टीम एबीएन, पटना/ रांची। उपभोक्ताओं को खादी वस्त्र किफायती दर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के खादी मॉल में वस्त्रों पर 1 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच 50% तक की छूट देने का फैसला लिया गया है। खादी मॉल में अपने सामान की आपूर्ति करने वाली विभिन्न खादी संस्थाओं की सहमति से छूट की यह योजना लागू की गई है। जो संस्थाएं इस योजना के तहत भाग ले रही हैं उनमें आशिक शिक्षित बेरोजगार विकास संघ, भागलपुर सिल्क खादी समिति, भागलपुर ग्रामोद्योग सहयोग समिति, चंपापुरी रेशम बुनकर समिति, ग्राम भारतीय सर्वोदय आश्रम, हबीबुल्लाह ग्रामीण विकास खादी और ग्रामोद्योग, कुलसुम मेमोरियल महिला विकास संस्थान, लक्ष्मी नगर ग्राम उद्योग मकरंदा भंडारी ग्राम उद्योग समिति, महिला खादी ग्रामोद्योग, बुनकर आश्रम, मिथिलांचल खादी ग्रामोद्योग विकास संघ, मोकामा ग्राम स्वराज समिति, नाथनगर ग्राम उद्योग सहयोग समिति लिमिटेड, निशा ग्रामीण विकास संस्थान, रमा खादी ग्रामोद्योग संस्थान, रजिक खादी ग्रामोद्योग संघ, रेशम बुनकर खादी ग्रामोद्योग संघ, सादिक ग्रामीण विकास संस्थान, शांडिल्य खादी ग्राम उद्योग आश्रम, उग्र नारायण खादी ग्राम उद्योग आश्रम, विकास समिति जमुई, कुशग्राम खादी ग्राम उद्योग लिमिटेड, मधुबनी खादी ग्रामोद्योग संस्थान, तसर खादी बीबर्स समिति आदि शामिल हैं।
बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़ी संस्थाओं का निर्णय काफी सराहनीय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि खादी को अपनाएं। खादी, हैंडलूम, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग के माध्यम से ही बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ये सभी श्रम आधारित औद्योगिक उत्पादन हैं और यहां रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि बिहार में खादी को लोकप्रिय बनाने के लिए अनेक प्रयास चालू किए गए हैं। कुछ दिन पहले युवा लोक गायिका मैथिली ठाकुर को बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था और अब उपभोक्ताओं को खादी से जोड़ने के लिए उन्हें रियायती दर पर खादी और खादी से बने उत्पादों पर 50% की छूट दी जा रही है।
खादी मॉल में पहले भी गांधी जयंती तथा राष्ट्रीय त्योहारों के अवसर पर 30% तक की छूट दी जाती रही है लेकिन यह पहली बार होगा जब खादी मॉल में खादी वस्त्रों पर 50% की छूट दी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इससे खादी के प्रशंसकों और युवाओं को खादी से जुड़ाव बढ़ेगा। खादी के कपड़ों की बिक्री बढ़ने से प्रदेश के बुनकर और कातिन भी लाभान्वित होंगे।
टीम एबीएन, पटना/ मुजफ्फरपुर। बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना के जैतपुर ओपी क्षेत्र के गोपीघनवत गांव में बुधवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया जब एक घर में अधेर दंपत्ति की लोगों ने डेड बॉडी देखी। देखते ही देखते पूरे गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे और भारी भीड़ इकट्ठा हो गयी।
स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई ।जिसके बाद मौके पर पहुंची जैतपुर ओपी पुलिस ने डेड बॉडी को कब्जे में ले लिया। दंपत्ति की निर्मम हत्या एक ही घर में एक साथ हुई है। हत्या के साथ कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि कलयुगी बेटे ने ही की है मां-बाप की हत्या की है। हमेशा झगड़ा लड़ाई होते रहता था मुजफ्फरपुर में आरोपित बेटा सरोज काम धाम करता था। जब भी घर आता था तो मां बाप से मारपीट झगड़ा लड़ाई करता था। वही हत्या कर भाग गया।
दूसरी ओर, पूछे जाने पर जैतपुर ओपी थानाध्यक्ष सब इंस्पेक्टर संजय स्वरूप ने कहा कि अधेड़ दंपति की हत्या की गई है। घर में ही डेड बॉडी को मिली है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसके बेटे नहीं हत्या कर दी है। जांच पड़ताल की जा रही है ।मृतक का बेटा फरार है जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल, डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मृतक दम्पति गोपी धनवत गांव के जय मंगल ओझा और उनकी पत्नी उर्मिला देवी है।
टीम एबीएन, पटना/मधुबनी। प्रसिद्ध लोक गायिका और मिथिला की बेटी मैथिली ठाकुर ने बिहार राज्य खादी, हस्तशिल्प और हैंडलूम का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने के बाद उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने मैथिली ठाकुर को बधाई देते हुए कहा कि मैथिली ठाकुर के ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने से नई पीढ़ी के लोगों को खादी और बिहार की हस्तकला से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने मैथिली ठाकुर को संगीत नाटक अकादमी का बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार प्राप्त होने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि खादी एक परिधान ही नहीं बल्कि विचार है। देश की आजादी के मूल्य खादी से जुड़े हुए हैं। खादी से हमें ताकत मिलती है जबकि बिहार के हैंडलूम और हस्तशिल्प से हमें विशेष पहचान मिलती है। मैथिली ठाकुर ने उद्योग विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि युवाओं को बिहार के हस्तशिल्प और हैंडलूम तथा खादी से जोड़ने के लिए वह पूरी मेहनत करेंगी। मैथिली ठाकुर के साथ रमेश ठाकुर और शिवम ठाकुर ने भी उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ से मुलाकात की।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी का 23वां स्थापना दिवस समारोह पटना के रविंद्र भवन में धूमधाम से मनाया गया। जिसमें उपस्थित पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के संस्थापक पद्म भूषण दिवंगत रामविलास पासवान को याद कर नमन किया। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती पर बल दिया। साथ ही कार्यकर्ता अभियान चलाकर लोगों को पार्टी से जोड़ने का निर्णय लिया गया। मौके पर झारखंड से दलित सेना की प्रदेश अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) इंद्रा कुमारी, दलित सेना प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश पासवान, राष्ट्रीय महासचिव छत्तीसगढ़ प्रभारी विकास रंजन, प्रदेश अध्यक्ष लोजपा राजकुमार राज, प्रदेश महासचिव हेमंत श्रीवास्तव, गिरधारी झा, ऋतुराज व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर को उद्योग विभाग की ओर से बिहार के खादी,हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौण्डरीक ने लोक गायिका मैथिली ठाकुर को बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का ब्रांड एंबेसडर बनने पर बधाई दी है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के परिसर में आयोजित सादे समारोह में बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार और उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने मैथिली ठाकुर को ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने संबंधी प्रपत्र सौंपा।
मौके पर बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि देश के इतिहास और हमारी परंपरा का महत्वपूर्ण पहलू खादी है। खादी को युवाओं से जोड़ने के लिए बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा कई नई योजनाएं बनाई जा रही हैं। मैथिली ठाकुर को बिहार के खादी हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने से युवाओं का रुझान बिहार के वस्त्रों और बिहार के हस्तशिल्प के संबंध में बढ़ेगा। इससे प्रदेश की संस्कृति का प्रचार-प्रसार तो होगा ही, खादी हस्तशिल्प और हथकरघा के क्षेत्र में सक्रिय लाखों बुनकरों, कारीगरों और कातिनों को भी लाभ मिलेगा। हथकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि हथकरघा और हस्तशिल्प के विकास में मार्केटिंग की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। मैथिली ठाकुर के ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने से युवाओं का रुझान बिहार के उत्पादों के प्रति बढ़ेगा जिससे सब को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि ब्रांड एंबेसडर के रूप में मैथिली ठाकुर नियमित तौर पर खादी मॉल बिहार एंपोरियम हैंडलूम हाट तथा उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान का भ्रमण करेंगी। नई दिल्ली स्थित बिहार अंबापाली इंपोरियम का भ्रमण करके सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से बिहार के खादी, हस्तशिल्प और हैंडलूम उत्पादों का प्रचार-प्रसार करेंगी।
बढ़ गयी जिम्मेदारी : मैथिली ठाकुर
बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का ब्रांड एंबेसडर बनने के बाद मैथिली ठाकुर ने कहा कि यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे बिहार की संस्थाओं के लिए काम करने का मौका मिला है। बिहार के उत्पादों का प्रचार मैं पहले भी करती रही हूं। आगे भी करती रहूंगी। लेकिन आॅफिशियल ब्रांड एंबेसडर बनने से मेरी जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। मेरी कोशिश होगी कि मैं युवाओं को बिहार के खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प से जोड़ूँ। खादी मॉल के प्रोडक्ट काफी बेहतर हैं। हैंडलूम हाट और बिहार एंपोरियम में भी अच्छे-अच्छे हस्तशिल्प और हैंडलूम के प्रोडक्ट मौजूद हैं। मैं खुद भी यहां के प्रोडक्ट खरीदूँगी। और इन अच्छे प्रोडक्ट के बारे में युवाओं को जानकारी दूंगी और उनसे भी अपील करूंगी कि वह भी बिहार के प्रोडक्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।खादी मॉल में भ्रमण करते हुए मैथिली ठाकुर ने वहां उपस्थित लोगों को वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीड़ पराई जाने रे गीत गाकर सुनाया। उन्होंने खादी मॉल में गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान अद्वितीय
बिहार खादी हैंडलूम और हस्तशिल्प का ब्रांड एंबेसडर बनने के बाद मैथिली ठाकुर उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में गई जहां उनका स्वागत है संस्थान के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने किया। संस्थान में भ्रमण करने के बाद उन्होंने कहा कि उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान अद्वितीय है जहां कलाकारों को 17 विधाओं में नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका संग्रहालय भी काफी बेहतर है। सभी को नियमित अंतराल पर उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान का भ्रमण करना चाहिए। बिहार की कला और संस्कृति काफी समृद्ध है। युवाओं को अपनी संस्कृति और सभ्यता से जुड़े रहना जरूरी है।
टीम एबीएन, सोनपुर/ पटना। ऐतिहासिक सोनपुर मेला देश-विदेश के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। किसी जमाने में हाथी, गाय बैल, घोड़े और हथियारों की खरीद-बिक्री का एक बड़ा महत्वपूर्ण केंद्र रहने वाला यह मेला अब अपना स्वरूप बदल रहा है और बिहार के सबसे बड़े सांस्कृतिक मेले के रूप में पहचान बना रहा है। कला संस्कृति के अपर सचिव दीपक आनंद मेले को सांस्कृतिक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एक मुलाकात में दीपक आनंद ने बताया कि इस मेले में अफगानिस्तान, ईरान, इराक सहित अन्य एशियाई मुल्कों से लोग पशुओं की खरीद करने आते थे। मौर्य काल से लेकर अब तक तमाम महत्वपूर्ण शासनकाल में यहां से हाथी, घोड़े और अन्य पशुओं की खरीद होती रही है। अकबर के सेनापति राजा मान सिंह भी मेले में आया करते थे।
अपर सचिव दीपक आनंद ने कहा कि समय के साथ मेले के स्वरूप में काफी बदलाव आया है लेकिन आज भी इसकी सार्थकता बनी हुई है। मेले की सांस्कृतिक विरासत और बहुलता को बनाए रखने में बिहार सरकार का कला संस्कृति एवं युवा विभाग की अग्रणी भूमिका है। 6 नवंबर से 7 दिसंबर तक एक माह तक चलने वाले इस सोनपुर मेला में कुल ग्यारह दिन सांस्कृतिक महफिल सजाने का जिम्मा कला- संस्कृति विभाग ने उठाया है और इस दौरान स्थानीय कलाकारों से लेकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को सोनपुर मेला के मंच पर आम दर्शकों-श्रोताओं के लिए उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण कोशिश की है। इस कड़ी में बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य प्रांतों के भी नामी गिरामी कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन राज्यों के कलाकारों ने अब तक कला संस्कृति विभाग की पहल पर मेले में शिरकत की है, उनमें महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश के कलाकार भी शामिल हैं।
कला- संस्कृति एवं युवा विभाग के अपर सचिव दीपक आनंद ने बताते हैं कि अब तक इस मंच से पद्मश्री डॉ सुनील जोगी, मशहूर सूफी गायिका महाराष्ट्र (मुंबई) की ममता जोशी, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी, प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, इंडियन आईडल फेम मनीषा कर्मकार, बॉलीवुड की चर्चित हस्ती जौली मुखर्जी, माधवी मधुकर झा, मृणालिनी अखौरी, प्रसिद्ध कवि पद्मश्री सुनील जोगी, प्रमोद पंकज, अनिल चौबे, सुदीप भोला, डॉ भुवन मोहिनी, प्रसिद्ध शायर ताहिर फराज, जौहर कानपुरी, सबीना अदीब, ए एम तुराज, सुनील कुमार तंग, इकबाल अशहर, आरिफा शबनम, हिलाल बदायूनी शामिल हैं। स्थानीय कलाकारों में सुश्री देवी, राजू मिश्रा, रेखा झा, पल्लवी विश्वास, प्रिया राज, महेश साह, कुमारी राजश्री, सुदीपा घोष, केसरी रेमो, गोविंद वल्लभ, लावण्या राज, डॉ सारिका, अरुण कुमार, सौरभ सिंह, सुरेंद्र राम, सुभाष प्रसाद साव, परमजीत कुमार, सुरजीत सिंह, अमर कुमार पांडे, ब्रजेश कुमार सुमन ने अपने-अपने फन से लोगों का दिल जीता है।
दीपक आनंद ने बताया कि दिसंबर माह में एक, तीन और 5 तारीख को कला-संस्कृति युवा विभाग के सौजन्य से कुछ और प्रसिद्ध कलाकारों की महफिल सोनपुर मेला के मंच पर सजेगी, इनमें एक दिसंबर को प्रसिद्ध गायिका डॉ नीतू नवगीत, डॉ नवल किशोर शर्मा, रेणु कुमारी और श्वेत प्रीति का लोक गायन होगा। साथ ही सुनील कुमार मिश्रा (मुंगेर) का सूफी गायन होगा। इसी दिन पटना की ही यामिनी शर्मा कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी। तीन दिसंबर को प्रसिद्ध लोकगीत गायक सुरेंद्र प्रसाद यादव और डॉ जैनेंद्र दोस्त का लोकगीत गायन, अनामिका का गजल गायन, मोहित मोहित खंडेलवाल का लोक नृत्य और रविंद्र जॉनी, जूनियर देवानंद और जूनियर जॉनी लीवर का लाफ्टर शो भी होगा।
5 दिसंबर को राजस्थान की प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री गुलाबो बाई राजस्थान की लोक कलाओं की प्रस्तुति देंगे,इनमें घूमर, कालबेलिया, चकरी, ब्रज-होरी आदि शामिल है। इसके अतिरिक्त 5 दिसंबर को ही पुणे, महाराष्ट्र की प्रसिद्ध गायक कलाकार नलिनी जोशी सुगम संगीत प्रस्तुत करेंगी और लोकनृत्य शांति कला केंद्र पटना के कलाकार करेंगे। अपर सचिव दीपक आनंद ने बताया हैं कि सोनपुर मेला बहुरंगी सांस्कृतिक मंच है, जहां देश भर के कलाकार एक मंच से एक माह से अधिक समय तक अपना हुनर लोगों के समक्ष प्रस्तुत करते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि मेले में आने वाले लोग ज्यादातर ग्रामीण इलाके के होते हैं। यानी इस मेले के बहाने देशभर के कलाकारों की पैठ बिहार के ग्रामीण इलाकों के घरों में भी इस मंच के माध्यम से हो जाती है। लोक-संस्कृति और आस्था के इस संगम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कैसी छटा बहुत कम जगह देखने को मिलती है।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। जैसे जैसे कंपनी अपने नेटवर्क का निर्माण और रोल आउट पूरा कर रही है, एयरटेल 5जी प्लस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से ग्राहकों के लिए उपलब्ध होंगी। 5जी सक्षम डिवाइस वाले ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के तेज एयरटेल 5जी प्लस नेटवर्क का उपयोग तब तक कर सकते हैं जब तक कि रोलआउट अधिक व्यापक न हो जाये। एयरटेल की सेवाएं पटना साहिब गुरूद्वारा, पटना रेलवे स्टेशन, डाक बंगला, मौर्या लोक, बैली रोड, बोरिंग रोड, सिटी सेंटर मॉल, पाटिलपुत्र इंड्रस्ट्रियल एरिया सहित कुछ चुनिंदा स्थानों पर उपलब्ध है। एयरटेल पूरे शहर में अपनी सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।
एयरटेल 5जी प्लस सेवा अब पटना एयरपोर्ट पर भी उपलब्ध है, जिससे यह अल्ट्राफास्ट 5जी सेवा का आनंद देने वाला राज्य का पहला एयरपोर्ट बन गया है।
पटना से उड़ान भरने वाले और यहां आने वाले एयरटेल ग्राहक एयरपोर्ट टर्मिनल पर हाई स्पीड एयरटेल 5जी प्लस का आनंद ले सकते हैं। अराइवल और डिपार्चर टर्मिनलों, लाउंज, बोर्डिंग गेट, माइग्रेशन और इमिग्रेशन काउंटर, सिक्योरिटी एरिया, बैगेज क्लेम बेल्ट, पार्किंग एरिया आदि पर यात्री अपने मोबाइल फोन पर 5जी की तेज गति का आनंद ले सकते हैं। बेंगलुरु एयरपोर्ट के नए टर्मिनल सहित पुणे,वाराणसी और नागपुर अन्य एयरपोर्ट हैं जहां पर एयरटेल 5जी प्लस सेवा उपलब्ध है।
बिहार, झारखंड और उड़ीसा के भारती एयरटेल के सीईओ अनुपम अरोड़ा ने लॉन्च के अवसर पर कहा, मैं पटना में एयरटेल 5जी प्लस के लॉन्च की घोषणा करते हुए रोमांचित हूं। एयरटेल के ग्राहक अब मौजूदा 4जी स्पीड से 20-30 गुना अधिक तक की गति के साथ एक अल्ट्राफास्ट नेटवर्क का उपयोग कर सकते हैं। हम पूरे शहर में इसका विस्तार करने की प्रक्रिया में हैं जो हमारे ग्राहकों को गेमिंग, मल्टीपल चैट, इंस्टेंट फोटो अपलोड और एचडी वीडियो स्ट्रीमिंग जैसी गतिविधियों के लिए सुपरफास्ट एक्सेस प्रदान करेगा।
टीम एबीएन, पटना/नई दिल्ली। भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के समापन अवसर पर प्रगति मैदान स्थित आईटीपीओ लाउंज में पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया जिसमें आई टी पी ओ के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप सिंह खरोला, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर वीभू नायर व विभिन्न राज्यों के आधिकारी शामिल हुए। समारोह में ओवरऑल बेस्ट पैवेलियन का रजत पदक बिहार को प्रदान किया गया। पदक श्री प्रदीप सिंह खरोला ने प्रदान किया। बिहार पैवेलियन की ओर से बिहार के हैंडलूम, रेशम और UMSAS के निदेशक श्री विवेक रंजन मैत्रेय ने पदक ग्रहण किया।
अपने संबोधन में श्री प्रदीप सिंह खरोला ने कहा कि आई आई टी एफ भारत का वास्तविक गौरव है। लोग इस इवेंट का इतजार करते हैं। हमारी विरासत और हमारे शिल्पी ही भारत की असली ताकत हैं। इस वर्ष हमारी थीम लोकल टू ग्लोबल थी, जिसमे देश के कोने कोने के उत्पाद बनाने वालों ने भाग लिया। मेले से उनको एक वैश्विक पटल मिला है।
बिहार पवेलियन से पदक लेने वाले निदेशक हैंडलूम, रेशम और UMSAS श्री विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि यह रजत पदक बिहार के लोकल (क्षेत्रीय) स्तर पर व्यवसाय करने और पवेलियन में स्टॉल लगाने वालो को सम्मान है। इस वर्ष हमने मेले के थीम के अनुसार ही पहली बार 50 लोगो को स्टॉल उपलब्ध कराया था, जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोग अपने उत्पादों को प्रदर्शित और विक्रय कर सके। बिहार पैवेलियन को पदक मिलने से प्रफुल्लित, पैवेलियन डायरेक्टर गोपी ने कहा कि यह पदक थीम के अनुरूप काम करने का प्रतिफल है। हमने फेसिया से लेकर पैवेलियन के भीतर, हर जगह थीम को ध्यान में रख कर काम किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेले में बिहार पवेलियन का कुल राजस्व एक करोड़ से ज्यादा हुआ है।
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