एबीएन डेस्क। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार प्रभास फिल्म द राजा साब में काम करते नजर आयेंगे। प्रभास ने अपनी आने वाली नयी फिल्म का एलान कर दिया है। इस फिल्म का नाम द राजा साब है।
द राजा साब के पोस्टर में प्रभास टी-शर्ट, लुंगी और चप्पल पहने सड़क पर घूमते हुए नजर आ रहे हैं। द राजा साब का पोस्टर शेयर करते हुए प्रभास ने कैप्शन में लिखा, इस फेस्टिवल के सीजन पर द राजा साब का फर्स्ट लुक जारी कर रहा हूं।
आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। फिल्म द राजा साब का निर्देशन मारुति कर रहे हैं। उन्होंने फिल्म की कहानी भी लिखी है। वहीं, द राजा साब का म्यूजिक थमन एस तैयार करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। त्रिमूर्ति म्यूजिकल के सीईओ कुमार आलम झारखंड की भाषा में भी म्यूजिक वीडियो और फिल्म निर्माण क्षेत्र में कदम रख चुके हैं। उनका लक्ष्य हैं कि झॉलिवुड में एक बदलाव लाना हैं। जिससे यहां का फिल्म उद्योग विकसित हो।
झारखंड में असीम संभावनाएं हैं। लेकिन,यहां कॉरपोरेट नहीं होने के कारण यहां का संगीत व फिल्म उद्योग पिछड़ा हैं। कैसेट्स के दौर में भी यहां का गीत संगीत काफी चर्चित रहा है।
बड़ी-बड़ी म्यूजिक कंपनियां भी झारखंड की भाषा में कैसेट्स के दौर में निर्माण करती थी। लेकिन, वर्तमान में पहले के जैसा माहौल नहीं रहा हैं। डिजिटल युग हैं और कॉरपोरेट का जमाना हैं।
कुमार आलम ने बताया कि उन्होंने झारखंड की कई भाषाओं जैसे खोरठा, नागपुरी और संथाली आदि में चैनल लॉन्च कर चुके हैं। जिसमें यहां के कलाकारों को काम मिलेगा और म्यूजिक वीडियो के साथ फिल्मों का भी निर्माण होगा।
ज्ञात रहे कि कुमार आलम मुंबई के रहने वाले हैं और भोजपुरी सहित छत्तीसगढ़ी बांग्ला आदि भाषाओं में भी लगातार काम रहें हैं।झॉलीवुड में त्रिमूर्ति म्यूजिकल लगातार म्यूजिक वीडियो निर्माण कर रही हैं।
एबीएन डेस्क। शास्त्रीय गायक उस्ताद राशिद खान नहीं रहे। मंगलवार को कोलकाता के एक अस्पताल में उन्होंने 55 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वे प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। दिसंबर से उनकी सेहत बिगड़ने लगी थी।
23 दिसंबर को खबरें आयी थीं कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पिछले कुछ दिनों से वे आईसीयू में भर्ती थे और वेंटिलेटर पर थे। शुरुआत में उनका इलाज मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल में चला, लेकिन बाद में वे कोलकाता लौट आए थे।
उस्ताद राशिद खान का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ। उन्होंने तालीम अपने नाना उस्ताद निसार हुसैन खान से ली। राशिद खान की पहली मंचीय प्रस्तुति 11 साल की उम्र में थी। वे रामपुर-सहसवान घराने के गायक थे। उन्होंने फिल्मों में भी अपनी आवाज दी।
जब वी मेट में उनकी गायी बंदिश आओगे जब तुम साजना काफी लोकप्रिय रही। राशिद खान अपने नाना की तरह विलंबित ख्यालों में गाते थे। वे उस्ताद अमीर खां और पंडित भीमसेन जोशी की गायकी से भी प्रभावित थे।
संगीतकार के लोकप्रिया गानों की बात करें तो वे इंडस्ट्री में तोरे बिना मोहे चैन नहीं जैसा सुपरहिट गाना गाया था। वहीं, वे इंडस्ट्री के किंग यानी शाहरुख खान की फिल्म माई नेम इज खान में भी गाना गा चुके हैं।
यही नहीं, उस्ताद राशिद खान राज 3, कादंबरी, शादी में जरूर आना, मंटो से लेकर मीटिन मास जैसी फिल्मों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके हैं।
एबीएन डेस्क। यह किसी फिल्म की स्टोरी नहीं बल्कि रीयल लाइफ में मशहूर फिल्म अभिनेत्री और रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा अदालत की निगाह में वांटेड हो चुकी हैं। उनके खिलाफ अदालत में छटा गैर जमानती वारंट जारी किया था।
साथ ही अदालत ने पुलिस को निर्देश भी दिये थे कि जयप्रदा को अदालत में पेश करने के लिए पुलिस इंस्पेक्टर को विशेष कर तैनात किया जायें। दरअसल, जया प्रदा 2019 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में रामपुर में लोकसभा का चुनाव लड़ी थीं।
तब जयाप्रदा के विरुद्ध चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में चल रही है, जिस पर पिछली अनेक तारीखों से जयप्रदा अदालत नहीं पहुंची। जिसको लेकर अदालत ने पांच बार एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया था।
इस वारंट के खिलाफ जयाप्रदा के वकील ने सेशन कोर्ट में अपील करते हुए वारंट रिकॉल करने की प्रार्थना की थी, जिसे नामंजूर करते हुए छठी बार गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। इतना ही नहीं, अदालत ने जयाप्रदा को यह वारंट तामील करने के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर नियुक्त करने के लिए एसपी रामपुर को लिखा था।
इस विषय पर अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि माननीय न्यायालय ने गिरफ्तारी के लिए आदेश निर्गत किये थे, उसके पश्चात माननीय न्यायालय ने कहा था कि उसके लिए विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की जाये, विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है और जो संभावित स्थान है। उसमें पुलिस तलाश कर रही है। अभी तक दस्तयाब नहीं हुई हैं, विस्तृत प्रयास जारी हैं। आशा है इसमें अतिशिग्र प्रगति पायी जायेगी।
एबीएन डेस्क। बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी अब निर्देशन करना चाहती है। रानी मुखर्जी को फिल्म इंडस्ट्री में आये हुये ढाई दशक हो गये हैं। रानी मुखर्जी ने अपने सिने करियर मे कई कामयाब फिल्मों में अभिनय किया है। रानी मुखर्जी अब निर्देशन करना चाहती है।
रानी मुखर्जी ने कहा- मुझे फिल्म निर्माण का हर पहलू पसंद हैं। यदि मुझे भविष्य में ऐसा निर्देशन का कोई मौका मिलता है, तो मैं उसका हिस्सा बनना पसंद करूंगी।
मैं हर चीज के लिए इंशाल्लाह कहूंगी और आगे की चीजें ब्रह्मांड की अलौकिक शक्ति पर छोड़ देती हूं। फिल्म इंडस्ट्री में इतने वर्षों से काम करते आ रहे किसी भी व्यक्ति के लिए जिंदगी में कभी कुछ भी असंभव जैसी चीजें नहीं हो सकती हैं।
रानी मुखर्जी ने कहा कि फिलहाल मैं अपना पूरा ध्यान सिनेमाघरों में आने वाली फिल्मों पर ही रखना चाहूंगी, जहां से 27 साल पहले मैंने शुरुआत की थी।
मेरे लिए यह अरेंज मैरिज की तरह है, जहां एक बार बड़े पर्दे के साथ मेरी शादी हुई और अब मैं पूरी तरह से उसके प्यार में हूं। मुझे कोई दूसरा प्यार नहीं चाहिए। सिनेमाघरों के लिए मैं वफादार रहना चाहती हूं।
एबीएन डेस्क। बॉलीवुड ने 2023 में जोरदार वापसी की है, इस साल उनका बॉक्स आफिस कलेक्शन 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। 2019 के बाद भारतीय सिनेमा में उनका यह दूसरा सबसे अच्छा साल है। इस शानदार सफलता का श्रेय तीन फिल्मों को जाता है, जिनमें शाहरुख खान की पठान, सनी देओल की गदर 2 और रणबीर कपूर की एनिमल शामिल हैं।
हर एक मूवी ने भारत में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया। पठान ने भारत में 543 करोड़ रुपये की कमाई और दुनिया भर में 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करके धूम मचा दी। यह साल फिल्म उद्योग के लिए कमाल रहा, जो कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से अब पूरी तरह से उबर गया है।
बॉलीवुड ने 2023 में अच्छा प्रदर्शन किया क्योंकि उन्होंने ऐसी फिल्में बनायी जिन्हें लोग सिनेमाघरों में देखना पसंद करते हैं। उनके पास बड़े सितारे, बेहतरीन कहानियां थीं और उन्होंने लोगों का ध्यान खींचने वाली फिल्में बनायीं। 2022 में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था, और लगभग रिकॉर्ड तोड़ दिया था, लेकिन वे अपने 2019 के रिकॉर्ड से 300 करोड़ रुपये से पीछे रह गये थे। पिछले साल केवल एक फिल्म, केजीएफ चैप्टर 2 शानदार चली थी और उसी की सफलता के दम पर फिल्मों के लिए साल 2022 अच्छा रहा था। लेकिन 2023 खास है क्योंकि बॉलीवुड ने जोरदार वापसी की और बॉक्स आफिस पर बेहद सफल साल रहा।
2023 में बॉलीवुड की शानदार वापसी हुई। शाहरुख खान की फिल्म पठान ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया और दुनिया भर में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। तू झूठी मैं मक्कार, रॉकी और रानी की प्रेम कहानी, जवान, गदर 2 और एनिमल जैसी अन्य फिल्मों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे बॉलीवुड को कोविड-19 के कठिन समय से उबरने में मदद मिली।
संदीप रेड्डी वांगा द्वारा निर्देशित एनिमल 500 करोड़ रुपये के क्लब में भी शामिल हुई और विश्व स्तर पर एक बड़ी हिट रही, जिसने तीन सप्ताह तक बॉक्स आॅफिस पर राज किया और दुनियाभर में 800 करोड़ से ज्यादा कमाये।
यह साल भारतीय फिल्मों के लिए अब तक का सबसे अच्छा साल रहा, खासकर बॉलीवुड के लिए जिसे महामारी से उबरने में कुछ समय लगा। आरमैक्स मीडिया के मुताबिक, जनवरी से नवंबर के बीच कुल कमाई में हिंदी फिल्मों की हिस्सेदारी 41% रही, जो पिछले साल से 7% ज्यादा है।
आरमैक्स मीडिया के संकेत कुलकर्णी का कहना है कि बॉलीवुड की सफलता शानदार थियेटर के अनुभव, रोमांचक फिल्में, वैल्यूएबल कंटेंट बनाने और दक्षिण भारतीय निर्देशकों की मनोरंजक कहानी कहने की शैली के साथ बॉलीवुड की स्टार पावर के मिक्स से आती है।
2022 में, भारतीय फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जनवरी में थिएटर बंद होने के बावजूद लगभग 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी। वे 2019 के रिकॉर्ड से सिर्फ 300 करोड़ रुपये कम थे। केजीएफ चैप्टर 2 500 करोड़ रुपये कमाने वाली एकमात्र फिल्म थी, जबकि कई हिंदी फिल्मों को 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
लॉकडाउन के कारण 2020 से 2021 तक दो साल का ब्रेक लगा, जिससे 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। इन सालों में कुल कमाई 5,757 करोड़ रुपये रही। 2019 में, फिल्मों ने 10,948 करोड़ रुपये के साथ एक एक कीर्तिमान बनाया था (जो कि 2018 से 11% की वृद्धि थी) जिसका नेतृत्व ऋतिक रोशन की वॉर और अन्य सफल फिल्मों ने किया।
2024 में, शाहरुख खान की फिल्म डंकी आने के साथ, विशेषज्ञों का कहना है कि 2023 की सफलता को बनाये रखने के लिए अच्छी कहानियों का होना महत्वपूर्ण है। फिल्म विश्लेषक कोमल नाहटा का कहना है कि आनलाइन प्लेटफॉर्म से कड़े कंपटीशन के कारण औसत फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगी। सलाह यह है कि दिलचस्प और हाई क्वालिटी वाले कंटेंट बनाकर ग्लोबल लेवल पर कंपटीशन करें, तकनीकी और कहानी कहने दोनों पर ध्यान दें। मुख्य बात यह है कि लोकप्रिय बने रहने के लिए फिल्म उद्योग को बदलते रहने की जरूरत है।
एबीएन डेस्क। 24 दिसंबर 1959 को मुंबई के चेंबूर इलाके की छोटी सी बस्ती में जन्में अनिल कपूर के पिता सुरेन्द्र कपूर फिल्म निर्माता थे। घर में फिल्मी माहौल में रहने के कारण वह अक्सर अपने पिता के साथ शूटिंग देखने चले जाते और अभिनेता बनने का सपना देखा करते।
अनिल कपूर के पिता ने फिल्मों के प्रति उनके बढ़ते रूझान को पहचान लिया और उन्हें इस रास्ते पर चलने के लिये प्रेरित किया। अनिल कपूर ने अपने सिने कैरियर की शुरूआत वर्ष 1979 में प्रदर्शित फिल्म हमारे तुम्हारे से की लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से नकार दी गयी।
वर्ष 1982 में उन्हें दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म शक्ति में काम करने का मौका मिला लेकिन इससे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं पहुंचा।
वर्ष 1983 में अनिल कपूर को अपने पिता के बैनर तले बनी फिल्म वो सात दिन में काम करने का अवसर मिला।
इस फिल्म में उनके सामने कला फिल्मों के महारथी नसीरूदीन शाह थे लेकिन अनिल अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे। फिल्म की सफलता के बाद वह कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। वर्ष 1985 मे अनिल कपूर को यश चोपड़ा की फिल्म मशाल में काम करने का अवसर मिला।
यूं तो पूरी फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के इर्द गिर्द घूमती थी लेकिन अनिल कपूर ने फिल्म में अपनी छोटी सी भूमिका में दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्हें सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड भी मिला। वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म मिस्टर इंडिया अनिल कपूर के सिने कैरियर की सबसे कामयाब फिल्म साबित हुई।
शेखर कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनिल कपूर ने एक ऐसे युवक की भूमिका निभायी जिसे एक चमत्कारी यंत्र मिल जाता है जिसके सहारे वह गायब हो सकता है। बाद में अपने देश को बर्बादी से बचाने के लिये वह खलनायक से मुकाबला करता है और उसे हराकर विजयी बनता है।
एबीएन डेस्क। ऑस्कर पुरस्कार के लिए अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की ओर से आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजी गयी मलयालम फिल्म 2018 : एवरीवन इज ए हीरो अब इस प्रतिष्ठित एकेडमी अवॉर्ड्स की दौड़ से बाहर हो गयी है।
एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (एएमपीएएस) ने शुक्रवार को कहा कि जूड एंथनी जोसेफ के निर्देशन वाली फिल्म इस श्रेणी के लिए चुनी गयीं 15 फिल्मों में अपनी जगह बनाने में नाकाम रही। इस श्रेणी में 88 देशों की फिल्में भेजी गयी थीं। चुनी गयी फिल्मों को मतदान के अगले चरण के लिए भेजा जायेगा।
टोविनो थॉमस की मुख्य भूमिका वाली 2018 को इस साल सितंबर में 96वें ऑस्कर पुरस्कार के लिए भारत की ओर से आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजा गया था। यह फिल्म 2018 में केरल में आयी विनाशकारी बाढ़ पर आधारित है। फिल्म निर्माताओं के अनुसार, इसने बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की जिससे यह मलयालम सिनेमा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गयी थी।
जोसेफ ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा कि ऑस्कर जैसे वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना किसी सपने से कम नहीं है। उन्होंने लिखा कि मैं आप सभी को निराश करने के लिए अपने सभी शुभचिंतकों और समर्थकों से माफी मांगता हूं। फिर भी इस प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर एक सपने जैसा सफर रहा है जिसे मैं जीवनभर याद रखूंगा।
फिल्म निर्माता ने लिखा कि सबसे अधिक कमायी करने वाली और ऑस्कर में भारत की आधिकारिक प्रविष्ठि किसी भी फिल्म निर्माता के करियर में एक दुर्लभ उपलब्धि है। इस असाधारण यात्रा के लिए मुझे चुनने के वास्ते ईश्वर का आभारी हूं। एएमपीएएस ने नौ अन्य श्रेणियों के लिए भी चयनित फिल्मों के नाम की घोषणा की है।
पिछले साल दो भारतीय फिल्मों आरआरआर और द एलीफेंट व्हिसपरर्स ने क्रमश: सर्वश्रेष्ठ ऑरिजिनल गीत और सर्वश्रेष्ठ लघु वृत्तचित्र श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार जीता था। इन्हें फिल्म निर्माताओं ने सीधे ऑस्कर के लिए भेजा था जबकि अंतरराष्ट्रीय फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि गुजराती फिल्म छेलो शो अंतिम पांच नामांकन में भी जगह नहीं बना पायी थी।
ऑस्कर में अंतिम पांच नामांकन में जगह बनाने वाली आखिरी भारतीय फिल्म 2001 में आई आमिर खान अभिनीत लगान थी। लॉस एंजिलिस में 10 मार्च 2024 को 96वें एकेडमी अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया जाना है।
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