वन और पर्यावरण

View All
Published / 2022-04-02 17:31:08
झारखंड में आग लगाती गर्मी : डाल्टनगंज का पारा 43 डिग्री पार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में गर्मी से लोग परेशान होने लगे हैं। डाल्टनगंज में पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। 3 अप्रैल को तापमान में कुछ गिरावट आ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने बुलेटिन जारी कर बताया कि उत्तर प्रदेश में एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बन रहा जिसका टर्फलाइन झारखंड होते हुए तमिलनाडु तक जाएगा। इसके कारण 3 अप्रैल से झारखंड के उत्तर और उत्तर पूर्वी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञान केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर पश्चिम में गर्म हवा चलने की वजह से झारखंड के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राज्य में अगले 5 दिन तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव की संभावना नहीं है। 3 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। जबकि राज्य के उत्तर पूर्वी भागों में कहीं-कहीं पर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। जबकि शेष भागों में मुख्यता आसमान साफ रहेगा। पिछले 24 घंटों में झारखंड में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक उच्चतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में रिकॉर्ड किया है। जबकि न्यूनतम तापमान गढ़वा में 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गिरिडीह के अलावा उत्तर पश्चिम भागों में कई जगहों पर लू भी चली। रांची में अधिकतम तापमान 38.0, जमशेदपुर में 40.0, डाल्टनगंज 43.4, बोकारो 40.1, चाईबासा में 39.4, देवघर में 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में 22.2, जमशेदपुर में 25.9, डाल्टनगंज 22.5, बोकारो में 27.1, चाईबासा में 22.6 और देवघर में 26.0 रिकॉर्ड किया गया है।

Published / 2022-03-29 18:03:32
झारखंड : कई जिलों में लू की स्थिति, डाल्टनगंज @ 39.3℃

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में गर्मी अब अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है यहां तक कि कई जिलों में लू चलने की भी आशंका जताई गई है। रांची समेत पूरे जिले में तपती गर्मी ने सताना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले 5 दिनों में रांची और राज्यभर का मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि आने वाले 5 दिनों में रांची सहित अन्य जिलों के मौसम शुष्क रहेगा। वहीं 29 मार्च से 1 अप्रैल तक आसमान साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 38 डिग्री रिकॉर्ड किया जा सकता है। जबकि न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास हो सकता है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अगले 3 दिनों के दौरान दिन के तापमान में धीरे-धीरे दो से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। उसके बाद 2 दिनों में कोई बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। मौसम विभाग केंद्र रांची के अनुसार राज्य में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री वृद्धि की संभावना है। पिछले 24 घंटों में झारखंड में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में रिकॉर्ड किया है। जबकि सबसे कम तापमान गढ़वा में 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। रांची में अधिकतम तापमान 36.2 जमशेदपुर में 39.5 डाल्टनगंज 39.9 बोकारो 36.1 चाईबासा में 39.4 देवघर में 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं, न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में 19.3 जमशेदपुर में 20.0 डाल्टनगंज 18.5 बोकारो में 18.0 चाईबासा में 20.4 और देवघर में 20.4 रिकॉर्ड किया गया है।

Published / 2022-03-28 17:37:43
आफत की गर्मी... अगले 5 दिनों तक जारी रहेगा लू का प्रकोप

एबीएन डेस्क। पसीने छुड़ा रही गर्मी से फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को कहा कि भारत के कई हिस्सों में पहले से चल रही लू से कोई राहत नहीं मिलेगी। साथ ही इसने आगे और गर्म दिनों की भविष्यवाणी की है। विभाग ने 28 से 30 मार्च के दौरान पश्चिम राजस्थान में भीषण गर्मी की भविष्यवाणी की है। इसके अलावा 31 मार्च और 1 अप्रैल, 2022 को अलग-अलग राज्यों में हीट वेव की स्थिति की भविष्यवाणी की गई है। आईएमडी ने जम्मू संभाग और हिमाचल प्रदेश (28-29 मार्च), दक्षिण हरियाणा (29-30 मार्च), सौराष्ट्र-कच्छ, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश (28 अप्रैल 1 अप्रैल) में भीषण गर्म हवाओं का भविष्यवाणी की है। इन राज्यों के अलावा विदर्भ, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा (29-31 मार्च), दक्षिण उत्तर प्रदेश (30-31 मार्च) और झारखंड और आंतरिक ओडिशा (मार्च 30 अप्रैल 1) में भी लू की स्थिति के लिए अलर्ट जारी किया गया है। अगले पांच दिनों के दौरान देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की भविष्यवाणी नहीं की गई है, सिवाय इसके कि महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। गुजरात और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान दो-तीन दिनों के बाद 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है।

Published / 2022-03-28 17:29:21
जंगलों में आग लगाकर महुआ चुनने वाले कर रहे पर्यावरण का नुकसान

टीम एबीएन, लोहरदगा/गढ़वा/रामगढ़। गर्मी के साथ ही महुआ का सीजन आते ही झारखंड के कई जिलों में ग्रामीण जंगलों में आग लगा देते हैं, ताकि महुआ को आसानी से चुन सके। ऐसे में झारखंड के अलग-अलग जिलों से आग लगने की खबरें आ रही हैं। झारखंड के लोहरदगा के जंगलों में भी आग भड़कती जा रही है। पेशरार और किस्को के जंगलों में ये आग ज्यादा लगी हुई है। बता दें, महुआ चुनने के लिए लोग सूखे पत्तों में आग लगाते हैं जो तेज हवा की वजह से बढ़ती जा रही है। इससे वन्य जीव के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। abnnews24.com भी आपसे अपील करता है कि थोड़े से फायदे के लिए वन्य जीव और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएं। आग से लाखों को नुकसान : वहीं गढ़वा जिला के धुरकी थाना क्षेत्र में महुआ चुनने वाले ग्रामीण महुआ के पेड़ के नीचे सुखी पत्तियों के अलावा झाड़ियों को जलाकर साफ करने के लिए आग लगा रहे हैं। जंगल मे लगी इस आग काफी दूर तक फैल गई है। आग इतनी भयानक है कि यह धुरकी थाना कार्यालय, वन कार्यालय परिसर तक पहुंच गया है। वैसे आग पर काबू करने के लिए फायर ब्रिगेड को लगाया गया है। इधर, वन विभाग का कहना है कि पिछले साल भी महुआ चुनने वालों ने जंगल में इसी तरह आग लगाकर छोड़ दिया था, जिसके बाद हजारों हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो चुकी है। महुआ चुनने के लिए लगाते हैं आग : इधर गोड्डा के फट्टा गांव के नजदीक जंगल मे महुवा चुनने के लिए लगातार ग्रामीण जंगलों में आग लगा रहे है। वन विभाग की माने तो उन्हें आग की सूचना नहीं मिल पा रही हैं। सूचना मिलते ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इधर ग्रामीणों ने बताया कि महुवा चुनने में आसानी हो इस लिए ये आग वो लगा देते हैं। हजारों हैक्टेयर जंगल में आग : सरायकेला जिला के चांडिल के थाना क्षेत्र आसनबनी जंगल मे अचानक आग लग गई, जिसके कारण कई छोटे-छोटे पेड़ को नुकसान हुआ। वहीं सूखी पत्तियों में लगी आग तेजी से फैल कर कई हेक्टर जंगल के जमीन मे आग से नुकसान पहुंचा है। आग और धुएं के कारण जंगल में रहने वाले पक्षी इधर उधर भाग रहे हैं। बता दें, इस इलाके में पतझड़ के दौरान अक्सर आग लगती है। सूखे पत्तों और जंगलों से गिरी सूखी टहनियों के कारण आग तेजी से फैलती है। कीमती लकड़ियां हो रही नष्ट : दूसरी ओर रामगढ़ के मुराम कला में 400 एकड़ में फैले घने जंगलों में बार-बार आग लगने की घटनाएं घट रही है। ग्रामीण और वन प्रबंधन समित्ति जंगल में लगे आग को अपने स्तर से बुझाने के लिए प्रयास कर रही है। लेकिन, वन विभाग कहीं नजर नहीं आ रहा है। आग से जंगलों में कीमती जड़ी- बूटी, जीव-जंतु कीमती पेड़ और छोटे पौधे जलकर नष्ट हो रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि महुआ चुनने वाले और कुछ शरारती लोग जंगल में आग लगाते हैं।

Published / 2022-03-24 16:39:33
आंखें तरेर रहे सूर्यदेव : डाल्टनगंज का पारा 39 डिग्री पार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम लगातार गर्म हो रहा है। तेज धूप होने से लोगों को गर्मी ने सताना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले 5 दिनों में रांची और झारखंड का मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने बुलेटिन जारी कर बताया कि 24 मार्च से 28 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा और आसमान साफ रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अगले 3-4 दिनों के दौरान दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार झारखंड के कई जिलों में सुबह आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। वहीं राज्य में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में राज्य में मौसम शुष्क बना रहा। उच्चतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान बोकारो थर्मल में 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा झारखंड के अन्य शहरों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा। रांची में अधिकतम तापमान 35.8, जमशेदपुर में 39.0, डाल्टनगंज 39.2, बोकारो 38.1, चाईबासा में 38.4, देवघर में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में 18.4, जमशेदपुर में 20.7, डाल्टनगंज 18.3 बोकारो में 17.1, चाईबासा में 22.2 और देवघर में 18.3 रिकॉर्ड किया गया है।

Published / 2022-03-22 13:38:33
दमघोंटू हवा... दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी दिल्ली

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की राजधानी दिल्ली इस साल भी दुनिया की सबसे प्रदूषित बन गई है। दिल्ली में 2021 में PM2.5 सांद्रता में 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2020 में सांद्रता 84 Ig/m3 थी। जबकि अब यह बढ़कर 96.4 Ig/m3 हो गई है। भारत के 48 प्रतिशत शहरों में वार्षिक PM2.5 सांद्रता औसत 50 Ig/m3 या विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वायु गुणवत्ता दिशा-निर्देशों के 10 गुना से ज्यादा है। भारत में फसलों को जलाना आम बात है। खासकर सर्दियों के महीनों में दिल्ली के पास चावल के खेतों में फसलों को जलाना काफी कॉमन है। शहर में 45 प्रतिशत तक प्रदूषण के लिए धुआं जिम्मेदार होता है, जो सबसे ज्यादा इन फसलों के जलाने से उत्पन्न होता है। चौंकाने वाले ये फैक्ट्स मंगलवार को 2021 की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में सामने आए हैं। इस रिपोर्ट में 117 देशों के 6475 शहरों में स्थित वायु निगरानी स्टेशनों से पीएम2.5 वायु प्रदूषण माप का विश्लेषण किया गया है। PM2.5 से होती हैं गंभीर बीमारियां : सूक्ष्म कण प्रदूषण, जिसे PM2.5 के रूप में जाना जाता है। इसको आमतौर पर सबसे हानिकारक और सबसे ज्यादा निगरानी वाले वायु प्रदूषक के रूप में माना जाता है। PM2.5 अस्थमा, स्ट्रोक, हृदय और फेफड़ों के रोगों को और गंभीर बना सकती है। PM2.5 से हर साल लाखों लोगों की अकाल मृत्यु होती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोई भी देश 2021 में PM2.5 के लिए WHO द्वारा निर्धारित वायु गुणवत्ता दिशा-निर्देशों को पूरा नहीं कर सका है। केवल न्यू कैलेडोनिया, यूएस वर्जिन आइलैंड्स और प्यूर्टो रिको क्षेत्रों ने WHO PM2.5 वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों को पूरा किया। रिपोर्ट में शामिल 6475 वैश्विक शहरों में से केवल 222 ने ही डब्ल्यूएचओ पीएम2.5 दिशा-निर्देशों को पूरा किया है।

Published / 2022-03-21 14:28:30
तपतपाती गर्मी : झारखंड का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम ने अपने तेवर बदल लिए हैं और रांची समेत कई जिलों में तापमान में वृद्धि देखने को मिल रही है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि झारखंड में गर्मी ने दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कुछ जिलों में लू चलने का भी अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने बढ़ती गर्मी के मद्देनजर अलर्ट जारी करते हुए 20 मार्च से 21 मार्च तक लू से बचने की सलाह दी है। गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जिले में चेतावनी जारी करते हुए लोगों को लू से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में अगले 2 से 3 दिनों तक अधिकतम तापमान कोई गिरावट होने का अनुमान नहीं है, जिसके कारण लोगों को गर्मी से फिलहाल निजात नहीं मिल पाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के 5 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 20 मार्च से 24 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा और आसमान साफ रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम तापमान 21 डिग्री तक रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में झारखंड में मौसम शुष्क रहा है। उच्चतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया है, जबकि न्यूनतम तापमान साहिबगंज में 20.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में अगले दो-तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।

Published / 2022-03-19 03:49:20
चक्रवात का असर... अरब सागर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, लू की भी संभावना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय मौसम विभाग ने साल के पहले चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। मार्च 2000 के बाद से उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में पहला चक्रवात आ सकता है जिसमें अरब सागर भी शामिल है। अगर ऐसा होता है, तो चक्रवाती तूफान को आसनी कहा जाएगा, जो श्रीलंका द्वारा दिया गया नाम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा शुक्रवार को साझा किए गए नए अपडेट के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र, जो मंगलवार को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना था, 19 मार्च की सुबह तक पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और फिर 20 मार्च तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ उत्तर की ओर बढ़ेगा। अगले एक दो दिनों में भारी बारिश की संभावना है। 22 मार्च की सुबह मुख्य भूमि भारत को छोड़कर बांग्लादेश और उत्तरी म्यांमार को पार करने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तट पर ये दस्तक दे सकता है। इसके 20 मार्च को तूफान और 21 मार्च को चक्रवाती तूफान में बदलने की उम्मीद है। चक्रवाती तूफान 22 मार्च तक उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी के साथ-साथ कर्नाटक में अगले 5 दिनों तक कुछ जगहों पर वर्षा होने के आसार हैं। वहीं लद्दाख के कुछ हिस्सों और जम्मू कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हो सकता है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। शनिवार तक, यह एक अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (31 किमी / घंटा से कम हवा की गति) बनने की उम्मीद है और रविवार को, यह एक अवसाद (31 और 50 किमी / घंटा के बीच हवा की गति) में बदल सकता है। आईएमडी महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने कहा, अधिकतम तीव्रता 70-80 किमी/घंटा के बीच हवा की गति वाले चक्रवात की हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार तक भारी से बहुत भारी वर्षा (24 घंटों में 64.5 मिमी से 204.4 मिमी) होने का अनुमान है। मछुआरों को मंगलवार तक गहरे समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। शनिवार से मंगलवार तक मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से लगे इलाकों में न जाएं। 1891 से 2021 के बीच उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में मार्च में केवल आठ चक्रवाती विक्षोभ हुए हैं। रविवार को अंडमान-निकोबार में तेज हवाएं चलने की संभावना है। सोमवार को 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। यह 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक के तूफानी हवाओं में बदल सकती है। तेज हवा और भारी बारिश आशंकओं के बीच मौसम खराब होने का अनुमान जताया गया है।

Page 48 of 55

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse