एबीएन सोशल डेस्क। गौ माता को राष्ट्र माता के पद पर प्रतिष्ठित करवाने हेतु गो क्रांति अग्रदूत परम पूज्य गोपाल मणि जी महाराज का रांची एयरपोर्ट पर आज 6 बजे आगमन हुआ। गोपाल मणि जी आज देहरादून से भाया दिल्ली होकर रांची ऐयरपोर्ट पहुंचे गो भक्तों एवम धर्म प्रेमियों के द्वारा अंग वस्त्र, पुष्पगुच्छ सहित माला पहनाकर उनका अभिनंदन और भव्य स्वागत किया गया।
रांची एयरपोर्ट से महाराज श्री चतरा के लिए प्रस्थान किये, जहां चतरा गौशाला के सानिध्य में महाराज श्री कल 9 जनवरी से 13 जनवरी 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 6 बजे तक धेनु मानस गो कथा का रसपान चतरा निवासियों को कराएंगे। महाराज श्री दृढ़ संकल्पित है कि गौ माता को राष्ट्र माता के जल्द से जल्द सुशोभित किया जाये।
महाराज श्री ने पूरे भारतवर्ष में इस हेतु कई बार आंदोलन भी किया और रेलिया भी निकाली है। अभिनंदन स्वागत में एयरपोर्ट पर किशन गोयल, मनोज बजाज, प्रमोद सारस्वत, प्रमोद कुमार पांडेय, गंगाधर शास्त्री, जितेंद पाठक, आलोक रंजन, रोहित कुमार चौरसिया, प्रशांत कुमार बैद्य, पिंटू कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का प्रथम वर्ष भारतीय काल गणना के अनुसार मनाया जायेगा। प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गयी थी। वर्ष 2025 के जनवरी मास में पौष शुक्ल द्वादशी 11 जनवरी को है। इसे प्रतिष्ठा द्वादशी कहा जायेगा, इस अवसर पर चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे।
शुक्ल यजुर्वेद मध्यंदनी शाखा के 40 अध्यायों के 1975 मंत्रों से अग्नि देवता को आहुति दी जायेगी, 11 वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे होम का यह कार्य प्रात: काल 8 से 11 बजे तक और अपराह्न 2 से सायं 5 बजे तक होगा। श्रीराम मंत्र का जप यज्ञ भी इसी कालखंड में दो सत्रों में होगा, 6 लाख मंत्र जप किया जायेगा। इसके अतिरिक्त राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त, आदित्य हृदय स्तोत्र, अथर्वशीर्ष आदि के पारायण भी होंगे
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम मंदिर मे श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा कृष्ण का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। चार दिवसीय श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा के अंतिम दिन कथा के यजमान सुनीता अग्रवाल राजू अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, विजय अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, नवल अग्रवाल, सपरिवार एवं संस्था के सदस्यों ने बड़े ही प्रेम से श्रीमद् भागवत का पूजन तथा स्वामी श्री सदानंद महाराज को माल्यार्पण चंदन- वंदन कर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं भक्तों के साथ श्रीमद् भागवत की आरती की कथा की अमृत वर्षा स्वामी सदानंद जी महाराज के मुखारविंद से भक्तों ने श्रवण किया।
आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन दिन व्यास पीठ पर आसीन संत श्री सदानंद महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि मन वाणी समस्त इंद्रियों के द्वारा जो जो भी करें वह सब परम पुरुष भगवान को समर्पित करते हुए करें। यही भागवत धर्म है। साधना भक्ति के द्वारा प्रेम भक्ति प्राप्त होती है और वह भगवान के पारायण होकर माया को अनायास ही पार हो जाता है। विषयी पुरुष को वन में भी कामादि शत्रु सताते हैं जितेन्द्रिय का घर में ही पांच इंद्रियों का निग्रह करना तप है। जिसके हृदय में वैराग्य जागृति हो उसके लिए घर ही तपोवन है।
समस्त उपनिषदों का सार है ब्रह्म और आत्मा का एकत्वरूप अद्वितीय सदवस्तु। वही श्रीमद्भागवत का प्रतिपाद्य विषय है। इसके निर्माण का प्रायोजन है एक मात्र कैवल्य मोक्ष है। जो लोग विषय चिंतन में लगे रहते हैं उनकी इंद्रिय विषयों में फंस जाती है।मन को भी उन्हीं की ओर खींच लेती है जैसे जलाशय के तिर पर उगे कुशादी जल खींचते उसी प्रकार इंद्रियां शक्ति मन बुद्धि विचार शक्ति को हर लेता है। जो लोग भगवान की लीलाओं को श्रद्धा के साथ नित्य श्रवण करते हैं उनके हृदय में थोड़े ही समय में भगवान प्रकट हो जाते हैं।
कथा के दौरान कलाकारों द्वारा के प्रसंग पर जीवित अद्भुत झांकियां प्रस्तुत की। संत महात्माओं की अमृत कथा, बीतक कथा तथा सुमधुर सुंदर भजनों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। तथा सभी भक्त भक्ति में भाव- विभोर होकर खूब झूमे। तथा महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का समापन हुआ। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के द्वारा स्वामी सदानंद जी महाराज, देश-विदेश से आए सभी संत महात्माओं एवं सभी भजन- गायकों, संगीतकारों का सम्मान किया गया।
सभी श्रोता प्रेम से भागवत भगवान को प्रणाम कर महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया अंत में उन्होंने कहा कि इस प्रकार सुखदेव जी के मुखारविंद से राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत कथा सुनी उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ । तत्पश्चात कथा के यजमान तथा उनके परिवार एव संस्था के सदस्यों ने व्यास पूजा कर पुर्णाहूति की। परम पूज्य गुरुवर ने बताया कि श्री कृष्ण प्रणामी लगातार 37 वर्षों से सेवा प्रकल्प का कार्य करती आ रही है जिसके अंतर्गत पोलियो ग्रस्त रोगियों का उपचार अनाथ लड़कियों का विवाह, लालन - पालन तथा शिक्षा की सेवा, गौ सेवा की जाती है।
गुरु जी श्री सदानंद जी महाराज शाम को हवाई मार्ग द्वारा दिल्ली के लिए प्रस्थान किये। संस्था के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल एवं सचिव मनोज चौधरी ने श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम मंदिर के उद्घाटन में पधारे सभी संत- महात्माओं, राज्य के गण्यमान्य लोगों, संस्था के सदस्यों, श्रद्धालुओं, एवं चार दिवसीय श्रीमद्भागवत के आयोजन में पूर्ण रुप से सहयोग करने के प्रति आभार व्यक्त किया। तथा उन्होंने उन सबों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने झारखंड राज्य का सबसे बड़े राधा- कृष्ण के मंदिर का निर्माण करने मे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से पूर्ण सहयोग किया।
ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने सभी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया बंधुओं के प्रति भी सफल आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम मे मुख्य रूप साध्वी मीणा महाराज, साध्वी पूर्णा महाराज, ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी, नवल अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, विजय अग्रवाल, ओम सरावगी, निर्मल छावनिका, विष्णु सोनी, मनीष जालान, विशाल जालान, नंदू चौधरी, पूरणमल सराफ, सुरेश चौधरी, सुरेश भगत, शिव भगवान अग्रवाल, सुनील पोद्दार, चिरंजी लाल खंडेलवाल, विनय कुमार, पवन तिवारी, रवि कुमार, श्रवण कुमार, प्रेमचंद श्रीवास्तव, अशोक लाठ, अनिल अग्रवाल, मनीष सोनी, अजय खेतान, मोहनलाल खंडेलवाल, वेंकट गाड़ोदिया, नितिन मोदी, संजय सर्राफ, जयप्रकाश मित्तल,गोविंद अग्रवाल, शिव पोद्दार, सुरेश अग्रवाल,विधा देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा अग्रवाल, विमला जालान, पुनम अग्रवाल, ललिता पोद्दार, चंदा देवी अग्रवाल, सुमन चौधरी, सीमा अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, वंदना अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा- धाम मंदिर में तीसरे दिन भी भगवान श्री राधा- कृष्ण के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में आयोजित चार दिवसीय श्रीमद् भागवत गीता कथा के तीसरे दिन संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज ने उद्धव चरित्र रुक्मणी विवाह एवं कृष्ण सुदामा लीला की मार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। कथा की अमृत वर्षा स्वामी जी के मुखारविंद से भक्तों ने श्रवण किया।
श्रीमद् भागवत कथा का तीसरा दिन श्रीमद् भागवत कथा के यजमान सुनीता अग्रवाल, राजू अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, विजय अग्रवाल सपरिवार एवं संस्था के सदस्यों ने बड़े ही प्रेम भाव से श्रीमद्भागवत का पूजन तथा स्वामी श्री सदानंद जी महाराज को माल्यार्पण चंदन-वंदन कर उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्तों के साथ श्रीमद् भागवत की आरती की।
श्रीमद् भागवत कथा व्यास पीठ पर आसीन संत सदानंद जी महाराज ने हुए कहा कि दुख- सुख को समझने वाले जिस धैर्यवान पुरुष को एक इंद्रियों के विषयों के संजोग व्याकुल नहीं करते वह मोक्ष के योग्य नहीं है। महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण के प्रति गोपियों के हृदय में प्रेम का वर्णन करते हुए कहा कि उद्धव से ज्ञानी को भी कहना पड़ा यह गोपियों तू धन्य हो तुम्हारा जीवन सफल है और तुम सारे संसार के लिए पूजनीय हो क्योंकि तुम लोगों ने इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण को अपना हृदय अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया है। नंद बाबा के ब्रज में रहने वाले गोपांगनाओ चरण धूलि को मैं बार-बार प्रणाम करता हूं।
भगवान श्री कृष्ण की अद्भुत लीलाएं सागर में द्वारकापुरी निर्माण कर वास किया। एक- एक कर 8 विवाह किया और एक ही मुहूर्त में 16100 कन्या से विवाह किया इतने बड़े परिवार में बड़े आनंद पूर्वक रहते थे। भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र एव अंतरंग सखा सुदामा जी थे। जिनकी कथा जग प्रसिद्ध है श्री सुदामा जी के एक मुट्ठी चावल के बदले अपना जैसा वैभव प्रदान किया।
भगवान संतों को महिमा गायन करते हुए कहा कि केवल जग में तीर्थ तीर्थ नहीं कहलाते हैं और केवल प्रतिमाएं ही देवता नहीं होती है संतोषी वास्तव में तीर छोड़ देता है क्योंकि उनका बहुत समय तक सेवन किया जाता पुण्य मिलता है प्रदूषण पुरुषों का तो दर्शन मात्र से कृतार्थ कर देते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव को ज्ञान उपदेश करते हुए कहा कि संसार मे जो भी मानव यह जगत क्या है इसमें क्या हो रहा है। इत्यादि बातों पर विचार करने में निपुण है वह चीत में भरी हुई अशुभ वासनाओं से अपने आपको स्वयं अपने विवेक शक्ति से प्राय बचा लेते हैं।
समस्त प्राणियों मे विशेष कर मनुष्य अपने प्रत्यक्ष अनुभव और अनुमान के द्वारा अपने हित अहित का निर्णय करने में समर्थ है। यदि कोई दुष्टों की संगति में पड़ कर अधर्म करने लग जाये। अपने इंद्रियों के बस में हो कर मनमानी करने लगे तो वह नरक में जाता है। भक्ति की प्राप्ति सत्संग से होती है जिसे भक्ति प्राप्त हो जाती है वही भगवान की उपासना करता है। कृष्ण- सुदामा के मार्मिक प्रसंग तथा कृष्ण सुदामा के मिलन पर पूरा मंदिर परिसर आनंदित भाव-विभोर हो गया। कथा के दौरान कलाकारों द्वारा कई प्रसंगों पर जीवंत अद्भुत झांकियां प्रस्तुत की।
मनमोहक एवं आकर्षक झांकियां देखकर भक्तजन आनंद लेते हुए खूब झूमे, पूरा परिसर श्री कृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हो गया। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रीमद् भागवत कथा मे स्वामी टहल किशोर महाराज, स्वामी श्यामानंद महाराज, जगत राज महाराज, स्वामी मोहन प्रियाचार्य जी महाराज द्वारा अमृत कथा, वाणी चर्चा एवं बीतक कथा तथा सुंदर सुमधुर भजनों का श्रवण करा कर सभी भक्तों को आनंद विभोर कर दिया। महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन हुआ। शीश महल मे विराजे भगवान श्री राधा-कृष्ण का दर्शन कर हजारों श्रद्धालुओं मे बड़े ही उत्साह एवं उमंग का माहौल था।
उक्त जानकारी देते हुए ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि कार्यक्रम में साध्वी मीणा महाराज, साध्वी पूर्णा महाराज, ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी, नवल अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, विजय अग्रवाल, संजय सर्राफ, ओम सरावगी, निर्मल छावनिका, विष्णु सोनी, मनीष जालान, विशाल जालान, नंदू चौधरी, पूरणमल सराफ, सुरेश चौधरी, सुरेश भगत, शिव भगवान अग्रवाल, सुनील पोद्दार, चिरंजी लाल खंडेलवाल,विनय कुमार, पवन तिवारी,रवि कुमार, श्रवण कुमार,प्रेमचंद श्रीवास्तव, अशोक लाठ, अनिल अग्रवाल, मनीष सोनी, अजय खेतान, मोहनलाल खंडेलवाल, वेंकट गाड़ोदिया, नितिन मोदी, जयप्रकाश मित्तल, गोविंद अग्रवाल, शिव पोद्दार, सुरेश अग्रवाल, विधा देवी अग्रवाल, अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, संतोष देवी अग्रवाल, शोभा अग्रवाल, विमला जालान, पुनम अग्रवाल, ललिता पोद्दार, चंदा देवी अग्रवाल, सुमन चौधरी, सीमा अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, वंदना अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। राज्य का सबसे बड़ा राधा- कृष्ण मंदिर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम मंदिर में उद्घाटन के दूसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर एवं शीश महल में विराजमान भगवान श्री राधा-कृष्ण का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आयोजित चार दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन यजमान श्रीमती सुनीता अग्रवाल- राजू अग्रवाल एवं परिवार के सभी सदस्यों तथा संस्था के सदस्यों ने बड़े प्रेम से श्रीमद्भागवत का पूजन तथा स्वामी श्री सदानंद जी महाराज, टहल किशोर महाराज, स्वामी श्यामानंद महाराज, जगत राज महाराज, मोहन प्रियाचार्य जी महाराज को माल्यार्पण चंदन वंदन कर उपस्थित सभी श्रद्धालु भक्तों के साथ श्रीमद् भागवत सार कृष्ण अमृत कथा, वाणी चर्चा, बीतक कथा, की गई।
श्रीमद् भागवत की आरती की गयी। कथा की अमृत वर्षा श्री सदानंद जी महाराज के मुखारविंद से भक्तों ने श्रवण किया। श्री राधा- कृष्ण मंदिर मे दूसरे दिन श्री कृष्ण कथा के व्यास पीठ पर विराजमान संत शिरोमणि श्री स्वामी सदानंद महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग विषय चिंतन में लगे रहते हैं उनकी इंद्रिय विषयों में फंस जाती है उनको उन्हीं की ओर खींच लेती है जैसे जलाशय के तीर पर उगे पेड़ आदि खेल खेलते हैं।
उसी प्रकार इंद्रियां शक्ति मन बुद्धि विचार शक्ति को हर लेती है अत: सकारात्मक सोच के साथ चिंतन करें। महापुरुषों के संग प्राप्त ज्ञान रुप खड़क के द्वारा इस लोक में ही अपने मोह बंधन कार्ड डालना चाहिए। फिर भी श्री हरि की लीलाओं कथन और श्रवण से भगवती स्मृति बने रहने के कारण सुगमता से भगवत प्राप्ति कर सकते हैं।
महाराज जी ने भगवान श्री कृष्ण के प्रति गोपियों के हृदय में प्रेम का वर्णन करते हुए कहा कि उधर जैसे ज्ञानी को भी कहना पड़ा है। गोपियों तो धन्य हो तुम्हारा जीवन सफल है तुम सारे संसार के लिए पूजनीय हो क्योंकि तुम लोगों के इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण को अपना हृदय अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया है नंद बाबा के ब्रज में रहने वाले गोपाल मनाओ की चरण धूलि को मैं बार-बार प्रणाम करता हूं।
भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला सुनाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण को जिस भाव से याद किया है वे उसी भाव में आकर गोप गोपियों को आनंद प्रदान किया भगवान तो अंतर्यामी है वह भक्तवत्सल यहां भक्तों की भावना समझते हैं वह भक्तों के बस में अनेक लीला करते हुए भक्तों का आनंदित किया दोस्तों को संसार करके धन की स्थापना की गिराज पर्वत उठाकर ब्रिज बुलाओ की इच्छा पूरी की कंस का उद्धार करके मथुरा से द्वारका वास किया।
स्वामी मोहन प्रियाचार्य महाराज ने वाणी चर्चा में श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान की चर्चा की तथा सुंदर भजन सरवन कराकर आनंद विभोर कर दिया। सुमधुर भजनों एवं मनमोहन झांकियां देखकर भक्तजन आनंद लेते हुए खूब झूमे, पूरा वातावरण भक्तिमय व कृष्णमय हो गया। आज भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय पूरा मंदिर परिसर कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। भक्तगण आनंदित भाव- विभोर हो गए।
संत श्री सदानंद जी महाराज ने प्रवचन में भजनों के माध्यम से श्रीमद् भागवत कथा की महिमा बताएं भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के बाद आज की कथा को विश्राम दिया गया। कथा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।
उक्त जानकारी देते हुए ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, सचिव मनोज चौधरी, कोषाध्यक्ष नवल अग्रवाल, विद्या अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सराफ, अनिल कुमार अग्रवाल, विशाल जालान, अजय खेतान, मनीष जालान, वेंकट गाड़ोदिया, निर्मल छावनिका, चिरंजी लाल खंडेलवाल, पूनम अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, विष्णु सोनी, अशोक लाठ, सुनील पोद्दार, सुरेश अग्रवाल, मनीष सोनी, ओम सरावगी, गोविंद अग्रवाल, सुरेश भगत, नितिन मोदी, दीपक चौधरी, नंदू चौधरी, जयप्रकाश मित्तल, मोहनलाल खंडेलवाल, शिव भगवान अग्रवाल, शिव पोद्दार, शोभा अग्रवाल, संजय सर्राफ के अलावे बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ आगामी 11 जनवरी, 2025 को मनायी जायेगी। यह बातें विश्व हिंदू परिषद, झारखंड-बिहार के सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने बतायी। डॉ साहु ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि में प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को जिस प्रकार से श्रीराम नवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और विवाह पंचमी जैसे त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार मनाये जाते हैं ठीक उसी प्रकार श्रीराम मंदिर की प्रतिष्ठा का वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनायी जायेगी।
ज्ञात हो कि प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी तदनुसार 22 जनवरी 2024 को की गयी थी। इस वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार यह तिथि 11 जनवरी, 2025 को पड़ेगी। अत: प्राण प्रतिष्ठा का वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को ही मनायी जायेगी। इस वर्ष श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 11 से 13 जनवरी 2025 तक तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करेगा।
कार्यक्रम में उन संतों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा के लिए बुलाया नहीं जा सका या जो किन्हीं कारणों से नहीं आ सके थे। श्रीराम मंदिर परिसर के अंदर और बाहर वार्षिक महोत्सव में आम जनता के भाग लेने की भी व्यवस्था की गयी है। 11 जनवरी को प्रात: काल से ही भोग प्रसाद वितरण, दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर श्रीरामलला का अभिषेक और भव्य आरती व संध्या बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम सह भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा । प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में पांच अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, जिसमें श्रीराम मंदिर परिसर के यज्ञ मंडप में अग्नि देवता को आहुति दी जायेगी।
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ, श्रीराम कथा, प्रवचन, श्रीहनुमान चालीसा पाठ सहित कई कार्यक्रम होगा। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीले पर आम जनता के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंदिर परिसर के भीतर आयोजित कार्यक्रम में केवल आमंत्रित सदस्यों को ही भाग लेने की अनुमति होगी।
टीम एबीएन, रांची। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा के 150 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था आज 4 जनवरी, शनिवार को पटना साहिब में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 358वें प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए हटिया रेलवे स्टेशन से रात 10 बजे रवाना हुआ।
हटिया पटना ट्रेन के लेट होने के कारण सभी श्रद्धालुओं के लिए सत्संग सभा द्वारा गुरुनानक स्कूल पीपी कंपाउंड से तीन बसें मंगायी गयी, जिससे सभी श्रद्धालु रात 8.30 बजे कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा साहब से हटिया स्टेशन के लिए रवाना हुए। गुरु नानक सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने सभी श्रद्धालुओं को माला पहनकर विदा किया एवं सफल यात्रा की शुभकामनाएं दी।
एक अन्य जत्थे में 15 श्रद्धालु आज शाम 4.30 बजे वंदे भारत ट्रेन से पटना साहिब के लिए रवाना हुए। जत्था में गये सभी श्रद्धालु पटना साहिब में प्रकाश पर्व के उपलक्ष में आयोजित सभी आयोजनों में भाग लेंगे तथा गुरुद्वारा परिसर स्थित अजायबघर भ्रमण कर गुर इतिहास से रूबरू होंगे और साथ ही तख्त श्री हरमंदिर साहिब जी में श्री गुरु गोविंद सिंह जी के अस्त्र- शस्त्र के दर्शन भी करेंगे। पटना साहिब जा रहे सभी श्रद्धालुओं का जत्था 8 जनवरी को रांची वापस लौटेगा।
सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने बताया कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष में आज 4 जनवरी शनिवार को रात 9:30 बजे गुरुद्वारा साहिब, कृष्णा नगर कॉलोनी में श्री अखंड पाठ साहिब की शुरुआत होगी, जिसका भोग प्रकाश पर्व की रात 6 जनवरी सोमवार को रात 12 बजे होगा। मौके पर सत्संग सभा रात 8 बजे से मध्य रात्रि 1 बजे तक विशेष दीवान सजेग। दीवान समाप्ति के उपरांत गुरु का अटूट लंगर चलाया जायेगा।
श्रद्धालुओं के जत्थे के रांची वापस पहुंचने के बाद 11 एवं 12 जनवरी को सत्संग सभा द्वारा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में दो दिवसीय भव्य विशेष दीवान सजाया जायेगा। जिसमें 11 जनवरी, शनिवार को सुबह 8 से 10 बजे तक तथा रात आठ बजे से ग्यारह बजे तक एवं 12 जनवरी, रविवार को सुबह दस बजे से दोपहर ढाई बजे तक विशेष दीवान सजाया जायेगा।
इन सभी दीवानों में विशेष रूप से शिरकत करने पहुंच रहे सिख पंथ के महान कीर्तनी जत्था भाई गुरमन प्रीत सिंह जी, दिल्ली वाले शबद गायन कर राची की साध संगत को निहाल करेंगे। सभी दीवानों की समाप्ति के उपरांत सभा द्वारा गुरु का अटूट लंगर चलाया जायेगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा (8709349310) ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। पिछले साल नवंबर में भारत द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू करने के बाद, नेपाल ने बाल विवाह को समाप्त करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करके दक्षिण एशिया क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नेपाल सरकार द्वारा शुरू किया गया बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) और बैकवर्ड एजुकेशन सोसायटी (बेस) नेपाल रणनीतिक भागीदार हैं।
इस अभियान का उद्घाटन काठमांडू में एक कार्यक्रम में किया गया। जहां महिला, बाल एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय के मंत्री नवल किशोर साह सुदी, नेपाल के लुंबिनी प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री और बेस संस्था के संस्थापक दिल्ली बहादुर चौधरी, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक और जानेमाने बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु भी मौजूद थे, जो बाल विवाह मुक्त विश्व के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में नेपाल के सभी सातों प्रांतों के मंत्रालयों के मंत्री शामिल हुए और इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए राष्ट्र की एकजुटता और प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
बाल विवाह के खात्मे के लिए भारत की रणनीतियों पर अमल करते हुए बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान उन जिलों और समुदायों पर ध्यान केंद्रित करेगा जहां बाल विवाह के चलन की दर ज्यादा है। इसके लिए बाल विवाह के खिलाफ नेपाल के कानूनों के बारे में युवाओं और समुदायों में जागरूकता का प्रसार किया जाएगा।
अभियान के दौरान पूरे देश में लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। इसमें सरकारी कर्मचारियों, वकीलों, नागरिक समुदाय के सदस्यों, धार्मिक नेताओं और बच्चों जैसे सभी हितधारकों को साथ लिया जायेगा ताकि देश से 2030 तक बाल विवाह का खात्मा किया जा सके। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 27 नवंबर 2024 को नई दिल्ली में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी जिसका लक्ष्य 25 करोड़ लोगों तक पहुंचना है।
देश के 416 जिलों में बाल विवाह के खात्मे के लिए अभियान चला रहे 250 गैर सरकारी संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने अकेले ही 2,50,000 बाल विवाह रुकवाये हैं। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के जमीनी हस्तक्षेपों और जनहित याचिकाओं के नतीजे में 2024 में बच्चों की सुरक्षा के लिए कई ऐतिहासिक फैसले आये, जिससे यह देश में बाल अधिकारों की रक्षा के पर्यायवाची के रूप में उभरा है।
बच्चों के प्रति इस सबसे घृणित अपराध के खिलाफ वैश्विक समुदाय की प्रतिबद्धता और इसकी तात्कालिकता को रेखांकित करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक और प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु ने कहा- आज का दिन हर मायने में हमारे लिए ऐतिहासिक है। बाल विवाह मुक्त विश्व के सपने के साथ शुरू हुआ यह सफर बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में तमाम देशों और सरकारों के शामिल होने से धीरे-धीरे वास्तविकता में बदलने लगा है।
ऋभु ने कहा कि बाल विवाह मानवाधिकारों के हनन का सबसे वीभत्स स्वरूप है और भारत दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इसके खिलाफ लड़ाई की मोर्चे से अगुआई कर रहा है। अब नेपाल सरकार के बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान शुरू करने से इसके खात्मे की लड़ाई में हमारी सामूहिक शक्ति में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। यह सिर्फ एक मील का पत्थर ही नहीं बल्कि बच्चों की गरिमा, स्वतंत्रता, स्वास्थ्य, शिक्षा और हर बच्चे को सुरक्षा देने के वादे को दोहराने का दिन है। आज एक नये युग की शुरुआत है।
बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई को वैश्विक विस्तार देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने 2 दिसंबर 2024 से 8 दिसंबर 2024 के बीच बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक शपथ सप्ताह मनाया। इस दौरान भारत व नेपाल सहित एशिया, अफ्रीका व अमेरिका के 39 देशों ने इसमें शिरकत की। बाल विवाह के खिलाफ इस जंग को मिला अप्रत्याशित और अभूतपूर्व वैश्विक समर्थन इस वास्तविकता को रेखांकित करता है कि बाल विवाह मानवाधिकारों के उल्लंघन का सबसे भयावह स्वरूप है और इसके खात्मे के लिए सामूहिक कार्रवाइयों की आवश्यकता है।
बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान इस हिमालयी देश से इस बुराई के खात्मे की दिशा में एक बेहद अहम और जरूरी कदम है क्योंकि बाल विवाह की दर के मामले में नेपाल दक्षिण एशिया में दूसरे स्थान पर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 20 से 24 आयु वर्ग की 35 प्रतिशत लड़कियों का विवाह उनके 18 साल की होने से पहले ही हो जाता है।
हालांकि नेपाल में लड़के और लड़कियों के लिए विवाह की कानूनी उम्र 20 साल है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि देश की 54 लाख लड़कियों में 15 लाख का विवाह उनके 15 साल की होने से पहले ही हो गया था। ये आंकड़े भयावह हैं लेकिन माना जा रहा है कि नेपाल सरकार की इस पहल से बाल विवाहों पर तेजी से रोक लगेगी। इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।
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