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Published / 2024-08-06 21:18:54
समाज के सभी वर्गों को जोड़कर प्रखंडों में बड़ा कार्यक्रम करेगा विहिप

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिन्दू परिषद, झारखंड प्रांत की टोली बैठक रांची स्थित प्रांत कार्यालय शक्ति आश्रम किशोरगंज चौक रांची में की गयी। बैठक की अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष माननीय चंद्रकांत रायपत की अध्यक्षता में हुई। जिसकी शुरुआत संगठन में तीन बार प्रणवोच्चार, एकता मंत्र, व तेरह बार विजय महामंत्र से हुआ। बैठक में गत माह हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। 

आगामी कार्यक्रमों के संदर्भ में  प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया विश्व हिंदू परिषद की स्थापना श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन 1964 ईस्वी में हुई थी। यह वर्ष 2024 संगठन का षष्टिपूर्ति वर्ष है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों को जोड़कर प्रखंडों में बड़े कार्यक्रम करने की योजना है। इसकी तैयारी के लिए सभी जिलों में प्रखंडवार बैठक कर षष्ठिपूर्ति वर्ष का समापन समारोह हेतु कार्यक्रम संयोजक बनाया जायेगा। 

आगामी कार्यक्रमों में अखंड भारत संकल्प दिवस, पूजन, आगामी प्रांत बैठक में नवीन कार्यकर्ताओं की सूची, समिति पूर्ण कर सूची संकलन करना, समिति सत्यापन, सत्संग विस्तार रामायण ज्ञान परीक्षा आदि के विषय में विस्तार से चर्चा की गयी। 

बैठक में क्षेत्र सहमंत्री डॉ. बीरेंद्र साहू, प्रांत कार्याध्यक्ष तिलकराज मंगलम, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख किशुन झा,विभाग बजरंग दल प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख अरविन्द सिंह, प्रांत विशेष सहप्रमुख प्रिंस अजमानी, प्रांत परियोजना सहप्रमुख रेनू अग्रवाल, विभाग मंत्री विनय कुमार, अनूप यादव रवि शंकर शर्मा, विभाग संगठन मंत्री दीपक मंडल ,कौलेश्वर टुडू आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन (9334433338) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2024-08-05 21:13:07
युग निर्माण कन्या विद्यालय का 14वां स्थापना वर्ष बालकों ने धूमधाम से मनाया

टीम एबीएन, रांची। आज सोमवार गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू परिसर स्थित युग निर्माण कन्या विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्यों की टीम और बच्चों ने बड़े धूमधाम व उत्साहपूर्वक गीत, नृत्य, संगीत धुन और संवाद के साथ मनाया। प्रधानाचार्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर भावपूर्ण सस्वर पाठ से गुरुवंदना, पूजन-अर्चना और उद्बोधन किया। बताया कि विद्यालय के प्रथम स्थापना दिवस पर 5 बच्चों का प्रवेश व उस वर्ष की दशा दिशा पर अपने विवरण प्रस्तुत किये। 

क्रमश: आज पौने दो सौ बच्चों के प्रवेश, शिक्षा, विद्या, कला कौशल और उनके उदय-भाग्योदय का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किये। बच्चों के पारिवारिक दिनचर्या पर बताया कि वे जागरण बेला में धरती माता का प्रात: नमन-वंदन करते हैं, दैवी सत्ता का स्मरण एवं माता-पिता का चरण स्पर्श प्रणाम करना सिखाया गया है और  छात्र करते है भी, ऐसा बच्चों ने हाथ उठाकर जवाब दिये। 

आगे उन्होंने युग निर्माण कन्या विद्यालय के भावार्थ व अभिप्राय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरुवर श्रीराम शर्मा आचार्य जी का जो ध्येय रहा है, उसी के अनुरूप यहां सामान्य शिक्षा कला के साथ साथ संस्कार विद्या का समावेश है। गायत्री परिवार जिला समन्वयक ने अपनी दुगुनी खुशी अभिव्यक्त कर कहा कि इस विशेष अवसर की उपस्थिति पर और इस युग निर्माण नामक विद्यालय की प्रगतिशील संस्कार युक्त शिक्षा ही नहीं अपितु जीवन विद्या युक्त वातावरण पर बहुत संतोष व खुशी है। 

गुरुवर श्रीपूज्यवर वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पं श्रीरामशर्मा आचार्यजी के विशेष विषयगत लेखन पर जिला समन्वयक ने बताया कि गायत्री परिवार का गुरुमंत्र है :- युग निर्माण योजना और वह कैसे होगा तो व्यक्ति के नवनिर्माण से, वह कैसे होगा तो संस्कारवान परिवार व पीढ़ी के नवसृजन से। कहा कि  भारतवर्ष संस्कार परम्परा का आधार स्तम्भ रहा है। 

यहां सुगढ़ परिवार व्यवस्था एवं गुरुकुल परम्परा के माध्यम से  बाल विद्यार्थियों में श्रेष्ठ संस्कार देने की परम्परा रही है। आज भारतीय संस्कृति देव संस्कृति की स्थिति चिन्ताजनक है। भारतीय संस्कृति और दर्शन में संस्कारों का विशेष महत्व है। यह भारत विकास परिषद रांची मध्य शाखा और गायत्री परिवार एवं विद्यालय के अध्यापन टीम के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित हुआ। 

प्रथम कक्षा से पांचवी कक्षा के बच्चों ने सांस्कृतिक महोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया, जिसमें झारखंडी, आदिवासी नृत्य संगीत, लालबहादुर शास्त्री की भूमिका, गुलाबी रंग साड़ी में नृत्य, घर मोर परदेशिया नृत्य, फैंसी डांस, भोजपुरिया नाच,कविता पाठ में बहुत सुन्दर सराहनीय संदेश दिये। अंत में शांति पाठ, बधाई संदेश व उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ और विकास परिषद टीम की ओर से प्रसाद व मिष्ठान वितरण हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार रांची के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2024-08-04 22:02:50
सच्ची भक्ति से कैंसर भी ठीक होगा : संत रामपाल जी महाराज

  • कुंभराज के मांगलिक भवन में एलईडी टीवी पर प्रसारित हुआ सत्संग

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मध्य प्रदेश गुना। रविवार को जिले के तहसील कुंभराज के डॉ अंबेडकर मांगलिक भवन में संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आसपास के तहसीलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सत्संग सुनने पहुंचे सत्संग में संत रामपाल जी ने सभी धर्मों और पंथों में फैले पाखंड के प्रति सचेत किया तथा शास्त्र अनुकूल सत्य आध्यात्मिक ज्ञान और पूर्ण मोक्ष मार्ग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सच्चे संत से सच्ची भक्ति करने से कैंसर क्या,  कैंसर का बाप भी ठीक हो सकता है।

संत रामपाल जी के अनुयायियों द्वारा जगह-जगह सत्संग के माध्यम से आम जनता में आध्यात्मिकता के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान किए जा रहे सभी धर्मों के सत शास्त्रों से प्रमाणित तत्वज्ञान का प्रचार-प्रसार कर जनता को सतभक्ति का मार्ग बता रहे हैं।

इस मार्ग को अपनाकर लोग तंबाकू, शराब, मांस जैसे व्यसन तथा चोरी, मिलावट, भ्रष्टाचार, दहेज और भ्रूण हत्या जैसी बुराइयों को छोड़कर एक बेहतर जीवन जी रहे हैं और सभ्य समाज का निर्माण कर रहे हैं। इस प्रकार के सत्संग कार्यक्रमों से लोग न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला रहे हैं।

संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं के माध्यम से लोग स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सत्संग में उपस्थित सेवादार धर्मेंद्र दास, हंसराज दास, करण दास, मुकेश दास, कमल दास,बाबूलाल दास, मुराली दास, कल्याण दास सीताराम दास, बिहारी दास आदि सेवादार मौजूद रहे।

Published / 2024-08-02 21:30:18
गायत्री परिवार महिला मंडल ने सावन महोत्सव हर्षोल्लास पूजन-अर्चन सहित मनाया

इस अवसर पर व्यवस्थापक ने बताया कि श्रावणी पर्व ब्राह्मणत्व और ऋषित्व के अभिवर्धन का पर्व है

एबीएन सोशल डेस्क। शुकवार सावन माह त्रयोदशी दिवस पर गायत्री युग तीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू परिसर में सुबह युगावतार महाकाल का रूद्राभिषेक पूजन विस्तार से महिला मंडल द्वारा कराया गया। अपराह्न में गायत्री महिला मंडल प्रतिनिधित्व एवं भारत विकास परिषद रांची मध्य शाखा के संयुक्त तत्वावधान में सावन महोत्सव हर्षोल्लास और सानंद मनाया गया। 

महिला मंडल ने देवमंच बनाया, सजाया और भगवान भोलेनाथ परिवार देवगणों का पंचोपचार पूजन किया। इस दौरान पीठ व्यवस्थापक टीम को मंगल तिलक कर स्वागत अभिनन्दन किया गया। आयोजक टीम ने गायत्री महामंत्र का मंत्रोच्चारण, गुरु-ईश ध्यान नमन वंदन किया। दीप प्रज्ज्वलित कर सावन महोत्सव आयोजन का शुभारंभ किया गया और सावन माह के पर्व त्यौहार और महोत्सव आयोजन पर प्रकाश डाल बताया कि श्रावण मास अनेक पौराणिक महत्व से भरा हुआ है। 

इस अवसर पर व्यवस्थापक ने बताया कि श्रावणी पर्व ब्राह्मणत्व और ऋषित्व के अभिवर्धन का पर्व है। इस पावन मास में वेद पूजन व ऋषि पूजन का महत्व है। वेद अर्थात् सद्ज्ञान और ऋषि अर्थात सद्ज्ञान को सत्कर्म में परिणित करने कष्ट- साध्य साहसिक तपश्चर्या और भूल का प्रायश्चित करना। यह शिखा स्थापन, सिंचन, यज्ञोपवीत व द्विजत्व के संकल्प का एक प्रकार वार्षिक नवीनीकरण संस्कार है। इसका निरीक्षण व विश्लेषण करते रहना चाहिए। 

सहायक साधक ने बताया कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी महीने में भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को पीकर देवगणों और दुनिया को हानि से बचाने और दुष्प्रभावों से बचाया था। इन संदेशों के पश्चात भारत विकास परिषद के बैनर तले महिला मंडल ने हरियाली पर्व पर प्रकाश डाला। सभी हरे रंग निशान, पोशाक परिधान श्रृंगार में शामिल थीं। 

इनके महत्व पर प्रकाश डालकर अपना सावन का सांस्कृतिक महोत्सव हर्षोल्लास व सानन्द मनाया। बताया कि सावन माह का आनंद एक अलग ही पहचान है। इन दिनों में सर्वत्र हरियाली की छत्रछाया छायी व दिखायी पड़ती है, जो तन-मन को उल्लास, उत्साह से आनन्दित करती है। फिर बम बम बोलो, जय जय बोलो भोलेनाथ की मंगलमय ध्वनि से वातावरण गुंजायमान किये और सबका परस्पर स्नेह सौहार्द व सत्कार कर लोकगीत, प्रज्ञागीत, भजन-कीर्तन एवं नृत्य करते हुए खूब आनंद  मनाया। 

अंत में सबको प्रसाद व प्रीति पेय कराके सबको हार्दिक बधाई व धन्यवाद देकर शांतिपाठ व वंदना कर सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन और आनंदमय मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं कर समापन किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद और व्यवस्थापक जटाशंकर झा ने दी।

Published / 2024-08-01 20:51:36
श्रावण माह में भगवान शंकर की आराधना से मिलता है मनोवांछित फल

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग व राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ श्रावण माह की महत्ता को बताते हुए कहा कि देवताओं एवं दानवों के द्वारा समुद्र मंथन से 14 रत्न प्राप्त हुए थे, जिनमें विष भी एक रत्न था। संसार को विष के ताप से बचने के लिए भगवान शंकर ने उसे अपने कंठ में धारण किया, तब से उनके माथे पर (शिवलिंग) जलाभिषेक किया जाने लगा जिससे उन्हें शीतलता प्राप्त होती है। 

भगवान शंकर के अभिषेक में जल, घी, दूध, दही और चंदन इत्यादि शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुएं प्रयोग में लायी जाती है। चंद्रमा उनके माथा पर सदैव विराजमान होकर उन्हें शीतलता प्रदान करती है। मनुष्य के जीवन में विपरीत परिस्थिति, चिंता एवं तनाव और हतोत्साह का जलन आता ही रहता है।

हमारे जीवन के ताप को भी शीतलता की आवश्यकता होती है। अध्यात्म विज्ञान की शुरुआत शरीर, मस्तिष्क, मन और भावना की शीतलता से होती है। शीतलता ही पवित्रता का ही पर्याय है। शीतलता सद्ध जाने के बाद ज्ञान का उदय होता है और ज्ञान के बल पर भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए भगवान शंकर का वरदान रूपी सफलता प्राप्त होती है।

Published / 2024-07-31 20:54:07
श्री श्याम संघ ने मनाया कामिका एकादशी

31 किलो नाशपाती फल से सजा बाबा का दरबार

टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम संघ ने आज 31 जुलाई को स्थानीय श्री राधावल्लभ मंदिर में कामिका एकादशी मनाया। मुख्य यजमान संस्था के अध्यक्ष कमलेश संचेती ने सर्वप्रथम बाबा श्याम के ज्योत को प्रज्ज्वलित किया इसके बाद गणेश वंदना के साथ भजनों के कार्यक्रम को शुरू किया गया। कामिनी एकादशी के अवसर पर श्याम बाबा के शीश का भव्य श्रृंगार किया गया था। 

इस बार एकादशी 31 जुलाई को होने से 31 किलो नाशपाती फल से बाबा के दरबार को सजाया गया था। इसके अलावा अखंड ज्योत एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया। बाबा श्याम को आज मलाई टोस्ट, रबड़ी, पेड़ा, मेवा, केसरिया दूध, मगही पान का भोग लगाया गया। 

मंत्री संजय सुरेका ने बताया की सावन मास की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है. कामिका एकादशी के दिन जो भी व्यक्ति व्रत रखता है, उसे सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। इस व्रत को करने से जीवन के सभी दुखों से मिलती है और भगवान विष्णु की असीम कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है। 

इस एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु के साथ ही भगवान शिव का उपासना करने से सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। संस्था के सदस्यों ने मीठे मीठे भजनों का रसपान करवाया। रात्रि 11 बजे महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिल लोहिया, हरेंद्र अग्रवाल, संजय सुरेका, आकाश शर्मा, दीपक पोद्दार, विकास लोहिया, भगवती हेतमसरिया, रवि अग्रवाल, अभिषेक चौधरी, प्रवीण मंगल, उत्कर्ष लोहिया, वैभव ढानढनिया, रूपेश लोहिया, प्रदीप खोवाल, हेमंत जोशी ने अहम भूमिका निभायी। उक्त जानकारी श्री श्याम संघ, रांची के मीडिया प्रभारी सुमित अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2024-07-31 20:05:06
चार को भोलेनाथ का महारूद्राभिषेक करेगी माहेश्वरी महिला समिति

टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी महिला समिति रांची द्वारा भोले बाबा का प्रिय माह श्रावण महीने में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन 4 अगस्त रविवार स्थानीय माहेश्वरी भवन में किया जा रहा है। महिला समिति के सौजन्य से वर्षो से सामूहिक पार्थिव शिव रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। एकल परिवार या समय के अभाव से ऐसे कोई लोग होते हैं जिन्हें अभिषेक करना तो होता है पर कर नहीं पाते। 

खास कर उनके लिए इस तरह का आयोजन करना महिला समिति का लक्ष्य है। अध्यक्ष भारती चितलांगिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजयश्री साबू, उपाध्यक्ष अनीता साबू एवं वंदन मारू के अनुसार अभिषेक में सभी यजमान जोड़ों के लिए अलग-अलग कच्ची मिट्टी से बने शिव जी के साथ संपूर्ण पूजन सामग्री, दूध, दही, प्रसाद, पुष्प आदि की तैयारी समिति करेगी, जिसके लिए शुल्क निर्धारित है। 

कोषाध्यक्ष सरला चितलांगिया, सह सचिव कविता मंत्री, पूनम राठी, अंजना गट्टानी ने बताया इस बार रांची के आचार्य श्री अनूप जी दधीचि के सान्निध्य में यह महा रूद्राभिषेक 21 जोड़ों के साथ सुबह 10 बजे से पूजा प्रारंभ किया जायेगा। साथ भी प्रसाद भोजन भी रहेगा। सह कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने कहा कि इस पूजा में कोई भी भाग ले सकते हैं। 

पहले से समिति सदस्य या माहेश्वरी भवन में या फिर 9470110091  / 9430346664  में संपर्क करना होगा। रविवार को होने वाली पूजा के लिए सभी सदस्य तैयारी में जुटे हुए हैं। उक्त जानकारी माहेश्वरी महिला समिति रांची की मीडिया प्रभारी  रश्मि कोठारी मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Published / 2024-07-31 20:04:19
गायत्री साधक-शिष्यों का विश्व स्तरीय 24 घंटे का गृहे गृहे कामिका एकादशी पर अखंड जप-अनुष्ठान

एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार साधक-शिष्यों ने कामिका एकादशी पर व्रत उपवास एवं जप-अनुष्ठान बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह चार बजे तक का गृहे गृहे देवपूजन कर किया। राष्ट्रीय गायत्री साधक समूह आनलाइन जप- अनुष्ठान समूह संचालक ने आनलाइन संदेश दिया कि इस महती दैव योजना में गृह जप में शामिल हो भारत राष्ट्र के उत्थान, नवसृजन, सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन, सबको सद्बुद्धि उज्जवल भविष्य के निमित्त प्रार्थना में सभी साधक अपने बहुमूल्य समय का एक अंश देने का संकल्प लें। 

इस जाग्रत भाव से जप-अनुष्ठान में योगदान किए। इस पावन अवसर पर शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा परिसर, स्थानीय पीठों एवं मंडल शाखाओं और गृहे गृहे आवास में साधकों ने भागीदारी की। शक्तिपीठ सेक्टर टू में साधकों ने जप-अनुष्ठान के साथ यज्ञीय अनुष्ठान किये। 

इसमें साधक सदस्यों ने मंगलाचरण से रक्षा विधान में गुरु, गायत्री, ब्रह्मा विष्णु, महेश तथा सर्व देव आवाहन, नमन वंदन सहित विधिवत षोडशोपचार, स्वस्तिवाचन सहित यज्ञ किया। अनेक साधकों ने सबके कल्याणार्थ गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय मंत्र के साथ अन्य सहायक मंत्रों के भी जप किए। इस अवसर पर देश-विदेश से जुड़े वरिष्ठ साधक, युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय साधक तथा श्रद्धावान नन्हें मुन्ने साधक परिजनों ने भी महामंत्र जप के साथ ध्यान, मंत्र लेखन एवं सामूहिक स्वाध्याय किये।

सबने इस सामूहिक साधना से उत्पन्न ऊर्जा शक्ति को वेदमाता और गुरुवरश्री के श्रीचरणों में नवयुग सृजन और विश्व कल्याण के निमित्त समर्पित किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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