एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड में अगले कुछ दिन तेज हवाओं के साथ आंधी आने और वर्षा होने की शुक्रवार को संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई तक अधिकतम तापमान सामान्य से कम 31 से 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
यहां मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा, पूरे राज्य में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा होने की संभावना है। हल्की से मध्यम बारिश के साथ ही कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है। इस सप्ताह गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
आईएमडी ने 30 मई से 5 जून तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। आनंद ने कहा, शुक्रवार को चतरा, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू और रांची में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने और बारिश होने की संभावना है।
राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में गरज के साथ बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से हवा चलने संबंधी आॅरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस महीने प्रतिकूल मौसम की स्थिति ने पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया है, बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हुई है। पीड़ितों में 46 वर्षीय सीआरपीएफ अधिकारी भी शामिल है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में खेती और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार अपेक्षा से पहले केरल तट पर दस्तक दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि अगले 4-5 दिनों में मानसून के केरल पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। यानी 23 या 24 मई तक मानसून आ सकता है। यह पहले बतायी गयी तारीख 27 मई से भी पहले है, जबकि सामान्यत: मानसून केरल में 1 जून को पहुंचता है।
आइएमडी ने रविवार को चेतावनी जारी की है कि 18 से 24 मई के बीच पश्चिमी तटीय इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। जिन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है:
केरल के बाद मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और दक्षिण अरब सागर, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र (भारत का दक्षिणी छोर) और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में 2-3 दिन में पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून जून की शुरुआत में केरल पहुंचता है और जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है।
इसके बाद यह सितंबर के मध्य से उत्तर भारत से लौटना शुरू करता है। भारत की 75% सालाना बारिश मानसून से ही होती है। मानसून का समय पर आना खेती, खाद्य वस्तुओं की कीमतें और महंगाई पर सीधा असर डालता है। देश के कई हिस्सों में खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर होती है।
आइएमडी का कहना है कि मानसून जल्दी आ रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा देश सामान्य या अच्छी बारिश पायेगा। मानसून की बरसात की मात्रा और नियमितता अब भी तय नहीं है, इसलिए अधिक सतर्कता जरूरी है।
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में किसानों ने खेत तैयार करना शुरू कर दिया है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की ताकत और स्थिरता की पुष्टि होने तक जल्दबाजी न करें।
केरल और अन्य तटीय इलाकों में मानसून के जल्दी आने से बाढ़ का खतरा भी रहता है। स्थानीय प्रशासन ने नालों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और सफाई अभियानों की तैयारी शुरू कर दी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के अधिकतर हिस्सों में रविवार को तेज हवाओं के साथ तूफान का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने कहा कि 18 मई को राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पूर्वी भागों के करीब 20 जिलों में आंधी और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति की तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने शनिवार को कहा, शनिवार से मौसम में बदलाव होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम बुलेटिन में कहा गया कि 21 मई तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार मौसम में आए इस बदलाव के कारण अगले दो दिन में अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।
झारखंड में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, शुक्रवार को डालटनगंज में सबसे अधिक 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। गोड्डा, गढ़वा और सरायकेला में तापमान क्रमशः 41.7, 41.5 और 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्किए में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये हैं। वीरवार को आये इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गयी। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन भूकंप ने एक बार फिर लोगों को डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया है।
तुर्किए की जमीन पहले भी कई बार तेज और विनाशकारी भूकंपों से दहल चुकी है। इसका मुख्य कारण यह है कि तुर्किए एनाटोलियन प्लेट पर स्थित है, जो अफ्रीकी और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच फंसी हुई है। इसी कारण यहां लगातार भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं।
6 फरवरी 2023 को आए भूकंप की तीव्रता 7.8 थी। इसके बाद एक और 7.5 तीव्रता का झटका भी महसूस किया गया। इस हादसे में 50,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए थे। यह तुर्किए के इतिहास का सबसे घातक भूकंप माना जाता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है। कहीं गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा है, तो कहीं दोपहर बाद की बारिश ने थोड़ी राहत दी है। इसी बीच रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। 13 और 14 मई को खासतौर पर राज्य के पूर्वी क्षेत्रों में लू का असर ज्यादा रहेगा।
वहीं 15 मई से मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत हैं। इस दिन उत्तर-पूर्वी हिस्सों में लू चल सकती है, जबकि पूर्वी और आसपास के मध्य क्षेत्रों में दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं, तेज हवा चल सकती है और कहीं-कहीं वज्रपात व बारिश की संभावना है। हवा की गति इस दिन 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
16 मई को उत्तर-पश्चिम के 6 जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं (50 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना जताई गई है। 17 और 18 मई को भी बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। इधर सोमवार को संथाल परगना क्षेत्र में तेज गर्मी और लू का प्रभाव देखा गया, जबकि पाकुड़, दुमका, रामगढ़, गिरिडीह, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, साहिबगंज और देवघर में दोपहर बाद बारिश हुई।
बीते 24 घंटों में बहरागोड़ा में सबसे ज्यादा 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे गर्म जिला पलामू रहा, जहां पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री ज्यादा था। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।
लू से बचने के लिए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। साथ ही, बारिश और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की भी चेतावनी दी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में गर्मी और उमस के बीच राहत की खबर है। मौसम विभाग के अनुसार 11 मई यानी रविवार को झमाझम बारिश से राहत मिलनेवाली है। 14, 15 और 16 मई को भी बारिश की संभावना जतायी गयी है। इससे तीखी धूप के बीच राहत की बूंदों से लोगों को सुकून मिलेगा। राज्य में कहीं-कहीं पर 11 से 16 मई तक हीट वेव चलने की चेतावनी जारी की गयी है। येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की मानें तो 11 मई को झारखंड के दक्षिणी, मध्य एवं निकटवर्ती भागों में कहीं-कहीं पर गरज के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। वज्रपात भी हो सकता है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 14 मई से 16 मई तक मौसम में बदलाव से राहत की उम्मीद है। इस दौरान गरज के साथ बारिश का अनुमान है।
झारखंड के उत्तर-पूर्वी भागों में रविवार को कहीं-कहीं गर्मी और उमस की स्थिति बन सकती है। इसे लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अपने पूवार्नुमान में बताया है कि 16 मई तक हीट वेव चल सकती है।
इस बाबत चेतावनी जारी की गयी है। 12 और 13 मई को झारखंड के छह जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गयी है। इनमें देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। राज्य के कई जिलों में तापमान 40 के पार पहुंच गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य में आज से लू चलने की संभावना जतायी है।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार 10 से 13 मई तक झारखंड में लू चलने की पूरी संभावना है। इसी के चलते आज 6 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 और 11 मई को देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में लू चलने की संभावना है।
12 मई को दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में गर्म हवाएं और तेज लू चलने की संभावना है।13 मई को बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, पाकुड़, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज में लू की तीव्रता सबसे ज्यादा रहेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और डाल्टनगंज में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए 26 अप्रैल तक भीषण गर्मी का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य भर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी क्षेत्र के लिए भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की गयी है। आनंद ने कहा कि संथाल परगना क्षेत्र में भी अधिकतम तापमान बहुत अधिक है।
राज्य भर में बीते बुधवार को डालटनगंज में सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक था। इसके बाद जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य की राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
आनंद ने कहा कि कम से कम 3 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जबकि 27 अप्रैल से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse