एबीएन सोशल डेस्क। आपने पहाड़ों से झरने निकलते तो देखा होगा, लेकिन क्या आपने पहाड़ों से खून निकलते देखा है? साहिबगंज में पहाड़ से खून निकलता देखकर लोग हैरान हैं। आश्चर्यजनक! एकाएक पहाड़ से खून जैसा लाल तरल पदार्थ निकलना बना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है। कुदरत का करिश्मा है या कोई आने वाली है कहर। इसे लेकर गांव के आशंकित हैं। इस घटना से इलाके के लोगों में दहशत है।
साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाली कीर्तनिया बेलभद्री पहाड़ से खून जैसा तरल लाल पदार्थ निकलता देख लोगों की भारी भीड़ जुट गयी है। कोई पहाड़ से निकलते लाल रक्त जैसे पदार्थ को दिव्या शक्ति का प्रकोप बता रहा है तो कोई इसे कुदरत का करिश्मा। लोगों के बीच साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड के कीर्तनया पहाड़ से खून जैसा लाल तरल पदार्थ निकलना कौतूहल का विषय बन गया है। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के द्वारा तेजी से साझा किया जा रहा है, जिस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं लोग जाहिर कर रहे हैं।
साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड के पहाड़ खून जैसा लाल तरल पदार्थ निकलने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने उक्त स्थान की बांस से घेराबंदी कर दी है। हजारों की संख्या में कीर्तनया बेलभद्री पहाड़ पहुंचकर लोग तरह लाल पदार्थ को अपने हाथों में लेकर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर मानव के खून जैसा लाल तरल पदार्थ आ कहां से रहा है?
पहाड़ से निकल रहे लाल तरल पदार्थ से दहशत
वहीं, दूसरी ओर पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राजमहल मॉडल कॉलेज के प्राचार्य साहब भूगर्भ शास्त्र के प्रोफेसर डॉ रंजीत कुमार सिंह ने बतलाया कि मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के कीर्तनया पहाड़ के पास जहां से लाल तरल पदार्थ निकल रहा है दरअसल उस स्थान पर लेटराइट, बॉक्साइट कंटेंट का डिपॉजिट है।
उन्होंने कहा कि वाटर रिजर्वायर और ऑटिजन के दबाव के कारण सरफेस पर फॉलो कर रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर यालाल पदार्थ क्या है। इसकी जांच के लिए भू वैज्ञानिकों का एक टीम उक्त स्थान पर जाकर रिसर्च करेगा।
बता दें कि राजमहल के पहाड़ में कई बेशकीमती पदार्थ मौजूद हैं। इसे लेकर भू वैज्ञानिकों की टीम के द्वारा लगातार रिसर्च किया जाता रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि पहाड़ से निकलने वाला पदार्थ मौरंग हो सकता है, जो पानी के कांटेक्ट में आकर लाल रंग की तरह पहाड़ से नीचे गिर रहा है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पहाड़ से निकलने वाला खून जैसा लाल तरल पदार्थ क्या है और यह किन कारणों से निकल रहा है।
कुदरत के कहर से आशंकित हैं गांववाले
घटना को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय महिला सुनीता देवी और युवक मुन्ना मड़ैया ने बताया कि गांव के कुछ बच्चे पहाड़ के समीप खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने खून जैसी लाल रंग के पदार्थ को बहते देखा। इसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद हम लोग यहां पहुंचे।
उन्होंने कहा कि पहली बार हो रहा है जब पहाड़ से खून जैसा लाल रंग बह रहा है। ग्रामीणों ने साफ साफ शब्दों में कहा कि पहाड़ से निकलने वाला लाल रंग का तरल पदार्थ कोई और चीज नहीं बल्कि किसी मानव के शरीर से निकलने वाला खून की तरह है।
साहिबगंज जिले के मांडल प्रखंड अंतर्गत मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के कीर्तनिया बेलभद्री पहाड़ से खून जैसा निकलता तरल पदार्थ लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गया है। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि जिस प्रकार से जल जंगलों का दोहन हो रहा है, शायद यह भविष्य में कोई आने वाली कुदरत के कहर का अंदेशा है।
हालांकि यह तो भू वैज्ञानिकों की टीम के शोध के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि पहाड़ से खून जैसा निकलता लाल रंग का तरल पदार्थ क्या है और किन कारणों से यह पहाड़ से निकल रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले 4 दिनों से मॉनसून की झमाझम बारिश से मौसम सुहाना तो हुआ लेकिन फिर से कड़ी धूप लोगों को अच्छी खासी गर्मी का एहसास दिला रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3-4 दिन ऐसी स्थिति बनी रहेगी।
4 जुलाई के बाद से ही मॉनसून एक बार फिर से सक्रिय होगा व पूरे राज्य भर में अच्छी खासी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने लोकल 18 को बताया, मौसम में परिवर्तन, हवा और उमस का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा। गर्मी थोड़ी बढ़ेगी।
इसके बाद से 4 जुलाई से फिर बारिश का पूवार्नुमान लगाया गया है। साथ ही हमने 1 से 3 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। यानी राज्यभर में वज्रपात की आशंका है। लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। वहीं इस दौरान कुछ जिलों में भारी बारिश भी देखने को मिलेगी।
4 जुलाई से फिर रफ्तार पकड़ेगी मॉनसून
मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पूरे राज्यभर में मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई व कुछ स्थानों में भारी बारिश भी देखी गई और गर्जन भी देखने को मिला हैं। वहीं बात करें आने वाले दिनों में मौसम की तो आज 1 जुलाई को कई जगहों पर हल्के मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिलेगी। 2 जुलाई को लोगों को गर्मी का एहसास होगा तापमान में बढ़ोतरी होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में लोगों को गर्मी से निजात मिलती नजर आ रही है क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में रात से ही बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार अभी 2 दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना है।
दक्षिणी हिस्से समेत राजधानी रांची में होगी अच्छी बारिश
बता दें कि राज्य में जितनी अच्छी बारिश होगी उतनी ही किसानों को खेती में राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान झारखंड से होकर गुजरेगा। इससे झारखंड के दक्षिणी हिस्से समेत राजधानी रांची में अच्छी बारिश होगी।
राज्य में कल रात से लगातार बारिश हो रही है। अगर मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा और बारिश होती रही तो राज्य में जून में हुई बारिश की भरपाई 1-2 दिनों में हो जायेगी। मौसम विभाग के अनुसार बोकारो, धनबाद, गढ़वा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में अभी और बारिश होगी।
मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। सिर्फ इन इलाकों में ही नहीं मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
इन जगहों पर हुई है अच्छी बारिश
जानकारी के मुताबिक राज्य में जिन जगहों पर अच्छी बारिश हुई है उनमें पिछले 24 घंटों में सिमडेगा में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गयी है। सिमडेगा में 67.5 मिमी बारिश हुई है, धनबाद में 24.0, लोहरदगा में 19.3, मेदिनीनगर में 18.2, गढ़वा में, 10 और बोकारो में 9.0 मिमी बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बोकारो, धनबाद, गढ़वा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में अभी और बारिश होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अरब सागर में पूर्वोत्तर की ओर बढ़ रहा भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुरुवार शाम के बाद किसी भी समय जमीन से टकरायेगा। भारतीय मौसम विभाग द्वारा कुछ देर पहले ही जारी किये गये मौसम बुलेटिन में बताया गया है कि चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया आज शाम से शुरू होकर देर रात तक चलेगी।
चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 06 किमी प्रति घंटे की गति के साथ पूर्व-उत्तर पूर्व की ओर बढ़ा है फिलहाल जखाऊ पोर्ट से लगभग 100 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में, देवभूमि द्वारका से 150 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में, नलिया से 130 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम और कराची के दक्षिण-पूर्व में 230 किमी में केंद्रित है।
इस तूफान के पूर्वोत्तर दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। तूफान के सौराष्ट्र और कच्छ के साथ ही पाकिस्तान के तटीय इलाके मांडवी और कराची के निकट जखाऊ बंदरगाह के निकट से गुजरने के आसार हैं।
इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है और यह बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है। बुलेटिन में कहा गया है, चक्रवात का वॉल क्लाउड क्षेत्र सौराष्ट्र तट को छू रहा है। तूफान का लैंडफॉल क्षेत्र सौराष्ट्र और कच्छ और उससे सटे पाकिस्तान के तटों पर होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में प्री- मानसून एवं मानसून की बारिश 19 जून के बाद शुरू होने की संभावना है, लेकिन राज्य को इस पूरे महीने गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बृहस्पतिवार को उक्त बातें कहीं।
29 जून तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं
रांची स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय केन्द्र के प्रमुख अभिषेक कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा लगाये गये पूर्वानुमान के अनुसार 29 जून तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान राज्य में अधिकतम तापमान 38 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। फिलहाल पूरा राज्य भारी गर्मी एवं लू की चपेट में है।
प्री-मानसून वर्षा 19 जून के बाद प्रारंभ हो जायेगी
अभिषेक कुमार ने कहा कि राहत की बात यह है कि झारखंड में प्री-मानसून वर्षा 19 जून के बाद प्रारंभ हो जायेगी और जल्द ही मानसून की वर्षा भी प्रारंभ होने की पूरी संभावना है। आज सबसे अधिक वर्षा 14.5 मिमी लोहरदगा में दर्ज की गयी।
जबकि गोड्डा 44.7 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान 44.7 के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। रांची में आज अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। झारखंड में 19 जून से राज्य में कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की वर्षा और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बिपरजॉय गुजरात के काफी करीब पहुंच गया है। आईएमडी ने इससे होने वाली तबाही को लेकर अलर्ट किया है। ऐसे में सुरक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। वहीं लोगों सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए निकासी अभियान अभी भी जारी है।
140 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
आईएमडी ने बताया है कि लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 140 किलो मीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। तूफान की वजह से गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका है।
मोरबी में भारी बारिश के साथ तेज आंधी
गुजरात के मोरबी में चक्रवात बिपरजॉय के प्रभाव से भारी बारिश के साथ तेज आंधी चल रही है। वहीं, द्वारका नगर पालिका के अग्निशमन अधिकारी जितेंद्र कराडिया ने बताया है कि हम मौके पर मौजूद हैं। हम मशीन से पेड़ को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। गांव भर से हमें अब तक पेड़ गिरने, मकान की छत गिरने की कई फरियाद मिल चुकी है। हम बचावकार्य में जुटे हैं।
टीम एबीएन, रांची। पिछले कई दिनों से झारखंड भीषण गर्मी की तपिश झेल रहा है। आसमान से बरस रही आग से लोग परेशान हैं। 18 जून तक राज्य के दक्षिणी भागों हीट वेव की संभावना जताई गई है। 15 से 17 जून तक राज्य के दक्षिणी, और उत्तर पश्चिमी भागों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान तेज लू चलेगी। मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। झारखंड में गर्मी को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल को 17 जून तक के लिए बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
शिक्षा सचिव रवि कुमार ने आदेश जारी कर कहा है कि झारखंड में गर्मी पड़ने और लू को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी, गैर सरकारी के साथ निजी स्कूलों में भी ङॠ से 8वीं तक की क्लासेस को 17 जून तक बंद कर दिया गया है। जबकि 9वीं-12वीं तक 15 जून से पहले की तरह ही संचालित होंगे।
5 दिनों में दस्तक देगा मानसून
वहीं, रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद की मानें तो अगले 5 दिनों तक राज्य के कुछ इलाकों में गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की उम्मीद है। अगले 5 दिनों बाद मानसून की दस्तक झारखंड में होगी। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
वहीं, अगले 5 दिनों बाद मानसून की दस्तक झारखंड में होगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती हैं। वहीं, इससे पहले राज्य में कई हिस्से ऐसे भी हैं, जहां तेज हवा के साथ बारिश भी हो सकती है।
पिछले 24 घंटों का हाल
माना जा रहा है कि 19-20 जून को झारखंड में मानसून प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून का नार्दर्न लिमिट आफ मानसून देश में रत्नागिरी, कोटपाल, पुत्तापरथी, श्री हरिकोटा, मालदा, फारबिसगंज से होकर गुजर रहा है। वहीं, पिछले 24 घंटों में तापमान की बात की जाए तो कई इलाकों में गर्म हवाओं ने लोगों को काफी परेशान किया है।
गोड्डा, देवघर, पलामू और जमशेदपुर में गर्म हवाओं का दौर जारी है। गोड्डा में सबसे अधिक 44.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं, रांची का तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अरब सागर पर बने चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को लेकर तटीय राज्यों की सरकारें हाईअलर्ट पर हैं। भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुरुवार शाम सौराष्ट्र और कच्छ के तटों से टकरायेगा।
इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ घंटों के भीतर बिपरजॉय पूर्व मध्य और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जायेगा। यह कुछ समय के लिए उत्तर दिशा में आगे बढ़ना जारी रखेगा और फिर उत्तर उत्तर पश्चिम की दिशा में मुड़ जायेगा।
मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि बिपरजॉय बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान है, यह भारी नुकसान करने की क्षमता रखता है। इसकी वजह से कच्छ में 2-3 मीटर ऊंची ज्वारीय लहरों के साथ पोरबंदर और द्वारका जिलों में तेज हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश होने की उम्मीद है।
बिपरजॉय गुरुवार सुबह 05:30 बजे पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर जखाऊ बंदरगाह (गुजरात) से लगभग 180 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुरुवार शाम तक यह जखाऊ बंदरगाह के पास मांडवी और सौराष्ट्र-कच्छ एवं आसपास के तटों को पार करेगा।
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