एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क (मुंबई)। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार अमित त्रिवेदी ने कहा है कि उनके नये गीत फील बनाते हैं की हुक लाइन चल ना रील बनाते हैं आज की पीढ़ी की जीवनशैली से जुड़ी होने के कारण बेहद रिलेटेबल है।
स्टार प्लस के नये शो ये फितूर तेरा के पांच अगस्त को होने वाले प्रीमियर से पहले जारी किये गये इस गीत को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। गीत का कैची हुक, आधुनिक संगीत और जेन-जी की भाषा इसे युवा दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा है।
अमित त्रिवेदी ने कहा, हमें ये फितूर तेरा जैसे जेन-जी शो के लिए एक मजेदार गीत चाहिए था। गाने का विचार यह था कि एक लड़की अपने पसंद के लड़के के लिए गा रही है। इसी सोच और आज के दौर को ध्यान में रखते हुए हमारे दिमाग में चल ना रील बनाते हैं लाइन आयी।
आजकल हर कोई रील बना रहा है, इसलिए यह लाइन बहुत रिलेटेबल लगी। उन्होंने गीतकार गीत सागर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गाने के बोल बेहद खूबसूरती से लिखे हैं और महिला किरदार की भावनाओं को प्रभावी ढंग से शब्दों में पिरोया है।
अमित त्रिवेदी ने कहा कि इस गीत को तैयार करने में उन्हें काफी आनंद आया। उनके अनुसार लंबे समय बाद उन्हें इतना हल्का-फुल्का और मनोरंजक गीत तैयार करने का अवसर मिला। उन्होंने उम्मीद जतायी कि दर्शकों को यह गीत और ये फितूर तेरा की दुनिया पसंद आयेगी। ये फितूर तेरा का प्रीमियर पांच अगस्त से हर रात साढ़े आठ बजे स्टार प्लस पर होगा। यह शो जियोहॉटस्टार पर भी स्ट्रीम किया जा सकेगा।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क (लोहरदगा)। नागपुरी फिल्म सहरिया की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में रांची में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
आयोजन समिति द्वारा सांसद सुखदेव भगत का स्वागत किया गया। मौके पर सांसद सुखदेव भगत ने फिल्म की पूरी टीम और कलाकारों को बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नागपुरी भाषा, संस्कृति और लोक परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
हमारी पहचान हमारी भाषा से है। अगर हम अपनी माटी की बोली, गीत, नृत्य और रीति-रिवाजों को भूल गये तो अपनी पहचान भी खो देंगे। उन्होंने कहा कि युवा कलाकारों को आगे आकर नागपुरी सिनेमा, संगीत और साहित्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा।
सरकार और समाज दोनों को मिलकर लोक कलाकारों को मंच और सम्मान देना चाहिए। सांसद ने भरोसा दिलाया कि नागपुरी भाषा को आगे बढ़ाने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार, बुद्धिजीवी, युवा और नागपुरी प्रेमी मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। चित्रपट झारखंड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन विभिन्न विधाओं की कुल 34 फिल्मों की सफल स्क्रीनिंग की गयी। फिल्म प्रेमियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक फिल्मों का अवलोकन किया।
दूसरे दिन मोबाइल फिल्म मेकिंग कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को मोबाइल के माध्यम से फिल्म निर्माण की तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी गयी। यह कार्यशाला प्रतिभागियों के कौशल और तकनीकी ज्ञान को विकसित करने में उपयोगी सिद्ध हुई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत झारखंड फिल्म एंड थिएटर एसोसिएशन (जेएफटीए) के कलाकारों ने तीन प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों वो पागल नहीं, बीमार था, खामोशी कब तक तथा गरीबदास का शून्य (पद्मश्री अशोक चक्रधर की कविता पर आधारित) का मंचन किया।
कलाकारों के सशक्त अभिनय और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन नाटकों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया तथा फिल्म फेस्टिवल के वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। फिल्म फेस्टिवल का समापन सत्र कल दोपहर 3:30 बजे से आयोजित होगा।
मौके पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह में विजेता फिल्मों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा तथा तीन दिवसीय आयोजन का औपचारिक समापन होगा। उक्त जानकारी चित्रपट झारखंड के मीडिया समन्वय स्निग्ध कुमार रंजन ने दी।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क (मुंबई)। प्राइम वीडियो की अली फजल, सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर अभिनीत दिल दहला देने वाली इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर राख का ग्लोबल प्रीमियर 12 जून को होगा। इस सीरीज का निर्देशन और एग्जीक्यूटिव प्रोडक्शन प्रोसित रॉय ने किया है, इसे अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत ने बनाया, लिखा और सह-निर्देशित किया है, जबकि संवाद आयुष त्रिवेदी ने लिखे हैं।
एंडेमोल शाइन इंडिया और भाडिपा के सहयोग से दीपक धर, ऋषि नेगी, मृणालिनी जैन और श्याम राठी ने इस सीरीज का निर्माण किया है। राख में सोनाली बेंद्रे, अली फजल और आमिर बशीर मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह सीरीज प्राइम वीडियो पर भारत सहित दुनिया के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में रिलीज होगी।
राख एक इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा सीरीज है, जो अपराधी की मानसिकता और आम जिंदगी के पीछे छिपे अंधेरे को गहराई से दिखाती है। जब दो किशोर अचानक बिना किसी भनक के गायब हो जाते हैं, तो एक खुशहाल परिवार टूट जाता है और पूरा शहर दहशत में आ जाता है।
सच्चाई तक पहुंचने के लिए एक जुझारू जांच अधिकारी देशभर में तलाश अभियान शुरू करता है लेकिन जैसे-जैसे वह मामले की गहराई में जाता है, यह केस उसे हिंसा और इंसानी क्रूरता की एक भयावह दुनिया में खींच लेता है।
राख के निर्देशक और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर प्रोसित रॉय ने कहा, राख मेरे लिए अब तक के सबसे रचनात्मक और भावनात्मक रूप से गहरे प्रोजेक्ट्स में से एक रही है, क्योंकि इसकी कहानी सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर तक सीमित नहीं है।
मुझे सबसे ज्यादा उत्साह इस बात का था कि इसमें एक रोमांचक तलाश अभियान के साथ-साथ मानसिक आघात और इंसानी स्वभाव के अंधेरे पहलुओं को भी बिना किसी झिझक के दिखाने का मौका मिला। अनुशा और संदीप ने मिलकर एक ऐसी दुनिया बनायी है, जिस पर बहुत बारीकी से रिसर्च की गयी है, जो कई परतों से भरी हुई है और जिसमें सही-गलत के बीच की उलझन साफ दिखाई देती है।
अली ने अपने शांत अंदाज में एक जबरदस्त उर्जा दी हैं, जो पूरी कहानी को एक मजबूत आधार देता है; वहीं, सोनाली और आमिर ने अपने किरदारों को इतनी गहराई और तीव्रता से निभाया है कि हर पल बेहद असली महसूस होता है। पाताल लोक के बाद एक बार फिर प्राइम वीडियो के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा, और मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं कि दर्शक 12 जून को राख को देखें।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। फैशन फिएस्टा 2.0 के उद्घाटन समारोह का आयोजन बड़े ही उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ महुआ माजी उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में बसंत मित्तल ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।
मेले में 35 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं, जिनमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं विभिन्न शहरों से आयी महिलाओं को अपने उत्पाद एवं प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान किया गया है। संस्था की अध्यक्ष मोनिका गोयनका ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम में संस्था की पूर्व अध्यक्ष कुशा जालान, बिजेंद्र प्रसाद, प्रतीक भदानी, फाउंडर प्रेसीडेंट अंकित अग्रवाल, एवं संस्थापक दीप्ति बजाज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मेले के सफल आयोजन में सचिव भवेश राठौर, अदिति अग्रवाल, वेदिका सिंघानिया, पूजा वैष्णवी, सुमित लोहानी, संजीव कुमार, जय काबरा और अनुज अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए आज मैजिक शो का आयोजन किया गया। साथ ही 27 मई को प्रात: 11 बजे से पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जायेगा, जिसमें 4 से 12 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकेंगे।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क (मुंबई)। बॉलीवुड स्टार ऋचा चड्ढा और अली फज़ल जल्द ही न्यूज़ीलैंड में बॉलीवुड का रंग बिखेरते नज़र आएंगे। दोनों दो जून 2026 को देश के पहले इंडियन फिल्म फेस्टिवल द इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ न्यूज़ीलैंड के आधिकारिक लॉन्च में शामिल होंगे।
यह अभिनेता-निर्माता जोड़ी इस लॉन्च इवेंट की मुख्य आकर्षण होगी। इस मौके पर उनकी बतौर प्रोड्यूसर पहली फिल्म गर्ल्स विल बी गर्ल्स की खास स्क्रीनिंग भी रखी जाएगी। इस फिल्म को दुनियाभर के बड़े फिल्म फेस्टिवल्स जैसे सनडांस और इंडिपेंडेंट स्पिरिट अवॉर्ड्स में काफी सराहना मिल चुकी है।
अक्टूबर 2026 में शुरू होने जा रहा
द इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ न्यूज़ीलैंड, न्यूज़ीलैंड का पहला समर्पित इंडियन फिल्म फेस्टिवल होगा। इसकी स्थापना पेट्रीना डी’रोजारियो ने की है। इस फेस्टिवल का उद्देश्य भारतीय सिनेमा का जश्न मनाने के साथ-साथ भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच रचनात्मक संबंधों को और मज़बूत बनाना है।
इस लॉन्च इवेंट में सबसे ज़्यादा चर्चा ऋचा और अली की मौजूदगी को लेकर है, क्योंकि दोनों अपनी दमदार पहचान और विश्वसनीयता के लिए जाने जाते हैं। मेनस्ट्रीम फिल्मों के साथ-साथ अर्थपूर्ण और स्वतंत्र सिनेमा को समर्थन देने के लिए मशहूर यह जोड़ी, अभिनेता और निर्माता दोनों रूपों में हमेशा नए और वैश्विक कहानियों को आगे बढ़ाती रही है।
इस लॉन्च का हिस्सा बनने को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए ऋचा चड्ढा और अली फज़ल ने संयुक्त बयान में कहा, हम द इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ न्यूज़ीलैंड के लॉन्च का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं।
फिल्म फेस्टिवल्स अलग-अलग कहानियों और विचारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच तैयार करते हैं। भारतीय सिनेमा को न्यूज़ीलैंड में इतने व्यवस्थित और उत्सवपूर्ण तरीके से लाने का विचार बेहद खास और सही समय पर लिया गया कदम है। हम इस नई शुरुआत का समर्थन करने और वहां के दर्शकों से जुड़ने को लेकर उत्साहित हैं।
यह फेस्टिवल चार दिनों तक ऑकलैंड, वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में आयोजित किया जाएगा। इसमें फिल्म स्क्रीनिंग्स, वर्कशॉप्स, सांस्कृतिक कार्यक्रम और इंडस्ट्री चर्चाएं शामिल होंगी, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के फिल्ममेकर्स, कलाकारों और दर्शकों को जोड़ना है।
फेस्टिवल के पहले संस्करण में फीचर और शॉर्ट फिल्म्स मिलाकर लगभग 30 फिल्मों को दिखाए जाने की उम्मीद है। इसके जरिए भारतीय सिनेमा की विविधता और वैश्विक पहचान को सामने लाने के साथ-साथ ऑटियरोआ में दक्षिण एशियाई आवाज़ों को भी मंच मिलेगा।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क (मुंबई)। जाह्नवी कपूर ने आगामी फिल्म के सेट पर पेड्डी केवल अभिनेत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि असिस्टेंट डायरेक्टर, प्रोडक्शन और कॉस्ट्यूम डिजाइनर जैसी कई जिम्मेदारियां निभायीं। जब से फिल्म पेड्डीकी घोषणा हुई है, फैंस बेसब्री से जाह्नवी कपूर को राम चरण के साथ एक बिल्कुल नये अवतार में देखने का इंतजार कर रहे हैं। इस बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स ड्रामा में जाह्नवी अचियम्मा का किरदार निभाने वाली हैं।
अब फिल्म के डायरेक्टर बुची बाबू सना ने खुलासा किया है कि जाह्नवी फिल्म की तैयारी और मेकिंग में कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं। जाह्नवी की तारीफ करते हुए बुची बाबू ने कहा, आई मस्ट से, जान्हवी बहुत मेहनती लड़की है। स्पेशली पेड्डी के सेट पर वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं थी, बल्कि इस फिल्म के लिए वह असिस्टेंट डायरेक्टर, मैनेजर, हीरोइन, प्रोडक्शन डिजाइनर, कॉस्ट्यूम डिजाइनर सब कुछ थीं।
फिल्ममेकर के मुताबिक, जाह्नवी लगातार अपने किरदार को बेहतर और असली बनाने के लिए नये आइडियाज देती थीं और फिल्म के कई विभागों में सक्रिय रूप से शामिल रहती थीं। उनका पूरा फोकस इस बात पर था कि उनके किरदार की हर छोटी-बड़ी डिटेल पूरी तरह प्रामाणिक लगे। बुची बाबू के इन खुलासों के बाद अब फैंस पेड्डी में जाह्नवी कपूर के ट्रांसफॉर्मेशन को देखने के लिए और भी ज्यादा उत्साहित हैं।
बताया जा रहा है कि अचियम्मा का किरदार फिल्म की कहानी में मजबूत भावनात्मक प्रभाव डालेगा और ग्रामीण व स्पोर्ट्स बैकड्रॉप वाली इस कहानी को और गहराई देगा। इसी बीच, दर्शक 18 मई को रिलीज होने वाले पेड्डी के ट्रेलर का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे फिल्म की दुनिया की एक और झलक देखने को मिलने की उम्मीद है।
एबीएन, एंटरटेनमेंट डेस्क (मुंबई)। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री माधुरी दीक्षित आज 58 वर्ष की हो गयी। माधुरी दीक्षित का जन्म 15 मई 1967 को मुंबई में एक मध्यमवर्गीय मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई से हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी में माइक्राबॉयलोजिस्ट बनने के लिये दाखिला ले लिया।
इस बीच उन्होंने लगभग आठ वर्ष तक कथक नृत्य की शिक्षा भी हासिल की। उन्होंने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1984 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म अबोध से की थी, लेकिन वह उस समय तक अभिनेत्री बनने में कोई खास दिलचस्पी नहीं रखती थीं।
गर्मी की छुट्टियों में फिल्म अबोध की शूटिंग खत्म कर माधुरी ने कॉलेज में दाखिला ले लिया। फिल्म अबोध बॉक्स आॅफिस पर फ्लॉप साबित हुई, लेकिन माधुरी ने कई फिल्ममेकर्स का ध्यान खींच लिया। उन्हें लगातार फिल्मों के आॅफर मिलने लगे। यह देख माधुरी ने भी कॉलेज की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और फिल्मी करियर को चुन लिया।
माधुरी दीक्षित की किस्मत का सितारा वर्ष 1988 में प्रदर्शित फिल्म तेजाब से चमका। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने अनिल कपूर की प्रेयसी की भूमिका निभायी थी। फिल्म में उनपर फिल्माया गीत एक दो तीन उन दिनों श्रोताओं के बीच छा गया था। फिल्म की सफलता के बाद माधुरी दीक्षित फिल्म इंडस्ट्री में अपनी सही पहचान पाने में कुछ हद तक कामयाब हो गयी।
वर्ष 1990 में माधुरी दीक्षित के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म दिल प्रदर्शित हुयी।फिल्म में माधुरी दीक्षित और आमिर खान की जोड़ी को सिने दर्शको ने काफी पसंद किया। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुयी, साथ ही फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये माधुरी दीक्षित को अपने सिने करियर का पहला फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ।
वर्ष 1991 माधुरी दीक्षित के सिने करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनके अभिनय के नये रंग दर्शको को देखने को मिले। इस वर्ष उनकी 100 डेज, साजन, प्रहार जैसी फिल्में प्रदर्शित हुयी। इन फिल्मों की सफलता के बाद माधुरी दीक्षित शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंची। वर्ष 1992 में माधुरी दीक्षित की एक और अहम फिल्म फिल्म बेटा प्रदर्शित हुयी।
वर्ष 1994 में राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म हम आपके है कौन माधुरी दीक्षित की सर्वाधिक सुपरहिट फिल्म में शुमार की जाती है। पारिवारिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में उनकी जोड़ी सलमान खान के साथ काफी पसंद की गयी। इस फिल्म में उनपर फिल्माया गीत दीदी तेरा देवर दीवाना उन दिनों श्रोताओं के बीच क्रेज बन गया था। फिल्म ने सफलता के नये कीर्तिमान स्थापित किये और आॅल टाइम ग्रेटेस्ट हिट्स में शुमार हो गयी। नब्बे के दशक में माधुरी हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं, जिसके चलते उनका नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
वर्ष 2002 में माधुरी दीक्षित को शरत चंद्र के मशहूर उपन्यास देवदास पर बनी फिल्म में काम करने का अवसर मिला। संजय लीला भंसाली की इसी नाम से बनी फिल्म में चन्द्रमुखी के अपने किरदार से माधुरी ने दर्शको का दिल जीत लिया और अपने दमदार अभिनय के लिये वह सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गयी। माधुरी दीक्षित के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेता अनिल कपूर साथ काफी पसंद की गयी। भारतीय सिनेमा में माधुरी के योगदान को देखते हुए वर्ष 2008 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया।
वर्ष 2002 में प्रदर्शित फिल्म हम तुम्हारे है सनम के बाद माधुरी दीक्षित ने फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया और वैवाहिक जीवन बिताने लगी।वर्ष 2007 में फिल्म आजा नच ले के जरिये उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने सिने करियर की दूसरी पारी शुरू की लेकिन इस फिल्म की असफलता के बाद उन्होंने एक बार फिर से फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया। माधुरी दीक्षित ने वर्ष 2013 में प्रदर्शित फिल्म ये जवानी है दीवानी से इंडस्ट्री में कमबैक किया है। इसके बाद माधुरी ने डेढ़ इश्किया, गुलाब गैंग, मराठी फिल्म बकेट लिस्ट, कलंक, टोटल धमाल और भूल भुलैया 3 में काम किया है।
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