में उपस्थित संगठन के पूर्व प्रदेश सचिव कौशल क्रांतिकारी, अभिभावक के रूप में रवि वर्मा, भगवान रॉय, सचिव रतन मिश्रा, विद्यापति रॉय, कुंदन सिंह, रमेश पासवान, राजन यादव, मोहम्मद असलम, टिंकु मैथिल, विकास झा, अनुज एवं अन्य मौजूद थे।

Published / 2022-11-11 10:44:31
आत्मनिर्भर बिहार की ओर हमें बढ़ना है : समीर महासेठ

टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार के लोग मजदूर से मालिक बनने की राह पर हैं। वह रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहते हैं। खुद का उद्योग लगाकर उद्योगपति बनना चाहते हैं। ऐसे लोगों की हमें मदद करनी है। ऐसे लोग ही बिहार को उपभोक्ता राज्य से उत्पादक राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। पटना के अधिवेशन भवन में राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों के लिए आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि यदि आप किसी एक व्यक्ति को उद्योग स्थापित करने में मदद करते हैं तो उसकी एक पीढ़ी नहीं बल्कि कई-कई पीढ़ियां आपको याद करेंगी। जिलों में जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त नये उद्यमियों को मोटिवेट करें और उनकी दिक्कतों को दूर करने के लिए आगे आयें। नये उद्यमियों को बिहार में बैंकों से ऋण लेने में भी परेशानी होती है। बैंकों की नियमित मॉनिटरिंग करें। बिहार के पास बड़ा लैंड बैंक है। बिहार के पास स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर का बड़ा फोर्स है। बिहार में बड़ा बाजार है, भरपूर पानी है। उद्योग लगाने के लिए यह सब महत्वपूर्ण कारक हैं। हमें आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर बिहार भी बनाना है। लोगों की सोच बदलनी है। सोच बदलेगी तो युगांतकारी बदलाव आयेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार के सभी इंडस्ट्रियल एरिया का विकास किया जायेगा। उद्योग लगाने के लिए 9 जिलों में प्लग एंड प्ले फैसिलिटी विकसित की गई है। इंडस्ट्रियल शेड तैयार हैं, बिहार तैयार है। उद्योग लगाने के लिए इंडस्ट्रियल शेड में बहुत कम मासिक दर पर उद्यमियों को उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन बियाडा के वेबसाइट पर देना है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग की योजनाओं के संबंध में युवाओं को पूरी जानकारी उपलब्ध करायें। बिहार में उद्योग के क्षेत्र में सफलता की अनेक कहानियां हैं जिनसे प्रेरणा लेकर युवा उद्योग लगाने के लिए आकर्षित होंगे। जिलों में उप विकास आयुक्तों को ऋण वितरण के साथ-साथ नए उद्योग लगाने पर भी फोकस करना है। उन्होंने कहा कि बिहार को बिक्री वाले राज्य से विनिर्माण वाले राज्य के रूप में आगे बढ़ाना है। कार्यशाला में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक संजीव कुमार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक आलोक कुमार तथा विशेष सचिव दिलीप कुमार ने भी उद्योग विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मोतिहारी के जिलाधिकारी शीर्षथ कपिल अशोक, जहानाबाद के जिलाधिकारी रिची पांडे, बांका के जिलाधिकारी अंशुल कुमार और वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने अपने-अपने जिलों में चलायी जा रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और सक्सेस मॉडल प्रस्तुत किये। यशपाल मीणा ने वैशाली जिले में केला फाइबर उद्योग लगाने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। निदेशक संजीव कुमार ने कार्यशाला में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वर्ष 2022-23 के लाभुकों के चयन हेतु प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए इसके लिए आवेदन 1 दिसंबर से आमंत्रित किये जायेंगे। इस योजना के तहत 8000 लाभुकों का चयन किया जायेगा। कार्यशाला में उद्योग विभाग की पत्रिका उद्योग संवाद के नये अंक का विमोचन उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने किया।

Published / 2022-11-10 10:33:08
बिहार : नवादा में एक ही परिवार के पांच लोगों ने खाया जहर, मौत

टीम एबीएन, पटना/ रांची। नवादा शहर के गढ़पर मुहल्ले में बीती देर रात एक ही परिवार के 6 लोगों ने सल्फास की गोली खा ली। इनमें से पांच की मौत हो गई, वहीं एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में केदारनाथ प्रसाद गुप्ता, पत्नी अनिता गुप्ता, बेटी सोनक्षी कुमारी, बेटा ध्रुव कुमार की मौत हो गई। इसके अलावा एक मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं, बेटी साक्षी कुमारी की हालात गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मृतक काफी कर्ज में डूबे हुए थे। जिसे परेशान होकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। इस मामले में पुलिस भी अभी कुछ नहीं बता रही है। सदर अस्पताल नवादा के उपाधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है। उपाधीक्षक अजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि बीती देर रात चार सस्पेक्टेड जहर के मामले का केस हमारे पास आया था। जिसमें से एक बच्चा ध्रुव कुमार की मौत इलाज के दौरान हो गई। तीन को हमने पावापुरी अस्पताल रेफर किया था, जिसकी वहां मौत हो गई। जबकि एक बच्ची साक्षी कुमारी को उन्होंने लेने से मना कर दिया जिसका इलाज यहां चल रहा है और वह भी गंभीर है। उन्होंने बताया कि अभी तक कुल पांच लोगों की जहर खाने से मौत हो चुकी है। ये परिवार रजौली के अम्मा गांव के रहने वाले हैं, जो लंबे समय से नवादा में किराए के मकान में रह रहे थे। नवादा में इनका व्यापार था। इन्होंने पास में रहने वाले किसी व्यक्ति से कर्ज लिया था, जिसे ये लोग चुका नहीं पा रहे थे।

Page 43 of 61

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse