वन और पर्यावरण

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Published / 2022-05-10 04:24:08
"असानी" असरदार : 8 राज्यों में भारी बारिश की आशंका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। साइक्लोन "असानी" के कारण मौसम में उलट-पलट जारी है। आंध्रा, ओडिशा , बंगाल में तो पहले से ही भारी बारिश का अलर्ट है तो वहीं तेलंगाना, बिहार और झारखंड में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है और इस वजह से बिहार के 18 जिलों में Yellow Alert जारी किए गए हैं। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि साइक्लोन "असानी" का बहुत ज्यादा असर बिहार में नहीं पड़ेगा लेकिन फिर भी कुछ जगहों परआंधी-तूफान आ सकता है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक चक्रवात "असानी" इस वक्त पुरी के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 590 किमी पर और गोपालपुर, ओडिशा से लगभग 510 किमी की दूरी पर स्थिति है और ये उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। 8 राज्यों में भारी बारिश की आशंका : इसकी वजह से आज अरुणाचल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं और इसलिए यहां पर अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया है। तो वहीं तेलंगाना में भी अगले दो दिनों तक बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के निदेशक नागा रत्ना का कहना है कि तेलंगाना में अगले दो दिनों के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। तो वहीं IMD भुवनेश्वर के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान साइक्लोन और कमजोर हो जाएगा।

Published / 2022-05-09 17:16:22
25 किमी की रफ्तार से आगे बढ़ रहा चक्रवात असानी, आंध्र और ओडिशा में तेज बारिश का अलर्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात असानी 25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि अगले दो दिनों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि असानी के कारण 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं ओर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा है कि असानी के तट से ही समुद्र में वापस मुड़ जाने की संभावनाएं दिख रही हैं। ऐसे में यह आंध्र प्रदेश, ओडिशाा और पश्चिम बंगाल को पार नहीं करेगा। यह जानकारी मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने दी है। उनका कहना है कि दोपहर के समय चक्रवात असानी विशाखापट्टनम से 450 किमी और पुरी से करीब 500 किमी दक्षिण में समुद्र में मौजूद था। उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है असानी : मौसम विभाग का कहना है कि असानी के मंगलवार तक उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और उत्तरी आंध्र प्रदेश व ओडिशा के तटों से पश्चिम मध्य और इससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है। बुलेटिन में कहा गया, इसके बाद यह उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है और ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ सकता है। मध्यम से तेज बारिश का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में समुद्र में हलचल तेज होने की संभावना है और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र से दूर रहने को कहा गया है। चक्रवात के कारण ओडिशा के तटीय इलाके और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के आसपास मंगलवार की शाम से हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी ने ओडिशा के तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में सात से 11 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया है। राज्य सरकार ने गंजाम, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों में 15 ऐसे ब्लॉक की पहचान की है, जहां बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने जिलाधिकारियों को इन 15 ब्लॉक से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने को कहा है। राज्य में 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। भारी बारिश के कारण कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, पुरबा मेदिनीपुर और नदिया सहित दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भीषण चक्रवात की वजह से भारी बारिश हुई है। उन्होंने कहा, दिन में बारिश और बढ़ सकती है। भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का पूवार्नुमान है। हम लोगों को बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेने का सुझाव देते हैं।

Published / 2022-05-09 17:10:33
झारखंड : चक्रवाती तूफान असानी के कारण कई जिलों में हो सकती है बारिश

टीम एबीएन, रांची। रांची सहित पूरे झारखंड में पिछले एक सप्ताह से छिटपुट हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हो रही है। इससे अधिकतम तापमान नीचे गिर रहा है और मौसम सुहाना है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 13 मई तक झारखंड के मौसम में बदलाव नहीं होगा। मौमस वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि चक्रवाती तूफान असानी का असर भी झारखंड के ऊपर पड़ेगा और राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में साइक्लोन असानी का असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी में बना है, जिसका मूवमेंट उत्तर पश्चिम की दिशा में देखने को मिल रहा है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और बंगाल में ज्यादा असर देखने को मिलेगा और इन राज्यों में अच्छी बारिश भी होगी। वहीं, झारखंड में इसका थोड़ा प्रभाव पड़ेगा, जिससे बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने अगले 5 दिनों का पूवार्नुमान बताते हुए कहा कि 9 और 10 मई को झारखंड के एक-दो स्थानों पर हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। 11 मई से चक्रवाती तूफान असानी का असर दिखने लगेगा और आसमान में बादल छाए रहेंगे। इससे 11, 12 और 13 मई को बारिश की संभावना है। इस दौरान वज्रपात की भी आशंका है। पिछले 24 घंटों में राज्य में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई है। सबसे अधिक 4.0 एमएम बारिश साहिबगंज में रिकॉर्ड की गई है। वहीं, डाल्टनगंज सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान सबसे अधिक 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड की गई।

Published / 2022-05-08 10:54:15
चक्रवात "असानी" बदल सकता है अपना रास्ता, झारखंड-बिहार समेत कई राज्यों में दिखेगा असर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 2022 का पहला चक्रवाती तूफान असानी अंडमान सागर से बंगाल की खाड़ी पहुंच चुका है। इसका असर आज शाम से दिखाई देना शुरू हो जाएगा। इसके बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि 10 मई तक यह तूफान ओडिशा के तटों से टकरा सकता है। इस दौरान तूफान के 125 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ने की संभावना है। उधर, मौसम विभाग ने बिहार और झारखंड में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवाती तूफान अपनी दिशा भी बदल सकता है। पहले इसके ओडिशा के तट से टकराने के संकेत मिल रहे थे, लेकिन अब कहा जा रहा है कि तूफान फिलहाल बंगाल की खाड़ी में उच्च दवाब क्षेत्र में है और इसके ओडिशा तट के समानांतर बढ़ने की संभावना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार शाम तक यह बंगाल के समुद्री तट से भी टकरा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल में 10 से 13 मई के बीच भारी बारिश हो सकती है। कम हो सकती है तूफान की गति : मौसम वैज्ञानिक जीके दास ने कहा है कि असानी के उत्तर-पश्चिम से चलने वाली गर्म हवाएं असानी की गति को धीमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया चक्रवात नम हवाओं से ताकत खींचते हैं और अगर एक बार शुष्क और गर्म हवा इसमें प्रवेश कर जाती है तो इनकी गति धीमी हो जाती है। जमीन से टकराने के बाद चक्रवात की ताकत कम हो जाती है। इन राज्यों में दिखेगा असर : चक्रवाती तूफान असानी का असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा दिखने के आसार हैं। इसके अलावा बिहार, झारखंड, सिक्किम, असम, आंध्र प्रदेश में भी इसका असर दिखाई देगा। मौसम विभाग की ओर से इन सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया जा चुका है।

Published / 2022-05-07 14:07:42
उत्तरी तटीय राज्यों से टकरा सकता है चक्रवात, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

एबीएन डेस्क। दक्षिण अंडमान सागर पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और अगले सप्ताह की शुरुआत तक आंध्र प्रदेश-ओडिशा के समुद्र तट तक पहुंचने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और शनिवार तक दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। यह रविवार शाम तक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। मौसम कार्यालय ने चक्रवाती तूफान के मद्देनजर अगले सप्ताह मंगलवार से शुक्रवार के बीच पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में गरज के साथ छीटें पड़ने तथा भारी बारिश होने की भी चेतावनी दी है। ओडिशा सरकार के अनुसार, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए आपदा मोचन बल और दमकल सेवाओं को तैयार रहने को कहा गया है। क्षेत्र में पिछली तीन गर्मियों में चक्रवाती तूफान आए थे। ओडिशा में 2021 में यास, 2020 में अम्फान और 2019 में फानी तूफान आया था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि निम्न दाब के क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में दबाव के क्षेत्र में बदलने तथा पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। यह 10 मई तक तट पर पहुंच सकता है। NDRF के 17 और दमकल विभाग के 175 दल तैनात महापात्र ने कहा, हमने अभी यह अनुमान नहीं जताया है कि यह कहां दस्तक देगा। हमने इसके दस्तक देने के दौरान हवा की संभावित गति का भी कोई जिक्र नहीं किया है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा, हमने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) के 17 दलों, ओडीआरएएफ (ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल) और दमकल विभाग के 175 दलों को बुलाया है। इसके अलावा, एनडीआरएफ प्राधिकारियों से किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 और दलों को तैयार रखने का अनुरोध किया गया है। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने कहा कि जगतसिंहपुर, गंजम और खोरधा जिले भारी वर्षा से प्रभावित होंगे, जबकि ओडिशा के तटीय भागों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह : जेना ने बताया कि समुद्र में मछुआरों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को चौकन्ना रहने को कहा गया है। महापात्र ने कहा, आईएमडी सात मई को दबाव का क्षेत्र बनने के बाद ही चक्रवात, उसकी हवा की गति, दस्तक देने के स्थान के बारे में जानकारियां दे सकता है। नौ मई से समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को वहां नहीं जाना चाहिए। हमारा अनुमान है कि चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। दमकल सेवाओं के महानिदेशक एसके उपाध्याय ने कहा कि दमकल कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जेना ने बताया कि जिलाधीशों को सतर्क कर सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

Published / 2022-05-06 17:22:49
देश के पूर्वी तट पर एक और चक्रवात की आहट ने बढ़ायी बेचैनी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर शुक्रवार को निम्न दाब का क्षेत्र बनने से चक्रवाती तूफान आने के आसार हैं। इस तूफान के आंध प्रदेश और ओडिशा तट पर अगले हफ्ते की शुरुआत तक पहुंचने की आशंका है, जिसके मद्देनजर ओडिशा में चेतावनी जारी की गई है। इस समुद्री तूफान के आने से पूर्वी तटीय राज्यों में भारी बारिश होगी। मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा कि दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के आसार हैं, जिससे बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य में एक चक्रवाती तूफान उत्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि इसके 10 मई को तट पर पहुंचने की आशंका है। महापात्र ने कहा कि अभी तक कोई पूर्वानुमान नहीं लगाया गया है कि ये कहां सबसे पहले आयेगा। महापात्र ने कहा कि जब समुद्री तूफान तट के पास पहुंचता है, तो हम कह सकते हैं कि ये कहां टकराएगा। नौ मई से समुद्र की स्थिति खराब हो सकती है, इसलिए मछुआरों को बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अनुमान के मुताबिक चक्रवाती तूफान की गति समुद्र में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी। दमकल कर्मियों की रद्द की गईं सभी छुट्टियां : मौसम कार्यालय ने चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए अगले हफ्ते मंगलवार से शुक्रवार के बीच गंगा नदी के क्षत्र में आने वाले पश्चिम बंगाल के जिलों में बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पीके जेना ने कहा कि एनडीआरएफ की 17 टीम, ओडीआरएएफ की 20 टीम और दमकल सेवाओं की 175 टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अग्निशमन सेवा के महानिदेशक एसके उपाध्याय ने कहा कि दमकल कर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत में सात मई से और मध्य भारत में आठ मई से फिर से लू चलने की संभावना जताई है। आईएमडी ने कहा कि राजस्थान में सात मई से नौ मई तक और आठ मई और नौ मई को दक्षिण हरियाणा, दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में लू की स्थिति बनने का अनुमान है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण कम बारिश के साथ, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में 122 वर्षों में इस साल अप्रैल सबसे गर्म रहा, जिसमें औसत अधिकतम तापमान क्रमशः 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस था।

Published / 2022-05-04 13:46:48
झारखंड : 8 मई तक कई जिलों में गरज के साथ बारिश दिलाएगी गर्मी से राहत

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में तपती गर्मी से आम लोगों को राहत मिली है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले कुछ दिन और झारखंडवासियों को गर्मी नहीं सताएगी। पिछले दिनों हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है इससे लोगों को राहत मिली है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने अनुमान लगाया है कि अगले कुछ दिनों में रांची से सटे मध्य भाग और संथाल के इलाकों में बारिश हो सकती है। झारखंड में तीन सिनेप्टिक फीचर है जो यहां के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। पहला दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना हुआ है। जिसका प्रभाव झारखंड में पड़ रहा है, दूसरा पंजाब से झारखंड क्रॉस करते हुए बांग्लादेश तक टर्फ लाइन बना हुआ है, इसका प्रभाव भी झारखंड पर देखा जा रहा है। तीसरा दक्षिणी अंडमान सागर में एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बना है जिसके प्रभाव से 6 मई को उस क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बन जाएगा और यह विस्तार होते हुए गंभीर निम्न दबाव का क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। इसका प्रभाव भी आने वाले दिनों में झारखंड में देखने को मिल सकता है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए बताया है कि 4, 5 और 6 मई को राज्य के दक्षिणी भाग रांची से सटे मध्य भाग और संथाल के इलाकों में गरज और वज्रपात के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। 7 और 8 मई को राज्य के संथाल कोल्हान और मध्य भाग में वज्रपात और गर्जन के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रहेगी। वहीं राज्य के उत्तर पश्चिमी भाग को छोड़कर सभी जिलों में तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड की गई है। जिस कारण आम जनों को गर्मी से राहत मिलते हुए दिख रही है और यह क्रम कुछ दिन और झारखंड में बरकरार रहेगा।

Published / 2022-05-02 15:06:37
जल्द मिलेगी हीटवेव से मुक्ति, दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी बारिश

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर पश्चिमी भारत के लिए येल्लो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित भारत के अधिकांश राज्यों में "लू" के अब खत्म होने के आसार है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान और विदर्भ में लू की स्थिति फिलहाल बने रहने की संभावना है, लेकिन चिलचिलाती गर्मी का प्रभाव कुछ समय के लिए कम हो जाएगा। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने बताया कि ओडिशा और बंगाल में "लू" की लहर 30 अप्रैल को ही खत्म हो गई, जैसा कि भविष्यवाणी की गई थी। वहीं, अगले दो से तीन दिनों में यहां तेज हवाओं के चलने का दौरा शुरू होगा। पश्चिमी विक्षोभ होने की वजह से मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिमी भारत को येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 3 मई को बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ रात मिलेगी। आईएमडी के विश्लेषण के मुताबिक, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में येलो अलर्ट है। कल (मंगलवार) तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होने की भी पूरी संभावना है। मई में अच्छा रहेगा मौसम : जेनामणी ने आगे बताया कि पश्चिमी विक्षोभ काफी एक्टिव है। हवा का रुख दिल्ली, लखनऊ और जयपुर में देखा जा सकता है। वहीं, अगले 6 से 7 दिनों के दौरान पूर्वी हवाएं भी तेज रहेंगी, जिससे तापमान में वृद्धि नहीं होगी। IMD ने बताया कि पिछले दिनों पड़ी भीषण गर्मी के बाद यह बड़ी राहत की बात है। 7 मई तक हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद क्या स्थिति रहेगी, इसकी जानकारी तापमान के विश्लेषण के बाद ही दी जा सकेगी। लेकिन अभी मई में स्थिति अच्छी रहने की संभावना है।

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