टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा रांची मानव सेवा हेतु निरंतर प्रयत्नशील है। इसी क्रम में अग्रवाल सभा ने 18वां आधुनिक प्याऊ का निर्माण प्रसिद्ध समाजसेवी राजकुमार मित्तल के बहुमूल्य सहयोग से जिला स्कूल शहीद चौक के परिसर में करवाया।
राजकुमार मित्तल ने सपत्नीक विधिवत पूजन कार्य करके नवनिर्मित प्याऊ का उद्घाटन किया। इस आधुनिक प्याऊ का निर्माण राजकुमार मित्तल एवं संगीता मित्तल ने अपनी पूजनीय माता-पिता स्व नंदकिशोर मित्तल एवं स्व चंद्रकला देवी की पुण्य स्मृति में करवाया है।
मौके पर अग्रवाल सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया ने मित्तल परिवार के प्रति आभार आभार व्यक्त करते हुए कहा मानव सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। स्थायी आधुनिक प्याऊ लगने से सभी को शुद्ध ठंडा जल मिल सकेगा। उन्होंने कहा है कि जल ही जीवन है जल है तो कल है।
मौके पर सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया, मंत्री मनोज चौधरी, पूर्व अध्यक्ष अशोक नारसरिया, पवन पोद्दार, प्रमोद अग्रवाल, प्रेम मित्तल, मनोज रुईया, आनंद जालान, विजय खोवाल, सुनील केडिया, सुनील पोद्दार, प्रमोद बगड़िया तथा अग्रवाल सभा के सदस्यगण एवं मित्तल के परिवारगण, बंधुगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी की विद्वान शिष्या समणी मधुर प्रज्ञा जी, शुभ प्रज्ञा जी, मनन प्रज्ञा जी आदि ठाना 3 का प्रवास दिगंबर जैन भवन रांची में चल रहा है। प्रतिदिन सुबह 8:45 से 9:45 प्रवचन, दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक ज्ञान चर्चा तथा रात्रि 8:15 से अरिहंत वंदना की जाती है।
आज अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए समणी मधुर प्रज्ञा जी ने कहा कि अष्ट मंगल भावना में दूसरी मंगल भावना है श्री संपन्नोहं स्याम अर्थात में अनुशासन संपन्न बनूं। जीवन की बागडोर को चलाने के लिए पग-पग पर हमें अनुशासन की जरूरत है। एक कार चलाने वाला यदि सीट बेल्ट को नहीं बांधता है, तो उसे जुर्माना देना पड़ता है; क्योंकि उसने अनुशासन का नियम का भंग किया है।
इसलिए यदि हमें अपने जीवन को शिखर तक पहुंचाना है तो अनुशासन को समझना जरूरी है। मन का अनुशासन, वचन का अनुशासन, काया का अनुशासन जहां होता है वहां व्यक्ति अपने मन को नियंत्रित कर सकता है, अपने वाणी को नियंत्रित कर सकता है तथा उसमें विवेक होता है कि हमें कहां पर किसके सामने कैसी शिष्ट भाषा का प्रयोग करना है। आचार्य श्री तुलसी जी ने कहा है निज पर शासन- फिर अनुशासन।
समणी जी ने आगे फरमाते हुए कहा कि इंद्रियों का संयम भी बहुत जरूरी है, यदि इंद्रियों पर अनुशासन नहीं होगा तो अनेक बीमारियों को आमंत्रण स्वत: मिल जायेगा। स्वस्थ और अच्छा जीवन जीना है तो अनुशासन के महत्व को समझे और अपने जीवन रूपी गाड़ी को सही पटरी पर चलायें।
आज के प्रवचन में समाज के काफी श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे। शाम में धार्मिक प्रश्नोत्तरी एवं भजन आदि का कार्यक्रम हुआ जिसमें बच्चों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी की विद्वान शिष्या समणी मधुर प्रज्ञा जी, शुभ प्रज्ञा जी, मनन प्रज्ञा जी आदि ठाना 3 का प्रवास रांची में चल रहा है। प्रतिदिन सुबह 8:45 से 9:45 प्रवचन, दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक ज्ञान चर्चा तथा रात्रि 8:15 से अरिहंत वंदना की जाती है। आज के प्रवचन में समणी मधुर प्रज्ञा जी ने श्री अर्थ के बारे में तथा बुजुर्गों की सेवा के बारे में बताया।
समणी जी ने बताया कि श्री अर्थात लक्ष्मी लक्ष्मी का वास वहीं होता है जिस घर में बड़ो बुजुर्गों का सम्मान होता है तथा जहां कलह क्लेश नहीं होता है। जिस घर के बुजुर्ग का सम्मान होता है वे खुश रहते हैं तथा घर में शांति एवं आपसी रिश्तों में प्रेम होता है वहां लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करती हैं। घर के लोगों को आपसी छोटी-छोटी बातों पर टकराव, मनमुटाव से बचना चाहिए।
आजकल छोटी छोटी बातों पर आपस मे बोलचाल बंद हो जाती है। कभी कभी पति पत्नी का तलाक भी हो जाता है। यह हमारी संस्कृति नहीं है। पुराने लोग घर में कितने भी मतभेद हो जाते थे पर साथ में ही मिल-जुल कर रहते थे। माता-पिता की बुढ़ापे में हमें सेवा करनी चाहिए। अच्छे से देखभाल करनी चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में जब हम भी वृद्ध होंगे तो हमारे बच्चे भी आज की हमारी बुजुर्गों की सेवा देखकर हमारी सेवा करेंगे।
प्रत्येक माता पिता चाहते हैं कि बुढ़ापे में उनके बच्चे उनका सम्मान करें तथा उनकी जरूरत के अनुसार देखभाल करें और उनकी सेवा करना हमारा सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है। हमें हमेशा अपने घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना चाहिए तथा उनके अनुभव से सीखना चाहिए।
हमारे पास बुद्धि, शक्ति, पैसा सब हो सकता है पर अनुभव हमारे घर के बड़े बुजुर्गों के पास ही मिलेगा। जीवन में कभी कभी ऐसा समय भी आता है जब हम समस्या में हो और उससे निकल पाने का तरीका हमे समझ नहीं आता है। परंतु घर के बुजुर्ग हमे आसानी से संकट का हल बता देते है, इसे एक कहानी के माध्यम से समणी जी ने समझाया।
आज काफी संख्या में समाज के लोग प्रवचन में उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से तेरापंथ सभा के अध्यक्ष विमल दस्सानी, अमरचंद बैंगानी, लाल चंद बोथरा, कोमल गेलड़ा, अशोक सुराणा, संजय सिंघी, प्रकाश चंद नाहटा, देवचंद पींचा, अमित बैंगानी, ललित सेठिया, सुमन बरमेंचा, रूबी बांठिया आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सोशल डेस्क। शक्तिपीठ सेक्टर टू के यज्ञशाला में उपाचार्य मंडल ने बताया कि ब्रह्म गायत्री है और गायत्री ही ब्रह्म है। इसलिए जो गायत्री की उपासना करता है, वह ब्रह्म की ही उपासना करता है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है- छंदों में मैं गायत्री छंद हूं। गायत्री को कामधेनु भी कहा गया है; क्योंकि गायत्री साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और साधक के सभी कष्टों का निवारण भी करती हैं।
इसके साथ गायत्री की उत्पति, महिमा, जयंती, गंगा अवतरण की कथा, महिमा और परम पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी संक्षिप्त जीवन कथा, उनकी कठोर तपस्या, 24-24 लाख का गायत्री महापुरश्चरण, हिमालयन ऋषि सत्ता की संसद में चार बार बुलावे व भागीदारी विषय पर आध्यात्मिक चर्चा हुई।
गायत्री महामंत्र दीक्षित साधक-शिष्य को उनके द्वारा दिए पांच सूत्रों पर प्रकाश डालते हुए उपासना साधना आराधना समयदान और अंशदान की आवश्यकता एवं महत्ता को स्मरण कराया। कहा कि आज का समयदान ही युग धर्म है। सात सूत्रीय अभियान कार्यक्रम, संचालन पर भी ध्यान आकर्षित कर समयदानी की संख्या हर इकाई में बढने की जरूरत बताया।
गत 23 मई को गृहे गृहे यज्ञीय अनुष्ठान से निकले नये नये परिवारों व परिजनों को हर प्रखंड व पंचायत स्तर पर नवगठन व नवसृजन अभियान में आस्तिकता, आध्यात्मिकता से जोड़ कर गुरुदेव श्रीप्रज्ञावतार की योजना को सफल सुफल बनाना है। इस माध्यम से राष्ट्र के नवनिर्माण में व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण व समाज कल्याण के साथ भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रति अधिकाधिक परिजनों को जोडने के सूत्रों पर प्रकाश डाला गया।
इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ सहायक हारमोनियम गायक उपाचार्य रोशन शर्मा और उपाचार्य रणवीर सिंह ने प्रज्ञागीत के बोल के स्वर लहर मिलाये... भगीरथ तो गये किन्तु गंगा उनकी गुण गाती है,आज स्वयं गायत्री माता गुरुवर ! तुम्हें बुलाती है। गायन-वादन के बाद गुरु, गंगा, गायत्री, गौरी, गणेश और ब्रह्मा विष्णु महेश सहित सर्वदेव आवाह्न नमन वंदन, षोडशोपचार, स्वस्तिवाचन एवं रक्षा विधान पाठ करके 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ अनुष्ठान कर जप-अनुष्ठान की पूर्णाहुति की गयी।
अलकापुरी शक्तिपीठ व सेक्टर टू में चार चार पाली में यज्ञ हुआ और दर्जन भर गायत्री महामंत्र की गुरुदीक्षा, विवाह दिवस संस्कार, नामकरण सहित कई संस्कार हुए। अनिल कुमार शर्मा के सानिध्य में टाटीसिलवे में कार्यक्रम संपन्न हुआ। सर्वत्र मंगलमय वातावरण विस्तार और सबके स्वस्थ-सुखद व मंगलमय जीवन के लिए शुभकामना पाठ हुआ। यज्ञ के उपरांत भोजन प्रसाद ग्रहण किये गये। उक्त जानकारी व्यवस्थापक जटाशंकर झा और रांची जिला समन्वयक जय नारायण प्रसाद ने दी।
टीम एबीएन, रांची। शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में रांची जिला के शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों, शाखाओं एवं स्थानीय इकाइयों में गायत्री परिवार साधक-शिष्यों का दो दिवसीय कार्यक्रम शुभारंभ हुआ। युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धुर्वा में एवं अलकापुरी में शनिवार को गायत्री महामंत्र का अखंड जप-अनुष्ठान सुबह 5 बजे से शुभारंभ होकर सायं 5 बजे सुसंपन्न हुआ।
अधिकांश परिजनों ने शक्तिपीठ सेक्टर टू, अलकापुरी शक्तिपीठ, प्रज्ञापीठ बस स्टैंड, चेतना केन्द्र टाटीसिलवे में बहुत ही निष्ठा, उल्लास व उत्साहपूर्वक अखंड जप-अनुष्ठान में भागीदारी की। मौके पर जिला युवा प्रकोष्ठ के उप समन्वयक राजू कुमार अंकित ने अपने मेसेज में बताया कि यह मांगलिक अवसर गंगा दशहरा, गायत्री जयंती और पूज्यवर वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पं श्रीराम शर्मा आचार्यजी का महाप्रयाण का पुनीत संगम दिवस है।
इस महापर्व के पावन अवसर पर शक्तिपीठ सेक्टर टू के व्यवस्थापक जटाशंकर झा जी ने बताया कि रविवार दिन 16.06.2024 को प्रात: 8 बजे जप-अनुष्ठान की पूर्णाहूति 9 कुंडीय महायज्ञ की आहुति से होगी। यज्ञ के उपरांत भोजन प्रसाद का क्रम रहेगा। सायंकालीन दीपयज्ञ के साथ इसकी महापूर्णाहुति होगी।
इस जप-अनुष्ठान में कांके प्रखंड की जिला महिला युवा प्रकोष्ठ की समन्वयक सुलोचना शाहदेव बहिन ने अपने परिवार जनों के साथ साथ अपनी नयी टीम के एक दर्जन से ज्यादा सदस्यों को लेकर इस जप-अनुष्ठान समूह में भागीदारी की और सबको रांची युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू इकाई प्रकोष्ठ का दर्शन व परिचय कराया।
वरिष्ठ साधक पी एन तिवारी, के के मिश्रा और झा जी ने जप-अनुष्ठान संपन्न होने के उपरान्त सभी भागीदार साधक-शिष्य, भाई-बहनों को धन्यवाद साधुवाद देकर रविवार यज्ञीय अनुष्ठान में शामिल हो निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण,सफल व सुफल बनाने का आह्वान किया। उक्त जानकारी गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-2 धुर्वा के व्यवस्थापक जटाशंकर झा और रांची जिला समन्वयक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। 5157वां माहेश्वरी वंशोस्पति दिवस 15 जून दिन शनिवार पर प्रात: 7 बजे प्रभातफेरी शोभायात्रा माहेश्वरी भवन से निकाली गयी। शोभा यात्रा रांची शहर के विभिन्न मार्गों से होकर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आरती के पश्चात समाप्त हुई। शोभा यात्रा लक्ष्मी नारायण मंदिर से प्रारंभ होकर कार्ट सराय रोड, गाड़ी खाना, हरमू रोड, नॉर्थ मार्केट रोड, जे जे रोड, बड़ा लाल स्ट्रीट होते हुए वापस श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंची।
पूरे रास्ते अपने मधुर भजनों से मुकेश काबरा, मनोज काबरा, मनोज कल्याणी, विभोर डागा, मोहित सोमानी आदि भजन गायकों के साथ भजन कीर्तन एवं भगवान महेश के जयकारे लगाती हुई, शोभायात्रा का स्वागत मार्ग में पड़ने वाले समाज बंधुओं ने अपने-अपने घरों के आगे किया। शोभायात्रा में ट्रेक्टर में विराजमान भगवान महेश की विशाल प्रतिमा की आरती पूजन किया।
शोभायात्रा में बहुत बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। समाज के श्री ओम महेश्वरी अपनी पत्नी श्रीमती संगीता महेश्वरी अपने पूरे परिवार के साथ समाज द्वारा स्थापित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर स्थित शिवालय में भगवान महेश का रुद्राभिषेक एवं हवन किया। शोभायात्रा के पश्चात प्रसाद स्वरूप अल्पाहार की व्यवस्था प्रभात साबू एवं अजय शंकर साबू के सहयोग से की गयी थी। प्रभात फेरी एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम के संयोजक अजय शंकर साबू, उमाशंकर पेड़ीवाल, कुमुद लखोटिया एवं भावना काबरा हैं।
शोभायात्रा में प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मारु, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव शंकर साबू, प्रदेश सहमंत्री अनिल कुमार साबू, प्रदेश ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक साबू, प्रदेश महिला समिति सचिव संगीता चितलांगिया, सभा अध्यक्ष किशन कुमार साबू, सचिव नरेन्द्र लाखोटिया, महिला समिति अध्यक्षा भारती चितलांगिया, सचिव बिमला फलौड़, युवा संगठन अध्यक्ष विनय मंत्री, सचिव हेमंत माहेश्वरी, बंसत लाखोटिया, चेंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री, पूर्व अध्यक्ष दीपक मारु, उमाशंकर बियानी, गिरिजा शंकर पेड़ीवाल, परेश गट्टानी, जयकिशन गट्टानी, बजरंग लाल सोमानी, वासुदेव भला, हर्षित चितलांगिया, प्रभात साबू, राजेश सोमानी, श्याम बिहानी, विपीन भाला, दिनेश काबरा, अमित मालपानी, हिमांशु चितलांगिया, अंकित काबरा, धीरेंद्र राठी, सुमन चितलांगिया, रेनू फलोड़, विजयश्री साबू, शिखा बिड़ला, शशि डागा, अनीता साबू, विनीता बिहानी, रंजू मालपानी, सीमा मालपानी, ममता डागा, उषा डागा, शारदा लड्डा, रेखा माहेश्वरी, सरोज राठी, मनीषा साबू, सुमन बाहेती, रितिका सारडा, सरिता चितलांगिया, सरिता लखोटिया, रेखा, सरला चितलांगिया, विनीता चितलांगिया शामिल रहे।
विशेष आकर्षण के रूप में माहेश्वरी भवन में डॉ अभिषेक माहेश्वरी ने अपनी पत्नी डॉ निशा माहेश्वरी के साथ एवं अंकिता माहेश्वरी रेखा माहेश्वरी, परिधि चितलांगिया एवं पाखी चितलांगिया का सहयोग लेते हुए भगवान महेश की बहुत ही सुंदर रंगोली बनायी, जिसे समाज के सभी लोगों ने बहुत सराहा।
प्रभात फेरी कार्यक्रम के पश्चात संध्या 4 बजे से बच्चों के लिए शेफ स्क्वाड कार्यक्रम किया गया। इसकी संयोजिका रश्मि मालपानी, रंजू मालपानी, रितिका लखोटिया ने बताया 8 से 15 साल के बच्चों के लिए फायरलैस कुकिंग कंपटीशन किया गया, जिसमें बच्चों को हेल्दी फूड के इंग्रेडिएंट्स से एक व्यंजन और एक ड्रिंक बनाना था।
बच्चों ने अपने पेरेंट्स के साथ में भाग लिया एवं सब ने खूब आनंद किया। बच्चों ने विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाया। साथ ही कुछ सवाल जवाब के राउंड भी खेले गये, जिसका निर्णय रश्मि खेतान एवं अर्चना मुरारका ने किया। प्रथम विराज मालपानी, द्वितीय वत्सल बियानी, तृतीय ऋषाण राज भाला। संध्या 7 बजे से आनलाइन क्विज एवं उसके पश्चात स्मार्ट जोड़ी फन अंत्याक्षरी का आयोजन भी हुआ।
आनलाइन क्विज के संयोजक हिमांशु चितलांगिया है एवं स्मार्ट जोड़ी फन अंताक्षरी को समाज के बांधों के साथ खूब मनोरंजन तरीके से खिलवाया। इस कार्यक्रम की संयोजिका खुशबू साबू एवं रेखा महेश्वरी ने समाज के ही श्याम बिहानी एवं अंकुर डागा के सहयोग से कराया। उक्त जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी अशोक साबू और रश्मि कोठारी मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में झारखंड प्रान्त के साथ रांची व जिला के सभी शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों और शाखाओं मंडलों में गायत्री परिवार शिष्य- साधकों का दो दिवसीय कार्यक्रम बड़े ही उत्साह व हर्षोल्लास के साथ मनाखायेंगे। यह अवसर गायत्री जयन्ती संग गंगा दशहरा सह गुरुवरश्रीपूज्यवर वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्यजी का महाप्रयाण दिवस है।
इस महापर्व के पावन अवसर पर शक्तिपीठ सेक्टर टू के व्यवस्थापक ने बताया कि 16.06.2024 गायत्री जयंती / गंगा दशहरा / गुरुदेव का महाप्रयाण दिवस के पूर्व सन्ध्या पर 15-06-2024 को 12 घंटे का अखंड जप प्रातः 5 बजे से सायं 5 बजे तक होना प्रस्तावित है। अगले दिन 16.06.2024 को प्रातः 8.30 बजे उसकी महायज्ञ के साथ पूर्णाहुति होगी।
तत्पश्चात् भोजन प्रसाद का क्रम संपन्न होगा। शाम में दीपयज्ञ के साथ इसकी महापूर्णाहुति होगी। इस कार्यक्रम को सफल सुफल बनाने के लिए साधक-शिष्य गण संकल्पित होकर कल से कार्यक्रम का जप-अनुष्ठान से शुभारंभ करेंगे। उक्त जानकारी गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-2 धुर्वा के व्यवस्थापक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। नवा बिहान और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में ब्लड बैंक लेकव्यू हॉस्पिटल ब्लड सेंटर बारियातू रांची और बाबा आयुर्वेद केंद्र सिमलिया रिंग रोड दलादली रांची में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित अतिथि के तौर पर नवा बिहान के अध्यक्ष और प्रांत सचिव, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत स्वर्ण जयंती वर्ष आयोजन समिति आर अजय उपस्थित थे।
इनके साथ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर एम सारण, मेडिकल डायरेक्टर आर मोहन, टी एस प्रकाश शाह एवं उनकी टीम, को-ऑर्डिनेटर रजनीश कुमार, डॉक्टर श्याम सुंदर महतो बाबा आयुर्वेद केंद्र, समाजसेवी अमित गोप उपस्थित थे। रक्तदान करने वालों में डॉक्टर मुकेश कुमार, अंकित कुमार, एस एस महतो आयुष कुमार, मानस सिंह, मृत्युंजय, लक्ष्मी, किरण, शिवम कुमार आदि थे।
उपस्थित अतिथियों को प्रमाण पत्र और प्रतीक चिह्न देकर उनका अभिनंदन किया गया। आर अजय ने बताया कि रक्तदान करने से बड़ा दान कुछ नहीं है। यह लोगों में वहम है कि रक्तदान करने से उन्हें शारीरिक कमजोरी का एहसास होता है। रक्त का शरीर में सदैव निर्माण होता रहता है।
वहां उपस्थित चिकित्सकों ने भी बताया कि रक्तदान करने से शरीर को कोई हानि नहीं पहुंचती और हमारे अंदर का आत्म बल भी मजबूत होता है। समाज की सेवा करने का यह एक सबसे उत्तम तरीका है। आज विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर यह आयोजन किया गया है।
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