टीम एबीएन, रांची। झारखंड के लोगों को मौजूदा समय में गर्मी से भारी राहत मिली है। कल रांची समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। फिलहाल रांची के मौसम की बात करें तो आसमान में हल्के बादल छाये हुए हैं। वहीं तापमान की बात करें तो यह 29 डिग्री है। मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव बन गया है।
जो उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इस कारण आज यानी 23 मई को भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। लेकिन गढ़वा, पलामू, चतरा और लोहरदगा में बारिश की संभावना कम है। जबकि 25 से 27 मई तक कई स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। संताल परगना, कोल्हान और राजधानी के आसपास के जिलों में इसका ज्यादा असर रहेगा।
वहीं, बीते 24 घंटों की बात करें तो राजमहल में करीब 113 मिमी बारिश हुई है। गोड्डा में भी 72 मिमी से अधिक बारिश पिछले 24 घंटे में हुई है। वहीं, दूसरी तरफ रांची के किसान बारिश और ओलावृष्टि से परेशान थे। बुधवार को राजधानी के कई इलाकों में बारिश हुई जिससे खेत में लगी फसलों को भी नुकसान हुआ। वहीं, शहरी इलाकों में दो बजे के बाद हल्की बारिश हुई।
इस दौरान गर्जन के साथ तेज हवा चली। रांची मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर बन रहा है। इस कारण 26 मई के बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना है। इसका असर दूसरे दिन यानी कि 27 मई तक देखने को मिल सकता है। इस वजह से कई इलाकों में गर्जन के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेसि के बीच हो सकता है।
टीम एबीएन, रांची। पिछले कुछ दिनों से झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग है। कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है, तो कुछ हिस्सों के लोगों को राहत मिल रही है। पलामू और संताल परगना में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है।
गढ़वा में सबसे अधिक तापमान रहा। वहां का तापमान 42.7 डिग्री सेसि है। पलामू का तापमान 42.6 डिग्री सेसि है। संताल परगना के भी करीब-करीब सभी जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से अधिक है।
वहीं राज्य के मध्य हिस्से और कोल्हान के लोगों को गर्मी से राहत है। राजधानी का अधिकतम तापमान शुक्रवार की तुलना में करीब छह डिग्री सेसि नीचे चला गया। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान भी 37 डिग्री सेसि के आसपास रहा। हजारीबाग और आसपास में भी अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेसि के आसपास रहा।
राज्य में दूसरे चरण का मतदान 20 मई को होना है। इस दिन कोडरमा, चतरा और हजारीबाग में मतदान होना है। मतदान के दिन कोडरमा में 39 से 41, हजारीबाग में 38-40 तथा चतरा में 39 से 41 डिग्री सेसि के बीच तापमान रह सकता है।
19 मई को संताल परगना और पलामू प्रमंडल में हीट वेव की चेतावनी है। वहीं, पूर्वी, मध्य और दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश का अनुमान है। तेज गति की हवा भी चल सकती है। मौसम केंद्र ने अनुमान किया है कि राज्य के कई हिस्सों में 24 मई तक हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। मौसम में लगातार बदलाव देखने के लिए मिलेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मौसम एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से 31 मई को केरल में मानसून के दस्तक देने की संभावना जतायी गयी है। ऐसे में यह जानने के लिए कि झारखंड में मानसून कब तक दस्तक देगा और इस वर्ष झारखंड में कैसा रहेगा मानसून ?
मौसम केंद्र के निदेशक ने बताया कि झारखंड में मानसून के दस्तक देने की सामान्य तिथि 12 जून और रांची में 15 जून है। अभी तक के जो मानसून कंडीशन बने हैं, उसके अनुसार मानसून आगमन के सामान्य तिथि से प्लस-माइनस 04 दिन में मानूसन दस्तक दे देगा।
झारखंड में इस बार मानसून समय पर दस्तक देगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 8 से 16 जून के बीच झारखंड में मानसून प्रवेश करेगा और चार से पांच दिनों में पूरे राज्य को कवर कर लेगा। इस बार अच्छी बारिश की संभावना जतायी जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति केरल में मानसून के आरंभ से चिह्नित होती है। यह गर्म और शुष्क मौसम से बरसात के मौसम में संक्रमण को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेतक है। जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी के तापमान से राहत का अनुभव होता है। मानसून, 2024 के दस्तक देने की तारीख आ गयी है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आम तौर पर लगभग 7 दिनों के मानक विचलन के साथ 1 जून को केरल में प्रवेश करता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग 2005 से केरल में मानसून के आरंभ की तारीख के लिए परिचालन पूवार्नुमान जारी कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए 4 दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक सांख्यिकीय मॉडल का उपयोग किया जाता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक इस वर्ष दक्षिण पश्चिम मानसून का 4 दिन की मॉडल त्रुटि के साथ 31 मई को केरल में आगमन होने की संभावना है। आमतौर पर केरल में दस्तक देने के 10 दिनों के भीतर झारखंड में मानसून प्रवेश कर जाता है। इस हिसाब से झारखंड में इसके 10 जून तक आने की संभावना है।
पिछले 19 वर्षों (2005-2023) के दौरान केरल में मानसून के आरंभ की तारीख के आईएमडी के परिचालन पूवार्नुमान 2015 को छोड़कर सही साबित हुए थे। हाल के 5 वर्षों (2019- 2023) के लिए पूवार्नुमान सत्यापन नीचे तालिका में दिया गया है।
2019 8 जून 6 जून
2020 1 जून 5 जून
2021 3 जून 31 मई
2022 29 मई 27 मई
2023 8 जून 4 जून
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कुछ दिनों की राहत के बाद एक बार फिर हीट वेव का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग ने बाकायादा हीट वेव का अलर्ट भी जारी कर दिया है। बुधवार (15 मई) को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने इसकी चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि संताल परगना के जिन जिलों में उष्ण लहर यानी हीट ववे की स्थिति देखी जायेगी, उनमें झारखंड की उपराजधानी दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 18 मई से हीट वेव का दौर शुरू होगा। 19 अप्रैल को भी कोल्हान प्रमंडल के उपरोक्त 3 जिलों के साथ-साथ पलामू प्रमंडल के दो जिलों गढ़वा एवं पलामू में लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना होगा।
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में कहीं-कहीं गरज और आंधी के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे ज्यादा वर्षा जामताड़ा के फतेहपुर में हुई। यहां 19 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा बोरियो, कुंडहित, हजारीबाग और बेंगाबाद (गिरिडीह) में भी बारिश हुई।
बोकारो और पाकुड़ में तेज हवाएं चलीं। इस दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची में दर्ज किया गया। गोड्डा का अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेंटीग्रेड रहा, जबकि रांची का न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची सहित झारखंड के कई जिलों का मौसम बदलने लगा है। राजधानी में सोमवार शाम को सामान्य से तेज हवाएं भी चलीं। साथ ही कई स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मौसम में यह बदलाव मेघालय से बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हो रहा है। इसके असर से करीब-करीब पूरे राज्य में 12 मई तक बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि भी हो सकती है। सकुर्लेशन का सबसे अधिक असर सात मई को रहेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार को प सिंहभूम, खूंटी, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, दुमका और देवघर जिले में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। इसको लेकर मौसम केंद्र ने आरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं का झोंका चल सकता है।
हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 मई तक के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद भी दो दिनों तक राजधानी सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से भी राहत मिल सकती है।
टीम एबीएन, रांची। भीषण हीट वेव के बीच लोगों को जल्द ही राहत मिल सकती है। झारखंड मौसम विभाग ने कहा है कि पांच मई से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पांच मई को संतालपरगना के इलाके में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। जबकि, छह मई को भी गोड्डा, दुमका के साथ-साथ देवघर, जामताड़ा, पाकुड़, धनबाद, बोकारो आदि इलाके में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
सात मई को 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार आठ और नौ मई को पूरे झारखंड में बारिश होगी। इससे अधिकतम तापमान में काफी गिरावट आ जायेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार तक झारखंड के आठ शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से अधिक ही रहा। एक मई तक राज्य के 20 शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से अधिक था।
राजधानी रांची का अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में 2.6 डिग्री सेसि की गिरावट दर्ज की गयी है। एक मई को राजधानी का अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेसि था, जबकि दो मई को अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेसि रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री सेसि कम है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में इको क्लब मारवाड़ी महाविद्यालय रांची के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य डॉ मनोज कुमार के द्वारा सखुआ पौधा का रोपण किया गया।
तत्पश्चात डॉ मनोज ने उपस्थित सदस्यों को पृथ्वी, जीवन के लिए यहां आवश्यक परिस्थितियां तथा मानवीय हस्तक्षेप से उत्पन्न असंतुलन को विस्तार से बताया तथा ऐसे समय में हम सबकी भुमिकाओं को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के इको क्लब संयोज जय प्रकाश रजक ने कहा कि धरती और इसकी विविधता के पोषण तथा संरक्षण में ही मनुष्य का अस्तित्व संभव है, ज्यों-ज्यों अपने स्वार्थ में हम इनको नष्ट कर रहे हैं त्यों-त्यों स्वयं को संकटों से घेरते जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने पृथ्वी और इसके पर्यावरण के संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम में महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ उमेश कुमार, डॉ ज्योति किंडो, अनुभव चक्रवर्ती विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।
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