टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क है। दिन के वक्त तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हुई है। अब सर्दी सताने लगी है। रांची के कांके में न्यूनतम पारा 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
इसके अलावा गुमला में 7.6 डिग्री, खूंटी में 7.9 डिग्री, डाल्टनगंज में 8.1 डिग्री, लातेहार में 8.5 डिग्री, लोहरदगा में 8.5 डिग्री, हजारीबाग में 8.6 डिग्री और सरायकेला में 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ है। क्षोभमंडल स्तर पर उत्तर-पश्चिम से उत्तरी हवाएं चलने से सर्दी बढ़ी है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से 16 जनवरी 2025 को सुबह 8.30 बजे के रिकॉर्ड के आधार पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा तापमान चाईबासा में 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में 27.2 डिग्री, सरायकेला में 27.0 डिग्री, जमशेदपुर में 26.6 डिग्री, बोकारो में 26.5 डिग्री, देवघर में 26.4 डिग्री और पाकुड़ में 26.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।
शेष जिलों का तापमान 25 डिग्री के आसपास या उससे नीचे रहा। जबकि रांची का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आयी है। मौसम केंद्र रांची की रिपोर्ट के मुताबिक 16 दिसंबर से 19 दिसंबर तक सुबह के वक्त हल्के से मध्यम दर्जे के कोहरे के बाद दिन में आसमान साफ रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी।
इस दौरान दिन का तापमान 23 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं सुबह के समय पारा धीरे-धीरे और नीचे जा सकता है। खासकर रांची, गुमला, डाल्टनगंज, लातेहार और ऊंचाई वाले इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 से 9 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
सर्दी के देखते हुए मौसम केंद्र ने बुजुर्गों और बच्चों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दरअसल, ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही से ठंड लग सकती है। सर्दी-खांसी और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा बना रहता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा जू में संक्रमण सें 10 सफेद हिरण की मौत हो गयी है। घटना को देखते हुए पांच सफेद हिरण को क्वॉरेंटाइन किया गया है। टाटा जू में अन्य पालतू जानवरों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
टाटा जू में तीन डॉक्टरों की टीम लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। डॉक्टरों ने कहा कि संक्रमण पालतू जानवरों में काफी तेजी से फैलता है। इस मौसम में पालतू जानवरों की ह्यूमैनिटी कम होने से मौत हुई है।
हिरण की मौत के बाद शव को रांची और ओडिशा जू में जांच के लिए भेजा गया है। जानवरों की मौत के बाद टाटा जू हाई अलर्ट मोड पर है। टाटा जू के डायरेक्टर ने बताया कि संक्रमण कौवों और चील से फैलता है।
टाटा जू की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक एक से छह दिसंबर के बीच 10 हिरण की मौत हुई है। जू में 18 कृष्ण मृग थे, जिसमें 10 की मौत होने के बाद केवल 8 बचे हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हाड़ कंपाने वाली ठंड का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। धीरे-धीरे यह सभी जिलों को अपनी चपेट में ले रहा है। शनिवार को मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, गुमला में सबसे कम न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा जमशेदपुर, डालटनगंज, बोकारो, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। गोड्डा में अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी रांची में कांके का न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, सात से 12 दिसंबर तक सुबह में कोहरा और धुंध छाया रहेगा। बाद में आसमान साफ रहेगा। सात दिसंबर को अधिकतम 24 और न्यूनतम 10, आठ को अधिकतम 24 और न्यूनतम 10, नौ को अधिकतम 25 और न्यूनतम 11 और 10 दिसंबर को अधिकतम 25 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में ठंड ने फिर से अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलटर् दिया है। यानी आने वाले 48 घंटे मौसम में बड़े बदलाव के साथ ठंड में काफी वृद्धि होने वाली है, जो लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी और रामगढ़ में शीतलहर का सबसे ज्यादा खतरा है। यहां तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी।
फिलहाल, पिछले 24 घंटों में तापमान में बड़ी कमी देखी गई है। गुमला जिले में न्यूनतम तापमान मात्र 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जो पूरे राज्य में सबसे कम है। वहीं चाईबासा में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे दिन और रात के तापमान में भारी अंतर हो गया है। इस कड़कड़ाती ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के लगातार प्रभाव से लोग सर्दी से बचने के लिए स्वेटर, जैकेट और अलाव जैसी गर्माहट देने वाली चीजें फिर से निकालने लगे हैं। मौसम में आए इस बदलाव ने झारखंड में सर्दी की दूसरी लहर आने का संकेत दे दिया है। इस दौरान नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की है।
जिसमें लोगों को गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलने, पर्याप्त भोजन करने और यदि सर्दी, जुकाम या फ्लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता या डॉक्टर से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ठंड से होने वाली किसी भी गंभीर समस्या जैसे बेहोशी या भाषा लड़खड़ाने की स्थिति में शीघ्र चिकित्सीय मदद लेने की सलाह दी गई है।
टीम एबीएन, रांची। रांची सहित राज्य के कई जिलों में लोगों को कड़ाके की ठंड से काफी राहत मिली है। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते तापमान अब 7-8 डिग्री से बढ़कर 13 से 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।
दिसंबर की बात करें तो राज्य में दो दिसंबर से हवा का रुख बदलने वाला है। इस दौरान पारा लुढ़केगा और सर्दी कहर बरपाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, दो दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, लेकिन दो दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट आएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान शीतलहर चलने की भी संभावना जताई गई है। चार दिसंबर से सुबह में धुंध और कोहरा छाया रहेगा। फिर आसमान साफ रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर भारत में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) ने कई राज्यों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम बेहद अहम बताया है।
टीम एबीएन, रांची। हिमालयी राज्यों में जारी बफबार्री का सीधा असर अब झारखंड के मौसम पर दिखने लगा है। इस बार दिसंबर में महसूस होने वाली कड़ाके की ठंड नवंबर की शुरुआत से ही दस्तक दे चुकी है।
कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मैक्लुस्कीगंज में बीते रविवार को पारा गिरकर 6 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे न्यूनतम तापमान है। राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी सुबह-शाम ठिठुरन काफी बढ़ गयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में घना कोहरा छाया है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों-गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और लातेहार के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटों तक यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। घने कोहरे और तेज ठंडी हवा का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम बाहर रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि अचानक तापमान गिरने से सर्दी, खांसी, सांस की दिक्कत और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। सदर अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत बढ़ गयी है। रिम्स में रोज छह से सात मरीज पहुंच रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 18 नवंबर से न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हल्की राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हिमालय में जारी बफबार्री आगे भी झारखंड के मौसम को प्रभावित करेगी। अगले 3-4 दिनों तक हल्की राहत के बाद तापमान फिर से गिर सकता है। लोगों को ठंड से बचाव के आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। 10 नवंबर की तारीख आते-आते सर्दी ने सितम का रूप लेना शुरु कर दिया है। कई जिलों में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ने लगी है। मौसम केंद्र ने राज्य के उत्तर-पश्चिम भागों के साथ-साथ उत्तरी छत्तीसगढ़ से लगे इलाकों में कहीं-कहीं शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, सिमडेगा और गुमला वासियों को विशेष सावधानी बरतने की जरुरत है। इन जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह के वक्त धुंध और कोहरा देखने को मिलेगा। फिर मौसम साफ हो जाएगा।
पिछले 24 घंटों में लातेहार का न्यूनतम पारा 10.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। दूसरे स्थान पर खूंटी जिला है। यहां का तापमान 10.4 डिग्री रहा है। डाल्टनगंज में 11.3 और बोकारो थर्मल में 13.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ है। वहीं राजधानी रांची का न्यूनतम पारा 14.3 डिग्री सेल्सियस है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के उत्तर की ओर रुख करने की वजह से तापमान में गिरावट आई है।
मौसम केंद्र के मुताबिक 11 नवंबर से 14 नवंबर के बीच कई जिलों में कनकनी बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रामगढ़, गुमला और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री तक पहुंच सकता है। रांची का भी न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इस दौरान ज्यादातर जिलों के अधिकतम तामपान में भी 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
मौसम केंद्र के मुताबिक ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड लगने से फ्लू हो सकता है। नाक से पानी आ सकता है। नाक से खून भी आ सकता है। ब्लड प्रेशर भी बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में कंपकंपी को नजरअंदाज नहीं करना है। यह शरीर में गर्मी कम होने का पहला संकेत होता है।
ठंड का असर त्वचा पर पड़ता है जो पीली, कठोर या सुन्न हो जाती है। लिहाजा, सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों के इस्तेमाल के अलावा त्वचा को तेल या क्रीम से मॉइस्चराइज करना है। विटामिन सी से भरपूर हरी सब्जी और फलों का सेवन करना है। हीटर का इस्तेमाल करते समय वेंटिलेशन सुनिश्चित करना है।
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