मनोरंजन

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Published / 2023-10-18 20:25:57
जल्द सिनेमाघरों में होगी रिलीज फिल्म जगतगुरु श्रीरामकृष्ण

एबीएन डेस्क (हजारीबाग)। झारखंड में बनी फिल्म जगतगुरु श्रीरामकृष्ण बहुत जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को देखने से आपको मंनोरंजन मिल सकता है। लेकिन मनोरंजन के साथ- साथ आपको अच्छे विचार, अपने जीवन की समस्याओं का समाधान, जीवन जीने का नजरिया यदि किसी फिल्म में मिल सकता है तो वह फिल्म है जगतगुरू श्री रामकृष्ण।

इस फिल्म में आपके बच्चों को जीवन जीने की सही दिशा देने वाली बात हैं। स्वामी विवेकानंद किस प्रकार नरेन्द्र से विवेकानंद बनते हैं और किस प्रकार अपने जीवन को महान बनाते हैं, उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस उनको किस प्रकार से शिक्षा देते हैं, यह सब भी आप देखेंगे। 

भजन सम्राट अनूप जलोटा, सुरेश वाडकर, महालक्ष्मी अय्यर ने अपनी मधुर गीत गाकर इस फिल्म को मनोरंजक और आकर्षक बना दिया है। हजारीबाग व  झारखंड के कलाकारों ने बहुत ही सुंदर अभिनय द्वारा इस फिल्म को जीवंत कर दिया है। 

जगतगुरू श्री रामकृष्ण परमहंस के जीवनी और शिक्षाओं पर आधारित फिल्म जगतगुरू श्री रामकृष्ण आपके नजदीकी सिनेमाघरों में जल्द ही रिलीज होगी। गीतकार डा हरेराम पांडेय ने बहुत ही सुन्दर गीत लिखा है, संगीत अजय मिश्रा जी ने दिया है और निर्देशक डा बिमल कुमार मिश्र ने इस फिल्म को ऊंचाई पर पहुंचाया है। 

अभिनय का प्रदर्शन का कमाल दिखाया है अमरकांत राय, मुकेश राम प्रजापति, मनोज पांडेय, संजय तिवारी, चंदानी झा, श्रेष्ठा भट्टाचार्य, टोनी उर्फ प्रशांत कुमार पांडेय, इंद्रलाल सोनी, अजीत अरोरा, दीपक घोष, गजानंद पाठक, सुहान चंचला और अन्य कलाकारों ने। 

अभिजित कुमार सोनू स्टूडियो हजारीबाग में वाइस डबिंग की गयी है। कुल मिलाकर यह फिल्म मनोरंजन और भक्ती श्रद्धा जगाने और ऊर्जा भरने वाली है। निर्माता गजानंद पाठक ने इस फिल्म की पटकथा लिखी लिखी है।

Published / 2023-10-11 18:47:01
सदी के महानायक को जन्मदिन की शुभकामनाएं

81 वर्ष के हुए अमिताभ बच्चन

एबीएन डेस्क। महानायक अमिताभ बच्चन आज 81 वर्ष के हो गये। 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में जन्मे अमिताभ बच्चन ने अपने करियर की शुरुआत कोलकत्ता में बतौर सुपरवाइजर की, जहां उन्हें 800 रुपये मासिक वेतन मिला करता था। 

वर्ष 1968 में कलकत्ता की नौकरी छोड़ने के बाद मुंबई आ गये। बचपन से ही अमिताभ बच्चन का झुकाव अभिनय की ओर था और दिलीप कुमार से प्रभावित रहने के कारण वह उन्हीं की तरह अभिनेता बनना चाहते थे। 

वर्ष 1969 में अमिताभ बच्चन को पहली बार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म सात हिंदुस्तानी में काम करने का मौका मिला।लेकिन इस फिल्म के असफल होने के कारण वह दर्शकों के बीच कुछ खास पहचान नहीं बना पाये। 

वर्ष 1971 में अमिताभ बच्चन को राजेश खन्ना के साथ फिल्म आनंद में काम करने का मौका मिला। राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार के रहते हुए भी अमिताभ बच्चन दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहे।इस फिल्म के लिये उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया। 

निर्माता प्रकाश मेहरा की फिल्म जंजीर... अमिताभ बच्चन के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म की सफलता के बाद बतौर अभिनेता अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये। 

दिलचस्प तथ्य यह है कि फिल्म जंजीर... में अमिताभ बच्चन को काम करने का मौका सौभाग्य से ही मिला। वर्ष 1973 मे निर्माता-निर्देशक प्रकाश मेहरा अपनी जंजीर फिल्म के लिये अभिनेता की तलाश कर रहे थे। 

पहले तो उन्होंने इस फिल्म के लिए देवानंद से गुजारिश की और बाद में अभिनेता राजकुमार से काम करने की पेशकश की लेकिन किसी कारणवश दोनों अभिनेताओं ने जंजीर में काम करने से इंकार कर दिया।

Published / 2023-09-25 21:53:01
देवानंद ने कड़े संघर्ष के बाद फिल्म इंडस्ट्री में विशिष्ट पहचान बनायी

जन्मदिन 26 सितंबर पर विशेष...

एबीएन डेस्क। लगभग छह दशक तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले अभिनेता-फिल्मकार देवानंद को फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिये कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। पंजाब के गुरदासपुर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में 26 सितंबर 1923 को जन्मे धर्मदेव पिशोरीमल आनंद उर्फ देवानंद ने अंग्रेजी साहित्य में अपनी स्नातक की शिक्षा 1942 में लाहौर के मशहूर गवर्नमेंट कॉलेज से पूरी की। 

देवानंद इसके आगे भी पढ़ना चाहते थे, लेकिन उनके पिता ने साफ शब्दों में कह दिया कि उनके पास उन्हें पढ़ाने के लिए पैसे नहीं हैं। और यदि वह आगे पढ़ना चाहते हैं, तो नौकरी कर लें। देवानंद ने निश्चय किया कि यदि नौकरी ही करनी है तो क्यों ना फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमायी जाये। 

वर्ष 1943 में अपने सपनों को साकार करने के लिए जब वह मुंबई पहुंचे तब उनके पास मात्र 30 रुपये थे और रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। देवानंद ने यहां पहुंचकर रेलवे स्टेशन के समीप ही एक सस्ते से होटल में कमरा किराये पर लिया। उस कमरे में उनके साथ तीन अन्य लोग भी रहते थे, जो देवानंद की तरह ही फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। 

जब काफी दिन यूं ही गुजर गये तो देव आनंद ने सोचा कि यदि उन्हें मुंबई में रहना है तो जीवन यापन के लिए नौकरी करनी पड़ेगी। चाहे वह कैसी भी नौकरी क्यों न हो। अथक प्रयास के बाद उन्हें मिलिट्री सेंसर आॅफिस में लिपिक की नौकरी मिल गयी। यहां उन्हें सैनिकों की चिट्ठियों को उनके परिवार के लोगों को पढ़कर सुनाना होता था। 

मिलिट्री सेंसर आफिस में देव आनंद को 165 रुपये मासिक वेतन मिलना था, जिसमें से 45 रुपये वह अपने परिवार के खर्च के लिए भेज देते थे। लगभग एक वर्ष तक मिलिट्री सेंसर में नौकरी करने के बाद वह अपने बड़े भाई चेतन आनंद के पास चले गये, जो उस समय भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) से जुड़े हुए थे। उन्होंने देव आनंद को भी अपने साथ इप्टा में शामिल कर लिया। इस बीच देवानंद ने नाटकों में छोटे-मोटे रोल किये।

वर्ष 1945 में प्रदर्शित फिल्म  हम एक हैं.. से बतौर अभिनेता देवानंद ने अपने सिने कैरियर की शुरुआत की। वर्ष 1948 में प्रदर्शित फिल्म जिद्दी देव आनंद के फिल्मी कैरियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई। इस फिल्म की कामयाबी के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया और नवकेतन बैनर की स्थापना की। 

नवकेतन के बैनर तले देवानंद ने वर्ष 1950 में अपनी पहली फिल्म अफसर  का निर्माण किया, जिसके निर्देशन की जिम्मेदारी उन्होंने बड़े भाई चेतन आनंद को सौंपी। इसके बाद देवानंद ने अपने बैनर तले वर्ष 1951 में बाजी बनायी। गुरुदत्त के निर्देशन में बनी फिल्म बाजी की सफलता के बाद देवानंद फिल्म इंडस्ट्री मे एक अच्छे अभिनेता के रूप मे शुमार हो गये। 

फिल्म अफसर के निर्माण के दौरान देवानंद का झुकाव फिल्म अभिनेत्री सुरैया की ओर हो गया था। एक गाने की शूटिंग के दौरान देवानंद और सुरैया की नाव पानी में पलट गयी। देवानंद ने सुरैया को डूबने से बचाया। इसके बाद सुरैया देवानंद से बेइंतहा मोहब्बत करने लगीं लेकिन सुरैया की नानी की इजाजत न मिलने पर यह जोड़ी परवान नहीं चढ़ सकी। वर्ष 1954 मे देवानंद ने उस जमाने की मशहूर अभिनेत्री कल्पना कार्तिक से शादी कर ली। 

देवानंद प्रख्यात उपन्यासकार आरके नारायण से काफी प्रभावित रहा करते थे और उनके उपन्यास  गाइड पर फिल्म बनाना चाहते थे। आरके नारायणन की स्वीकृति के बाद देवानंद ने हॉलीवुड के सहयोग से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में फिल्म गाइड का निर्माण किया जो देवानंद के सिने कॅरियर की पहली रंगीन फिल्म थी। इस फिल्म में देवानंद को उनके जबरदस्त अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फिल्म फेयर पुरस्कार भी दिया गया। 

बतौर निमार्ता देव आनंद ने कई फिल्में बनायी। इन फिल्मों में वर्ष 1950 में प्रदर्शित फिल्म अफसर के अलावा हमसफर,  टैक्सी ड्राइवर हाउस नंबर 44, फंटूश, कालापानी, काला बाजार, हम दोनों, तेरे मेरे सपने, गाइड और ज्वेल थीफ आदि कई फिल्में शामिल हैं। वर्ष 1970 में फिल्म प्रेम पुजारी के साथ देवानंद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रख दिया। 

हालांकि यह फिल्म बॉक्स आफिस पर बुरी तरह से नकार दी गयी। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इसके बाद वर्ष 1971 में फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा का भी निर्देशन किया, जिसकी कामयाबी के बाद उन्होंने हीरा पन्ना, देश परदेस, लूटमार, स्वामी दादा, सच्चे का बोलबाला और अव्वल नंबर समेत कुछ फिल्मों का निर्देशन भी किया। 

देवानंद को सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिये दो बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2001 में एक ओर जहां देवानंद को भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण सम्मान प्राप्त हुआ। वर्ष 2002 में हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुये उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। अपनी फिल्मों से दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाने वाले महान फिल्मकार देव आनंद 03 दिसंबर 2011 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।

Published / 2023-09-20 19:13:47
करण जौहर के साथ फिर "कुछ-कुछ" करेंगे सल्लू मियां

करण जौहर की फिल्म में काम करेंगे सलमान खान!

एबीएन डेस्क। सलमान खान फिल्मकार करण जौहर की फिल्म में काम करते नजर आ सकते हैं। सलमान खान ने करण जौहर की फिल्म कुछ-कुछ होता है में काम किया था। 25 साल बाद एक बार फिर से सलमान खान, करण जौहर की अनटाइटल फिल्म में काम करते नजर आ सकते हैं। 

इस फिल्म का निर्देशन विष्णुवर्धन करेंगे। सलमान की फिल्म टाइगर 3 दीवाली के मौके पर रिलीज हो रही है। इसके अलावा वह जल्द ही बिग बॉस 17 की शूटिंग भी शुरू करेंगे। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के अलावा सलमान खान, करण जौहर की फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे, जिसकी तैयारियां सलमान खान के शुरू कर दी है। 

बताया जा रहा है कि फिल्म की स्क्रिप्ट, स्क्रीनप्ले, डायलॉग ड्राफ्ट सब फाइनल हो चुके हैं। सलमान खान इस अनटाइटल फिल्म का फर्स्ट हाफ दिसंबर में शूट करेंगे और बाकी का बचा हुआ वह जनवरी में शूट करेंगे। इंडियन आर्मी के बैकड्राप पर बनने वाली इस फिल्म में सलमान खान के अपोजिट तृषा, सामंथा या अनुष्का शेट्टी में से एक अभिनेत्री नजर आ सकती है।

Published / 2023-09-08 18:27:58
90 वर्ष की हुईं पार्श्वगायिका आशा भोंसले

एबीएन डेस्क। पार्श्वगायिका आशा भोंसले आज 90 वर्ष की हो गयीं। महाराष्ट्र के सांगली गांव में 08 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोंसले के पिता पंडित दीनानाथ मंगेश्कर मराठी रंगमंच से जुड़े हुए थे। 

नौ वर्ष की छोटी उम्र में ही आशा के सिर से पिता का साया उठ गया और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी को उठाते हुए आशा और उनकी दीदी लता मंगेश्कर ने फिल्मों में अभिनय के साथ-साथ गाना भी शुरू कर दिया। 

आशा भोंसले ने अपना पहला गीत वर्ष 1948 में सावन आया फिल्म चुनरिया में गाया। सोलह वर्ष की उम्र में अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध जाते हुए उन्होंने अपनी उम्र से काफी बड़े गणपत राव भोंसले से शादी कर ली। 

उनकी वह शादी ज्यादा सफल नहीं रही और अंतत: उन्हें मुंबई से वापस अपने घर पुणे आना पड़ा। उस समय तक गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेश्कर फिल्मों में बतौर पार्श्वगायिका अपनी धाक जमा चुकी थीं। 

वर्ष 1957 में संगीतकार ओपी नैय्यर के संगीत निर्देशन में बनी निर्माता-निर्देशक बीआर चोपड़ा की फिल्म नया दौर आशा भोंसले के सिने करियर का अहम पड़ाव लेकर आयी। 

वर्ष 1966 में तीसरी मंजिल में आशा भोंसले ने आरडी बर्मन के संगीत में आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा गाना को अपनी आवाज दी, जिससे उन्हें काफी ख्याति मिली। 60 और 70 के दशक में आशा भोंसले हिंदी फिल्मों की प्रख्यात नर्तक अभिनेत्री हेलन की आवाज समझी जाती थीं।

आशा ने हेलन के लिए तीसरी मंजिल में ओ हसीना जुल्फों वाली, कारवां में, पिया तू अब तो आजा, मेरे जीवन साथी में आओ ना गले लगा लो ना और डॉन में ये मेरा दिल यार का दीवाना गीत गाया।

Published / 2023-09-06 18:04:16
तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा कर किंग खान ने की जवान की स्क्रीनिंग

  • शाहरुख ने की तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा

एबीएन डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान अपनी फिल्म जवान की स्क्रीनिंग से पहले आन्ध्र प्रदेश के तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की मंगलवार को सुप्रभात सेवा के दौरान अपने परिवार के सदस्यों के साथ पूजा-अर्चना की। 

शाहरुख परिवार का मंदिर के प्रवेश द्वार पर पहुंचने पर, तिरुमाला-तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। दर्शन के बाद, वैदिक पंडितों ने उन्हें वैदिक भजनों के साथ आशीर्वाद दिया और मंदिर के अधिकारियों ने भगवान के तीर्थ प्रसादम दिया।

शाहरुख खान ने अपनी पत्नी गौरी खान, पुत्री सुहाना खान और अभिनेत्री नयनतारा के साथ तिरुमाला मंदिर का दौरा किया। उल्लेखनीय है कि सात सितंबर को सिनेमाघरों में शाहरुख फिल्म जवान स्क्रीनिंग के लिए तैयार है।

Published / 2023-09-04 18:37:46
गदर 2 ने 500 करोड़ की कमाई की

एबीएन डेस्क। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल और अभिनेत्री अमीषा पटेल की फिल्म गदर 2 ने 500 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है।अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी फिल्म गदर : एक प्रेम कथा वर्ष 2001 में रिलीज हुई थी। 

इस फिल्म में सनी देओल, अमीष पटेल और अमरीश पुरी ने अहम भूमिका निभायी थी। गदर : एक प्रेम कथा के सीक्वल गदर 2 में एक बार फिर से सनी और अमीषा की जोड़ी है। गदर 2 11 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई है। 

गदर 2 ने पहले सप्ताह में 284 करोड़ की कमाई की थी। गदर 2 एक-एक कर कई रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है। इस फिल्म ने 24 दिनों में घरेलू बॉक्स आफिस पर 500 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। शाहरुख खान की पठान ने 28 दिनों में 500 करोड़ की कमाई की थी। 

फिल्म बाहुबली 2 ने घरेलू बॉक्स आॅफिस पर 34 दिनों में 500 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। गदर 2 में सनी और अमीषा के साथ उत्कर्ष शर्मा, मनीष वाधवा, सिमरत कौर, लव सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Published / 2023-08-29 18:12:03
श्री रामकृष्ण परमहंस से परिचय कराती हैं फिल्म जगतगुरु श्रीरामकृष्ण

एबीएन डेस्क (मुंबई)। जगतगुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की महिमा अपरंपार हैं। वे एक महान संत, योगी और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने सभी धर्मों और संप्रदायों में एकता का संदेश दिया। वे अद्वैत वेदांत के प्रकांड विद्वान थे। लेकिन उन्होंने सभी धर्मों के अनुयायियों को उनके अपने-अपने धर्म के अनुसार भक्ति करने के लिए प्रोत्साहित किया।

रामकृष्ण परमहंस का जन्म 1836 में बंगाल के कामारपुकुर में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही आध्यात्मिकता की ओर रुचि दिखायी। उन्होंने विभिन्न साधु-संत और गुरुओं से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सभी धर्मों और संप्रदायों का अध्ययन किया और अंतत: वे अद्वैत वेदांत के सिद्धांतों पर पहुंचे।

रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन में विभिन्न प्रकार की भक्ति पद्धतियों का अभ्यास किया। वे काली की भक्ति में लीन रहते थे, लेकिन उन्होंने कृष्ण, राम और शिव की भी भक्ति की। उन्होंने सूफी और ईसाई धर्म की भी शिक्षा प्राप्त की।

रामकृष्ण परमहंस के शिष्यों में स्वामी विवेकानंद सबसे प्रमुख थे। विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस के आदर्शों को दुनिया भर में फैलाया। रामकृष्ण परमहंस के सिद्धांतों ने आधुनिक भारतीय धर्म और संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया है।

रामकृष्ण परमहंस एक महान संत और योगी थे।वे अद्वैत वेदान्त के प्रकांड विद्वान थे। उन्होंने सभी धर्मों और संप्रदायों में एकता का संदेश दिया। उन्होंने अपने शिष्यों को दुनिया भर में आध्यात्मिकता का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया।

रामकृष्ण परमहंस के विचार और सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। वे हमें आध्यात्मिकता के उच्चतम लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। वीईसी फिल्म्स द्वारा निर्मित फिल्म जगतगुरू श्री रामकृष्ण वास्तविकता को जन-जन तक पहुंचाने वाली है। 

यह एक महान धार्मिक फिल्म है, जो भक्ति भाव जगाने के साथ - साथ मंनोरंजन भी करेगी। भजन सम्राट अनूप जलोटा, सुरेश वाडकर और महालक्ष्मी अय्यर ने इस फिल्म में भावों से भरा गीत और भजन गाये हैं। फिल्म का संगीत अजय मिश्रा ने दिया है, जो उच्च स्तरीय संगीत है। फिल्म के निर्देशक बिमल कुमार मिश्र हैं। जिन्होंने बहुत ही अच्छा काम किया है।

फिल्म में साधक रामकृष्ण का अभिनय अमरकांत राय ने किया है और जगत्गुरू श्री रामकृष्ण परमहंस का अभिनय गजानंद पाठक ने किया है। सभी कलाकरों का अभिनय फिल्म की गुणवत्ता और सुंदरता को बहुत ही ऊंचाई तक ले जाता है।

मनोज पांडेय, संजय तिवारी, चांदनी झा, श्रेष्ठा भट्टाचार्य, टोनी, पीके सेनगुप्ता, दीपक घोष ने मुख्य कलाकरों के रूप में उम्दा अभिनय का प्रदर्शन किया है। 

कुल मिलाकर यह फिल्म मनोरंजन और भक्ति श्रद्धा जगाने के साथ-साथ शिक्षा और मानव कल्याण हेतु बनायी गयी उच्च स्तरीय फिल्म है। इस फिल्म में युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है। यह फिल्म सुपरहिट होने की पूरी संभावना है।

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