टीम एबीएन, पटना। उद्योग विभाग के उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा 18 विभिन्न शिल्पों में 400 लोगों को प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है और इसके लिए आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत जनवरी माह में होगी।
यह प्रशिक्षण सूत बुनाई, ब्लॉक प्रिंटिंग, वेणु शिल्प, पेपरमैसी, टेराकोटा, कशीदाकारी/ एप्लिक वर्क, काष्ठ खिलौना, टिकुली पेंटिंग, चर्म शिल्प, मधुबनी पेंटिंग, पाषाण शिल्प, मेटल क्राफ्ट, सिक्की कला, सिरामिक कला, मंजूषा पेंटिंग, सुजनी कला, गुड़िया निर्माण और जूट के हस्तशिल्प सामग्री निर्माण के क्षेत्र में दिया जायेगा। सबसे अधिक 50 लोगों को मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मंजूषा पेंटिंग और टिकुली पेंटिंग में 25- 25 सीटें हैं। अन्य शिल्पों के लिए 20-20 सीटों का निर्धारण किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को ₹1000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जायेगी। पटना नगर निगम क्षेत्र से बाहर के 110 महिला प्रशिक्षणार्थियों को छात्रावास की सुविधा के साथ भोजन और अल्पाहार हेतु प्रतिमाह 15 सौ रुपए की राशि अलग से दी जायेगी।
पटना नगर निगम क्षेत्र के बाहर के पुरुष प्रशिक्षणार्थियों को आवास और भोजन हेतु ₹2000 प्रति माह की राशि अलग से दी जायेगी। प्रशिक्षण के लिए आवेदक/आवेदिका को सप्तम वर्ग उतीर्ण होना चाहिए और उनकी आयु 16 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जिन लोगों को एक बार उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में प्रशिक्षित किया जा चुका है, उन्हें प्रशिक्षण के लिए चयनित नहीं किया जायेगा।
टीम एबीएन, पटना। बिहार का हस्तशिल्प पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। हस्तशिल्प का उत्पाद काफी आकर्षक और खूबसूरत है। ये बातें बिहार की सुप्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के भ्रमण के दौरान कही। हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और खादी की ब्रांड एम्बेसडर प्रसिद्ध लोकगायिका का आगमन उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में हुआ, जहां उनका स्वागत जूट से बने गुलदस्ते से किया गया जिसे उन्होंने बहुत पसंद किया।
मैथिली ठाकुर ने पूरे संस्थान का भ्रमण करते हुए हैंडीक्राफ्ट म्यूजियम को देखा जहां मैथिली ने बिहार के हस्तशिल्प को जाना और विभिन्न कलाकृतियों को देखा। दशकों पुराने आभूषणों को देखकर मैथिली काफी खुश हुई और कहा कि बचपन से इनके बारे में सिर्फ सुना था पर आज इसे देखने और पहनने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आभूषण का निर्माण भी होनी चाहिए ताकि आज के इस फैशन में युवा इसे न सिर्फ जानें बल्कि इसे पहनें।
लोकगायिका ने संस्थान में चल रहे हस्तशिल्प प्रशिक्षण को भी देखा जहाँ उन्होंने प्रशिक्षक और प्रशिक्षुओं से बात की। मधुबनी पेंटिंग का क्लास रूम में बैठकर मैथिली ठाकुर ने अपने हाथों से एक खूबसूरत पेंटिंग भी बनाया। इसके बाद उन्होंने कुछ लोकगीत भी गुनगुनाये। बिहार के हस्तशिल्प और सामानों को बढ़ावा देने और प्रचार-प्रसार करने के लिए मैथिली द्वारा संस्थान में फोटोशूट कराया गया, जहां उन्होंने हस्तशिल्प के विभिन्न उत्पादों के साथ फोटोशूट कराया।
संस्थान का भ्रमण करने के बाद लोकगायिका ने कहा कि उपेंद्र महारथी संस्थान आकर बहुत अच्छा लगा। संस्थान बिहार के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और कलाकारों के लिए बहुत अच्छे तरीके से काम कर रहा है।
टीम एबीएन, मोतिहारी/ पटना। जन सुराज पदयात्रा के दौरान पूर्वी चंपारण से शिवहर जाने के क्रम में प्रशांत किशोर ने जिहुली उत्तरी पंचायत में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार ने कहा था कि महिलाओं ने उन्हें वोट दिया है तो मैं शराबबंदी लागू करूंगा। नीतीश ने शराबबंदी लागू कर दी लेकिन यहां शराब की दुकानो पर तो नही तो पर शराब की होम डिलीवरी करता हुआ कोई ना कोई नजर आ जायेगा। अभी छपरा में 45 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और वो बोल रहे हैं जो पियेगा वो मरेगा यह उनका अहंकार बोल रहा है।
उन्होंने कहा कि क्या यह वही है जिहोंने बाजपेयी सरकार में रेल मंत्री रहते एक रेल दुर्घटना पर इस्तीफा दे दिया था।लेकिन आज ये वही नीतीश कुमार है जो कोरोना काल मे हजारो पैदल चलकर बिहार पहुंचने वाले मजदूरो और युवाओं की मौत पर अपने बंगले से बाहर नही निकले। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद भी शराब से हुई मौत पर हंसकर यह कहना जो पियेगा वो मरेगा यह उनका अहंकार बोल रहा है। प्रशांत ने कहा कि बिहार में नैतिकता विहीन सरकार का नेतृत्व नीतीश कुमार कर रहे हैं।
टीम एबीएन, छपरा/पटना। बिहार में सारण जिले के असुआपुर, मशरख, अमनौर एवं मढ़ौरा में शुक्रवार सुबह तक कथित रूप से जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 53 पहुंच गया। 35 से अधिक लोगों का उपचार छपरा के सदर अस्पताल और निजी क्लीनिक में चल रहा है। 27 शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है।
जिलाधिकारी राजेश मीणा ने मादक पदार्थ के सेवन से 26 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। मशरख थानाध्यक्ष रितेश मिश्रा और चौकीदार विकेश तिवारी को गुरुवार को निलंबित किया जा चुका है। मढ़ौरा के डीएसपी इंद्रजीत बैठा का स्थानांतरण कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा गृह विभाग से की गई है। सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। मद्यनिषेध विभाग ने अबतक 150 से ऊपर लोगों की गिरफ्तारी की है। पूरे जिले में मद्यनिषेध विशेष समकालीन महाअभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना की जांच के लिए मुख्यालय से पहुंची दो सदस्यीय टीम शुक्रवार शाम तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के संयुक्त आयुक्त कृष्णा पासवान और उप सचिव निरंजन कुमार सारण के अलग-अलग इलाकों में पीड़ित परिवारों, ग्रामीणों और स्थानीय अधिकारियों से बात कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस बीच शराब के धंधेबाजों की भी कथित रूप से जहरीली शराब से मौत होने की बात सामने आयी है।
टीम एबीएन, पटना। उद्योग विभाग के उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा 18 विभिन्न शिल्पों में 400 लोगों को प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है और इसके लिए आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत जनवरी माह में होगी।
यह प्रशिक्षण सूत बुनाई, ब्लॉक प्रिंटिंग, वेणु शिल्प, पेपरमैसी, टेराकोटा, कशीदाकारी/ एप्लिक वर्क, काष्ठ खिलौना, टिकुली पेंटिंग, चर्म शिल्प, मधुबनी पेंटिंग, पाषाण शिल्प, मेटल क्राफ्ट, सिक्की कला, सिरामिक कला, मंजूषा पेंटिंग, सुजनी कला, गुड़िया निर्माण और जूट के हस्तशिल्प सामग्री निर्माण के क्षेत्र में दिया जायेगा। सबसे अधिक 50 लोगों को मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मंजूषा पेंटिंग और टिकुली पेंटिंग में 25- 25 सीटें हैं। अन्य शिल्पों के लिए 20-20 सीटों का निर्धारण किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को ₹1000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जायेगी। पटना नगर निगम क्षेत्र से बाहर के 110 महिला प्रशिक्षणार्थियों को छात्रावास की सुविधा के साथ भोजन और अल्पाहार हेतु प्रतिमाह 15 सौ रुपए की राशि अलग से दी जायेगी।
पटना नगर निगम क्षेत्र के बाहर के पुरुष प्रशिक्षणार्थियों को आवास और भोजन हेतु ₹2000 प्रति माह की राशि अलग से दी जायेगी। प्रशिक्षण के लिए आवेदक/आवेदिका को सप्तम वर्ग उतीर्ण होना चाहिए और उनकी आयु 16 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जिन लोगों को एक बार उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में प्रशिक्षित किया जा चुका है, उन्हें प्रशिक्षण के लिए चयनित नहीं किया जायेगा।
टीम एबीएन, छपरा/पटना। राज्य के सारण जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 33 हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के मशरख थाना प्रभारी रितेश मिश्रा और चौकीदार विकेश तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं जिले में अबतक 86 वांछित लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद मद्य निषेध विभाग पूरे जिले में महाअभियान चला रहा है। इस कार्रवाई के दौरान गुरुवार सुबह तक 86 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है तथा 12.54 लीटर विदेशी शराब, 1671 लीटर देशी शराब, 150 लीटर स्पिरिट एवं 2206 लीटर महुआ चुलाई- कच्चा पास नष्ट किया गया। मद्य निषेद विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मशरख थाना के अंतर्गत ग्राम यदुमोड़ से बिक्री-वितरित की गई मिलावटी शराब से मशरख एवं इसुआपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के कई व्यक्तियों की मृत्यु संदिग्ध परिस्थिति में होने एवं कई व्यक्तियों के बीमार होने की सूचना विभिन्न माध्यम से मिली है।
मद्य निषेध कानून के क्रियान्वयन एवं सूचना संकलन में बरती गयी घोर लापरवाही एवं पूर्ण विफलता के साथ ही आदेश का उल्लंघन एवं संदिग्ध आचरण के आरोप में थाना प्रभारी रितेश मिश्रा एवं चौकीदार विकेश तिवारी को निलंबित किया गया है।मद्य निषेद विभाग ने इस घटना की जांच एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया है। यह टीम लगातार छापामारी कर रही है।
टीम एबीएन, पटना। केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गिरिराज सिंह ने छपरा जहरीली शराब त्रासदी को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। बता दें कि छपरा में जहरीली शराब पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है।
नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में शराब भगवान बन गई है। यह राज्य में हर जगह मौजूद है लेकिन कोई इसे देख नहीं सकता है। बिहार विधानसभा में छपरा जहरीली शराब कांड को लेकर नीतीश के बयान पर गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने 10 साल पहले तक ऐसा नहीं किया था। गिरती लोकप्रियता और बढ़ती उम्र के कारण उन्हें गुस्सा आता है।
बता दें कि बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा के अंदर उस समय आपा खो दिया जब भाजपा विधायकों ने छपरा जहरीली शराब त्रासदी को लेकर उन पर निशाना साधने की कोशिश की।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के छपरा जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र में शराब ने कहर बरपाया है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने इस घटना में फिलहाल किसी भी तरह की शराब के सेवन से इनकार किया है। मगर इनके परिवारों ने दावा किया है कि सभी की मौत जहरीली शराब के पीने से हुई है।
मृतकों में कुणाल कुमार सिंह पुत्र जदू सिंह मसरख जदू मोड़रा, मजी साह पुत्र गोपाल साह शास्त्री टोला मशरक, विचेंद्र राय पुत्र नृसिग राय दोयला ईशुआपुर, मनोज कुमार सिंह पिता वकील सिंह दोयला ईशुआपुर, गणेश राम पुत्र हरेंद्र राम मशरक, अमित रंजन पुत्र विरेंद्र कुमार सिन्हा दोयला इसुआपुर और मुकेश शर्मा पुत्र बच्चा शर्मा हनुमान गंज मशरक हैं।
छपरा सदर अस्पताल के डॉक्टर धनंजय कुमार का कहना है कि सभी लोग कोई संदिग्ध लीकर पिए हुए थे। यह संदिग्ध लीकर क्या है, पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट आने पर पता चलेगा। उधर, मढौरा डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को पता चला है कि अमित रंजन ने छपरा सदर अस्पताल में उपचार भी लिया था।
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