बिहार

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Published / 2024-03-20 20:59:17
बीपीएससी ने रद्द की 15 मार्च को हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा, नोटिफिकेशन जारी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी द्वारा ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। दरअसल 15 मार्च को बीपीएससी ने शिक्षक भर्ती परीक्षा ली थी, जिसके बाद इस परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक होने के मामले सामने आए थे। 

इस मामले की जांच बिहार पुलिस कर रही है और परीक्षा में हुए पेपर लीक समेत सेटिंग करने वाले गिरोह को लेकर लगातार बिहार पुलिस नये-नये खुलासे कर रही थी। पुलिस का कहना है कि परीक्षा के पहले ही सेटर गैंग द्वारा पेपर को आउट कर दिया गया था और कई परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र के साथ उत्तर भी मुहैया करा दिया गया था। 

पेपर लीक में एक बड़े गैंग का हाथ सामने आया है। सेटिंग करने वाले गैंग ने परीक्षार्थियों से 10-10 रुपये तक लिये थे। बिहार पुलिस की टीम ने इस प्रकरण में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था, जिसके बाद आयोग द्वारा अंतत: परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। 

इस संबंध में बीपीएससी की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें 15 मार्च को आयोजित दोनों पालियों की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। 15 मार्च को आयोजित इस परीक्षा में काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। 

परीक्षा रद्द होने से निश्चित रूप से अभ्यर्थियों को मायूसी हाथ लगेगी। देखना होगा कि 15 मार्च की परीक्षा को रद्द करने वाला आयोग परीक्षा की नयी तारीखों का ऐलान कब करता है।

Published / 2024-03-19 21:52:35
खादी के संग रंगों का त्योहार मनायेगा बिहार

पटना के खादी मॉल में बच्चों, व्यस्क एवं महिलाओं के लिए एक से बढ़कर एक ट्रेंडी ड्रेस उपलब्ध

मंदिर के फूलों से तैयार ईको-फ्रेंडली गुलाल से त्वचा की रंगत रहेगी बरकरार 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। आगामी होली को लेकर पूर्वी गांधी मैदान स्थित खादी मॉल,पटना पूरी तरह से सजकर तैयार है। इस बार रंगों का त्योहार, खादी के संग मनाएगा बिहार थीम पर पूरे खादी मॉल को सजाया गया है। होली के विशेष अवसर पर खादी मॉल में बच्चों, व्यस्क एवं महिलाओं के लिए एक से बढ़कर एक ट्रेंडी ड्रेस उपलब्ध है जिसपर 30 प्रतिशत की भारी छूट भी मिल रही है।

इस संबंध में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, पटना के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि खादी के कपड़े हमेशा से होली के परंपरागत पोशाक रहे हैं। खादी की ड्राई होने की गुणवत्ता की वजह से सदियों से लोग होली पर खादी के कपड़े पहनते आ रहे हैं। होली के विशेष थीम पर इस बार रंगीन खादी के परिधान और हस्तनिर्मित वस्तुओं का खादी मॉल में भरमार है। 

पुरुषों के लिए फैशनेबल कुर्ता-पजामा, तो महिलाओं के लिए चिकनकारी कुर्ती और हैंडलूम साड़ियां भी उपलब्ध है। उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य होली पर वर्षों से चली आ रही खादी वस्त्र पहनने की परंपरा को जीवंत रखना और नागरिकों को ईको-फ्रेंड्ली होली मनाने के प्रति जागरुक करना है।

दिव्यांगों ने मंदिर परिसर में उपलब्ध फूलों से बनाया हर्बल गुलाल

होली को ध्यान में रखते हुए खादी मॉल में ईको-फ्रेंडली टी24 हर्बल गुलाल भी उपलब्ध है। इस हर्बल गुलाल को टी24 डिसेबिलिटी फाउंडेशन, कंकड़बाग के दिव्यांग सदस्यों ने मंदिर परिसर में उपलब्ध फूलों से तैयार किया है। इस गुलाल में नेचुरल खुशबू है। हर्बल गुलाल होने के कारण त्वचा की रंगत को भी बरकरार रखेगा।

इस हर्बल गुलाल की खास बात यह है कि इसके निर्माण की प्रक्रिया के कारण यह पर्यावरण अनुकूल है। इसके अलावा ग्रामीण उद्योग के तहत निर्मित मिठाइयां, लड्डू और अन्य सूखा नाश्ता भी बिक्री हेतु उपलब्ध है। अब ग्राहक कपड़ों से लेकर खाने की सामग्री तक सब एक छत के नीचे ही खरीद सकते हैं।

खादी वस्त्रों के बिना अधूरा है होली का त्योहार

खादी मॉल में खादी कपड़ों की खरीदारी करने आए एक निजी कंपनी के कार्यकारी अधिकारी प्रणव शर्मा ने कहा कि होली खादी के कपड़ों के बिना अधूरा है। होली पर खादी के कपड़े पहनना मात्र एक परंपरा नहीं, बल्कि एक समझदार चयन भी है। देश के सभी लोगों को खादी वस्त्र ही धारण करना चाहिए, क्योंकि खादी कपड़ों में आराम महसूस होता है। 

उन्होंने बताया कि इस बार वह कुर्ता खरीदने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह के अंत में एक बार फिर अपने पूरे परिवार के साथ कपड़ों की खरीदारी करने खादी मॉल आयेंगे।

Published / 2024-03-15 19:58:25
पूर्व मंत्री तेजप्रताप अस्पताल में भर्ती

पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की अचानक तबीयत बिगड़ी

लो ब्लड प्रेशर और सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गयी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज प्रताप को लो ब्लड प्रेशर व सीने में दर्द की शिकायत थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। 

डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। बताया जा रहा हैं कि उन्हें पटना के राजेंद्र नगर में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी कुछ तस्वीरें सामने आयी हैं, जिसमें वह अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए हैं।

Published / 2024-03-05 21:05:34
बिहार : गया में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गया। बिहार के गया में भारतीय सेना के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी का एक हेलीकॉप्टर मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें  दो पायलट सवार थे। एक महिला सहित पायलट मामूली चोटें आयी। 

हालांकि जान माल का नुकसान नहीं हुआ। बता दें कि हेलीकॉप्टर अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) का है और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम पर था। यह घटना बोधगया उपमंडल के कंचनपुर गांव में घटी। 

ग्रामीणों ने कहा कि जब हेलीकॉप्टर एक कृषि क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो उस समय दो पायलट उसके अंदर थे। ग्रामीणों ने दोनों पायलटों को बचाने में मदद की और बाद में स्थानीय पुलिस और ओटीए को घटना की जानकारी दी। ओटीए अधिकारी गांव पहुंचे और दोनों पायलटों को इलाज के लिए बेस कैंप ले जाया गया।

Published / 2024-03-03 17:40:03
जन विश्वास महारैली में भाग लेने पटना पहुंचे झारखंड राजद के कार्यकर्ता

  • रांची जिला राजद के हजारों कार्यकर्ता जन विश्वास महारैली में भाग लेने पटना पहुंचे

टीम एबीएन, रांची/ पटना। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रविवार को आयोजित महागठबंधन के जन विश्वास महारैली में भाग लेने के लिए रांची जिला राजद के अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो के नेतृत्व में विभिन्न प्रखंडों और पंचायत के हजारों कार्यकर्ता छोटी बड़ी गाड़ियों और ट्रेन मार्ग से पटना पहुंचे। पटना में श्री महतो के नेतृत्व में रांची जिला राजद के कार्यकर्ताओं ने राजद नेता तेजस्वी यादव के सम्मुख अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। 

श्री यादव ने झारखंड से आये कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए उन्हें गांधी मैदान पहुंचने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि जन विश्वास महारैली में भाग लेने के लिए जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो के साथ प्रदेश के महासचिव भास्कर वर्मा भी कार्यकर्ताओं के साथ पटना गये हैं। 

राजद कार्यकर्ता और नेता पार्टी के झंडा और बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए छोटी-छोटी गाड़ियों और ट्रेन से शनिवार को ही पटना के लिए रवाना हुए और रविवार को भी महारैली में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

Published / 2024-02-24 07:35:14
स्टार्ट-अप बिहार एवं सिडबी ने मिलाया हाथ

  • बिहार में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए बनाया 150 करोड़ का स्केल-अप फंड

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार की स्टार्ट-अप इकाइयों को स्केल-अप फंडिंग प्रदान करने के उद्देश्य से  स्टार्ट-अप बिहार ने सिडबी के साथ हाथ मिलाया है। इसके लिए  150 करोड़ रुपये के बिहार स्टार्ट-अप स्केल-अप फाईनेंसिंग फंड की स्थापना संबंधी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया। इसमें सिडबी का अंशदान 100 करोड़ रुपये एवं स्टार्ट-अप बिहार का अंशदान 50 करोड़ रुपये होगा। 

उप मुख्यमंत्री-सह-उद्योग मंत्री सम्राट चौधरी एवं उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक की उपस्थिति में समझौता पत्र पर स्टार्ट-अप बिहार की और से उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित तथा सिडबी की ओर जेनरल मैनेजर अरिजीत दत्त ने हस्ताक्षर किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री-सह-उद्योग मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार देश के विकासशील राज्यों में से एक है। 

प्रतिकूल परिस्थितियों में बिहार दृढ़ संकल्प के साथ एक मजबूत राज्य बनकर उभरा है। उद्योग विभाग द्वारा स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। स्टार्ट-अप नीति, 2022 के तहत स्क्रीनिंग, मूल्यांकन, पिचिंग और फंडिंग के लिये चयन प्रक्रिया 45 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जाता है जो प्रशंसनीय है। 

अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने इस अवसर कहा कि बिहार स्टार्ट-अप नीति के अन्तर्गत लाभुकों को दस लाख रूपये तक सीड फंड की राशि देने का प्रावधान है। यह राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाती है, जिसे 10 वर्षों के उपरान्त लौटाना होता है। 

साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला उद्यमियों को निर्धारित सीमा से 5 प्रतिशत अतिरिक्त फंडिग का लाभ दिया जाता है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा दिव्यांग उद्यमियों को 15 प्रतिशत अतिरिक्त फंडिंग का लाभ दिया जाता है। 

उन्होंने कहा कि बिहार में पंजीकृत स्टार्ट-अप यदि एंजेल इन्वेस्टर अथवा सेबी रजिस्टर्ड निवेशकों से निवेश लेने में सफल होते हैं तो उन्हें 2 प्रतिशत की प्रोत्साहन राशि तथा निवेशित राशि का अधिकतम 50 लाख रूपये तक का मैचिंग फण्ड दिया जाता है। सिडवी के साथ समझौता हो जाने से बिहार का स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम और मजबूत होगा। 

मौके पर उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित ने जानकारी दी कि बिहार स्टार्ट-अप नीति के अन्तर्गत कुल 585 स्टार्ट-अप्स को चयनित किया जा चुका है, और इन्हें सीड फण्ड के रूप में 58.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। विभाग द्वारा 31 करोड़ 38 लाख रूपये इन स्टार्ट-अप्स को सीड फंड (ऋण राशि) के रूप में वितरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार के लगभग सभी जिलों से स्टार्ट-अप का चयन किया गया है। 

ये स्टार्ट-अप आर्टिफिसियल इंटेलिजेन्स, सूचना प्रौद्योगिकी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन, लेखन एवं पत्रकारिता, कृषि, कृषि-तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा-तकनीकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। उद्योग निदेशक ने बताया कि नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिये चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना के द्वारा स्टार्ट-अप बिहार के सहयोग से पीजीडीएम पाठ्यक्रम शुरू किया गया है।

स्टार्ट-अप बिहार द्वारा विद्यार्थियों एवं युवाओं के बीच उद्यमिता एवं स्टार्ट-अप के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य भर में विभिन्न महाविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, तकनीकी संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम यथा- स्टार्ट-अप ऑउटरीच कार्यक्रम, आईडियाथॉन, हैकथॉन आदि का आयोजन किया जाता है। 

राज्य भर में विभिन्न महाविद्यालयो, अभियंत्रण महाविद्यालयों, संस्थानों एवं तकनीकी संस्थानों में 43 स्टार्ट-अप सेल का स्थापना की जा चुकी है तथा 7 नये स्टार्ट-अप सेल का गठन प्रक्रियाधीन है। 
इस अवसर पर सिडबी के जेनरल मैनेजर अरिजीत दत्त ने जानकारी दी कि सिडबी 1995 से विभिन्न एमएसएमई केंद्रित वेंचर कैपिटल फंड्स के कोष में योगदान देकर फंड ऑफ फंड्स संचालन कर रहा है।

सिडबी ने पिछले कुछ वर्षों में फंड ऑफ फंड्स संचालन करने में दक्षता हासिल की है। सिडबी द्वारा सिडबी भारत एस्पिरेशन फंड, और एस्पायर फंड, स्टार्ट-अप ऑफ गवेर्मेंट ऑफ इण्डिया फंड, यूपी स्टार्ट-अप फंड तथा ओड़िशा स्टार्ट-अप ग्रोथ फंड जैसे फंड ऑफ फंड्स का संचालन किया जाता है।

समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर कार्यक्रम में तकनीकी विकास निदेशालय के निदेशक विशाल राज, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार एवं संयुक्त सचिव योगेश कुमार सागर, सहायक उद्योग निदेशक ज्योति कुमारी आदि मौजूद रहे।

Published / 2024-02-17 21:11:23
बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत मिलेगी दो लाख रुपये तक की सहायता

खादी मेला में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, भागलपुर। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा सैण्डिश कंपाउंड में लगाये गये खादी मेला-सह-उद्यमी बाजार में जिला उद्योग केंद्र द्वारा बिहार लघु उद्यमी योजना के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में जिला उद्योग केन्द्र के प्रभारी महाप्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि बिहार राज्य में जाति आधारित गणना में परिवार की मासिक आय के आधार पर आर्थिक रूप से गरीब परिवारों की सहायता के लिए बिहार लघु उद्यमी योजना लागू की गयी है। इस योजना का लक्ष्य गरीब परिवारों के आािर्थक विकास को सुनिश्चित करते हुए बेरोजगारी में कमी लाना है। 

प्रभारी महाप्रबंधक ने बताया कि इस योजना के तहत रोजगार के लिए प्रत्येक गरीब परिवार के कम से कम एक सदस्य को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन करने वाले लोगों का बिहार का निवासी होना अनिवार्य है। 

लाभुक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा लाभुक की पारिवारिक आय प्रतिमाह छ: हजार रुपए से कम होनी चाहिए। सहायता राशि तीन किश्तों में दी जायेगी। प्रथम किस्त में परियोजना लागत की 25 प्रतिशत, द्वितीय किस्त में परियोजना लागत की 50 प्रतिशत एवं तृतीय किस्त में परियोजना लागत की 25 प्रतिशत राशि दी जायेगी। 

प्रत्येक किस्त के सदुपयोग करने के बाद ही अगली किस्त की राशि दी जायेगी। प्रथम किस्त का उपयोग लाभार्थी द्वारा टूलकिट/मशीन का क्रय के लिए प्रयोग किया जायेगा। योजना के तहत लाभ पाने वाले लाभुकों को 61 प्रकार की परियोजनाओं में से किसी एक का चयनित करना होगा। 

जिला स्तर पर योजना के अनुश्रवण हेतु जिला अनुश्रवण समिति का गठन कर लिया गया है जिसके अध्यक्ष जिला पदाधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए उद्योग विभाग के पोर्टल www.udyami.bihar.gov.in पर आनलाइन आवेदन करना है जिसकी अंतिम तिथि 20 फरवरी, 2024 है। 

जागरूकता कार्यक्रम में बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के जिला खादी एवं ग्रामोद्योग पदाधिकारी बैद्यनाथ सिंह, यंग कंसलटेंट एमजे सिन्हा, उद्योग विस्तार पदाधिकारी शशि श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। 

मेला में खादी एवं ग्रामोद्योग पदाधिकारी बैद्यनाथ सिंह ने बताया कि मेला में बड़ी संख्या में खादी प्रेमी आ रहे हैं और खादी प्रेमियों के मांग पर ही मेला विस्तार 18 फरवरी, 2024 तक कर दिया गया है।

Published / 2024-02-03 21:00:40
मधुबनी : लड़कियों के साथ घूमते देख तीन लड़कों को पीटा, फिर कराया जबरन विवाह

बिहार के मधुबनी जिले की घटना

  • पुलिस करती रही आनाकानी, आखिर में गैरसरकारी संगठन ग्राम विकास ट्रस्ट के प्रयासों से दर्ज हुआ मामला  

एबीएन न्यूजन नेटवर्क, मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में एक चौंकाने वाली घटना में स्थानीय बाजार में लड़कियों के साथ साथ घूमते पाए जाने पर असामाजिक तत्वों ने मारपीट कर तीन लड़कों का जबरन विवाह करवा दिया। घटना एक फरवरी की रात की है और अगले दिन कहीं जाकर इस मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित किया गया। लड़कों के परिजनों को इस विवाह के बारे में सूचित भी नहीं किया गया। आधार कार्ड में दर्ज उम्र के हिसाब से तीनों लड़कों की उम्र विवाह के लिए कानूनी तौर पर मान्य 21 वर्ष से काफी कम है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के सहयोगी संगठन ग्राम विकास युवा ट्रस्ट ने स्थानीय थाने से संपर्क किया। लेकिन थाने से त्वरित कार्रवाई नहीं होते देख ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय एसडीएम व बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (सीएमपीओ) को लिखित अर्जी दी। सीएमपीओ ने इसके जवाब में स्थानीय थाना प्रभारी एवं प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को इस बारे में उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद ग्रामीणों के विरोध की आशंका के कारण पुलिस बोर्ड परीक्षाओं की आड़ लेकर कार्रवाई में आनाकानी करती रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अंत में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने जिले की चाइल्ड हेल्प लाइन (जिला बाल संरक्षण इकाई) और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डालसा) से संपर्क किया। इन दोनों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस लड़कियों के गांव पहुंची और इस संबंध में छह मामले दर्ज करने के बाद तीनों लड़कियों एवं लड़कों को बाल संरक्षण इकाई के सुपुर्द कर दिया। चाइल्ड हेल्प लाइन ने काउंसलिंग के बाद शुक्रवार शाम तीनों लड़कियों को अस्थायी बालिका गृह एवं लड़कों को बाल गृह भेज दिया।

इस मामले में फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने विवाह कराने वाले पंडित और मारपीट कर जबरन विवाह कराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों व पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी लड़के-लड़कियों की आपस में काफी समय से जान-पहचान थी और ये स्थानीय बाजार में अक्सर साथ देखे जाते थे। लड़कियों के गांव के कुछ असामाजिक तत्वों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने इन लड़कों को पकड़ कर पहले मारा-पीटा और बाद में उनका विवाह करा दिया। 

बाल विवाह मुक्त भारत (सीएमएफआई) देश को 2030 तक बाल विवाह से मुक्त कराने के लक्ष्य के साथ एक मंच पर आए 160 से ज्यादा गैरसरकारी संगठनों का एक गठबंधन है। ये संगठन देश में बाल विवाह की उच्च दर वाले 300 से ज्यादा जिलों में पूरी तरह महिलाओं की अगुआई में  जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे हैं। 

बाल विवाह मुक्त भारत के संयोजक रवि कांत ने इस घटना को प्रशासन व स्थानीय ग्रामीणों की विफलता करार देते हुए कहा कि समूचा प्रकरण कई मायनों में शर्मनाक है। बिहार एक ऐसा राज्य है, जहां बाल विवाह की दर 40 प्रतिशत है और राज्य सरकार इसकी रोकथाम के तमाम उपाय कर रही है। इसी उद्देश्य से यह कानून लाया गया था जिसमें बाल विवाह के लिए पंचायत पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की गई थी। पंचायत पदाधिकारियों को बाल विवाह के बारे में सूचित करने और इसकी रोकथाम का जिम्मा सौंपा गया था। 

इसके बावजूद स्थानीय मुखिया या सरपंच ने पुलिस या प्रशासन को सूचित करने की जहमत नहीं उठाई जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा- सूचना होने के बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों ने किसी को जानकारी नहीं दी और प्रशासनिक निदेर्शों के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई में सुस्ती दिखाई जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि चूक हर स्तर पर हुई है और बाल विवाह को रोकने के लिए अपेक्षित गंभीरता का अभी भी अभाव है। इससे संंबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से भी संपर्क किया जा सकता है।

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