एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन मेंं चिली के एसेन के तट पर मध्यम भूकंप के झटके महसूस किये। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने यह जानकारी दी।
स्थानीय समयानुसार मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात 01:58 बजे आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 मापी गयी। भूकंप का केंद्र 10.0 किमी की गहराई में 44.25 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 78.39 डिग्री पश्चिम देशांतर में था।
टीम एबीएन, रांची। चक्रवाती तूफान मिचौंग का आंशिक असर झारखंड पर भी पड़ेगा। इसके प्रभाव से 06 और 07 दिसंबर को मुख्य रूप से पूरे राज्य में बादल छाये रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
इस अवधि में राज्य में न्यूनतम तापमान सामान्य से 02 से 03 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने के कारण अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रहेगा। चक्रवात मिचौंग पश्चिम मध्य-दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण आंध्र तट, उत्तरी तमिलनाडु तट पर भीषण तूफान में तब्दील हो गया है।
यह उत्तर की ओर बढ़ रहा है और मंगलवार दोपहर मछलीपट्टनम और निल्लोर के बीच टकरायेगा और गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जायेगा। उस समय इसकी गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इस दौरान 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान मिचौंग में बदल गया है। जो सोमवार यानी 4 दिसंबर की सुबह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के पास नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच टकरा सकता है।
भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के पूर्वानुमान के मुताबिक, मिचौंग तूफान के असर से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। जिससे भारी तबाही मच सकती है। तूफान की संभावना के चलते तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गयी है।
ओडिशा के लिए भी जारी किया गया अलर्ट
वहीं ओडिशा के लिए भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के वैज्ञानिक उमाशंकर दास के मुताबिक हमें आशंका है कि यह प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में और तेज हो जायेगी और यह उत्तर-पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ेगी।
इसके प्रभाव में, हल्के से मध्यम ओडिशा के तटीय जिलों समेत दक्षिण ओडिशा के कई हिस्सों में 3 दिसंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। जिससे बहुत भारी बारिश हो सकती है। जिसके चलते 4 दिसंबर के लिए पीला अलर्ट और 5 दिसंबर के लिए नारंगी अलर्ट जारी किया है। जिले के सभी मछुआरों को चार दिसंबर की शाम से अलगे आदेश तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और बांग्लादेश में शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9.05 बजे दोनों देशों में 5.6 तीव्रता के भूकंप से जमीन कांपी।
अभी तक दोनों ही देशों में इस भूकंप से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। भूकंप के ये झटके पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में भी महसूस किये गये।
भूकंप का केंद्र दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में 55 किलोमीटर गहराई में था। पश्चिम बंगाल आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि फिलहाल राज्य में कहीं से किसी नुकसान की खबर नहीं मिली है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोलकाता में बेमौसम बारिश की वजह से आस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मैच पर ब्रेक लग गयी थी। वहां बदले मौसम ने झारखंड पर भी असर डाला है।
मौसम केंद्र रांची के मुताबिक राज्य के पूर्वी भागों मसलन संथाल के इलाकों में कहीं-कहीं हल्के दर्जे की बारिश हो सकती है। मौसम में हुए बदलाव का असर राजधानी रांची में भी दिखने लगा है।
रांची के आसमान में बादलों की आंखमिचौनी चल रही है। हालांकि रांची में बारिश की संभावना नहीं है। इसकी वजह से अगले दो दिनों तक पूर्वी और मध्य भागों में धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम में हुए बदलाव की वजह बंगाल की खाड़ी के पश्चिम मध्य में बना डीप डिप्रेशन है। जो आगे चलकर उत्तर-पूर्व की ओर शिफ्ट होगा और साइक्लोनिक स्टॉर्म में तब्दील हो जायेगा।
इसका सबसे ज्यादा असर बांग्लादेश पर पड़ेगा। मौसम केंद्र का मानना है कि 17 नवंबर को भी आंशिक बादल छाये रह सकते हैं। इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा। 18 नवंबर से धूप की कमी पूरी हो जायेगी।
यह छठ व्रतियों के लिए सुकून देने वाली खबर है। जहां तक तापमान की बात है तो पिछले 24 घंटे में अधिकतम पारा गोड्डा में 30.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। वहीं न्यूनतम पारा 13.4 डिग्री सेल्सियस गढ़वा का रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तरकाशी में एक बार फिर भूकंप आया है। देर रात 02.02 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 मैग्नीट्यूड रही।
भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। भारतीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर थी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में पिछले 7 महीने में 13 बार भूकंप आ चुके हैं।
देर रात आया भूकंप 7वें महीने में इस जिले में आया 13वां भूकंप रहा। हालांकि इन भूकंप में अभी तक किसी तरह के जन धन की हानि नहीं हुई है। इसके बावजूद बार-बार भूकंप आने से लोग डरे हुए हैं। भू वैज्ञानिक भी इसे बड़े भूकंप का ट्रेलर मान रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजधानी में गुरुवार की सुबह वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गयी। हालांकि, मौसम की स्थिति अनुकूल होने की संभावनाओं के मद्देनजर शहर में दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी आने की उम्मीद जतायी जा रही है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) वीरवार सुबह आठ बजे 420 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार शाम चार बजे यह 426 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा तैयार एक्यूआई मानचित्र में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कई जगहों पर लाल बिंदू (खतरनाक वायु गुणवत्ता का संकेत) दिखाये गये हैं।
दिल्ली के पड़ोसी शहर गाजियाबाद में एक्यूआई 369, गुरुग्राम में 396, नोएडा में 394, ग्रेटर नोएडा में 450 और फरीदाबाद में 413 दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों के मुताबिक, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की तरफ बदलने से भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाने से निकलने वाले धुएं के योगदान को कम करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, हवा की धीमी गति इस प्रक्रिया पर विपरीत असर डालेगी। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की गति मौजूदा समय में लगभग पांच से छह किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 11 नवंबर को लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे हो जायेगी, जिससे दिवाली से पहले प्रदूषक तत्वों को तितर-बितर करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को 38 फीसदी प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाये जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची समेत झारखंड के मौसम में बदलाव आ रहा है। हवा के रुख में बदलाव आने से आसमान में बादल छा रहे हैं। शुक्रवार को राजधानी समेत राज्य के दक्षिणी भागों में हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है।
हालांकि तीन नवंबर के बाद बादल छंट जायेंगे और मौसम साफ होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। बादल छाने के कारण राज्य में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि होगी। वहीं, अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री की गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार देश के पश्चिमोत्तर भाग में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव है। इससे झारखंड के ऊपरी वातावरण में हल्के बादल छाए हुए हैं, जबकि वातावरण के निचले हिस्से में दक्षिण पूर्व की नम हवाएं आ रही हैं। इससे बादल गहराएंगे और राजधानी समेत राज्य में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना बनी है।
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