वन और पर्यावरण

View All
Published / 2022-03-17 17:57:10
बंगाल की खाड़ी में बन रहा साल का पहला चक्रवात अंडमान निकोबार में मचायेगा तबाही

एबीएन सेंट्रल डेस्क। साल का पहला चक्रवात असानी दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है और शुक्रवार से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश होने की उम्मीद है, हालांकि पूर्वी तटीय इलाकों में बारिश नहीं होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है। अपने पहले उत्पत्ति-पूर्व मार्ग और तीव्रता पूर्वानुमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि मंगलवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बना निम्न दबाव का क्षेत्र 19 मार्च की सुबह तक पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और फिर उत्तर की ओर बढ़ेगा और 20 मार्च तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंचेगा। कम दबाव का क्षेत्र शनिवार तक अच्छी तरह से चिन्हित निम्न दबाव वाले क्षेत्र में, फिर और बढ़कर रविवार तक अंडमान व निकोबार द्वीप समूह पर 55-65 किमी प्रति घंटे से 75 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ एक दबाव में बदल जाने की संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मौसम प्रणाली के सोमवार को चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। मौसम विभाग ने कहा, इसके बाद, इसके लगभग उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और 22 मार्च की सुबह के आसपास बांग्लादेश-उत्तर म्यांमा तटों के पास पहुंचने की आशंका है। एक बार जब यह प्रणाली चक्रवात में बदल जाती है, तो इसका नाम असानी रखा जाएगा, यह नाम श्रीलंका ने सुझाया है।

Published / 2022-03-17 17:40:43
रांची का तापमान 34° पार, जानें होली के दिन कैसा रहेगा मौसम...

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में मौसम ने अब धीरे-धीरे अपना रुख बदलना शुरू कर दिया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को अब गर्मी का एहसास होने लगा है। 15 मार्च तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है। होली के दिन मौसम की बात करें तो 18 मार्च को मौसम साफ रहेगा। वहीं, 19 मार्च को आसमान में कहीं-कहीं पर आंशिक बादल छाए रहेंगे। पिछले 24 घंटे में झारखंड में मौसम शुष्क रहा। उच्चतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया है, जबकि न्यूनतम तापमान गढ़वा में 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में अगले दो-तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार 2020 में कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के कारण मौसम काफी अच्छा देखने को मिला था। अधिकतम जगह तापमान नॉर्मल देखने को मिला था। झारखंड के मौसम वैज्ञानिक ने फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी और बदलाव को ग्रीन हाउस इफेक्ट को माना है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले 7 वर्षों में 15 मार्च तक राजधानी रांची का अधिकतम तापमान कई बार 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर गया है, इससे मौसम के बदलाव को समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2016 में 15 मार्च तक 2 बार 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, 2017 में एक बार, 2018 में दो बार, 2019 में एक बार, जबकि 2020 में मौसम बिल्कुल सामान्य था। 2021 में 5 बार 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान रिकॉर्ड किया गया, वहीं, 2022 में 15 मार्च तक सिर्फ एक बार 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अभी जो तापमान में बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। बीच में कई बार बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है।

Published / 2022-03-16 16:26:41
बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव से अगले हफ्ते आ सकता है चक्रवात "आसनी"

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर के ऊपर बना कम दबाव का एक क्षेत्र अगले सप्ताह की शुरुआत में एक चक्रवात में बदलने की उम्मीद है और ऐसा पूर्वानुमान है कि यह बांग्लादेश और उससे सटे उत्तरी म्यांमार की ओर बढ़ सकता है। मौसम कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि मंगलवार को बने निम्न दबाव का क्षेत्र (एलपीए) के पूर्व-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने और शनिवार तक पूरी तरह से एलपीए बनने की उम्मीद थी। विभाग ने कहा कि बाद में यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की ओर बढ़ने से पहले कम दबाव का क्षेत्र में बदल गया। मौसम प्रणाली के 21 मार्च को एक चक्रवाती तूफान में बदलने और 22 मार्च तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है। जब यह चक्रवात में बदल जाता है, तो इसका नाम "आसनी" रखा जाएगा, जो कि श्रीलंका द्वारा सुझाया गया एक नाम है। मौसम कार्यालय ने कहा, इसके बाद, यह उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ेगा और 23 मार्च की सुबह तक बांग्लादेश और उससे सटे उत्तरी म्यांमा तट के पास पहुंच जाएगा। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर स्थिति खराब होने की आशंका है। मौसम कार्यालय ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे बुधवार को दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के मध्य भागों में और बृहस्पतिवार तथा शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान तटीय क्षेत्र में न जाएं। कार्यालय ने मछुआरों को शनिवार और मंगलवार के बीच अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर नहीं जाने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रविवार को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

Published / 2022-03-02 08:13:46
झारखंड : उत्तरी भाग में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन से बारिश की आशंका

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मौसम में उतार-चढ़ाव लगातार देखने को मिल रहा है। राज्य में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखा जा सकता है। इसका कारण ओडिशा का साइक्लोनिक सरकुलेशन है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने संभावना जताई है कि ओडिशा के उत्तरी भाग में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन का असर झारखंड में देखने को मिल सकता है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार मार्च में झारखंड के दक्षिणी और मध्य भाग में गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश के आसार हैं। वहीं, 2 मार्च को झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर भी गरज के साथ बारिश का अनुमान है।

Published / 2022-02-27 16:58:59
30-40 किमी रफ्तार की हवा को देख मौसम विभाग अलर्ट

टीम एबीएन, रांची। फरवरी माह की आखिरी सप्ताह में सूर्य का तेवर तीखा हो जाता है और लोगों को गर्मी का एहसास होने लगता है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज बदला सा है। प्रत्येक दो तीन दिनों में हल्की बारिश रही है, जिससे ठंड बढ़ जाती है। रविवार की सुबह से रांची के ऊपर आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक राज्य के कई इलाकों में वज्रपात की संभावना है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पाकुड़, साहिबगंज, देवघर, दुमका, गोड्डा, गढ़वा, गिरिडीह, कोडरमा और लातेहार जिले के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। इसके साथ ही वज्रपात भी गिरने की आशंका है। बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार हवाओं का पैटर्न लगातार बदल रहा है। कभी दक्षिणी पश्चिमी तो कभी उत्तर पूर्वी होने से ठंडक बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि फरवरी की आखिरी सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव लगभग थम जाता है। इससे तापमान बढ़ने लगता है। लेकिन इस साल पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र की ओर सतर्क और सावधान रहने को लेकर दिशा निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहे और पेड़ के नीचे या बिजली के खंभे के नीचे नहीं रहें।

Published / 2022-02-21 15:13:13
2022 में कैसा रहेगा मॉनसून, कितनी होगी बारिश...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस साल मॉनसून कैसा रहने वाला है? मॉनसून में इस बार कितनी बारिश होगी? खरीफ की फसलों के लिए मॉनसून ठीक रहेगा या नहीं? मौसम विशेषज्ञों ने मॉनसून 2022 का पूवार्नुमान लगाते हुए इन सब सवालों पर जानकारी दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहने के संकेत कर रहा है। विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि शुरूआती मॉनसून अच्छा रहेगा, जिसमें अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। किसानों को इससे फायदा पहुंचेगा। उनकी फसलों के लिए यह बारिश बेहद उपयोगी होगी। मौसम पूवार्नुमान एजेंसी स्काईमेट ने दी जानकारी : निजी मौसम पूवार्नुमान एजेंसी स्काईमेट (रह्य८ेी३) ने साल 2022 के लिए प्रारंभिक मॉनसून पूवार्नुमान मार्गदर्शन को जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। एजेंसी के वॉइस प्रेसीडेंस और मौसम वैज्ञानिक डॉ. पालावत ने एक न्यूज वेबसाइट से कहा कि जलवायु पैटर्न ला नीना नीनो धीरे-धीरे कम हो रहा है और तटस्थ स्थिति में जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इसका असर मॉनसून पर नेगेटिव नहीं पड़ेगा। पिछले दो मॉनसून अच्छे रहे हैं। उन्होंने बताया कि मॉनसून की शुरूआत में हमें अच्छी बारिश देखने को मिलेगी, हालांकि अगस्त और सितंबर मध्य में कम बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन कुछ मिलाकर मॉनसून सामान्य रहने की संभावना है। मॉनसून को लेकर किसानों के चेहरे में नहीं होगी मायूसी : उन्होंने कहा कि अगर बारिश की शुरूआत समय पर होती है तो यह मॉनसून किसानों और उनकी फसलों के लिए अनुकूल हो सकता है। शुरूआती मॉनसून बेहतर ही रहेगा। ला नीना कमजोर ही रहेगा और फसलों को लेकर किसानों के लिए मायूसी नहीं रहेगी। वह कहते हैं कि स्काईमेट अप्रैल महीने में मॉनसून 2022 की संभावनाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा। मौसम वैज्ञानिक ने कहा, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान की नकारात्मक स्थितियां कमजोर हो रही हैं। प्रशांत महासागर की यह स्थितियां, खराब मॉनसून की संभावना नहीं बनाती हैं लेकिन तटस्थ सीमाओं के भीतर सामान्य या अधिक वर्षा का कारण नहीं बन सकती है।

Published / 2022-02-04 15:05:52
फल-सब्जियों की खेती कर आय बढ़ा सकते हैं किसान : कृषि वैज्ञानिक

मेदिनीनगर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत कृषि सहकारिता, किसान कल्याण विभाग एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से पाटन प्रखंड के सतउआ गांव में किसान गोष्ठी सह प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। गोष्ठी की शुरूआत कृषि अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने की। मौके पर श्री कुमार ने कहा कि पाटन की ज्यादातर भूमि बलुई-दोमट है। यहां अन्य प्रखंडों की तुलना में सिंचाई के लिए आसानी से जल भी उपलब्ध है। यहां के कृषक फल एवं सब्जियों की खेती कर अपनी आय पांच से छह गुणा बढ़ा सकते हैं। किसान गोष्ठी के बाद सभी कृषकों को आत्मा पलामू के द्वारा कृषक के खेतों में लगे चना की फसल का भ्रमण कराया गया। साथ ही उन्हें इसकी खेती की विस्तार पूवर्क जानकारी दी गयी। प्रखंड कृषि पदाधिकारी असफाक अहमद ने जिला में कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए इसका लाभ लेने की बातें कही। पाटन प्रखंड के एटीएम विनय कुमार ने कृषकों की आय बढ़ाने तथा प्रखंड क्षेत्र में स्वीट कॉर्न का प्रत्यक्षण कराने की बातें कही। मौके पर किसान मित्र अजय मेहता, सहित अनिरूद्ध महतो, प्रमोद सिंह, संतोष तिवारी, रामजन्म सिंह, प्रखंड कृषक सलाहकार समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र साहु, जैवित पाण्डेय, मुरारी पाण्डेय, अजय पाण्डेय, अशोक पाण्डेय, बच्चु यादव, देवन्द्र प्रसाद के अलावा गांव के अन्य कृषक उपस्थित थे।

Published / 2022-02-04 10:53:00
सीएम हेमन्त ने शुरू की राज्य के धरोहर बचाने की तैयारी

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक हुई। यह बोर्ड की 14वीं बैठक थी। जिसमें मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कई महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों के साथ कुल 9 एजेंडों पर चर्चा की। जिसमें 5 एजेंडे स्वीकार किए गए। स्वीकृत किये गये एजेंडो में साहिबगंज के फॉसिल पार्क को बेहतर बनाना, हाथी कॉरिडोर पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। बैठक में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि साहिबगंज में पाए जाने वाले फॉसिल पदार्थ को संरक्षित करें क्योंकि फॉसिल सिर्फ पत्थर नहीं इतिहास के पन्ने हैं। इसका सम्मान करें। वहीं मुख्यमंत्री ने वन्यजीव को सुरक्षित रखने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वन विभाग हाथी कॉरिडोर पर विशेष ध्यान दें। हाथियों के कॉरिडोर से गुजरने वाली सड़कों के किनारे दीवार या लोहे का ऊंचा बैरियर लगा दिया जाता है। जिस वजह से हाथियों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए अंडरपास का निर्माण बेहतर ढंग से करवाया जाए ताकि वन क्षेत्र में हाथी आजादी से विचरण कर सकें। वहीं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सड़क निर्माण में भी बदलाव लाने का दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन विभाग के अधिकारियों को दिया। ताकि जंगल के बगल से गुजरने वाले नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे पर चलने वाले वाहनों से वन्यजीवों को परेशानी ना हो। इस बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिवएल खियांगते, डीजीपी नीरज सिन्हा, वन विभाग के अधिकारी राजीव रंजन, एडीजी प्रशांत कुमार सहित वन विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं वन्य जीव संरक्षण के लिए कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठन के सदस्य व अन्य मौजूद रहे।

Page 54 of 60

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse