वन और पर्यावरण

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Published / 2023-07-10 17:35:16
झारखंड में येलो अलर्ट जारी

मौसम पर सामने आया बड़ा अपडेट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मानसून सक्रिय है। पूरे राज्य में मानसून वाले बादल छाये हुए हैं। वहीं, मौसम विज्ञान ने बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

14 जुलाई तक मानसून रहेगा सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक, 14 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की उम्मीद है। कहीं-कहीं गर्जन और वज्रपात होने की भी संभावना है। 

मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी रांची में भी 14 जुलाई तक आकाश में बादल छाये रह सकते हैं। रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। वहीं, मौसम केंद्र ने गर्जन और वज्रपात के कारण लोगों को सतर्क रहने का आग्रह किया है।

मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, 12 जुलाई को देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा, साहेबगंज में अच्छी बारिश का पूवार्नुमान है। मौसम विभाग ने इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया है। 

रांची मौसम केंद्र की ओर से खेतिहर किसानों और शहरी इलाकों में मौसम के प्रभाव के साथ परामर्श भी जारी किया गया है। बारिश की वजह से खेती और बागवानी वाली फसलों और पौधारोपण को मामूली नुकसान हो सकता है।

Published / 2023-07-09 23:10:03
5.3 तीव्रता के भूकंप के झटकों से हिली अंडमान-निकोबार की धरती

  • अंडमान-निकोबार में भूकंप के तेज झटके; रिक्टर पैमाने पर  5.3 मापी गयी तीव्रता

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अंडमान-निकोबार में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता  5.3 मापी गयी। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। 

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के झटके शाम सात बजकर 39 मिनट पर महसूस किये गये। इसका केंद्र कैंपबेल बे में जमीन से 70 किलोमीटर नीचे था।

क्यों आता है भूकंप

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है।

बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

Published / 2023-07-09 23:02:22
पलामू : चीतलों के लिए शीघ्र बनेंगे सॉफ्ट-रिलीज सेंटर

टीम एबीएन, रांची। शिकारी जानवरों के लिए शिकार की उपलब्धता को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में चीतलों के लिए 4 सॉफ्ट-रिलीज सेंटर निर्माणाधीन हैं। एक वन अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि पांचवां सेंटर कभी माओवादियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ इलाके में स्थापित करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि चीतलों को अभयारण्य के बेतला क्षेत्र से सॉफ्ट-रिलीज सेंटर में स्थानांतरित किया जायेगा और इस पहल से बाघों को पीटीआर में वापस लाने की उम्मीद है। सॉफ्ट रिलीज सेंटर वे होते हैं जहां जानवरों को उस स्थान के करीब रखा जाता है, जहां उन्हें छोड़ा जायेगा। 3 साल से अधिक समय के बाद मार्च 2023 में पीटीआर में एक बाघ देखा गया था। 

राज्य वन विभाग ने राज्य की राजधानी रांची से लगभग 150 किमी दूर लातेहार और गढ़वा जिलों से लगे बूढ़ा पहाड़ की तलहटी पर घास के मैदान विकसित करने और चेक डैम बनाने का भी निर्णय लिया है। कुटकू रेंज में बूढ़ा पहाड़ की तलहटी लंबे समय से झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच बाघों का गलियारा रही है। 

एक अधिकारी ने बताया कि घास के मैदान के विकास और सॉफ्ट-रिलीज सेंटर तथा चेक डैम के निर्माण से इस क्षेत्र में भविष्य में बाघों की आवाजाही की आवृत्ति बढ़ सकती है, जो छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान (जीजीएनपी) के करीब है।

उन्होंने कहा कि जीजीएनपी झारखंड और मध्य प्रदेश को जोड़ता है तथा मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ और झारखंड के पीटीआर के बीच बाघों को आने-जाने के लिए एक गलियारा प्रदान करता है। पीटीआर (उत्तर) के उप निदेशक प्रजेश जेना ने बताया- राष्ट्रीय बाघ रिजर्व प्राधिकरण (एनटीसीए) ने हमारे प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। 

हमने हाल में बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में सॉफ्ट-रिलीज सेंटर, घास के मैदान के विकास और चेक डैम के लिए एनटीसीए को कोष की मांग सौंपी है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र माओवादी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है, लेकिन बहुत जल्द इसे वन्य जीव केंद्र के रूप में जाना जायेगा। 

झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र के शीर्ष माओवादी नेताओं द्वारा आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल किये जाने वाले बूढ़ा पहाड़ को पिछले साल सितंबर में 3 दशकों से अधिक समय के बाद सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नियंत्रण से मुक्त कराया था। 

जेना ने कहा कि बूढ़ा पहाड़ में प्रस्तावित सॉफ्ट-रिलीज सेंटर 10 से 15 हेक्टेयर में बनेगा, जबकि 20 हेक्टेयर में घास का मैदान विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जंगली जानवरों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 15 चेक डैम बनाये जायेंगे।

पीटीआर के निदेशक कुमार आशुतोष ने बताया कि बाघों के प्रमुख शिकार में से एक चीतल मुख्य रूप से अभयारण्य के बेतला क्षेत्र में केंद्रित है। चीतल की संख्या 5,000 से अधिक होगी और इसे सॉफ्ट-रिलीज सेंटर के जरिये पूरे रिजर्व क्षेत्रों में फैलाने की जरूरत है। 

बेतला क्षेत्र से चीतलों को निश्चित संख्या में सॉफ्ट-रिलीज केंद्रों में स्थानांतरित किया जायेगा और बाद में उन्हें जंगल में छोड़ दिया जायेगा। झारखंड के पूर्व प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) प्रदीप कुमार ने 2016 में प्रकाशित अपनी किताब मैं बाघ हूं में लिखा है कि 1974 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत स्थापित पीटीआर 1,129 वर्ग किमी में फैला है जहां वर्ष 1972 में 22 बाघ थे। किताब के मुताबिक 1995 में 71 बाघों की संख्या दर्ज की गयी थी। इसके बाद, इनकी संख्या घटने लगी। 

राज्य वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य डी एस श्रीवास्तव ने कहा कि अभयारण्य में बाघों की घटती संख्या के लिए अवैध शिकार, मवेशी चराना और इंसानी गतिविधियां बढ़ना प्रमुख कारण हैं। वन विभाग को पहले इन कारकों को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। अशांत निवास स्थान में बाघों की संख्या नहीं बढ़ती है। 

उन्होंने कहा कि पीटीआर प्राधिकरण ने 2017 में रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान से 16 सांभरों को अभयारण्य के बारेसनर क्षेत्र में एक सॉफ्ट-रिलीज सेंटर में स्थानांतरित कर दिया था। उन्होंने कहा- पांच साल बाद भी सॉफ्ट-रिलीज सेंटर में न तो सांभर की संख्या बढ़ी और न ही किसी जानवर को इससे मुक्त किया गया। यह विफलता रही है।

Published / 2023-07-07 23:32:03
जानें अगले सात दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

टीम एबीएन, रांची। मौसम केंद्र रांची ने एक चार्ट जारी कर झारखंड में अगले सात दिनों तक मौसम का हाल बताया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रांची और आसपास के जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। 

विभाग के मुताबिक आज और कल इन इलाकों में भारी बारिश होगी। इस दौरान वज्रपात की भी आशंका है। इसे लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान किया है।

Published / 2023-07-06 10:50:49
झारखंड : अगले 2 सप्ताह में रेस होगा मानसून, होगी झमाझम बारिश

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में विलंब से आने के बावजूद मानसून अगले 2 सप्ताह के दौरान सामान्य हो सकता है। इस दौरान मानसून के बादल झारखंड पर छाये रहेंगे और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है। 

राजधानी रांची में अगले 24 घंटों के दौरान रुक-रुक बारिश होने की संभावना है। रांची में अगले 24 घंटों के दौरान रुक-रुक बारिश होने की संभावना है। वहीं, अगले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाये रहेंगे। 

रांची में इस मानसून सीजन में 135.6 मिमी बारिश हुई है, जो कि सामान्य वर्षापात 243.2 मिमी से 44 फीसदी कम है। राज्य में मानसून 12 जुलाई के बाद दो-तीन दिन थोड़ा धीमा होने के बाद फिर जोर पकड़ सकता है। इससे राज्य में बारिश में कमी की भरपाई होने की संभावना बढ़ गयी है। 

यह बारिश राज्य में खरीफ फसलों की खेती के अनुकूल होगी। राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश में कमी का प्रतिशत 38 फीसदी तक आ गया है।

मौसम विभाग (रांची) केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून सामान्य रहा। बोकारो समेत राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश हुई। आनेवाले दिनों में मानसून में और सुधार होने की संभावना है।

कई जगहों पर बरसा मानसून पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई स्थानों पर बारिश हुई। बोकारो में सबसे अधिक 95.0 मिमी बारिश हुई। धनबाद, हजारीबाग, गुमला, पलामू, रामगढ़, रांची, गिरिडीह, गढ़वा जिलों में अच्छी बारिश हुई। 

मौसम विभाग के अनुसार राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 147.2 मिमी बारिश हुई है, सामान्य वर्षापात का औसत 236.1 मिमी है। मौसम विभाग के अनुसार 7 और 8 को कई स्थानों पर बारिश होगी, दक्षिणी हिस्से में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की चेतावनी भी जारी की गयी है। 

नौ और दस जुलाई को राज्य के प्रत्येक हिस्से में बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के ऊपर से गुजर रहा मानसून टर्फ झारखंड के दक्षिणी हिस्से से होते हुए बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्से तक कायम है।

Published / 2023-07-03 23:48:18
साहिबगंज : कीर्तनिया बेलभद्री पहाड़ से निकल रहा खून

  • कुदरत का करिश्मा या मुसीबत की है दस्तक! झारखंड के इस पहाड़ से निकल रहा खून

एबीएन सोशल डेस्क। आपने पहाड़ों से झरने निकलते तो देखा होगा, लेकिन क्या आपने पहाड़ों से खून निकलते देखा है? साहिबगंज में पहाड़ से खून निकलता देखकर लोग हैरान हैं। आश्चर्यजनक! एकाएक पहाड़ से खून जैसा लाल तरल पदार्थ निकलना बना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है। कुदरत का करिश्मा है या कोई आने वाली है कहर। इसे लेकर गांव के आशंकित हैं। इस घटना से इलाके के लोगों में दहशत है।

साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाली कीर्तनिया बेलभद्री पहाड़ से खून जैसा तरल लाल पदार्थ निकलता देख लोगों की भारी भीड़ जुट गयी है। कोई पहाड़ से निकलते लाल रक्त जैसे पदार्थ को दिव्या शक्ति का प्रकोप बता रहा है तो कोई इसे कुदरत का करिश्मा। लोगों के बीच साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड के कीर्तनया पहाड़ से खून जैसा लाल तरल पदार्थ निकलना कौतूहल का विषय बन गया है। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के द्वारा तेजी से साझा किया जा रहा है, जिस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं लोग जाहिर कर रहे हैं।

साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड के पहाड़ खून जैसा लाल तरल पदार्थ निकलने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने उक्त स्थान की बांस से घेराबंदी कर दी है। हजारों की संख्या में कीर्तनया बेलभद्री पहाड़ पहुंचकर लोग तरह लाल पदार्थ को अपने हाथों में लेकर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर मानव के खून जैसा लाल तरल पदार्थ आ कहां से रहा है?

पहाड़ से निकल रहे लाल तरल पदार्थ से दहशत
वहीं, दूसरी ओर पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राजमहल मॉडल कॉलेज के प्राचार्य साहब भूगर्भ शास्त्र के प्रोफेसर डॉ रंजीत कुमार सिंह ने बतलाया कि मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के कीर्तनया पहाड़ के पास जहां से लाल तरल पदार्थ निकल रहा है दरअसल उस स्थान पर लेटराइट, बॉक्साइट कंटेंट का डिपॉजिट है।

उन्होंने कहा कि वाटर रिजर्वायर और ऑटिजन के दबाव के कारण सरफेस पर फॉलो कर रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर यालाल पदार्थ क्या है। इसकी जांच के लिए भू वैज्ञानिकों का एक टीम उक्त स्थान पर जाकर रिसर्च करेगा।

बता दें कि राजमहल के पहाड़ में कई बेशकीमती पदार्थ मौजूद हैं। इसे लेकर भू वैज्ञानिकों की टीम के द्वारा लगातार रिसर्च किया जाता रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि पहाड़ से निकलने वाला पदार्थ मौरंग हो सकता है, जो पानी के कांटेक्ट में आकर लाल रंग की तरह पहाड़ से नीचे गिर रहा है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पहाड़ से निकलने वाला खून जैसा लाल तरल पदार्थ क्या है और यह किन कारणों से निकल रहा है।

कुदरत के कहर से आशंकित हैं गांववाले
घटना को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय महिला सुनीता देवी और युवक मुन्ना मड़ैया ने बताया कि गांव के कुछ बच्चे पहाड़ के समीप खेल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने खून जैसी लाल रंग के पदार्थ को बहते देखा। इसके बाद ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद हम लोग यहां पहुंचे।

उन्होंने कहा कि पहली बार हो रहा है जब पहाड़ से खून जैसा लाल रंग बह रहा है। ग्रामीणों ने साफ साफ शब्दों में कहा कि पहाड़ से निकलने वाला लाल रंग का तरल पदार्थ कोई और चीज नहीं बल्कि किसी मानव के शरीर से निकलने वाला खून की तरह है।

साहिबगंज जिले के मांडल प्रखंड अंतर्गत मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के कीर्तनिया बेलभद्री पहाड़ से खून जैसा निकलता तरल पदार्थ लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गया है। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि जिस प्रकार से जल जंगलों का दोहन हो रहा है, शायद यह भविष्य में कोई आने वाली कुदरत के कहर का अंदेशा है।

हालांकि यह तो भू वैज्ञानिकों की टीम के शोध के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि पहाड़ से खून जैसा निकलता लाल रंग का तरल पदार्थ क्या है और किन कारणों से यह पहाड़ से निकल रहा है।

Published / 2023-07-01 23:15:39
चार जुलाई से फिर सक्रिय हो जायेगा मानसून

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले 4 दिनों से मॉनसून की झमाझम बारिश से मौसम सुहाना तो हुआ लेकिन फिर से कड़ी धूप लोगों को अच्छी खासी गर्मी का एहसास दिला रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3-4 दिन ऐसी स्थिति बनी रहेगी। 

4 जुलाई के बाद से ही मॉनसून एक बार फिर से सक्रिय होगा व पूरे राज्य भर में अच्छी खासी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने लोकल 18 को बताया, मौसम में परिवर्तन, हवा और उमस का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा। गर्मी थोड़ी बढ़ेगी। 

इसके बाद से 4 जुलाई से फिर बारिश का पूवार्नुमान लगाया गया है। साथ ही हमने 1 से 3 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। यानी राज्यभर में वज्रपात की आशंका है। लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। वहीं इस दौरान कुछ जिलों में भारी बारिश भी देखने को मिलेगी।

4 जुलाई से फिर रफ्तार पकड़ेगी मॉनसून
मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पूरे राज्यभर में मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई व कुछ स्थानों में भारी बारिश भी देखी गई और गर्जन भी देखने को मिला हैं। वहीं बात करें आने वाले दिनों में मौसम की तो आज 1 जुलाई को कई जगहों पर हल्के मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिलेगी। 2 जुलाई को लोगों को गर्मी का एहसास होगा तापमान में बढ़ोतरी होगी।

Published / 2023-06-26 18:44:52
मानसून की तेज बारिश से झारखंड के लोगों को मिला सुकून

  • दो दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में लोगों को गर्मी से निजात मिलती नजर आ रही है क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में रात से ही बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार अभी 2 दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना है।

दक्षिणी हिस्से समेत राजधानी रांची में होगी अच्छी बारिश 
बता दें कि राज्य में जितनी अच्छी बारिश होगी उतनी ही किसानों को खेती में राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों के दौरान झारखंड से होकर गुजरेगा। इससे झारखंड के दक्षिणी हिस्से समेत राजधानी रांची में अच्छी बारिश होगी। 

राज्य में कल रात से लगातार बारिश हो रही है। अगर मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा और बारिश होती रही तो राज्य में जून में हुई बारिश की भरपाई 1-2 दिनों में हो जायेगी। मौसम विभाग के अनुसार बोकारो, धनबाद, गढ़वा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में अभी और बारिश होगी। 

मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। सिर्फ इन इलाकों में ही नहीं मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

इन जगहों पर हुई है अच्छी बारिश
जानकारी के मुताबिक राज्य में जिन जगहों पर अच्छी बारिश हुई है उनमें पिछले 24 घंटों में सिमडेगा में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गयी है। सिमडेगा में 67.5 मिमी बारिश हुई है, धनबाद में 24.0, लोहरदगा में 19.3, मेदिनीनगर में 18.2, गढ़वा में, 10 और बोकारो में 9.0 मिमी बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बोकारो, धनबाद, गढ़वा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में अभी और बारिश होगी।

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