वन और पर्यावरण

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Published / 2023-05-17 21:12:21
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी... अगले 5 साल भीषण गर्मी से झुलसेगी पूरी दुनिया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले पांच साल दुनियाभर में भयंकर गर्मी पड़ सकती है। अगले पांच साल अब तक के सबसे गर्म साल हो सकते हैं। यूएन वेदर एजेंसी ने कहा ग्रीनहाउस गैसें और अल नीनो मिलकर तापमान को बढ़ा रहे हैं। 

वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल आर्गेनाइजेशन ने बताया पेरिस जलवायु समझौते में जो ग्लोबल टेम्परेचर्स सेट किया गया था, वह उससे पार करने वाला है। अगले पांच साल दुनियाभर में जबरदस्त गर्मी देखने को मिलेगी। एजेंसी ने बताया कि 2015-2022 के साल अब तक के सबसे गर्म साल रहे हैं। 

यूएन वेदर एजेंसी ने बताया कि क्लाइमेट चेंज में तेजी के चलते तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल आगेर्नाइजेशन ने बताया कि 98 फीसदी संभावना है कि अगले पांच साल पूरी दुनिया में भयंकर गर्मी होगी। डब्ल्यूएमओ ने बताया कि 66 प्रतिशत संभावना है कि 2023-27 के बीच एनुअल ग्लोबल सरफेस का तापमान 1.5 से अधिक हो जायेगा। 

इन पांच साल में हर साल के लिए 1.1 से 1.8 का लिमिट रखा गया है। यूएन वेदर एजेंसी के चीफ पेटेरी तालस ने बताया कि डब्ल्यूएमओ के लिए खतरे की घंटी बज रही है कि हम टेम्परेरी बेसिस पर 1.5 के स्तर को पार कर जायेंगे। एजेंसी ने बताया कि आगामी दिनों में अल नीनो के डेवलप होने की प्रबल संभावना है। 

यह मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन के साथ मिलकर वैश्विक तापमान को अज्ञात क्षेत्र में धकेल देगा। हेल्थ, फूड सिक्योरिटी, वाटर मैनेजमेंट और एनवायरनमेंट पर इसके गहरे प्रभाव पड़ेंगे। इसके लिए हमें तैयार रहने की आवश्यकता है। अल नीनो प्रशांत महासागर में आने वाला एक किस्म का मौसमी बदलाव है। 

इस दौरान मौसम में कभी भी बदलाव आ सकता है। बेमौसम बारिश, प्रचंड गर्मी, कभी सर्दी... जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगती है। अल नीनो के विकसित होने के बाद के 2024 में वैश्विक तापमान बढ़ेगा। डब्ल्यूएमओ ने कुछ दिन पहले कहा था कि अल नीनो के विकसित होने की संभावना जुलाई के अंत तक 60 फीसदी और सितंबर के अंत तक 80 फीसदी थी।

Published / 2023-05-17 18:14:21
झारखंड : 40-45 डिग्री पारा और चिलचिलाती धूप से परेशान हैं राज्यवासी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बारिश के बाद मौसम ने करवट ले ली है। अब झारखंड का पारा हाई हो गया है। तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच चला गया है। लोग चिलचिलाती धूप से परेशान नजर आ रहे हैं। लू के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। 

गर्मी का आलम यह है कि दोपहर 12 के बाद से बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है। मार्केट में इक्के दुक्के लोग ही नजर आते हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। लोगों से लू और धूप में बेवजह नहीं निकलने की हिदायत दी गयी है। 

अभी कुछ दिन पहले तक झारखंड का मौसम बारिश की वजह से सुहावना हो गया था। अब फिर से मौसम गर्म रहने लगा है। झारखंड राज्य में पिछले 24 घंटों की बात करे तो इसमें सबसे ज्याद तापमान वाले शहरों में जमशेदपुर का स्थान पहले पायदान पर है। 

जहां का तापमान 42 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। शहर में लोग प्रतिदिन लोग गर्म हवाएं और लू की चपेट में आने से बीमार पड़ रहे हैं। वहीं, राजधानी रांची की बात करें तो यहां का पारा भी 40 से ऊपर दर्ज किया गया है। बढ़ती गर्मी से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है।

हालांकि राहत वाली बात ये है कि रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने ये अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटे में मौसम के फिर से करवट ले सकती है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। बारिश के बाद तपती गर्मी में लोगों को राहत मिलेगी।

Published / 2023-05-14 19:00:23
म्यामांर में लैंडफॉल कर बांग्लादेश के कॉक्स बाजार तट से टकरायेगा मोचा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मोचा भारतीय समुद्र तट से दूर बांग्लादेश और म्यांमार के तटीय क्षेत्रों के करीब पहुंच गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को बताया कि तड़के करीब तीन बजे मोचा भारतीय समुद्र तट पोर्ट ब्लेयर से 750 किलोमीटर दूर उत्तर पश्चिम पहुंच गया। यह बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से 350 किलोमीटर और म्यांमार के सितवे समुद्र तट से 260 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में अवस्थित है। यह 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। 

लैंडफॉल के समय इसकी अधिकतम गति 210 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। इस वजह से जानमाल के भारी नुकसान की आशंका है। विभाग के मुताबिक सबसे पहले चक्रवात म्यांमार के समुद्र तट पर लैंडफॉल करेगा। इसके बाद बांग्लादेश के कॉक्स बाजार तट पर टकरायेगा। इसके प्रभाव से इन दोनों देशों में तेज आंधी, तूफान के साथ बारिश हो रही है। तटीय क्षेत्रों से अधिकतर लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा चुका है। इस चक्रवात के प्रभाव से कोलकाता के साथ ही दक्षिण 24 परगना और पूर्व तथा पश्चिम मेदिनीपुर के तटीय इलाकों में भी बारिश शुरू हो गयी है। 

भारत के तटीय इलाकों में इसका अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। बावजूद इसके सुरक्षा के लिहाज से एनडीआरएफ की टीमें समुद्र तटीय क्षेत्रों में तैनात हैं। बरसात की वजह से कोलकाता के तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम) और न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Published / 2023-05-13 11:47:57
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मोचा बांग्लादेश के और करीब पहुंचा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान मोचा और प्रभावी हो गया है। शनिवार तड़के पांच बजे यह चक्रवात भारत से दूर तथा बांग्लादेश के कॉक्स बाजार और म्यांमार के सीतवे समुद्र तटीय इलाके की ओर आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। 

फिलहाल यह पोर्ट ब्लेयर से 565 किलोमीटर उत्तर पश्चिम और बांग्लादेश के कॉक्स बाजार से 760 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पश्चिम में अवस्थित था। यह म्यांमार के समुद्र तट से 690 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में है।

मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि यह रविवार दोपहर 150 से 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बांग्लादेश और म्यांमार के समुद्र तटीय क्षेत्रों में लैंडफॉल करेगा। इस वजह से जानमाल के भारी नुकसान की आशंका है। 

पश्चिम बंगाल के साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर इसका बहुत अधिक असर नहीं होगा। भारी बारिश होने के साथ तेज हवा चल सकती हैं। इसलिए सतर्कता बरतते हुए इन राज्यों में एसडीआरएफ के साथ एनडीआरएफ की तैनाती की गयी है।

इधर, चक्रवात के प्रभाव के बावजूद पश्चिम बंगाल के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यहां एक दिन पहले अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। यह सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है।

कोलकाता के अलावा हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के साथी पुरुलिया बांकुरा आदि क्षेत्रों में भी तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब है।

Published / 2023-05-13 10:16:15
झारखंड : हिटवेव और तापमान में बढ़ोतरी से लोग त्रस्त

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हीटवेव और तापमान में वृद्धि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आसमान आग उगल रहा है। सड़कें तप रही है। दोपहर को घर से कहीं निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है। 

गोड्डा में पारा 43 पार है। अगले 3-4 दिनों में गर्मी से राहत की उम्मीद भी नहीं है। इधर, भीषण गर्मी के बीच अस्पतालों में लू की चपेट में आकर बीमार पड़ने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्थानीय अस्पतालों में जहां औसतन प्रतिदिन 20-30 मरीज आते थे वहीं अब ओपीडी में मरीजों की संख्या 70 के पार जा रही है। सब में लक्षण समान हैं। लोग उल्टी, पेट दर्द, सिर दर्द, तेज बुखार, दस्त और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल आ रहे हैं। 

चिकित्सकों की मानें तो यह सारे लक्षण हीटवेव की वजह से बीमार पड़ने के हैं। चूंकि गर्मी से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है तो फिर उपाय क्या है? 

हीटवेव, भीषण गर्मी और तापमान में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को कुछ सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों के परामर्श से कुछ उपाय बताये हैं जिनसे भीषण गर्मी में खुद को स्वस्थ्य रखा जा सकता है। 

  • चिकित्सकों की मानें तो गर्मी में लोगों को स्ट्रीट फूड खाने से परहेज करना चाहिए।
  • लोगों के तला-भुना और मसाले वाले भोजन से परहेज करना चाहिए। सादा भोजन करना चाहिए।
  • जितना हो सके तरल पदार्थ (पानी, छाछ, लस्सी, नींबू-पानी, शर्बत और नमक-चीनी का घोल) का सेवन करना चाहिए।
  • मौसम फल जैसे कि तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी आदि का सेवन करना चाहिए।
  • गर्मियों में कच्चे आम और बेल का शर्बत भी लाभदायक होता है।

Published / 2023-05-12 18:51:42
भीषण चक्रवात में बदला मोचा, बांग्लादेश-म्यांमार की ओर बढ़ा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चक्रवात मोचा तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह शुक्रवार को भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। इस दौरान 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा चली। अनुमान है कि यह बांग्लादेश-म्यांमार तट की ओर बढ़ रहा है। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, सुबह 5:30 बजे चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में, पोर्ट ब्लेयर से लगभग 520 किलोमीटर पश्चिम में और कॉक्स बाजार के 1,100 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में था। 

175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी 

मौसम विभाग कार्यालय ने बताया कि चक्रवात मोका और तेज होता जायेगा। यह कॉक्स बाजार और म्यांमार में बंदरगाह शहर सित्त्वे के करीब क्यौकप्यू के बीच रविवार को समुद्र तट से टकरायेगा। इस वजह से 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। मछुआरों, जहाजों, नावों और ट्रॉलरों को मध्य और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर में नहीं जाने की सलाह दी गई है। 

भारत में यहां बारिश के आसार 

चक्रवाती तूफान के कारण त्रिपुरा और मिजोरम में शनिवार से भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर और दक्षिण असम में रविवार को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। 

क्या होगा मोचा का रूट

मोचा तूफान के रूट को लेकर मौसम विभाग ने पहले अनुमान लगाया था कि चक्रवात भारत के दक्षिण तटीय क्षेत्रों, ओडिशा और दक्षिण-पूर्व गंगीय पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। हालांकि अब चक्रवात के क्षेत्र को देखने के बाद पता चला कि यह बंगाल की खाड़ी से उठकर उत्तर-पूर्वोत्तर बांग्लादेश-म्यांमार तट की आरे मुड़ गया है। 

नाम कैसे पड़ा मोचा 

इस शक्तिशाली तूफान को मोचा नाम मिडिल ईस्ट एशिया के एक देश यमन ने दिया है। मोचा यमन का एक शहर है, जिसे मोखा भी कहते हैं। ये शहर अपने कॉफी व्यापार के लिए जाना जाता है। इसी के नाम पर मोचा कॉफी का भी नाम पड़ा।

Published / 2023-05-12 18:50:17
कड़ी धूप में सिर पर बैग और प्लास्टिक रखकर घर जाते दिख रहे स्कूली बच्चे

  • गर्मी का असर बढ़ने के बाद दोपहर एक बजे तक चल रहे सरकारी स्कूल

टीम एबीएन, रांची। गर्मी का असर बढ़ने के बाद 19 अप्रैल को समय में बदलाव किया गया था। केजी वन से पांचवीं कक्षा के लिए सुबह सात से 11 बजे तक और कक्षा छठी के ऊपर के लिए समय सुबह सात से 12 बजे तक निर्धारित किया गया था। 

इसके बाद अचानक से मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया। बारिश होने लगी। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गयी थी। इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 25 अप्रैल को पत्र जारी कर समय में फिर से बदलाव कर दिया गया। 

अब सुबह सात से दोपहर एक बजे तक विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। दोपहर एक से दो बजे तक खेलकूद कराना है। धनबाद जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंच गया है। भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोगों ने दोपहर में घरों से निकलना कम कर दिया है। 

मौसम विभाग केंद्र दिन में 11 से शाम चार बजे तक धूप से बचने की सलाह जारी कर रहे है। वहीं सरकारी विद्यालय सुबह सात से दोपहर एक बजे तक चल रहा है। कड़ी धूप में बच्चे सिर पर बैग व प्लास्टिक रखकर स्कूलों से घर जाते दिख रहे हैं। ऐसे में बच्चों के तबीयत खराब होना भी आम है। 

यहीं कारण है कक्षा एक से सातवीं की वार्षिक परीक्षा चलने के बाद भी 20 से 30 प्रतिशत तक बच्चे अनुपस्थित रह रहे हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। कड़ी धूप के कारण 11 बजे के बाद घरों से बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। 

ऐसे में छोटे बच्चे परीक्षा देने के बाद स्कूलों में रूक रहे हैं। दोपहर में घर लौट रहे है। राजधानी रांची में भीषण गर्मी सितम ढा रही है। आसमान से बरस रही आग से लोग परेशान हैं। दिन में गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। 

गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी से आमलोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का भी हाल बेहाल है। तपती दोपहरी में स्कूल से लौटते समय बच्चों की हालत खराब हो जा रही है। इससे अभिभावक भी परेशान हैं। गर्मी में बच्चे व बुजुर्गों को सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

Published / 2023-05-11 13:10:36
देश के कई राज्यों में तबाही मचा सकता है चक्रवात मोचा

  • इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश संभावना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी में उफान मार रहा नया उष्णकटिबंधीय चक्रवात  मोचा इस समय देश में सुर्खियों में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा गहरा दबाव आज यानी 11 मई एक चक्रवाती तूफान मोचा बदल गया। 

इसका असर कई राज्यों में देखने को मिलेगा। इससे बंगाल की खाड़ी के नजदीकी तटीय राज्यों में तेज हवाएं और बारिश होगी जबकि मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ेगा। फिलहाल चक्रवाती तूफान  मोका  बांग्लादेश में कॉक्स बाजार से 1210 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और पोर्ट ब्लेयर से लगभग 510 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है। आज आधी रात तक इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 मई को चक्रवाती तूफान मोचा तबाही मचा सकता है और 12 मई की सुबह तक बहुत गंभीर चक्रवात बन जायेगा। इसके बाद इसके उत्तर-पूर्व दिशा में फिर से मुड़ने की संभावना है और 14 मई की दोपहर तक दक्षिण पूर्व बांग्लादेश और उत्तरी म्यांमार तट के बीच लैंडफॉल कर सकता है।

इन इलाकों में तेज हवाएं और बारिश संभव
मोचा के असर से आज अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। अंडमान सागर और बंगाल की दक्षिणपूर्व खाड़ी में समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहेगी। लहर की ऊंचाई बहुत अधिक होगी, 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इसके अलावा कर्नाटक, केरल, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  असम, तमिलनाडु के सिक्किम भागों और तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश संभव है। वहीं, उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में दिन का तापमान और बढ़ सकता है।

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