एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। उद्योग विभाग स्टार्ट-अप टीम ने पटना के ज्ञान भवन में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है, जिसका उद्घाटन विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने किया। उद्घाटन सत्र में बिहार के स्टार्ट-अप उद्यमियों को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर पर अनेक प्रयास किये गये हैं।
हम स्टार्ट-अप इकाइयों की मदद इस तरह से करना चाहते हैं कि बिहार के स्टार्ट-अप अपनी ग्लोबल पहचान बनायें और यहां के स्टार्ट-अप उद्यमी न सिर्फ राज्य के अर्थव्यवस्था को मजबूत करें बल्कि पूरी दुनिया में छा जायें। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप बिहार द्वारा आयोजित कार्यशाला में अनेक सफल स्टार्ट-अप उद्यमियों के साथ संवाद करने का मौका बिहार के उद्यमियों को मिलेगा।
दूसरे के अनुभवों से सीख कर हम सफलता की सीढ़ियां तेज गति से चढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा सपनों को पंख लगाने तथा उन्हें उड़ान भरने के लिए खुला आसमान देने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने बिहार स्टार्ट-अप पॉलिसी 2022 बनायी है।
इस नीति के तहत लाभ पाने वाले उद्यमियों को-वर्किंग स्पेस उपलब्ध कराने के लिए पटना में दो स्थानों-मौर्यालोक और वित्त निगम भवन, फ्रेजर रोड में बी-हब बनाया गया है जिसमें मौर्यालोक स्थित बी-हब बन कर तैयार है।
बी-हब में सीटों के आवंटन हेतु बिहार स्टार्ट-अप के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन किया जाता है और सीटों का आवंटन अधिकत्तम 02 वर्ष की अवधि के लिये किया जाता है। बी-हब में स्थायी सीटों का मासिक किराया 1500 रुपये, परिवर्तनशील सीटों के लिए मासिक किराया 1000 रुपये तथा दैनिक आधार पर 100 रुपये प्रतिदिन के आधार पर सीट आवंटित किये जाते हैं।
मौर्यालोक बी-हब में कुल 185 सीटों की व्यवस्था की गयी है। साथ ही एक कांफ्रेंस हॉल भी है जिससे लगभग 500 स्टार्ट-अप उद्यमियों को लाभ होगा। कार्यक्रम में उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने कहा कि बिहार के युवाओं को स्टार्ट-अप नीति के बारे में जानकारी देने के लिए विभिन्न कॉलेजों/ शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है।
ऐसे कार्यक्रम चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना, पटना कॉलेज, एएन कॉलेज, पटना पुस्तक मेला सहित सभी 38 जिलों के पॉलिटेकनिक/ तकनीकी संस्थानों में आयोजित किये गये हैं। सभी जिलों में स्टार्ट-अप इन्क्यूबेशन सेंटर खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की स्टार्ट-अप पॉलिसी के तहत 10 वर्षों के लिए 10 लाख रुपये तक की ब्याज रहित सीड फंडिंग की व्यवस्था की गयी है।
महिलाओं द्वारा प्रारंभ स्टार्ट-अप को 5 प्रतिशत अधिक तथा अनुसूचित जाति/जनजाति तथा दिव्यांगों के स्टार्ट-अप को 15 प्रतिशत अधिक राशि सीड फंड के रूप में देने का प्रावधान इस नीति के तहत किया गया है। एक्सीलेरेशन प्रोग्राम में भागीदारी के लिए 3 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान स्टार्ट-अप नीति में है।
एंजेल निवेशकों से निवेश प्राप्त होने पर कुल निवेश का 2 प्रतिशत सफलता शुल्क और सेवी पंजीकृत कैटेगरी-1 तथा एंजेल समूह से प्राप्त फंड के बराबर अधिकतम 50 लाख रुपये तक के मैचिंग लोन की व्यवस्था बिहार स्टार्ट-अप फंड से की जाती है।
उद्योग विभाग के प्रयासों से बिहार में स्टार्ट-अप का माहौल बन चुका है। केन्द्र सरकार की स्टार्ट-अप इको सिस्टम रैंकिंग में एस्पायरिंग लीडर कैटेगरी-ए में बिहार को टॉप पोजिशन पर रखा गया है। यह विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सतत प्रयास और सबके सहयोग से ही संभव हो पाया है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, निदेशक, तकनीकी विकास विशाल राज, विशेष सचिव दिलीप कुमार, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डॉ राणा सिंह, केरल के डीसी मैट स्टार्ट-अप के डॉ जयशंकर प्रसाद, मेडिकैड इथोज प्राइवेट लिमिटेड केरल की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी विंग कमांडर रागश्री डी नायर, पीएसजी स्टेप, कोयंबटूर के कार्यकारी निदेशक डॉ के सुरेश कुमार, स्टार्ट-अप 360 बेंग्लुरू के को-फाउंडर अशोक जी एवं केरला राज्य इन्क्यूबेशन हेड के विशाल बी कदम आदि ने स्टार्ट-अप की विविध पहलुओं के संबंध में युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में एनडीए की सरकार बन गयी है। एनडीए के नेता के रूप में नीतीश कुमार बिहार के नये मुख्यमंत्री बने हैं। बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। छठी बार नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा का समर्थन मिला है। नीतीश कुमार के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने पद एंव गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण के दौरान जय श्रीराम और नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगते रहे। सम्राट चौधरी के बाद भाजपा के विजय कुमार सिन्हा शपथ के लिए आमंत्रित किये गये।
टीम एबीएन, पटना। नीतीश कुमार बिहार के नवीं बार बार मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर उन्होंने एनडीए की सरकार बनाने दावा पेश कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार ने 128 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है। जिसमें जीतन राम मांझी की पार्टी हम के चार विधायक भी शामिल हैं। शाम पांच बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसको लेकर आईपीआरडी ने अपना लिंक भी जारी कर दिया है।
कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी को डिप्टी सीएम बन सकते हैं। बिहार में सीएम नीतीश कुमार के साथ कुल 9 लोगों के शपथ लेने की संभावना है। बताते चलें कि नीतीश के साथ बीजेपी के 78 विधायक, जेडीयू के पास 45 विधायक और चार विधायक हम पार्टी के हैं।
टीम एबीएन, पटना। सरकार ने बिहार के दीघा तथा सोनपुर को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर छह लेन के पुल के निर्माण को बुधवार को मंजूरी दी, जिसके बनने से उत्तर तथा दक्षिण के बीच यातायात की सुविधा को बेहतर बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस पुल पर 3065 करोड़ रुपए की लागत आयेगी और पुल का निर्माण 42 माह में पूरा किया जा सकेगा। पुल को इस तरह से एक्स्ट्रा केबल से तैयार किया जायेगा कि इसके नीचे गंगा नदी पर बड़े जहाजों की आवाजाही हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस पुल की लंबाई 4.5 किलोमीटर होगी और यह छह लेन का होगा। इसके बनने से छपरा, मोतीहारी तथा बेतिया सहित कई जिलों में आवाजाही को आसान बनाया जा सकेगा। पुल का निर्माण साढ़े तीन साल में पूरा किया जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेजी कर रही है और इसके लिए हर बजट की कमी नहीं होने दी जा रही है। उनका कहना था कि 2013-14 में राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए बजट 31 हजार 130 करोड़ रुपए था जो अब कई गुना बढ़ाकर दो लाख 30 हजार करोड़ रुपये तक कर दिया गया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क पटना। लोकसभा के 2024 में होने वाले चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की मंगलवार को यहां बिहार प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक हुई जिसमें प्रदेश संगठन की चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गयी।
कांग्रेस की बिहार से जुड़ी यह महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक यहां पार्टी मुख्यालय में हुई जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित पार्टी के कई प्रमुख वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
श्री खड़गे ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव संबंधित तैयारियों को लेकर बिहार प्रदेश कांगेस के नेताओं से चर्चा हुई। बिहार में महागठबंधन सरकार मजबूती से बिहार के लोगों के लिए आशा के अनुरूप काम कर रही है।
हम सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध हैं। बिहार की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता पूरी मेहनत से जन-जन तक जाने को और बिहार के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप खरा उतरने को तत्पर है।
टीम एबीएन, जहानाबाद। हजारीबाग एसीबी की टीम ने शनिवार को विष्णुगढ़ थाना के छोटा बाबू मनोज कुमार को 6000 रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। वादिनी ललिता देवी ने छोटा बाबू मनोज कुमार पर केस मैनेज करने के नाम पर घूस मांगने की शिकायत एसीबी से की थी।
एसीबी ने मामले का सत्यापन कराने के बाद रणनीति बनायी। एक टीम गठित कर मनोज कुमार को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया गया। ग्राम-हेठली बोदरा, निवासी ललिता देवी ने एसीबी को दिये आवेदन में बताया था कि इनके पति बदरी यादव के नाम पर विष्णुगढ़ थाना में केस हुआ है।
विष्णुगढ़ थाना के छोटा बाबू मनोज घर आकर केस मैनेज करने को लेकर 10,000 रुपये की मांग की। नहीं देने पर पति को जेल भेज देने की बात कही। काफी मिन्नत के बाद 6 हजार रुपये में सौदा तय हुआ, मगर मैं रिश्वत नहीं देना चाहती हूं। एसीबी की टीम ने पहले मामले का सत्यापन कराया।
इसके बाद जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुये मनोज कुमार को रंगेहाथ धर दबोचा। एसीबी की टीम उन्हें अपने साथ हजारीबाग ले गयी, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। बता दें कि छोटा बाबू मनोज कुमार (52 वर्ष) पिता किशोरी मोहन बिहार के जहानाबाद के ग्राम पो. इक्कीस, थाना-मुखदुमपुर के रहनेवाले हैं।
एबीएन, न्यूज नेटवर्क, पटना। 24 दिसंबर को जदयू की वाराणसी में प्रस्तावित रैली स्थगित कर दी गयी है। रैली स्थगित होने के बाद जदयू की तरफ से तर्क दिया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने रैली की जगह नहीं दी, जिसकी वजह से रैली स्थगित करनी पड़ी।
इस खबर के बाद प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला है। नीतीश कुमार की वाराणसी रैली रद्द होने पर प्रशांत किशोर ने बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश राष्ट्रीय राजनीति में कोई नेता नहीं हैं। लोकसभा 2024 में इतनी बुरी तरह से हारेंगे कि जदयू पार्टी खत्म हो जायेगी।
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यूपी के वाराणसी में लोकसभा चुनाव-2024 के मद्देनजर होने वाली रैली कैंसिल हो गयी है। रैली कैंसिल होने के बाद से बयानबाजी का दौर खूब चल रहा है।
जदयू के नेता रैली कैंसिल होने को साजिश बता रहे हैं, तो वहीं भाजपा के नेताओं का बयान है कि नीतीश कुमार को बनारस में वार्ड पार्षद इतना वोट भी नहीं मिलेगा। इन सबके बीच, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया।
प्रशांत किशोर ने कहा- नीतीश कुमार को ये समझ या आंकलन करने की क्षमता ही नहीं है कि अगर आप महागठबंधन के साथ गये हैं और चुनाव हार गये तो आपकी पार्टी ही नहीं बचेगी, तो गठबंधन करियेगा किसके साथ? स्थिति ये हो जायेगी कि लोकसभा चुनाव-2024 में बुरी तरह से हारेंगे और जदयू पार्टी खत्म।
नीतीश कुमार राजनीति में कोई फैक्टर नहीं हैं। नीतीश राष्ट्रीय राजनीति में कोई महत्व के नेता नहीं हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 के नजरिए से इतना कह सकता हूं कि एक पार्टी जिसकी सबसे बड़ी हार होगी वो जेडीयू है। इस पार्टी को पांच सीटें भी नहीं आयेंगी।
प्रशांत किशोर यहीं नहीं रुके, उन्होंने नीतीश पर एक और तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने महागठबंधन क्यों बनाया गया था, पहले इसे समझिये। नीतीश कुमार को लोग जितना समझते हैं उससे कम मैं भी नहीं जानता हूं।
महागठबंधन बनाने से पहले नीतीश कुमार सबसे पहले मुझसे मिलने दिल्ली आये और मुझे चार घंटे तक समझाया कि महागठबंधन क्यों बनाना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने महागठबंधन सिर्फ इसलिए बनाया था, उनको लालू यादव और तेजस्वी यादव से कोई प्रेम नहीं है और भाजपा की नीतियों से दिक्कत भी नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार के मन में ये डर था कि लोकसभा 2024 तक वो अगर भाजपा के साथ बने रहे तो लोकसभा जीतने के बाद भाजपा वाले मुझे हटा देंगे, क्योंकि बिहार में बड़ी पार्टी तो भाजपा है।
नीतीश कुमार को उस समय ऐसा लग रहा था कि लोकसभा चुनाव-2024 जीतने के बाद भाजपा वाले अपना मुख्यमंत्री बनायेंगे। ऐसे में भाजपा ऐसी स्थिति पैदा करती उससे पहले भाजपा का साथ छोड़ नीतीश कुमार लालू यादव के साथ चले गये। इस फैसले से नीतीश कुमार कम से कम साल 2025 तक तो मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। दिनांक 13 एवं 14 दिसंबर, 2023 को पटना के ज्ञान भवन में बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023 (जो कि एक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट है) का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के 600 से भी अधिक उद्यमी और निवेशक भाग लेंगे।
मुख्य सचिवालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास के लिए अच्छा माहौल बना है। हम उद्योग जगत को बताना चाहते हैं कि बिहार में निवेश करना तथा नये उद्योग लगाना उनके लिए फायदेमंद होगा।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिहार ने कई प्रोत्साहन नीतियां बनाने के साथ-साथ उद्योगों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का भी विकास किया है। प्लग एण्ड प्ले इंडस्ट्रियल शेड जैसी सुविधाओं ने निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित किया है।
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि बिहार में उपलब्ध सुविधाओं तथा बिहार सरकार की औद्योगिक नीतियों के बारे में निवेशकों को बताने के लिए चेन्नई, तिरूपुर, बैंगलुरू, मुम्बई, नई दिल्ली, चंडीगढ़ और कोलकाता में इंवेस्टर्स मीट आयोजित किये गये।
संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, बांगलादेश, ताईवान तथा जापान में भी इंवेस्टर्स मीट आयोजित कर निवेशकों को बिहार में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में पटना में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री अनेक मंत्री, देश के प्रमुख निवेशक तथा उद्योगपति भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023 में अडानी ग्रुप से प्रणव अडानी, आईओसीएल की शुक्ला मिस्त्री, नाहर गु्रप आफ इंडस्ट्रीज के कमल ओसवाल, गोदरेज गु्रप के राकेश स्वामी, माईक्रोमैक्स बायोफ्यूल्स के राजेश अग्रवाल, हाई स्पिरिट कॉमर्शियल वेंचर्स के तुषार जैन, एएमडी के हसमुख रंजन, टाईगर एनालिटिक्स के महेश कुमार, एक्सेंचर के प्रशान्त कुमार, सुपरसेवा ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की कुमुद शर्मा, देवरेब कम्पनी के धीरज पाण्डेय, रूब्रीक के अभिलाष पुरूषोतमन, सुरेश चिप्स एंड सेमिकंडक्टर के चंदन राज, सैन इनर्जी एंड सॉलुशन के आनंद प्रकाश, एरिस्टो फार्मा के उमेश शर्मा, हैदराबाद इंडस्ट्रीज लिमिटेड अक्षय सेठ, जेके लक्ष्मी सीमेंट के अरूण शुक्ला, प्रिंस पाइप एंड फिटिंगस के जयंत छेड़ा, पटेल एग्री के डॉ दिलीप पटेल, आईटीसी के बी सुमंत, भारत ऊर्जा डिस्टिलेरिज के शुभम सिंह, अनमोल फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के अमित सरावगी, सावी लेदर्स के विजय झा, बांसवाड़ा सिंटेक्स के शालिन तोसनीवाल सहित सैंकड़ो उद्योगपति भाग लेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गयी कि बिहार देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में बिहार का सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 10.9 प्रतिशत रहा जो देश में तीसरा सबसे अधिक वृद्धि दर रहा। 2021-22 में पूरे देश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही।
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास में बिहार देश में अग्रणी है। वर्ष 2022 में इन उद्योगों के शानदार विकास के लिए बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सबसे बेहतरीन काम करने वाले राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसी तरह फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य निष्पादन के लिए 2023 में बिहार को वर्ल्ड फूड एक्सपो के दौरान माननीय राष्ट्रपति के कर-कमलों से पुरस्कृत किया गया।
बिहार में देश का सबसे युवा और कुशल कार्यबल मौजूद है। प्रदेश की 53 प्रतिशत से अधिक की आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और बिहार को देश का सबसे युवा राज्य माना जाता है। हर जिले में तकनीकी एवं कौशल विकास की संस्थाओं के माध्यम से अच्छी ट्रेनिंग व्यवस्था बिहार में उपलब्ध है। देश की प्राय: हर बड़े औद्योगिक इकाइयों में बिहार के कुशल कारीगर कार्यरत हैं।
बिहार में टेक्सटाइल, लेदर और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए भारी मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध है। लीची, मखाना, मक्का, आम, मशरूम, आलू, सब्जी आदि के उत्पादन में बिहार देश के अग्रणी तीन राज्यों में शामिल है। बिहार में गंगा, गंडक और कोशी सहित दर्जनों ऐसी नदियां हैं जहां सालों भर पानी रहता है। हर प्रकार के उद्योग के लिए बिहार में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।
इथेनॉल जैसे उद्योग जिसमें पानी की आवश्यकता ज्यादा होती है, के लिए बिहार देश के सबसे बेहतरीन राज्यों में एक है। 13 करोड़ की आबादी के साथ बिहार अपने आप में एक बहुत बड़ा बाजार है। बिहार में माल उत्पादन करके नेपाल, भूटान और बांगलादेश में निर्यात किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के राज्य, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और उड़ीसा के बाजार को यदि शामिल कर लिया जाए तो बिहार में उत्पादित सामग्री को 40 करोड़ लोगों का बाजार उपलब्ध हो जाता है। पिछले एक दशक में बिहार के सड़क नेटवर्क में अभूतपूर्व सुधार आया है। किसी भी जिला से राजधानी पटना पांच घंटे में पहुंचा जा सकता है।
पिछले एक दशक में 3 लाख किलोमीटर नई सड़कें बिहार में बनायी गयी है। बिहार के हर क्षेत्र में 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध है। सभी 75 औद्योगिक क्षेत्रों में डेडिकेटेड फीडर के माध्यम से उद्योगों के लिए बिजली उपलब्ध करायी गयी है।
निवेश को आकर्षित करने के लिए बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 है जिसे उद्यमियों की मांग पर 2020 और 2022 में संशोधित भी किया गया है। टेक्सटाइल तथा लेदर, बायोफ्यूल्स, लॉजिस्टिक तथा स्टार्ट-अप के लिए हमारे पास अलग से डेडिकेटेड पॉलिसी है।
जिनके माध्यम से अनेक प्रकार के प्रोत्साहन और अनुदान दिये जाते हैं। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद को प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों की स्थापना के लिए सभी विभागों से इलेक्ट्रॉनिक क्लियरेंस की व्यवस्था की गयी है।
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