मनोरंजन

View All
Published / 2025-04-18 20:18:01
एक गाना जो ले लिया 100 से ज्यादा जान...

  • दुनिया का वो सबसे मनहूस गाना, जो ले चुका है 100 से ज्यादा लोगों की जान, 62 साल बाद हटा बैन, गलती से भी मत सुन लेना 

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। गाने किसी भी फिल्म की जान होते हैं। कई फिल्में तो अपने म्यूजिक और गानों के दम पर ही हिट हुई हैं। सुख-दुख में भी लोग फिल्मी गानों को सुनकर अपना मन हल्का करते हैं। गाने हमें नयी ऊर्जा देते हैं। दुख भरे, रोमांटिक, तड़क-भड़क और देश भक्ति सॉन्ग लोगों को अलग-अलग ऊर्जा का एहसास दिलाते हैं। 

कुछ गाने ऐसे भी होते हैं, जो लोगों को किसी की याद दिलाते हैं और उनके जख्मों को हरा कर देते हैं। कुछ ऐसे भी सॉन्ग होते हैं, जो दर्द कम करते हैं। लेकिन एक गाना ऐसा भी है, जो हर तरह से दुख ही दुख देता है। इसे दुनिया का सबसे मनहूस गाना कहा जाता है। इस गाने ने 100 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। 

दुनिया का सबसे मनहूस गाना 

यह गाना कुछ ऐसा है कि लोग इसे सुनकर आत्महत्या कर लेते थे। हाउस स्टफ वर्क वेबसाइट की मानें तो सॉन्ग ग्लूमी संडे दुनिया का सबसे मनहूस सॉन्ग है। इस गाने को रेज्सो सेरेस और लैजलो ने मिलकर लिखा था। साल 1933 में लिखा यह गाना 1935 में रिलीज हुआ और इसी साल एक शख्स ने इसे सुन आत्महत्या कर ली थी। 

इस शख्स ने सुसाइड नोट में इस गाने का जिक्र किया था। वहीं, कहा जाता है कि इस गाने के कंपोजर की मंगेतर ने भी जहर खाकर जान दे दी थी। 1968 में इस गाने के राइटर रेज्सो ने भी खुदकुशी कर ली थी। दो लोगों ने खुद को गोली मार ली थी और एक महिला ने गाना सुनने के बाद पानी में कूदकर जान दे दी थी। इतना सब होने के बाद इस गाने पर बैन लगा दिया गया था। 

क्या है गाने में

जब इस गाने का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि यह एक हंगरियन सॉन्ग है। जिस वक्त यह गाना रिलीज हुआ था, उस वक्त हंगरी में ज्यादातर लोग तनाव से जूझ रहे थे। लोग आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे और उनकी कंपनियों से उनकी छंटनी भी हो रही थी।

ऐसे में इस गाने के बोल और पिक्चराइजेशन उनकी लाइफ से रिलेट करने लगे और इससे उन्हें और भी ज्यादा दुख होने लगा था। इस गाने में इंसानियन, जिंदगी की भागदौड़, उसमें शामिल आए दिन के दुख और मौत के बारे में बताया गया है।

Published / 2025-04-18 20:16:02
दो मई से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा कुल

बालाजी डिजिटल निर्मित और साहिर रजा निर्देशित शो कुल दो मई से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। 

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। जियो हॉटस्टार ने बालाजी डिजिटल के साथ मिलकर अपनी आगामी थ्रिलर, कुल की घोषणा की है। यह सीरीज दो मई को प्रीमियर के लिए तैयार है। हत्या, स्मृति और रहस्य की एक खौफनाक कहानी के साथ दर्शकों को बांधने का वादा करते हुए, यह पारिवारिक शो एक शक्तिशाली राजवंश को उजागर करता है जहां प्यार और नुकसान झूठ और बदला से बहुत करीब से जुड़े हुए हैं। 

निमरत कौर, अमोल पाराशर, ऋद्धि डोगरा, गौरव अरोड़ा, रोहित तिवारी और राहुल वोहरा अभिनीत, यह रोमांचक गाथा एकता आर कपूर और शोभा कपूर द्वारा निर्मित, साहिर रजा द्वारा निर्देशित और बालाजी डिजिटल द्वारा निर्मित है। 

इस शो में अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए, निमरत कौर ने साझा किया, मैं इंदिरानी का किरदार निभा रही हूं जो, सतर्क, उग्र और जटिल है और उसे जीवंत करना वाकई चुनौतीपूर्ण था।मैं सभी के लिए जियो हॉटस्टार पर इसका अनुभव करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। 

निर्देशक साहिर रजा ने कहा, कुल सिर्फ एक थ्रिलर नहीं है, यह उन अंधेरे कोनों में उतरना है, जिनके बारे में परिवार बात करने की हिम्मत नहीं करते। हर फ्रेम के नीचे खामोशी, अपराधबोध और दबी हुई सच्चाइयां सतह पर आती हैं।

यह विरासत की कहानी है, रहस्यों की इतनी शक्तिशाली कहानी है जो पीढ़ियों को आकार देती है और इसके लिए एकता और शोभा कपूर जैसे दूरदर्शी निर्माता के साथ एक असाधारण कलाकारों के साथ काम करना किसी बदलाव से कम नहीं है।

Published / 2025-04-17 18:08:39
अब जाट के सीक्वल में काम करेंगे सनी देओल

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। सनी देओल फिल्म जाट के सीक्वल जाट 2 में काम करते नजर आयेगे।सनी देओल इन दिनों फिल्म जाट को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म जाट 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म जाट के जरिये सनी देओल ने फिल्म गदर 2 के बाद करीब दो साल बाद वापसी की है। 

दर्शकों ने सनी देओल की एक्शन परफॉरमेंस की तारीफ की। गोपिचंद मालिनेनी निर्देशित फिल्म जाट का का निर्माण मायथ्री मूवी मेकर्स और पीपल मीडिया फैक्टरी के सहयोग से किया गया है। सनी देओल अब जाट के सीक्वल में भी नजर आयेंगे। 

इस फिल्म का निर्माण भी मायथ्री मूवी मेकर्स और पीपल मीडिया फैक्टरी के बैनर तले किया जायेगा और गोपिचंद मालिनेनी इसे निर्देशित करेंगे।सनी देओल ने इंस्टाग्राम पर जाट 2 का पोस्टर शेयर करते हुये कैप्शन में लिखा, जाट नये मिशन पर।

Published / 2025-04-15 17:16:34
फिल्मकार बनना चाहते थे अर्जुन कपूर

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अर्जुन कपूर ने हाल ही में बताया कि उनका सपना कभी सिर्फ एक स्टार बनने का नहीं था, बल्कि वह फिल्में बनाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि जब उनके पिता बोनी कपूर रूप की रानी चोरो का राजा बना रहे थे, तब ही उनके भीतर ये चिंगारी जली। उन्होंने कहा, सिनेमा का जादू ही मुझे आकर्षित करता है।मुझे कोरियन फिल्में और यूरोपियन सिनेमा बहुत पसंद है। मैं फिल्ममेकर बनना चाहता था।

अर्जुन कपूर ने कहा, रूप की रानी चोरों का राजा उस समय की सबसे महंगी फिल्म थी। मैं मंत्रमुग्ध था और फिल्मों की खुशी मेरे साथ रह गयी। मैं हमेशा फिल्म के बनने की प्रक्रिया जानना चाहता हूं और उसी में मुझे असली खुशी मिलती है।

अर्जुन कपूर की वह बात सबसे ज़्यादा दिल को छू गई, वो थी उनका भारतीय क्रिएटर्स को दिया गया प्यार और सम्मान। आर बल्कि और संजय लीला भंसाली से लेकर द फ़ैमिली मेन और पंचायत के मेकर्स तक, अर्जुन ने उस देसी सिनेमा को सराहा जो दिल से बनता है।

उन्होंने आजकल के ट्रेलर्स की भी आलोचना की जो बहुत कुछ पहले ही बता देते हैं। उन्होंने उन ट्रेलर्स की तारीफ की जो सस्पेंस बनाए रखते हैं, जैसे पद्मावत, एनिमल, और बाजीराव मस्तानी के ट्रेलर्स।

अर्जुन कपूर ने कहा, मैं ट्रेलर में फिल्म की एनर्जी महसूस करना चाहता हूं। एनिमल का टीज़र और ट्रेलर बहुत दमदार था! पद्मावत का ट्रेलर खूबसूरत है। सिर्फ विजुअल्स दिखते हैं। वो डायरेक्टर का ट्रेलर है। बाजीराव मस्तानी का ट्रेलर भी कमाल का था।

Published / 2025-04-08 19:02:26
राम भजन कर मन से स्वर कोकिला की भरपाई की कोशिश में श्रेया घोषाल

श्रेया घोषाल की आवाज में राम भजन कर मन का नया रूप 

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। प्रभु श्रीराम को समर्पित सुप्रसिद्ध भजन राम भजन कर मन, जिसे कभी स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज से अमर किया था, अब श्रद्धेय श्रेया घोषाल की आत्मिक प्रस्तुति में एक नये भाव और तरंग के साथ सामने आया है। यह भजन सारेगामा इंडिया लिमिटेड द्वारा पुन: प्रस्तुत किया गया है, जो आध्यात्मिक चेतना और भक्ति भाव से ओतप्रोत है। 

श्रद्धा, संगीत और भक्ति के इस अद्वितीय समन्वय में श्रेया घोषाल की मधुर आवाज श्रोताओं को एक ध्यानात्मक यात्रा पर ले जाती है, जहां प्रभु श्रीराम के नाम का स्मरण आत्मा को शांति और ऊर्जा से भर देता है। यह प्रस्तुति न केवल मूल भजन के भाव को सहेजती है, बल्कि उसमें संवेदना और आधुनिकता की एक नयी ताजगी भी जोड़ती है। श्रेया घोषाल ने राम भजन कर मन की अपनी प्रस्तुति को लेकर कहा कि यह भजन मेरे लिए सिर्फ एक संगीत रचना नहीं, बल्कि आत्मा की गहराइयों से जुड़ाव का माध्यम है। जब मैंने इस भजन को गाया, तो मुझे ऐसा महसूस हुआ मानो मैं प्रभु श्रीराम के चरणों में बैठी हूं।

लता जी की आवाज में यह भजन पहले ही अमर हो चुका है, मैंने केवल उसी भक्ति भाव को अपनी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। मेरी आशा है कि यह प्रस्तुति श्रोताओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और आंतरिक शांति प्रदान करेगी। श्रेया घोषाल की यह भावनात्मक अभिव्यक्ति उनके भक्ति भाव और संगीत के प्रति समर्पण को दर्शाती है, जो श्रोताओं को उनके सुरों के माध्यम से प्रभु श्रीराम से जोड़ने का कार्य करती है।

Published / 2025-04-05 21:35:27
पंचतत्व में विलीन हो गये मनोज कुमार, जुटे सितारे

अलविदा भारत कुमार : पंचत्तवों में विलीन हुए मनोज कुमार, बड़े बेटे कुणाल ने दी मुखाग्नि 

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। जिंदगी की ना टूटे लड़ी प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी, कभी भारत को अपनी फिल्मों में जीने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार आज हर भारतीय की यादों में जी रहे हैं। मनोज ने 87 की उम्र में मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मनोज कुमार के बेटे कुणाल ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। 

एक्टर को आखिरी विदाई देते हुए उनकी पत्नी शशि गोस्वामी का हाल बेहाल हो गया था, वो फूट-फूटकर रोने लगी। मनोज का दाह संस्कार विले पार्ले के नानावटी अस्पताल के सामने पवन हंस श्मशान घाट में हुआ। उनके अंतिम संस्कार में बॉलीवुड से जुड़ी तमाम हस्तियां पहुंची। मनोज कुमार को अंतिम विदाई देते हुए सबकी आंखें नम हो गयीं। 

मनोज कुमार के निधन के बाद से उनके लिए हर कोई भावुक और मायूस दिखा और नम आंखों से उन्हें विदाई दी। उन्हें आखिरी विदाई पर श्रद्धांजलि देने के लिए अमिताभ बच्चन से लेकर अभिषेक, सलीम खान, अरबाज खान, प्रेम चोपड़ा जैसे तमाम सिलेब्रिटीज पहुंचे। 

बता दें कि शुक्रवार को उनके निधन के बाद शनिवार को अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया। दरअसल उनकी फैमिली के कुछ सदस्य विदेश में थे इसलिए उनका अंतिम संस्कार आज किया गया। 

धर्मेन्द्र से लेकर हेमा मालिनी, सलमान खान, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, कंगना रनौत जैसी तमाम सिलेब्रिटीज ने एक्टर के निधन पर दुख जताया और उन्हें याद किया। बताया जाता है कि मनोज कुमार 21 फरवरी से कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती थे। एक्टर उम्र को लेकर सांस और हार्ट की बीमारी से जूझ रहे थे।

Published / 2025-04-04 23:56:53
मनोज कुमार ने भगत सिंह के परिवार को दान कर दी थी अपनी राष्ट्रीय पुरस्कार राशि

  • मनोज कुमार ने शहीद के लिए अपनी राष्ट्रीय पुरस्कार राशि भगत सिंह के परिवार को दान कर दी

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेता मनोज कुमार ने अपनी पूरी पुरस्कार राशि भगत सिंह के परिवार को दान कर दी और उनके प्रयासों को मान्यता देने के लिए सरकार की सराहना की। अभिनेता मनोज कुमार ने अपने शानदार करियर में कई प्रतिष्ठित भूमिकाएं निभायीं। उनके किरदारों में निहित देशभक्ति ने उन्हें भारत कुमार उपनाम दिलाया। 

फिल्म शहीद मनोज कुमार के अपने देश के प्रति जुनून का सबसे अच्छा उदाहरण है; उन्होंने फिल्म में महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की भूमिका निभायी और अपने काम के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया। लेकिन, एक परोपकारी कदम के रूप में, उन्होंने अपनी पूरी पुरस्कार राशि भगत सिंह के परिवार को दान कर दी। एस राम शर्मा द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1 जनवरी, 1965 को रिलीज हुई थी।

फिल्म के कलाकारों में उस दौर के कई दिग्गज शामिल थे, जैसे मनोज कुमार, कामिनी कौशल, प्राण, प्रेम चोपड़ा, मनमोहन, मदन पुरी और करण दीवान। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए मनोज ने कहा, मैंने अपने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए मिली पूरी राशि शहीद भगत सिंह के परिवार को दान कर दी। पुरस्कार किसी भी रचनात्मक व्यक्ति को संतुष्टि का एहसास कराते हैं। 

मुझे खुशी है कि सरकार ने आखिरकार मेरे काम को पुरस्कृत किया है। मनोज कुमार ने महान निर्देशक सत्यजीत रे से मुलाकात के बारे में भी बात की, जिन्हें वे प्यार से मानिक दा कहते थे, दिल्ली में एक फिल्म समारोह के दौरान। उन्होंने कुमार की फिल्म उपकार (1967) और रे की महान कृति चारुलता (1964) पर चर्चा की। मैंने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने मेरी फिल्म उपकार देखी है। 

उन्होंने कहा कि उन्होंने देखी है, लेकिन यह उन्हें मेलोड्रामा लगी। मैंने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि क्या उनकी अपनी फिल्म चारुलता का वह दृश्य मेलोड्रामा नहीं है, जिसमें सौमित्र चटर्जी द्वारा माधवी मुखर्जी को देखने पर आंधी आती है। मुझे प्यार से थपथपाते हुए मानिक दा ने कहा कि मैंने उन्हें पकड़ लिया! आज भी मानिक दा जैसा कोई नहीं हो सकता।

Published / 2025-04-04 15:00:07
नहीं रहे दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार

  • दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे 87 साल के थे। उन्हें अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाना जाता था। उनकी देश प्रेम वाली फिल्मों के लिए उन्हें भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता था। 

उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। रोटी, कपड़ा और मकान और क्रांति जैसी बेहतरीन फिल्में देने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। 

पूरब और पश्चिम फिल्म का गीत भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं... आज भी सभी की जुबां पर हैं। उन्हें दो बदन, हरियाली और रास्ता और गुमनाम जैसी हिट फिल्मों के लिए भी जाना जाता था।

Page 10 of 80

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse