टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के सीईओ संजीव कुमार ने कहा कि राज्य में उपलब्ध सभी प्रमुख कृषि एवं वनोपज का समयवार डाटाबेस तैयार कर इन उत्पादों का वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग के लिए हमें आपस में सामंजस्य स्थापित कर कार्य करना होगा। कुमार ने वन परिसर स्थित पलाश भवन सभागार में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड की एकदिवसीय कार्यशाला में आये सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारी एवं जिला सहकारिता पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कृषि उपज के अलावा इमली, महुआ, साल बीज, पत्ते, लाह, करंज, चिरौंजी सहित कई प्रकार के अन्य वनोत्पाद हैं, जिसका उचित मूल्य वहां के ग्रामीणों को नहीं मिल पाता। बिचौलिये इनसे कम दाम में खरीदकर इसे बाजार में अधिक मूल्य में बेच रहे हैं। ग्रामीणों को इन उत्पादों का सही मूल्य मिले, उनके जीवनस्तर में सुधार आ सके, इसके लिए हमें सुद्दढ़ व्यवस्था बनाकर कार्य करना है। श्री कुमार ने कार्यशाला में आये सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारी एवं जिला सहकारिता पदाधिकारियों से संस्थान द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी ली एवं कार्य में आ रही समस्याओं पर विमर्श किया। उन्होंने कहा कि हमें कृषि एवं वनोत्पाद का ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इसके लिए समस्या की जानकारी एकत्रित कर उनका समाधान करना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में अलग-अलग मौसमी सिस्टमों की वजहों से शीतकालीन बारिश का दौर जारी है। आज भी उत्तराखंड और हिमाचल में भारी वर्षा का अलर्ट है, तो यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बारिश की संभावना है। बीते 24 घंटों में देश के कई राज्यों में वर्षा हुई। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और आंध्र में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण वहां से लेकर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड तक फैली द्रोणिका का देश के मौसम पर असर हो रहा है। इन्हीं मौसमी सिस्टमों की वजह से विभिन्न राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। यह अगले कुछ दिन बना रहेगा। अगले 24 घंटों में यहां होगी वर्षा : • उत्तराखंड के पूर्वी और मध्य भागों में भारी से बहुत भारी बारिश संभव है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भी बारिश की संभावना है। • दिल्ली एनसीआर, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। • तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी और आसपास के इलाकों में भी वर्षा के आसार हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में फिलहाल लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगले एक सप्ताह तक ऐसी ही स्थिति बने रहने के आसार है। वहीं, मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार राज्य में 11 अक्टूबर तक लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार राज्य में 6 से 11 अक्टूबर तक मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 6 अक्टूबर के दिन राज्य के कई स्थानों पर मध्यम बारिश होने के आसार है। इसके अलावा 7 से 9 अक्टूबर तक राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बने हुए हैं। साथ ही 10 अक्टूबर तक राज्य में हल्की फुल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान राज्य में बादल गरजने और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है, जिसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में तापमान में बदलाव देखने को मिला है। राज्य में लगातार बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट आई है। वहीं, कुछ दिनों में मौसम में बदलाव वापस से होने की संभावना है। राजधानी रांची समेत राज्य के आसपास इलाकों में 7 अक्टूबर तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और इस दौरान वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है। साथ ही हल्की बारिश के भी आसार हैं। वहीं, आज राज्य में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में फिलहाल मानसून सक्रिय है। जिसके चलते राज्य के ज्यादातर इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने झारखंड को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उत्तरी पश्चिम साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर राजधानी रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के चलते झारखंड की पश्चिम उत्तर दिशा में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना है। इसके अलावा 7 अक्टूबर के बाद आसमान साफ हो सकता है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार दशहरा के दिन राज्य में मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। जिसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक राजधानी रांची समेत राज्य के कई इलाकों में 5 अक्टूबर को बादल छाए रहेंगे, जिसके चलते राज्य में बारिश के आसार बने हुए है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रांची समेत झारखंड के गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो के कई हिस्सों में वज्रपात के साथ मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलती रहेगी। जिसको लेकर लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है। राज्य में 4 अक्टूबर के दिन बादल छाये। रहेंगे और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस बीच अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार है। वहीं, 5 अक्टूबर के दिन भी राज्य का मौसम सुहाना बना रहेगा। इस दिन कई इलाकों में बारिश होगी। जिसका असर सीधा दशहरा के उत्सव पर पड़ेगा। 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मौसम केंद्र रांची ने राज्य के 05 जिले पाकुड़, धनबाद, देवघर, दुमका और जामताड़ा के लिए तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी की है। अपने तात्कालिक मौसम चेतावनी में मौसम केंद्र ने कहा है कि अगले 01 घंटे से 03 घंटे के अंदर इन जिलों के किसी न किसी भाग में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने, मेघ गर्जन के साथ-साथ वज्रपात और वर्षा की प्रबल संभावना जतायी है। खराब मौसम और वज्रपात की प्रबल संभावना को देखते हुए मौसम केंद्र, रांची ने जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है उन जिले के लोगों से अगले 03 घंटे तक सतर्क और सावधान रहने का आग्रह किया है। वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेने, पेड़ के नीचे नहीं रहने, बिजली के खंभे से दूर रहने के साथ साथ किसानों से अगले तीन घंटे तक खेत में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम केंद्र ने अपने अलर्ट में स्पष्ट किया है कि मौसम साफ होने पर ही किसान खेतों में जायें। आज सुबह में रांची का मौसम साफ था, लेकिन दोपहर बाद से राजधानी रांची में भी आसमान में बादल छा गये हैं और बूंदाबांदी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र रांची ने पहले से ही राज्य में दुर्गा पूजा के उत्साह में खराब मौसम और बारिश के खलल का पूर्वानुमान जारी किया हुआ है। पश्चिमी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के उत्तर ईस्ट की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान है, जिसका असर झारखंड के ऊपर दिखने का पूर्वानुमान है, 02 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश और वज्रपात तथा 03 -04 अक्टूबर को राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। इस दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण दुर्गा पूजा के लिए लगे पंडालों का मजा खराब हो रहा है। बुधवार के दिन राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिसके कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, राजधानी रांची में भी बुधवार की सुबह अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर गुरुवार के दिन भी कई इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक तेज बारिश के आसार हैं। 1 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बन रहा है। जिसके कारण राज्य के ज्यादातर हिस्सों में इसका असर दिखाई दे रहा है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर और 30 सितंबर को राज्य में तेज बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई है, जिसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से घरों में रहने की अपील की है। बीते 24 घंटों में राज्य में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। जिसमें कोडरमा में 90.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा इस दौरान देवघर में अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और न्यूनतम तापमान राजधानी रांची में 21 डिग्री सेल्सियस रहा। आज राज्य में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, बीते दिनों से लगातार बारिश ने लोगों को और किसानों को बहुत राहत दी है। इसके अलावा तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
एबीएन सोशल डेस्क। फसलों में कीटों को मारने के लिए किसान प्रकाश प्रपंच का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस जुगाड़ में कीटनाशकों का स्प्रे करने की जरूरत नहीं होगी। प्लास्टिक के एक टब या किसी बड़े बरतन में पानी और कीटनाशक मिलाकर एक बल्ब जलाकर रात में खेत के बीच में रखे दें। लाइट से कीट आकर्षित होकर उसी घोल पर गिरकर मर जायेंगे। इस ट्रैप से कई प्रकार के हानिकारक कीटों का नाश होगा। इससे खर्च कम होगा और फसलों में कीटनाशकों का अवशेष नाम मात्र का रहेगा। अगर जरूरी हो तभी स्प्रे करें वो भी आसमान साफ हो तभी, वरना आपके पैसे का नुकसान हो जायेगा। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि फसलों में कीड़ों एवं बीमारियों की निरंतर निगरानी करते रहें। कोई दिक्कत हो तो कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें और सही जानकारी लेने के बाद ही दवाईयों का प्रयोग करें। यदि फसलों व सब्जियों में सफेद मक्खी या चूसक कीटों का प्रकोप दिखाई दें तो इमिडाक्लोप्रिड दवाई 1.0 मिली/3 लीटर पानी में मिलाकर उसका छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। वैज्ञानिकों ने कहा है कि कद्दूवर्गीय एवं अन्य सब्जियों में मधुमक्खियों का बड़ा योगदान होता है। क्योंकि, ये परागण में सहायता करती हैं। इसलिए मधुमक्खियों को खेत में रखें। अगर टमाटर, हरी मिर्च, बैंगन व अगेती फूलगोभी की पौध तैयार है तो मौसम को देखते हुए उसकी रोपाई (ऊथली क्यारियों या मेंड़ों) पर करे दें। किसान मूली (पूसा चेतकी), पालक (पूसा भारती, आलग्रीन), चौलाई (पूसा लाल चौलाई, पूसा किरण) आदि फसलों की बुवाई कर सकते हैं। लेकिन, प्रमाणित या उन्नत बीज का ही चयन करें। इस मौसम में किसान गाजर की बुआई मेड़ों पर कर सकते हैं। गाजर की उन्नत किस्म पूसा रूधिरा है। बीज दर 4.0 किलोग्राम प्रति एकड़ है। बुवाई से पहले बीज को केप्टान @ 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करें। खेत में देसी खाद, पोटाश और फास्फोरस उर्वरक अवश्य डालें। गाजर की बुआई मशीन द्वारा करने से बीज सिर्फ एक किलोग्राम प्रति एकड़ लगता है। मशीन की वजह से बीज की बचत होती है और उत्पाद की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है। सब्जियों (टमाटर, बैंगन, फूलगोभी व पत्तागोभी) में फल छेदक एवं फूलगोभी और पत्तागोभी में डायमंड बेक मोथ की निगरानी करके उसका वैज्ञानिकों से पूछकर निदान करें।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक तरफ सुबह के समय जहां धूप निकल रही है तो वहीं शाम होते होते राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश देखी जा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान भी बारिश खलल डाल सकती है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आंनद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है, जिसका असर पूरे झारखंड में देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से लो प्रेशर एरिया बन रहा है जो ओडिशा से होकर छत्तीसगढ़ के रास्ते झारखंड में प्रवेश करेगा। जिसका असर दुर्गा पूजा में देखने को मिलेगा। एक अक्टूबर से बारिश शुरू होगी और तीन से पांच अक्टूबर तक राज्यभर में भारी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक ने पूजा पंडालों को भी वॉटर प्रूफ पूजा पंडाल बनाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने तीन और चार अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है। वहीं झारखंड में मॉनसून की बात करें तो इस बार राज्य में मॉनसून का आगमन थोड़ा लेट से हुआ है। लेकिन दो से तीन के गैप पर अच्छी बारिश राज्य में देखने को मिल रही है। वहीं भारी बारिश होने की वजह से रांची और इसके आसपास के इलाकों के बांधों का वॉटर लेवल भी बढ़ गया है।
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