एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना / रांची। बाल मजदूरी, बच्चों की ट्रैफिकिंग और बाल यौन शोषण के खिलाफ दशकों से संघर्ष कर रहे देश के अग्रणी बाल अधिकार संगठन एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) की सूचना व निशानदेही पर बिहार के रोहतास जिले की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्केस्ट्रा पार्टियों पर छापे मार कर 42 लड़कियों और तीन लड़कों सहित 45 बच्चों को मुक्त कराया। इनमें से ज्यादातर लड़कियां छत्तीसगढ़ की है। इस दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ जारी है।
मुक्त कराए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जहां आगे की कार्रवाई जारी है। इन बच्चियों को मुक्त कराने के लिए रोहतास पुलिस के आपरेशन नटराज में जिले के पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार की अगुआई में 9 थानों की पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) सहित पूरे जिले का पुलिस अमला शामिल था।
एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन की टीम को अपनी छानबीन में पता चला था कि जिले में आर्केस्ट्रा समूहों में कार्य करने करने के लिए दूसरे राज्यों और खास तौर से छत्तीसगढ़ से जनजातीय समुदाय की लड़कियों को यहां लाया जा रहा है जहां आर्केस्ट्रा में काम करने के नाम पर उनसे वेश्यावृत्ति भी कराई जाती है। एवीए ने इस बाबत सभी जानकारियां बिहार के पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) डॉ. अमित कुमार जैन से साझा की।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए डॉ. जैन ने रोहतास के पुलिस अधीक्षक को इस बारे में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला पुलिस ने एवीए के सहयोग से इन आर्केस्ट्रा ग्रुपों में यौन शोषण व उत्पीड़न की पीड़ित बच्चियों को मुक्त कराने के लिए आपरेशन नटराज शुरू किया। एवीए की निशानदेही पर इन आर्केस्ट्रा पार्टियों के सात से आठ ठिकानों पर छापे मारे गए और इन बच्चियों को मुक्त कराया गया। तड़के 4 बजे से दस बजे तक छह घंटे चली इस छापामार कार्रवाई में पुलिस की 19 गाड़ियां शामिल थीं।
एवीए के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने रोहतास पुलिस की कार्रवाई को उम्मीद जगाने वाला कदम करार देते हुए कहा कि बच्चों को यौन शोषण व उत्पीड़न से बचाने के लिए पूरे देश में इस तरह की कार्रवाइयों की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमारे पास पुख्ता सूचना थी कि यहां अलग-अलग राज्यों से गरीब व मजबूर परिवारों को लड़कियों को आर्केस्ट्रा में काम करने के लिए लाया जाता है जहां न सिर्फ उन्हें छोटे कपड़ों में अश्लील नृत्य करने के लिए मजबूर किया जाता है, बल्कि उनसे वेश्यावृत्ति भी कराई जाती है।
पहले ज्यादातर लड़कियां पश्चिम बंगाल से लाई जाती थीं लेकिन अब छत्तीसगढ़ इन ट्रैफिकिंग गिरोहों का नया ठिकाना है। देखने में आया है कि ट्रैफिकर अब इन लड़कियों से झूठ-मूठ का विवाह रचाते हैं, उन्हें खरीद कर, पढ़ाई या फिर नौकरी का झांसा देकर लाते हैं। बहुत सी लड़कियां यौन शोषण के साथ ही बाल विवाह की भी पीड़ित होती हैं। इन्हें अमानवीय स्थितियों में रखा जाता है और अमानवीय बर्ताव किया जाता है। यह एक संगठित अपराध है और इन अंतरराज्यीय ट्रैफिकिंग गिरोहों में कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। लिहाजा इसकी पूरी तहकीकात कर इन गिरोहों पर नकेल कसने की जरूरत है।
बताते चलें कि एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है जो देश के 26 राज्यों के 416 जिलों में बाल मजदूरी, बाल यौन शोषण, बच्चों की ट्रैफिकिंग और बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहा है। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/ रांची। बिहार में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। दरअसल, गंगा में स्नान करते हुए 6 लोग नदी में डूब गये हैं। इधर, घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र के कलेक्ट्रेट घाट पर 6 लोग गंगा स्नान करने के लिए गए और डूब गये। घटना की सूचना मिलते ही लापता लोगों को ढूंढ़ने के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। टीम के द्वारा दो युवकों को बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल टीम चार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। लेकिन अब तक उनका कुछ पता नहीं लगा।
वहीं, इस घटना के बाद लापता लोगों के परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल एसडीआरएफ की टीम के द्वारा दो युवकों को बाहर निकाल लिया गया है। बाकी डूबे हुए 4 लोगों की तलाश जारी है।
टीम एबीएन, रांची/ पटना। संधारणीय विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए श्री सीमेंट ने पटना, बिहार में बांगुर मार्बल सीमेंट लॉन्च किया है। उच्च चमक, बेहतर मजबूती और दरार प्रतिरोध के लिए डिजाइन किया गया यह पर्यावरण के अनुकूल पीएससी सीमेंट, टिकाऊपन को बढ़ाते हुए पर्यावरण के लिए हानिकारक प्रभाव को कम करने के लिए स्टील निर्माण के उप-उत्पाद जीजीबीएस को एकीकृत करता है।
झारखंड के रांची में अपनी शुरुआत के बाद, बांगुर मार्बल सीमेंट बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 2,000 से अधिक खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचने के लिए तैयार है। श्री सीमेंट डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण के माध्यम से उत्पाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें उपभोक्ताओं को इसके लाभों के बारे में शिक्षित करने के लिए इन-स्टोर प्रदर्शन शामिल हैं।
श्री सीमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नीरज अखौरी ने कंपनी की संधारणीयता दृष्टि पर जोर देते हुए कहा कि बांगुर मार्बल सीमेंट जिम्मेदार निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। संधारणीय सामग्रियों को एकीकृत करके, हम बेहतर गुणवत्ता प्रदान करते हुए दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ सुनिश्चित कर रहे हैं।
बांगुर मार्बल सीमेंट की स्थिरता संबंधी विशेषताएं इसे बिल्डरों, सरकारी परियोजनाओं और पुनरुद्धार प्रयासों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती हैं, जो दीर्घकालिक संरचनात्मक लचीलेपन का समर्थन करती हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क, पटना। बीते एक और आज दो जनवरी को पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित 68 वीं नेशनल स्कूल गेम्स-रग्बी-7 (अंडर14)का आज समापन हो गया। बिहार की रग्बी अंडर-14 गर्ल्स टीम ने खेले गये फाइनल मैच में ओड़िशा को 10-5 से हराकर चैम्पियनशिप जीत लिया। महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा। दूसरी ओर बिहार बॉयज टीम ने भी फाइनल में महाराष्ट्र को 50-00 के भारी अन्तर से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
खेल विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार ने बिहार रग्बी एसोसिएशन के सचिव पंकज कुमार ज्योति, एसजीफआई लखनऊ के फिल्ड ऑफिसर प्रेमचंद भारती और पटना के जिला खेल पदाधिकारी ओम प्रकाश की उपस्थिति में विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी वितरित किया। मंच का संचालन शारीरिक शिक्षा की व्याख्याता रेणु कुमारी ने किया।
उल्लेखनीय है कि 24,25 दिसंबर और 28,29 दिसंबर को आयोजित अंडर 19 में बिहार की गर्ल्स टीम प्रथम स्थान पर तथा बॉयज टीम दूसरे स्थान पर रहीं थीं वहीं अंडर 17 में बिहार की गर्ल्स और बॉयज दोनों टीमें प्रथम स्थान के साथ चैंपियन बनीं थीं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक संपन्न हो गई। सीएम नीतीश कुमार ने 43 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी। बिहार सरकार ने विशिष्ट शिक्षक नियमावली को मंजूरी दे दी है। अब सक्षमता परीक्षा तीन की जगह पांच बार होगी। बिहार अब 85 हजार 609 नियोजित शिक्षक बचे हुए हैं। इन्हें सक्षमता परीक्षा देना है। बिहार सरकार ने शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
अब अनुशासनहीनता के मामले में सख्त कार्रवाई होगी। अगर किसी शिक्षक पर अनुशासनहीनता का आरोप लगता है तो उनपर कड़ी कार्रवाई होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी उनका तबादला प्रखंड स्तर पर कर सकते हैं। साथ ही दूसरे जिले में तबादले को लेकर अनुशंसा करेंगे। हालांकि शिक्षक अपने ट्रांसफर को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास अपील कर सकते हैं। उनके पास अपील करने का अधिकार दिया गया है।
छठे केंद्रीय वेतनमान में वेतन और पेशन प्राप्त कर रहे बिहार सरकार के सरकारी सेवकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन भोगियों को एक जुलाई 2024 के प्रभाव से 239 प्रतिशत के जगह अब 246 प्रतिशत महंगाई भत्ते के भुगतान के प्रस्ताव पर स्वीकृति लगा दी गई। इधर, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 459 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गयी है।
सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन निर्माण के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। राज्य में 2500 आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के लिए 300 करोड रुपए की लागत आएगी। इसमें नाबार्ड से 255 करोड़ एवं राज्य योजना मत से 45 करोड रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा पटना सर्किट हाउस में अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 34 करोड़ 26 लाख रुपये की तकनीकी प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के अधीनपूर्व से सृजित कुल छह पदों का प्रत्यर्पण और कुल पांच नये पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। वहीं नेत्र विज्ञान केंद्र, राजेंद्र नगर पटना के सुगम संचालन के लिए पूर्व सृजित विभिन्न कोर्ट के अनुपयोगी 18 पदों के प्रत्यर्पण एवं 72 अतिरिक्त पदों के सृजन के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गयी।
इससे पहले दो दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी। इसमें 33 प्रस्तावों पर मुहर लगी थी। नीतीश सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी गई। जमीन सर्वे के लेकर हो रही परेशानी को देखते हुए बिहार सरकार ने इसकी छह महीना बढ़ा दी। हालांकि, इसके संकेत पहले ही दे दिये गये थे।
बिहार सरकार ने मंत्री दिलीप जायसवाल ने विधानसभा सत्र के दौरान जमीन सर्वे में लोगों को छूट देने का एलान किया था। इसके अलावा राज्य में पर्यटन के विकास को बढ़ावा देने के लिए सहरसा के मत्स्यगंधा झील और कैमूर के करमचट में ईको टूरिज्म हब बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी थी।
एबीएन कैरियर डेस्क। बीपीएससी परीक्षा के दौरान पटना सहित अन्य कई जिलों में हंगामा हुआ। परीक्षार्थियों का आरोप था कि प्रश्नपत्र लीक हुआ है। उनका कहना था कि इसी वजह से देर से प्रश्न पत्र उन्हें दिया गया। अब इस मामले पर बीपीएससी अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई का बयान सामने आया है।
इस मामले पर उन्होंने कहा कि करीब सवा 12 बजे सेंटर पर कुछ अभ्यर्थियों ने यह अफवाह फैलाया कि पेपर वायरल हो गया। यह बात सुनकर अभ्यर्थी पेपर लेकर बाहर निकल गये और अन्य अभ्यर्थियों को भड़काने लगे। उन्होंने कहा कि आपलोग किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। हर तरह से जांच कर ली गयी है।
आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनु भाई ने बताया कि 911 परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न हई। केवल पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर हंगामा हुआ। इसमें भी कुछ अभ्यर्थियों को छोड़कर सभी ने परीक्षा दिया। दो अभ्यर्थियों का आरोप था कि हमारे सामने प्रश्न पत्र नहीं खोला गया, जबकि परीक्षा केंद्र में किसी एक कक्ष में प्रश्न पत्र खोलने का नियम है।
अभ्यर्थियों का दूसरा आरोप है उन्हें प्रश्न पत्र देर से मिली? इस आरोप की जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है। सीसीटीवी की जांच कर रही है। प्रश्नपत्र वायरल करने पर बीपीएससी ने कहा कि बापू परीक्षा केंद्र से दो अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र बाहर फेंकते देखे गये। इस मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है।
आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनु भाई ने यह भी कहा कि कहीं से पेपर वायरल की शिकायत नहीं मिली है। सभी केंद्रों पर कदाचार मुक्त परीक्षा ली गयी है। उन्होंने कहा कि एक-एक मामले की जांच की जा रही है। प्रश्न पत्र देर से मिलने के आरोप की भी जांच चल रही है।
बीपीएससी के सचिव कुंदन कुमार ने कहा है कि हर 25 अभ्यर्थियों पर विक्षक तैनात किये गये हैं। आज के परीक्षा में कुल 68 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा दिया। प्रश्न पत्र देर से मिलने के सवाल पर कहा कि अगर देर से मिलता तो उसी सेंटर यानी बापू परीक्षा केंद्र पर साढ़े पांच हजार छात्र कैसे परीक्षा देते।
टीम एबीएन, पटना/ रांची। राजधानी पटना मेट्रो के ट्रायल रन के लिए पटरी बिछा दी गयी हैं। जनवरी महीने से पांच स्टेशनों के बीच रेल पटरी बिछाने का काम शुरू होगा और जुलाई महीने तक मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक पांच रेलवे स्टेशन का काम पूरा कर लिया जायेगा।
तय किया गया है कि 15 अगस्त से आम लोग पटना मेट्रो की सेवा का लाभ ले पायेंगे और बचे हिस्सों का निर्माण कार्य भी तेज गति से पूरा किया जा रहा है। पटना मेट्रो का कार्य जल्द पूरा करना है और इसको लेकर समय-समय पर कार्य प्रगति की समीक्षा और मौके का मुआयना भी किया जा रहा है।
पटना मेट्रो के पहले चरण में 26 मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं, लेकिन पांच मेट्रो स्टेशन को प्रायोरिटी स्ट्रेच पर रखा गया है। जिसमें मलाई पकड़ी से आईएसबीटी के बीच जल्द से जल्द काम पूरा कर मेट्रो सेवा की शुरुआत करनी है और यह 15 अगस्त से शुरू हो जायेगा।
इसके लिए प्लान के साथ काम किया जा रहा है। बाद में तख्त श्री हरमंदिर पटना साहिब, एयरपोर्ट और बाहरी हिस्सों को भी मेट्रो के जरिये जोड़ने की योजना है। मलाही पकड़ी के बाद अगला स्टेशन खेमनीचक है और बाईपास पर स्थित इस स्टेशन का काम भी द्रुत गति से पूरा किया जा रहा है।
खेमनीचक के बाद आता है भूतनाथ। भूतनाथ में पार्किंग से लेकर तमाम दूसरे सुविधा साधन का मुआयना नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नितिन नवीन ने किया। इसके साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये गये। पटना मेट्रो के आने से शहर की तस्वीर बदल जायेगी।
इसके अलावा आवागमन सस्ता और सुलभ होने के साथ समय की भी बचत होगी। पटना के छह पॉकेट में मेट्रो का काम अभी चल रहा है लेकिन इसके पूरा होने के साथ ही इसके विस्तार की योजना भी बनी है और महत्वपूर्ण स्थानों को मेट्रो से जोड़ा जा रहा है। पटना एयरपोर्ट को भी मेट्रो से जोड़ा जा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 2029 में जब भाजपा नीत राजग केंद्र की सत्ता में 15 साल पूरे करेगा, तब तक बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क अमेरिका के बराबर हो जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे गडकरी ने बोधगया में लगातार दो कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
बिहार का सड़क नेटवर्क अमेरिका के बराबर हो जाएगा
नितिन गडकरी ने कहा, हमारी सरकार सड़क आधारभूत संरचना के मामले में तेजी से प्रगति कर रही है और यह बिहार में भी दिख रहा है। मैं वादा करता हूं कि मौजूदा पांच साल के कार्यकाल के बाद, जब हम सत्ता में 15 साल पूरे कर लेंगे, तो बिहार का सड़क नेटवर्क अमेरिका के बराबर हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार के सड़क नेटवर्क में जबरदस्त सुधार हुआ है और राजग सरकार आगे भी विकास के लिए काम करती रहेगी। उन्होंने इस अवसर पर 3,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
गडकरी ने करोड़ों रुपए की योजनाओं की दी सौगात
मंत्री ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-20 का बख्तियारपुर-रजौली खंड और रजौली से हल्दिया तक सड़क चौड़ीकरण शामिल है। इससे झारखंड और बिहार के बीच संपर्क बेहतर होगा और नवादा जिले के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। गडकरी ने हसनपुर से बख्तियारपुर सड़क चौड़ीकरण खंड जिससे नालंदा और पटना जिलों के बीच यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, सहित कई अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
केंद्रीय मंत्री द्वारा घोषित अन्य परियोजनाओं में 5,100 करोड़ रुपये की लागत से 90 किलोमीटर लंबी मोकामा से मुंगेर सड़क का चौड़ीकरण और 1,250 करोड़ रुपये की लागत से नौ शहरों में 11 रेल ओवर ब्रिज शामिल हैं। गडकरी ने पटना में 10,000 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीनफील्ड रिंग रोड की भी घोषणा की।
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