समाज

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Published / 2024-06-30 21:00:40
समाज और संस्कृति को बचाने के लिए प्रचार-प्रसार की भूमिका अहम : विनोद बंसल

विश्व हिंदू परिषद् प्रचार प्रसार की एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न 

टीम एबीएन, रांची। रविवार को विश्व हिंदू परिषद् झारखंड प्रांत की एक दिवसीय प्रशिक्षण होटल रेवल पैलेस, सदाबहार चौक, नामकुम में हुई। जिसमें विश्व हिंदू परिषद् के क्षेत्र, प्रांत और जिÞला के प्रमुख, सहप्रमुख, मंत्री शामिल हुए। बैठक की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित और मंत्र के साथ हुआ। 

बैठक में विहिप के केंद्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि समाज और संस्कृति को बचाने के लिए प्रचार प्रसार की भूमिका अहम है। मन वचन और व्यवहार से कोई वचन ऐसा न निकले जिससे कुप्रचार हो। यह मत मानिये कि आपको कोई नहीं देख रहा है, ईश्वर सर्वत्र है। श्री बंसल ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से प्रचार प्रसार का कार्य करना जरूरी है इससे आपकी शाख और ख्याति बढ़ेगी। 

पटना क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र विमल ने कहा कि समाज में सोशल मीडिया युद्ध चल रहा है और इससे कोई भी बचा नहीं है। आज समाज में सोशल मीडिया की भूमिका अहम है। 

क्षेत्र सहमंत्री वीरेंद्र साहू ने कहा कि प्रचार प्रसार की भाषा अमर्यादित किसी के रूप में नहीं होनी चाहिए। प्रचार प्रसार संगठन और समाज के बीच में सेतु का कार्य करता है। बैठक में स्वागत भाषण चंद्रकांत रायपत और धन्यवाद ज्ञापन प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार ने दी। 

इस बैठक के मुख्य अतिथि विहिप के केंद्रीय प्रवक्ता बिनोद बंसल, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपात, प्रांत मंत्री मिथलेश्वर मिश्र, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, क्षेत्रीय सह मंत्री बीरेंद्र साहू, महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, प्रांत विशेष संपर्क सहप्रमुख प्रिंस आजमानी, प्रांत प्रचार प्रसार सह प्रमुख प्रकाश रंजन, प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक सोशल मीडिया रितेश कश्यप, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रकाश रंजन, विनोद बंसल केंद्रीय प्रवक्ता, प्रिंट मीडिया संजय कुमार ने दी। 

बैठक में प्रचार प्रसार प्रांत टोली से अमरनाथ ठाकुर, मनोज कुमार, उमाशंकर तिवारी, हरेराम ओझा, नारायण दास, प्रमोद ठाकुर एवं अन्य लोक उपस्थित रहे। मंच संचालन विभाग प्रमुख अमर प्रसाद ने की। उक्त जानकरी विहिप, झारखंड के प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन (9334433338) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2024-06-28 20:45:40
सनातन हिंदू संस्कृति की परंपरा को नष्ट करने की कुचेष्टा है श्रीजगन्नाथ मेला का टेंडर : विहिप

डॉ बिरेन्द्र साहु

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने जगन्नाथ मेले की टेंडर पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड सहित पूरे देश में सनातन हिंदू संस्कृति के परंपरा में जतरा-मेला का लगना एक सार्वजनिक उत्सव हुआ करता है।

जहां सभी संप्रदाय के जनमानस शामिल होकर मेले-स्थल के आराध्य देव का पूजन-अर्चन के साथ-साथ मनोरंजन व मेले-स्थल में लगे छोटे-छोटे दुकानों से अपने दैनिक उपयोग के सामग्री के खरीदारी करते हुए परिवार के साथ मिठाई इत्यादि का भी आनंद लेते हैं, परन्तु विगत वर्ष से श्रीजगन्नाथ मेले का टेंडर निकाला जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

डॉ साहू ने कहा कि श्रीजगन्नाथ मेला हमारी सनातन संस्कृति का एक ऐतिहासिक धरोहर है। मेले का लगना मात्र उत्सव का घड़ी नहीं बल्कि आसपास के सैकड़ो गांवों के मिलन का अवसर हुआ करता है। हजारों लोगों को अपनी छोटी-मोटी दुकान खोलकर कुछ आय कमाने की भी आस लगी रहती थी,जो अब टेंडर होने के बाद संभावना नहीं है। 

टेंडर के बाद विगत वर्ष भी दुकानदारों को बड़ी मात्रा में चंदा देने पड़ी थी और इस बार तो टेंडर की राशि दुगुना होने के कारण दुकानदारों के लिए चंदा की राशि बढ़ जाएगी। चंदा की राशि देने में असमर्थ ऐसे छोटे-छोटे व्यापार से जुड़े लोगों का रोजी-रोटी पर लाथ मारने जैसी है वहीं कई परंपरागत चीजें लोगों को मेले में नहीं मिल पायेंगे।

डॉ साहु ने कहा सनातन संस्कृति पर प्रहार का एक साधन के रूप में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। जिस प्रकार आज भारतवर्ष के सैकड़ो मंदिरों से राशि उगाही की परंपरा बनी हुई है, उसी की कड़ी में इस मेले के आयोजन से भी सरकार उगाही की परंपरा बनायी है, जिसे हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा।

डॉ साहू ने कहा कि श्रीजगन्नाथ मेले का टेंडर से सनातन हिंदू की परंपरागत विरासत को नष्ट करने की कुचेष्टा की जा रही है, इसे शीघ्र रोका जाए। टेंडर को निरस्त कर परंपरागत ढंग से मेले की व्यवस्था एवं संचालन करने में प्रशासन कार्य करें। (लेखक विहिप के झारखंड बिहार के क्षेत्र मंत्री हैं।)

Published / 2024-06-27 22:49:26
सतयुग लाती है गायत्री साधना... विषय पर स्वाध्याय पाठ गायत्री महिमा सत्संग में संपन्न

  • 108 मिनट का गायत्री महामंत्र का महिला मंडल में समूह जप-अनुष्ठान हुआ

टीम एबीएन, रांची। साप्ताहिक सत्संग दिवस गुरुवार को गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा की साधना कक्ष में महिला मंडल प्रतिनिधित्व में महिला सदस्यों ने गायत्री महामंत्र का 108 मिनट का समूह अखंड जप किया। जप उपरान्त प्रज्ञागीत का गायन-वादन व भजन-कीर्तन किया।

तत्पश्चात पूज्यवर वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की अखंड ज्योति मासिक पत्रिका के विषय पर सत्संग प्रतिनिधि सदस्या ने पढ़कर संदेश सुनाया कि सतयुग लाती है गायत्री साधना विषय पर गायत्री महामंत्र के युग द्रष्टा ब्रह्मर्षि विश्वामित्र का जिक्र हुआ, जो अपने समय के गायत्री महामंत्र के युग प्रणेता व दिव्य द्रष्टा थे ,उनके अलौकिक अनुभव, सिद्धि एवं महामंत्र से जुड़ी सहस्राधिक साधनाओं का फलस्रुति पर प्रकाश डाला गया। 

बताया गया कि नवरात्र साधनाओं का अपना विशिष्ट महत्व होता है। इस दौरान की गायत्री साधना एवं अन्य शक्ति साधनाएं अपने चरम अनुदानों से ओत-प्रोत कर देती हैं। गायत्री साधना की महत्वपूर्ण महिमा पर संदेश दिया कि की जाने वाली साधनाओं के निर्धारित प्रातःकाल मुहुर्त में और अन्य समयानुसार उत्तम संध्याकाल, मध्यम संध्याकाल और कनिष्ठ संध्याकाल की फलश्रुति पर बताया गया।

इसमें महर्षि विश्वामित्र की उल्लिखित कथन को भी बताया गया कि उनकी उल्लिखित कथन व दिव्य दृष्टि के अनुसार गायत्री की विशिष्ट साधना समय पर धरती पर सत्ययुगी परिस्थितियां अवश्य विनिर्मित व विस्तारित होंगी और कलियुग का समापन और सतयुग का आगमन इसी से होगा। अंत में शांतिपाठ व सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन व उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ व हमारा युग निर्माण सत्संकल्प पूर्ण हो, पूर्ण हो सहित कई जयघोष हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ-साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2024-06-27 20:59:44
प्याज का छोड़िये, टमाटर भी निकालने लगा है आंसू

महंगाई बिगाड़ रही घर का बजट

एबीएन सोशल डेस्क। भीषण गर्मी के चलते फल सब्जियों के उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। इससे बाजार में सब्जियां महंगी हो गयी हैं। इससे महिलाओं की रसोई का बजट बिगड़ गया है। बाजारों में सब्जियों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। गत सप्ताह के दौरान कई सब्जियों के दाम दोगुने हो गये हैं। भीषण गर्मी के चलते क्षेत्र में बागवानी का रकबा कम होने के चलते मौसमी सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल आ गया है। 

प्याज व टमाटर के दामों में काफी तेजी आ गयी है। सब्जी विक्रेताओं की मानें तो गर्मी बढ़ने से बाहर से सब्जियों की कम आवक हो रही है। हरी सब्जियों की कीमतों में 10 से 40 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हुई है। हरियाणा को होडल में यूपी व दिल्ली क्षेत्र से सब्जियां आती हैं। इसके कारण सब्जियां महंगे दामों में मिल रही हैं। 

शहर के पुराने जीटी रोड पर सब्जी की रेहड़ी लगाकर बैठे उमेश कुमार ने बताया कि गर्मी जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे ही सब्जियों की कीमतों में भी तेजी आयी है। आलू, प्याज और टमाटर के दाम बढ़ चुके हैं। मौसमी सब्जी लौकी, तोरी, कद्दू, कटहल भी गत सप्ताह में महंगे हुए हैं। 

बाजार में सब्जी खरीदने आयी महिला उमा, पिंकी देवी, रवीना, काजल आदि ने बताया कि प्याज, खीरा व टमाटर के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अब तो हमें घर में एक समय दाल बनानी पड़ रही है। अन्य सब्जियों के दाम भी काफी बढ़ गये हैं। बाजार में व्यापारी रूपा ठुकराल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में सब्जियों में दामों में दोगुना हुई है। तोरई व घीया जैसी सब्जियां तक काफी महंगी हो गयी हैं।

Published / 2024-06-26 21:16:55
झारखंड की धर्म-संस्कृति के हत्यारों पर राज्य सरकार द्वारा धन का दुरुपयोग निंदनीय व चिंतनीय

विनोद बंसल 

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। जो राज्य जनजातीय समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक  मान्यताओं की रक्षा और उसके कल्याण के लिए बना, उसे छोड़ कर सरकार उन मिशनरियों पर पैसा लुटाने में लगी है जो कि वहां के मूल निवासियों के अवैद्य धर्मांतरण में लगे हैं। अब झारखंड सरकार इसी माह राज्य के ईसाइयों को फ्री में गोवा तीर्थ दर्शन करायेगी। 

प्रश्न ये है कि... 

  1. इस प्रकार की सांप्रदायिक यात्रा कराना क्या सेक्युलर सरकार को उचित है! 
  2. जनजातीय समाज के पैसे का व्यय ईसाइयों पर क्यों! 
  3. तीर्थ तो हिंदुओं के सुने थे ईसाइयों के कैसे!! 
  4. यदि यात्रा करानी ही थी तो जनजातीय समाज के तीर्थो की कराते जैसे भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, तिलका मांझी, थलक्कल चंथू, बुद्धु भगत, सिद्धू और कान्हू, रेन्डो मांझी, चक्रा विसोई इत्यादि से जुड़े पुण्य स्थल। 
  5. गोवा के चर्चों से झारखंड का क्या नाता! 
  6. क्या इस कदम से राज्य में धर्मांतरण करने वालों को बढ़ावा नहीं मिलेगा! 

राज्य सरकार @JharkhandCMO @ChampaiSoren  को अपने इस निर्णय पर तुरंत रोक लगाकर यह पैसा जनजातीय समाज के कल्याण में खर्च करना चाहिए ना कि उनका धार्मिक व संस्कृतिक शोषण करने वालों पर। 

झारखंड की धर्म-संस्कृति के हत्यारों पर राज्य सरकार द्वारा धन का दुरुपयोग किया जाना निन्दनीय व चिंतनीय है। सरकार द्वारा मिशनरियों को दिया जा रहा यह प्रोत्साहन जनजातीय समाज की भावना के विरुद्ध भी है, जिसे रोका जाना जरूरी है। (लेखक विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं।) 

Published / 2024-06-22 21:23:00
सत्यानंद योग मिशन केंद्र में महिला सशक्तिकरण पर वर्कशॉप के साथ योगाभ्यास

टीम एबीएन, रांची। सत्यानंद योग मिशन केन्द्र, बसंत बिहार कॉलोनी, कांके रोड में स्वामी मुक्तरथ के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण पर वर्कशॉप और योगाभ्यास का संचालन हुआ। केन्द्र के योग प्रशिक्षक अवनीश कुमार तथा यहां की प्रबंधक शांति सिंह ने मुक्तरथ जी को पुष्प गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। अंजना सिंह यहां के योग संचालन और योग की उपयोगिता के बारे में बताई। 

मुक्तरथ जी ने कहा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में योग की बहुत जरूरत है। स्वास्थ्य संवर्धन में योग का कोई जोड़ नहीं है। यह शारिरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक हर तरफ से महिलाओं को मजबूत बनाता है तथा उनके बहुत सारी समस्याओं को दूर करता है। आज महिलाएं जिस तरह से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं वो देश के लिए बहुत अच्छा है उन्हें संस्कारित और आत्मबल से मजबूत भी होने की जरूरत है।  

इस केन्द्र में बिहार योग विद्यालय मुंगेर की शिक्षा प्रदान की जाती है। यहाँ तरह-तरह की बीमारियों पर योग सत्र चलते हैं, विद्यार्थियों के मानशिक सबलता और एकाग्रता के लिये ध्यान सत्र चलते हैं तथा सामान्य योग सत्र भी नियमित रूप से चलते हैं। आज यहां के सभी प्रतिभागी बड़े ही उत्साह के साथ योगासन, प्राणायाम और ध्यान की साधना को करके अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सेलिब्रेट किये।

Published / 2024-06-21 23:19:37
योगासन अभ्यास, व्यायाम व प्राणायाम जीवन के लिए बहुत उपयोगी : विजय कुमार

एबीएन सोशल डेस्क। स्वस्थ और सुखी जीवन मनुष्य की प्रमुख आवश्यकता रही है* विश्व योग दिवस पर गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा  में गायत्री साधक-शिष्य गण , परिव्राजक टीम तथा युग निर्माण कन्या विद्यालय के विद्यार्थियों ने आज योग दिवस बड़े उत्साहपूर्वक मनाया। 

इस अवसर पर योग शिक्षक विजय कुमार यादव ने योग, आसन, व्यायाम व प्राणायाम की दिशा और धारा पर प्रकाश डालते हुए  बताया कि योगासन अभ्यास, व्यायाम व प्राणायाम जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं। कहा कि स्वस्थ और सुखी जीवन मनुष्य की प्रमुख आवश्यकता रही है।

समाज के किसी भी स्तर में रहने वाला व्यक्ति स्वस्थ सुखी जीवन की आवश्यकता अनुभव करता ही है। स्वास्थ्य केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक और आत्मिक भी होता है। 
भारतीय जीवन पद्धति तो हमेशा से शारीरिक, मानसिक, आत्मिक स्वास्थ्य का महत्त्व दर्शाती रही है। आज के चिकित्सा विज्ञानी भी रोगों का कारण शरीर के अलावा मन में भी खोजने लगे हैं। मन को भी स्वस्थ व प्रसन्न रखना आवश्यक है। 

इस अवसर पर अनेक प्रकार के खड़े होकर, बैठकर, लेटकर करने वाले आसन,अभ्यास योग व प्राणायाम कराया और शुद्ध आहार-विहार करने के लिए नियम-संयम के सूत्र बताये। उक्त जानकारी व्यवस्थापक जटाशंकर झा और रांची जिला समन्वयक गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा रांची के जय नारायण प्रसाद ने दी।

Published / 2024-06-21 21:35:01
सतलोक आश्रम उड़दन बैतूल में दूसरे दिन 151 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह

मौके पर 456 यूनिट रक्तदान भी किया गया 

कमल सिंह लोधा की रिपोर्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बैतूल। भारत में कबीर पंथ से कई समुदाय ताल्लुक रखते हैं, लेकिन वे उन्हें केवल सतगुरु मानते हैं और उनकी जयंती मनाते हैं। वहीं दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज भी कबीर पंथी हैं लेकिन एक नयी जानकारी मिली कि संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी कबीर जयंती नहीं बल्कि कबीर प्रकट दिवस मनाते हैं।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कबीर साहेब जी का 627वां प्रकट दिवस है और इस उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में सतलोक आश्रम उड़दन बैतूल में तीन दिवसीय महाविशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। कई दिनों से आश्रम में महा समागम की जोरों शोरों से तैयारियां चल रहीं थीं और दिनांक 20 जून 2024 को शुरू हुए इस विशाल भंडारे का आज दूसरा दिन है। जिसका समापन कल अर्थात 22 जून को होगा। 

समागम में लगातार लाखों श्रद्धालुओं का आना जारी है और साथ ही संत गरीब दास जी महाराज द्वारा बोली गई वाणियों का संग्रह अमर ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ संत रामपाल जी महाराज जी के मुखारविंद से पहले ही दिन प्रारंभ हो चुका है। यह भंडारे का दूसरा दिन है और अनुमान है कि लाखों की तादाद में श्रद्धालु भंडारा ग्रहण करने पहुंचे है। आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध घी से निर्मित हलवा प्रसाद वितरित किया जा रहा है। 

बात पकवानों की करें तो उसमें पूड़ी राम, सब्जी राम, रोटी जिसे संत रामपाल जी के अनुयाई फुल्का राम कहते हैं, बीमार लोगों के लिए दलिया व मिष्ठान के रूप में लड्डू, जलेबी, बर्फी व विभिन्न प्रकार की मिठाईयां भी भंडारे में परोसी जा रही हैं। चूंकि यह कबीर परमेश्वर जी का प्रकट दिवस है इसलिए कबीर साहेब जी के प्रकट होने की लीला व उनके द्वारा बाद में की गयी लीलाओं पर आधारित आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसे देखकर आने वाले श्रद्धालु बहुत ही आनंदित हो रहे हैं।

इसके साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज जी जिन शास्त्रों को आधार बताते हुए सत्संग प्रवचन करते हैं उन्हें भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है ताकि लोगों की शंकाओं का समाधान किया जा सके। संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेने के लिए नि:शुल्क नामदीक्षा की भी व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी की गयी है जिससे आगंतुकों को भी असुविधा न हो। 

साथ ही हाईवे पर ट्रैफिक जाम जैसी समस्या उत्पन्न न हो। उसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। समागम के दूसरे दिन समाज से दहेज नामक कुप्रथा को खत्म करने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में सतलोक आश्रम बैतूल में कुल 151 जोड़ों की दहेज रहित शादियां संपन्न हुईं। इन विवाहों में किसी प्रकार की फिजूलखर्ची नहीं की गई, न ही दहेज का लेनदेन हुआ। 

बल्कि ये विवाह बहुत ही सभ्य व साधारण तरीके से गुरुवाणी द्वारा 33 करोड़ देवी-देवताओं की स्तुति करते हुए 17 मिनट में संपन्न हुए इस विशेष अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा सामाजिक व परोपकारी कार्य रक्तदान को कैसे भूला जा सकता था। यहीं कारण था कि समागम के दूसरे दिन 21 जून को रक्तदान शिविर भी लगाया गया, जिसमें संत रामपाल जी के अनुयायियों द्वारा 456 यूनिट रक्तदान किया गया। 8138 अनुयायियों ने देहदान के संकल्प फार्म भरे। साथ ही संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान को समझकर 2108 नयी पुण्यात्माओं ने नि:शुल्क नामदीक्षा लेकर अपने मानव जीवन को सफल बनाया।

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