टीम एबीएन, रांची। मानसून की कृपा झारखंड पर नहीं बरस रही है। राज्य के 24 में से 23 जिलों में अभी तक कोई खास बारिश नहीं हुई थी। लेकिन रविवार को राजधानी रांची के साथ आसपास के जिलों में भी मानसून मेहरबान हुआ। इन जगहों पर गरज और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बारिश से किसानों के माथे की शिकन भी कम हुई। अब उन्हें बोअनी आदि में परेशानी नहीं आने की उम्मीद है। इधर, मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों की सुरक्षा के लिए चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी हिदायत में कहा गया है कि बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, रामगढ़, रांची, सरायकेला खरसावां, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिले के कुछ भागों में अगले 3 घंटों के अंदर मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। वहीं इस दौरान गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने जिन जिलों के लिए अगले तीन घंटे में वज्रपात की चेतावनी जारी की है, उन जिलों के किसानों से खेत में नहीं जाने और वज्रपात से बचने के लिए किसी पेड़ के नीचे नहीं जाने और सुरक्षित जगह पर रहने की भी अपील की गई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस बार मानसून रूठा-रूठा सा नजर आ रहा है। राज्य में मानसून के दस्तक के 25 दिन बीतने के बाद भी किसानों के चेहरे पर जहां मायूसी है, वहीं खेत सूखे पड़े हैं। हालात कुछ है ऐसे हैं कि मौसम की मार ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब तक आवश्यकता से 43 प्रतिशत कम बारिश होने से धान का रोपा शुरू नहीं हो सका है। अब भी राज्य के ज्यादातर किसानों के खेत परती पड़े हैं और किसानों को बारिश होने का इंतजार है। बारिश की बेरुखी के बाद कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अगले सप्ताह अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्यभर में बारिश का आकलन किया जाएगा। उनका मानना है कि अगर अगले एक से दो सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं होती है तो खेतीबाड़ी पर इसका बुरा असर पड़ेगा। पिछले साल राज्य में 18 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के मद्देनजर विभाग ने 92 प्रतिशत सफलता अर्जित की थी। खाद्यान उत्पादन में भी नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। इस बार भी कृषि विभाग ने 18 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती करने का लक्ष्य तय किया है लेकिन कम बारिश की वजह से ये संभव होता हुआ नहीं दिख रहा है। इधर, कृषि विभाग ने झारखंड राज्य फसल राहत योजना को लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। बजट में पहले ही इसका प्रावधान किया जा चुका है। फसल नहीं होने की स्थिति में इस योजना से किसानों को राहत देने की योजना है। कृषि विभाग ने इस योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड समेत पूरे जिले में इन दिनों मानसून कमजोर पड़ गया है। हालांकि अबतक झारखंड में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश हुई है। झारखंड में अब तक 150.1 मिमी बारिश हुई है। जो सामान्य बारिश से 43 फीसदी कम है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में कहीं-कहीं पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा 20.1 मिमी चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) में दर्ज की गई है। जबकि उच्चतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में दर्ज की गई है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रांची में दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से हवा का बहाव बनेगा जिससे राज्य में अच्छी बारिश होने की संभावना है। अभिषेक आनंद बताते हैं कि 08 से 11 जुलाई तक झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्के और मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। रांची में भी बारिश और मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की भी संभावना है। इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आखिरकार देशभर में मानसून सक्रिय हो गया है। बीते कुछ दिनों से अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही थी, अब एक साथ कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अब दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात में तेज बारिश होगी। रविवार को हुई बारिश से गर्मी व उमस से राहत मिली है, लेकिन अब बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। राजस्थान, बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र में मानसून सक्रिय है। झारखंड में आज भारी बारिश का अनुमान है। आज और कल झारखंड के उत्तर-पूर्वी तथा मध्य भाग में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बिहार के कुछ इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कोसी सीमांचल के कई जिलों में बाढ़ से नुकसान की खबर है। अररिया व किशनगंज में 40 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती हवाओं का एक क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से ओडिशा के तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात से महाराष्ट्र के समुद्र तट तक एक द्रोणिका फैली हुई है। वह मानसून को गति देगी। इसके कारण हवा में नमी बढ़ने से आसपास के राज्यों में अच्छी वर्षा होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। राज्य में पूर्व पश्चिम क्षेत्र में बनें मॉनसून ट्रैंच और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण 4 जुलाई तक बारिश होने की बारिश होने की प्रबल संभावना है। बारिश के दौरान वज्रपात, को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार संताल परगना सहित गुमला सिमडेगा लोहरदगा जमशेदपुर में आज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही अन्य इलाकों में हल्के मध्यम दर्जे की बारिश होगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में मानसून सक्रिय होने से इन दिनों पूरे राज्य में बारिश हो रही है। कई इलाकों में वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। वहीं लोगों से सतर्क रहने की अपील भी कर अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को बारिश के बाद ही खेतों में जाने की सलाह दी गई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में इस बार मॉनसून में काफी पीछे चल रहा है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल बारिश भी काफी कम हुई है। झारखंड में इस मानसून के समय तक 189.5 मिलीमीटर बारिश होती थी, जो अब तक मात्र 95.7 मिलीमीटर तक बारिश हुई है। संथाल को छोड़ अन्य 23 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मानसून प्रवेश करने के बाद कमजोर हो गया है। अगर बात करें पिछले चार-पांच दिनों की तो मानसून की बारिश में काफी कमी देखने को मिली है। मानसून के कमजोर पड़ने के कारण रांची समेत कई जिलों में बारिश में कमी हुई है। हालांकि कई स्थान में हल्के मध्यम दर्जे की बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद की मानें तो आज से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में मानसून अभी वीक चल रहा है। इसलिए पिछले चार पांच दिनों में बारिश में कमी देखी गई। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिम ट्रफ, निम्न दबाव का क्षेत्र है, उसके सक्रिय होने से उत्तर भारत, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाओं के असर से आज (28 जून) से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आज रांची के उत्तरी इलाकों में कुछ-कुछ जगह पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिल सकती है। उन्होंने बताया कि 29, 30 जून से 01 जुलाई तक राज्य में मानसून का आगमन ठीक से देखने को मिलेगा।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची समेत राज्य के लगभग सभी स्थानों पर अगले तीन से चार दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून का वक्त चल रहा है ऐसे में नमी के कारण एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके कारण कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, कुछ स्थानों पर विभाग ने वज्रपात की भी चेतावनी जारी की है। दिन में बादल छाए रहने से तापमान में कमी देखने को मिलेगी। रांची मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार रांची समेत गिरिडीह, कोडरमा, दुमका, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला, खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, गुमला, खूंटी, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा, गढ़वा, पलामू और रामगढ़ जिले के कुछ भागों में हल्के से मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन तथा वज्रपात के साथ वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर तेज हवा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य में कहीं-कहीं पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षा 36.2 मिलीमीटर लातेहार में दर्ज की गई। राज्य में उच्चतम तापमान 38.6 डिग्री डाल्टेनगंज में रिकॉर्ड की गई। जबकि सबसे न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रांची में दर्ज किया गया। रांची में अधिकतम तापमान 32.8, जमशेदपुर में 35.5, डाल्टनगंज 38.6, बोकारो 35.1, चाईबासा 34.8, देवघर 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में 24.1, जमशेदपुर में 26.2, डाल्टनगंज में 25.3, बोकारो में 26.6, चाईबासा में 25.6 और देवघर में 25.6 रिकॉर्ड किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में जल्द ही गर्मी की पूरी तरह से छुट्टी हो जाएगी। यानी अब आपको गर्मी नहीं सताएगी साथ ही चिलचिलाती धूप और लू का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कल 15 जून है और मौसम विभाग के पूवार्नुमान के मुताबिक राज्य में मानसून बुधवार को दस्तक देने जा रहा है और बारिश शुरू होने वाली है। गर्मी से परेशान हर कोई लंबे समय से इसका इंतजार कर रहा है, लेकिन अब मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि झारखंड के में 15 जून से मानसून की बारिश होने लगेगी। तीन दिन का हुआ है विलंब : झारखंड के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह में एक तरफ जहां चिलचिलाती गर्मी पड़ रही है तो वहीं दोपहर होते-होते मौसम का मिजाज बदल रहा है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 12 जून तक मॉनसून के दस्तक देने की संभावना थी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आंनद ने बताया कि राज्य में मॉनसून आने में कुछ दिन विलंब हो गया है और अभी की जो स्तिथियां है उसके हिसाब से संथाल परगना वाले इलाकों में 15 जून तक मॉनसून के दस्तक देने की संभावना है। वहीं रांची में 16 से 17 जून तक मॉनसून दस्तक दे सकता है, यानी पश्चिम बंगाल से सटने वाले झारखंड के राज्यों जैसे संथाल परगना, सिमडेगा, पाकुड़ यहां मॉनसून पहले दस्तक देगा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद का कहना है कि रांची में मानसून 16 से 17 जून के बीच आने की संभावना है। बंगाल से सटने वाले जिले जैसे संथाल परगना, पाकुड़, सिमडेगा इन जिलों में मानसून पहले दस्तक देगा उसके बाद रांची के लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम केंद्र रांची की ओर से राज्य के छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रवेश 15 जून को हो जाएगा। एक दौर में समर कैपिटल के नाम से मशहूर रही राजधानी रांची में इस वर्ष यदि गर्मी की बात करें तो गर्मी का प्रकोप अन्य वर्षों के ज्यादा रहा है। राज्य में सोमवार को मेदिनीनगर और जमशेदपुर में लू चलती रही। मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 44.2 और जमशेदपुर का 42.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 और जमशेदपुर का 5.3 डिग्री सेसि ज्यादा दर्ज किया गया। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवा के कारण देवघर, दुमका, जामताड़ा, लातेहार, पलामू, चतरा, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई।
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