वन और पर्यावरण

View All
Published / 2022-05-07 14:07:42
उत्तरी तटीय राज्यों से टकरा सकता है चक्रवात, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

एबीएन डेस्क। दक्षिण अंडमान सागर पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और अगले सप्ताह की शुरुआत तक आंध्र प्रदेश-ओडिशा के समुद्र तट तक पहुंचने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और शनिवार तक दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। यह रविवार शाम तक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। मौसम कार्यालय ने चक्रवाती तूफान के मद्देनजर अगले सप्ताह मंगलवार से शुक्रवार के बीच पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में गरज के साथ छीटें पड़ने तथा भारी बारिश होने की भी चेतावनी दी है। ओडिशा सरकार के अनुसार, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए आपदा मोचन बल और दमकल सेवाओं को तैयार रहने को कहा गया है। क्षेत्र में पिछली तीन गर्मियों में चक्रवाती तूफान आए थे। ओडिशा में 2021 में यास, 2020 में अम्फान और 2019 में फानी तूफान आया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि निम्न दाब के क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में दबाव के क्षेत्र में बदलने तथा पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। यह 10 मई तक तट पर पहुंच सकता है। NDRF के 17 और दमकल विभाग के 175 दल तैनात महापात्र ने कहा, हमने अभी यह अनुमान नहीं जताया है कि यह कहां दस्तक देगा। हमने इसके दस्तक देने के दौरान हवा की संभावित गति का भी कोई जिक्र नहीं किया है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा, हमने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) के 17 दलों, ओडीआरएएफ (ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल) और दमकल विभाग के 175 दलों को बुलाया है। इसके अलावा, एनडीआरएफ प्राधिकारियों से किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 और दलों को तैयार रखने का अनुरोध किया गया है। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने कहा कि जगतसिंहपुर, गंजम और खोरधा जिले भारी वर्षा से प्रभावित होंगे, जबकि ओडिशा के तटीय भागों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह : जेना ने बताया कि समुद्र में मछुआरों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को चौकन्ना रहने को कहा गया है। महापात्र ने कहा, आईएमडी सात मई को दबाव का क्षेत्र बनने के बाद ही चक्रवात, उसकी हवा की गति, दस्तक देने के स्थान के बारे में जानकारियां दे सकता है। नौ मई से समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को वहां नहीं जाना चाहिए। हमारा अनुमान है कि चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। दमकल सेवाओं के महानिदेशक एसके उपाध्याय ने कहा कि दमकल कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जेना ने बताया कि जिलाधीशों को सतर्क कर सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

Published / 2022-05-06 17:22:49
देश के पूर्वी तट पर एक और चक्रवात की आहट ने बढ़ायी बेचैनी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर शुक्रवार को निम्न दाब का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान आने के आसार हैं। इस तूफान के आंध प्रदेश और ओडिशा तट पर अगले हफ्ते की शुरुआत तक पहुंचने की आशंका है, जिसके मद्देनजर ओडिशा में चेतावनी जारी की गई है। इस समुद्री तूफान के आने से पूर्वी तटीय राज्यों में भारी बारिश होगी। मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा कि दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के आसार हैं, जिससे बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य में एक चक्रवाती तूफान उत्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि इसके 10 मई को तट पर पहुंचने की आशंका है। महापात्र ने कहा कि अभी तक कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया गया है कि ये कहां सबसे पहले आयेगा। महापात्र ने कहा कि जब समुद्री तूफान तट के पास पहुंचता है, तो हम कह सकते हैं कि ये कहां टकराएगा। नौ मई से समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है, इसलिए मछुआरों को बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अनुमान के मुताबिक चक्रवाती तूफान की गति समुद्र में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी। दमकल कर्मियों की रद्द की गईं सभी छुट्टियां : मौसम कार्यालय ने चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए अगले हफ्ते मंगलवार से शुक्रवार के बीच गंगा नदी के क्षत्र में आने वाले पश्चिम बंगाल के जिलों में बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा कि एनडीआरएफ की 17 टीम, ओडीआरएएफ की 20 टीम और दमकल सेवाओं की 175 टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अग्निशमन सेवा के महानिदेशक एसके उपाध्याय ने कहा कि दमकल कर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत में सात मई से और मध्य भारत में आठ मई से फिर से लू चलने की संभावना जताई है। आईएमडी ने कहा कि राजस्थान में सात मई से नौ मई तक और आठ मई और नौ मई को दक्षिण हरियाणा, दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में लू की स्थिति बनने का अनुमान है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण कम बारिश के साथ, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में 122 वर्षों में इस साल अप्रैल सबसे गर्म रहा, जिसमें औसत अधिकतम तापमान क्रमशः 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस था।

Published / 2022-05-04 13:46:48
झारखंड : 8 मई तक कई जिलों में गरज के साथ बारिश दिलाएगी गर्मी से राहत

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में तपती गर्मी से आम लोगों को राहत मिली है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले कुछ दिन और झारखंडवासियों को गर्मी नहीं सताएगी। पिछले दिनों हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है इससे लोगों को राहत मिली है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने अनुमान लगाया है कि अगले कुछ दिनों में रांची से सटे मध्य भाग और संथाल के इलाकों में बारिश हो सकती है। झारखंड में तीन सिनेप्टिक फीचर है जो यहां के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। पहला दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है। जिसका प्रभाव झारखंड में पड़ रहा है, दूसरा पंजाब से झारखंड क्रॉस करते हुए बांग्लादेश तक टर्फ लाइन बना हुआ है, इसका प्रभाव भी झारखंड पर देखा जा रहा है। तीसरा दक्षिणी अंडमान सागर में एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना है जिसके प्रभाव से 6 मई को उस क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बन जाएगा और यह विस्तार होते हुए गंभीर निम्न दबाव का क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। इसका प्रभाव भी आने वाले दिनों में झारखंड में देखने को मिल सकता है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए बताया है कि 4, 5 और 6 मई को राज्य के दक्षिणी भाग रांची से सटे मध्य भाग और संथाल के इलाकों में गरज और वज्रपात के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। 7 और 8 मई को राज्य के संथाल कोल्हान और मध्य भाग में वज्रपात और गर्जन के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रहेगी। वहीं राज्य के उत्तर पश्चिमी भाग को छोड़कर सभी जिलों में तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड की गई है। जिस कारण आम जनों को गर्मी से राहत मिलते हुए दिख रही है और यह क्रम कुछ दिन और झारखंड में बरकरार रहेगा।

Published / 2022-05-02 15:06:37
जल्द मिलेगी हीटवेव से मुक्ति, दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी बारिश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर पश्चिमी भारत के लिए येल्लो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित भारत के अधिकांश राज्यों में "लू" के अब खत्म होने के आसार है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान और विदर्भ में लू की स्थिति फिलहाल बने रहने की संभावना है, लेकिन चिलचिलाती गर्मी का प्रभाव कुछ समय के लिए कम हो जाएगा। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने बताया कि ओडिशा और बंगाल में "लू" की लहर 30 अप्रैल को ही खत्म हो गई, जैसा कि भविष्यवाणी की गई थी। वहीं, अगले दो से तीन दिनों में यहां तेज हवाओं के चलने का दौरा शुरू होगा। पश्चिमी विक्षोभ होने की वजह से मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिमी भारत को येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 3 मई को बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ रात मिलेगी। आईएमडी के विश्लेषण के मुताबिक, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में येलो अलर्ट है। कल (मंगलवार) तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होने की भी पूरी संभावना है। मई में अच्छा रहेगा मौसम : जेनामणी ने आगे बताया कि पश्चिमी विक्षोभ काफी एक्टिव है। हवा का रुख दिल्ली, लखनऊ और जयपुर में देखा जा सकता है। वहीं, अगले 6 से 7 दिनों के दौरान पूर्वी हवाएं भी तेज रहेंगी, जिससे तापमान में वृद्धि नहीं होगी। IMD ने बताया कि पिछले दिनों पड़ी भीषण गर्मी के बाद यह बड़ी राहत की बात है। 7 मई तक हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद क्या स्थिति रहेगी, इसकी जानकारी तापमान के विश्लेषण के बाद ही दी जा सकेगी। लेकिन अभी मई में स्थिति अच्छी रहने की संभावना है।

Published / 2022-05-02 11:48:57
झारखंड : बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में होगी बारिश

टीम एबीएन, रांची। बीते कई दिनों की प्रचंड गर्मी के बाद मौसम को सुहाना होता देख रांची के लोगों में खुशी देखी गई। लगातार कई दिनों से राजधानी और आसपास के क्षेत्र में लोग गर्मी से परेशान से काफी परेशान रहे हैं। गर्म हवा और सूर्य की तपिश से लोगों का हाल बेहाल हो गया था। कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी से निजात मिली है। 2 मई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और जमशेदपुर में हल्की बारिश होने की संभावना है। इन दोनों दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। 3 मई को सुबह के समय मौसम साफ रहेगा। दोपहर के बाद आंशिक बादल छा सकते हैं मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 5 मई तक आसमान में आंशिक बादल छाये रहेंगे। मेघ गर्जन के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान वज्रपात की भी आशंका है। झारखंड की राजधानी रांची में मौसम का मिजाज बदल गया है। चिलचिलाती धूप से लोगों को राहत मिल गयी है। राज्य के पूर्वी एवं निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई। राजमहल, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। 24 घंटे में राजमहल में सबसे अधिक 16 मिमी बारिश हुई। राजधानी रांची में भी शाम को हल्की बूंदा-बांदी हुई। दोपहर में रांची का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार था, लेकिन मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। 5 मई तक बदला रहेगा मौसम का मिजाज : जमशेदपुर में भी अधिकतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस गिरकर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम केंद्र के अनुसार मौसम का मिजाज पांच मई तक बदला रहेगा। राज्य के पूर्वी तथा मध्य भाग में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाये रहेंगे। हल्की बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान भी गिर सकता है। बता दें, बीते 2 दिनों में झारखंड के जिन जिलों में बारिश हुई है वहां तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।

Published / 2022-05-01 11:36:47
जम्मू से बंगाल तक तप रही धरती, अगले 24 घंटे रहें अलर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। स्काईमेट वेदर के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू से गंभीर लू की स्थिति बनी रही। विदर्भ, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों और जम्मू संभाग, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, आंतरिक ओडिशा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, पंजाब, मध्य महाराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति रही। पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वी बिहार में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर तेज बारिश हुई। केरल और आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हुई। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंतरिक तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, बिहार के पश्चिमी हिस्सों और लक्षद्वीप में छिटपुट हल्की बारिश हुई। अगले 24 घंटों के दौरान, पश्चिम और उत्तरी राजस्थान, विदर्भ, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा, दिल्ली और तेलंगाना, झारखंड, बिहार, आंतरिक ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में हीट वेव की स्थिति जारी रहने की उम्मीद है। प्री-मानसून गतिविधियों के शुरू होने के कारण, 2 मई से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। पूर्वोत्तर भारत और बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। सिक्किम, पश्चिम बंगाल, केरल, दक्षिण कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। पश्चिमी हिमालय पर छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश संभव है। लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा के कुछ हिस्सों, आंध्र प्रदेश और दक्षिण छत्तीसगढ़ में छिटपुट हल्की बारिश हो सकती है। 1 से 2 मई के बीच पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में अप्रैल की गर्मी ने 122 साल का रिकॉर्ड बनाया और अब मई की गर्मी और झुलसाने वाली होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी जारी रहेगी और अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होगी। मार्च के बाद से तीसरी हीटवेव, 25 फरवरी के बाद से लगभग 65 दिनों की सबसे लंबी शुष्क अवधि रही है उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के लिए अप्रैल (28 अप्रैल तक) का औसत अधिकतम तापमान पिछले 122 वर्षो में सबसे अधिक था। आईएमडी के मुताबिक, 28 तक अप्रैल तक दर्ज औसत अखिल भारतीय तापमान (अधिकतम और औसत) पिछले 122 वर्षों में 35.05 डिग्री सेल्सियस पर चौथा उच्चतम था। इससे पहले, मार्च 2022 पूरे भारत और उत्तर पश्चिम भारत के लिए 122 वर्षो में सबसे गर्म था। उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के लिए औसत अधिकतम तापमान क्रमश: 35.90 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस था। सरल शब्दों में, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान (अधिकतम, न्यूनतम और औसत) सामान्य से अधिक था, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप और उत्तर पूर्व भारत में तापमान सामान्य से नीचे था। अप्रैल में छह पश्चिमी विक्षोभ थे, जिनका उत्तर पश्चिम भारत पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन उनमें से अधिकांश कमजोर और शुष्क थे और इसलिए मैदानी इलाकों में कोई महत्वपूर्ण बारिश नहीं हुई। हालांकि, जब उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत चिलचिलाती धूप की चपेट में थे, तब भी पूरे पूर्वोत्तर, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। आईएमडी के महानिदेशक (मौसम विज्ञान) मृत्युंजय महापात्र ने एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि मई में, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों और उत्तर-पूर्व भारत के उत्तरी हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। लंबी अवधि के औसत का 109 प्रतिशत से अधिक बारिश : देश के शेष हिस्सों में भी सामान्य से लेकर अधिकतम तापमान रहने की संभावना है। महापात्र ने अप्रैल और मई के लिए आउटलुक पेश करते हुए कहा कि मई के दौरान, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य न्यूनतम तापमान से अधिक होने की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से सामान्य न्यूनतम तापमान की संभावना है। उन्होंने कहा कि मई में देशभर में औसत बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है (लंबी अवधि के औसत का 109 प्रतिशत से अधिक)।

Published / 2022-04-30 13:04:38
122 सालों का टूटा रिकार्ड : भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच 47.4 डिग्री के पार पहुंचा पारा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस साल अप्रैल पिछले 122 वर्षों में सबसे अधिक गर्म रहा, जहां औसत अधिकतम तापमान क्रमश: 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। वहीं, भीषण लू के कारण देश का एक बड़ा हिस्सा बेहाल है। दरअसल, पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भागों गुजरात, राजस्थान, पजांब और हरियाणा को मई में भी सामान्य से अधिक तापमान का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में मई के दौरान रात में भी गर्मी का अहसास होगा। महापात्रा ने कहा कि अप्रैल के दौरान देशभर में औसत तापमान 35.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि 122 वर्षों में चौथी बार सबसे अधिक रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इस साल मई के दौरान औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। साथ ही कहा कि मई में उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक ने कहा कि लगातार कमजोर वर्षा गतिविधि के कारण मार्च और अप्रैल में उच्च तापमान दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में मार्च के दौरान बारिश में करीब 89 फीसदी जबकि अप्रैल में 83 फीसदी गिरावट देखी गई। उल्लेखनीय है कि देश में लोगों को खासकर उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी भागों में पिछले कुछ सप्ताह से लू का सामना करना पड़ रहा है।

Published / 2022-04-29 17:49:45
झारखंड : जानें कब बारिश दिला सकती है गर्मी से राहत

टीम एबीएन, रांची। राजधानी समेत तमाम जिलों में गर्मी अपना कहर बरपा रही है। गर्म हवा के साथ तपतपाती गर्मी से लोग परेशान हैं। इस बीच बढ़ती गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार रांची समेत आसपास जिलों और उत्तरी पूर्वी हिस्सों में 30 अप्रैल के बाद गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। 30 अप्रैल से 3 मई तक राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे। मेघ गर्जन के साथ बारिश और 40 से 50 प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। राज्य में गर्म हवा के कारण तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, ऐसे में मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से मौसम में बदलाव का पुर्वानुमान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार झारखंड के कुछ जिलों में बारिश के कारण मौसम में थोड़ा बदलाव होगा। धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा जिले के कुछ भागों में अगले एक से तीन घंटे मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने को निर्देश दिया है। साथ ही पेड़ के नीचे और बिजली के खंबे से दूर रहने की चेतावनी दी है। वहीं किसानों को मौसम सामान्य होने का इंतजार करने की सलाह दी है। बीते 24 घंटों से राज्य का मौसम शुष्क रहा। राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव की भी स्थिति बनी। गिरिडीह में सबसे आधिक हीट वेव की स्थिति रही। सबसे अधिकतम तापमान डाल्टनगंज में 45.8 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम गढ़वा में 24.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज की गई है।

Page 51 of 60

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse