टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को राजधानी रांची समेत कई इलाकों में बारिश हुई। वहीं रांची से सटे मांडर और पिछले 24 घंटों के दौरान बादल छाये रहे। कई हिस्सों में बारिश हुई। सबसे अधिक रामगढ़ में 24.3 मिमी बारिश हुई।
लातेहार, हजारीबाग, गुमला, लोहरदगा, चतरा, गोड्डा, जामताड़ा आदि जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान भी बादल छाये रहने का पूर्वानुमान है। रांची, खूंटी, रामगढ़ और बोकारो समेत कोल्हान और संताल परगना के जिलों में बारिश होने की संभावना है। जबकि, राज्य के उत्तरी भागों में 15 व 16 फरवरी को घना कुहासा छाने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रांची से सटे कांके में बेमौसम बारिश से मटर, आलू, टमाटर समेत अन्य सब्जियों की फसलों के बर्बाद होने से किसान चिंतित हैं। बुंडू के सोनाहातू में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की सब्जी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से फूलगोभी, पत्तागोभी, मिर्च, मटर आदि को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। प्रखंड के दुलमी, चोगा और एडरमहातू में फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
रामगढ़ के पतरातू समेत चतरा, पलामू, गढ़वा और लातेहार के कई हिस्सों में जमकर ओलावृष्टि हुई। कई जगहों पर वज्रपात की घटनाएं भी हुईं। कई कच्चे मकान ध्वस्त हो गये। उधर, पलामू में तेज हवा और बारिश से पुल से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत हो गयी। दूसरी ओर गढ़वा के कांडी में वज्रपात की चपेट में आकर पांच गाय और एक बछड़ा समेत छह मवेशियों की मौत हो गयी।
मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटे के दौरान रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो समेत कोल्हान व संताल में बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तरी भाग में 15 व 16 फरवरी को घने कुहासा छाने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। संताल-कोयलांचल में बुधवार को दिनभर बादल छाये रहे। कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश हुई।
टीम एबीएन, रांची। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राजधानी रांची सहित राज्य के ज्यादातर जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को सुबह के बाद शाम में भी जोरदार बारिश हुई। शाम में ओलावृष्टि भी हुई। राजधानी रांची के अलावे कई अन्य जिलों में भी गर्जन के साथ झमाझम बारिश हुई। झारखंड में फिलहाल 15 फरवरी तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहनेवाला है।
बारिश के कारण राज्य के कई जिलों का मैक्सिमम तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। बारिश के कारण जनजीवन भी अस्त व्यवस्त हो गया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में राज्य में लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षा 24.3 मिमी रामगढ़ दर्ज किया गया। सबसे अधिक उच्चतम तापमान 30.4 डिग्री सेंटिगे्रड चाईबासा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.2 मिमी मौसम केन्द्र रांची में दर्ज किया गया।
रांची, गुमला, खूंटी, गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, सराईकेला -खरसावां, चतरा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा जिले में बुधवार को मेघगर्जन, वज्रपात के साथ बारिश हुई।
मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। 15 फरवरी को भी राजधानी रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 फरवरी से मौसम के साफ होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को भी देवघर के कई इलाकों में बारिश की संभावना है। मैक्लुस्कीगंज व आसपास के इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
बुधवार शाम को हुई जोरदार बारिश की वजह से राजधानी रांची के किशोरगंज का निचला इलाका, मधुकम, रातू रोड के इंद्रपुरी, लोहराकोचा, हिंदपीढ़ी के कई मुहल्ले जलमग्न हो गये। कई लोगों के तो घरों में भी पानी घुस गया। बारिश की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ा। वहीं सरस्वती पूजा का उत्साह भी फीका पड़ गया।
राज्य में बेमौसम बारिश का खेती-बाड़ी पर मिलाजुला असर पड़ने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञ और जिला कृषि पदाधिकारी डॉ रामाशंकर सिंह ने कहा कि बेमौसम हो रही बरसात का खेती-बाड़ी पर मिलाजुला असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से राज्य में हो रही वर्षा जहां गेहूं, तिलहन और दलहन के लिए लाभकारी साबित होगा।
वहीं सब्जियों के लिए यह वर्षा नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि अगर वर्षा अगले दो से तीन दिन और हो गया तो खेत में लगी सब्जियों को नुकसान पहुंचना तय है। कृषि पदाधिकारी रामाशंकर सिंह ने कहा कि आलू की फसल जहां-जहां तैयार हो गयी है, उस पर बेमौसम बरसात का खराब असर पड़ेगा।
झारखंड में लगभग 11 लाख हेक्टेयर भूमि पर रबी की खेती की जाती है, लेकिन इस वर्ष 150 से अधिक प्रखंडों में सुखाड़ की वजह से इस वर्ष लक्षित भूमि के लगभग 50% भू-भाग पर ही रबी की खेती की गई है। राज्य में इस वर्ष सिर्फ 01 लाख, 38 हजार, 119 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल लगाई जा सकी है।
इसी तरह मक्का 8426 हेक्टेयर भूमि पर, चना 01 लाख 76 हजार 636 हेक्टेयर भूमि पर, मसूर 01 लाख 09 हजार 637 हेक्टेयर जमीन पर, सरसो 03 लाख 07 हजार 372 हेक्टेयर भूमि पर और तीसी की फसल 91 हजार 971 हेक्टेयर भूमि पर ही लगाई जा सकी है।
मौसम केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को राज्य के पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भाग वाले जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना जतायी गयी है। 16 फरवरी से मौसम साफ होने की संभावना जतायी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखने लगा है। सोमवार की रात से ही कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पलामू प्रमंडल में इसका विशेष असर दिखा। पिछले 24 घंटे में झारखंड में सबसे अधिक बारिश मांडर (रांची) में हुई है। यहां 40 मिमी बारिश हुई है।
राजधानी में 12 मिमी बारिश हुई है। इसका असर 15 फरवरी तक रहने का अनुमान है। बारिश के कारण राज्य के कई जिलों का अधिकतम तापमान गिर गया है। वहीं न्यूनतम तापमान चढ़ गया है। बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखा। खेतों में लगी सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है।
मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान किया है कि पूरे राज्य में बुधवार को भी गर्जन के साथ बारिश हो सकती है। इसको लेकर मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। 15 फरवरी को राजधानी रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 फरवरी से मौसम के साफ होने का अनुमान है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर भारत में साल 2024 में जहां सबसे ठंडा रहा वहीं अब भीषण गर्मी की मार झेलने के लिए लोगों को तैयार होना पड़ेगा। भारत में इस साल वसंत ऋतु कम समय तक रहने के आसार हैं। इसके बाद भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल नीनो प्रभाव के कारण वसंत के बाद से गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा। उधर दूसरी तरफ, मुंबई के लोगों को कुछ ज्यादा ही गर्मी इस बार तड़पायेगी। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में मुंबई को सचेत किया गया है।
बता दें कि यहां तेजी से चल रहे निर्माण कार्य और बढ़ते कंक्रीट की वजह से मुंबई में गर्मी अधिक बढ़ जायेगी। खुद संयुक्त राष्ट्र ने भी इसकी चेतावनी दी है। इस बीच मुंबई में बड़े पैमाने पर चल रहा निर्माण कार्य मुंबई को कंक्रीट के जंगल में बदल रहा है।
पर्यावरणविद जोरू भथेना ने कहा कि मुंबई में स्लम को हटाकर पचास मंजिला इमारत खड़ी हो रही है। डेवलपमेंट तो जरूरी है लेकिन जिस पैमाने में सीमेंट हर जगह बिछा रहे हैं, इससे राज्या में गर्मी बढ़ेगी। प्रदूषण का 70% कारण सीमेंट होता है।
वहीं, रेस्पिरर लिविंग साइंसेज के संस्थापक, क्लाइमेट टेक रोनक सुतारिया मूडी ने कहा कि रिपोर्ट में 4 शहरों का विश्लेषण किया गया है- मुंबई, पेरिस, न्यूयॉर्क और रियो डी जनेरियो। मुंबई, में मेट्रो निर्माण, कोस्टल रोड और बिल्डिंग रिडेवलपेंट में खूब सीमेंट और कंक्रीटीकरण शामिल है, जो उत्सर्जन में वृद्धि करने जा रहा है और अन्य सभी शहरों से शहरी बुनियादी ढांचे के उत्सर्जन को पार कर जायेगा।
उन्होंने बताया कि कंक्रीट, डामर, पत्थर जैसी चीजों से बनी सतहें गर्मी को सोखती हैं, जो फिर पूरे दिन धीरे-धीरे निकलती है। कंक्रीटीकरण के कारण शहरी क्षेत्र, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में 8-10 डिग्री फारेनहाइट तक अधिक गर्मी बढ़ जाती हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में ठंड के कहर से लोग परेशान हैं। लगभग सभी जिलों में शीतलहर का प्रकोप है। इस बीच मैक्लुस्कीगंज में ठंड ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। मैक्लुस्कीगंज के तापमान में लगातर गिरावट हो रही है।
कनकनी बढ़ रही है, लोग ठिठुर रहे हैं। गुरुवार से मौसम ने करवट ली है, लगातार तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। रांची के मैक्लुस्कीगंज में तो तापमान माइनस में जा चुका है। मैक्लुस्कीगंज के रहने वाले एंग्लो समुदाय के बॉबी गॉर्डन के घर में तापमान मापक यंत्र लगा है, शुक्रवार की सुबह लगभग 6:15 बजे उसमें न्यूनतम तापमान लगभग 2.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
वहीं नावाडीह में न्यूनतम तापमान माइनस वन (-1) डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, शनिवार से मौसम ने थोड़ी राहत दी है। राज्य में सुबह और शाम में शीतलहरी के कारण कनकनी रह रही है, जिससे लोग घरों में दुबके रहते हैं।
हालांकि, दिन में कड़ी धूप निकलने पर लोगों को राहत मिल रही है। लोग धूप के समय अपने कार्यों को जल्द निबटाने में व्यस्त दिख रहे हैं। ठंड के प्रकोप से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया।
खुद को स्वेटर, टोपी और मफलर से ढंक कर ही बाहर निकल रहे हैं। मालूम हो कि मैक्लुस्कीगंज में ठंड का प्रकोप पिछले तीन दिनों से बढ़ा हुआ है। ठंड से खास परेशानी बच्चे-बूढ़ों के और पशुओं को हो रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में इन दिनों कोहरे और शीतलहर के वजह से लोगों को ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। जिसके वजह से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में आज आंशिक बादल छाये रह सकते हैं। रांची के तापमान में गिरावट भी दर्ज की गयी है।
बीते 24 घंटे के दौरान राज्य के कई जिलों में आंशिक बादल छाये रहे और कहीं हल्की बारिश देखी गयी। सुबह के समय घने कोहरे के वजह से लोगों का काम पर जाना मुश्किल हो गया है। वहीं देर रात न्यूनतम तापमान गिरकर 6 से 7 डिग्री तक पहुंच रहा है। आॅफिस से वापस आ रहे लोगों की कुल्फी जम जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के कई जिलों में बारिश देखी जा रही है। बारिश के आसार खासतौर पर मध्य भाग और दक्षिणी भाग की ओर है। वहीं 24 जनवरी यानी आज गुरुवार को रांची समेत 10 जिलों में बारिश हो सकती है।
हालांकि 25 जनवरी के बाद मौसम साफ होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे दिन बादल छाये रहेंगे। जिसके वजह से लोगों को ठंड ज्यादा महसूस होगी। ठंड से बचने के लिए लोगों के पास एक ही सहारा यानी अलाव का सहारा रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में छाये घने कोहरे की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों से आने और रांची से अन्य राज्यों को जाने वाले विमानों को रद्द करना पड़ा। कम से कम 20 विमान रद्द हो गये। इसमें 12 विमान रांची आने वाले थे, जबकि रांची से जाने वाली 8 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के सूत्रों ने गुरुवार (18 जनवरी) को बताया कि विमानपत्तन पर विजिबिलिटी (दृश्यता) 500 मीटर से भी कम रह गयी थी। इसलिए 20 विमानों को रद्द करना पड़ा। एक विमान पांच चक्कर लगाने के बाद हैदराबाद चला गया।
हैदराबाद-रांची इंडिगो की फ्लाइट 10:30 बजे रांची पहुंची। लेकिन, विजिबिलिटी की कमी की वजह से इस विमान को लैंड नहीं करवाया जा सका। इंडिगो की यह फ्लाइट काफी देर तक रांची के आसमान में उड़ान भरती रही। पांच चक्कर लगाने के बाद भी जब पायलट को लगा कि यहां लैंड करना संभव नहीं है, तो फ्लाइट को वापस हैदराबाद लौटना पड़ा।
डेढ़ दर्जन से अधिक विमानों के रद्द होने की वजह से यात्रियों में भारी आक्रोश देखा गया। यात्रियों के गुस्से को देखते हुए विमानन कंपनियों ने उनके लिए नाश्ता और भोजन का प्रबंध किया। दूर-दराज से आए यात्रियों के लिए अलग-अलग होटल में उनके ठहरने का भी इंतजाम एयरलाइंस कंपनियों ने किया।
मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद से आने वाले विमानों को रद्द करना पड़ा, जबकि बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली के विमानों को कैंसल कर दिया गया। बता दें कि 18 जनवरी को रांची से 27 जोड़ी फ्लाइट्स शेड्यूल्ड थीं। इनमें से 20 को रद्द कर देना पड़ा। सिर्फ एक फ्लाइट की आज रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर लैंडिंग हो सकी। शुक्रवार (19 जनवरी) के लिए 22 जोड़ी फ्लाइट्स शेड्यूल्ड हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची समेत राज्य के अन्य हिस्सों में ठंड का प्रकोप जारी है। रांची में जम्मू से ज्यादा ठंड पड़ रही है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जम्मू में मंगलवार सुबह न्यूनतम पारा 9.4 डिग्री रहा।
वहीं, रांची में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री रहा। एक दिन पूर्व रांची का न्यूनतम पारा 6.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। शिमला में भी 6.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान है।
मंगलवार को शिमला जैसी ठंड झारखंड के अन्य इलाकों में भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 19 तक कोहरे का प्रभाव रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में रहेगा।
हजारीबाग में ठंड हाड़ हिलाने लगी है। मंगलवार शाम जिले के मासीपीढ़ी में पारा माइनस में पहुंच गया। यहां राइस रिसर्च सेंटर में न्यूनतम तापमान - 0.5 डिग्री दर्ज किया गया।
वहीं, मैकलुस्कीगंज में तापमान मंगलवार की सुबह दो डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बीते पांच साल में यह दूसरी बार है जब हजारीबाग जिले में पारा शून्य से नीचे पहुंचा है। इससे पहले 2019 में भी यहां पारा माइनस में चला गया।
मासीपीढ़ी स्थित केंद्रीय वर्षाश्रित उपराऊ भूमि चावल अनुसंधान केंद्र (सीआरयूआरआरएस) के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ शिव मंगल ने भी मंगलवार को यहां पारा माइनस में पहुंचने की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार मासीपीढ़ी में दर्ज तापमान के अनुसार सोमवार को यहां पारा शून्य डिग्री पर था। पारा माइनस में पहुंचने के बाद राइस रिसर्च सेंटर के मैदान में बर्फ जमने के भी प्रमाण मिले हैं।
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