एबीएन डेस्क। सर्च इंजन गूगल ने रविवार को प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीदेवी को उनकी 60वीं जयंती पर विशेष डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है। गूगल को अपने इनोवेटिव डूडल के लिए जाना जाता है। इसी क्रम में आज गुगल ने विभिन्न फिल्मों में प्रतिष्ठित भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री श्रीदेवी के नृत्य करते हुए चित्र को अपने डूडल पर दर्शाया है।
वह बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार थी। सर्च इंजन ने श्रीदेवी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी मनमोहक मुस्कान वाले चित्र को दशार्या है। श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु में हुआ था और उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने चार साल की उम्र में तमिल फिल्म कंधन करुणई में अभिनय की शुरुआत की थी।
उन्होंने अपने मनमोहक अंदाज और जादुई अभिनय से कई वर्षो तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्होंने हिंदी फिल्म उद्योग के अलावा तेलुगू, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी अभिनय किया। वर्ष 2017 में श्रीदेवी ने क्राइम थ्रिलर मॉम में एक मां की भूमिका निभायी।
इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। गूगल ने कहा कि श्रीदेवी ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए प्रमुख भूमिकाएं निभाने के लिए नए रास्ते तलाशकर हमेशा के लिए फिल्म उद्योग पर अपनी छाप छोड़ी। उन्हें अपने समय के महानतम भारतीय अभिनेताओं में से एक के रूप में याद किया जायेगा।
एबीएन डेस्क। सनी देओल ने नेपोटिज्म पर अपनी राय रखते हुये बताया है कि यदि उनके पिता धर्मेंद्र अभिनेता नहीं होते तो शायद वह भी अभिनेता नहीं होते, हालांकि सफलता व्यक्तिगत होती है। फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर हमेशा से विवाद होता है।
स्टार किड्स को आसानी से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिल जाता है, जबकि टैलेंटेड आउट साइडर्स को काम के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। स्टार किड्स हमेशा ट्रोलर्स के निशाने पर होते हैं। सनी देओल को फिल्म इंडस्ट्री में आये हुये चार दयाक हो गये हैं।
सनी देओल ने नेपोटिज्म के मुद्दे पर अपनी राय रखी है। सनी देओल का कहना है कि यदि उनके पिता धर्मेन्द्र अभिनेता नहीं होते तो शायद वह भी नहीं होते। यदि उनके पिता कुछ और काम करते तो शायद वह भी वही काम कर रहे होते। उन्होंने कहा, नफरत और नेपोटिज्म उन लोगों द्वारा फैलाया जा रहा है, जो परेशान हैं।
यदि कोई पिता अपने बेटे या बेटी के लिए कुछ करना चाहता है तो इसमें गलत क्या है? यदि पिता अपने परिवार के लिए नहीं करेगा तो वह किसके लिए काम कर रहा है? लोगों को यह समझना होगा कि एक परिवार में बच्चा अपने पिता को फॉलो करता है। सनी देओल ने बताया कि भले ही फिल्म इंडस्ट्री में आने का अवसर उन्हें अपने पिता की वजह से मिला है, लेकिन सक्सेस हासिल करना व्यक्तिगत होता है।
मेरे पिता ने मुझे अभिनेता बनने के लिए नहीं कहा था। मैं अपने बच्चों को भी एक्टर बनाने के बारे में भी नहीं सोच सकता। पापा बहुत बड़े आइकन हैं और मैंने अपनी पहचान बनायी।
एबीएन डेस्क। इन दिनों गांव में अपना क्वॉलिटी टाइम बिता रहे हैं। धर्मेंद्र इन दिनों अपनी फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी को लेकर चर्चा में हैं। धर्मेन्द्र इन दिनों गांव में अपना क्वॉलिटी टाइम बिता रहे हैं, जिसका एक वीडियो उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया है। इस वीडियो में खाट पर बैठे धर्मेंद्र एकदम सिंपल लुक में नजर आ रहे हैं, वहीं उनके हाथ में एक कस्तूरी मेथी रखी हुई थाली दिख रही है।
वीडियो शेयर करते हुए धर्मेंद्र ने लिखा, दोस्तों, आनंद लेने का सबसे अच्छा तरीका ……ए पूरी स्कून लाइफ। धर्मेन्द्र वीडियो में कहते हैं, हैलो दोस्तों... आप सोच रहे होंगे कि हमारा धर्मेंद्र कर क्या रहा है...यह सब क्या है... ये मेथी है दोस्तों तोड़कर सुखाया है इसको ,अब इसको परांठे में डालकर पराठा बनेंगे, सब्जी बनेगी और मक्खन के साथ खाएंगे। गांव वालों की जिंदगी बसर कर रहा हूं। ये है मेरी चारपाई। अच्छा लग रहा है। जानें क्यों आपसे शेयर करने को दिल करता है ये सब चीजें..।
एबीएन डेस्क। मनोज वाजपेयी को साउथ अफ्रीका के 44वें डरबन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म जोरम के लिए बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 44वें डरबन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मनोज वाजपेयी को फिल्म जोरम के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला है।
साथ ही फिल्म जोरम को बेस्ट सिनेमैटोग्राफी अवॉर्ड से भी नवाजा गया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी के लिए पीयूष पुती को ये सम्मान दिया गया है। फिल्म के निर्देशक देवाशीष माखीजा हैं।
यह फिल्म डरबन फिल्म फेस्टिवल में अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है। मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर फिल्म जोरम की टीम को बधाई दी है।
फिल्म जोरम में जीशान अय्यूब, तनिष्ठा चटर्जी और राजश्री देशपांडे की भी अहम भूमिका है। फिल्म जोरम को जी स्टूडियोज और माखीजा फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है।
एबीएन डेस्क। फिल्मकार राकेश रौशन का कहना है कि वह अपनी आने वाली फिल्म कृष 4 की शूटिंग एक साल बाद शुरू करेंगे।
राकेश रौशन ने अपने पुत्र ऋतिक रौशन को लेकर वर्ष 2003 में सुपरहिट फिल्म कोई मिल गया बनायी थी।
इसके बाद राकेश रौशन ने ऋतिक को ही लेकर वर्ष 2006 कोई मिल गया का सीक्वल कृष और वर्ष 2013 में कृष 3 बनायी। कृष फ्रेंचाइजी को खूब पसंद किया गया है। अब फैंस इस फिल्म के चौथे पार्ट यानी कृष 4 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राकेश रौशन ने कृष 4 पर अपडेट दिया है।
राकेश रौशन ने कहा कि अभी भी दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म देखने नहीं जा रहे हैं। इसलिए मैं सोच में पड़ गया हूं। क्योंकि कृष 4 एक बहुत बड़ी फिल्म है और दुनिया छोटी हो गयी है। आज कल बच्चे हॉलीवुड की सुपरहीरोज की फिल्में देख रहे हैं, जो 500-600 मिलियन डॉलर के बजट पर बनती हैं।
वहीं हमारे पास कृष 4 बनाने के लिए 200-300 करोड़ रुपये हैं। आजकल जो भी फिल्में आ रही हैं। वह उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हैं। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि कृष 4 नहीं बनेगी। बिल्कुल बनेगी। हम कृष 4 पर काम शुरू करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं।
लेकिन आज की स्थिति को देखते हुए जहां फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हैं, हम तुरंत कृष 4 पर काम शुरू नहीं करेंगे। एक साल तक तो नहीं। शायद उसके बाद कर सकते हैं।
एबीएन डेस्क। मशहूर कला निर्देशक नितिन देसाई ने मुंबई से 80 किलोमीटर दूर करजात स्थित अपने स्टूडियो में बुधवार को खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बताया कि देसाई ने सिलिंग फैन से फांसी लगाकर आत्महत्या की। पुलिस इस घटना की जांच कर रही है।
अभी तक सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन करीबी सूत्रों का कहना है कि देसाई पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान थे। महाराष्ट्र के दापोली जिले में जन्म देसाई मशहूर कला निर्देश और टेलीविजन निमार्ता थे। उन्होंने ज्यादातर काम मराठी और हिंदी फिल्मों में किया है।
देसाई की मशहूर फिल्मों में हम दिल दे चुके सनम (1999), लगान (2001), देवदास (2022), जोधा अकबर (2008) और प्रेम रतन धन पायो (2015) शामिल है।
देसाई ने अपने 20 साल के करियर के दौरान आशुतोष गोवारिक, विधु विनोद चोपरा, राजकुमार हिरानी तथा संजय लीला भंसाली जैसे निर्देशकों के साथ काम किया। देसाई 2002 में चंद्रकांत प्रोडक्शन की धार्मिक फिल्म देश देवी के साथ फिल्म निमार्ता बने। यह फिल्म कच्छ की देवी माता पर आधारित थी।
एबीएन डेस्क। सत्यकाम आनंद (जन्म 11 जुलाई 1977) एक भारतीय अभिनेता हैं, जो बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने फिल्म देवंदवा (2009) से अपनी शुरुआत की। बाद में, वह गैंग्स आॅफ वासेपुर (2012) और शॉर्ट्स (2013) जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। 2020 में, वह मेरे साईं नामक टीवी शो में दिखाई दिये।
सत्यकाम आनंद, एक भारतीय अभिनेता, बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में अपने उल्लेखनीय काम और प्रमुख भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2009 में द्वंद्व नामक फिल्म के माध्यम से अपनी शुरूआत की। बाद में, उन्होंने 2012 में गैंग्स आॅफ वासेपुर और 2013 में शॉर्ट सहित फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने हिंदी और भोजपुरी सिनेमा में अपना नाम बनाया जहां उन्होंने उन्हें अपने प्रशंसकों और अनुयायियों से भारी प्रशंसा और प्रशंसा मिली।
यहां तक कि भोजपुरी दर्शक भी उनकी फिल्मों को देखकर उनके बेहतरीन काम की तारीफ करते नहीं थकते। उनका जन्म 11 जुलाई 1977 को बिहार के छोटे से शहर आरा में हुआ था। 19 साल की उम्र में अभिनेता सत्यकाम आनंद ने अपने करियर की शुरूआत थिएटर से की थी। उन्होंने कई थिएटर प्ले किये और उन्हें काफी सराहना मिली।
उन्होंने उत्तर भारत में आयोजित सभी हिट नाटक धारावाहिकों, थिएटर नाटकों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं निभायी। 2020 में, अभिनेता ने मेरे साईं नामक एक टेलीविजन शो में उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कई फिल्म परियोजनाओं में अभिनय किया है, जैसे; शेमी, 2021 में रिलीज हुई, मिसेज।
2015 में स्कूटर और भी बहुत कुछ जो साझा करने लायक है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि उन्होंने अपने करियर जीवन में जबरदस्त प्रदर्शन किया है और अपनी अद्भुत अभिनय क्षमता से लाखों दिल जीते हैं। इससे ज्यादा और क्या? उन्होंने बॉलीवुड के दिग्गजों के साथ काम किया है, जैसे; ऋचा चड्ढा, मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और कई अन्य जो अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं।
कई अनमोल उपलब्धियों के बीच, सत्यकाम आनंद को 10वें दादा साहब फाल्के फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड में कमांड एंड आई शैल ओबे नामक लघु फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
एबीएन डेस्क। अभिनेता सोनू सूद पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद करेंगे। सोनू सूद पंजाब में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए आगे आये हैं। सोनू सूद ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट डाली है। जिसमें सोनू सूद ने लिखा है- मेरे प्यारे पंजाब, मेरा दिल तुम्हारे लिए दुखता है।
चूंकि बाढ़ ने उस भूमि पर कहर बरपाया है, जिसने मुझे बड़ा किया है, ऐसे में मैं बेकार खड़ा रहना बर्दाश्त नहीं कर सकता। पंजाब ने मुझे बहुत कुछ दिया है और अब वापस लौटने का समय आ गया है।
सोनू सूद ने लिखा- साथ मिलकर इस तूफान का सामना करेंगे, पुनर्निर्माण करेंगे और जरूरतमंद साथी पंजाबियों के लिए मजबूत होकर उभरेंगे। उन्होंने अपने ट्वीट में सूद चैरिटी फाउंडेशन का एक नंबर 78886-75107 भी जारी किया है।
साथ ही लिखा है कि कोई जरूरतमंद इस नंबर पर हमें एसएमएस के माध्यम से संदेश भेजे। मदद उस तक पहुंचेगी।
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