एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए गठबंधन की जीत बेहद शानदार रही। उनके समुचित चुनाव प्रचार का ही असर रहा कि मजबूत विपक्ष का नामोनिशान मिट गया। विपक्ष अब अपनी बात को अच्छी तरह रखने में भी शायद नाकाम रहेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास से रवाना हुए। एनडीए बिहार में ऐतिहासिक जीत की ओर आगे बढ़ रही है।
बिहार के चुनाव परिणामों में एनडीए की बढ़त पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि यह जीत पीएम मोदी की विकास की राजनीति और प्रदर्शन की जीत है। यह नीतीश कुमार के प्रयासों और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के समर्पण की जीत है। यह अमित शाह के सूक्ष्म स्तर के प्रबंधन की जीत है। बिहार के लोगों ने वंशवादी राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और वृद्धि के लिए वोट दिया है।
बिहार का जनादेश लगभग स्पष्ट है। एनडीए 204 सीटों पर ठोस बढ़त मिली है। नतीजों में महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो चुका है। राजद नीत महागठबंधन की झोली में महज 34 सीटें दिख रही हैं। थोड़ी देर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे और एनडीए में शामिल दलों के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। बिहार में जश्न शुरू हो चुका है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर बिहार चुनाव के नतीजों पर लिखा कि सुशासन की जीत हुई है। विकास की जीत हुई है। जन-कल्याण की भावना की जीत हुई है। सामाजिक न्याय की जीत हुई है। बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है। यह प्रचंड जनादेश हमें जनता-जनार्दन की सेवा करने और बिहार के लिए नये संकल्प के साथ काम करने की शक्ति प्रदान करेगा।
मैं एनडीए के प्रत्येक कार्यकर्ता का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अथक परिश्रम किया है। उन्होंने जनता के बीच जाकर हमारे विकास के एजेंडे को सामने रखा और विपक्ष के हर झूठ का मजबूती से जवाब दिया। मैं उनकी हृदय से सराहना करता हूं!
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार बिहार में कुल महिला मतदाता (वोटर) की संख्या लगभग 3.50 करोड़ है। यह आंकड़ा चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर 2025 में घोषित मतदाता सूची पर आधारित है, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या करीब 7.43 करोड़ थी। इनमें पुरुष 3.92 करोड़, महिलाएं 3.50 करोड़ और थर्ड जेंडर 1,725 हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए।
चुनाव में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.6 प्रतिशत रहा, जो पुरुषों 62.8 प्रतिशत से अधिक है। इस आधार पर महिलाओं के कुल पड़े वोट लगभग 2.51 करोड़ होते हैं। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के इस बार 2.97 करोड़ वोट पड़े हैं। महिलाओं से यह संख्या 46 लाख अधिक होती है।
क्या महिलाओं के खाते में भेजे गए 10 हजार रुपए का असर 1.21 करोड़ जीविका दीदियों पर नहीं पड़ा होगा? क्या 1.11 करोड़ मुफ्त बिजली जलाने वाले जाति-धर्म का विवेक छोड़ नीतीश को वोट नहीं किए होंगे? बेटे-बहू के भय से खैनी-बीड़ी के लिए 5 रुपए मांगने में संकोच करने वाले 1.90 करोड़ लोग भूल पाएंगे कि अब उनकी पेंशन तिगुनी हो गई है?
ऐसे क्षेत्र 2-4 हों तो सूची सटीक बन सकती है। पर, ये आंकड़े तो मोटा-मोटी कामों के हैं। सड़कों के जाल से नीतीश ने जिलों से राजधानी पटना की पहुंच 5 घंटे की करा दी है। गांवों की पगडंडियां भी नीतीश ने पक्की बनवा दी हैं। बेटियों के नाम पर बिदकने वाले अगर आज बेटियों का सम्मान करने लगे हैं तो इसके पीछे सिर्फ एक आदमी का विजन है और वे हैं नीतीश कुमार।
क्या लोग नीतीश के ऐसे कामों को मामूली मानते होंगे। संभव है कि उन्हें नीतीश के बुढ़ापे और बीमारी की विपक्ष की ओर से फैलाईं गईं खबरों ने थोड़ा सोचने पर मजबूर किया होगा, लेकिन उन्होंने यह भी सोचा हो कि जो फैसले नीतीश की सरकार ले रही है, वे तो जनहित में ही है। फिर वे ही ठीक हैं। क्यों नए को आजमाने की जहमत उठाई जाए? (वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क k फेसबुक वाल से साभार)
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में 6 और 11 नवंबर को मतदान होने के बाद नतीजे शुक्रवार यानी 14 नवंबर को आने हैं। चुनावों में किसे जीत मिलेगी इसका पता नतीजों के आने के बाद चलेगा। इन नतीजों से पहले 11 नवंबर को अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल आयेंगे। इसमें किस पार्टी को कितनी सीट मिलेगी, इसका अनुमान लगाया जायेगा। यह अनुमान मतदाताओं से बातचीत के आधार पर निकाला जाता है।
आखिर ये एग्जिट पोल क्या होते हैं? क्या इनमें किए गए दावे हमेशा सटीक होते हैं? बीते दो चुनावों में इन पोल में क्या कहा गया था और बाद में नतीजे क्या निकले? आइये जानते हैं...
दरअसल एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसी के लोग मौजूद होते हैं। वह मतदाता से वोटिंग को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से वोटर्स से सवाल पूछा जाता है।
मतदान खत्म होने तक ऐसे सवाल बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि जनता का मूड किस ओर है? गणितीय मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।
बिहार में 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच में मुकाबला था। इस चुनाव में महागठबंधन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू भी शामिल थी। जदयू के अलावा राजद और कांग्रेस ने साथ मिलकर यह चुनाव लड़ा।
वहीं, एनडीए में भाजपा के साथ लोजपा, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा शामिल थे। 2015 में बिहार के एग्जिट पोल की बात करें तो आंकड़े एनडीए और महागठबंधन दोनों के पक्ष में बराबर जाते दिखाई दे रहे थे।
2015 में बिहार की 243 सीटों पर पांच चरणों में हुए चुनावों के नतीजे 8 नवंबर 2015 को सामने आए थे। नतीजे एग्जिट पोल से बिल्कुल अलग थे। 2014 में भाजपा की लहर के कारण माना जा रहा था कि बिहार में भी भाजपा अकेले सरकार बनाने में सफल हो जायेगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नतीजों में एनडीए को बड़ा झटका लगा और केवल 58 सीटों पर सिमट गई। महागठबंधन ने 178 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहा।
वाम दलों के खाते में तीन सीटें गईं थी। दलवार आंकडे़ की बात करें तो राजद को सबसे ज्यादा 80 सीटें मिली थीं। जदयू के खाते में 71 और कांग्रेस को 27 सीटों पर सफलता मिली थी। एनडीए में सबसे ज्यादा 53 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। लोजपा और रालोसपा को दो-दो और हम को एक सीट जीतने में सफलता मिली थी। वाम दलों में तीनों सीटें भाकपा (माले) ने जीती थीं। बाकी चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहे थे। इस तरह 2015 में महागठबंधन सरकार बनाने में सफल हुई थी।
2020 में एक बार फिर एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला देखने को मिला, लेकिन इस बार दलों में हेर फेर था। पिछली बार के समीकरण इस बार बदल चुके थे। इस बार एनडीए में भाजपा के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू भी शामिल थी। इसके साथ वीआईपी और हम भी एनडीए का हिस्सा था।
महागठबंधन की बात करें तो इसमें राजद, कांग्रेस और बाकि वाम दल शामिल थे। एग्जिट पोल की बात करें तो महागठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलते हुए दिखाया गया था। किसी ने अपने पोल में एनडीए को बहुमत का आंकड़ा नहीं दिया था। लेकिन दोनों के बीच कांटे की टक्कर दिखायी गयी थी।
2020 में तीन चरणों में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के नीतजे 10 नवंबर 2020 को सामने आए थे। नतीजे एग्जिट पोल के समान ही नजर आये थे। लेकिन नतीजों में कांटे की टक्कर के बाद एनडीए ने किसी तरह बहुमत का आंकड़ा छू लिया था। इस तरह एग्जिट पोल पूरी तरह गलत नहीं हुए और 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने 125 सीटें जीतीं थीं। इनमें सबसे ज्यादा 74 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं।
जदयू को 43, वीआईपी और हम को 4-4 सीट पर सफलता मिली थी। राज्य की 110 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थीं। 75 सीटें जीतकर राजद राज्य का सबसे बड़ा दल बना था। इसके साथ ही कांग्रेस को 19, वामदलों को 16 सीट पर जीत मिली थी। इनमें 12 सीटें भाकपा (माले) और दो-दो सीटें भाकपा और माकपा के खाते में गयी थी। अन्य दलों की बात करें तो एआईएमआईएम ने पांच, बसपा, लोजपा और निर्दलीय को एक-एक सीट पर जीत मिली थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण का मतदान था। मतदान खत्म हो गया है और एग्जिट पोल के अनुमान सामने आ गये हैं। बिहार चुनाव पर चाणक्य स्ट्रेटजीज ने एक बार फिर से एनडीए की वापसी का अनुमान जताया है।
चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुसार बिहार में एनडीए को 130 से 138 सीटें मिल सकती है तो वहीं महागठबंधन को 100 से 108 सीट मिल सकती है। जबकि अन्य को 3 से 5 सीटें मिल सकती है। अन्य में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी भी शामिल है।
चाणक्य एग्जिट पोल के अनुसार अन्य को 3 से 5 सीटें मिल रही है। इसमें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी अकटकट और प्रशांत किशोर की जन सुराज भी शामिल है। बता दें कि प्रशांत किशोर सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है तो वहीं ओवैसी की पार्टी 32 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
ओवैसी सीमांचल में अच्छी सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं तो वहीं प्रशांत किशोर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। हालांकि एग्जिट पोल अनुमान के अनुसार दोनों को निराशा हाथ लग सकती है। असली नतीजे 14 नवंबर को आयेंगे।
चाणक्य एग्जिट पोल के अनुसार बिहार में महागठबंधन के घटक दल राजद को 75 से 80, कांग्रेस को 17 से 23, विकासशील इंसान पार्टी को 7 से 9 और लेफ्ट को 10 से 16 सीटें मिल सकती हैं। तो वहीं एनडीए के घटक दल भाजपा को 70 से 75, जनता दल यूनाइटेड को 52 से 57, लोजपा (रामविलास) को 14 से 19, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को जीरो से दो और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को दो से तीन सीट मिल सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान हुआ है। पहले चरण के लिए 6 नवंबर को वोट डाले गए थे जबकि दूसरे चरण के लिए आज यानी 11 नवंबर को वोटिंग हुई है। 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और दोपहर तक पिक्चर क्लियर हो जायेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए चल रहा प्रचार अभियान का शोर रविवार शाम 5 बजे थम गया। राज्य की 121 सीटों पर पहले चरण में 6 नवंबर को बंपर वोटिंग हो चुकी है।
अब दूसरे और अंतिम चरण में राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर होने वाले मतदान से सत्ता का समीकरण सामने आया। दूसरे चरण का प्रचार अभियान रविवार शाम 5 बजे थम जाएगा। इसके बाद इन जिलों में किसी भी प्रकार की सभा, रैली या रोड शो पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
दूसरे चरण में जिन 20 जिलों में मतदान होगा उनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास शामिल हैं।
पहले चरण के चुनाव में, आजादी के बाद सर्वाधिक 65 प्रतिशत से अधिक वोटिंग को देखते हुए दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड मतदान होने की उम्मीद है। पहले चरण में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। कुल मतदान प्रतिशत 65.08 फीसदी रहा। महिलाओं का मतदान प्रतिशत 69.04 जबकि पुरुषों का 61.56 फीसद रहा। मीनापुर सीट पर सबसे ज्यादा 77.54 प्रतिशत मतदान हुआ।
इस चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कई मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें सुपौल से बिजेंद्र प्रसाद यादव, चकाई से सुमित कुमार सिंह, झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, अमरपुर से जयंत राज, छातापुर से नीरज कुमार सिंह बबलू, बेतिया से रेणु देवी, धमदाहा से लेशी सिंह, हरसिद्धि से कृष्णनंदन पासवान और चैनपुर से जमा खान शामिल हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग खत्म होने को है। कुल 121 सीटों पर मतदान हो रहा है। शाम 6 बजे मतदान खत्म हो जाएगा। आज मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं।
उसका ही नतीजा है कि बिहार में बीते पांच चुनावों में राज्य सबसे ज्यादा वोटिंग परसेंट की ओर बढ़ रहा है। चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। राज्यभर में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है।
हवाई निगरानी के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। पहले चरण के चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। मतदान शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं। पहले चरण की सभी सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग की शुरुआत हो गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर उनके बेटे को सत्ता मिली तो बिहार में हत्या, अपहरण और रंगदारी के तीन नए मंत्रालय बनाये जायेंगे। मुजफ्फरपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बरकरार रही तो बिहार को बाढ़मुक्त बनाया जाएगा और इसके लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया जायेगा। शाह ने कहा, अगर राजग की सत्ता बरकरार रहती है तो बिहार को बाढ़मुक्त बनाया जायेगा। बाढ़ नियंत्रण के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित किया जायेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे राजग को वोट देकर राजद शासन के दौरान देखे गए जंगलराज की पुनरावृत्ति को रोकें।
शाह ने कहा, अगर लालू जी के बेटे (तेजस्वी यादव) मुख्यमंत्री बने, तो बिहार में तीन नये मंत्रालय बनेंगे-एक हत्या के लिए, दूसरा अपहरण के लिए और तीसरा रंगदारी के लिए। आपके वोट बिहार को फिर से जंगलराज में जाने से बचायेंगे। नये चेहरों के साथ फिर से जंगलराज लाने की कोशिश हो रही है। गृह मंत्री ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, दोनों अपने-अपने बेटों को बिहार का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, जबकि दोनों पद खाली नहीं हैं।
शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त बनाया है और उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। वैशाली में आयोजित एक दूसरी सभा में शाह ने कहा, राजद शासन में अपहरण, हत्या और अत्याचार की घटनाएं आम थीं। मतदाता इस बार वोट देकर उस दौर की वापसी को रोकें। उन्होंने कहा, अगर लालू जी के बेटे मुख्यमंत्री बने तो बिहार में तीन नये विभाग बनेंगे-हत्या, अपहरण और रंगदारी के लिए। आपके वोट बिहार को फिर से जंगलराज में जाने से बचायेंगे। नये चेहरों के साथ जंगलराज वापस लाने की कोशिश हो रही है।
शाह ने यह भी कहा कि महागठबंधन के घटक दलों में अंदरूनी कलह चल रही है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त बनाया है और अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि जीएसटी में कटौती से बिहार के लीची उत्पादकों को लाभ मिलेगा, जबकि मुजफ्फरपुर में 20,000 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा फूड पार्क स्थापित करने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, मोदी-नीतीश शासन में बिहार देश का पहला राज्य बना जिसने रेल इंजन का निर्यात किया और गया में इंजीनियरिंग क्लस्टर स्थापित किया गया। वैशाली की सभा में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक योजना तैयार की है जिससे कोसी, गंगा और गंडक नदियों का पानी बिहार के खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंचाया जायेगा। शाह ने घोषणा की कि बिहार के सीतामढ़ी, जिसे माता सीता की जन्मभूमि माना जाता है, से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक एक विशेष वंदे भारत ट्रेन शुरू की जायेगी।
उन्होंने कहा कि यह सेवा सीतामढ़ी में 850 करोड़ रुपये की लागत से मंदिर निर्माण के बाद शुरू की जायेगी। राजग के घटक दलों को पांच पांडव बताते हुए शाह ने कहा, भाजपा, जद (यू), चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), हम और कुशवाहा की पार्टी मिलकर बिहार को समृद्ध बनायेंगी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse