समाज

View All
Published / 2025-05-25 21:51:54
जनजातीय जीवन मूल्यों की रक्षा से ही होगा समरस समाज व समृद्ध राष्ट्र का निर्माण : विनोद बंसल

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। पश्चिमी दिल्ली के आर्यसमाज मंदिर रानीबाग के सत्संग भवन में श्री अखिल भारतीय दयानंद सेवाश्रम संघ के तत्वावधान में आयोजित 42वें वैचारिक क्रांति शिविर में बोलते हुए विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आज कहा कि जनजातीय समाज के जीवन मूल्यों की रक्षा से ही समरस समाज के साथ समृद्ध राष्ट्र का निर्माण हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम 14 वर्ष के वनवासी जीवन की पूर्णता पर ही भगवान् श्री राम बन पाए। 13 वर्ष के वनवास व एक वर्ष के अज्ञात वास के बाद ही पांडव महा भारत को जीत पाए। वनांचल में रहने वाले जनजातीय समाज की समृद्ध प्राचीन परंपराओं ने ही देश को भगवान् बिरसा मुंडा, सिद्धु-कान्हु, टंट्या भील, भीमा नायक, रानी गाइडिनल्यू और लक्ष्मण नायक जैसे अनेक वीर वीरांगनाएं विद्वान् व महापुरुष दिए। हमें इन परंपराओं पर गर्व है। ऐसे शिविरों में सीखे यम नियम आसन प्राणायाम ध्यान व राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण की भावनाएं ही हमें बड़ा और महान् बनाती हैं।

असम नगालैंड मिजोरम त्रिपुरा मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ उड़ीसा राजस्थान, बिहार, झारखंड, यूपी व उत्तराखण्ड जैसे दर्जन भर राज्यों के वनवासी, गिरिवासी व जनजातीय क्षेत्रों से आए 150 छात्र छात्राओं के साथ लगभग एक सौ बालबाडी शिक्षकों के सप्ताह भर चलने वाले इस शिविर के तीसरे दिन आज ओजस्वी संत श्री स्वामी सच्चिदानंद ने उनका यज्ञोपवीत संस्कार कराया।

दर्शनाचार्य विमलेश आर्या ने तो अपनी काव्यमयी प्रश्नोत्तरी द्वारा बच्चों को खेल -खेल में ही महत्वपूर्ण जानकारी देकर बहुत आनंद दिलाया तथा अपनी स्वरचित पुस्तक दयानंद मंजरी भी विजेता बच्चों में वितरित की।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक व भाजपा मन्दिर प्रकोष्ठ के संयोजक ने भी अपने विचार रखे तथा संघ के महामंत्री श्री जोगिंद्र खट्टर के साथ समस्त आयोजक टीम व अन्यान्य संगठनों के लगभग 150 बंधु भगिनी व प्रबुद्ध जन भी उपस्थित थे। आचार्य जीव वर्धन, स्वामी विश्वामित्र जी भी मंच को शोभायमान कर रहे थे तथा भजन गायक श्री विनोद आर्य के प्रेरक मधुर भजन भी हुए। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दी।

Published / 2025-05-25 21:39:13
धन धन हमारे भाग घर आया पीर मेरा....

  • श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के आगमन पर धन धन हमारे भाग घर आया पीर मेरा.... शबद गायन से गूंज उठी कृष्णा नगर कॉलोनी

टीम एबीएन, रांची। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा, रातु रोड में आज 25 मई, रविवार को टाटानगर से पुष्प से सुसज्जित वाहन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप लाया गया। गुरु नानक सत्संग सभा के तत्वाधान में गुरुनानक सेवक जत्था के श्रद्धालु मनीष मिढ़ा के नेतृत्व में कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को टाटानगर से रांची ले आने के लिए दोपहर बारह बजे चार पहिया वाहनों से रवाना हुए।

जिसमें कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पांच विरध (वृद्ध) स्वरूप और संची साहिब को पुष्प से सज्जित वाहन में विराजमान कर सड़क मार्ग से टाटानगर स्थित टेल्को गुरुद्वारा साहिब ले जाया गया और यह स्वरूप धर्म प्रचार समिति, अकाली दल, जमशेदपुर को सौंप दिया गया। वहां लंगर छकने के बाद वाहेगुरु जी से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के नये पावन स्वरूप को सड़क मार्ग द्वारा रांची ले आने की अरदास हुई।

तत्पश्चात वहां से शाम छह बजे जत्था रांची के लिए रवाना हुआ। यह जत्था रात नौ बजे कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित नानक चंद जी अरोड़ा के चौक पहुंचा और वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पांच पावन स्वरूप के स्वागत में पहले से ही स्त्री सत्संग सभा की कीर्तन मंडली के सदस्य शबद गायन कर रहे थे। पावन स्वरूप के पहुंचते ही वहां पर मौजूद लगभग पंद्रह सौ श्रद्धालुओं ने बोले सो निहाल सत श्री अकाल का जयघोष कर श्री पावन स्वरूप का श्रद्धाभाव से स्वागत किया और नगर कीर्तन निकाल कर पुष्प वर्षा और शबद गायन करते हुए गुरुद्वारा साहिब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई की.


कीर्तन मंडली की शीतल मुंजाल,गीता कटारिया,इंदु पपनेजा,नीता मिढ़ा,मंजीत कौर,रेशमा गिरधर,बबीता पपनेजा,सुंदर दास मिढ़ा,सुरजीत मुंजाल,रमेश पपनेजा एवं इंदर मिढ़ा ने रास्ते भर " ...." एवं " दर्शन देख जीवां गुरु तेरा पूरण करम होये प्रभु मेरा...." तथा " आज्ञा भई अकाल की तबै चलायो पंथ,सब सिखन को हुकुम है गुरु मानयो ग्रंथ...." जैसे कई शबद गायन कर कृष्णा नगर कॉलोनी को भक्तिमय कर दिया.सभी महिला श्रद्धालु सफेद सलवार कमीज और केसरिया दुपट्टाऔर पुरुष श्रद्धालु सफेद कुर्ता पायजामा पहन कर नगर कीर्तन में शामिल हुए. पावन स्वरूप के गुरुद्वारा साहिब पहुंचने पर सत्संग सभा द्वारा सजाए गए विशेष दीवान में हजूरी रागी जत्था भाई महिपाल सिंह जी ने " धन धन हमारे भाग घर आया पीर मेरा......" एवं " जे होवै भाग ता दरसन पाईऐ आपि तरै सभ कुटम्ब तराईऐ...."  शबद गायन कर गुरु ग्रंथ साहिब जी की महिमा का गुणगान किया.जानी जिवेंदर सिंह जी द्वारा अरदास,हुकुमनामा के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को सुखासन कराया गया.कढ़ाह प्रशाद वितरण के साथ कार्यक्रम की समाप्ति रात 10:30 बजे हुई.मंच संचालन मनीष मिढ़ा ने किया.सभा के सचिव अर्जुन देव मिढ़ा ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप के आगमन की समूह साध संगत को बधाई दी. इस मौके पर सत्संग सभा द्वारा श्रद्धालुओं के लिए गुरु का अटूट लंगर चलाया गया .
आज के कार्यक्रम में सुरेश मिढ़ा,हरगोबिंद सिंह,लेखराज अरोड़ा,महेश सुखीजा,प्रेम मिढ़ा,नरेश पपनेजा,चरणजीत मुंजाल,अशोक गेरा,सुभाष मिढ़ा,हरजीत बेदी,हरविंदर सिंह हन्नी,मोहन लाल अरोड़ा,नीरज गखड़, अश्विनी सुखीजा,रमेश गिरधर,सागर थरेजा,मोहन काठपाल,जीवन मिढ़ा,अनूप गिरधर,बिनोद सुखीजा,हरीश मिढ़ा,इंदर मिढ़ा,रमेश पपनेजा,नानक चंद अरोड़ा,महेंद्र अरोड़ा,राजकुमार सुखीजा,बसंत काठपाल,लक्ष्मण अरोड़ा,पंकज मिढ़ा,आशु मिढ़ा,नवीन मिढ़ा,पवनजीत सिंह खत्री,पुरुषोत्तम सरदाना,अमरजीत सिंह मुंजाल,राजेंद्र मक्कड़,नीरज सरदाना,ईशान काठपाल,किशन गिरधर,सूरज झंडई, करण अरोड़ा,इनीश काठपाल,कुणाल चूचरा,कमल मुंजाल,उमेश मुंजाल,राकेश गिरधर,रमेश तेहरी,कमल धमीजा,अजय मुंजाल,जय गाबा,पीयूष थरेजा,जसवंत चूचरा,मनीष मल्होत्रा,पीयूष मिढ़ा, मनोहरी काठपाल,बबली दुआ, तीर्थी काठपालिया,शीतल मुंजाल,मनजीत कौर,हरजिंदर कौर,बिमला मिड्ढा,रमेश गिरधर,रेशमा गिरधर, नीता मिड्ढा,ममता थरेजा,नीतू किंगर, इंदु पपनेजा,दुर्गी देवी मिड्ढा, खुशबू मिड्ढा,आशा मिड्ढा,एकता मिड्ढा,गूंज काठपाल,रश्मि मिड्ढा,उषा झंडई,बबीता पपनेजा, पूनम मुंजाल, किरण अरोड़ा,बंसी मल्होत्रा,श्वेता मिड्ढा,अमर मुंजाल,अंजू धमीजा,किरण मक्कड़,जसवीर मुंजाल,सुषमा गिरधर,अमर बजाज,रजनी तेहरी,अंजू काठपाल, रजनी मक्कड़, मीडिया प्रभारी, नरेश पपनेजा (8709349310) भी थे।

Published / 2025-05-25 18:54:18
युवा सपनों और रुचियों को मिल रहा समाज के हर वर्ग का समर्थन : स्वामी मुक्तरथ

  • Zoca Dine & Bar में सफलतापूर्वक आयोजित BGMI चैंपियनशिप लीग – युवाओं के जुनून और संस्कृति का अद्भुत संगम

टीम एबीएन, रांची। हाल ही में Zoca Dine & Bar में आयोजित BGMI (बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया) चैंपियनशिप लीग ने न केवल क्षेत्र के प्रतिभाशाली गेमर्स को एक मंच प्रदान किया, बल्कि समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वामी मुक्तरथ बाबा की उपस्थिति ने एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयाम जोड़ा। यह संदेश स्पष्ट था कि आज के युवाओं के सपनों और रुचियों को अब समाज के हर वर्ग से समर्थन मिल रहा है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से हिमांशु पांडे, रजत कुमार, और त्रिप्त संभव ओझा जैसे विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे, जिन्होंने न केवल प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणादायक संवाद भी प्रस्तुत किया।

यह आयोजन केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं था, बल्कि यह कौशल, रणनीति और युवा ऊर्जा का उत्सव था। Zoca Dine & Bar ने एक आदर्श आयोजन स्थल के रूप में शानदार माहौल प्रदान किया, जहां खेल और मनोरंजन दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला।

हम इस आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई देते हैं और आशा करते हैं कि भविष्य में भी इस प्रकार के ईस्पोर्ट्स कार्यक्रमों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता रहेगा। ईस्पोर्ट्स केवल एक ट्रेंड नहीं, बल्कि आने वाला भविष्य है — और यह देखकर खुशी होती है कि इसे इतनी सकारात्मकता और स्वीकार्यता के साथ अपनाया जा रहा है।

Published / 2025-05-24 19:29:15
प्रतिभा ग्रुप का चार दिवसीय समर कैंप कार्यक्रम संपन्न

टीम एबीएन, रांची। प्रतिभा ग्रुप द्वारा आयोजित चार  दिवसीय समर कैंप कार्यक्रम का समापन हुआ। गायत्री मंदिर सेक्टर टू युग निर्माण कन्या विद्यालय स्कूल कैंपस में ये कार्यक्रम आयोजन 20 मई से 23 मई तक चला। इसका आयोजन ग्रुप की संचालिका कुमारी अनुपमा द्वारा किया गया। 

ग्रुप की मेंबर रिंकू सिंह, अनीता, कृष्णा, ज्योत्सना, शैला सिंह, आराधना, सुनीता पांडे, षोडशी रानी, विद्या, नीतू, मीनू शुभश्री तिवारी, नीलिमा, श्यामा, इन सबने भरपूर सहयोग किया। इसमें बच्चे खेल खेल में धार्मिक गतिविधि में भाग लिये एवं गेम्स, डांस म्यूजिक, पेंटिंग, जनरल नॉलेज के अलग अलग पीरियड में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिये। प्रतिभा ग्रुप के सारे मेंबर्स का इस कार्यक्रम में सराहनीय  योगदान रहा। बच्चों के बीच आज प्राइज बांटा गया। 

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने गायत्री मंदिर के प्रबंधक जटाशंकर झा एवं  रांची विमेंस कॉलेज की प्रोफेसर इंग्लिश डिपार्टमेंट अनीता सिंह सेल सिटी क्लब की प्रेसिडेंट और  समाज सेवी एवं बीजेपी महिला मोर्चा झारखंड प्रदेश की मंत्री नीलम चौधरी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इसे सफल बनाया। उक्त जानकारी प्रतिभा ग्रुप की सदस्य रिंकू सिंह ने दी।

Published / 2025-05-23 21:51:37
हार्वर्ड रिसर्च से खुलासे के बाद बढ़ रही मेडिटेशन में लोगों की रूचि

  • हार्वर्ड रिसर्च से खुलासा, सदगुरू के मेडिटेशन टेक्निक से दिमाग रहता है यंग, अल्जाइमर-डिमेंशिया का खतरा भी होता है कम 
  • हाल ही में वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि समयमा साधना मेडिटेशन का अभ्यास करने से ब्रेन एजिंग प्रक्रिया को रिवर्स किया जा सकता है। इसे सद्गुरू ने विकसित किया है 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इससे आपके आॅर्गन्स की फंक्शनिंग भी प्रभावित होती है, इनमें ब्रेन भी शामिल है। उम्र बढ़ने के साथ ही याददाश्त का कमजोर होना एक आम बात है। इसीलिए आपके दादा-दादी, नाना-नानी को भी बातों को याद रखने और चीजों पर ठीक तरीके से फोकस कर पाने में कठिनाई हो सकती है। 

लेकिन क्या आप जानते हैं अपने डेली रूटीन में आप एक चीज को शामिल करके अपने ब्रेन की एज को कम कर सकते हैं। जी हां, ये संभव है मेडिटेशन से। हाल ही में हार्वर्ड के वैज्ञानिकों ने भी एक नई रिसर्च में पाया है कि एडवांस मेडिटेशन ब्रेन के बायोलॉजिकल एज को कम कर सकता है। रिसर्च के मुताबिक, नियमित और डीप मेडिटेशन करने वाले लोगों का दिमाग औसत 5.9 साल तक जवान पाया गया। 

जानकारी के लिए आपको बता दें यह शोध ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरू द्वारा विकसित समयमा साधना नामक मेडिटेशन रिट्रीट में भाग लेने वाले ध्यानकर्ताओं पर आधारित है। जब वैज्ञानिकों ने समयमा साधना में भाग लेने वाले लोगों के दिमाग की जांच की, तो इसके चौंकाने वाले नतीजे सामने आये। 

Published / 2025-05-23 20:28:46
वट सावित्री व्रत 26 मई को

वट सावित्री व्रत महिलाओं के साहस, समर्पण और प्रेम का प्रतीक : संजय सर्राफ 

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग व श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि इस वर्ष वट सावित्री व्रत 26 मई सोमवार को मनाया जायेगा। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी अमावस्या तिथि 26 मई को 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 27 मई को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर तिथि का समापन होगा ऐसे मे 26 मई को वट सावित्री व्रत किया जायेगा। इसी दिन सोमवती अमावस्या मनायी जायेगी। 

वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो पति की लंबी उम्र और सुखमय दांपत्य जीवन की कामना से जुड़ा हुआ है। यह व्रत विशेष रूप से सावित्री के अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाने की पौराणिक कथा से प्रेरित है। वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। 

मान्यता है कि इस दिन वट वृक्ष की पूजा करने से त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन किए गए व्रत से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। 

वट वृक्ष के नीचे पूजा स्थल तैयार करें, वट वृक्ष की सात परिक्रमा करें और उसे पवित्र धागे से बांधें, सावित्री- सत्यवान की कथा सुनें या पढ़ें, जो इस दिन का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान है। भोग अर्पण और दान: व्रत के अंत में व्रति फल, मिठाई, पंखा, वस्त्र आदि का दान करें।पूजा के लिए आवश्यक सामग्री में देसी घी, भीगे हुए काले चने, मौसमी फल जैसे आम, अंगूर, खरबूज, अक्षत, धूपबत्ती, वट वृक्ष की डाली, गंगाजल, मिट्टी का घड़ा, सुपारी, पान, सिंदूर, हल्दी और मिठाई शामिल हैं। 

वट सावित्री व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह महिलाओं के साहस, समर्पण और प्रेम का भी प्रतीक है। इस दिन विवाहिताएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय जीवन की कामना करती हैं। यह पर्व भारतीय समाज में महिलाओं की शक्ति और उनके परिवार के प्रति समर्पण को दर्शाता है। तो यह अवसर महिलाओं के लिए अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करने का है। 

इस दिन व्रति अपने घरों में शांति, प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनायें और इस पवित्र पर्व का उल्लासपूर्वक पालन करें। वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विवाहिताओं के लिए सौभाग्य और समृद्धि की कामना से जुड़ा हुआ है। 

इस दिन की गयी पूजा और व्रत से न केवल धार्मिक लाभ होता है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके योगदान को भी सम्मानित करता है। वट सावित्री व्रत को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाएं और अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

Published / 2025-05-22 22:00:18
हिमाचल के युल्ला कांडा में है दुनिया का सबसे ऊंचा श्रीकृष्ण मंदिर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। युल्ला कांडा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के निचार तहसील में स्थित है और इसे दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर माना जाता है।  यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,895 मीटर (12,780 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है और एक पवित्र झील के मध्य में स्थित है, जिसे पांडवों द्वारा उनके वनवास के दौरान बनाया गया माना जाता है। 
यहां हर वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य उत्सव आयोजित होता है, जिसमें किन्नौर और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु भाग लेते हैं। 
यात्रा की शुरूआत युल्ला खास गांव से होती है, जो रिकांग पिओ से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां से लगभग 12 किलोमीटर की ट्रेकिंग करके मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। 
यह ट्रेक मध्यम कठिनाई का है और इसमें घने जंगलों, हरे-भरे घास के मैदानों और ऊंचे पर्वतीय रास्तों से होकर गुजरना होता है। 
यात्रा का सर्वोत्तम समय मई से अक्टूबर के बीच होता है, जब मौसम सुहावना होता है और रास्ते खुले रहते हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यहां पहुंचना कठिन हो सकता है। 

दिल्ली से युल्ला कांडा श्रीकृष्ण मंदिर (किन्नौर, हिमाचल) कैसे जायें :  

स्टेप 1

  • दिल्ली से शिमला (हिमाचल प्रदेश की राजधानी) 
  • हिमाचल रोडवेज (एचआरसीटीसी) या प्राइवेट वोल्वो बसें रोज चलती हैं (8-10 घंटे)। 
  • ट्रेन : दिल्ली से कालका तक ट्रेन लें,  
  • फिर कालका से शिमला के लिए टॉय ट्रेन। 
  • फ्लाइट : दिल्ली से शिमला (जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट) के लिए उड़ान।

स्टेप 2

  • शिमला से रिकांग पिओ (किन्नौर) 
  • दूरी: लगभग 230 किलोमीटर 
  • एचआरसीटीसी की बसें, शेयर टैक्सी या निजी टैक्सी से आप जा सकते हैं। 

स्टेप 3

  • रूट : शिमला, नारकंडा, रामपुर, पूह, रिकांग पिओ 
  • स्टेप 3: रिकांग पिओ से युल्ला गांव 
  • करीब 35 किलोमीटर 
  • शेयर जीप या प्राइवेट टैक्सी से जायें। 
  • युल्ला गांव से ही ट्रेक शुरू होता है। 

स्टेप 4

  • युल्ला गांव से युल्ला कांडा श्रीकृष्ण मंदिर (ट्रेकिंग) 
  • दूरी: लगभग 12 किलोमीटर पैदल ट्रेक 
  • रास्ता जंगलों, घास के मैदानों और पहाड़ों से होकर जाता है।

Published / 2025-05-21 20:53:27
अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने दो स्थानों पर लगाया स्थायी प्याऊ

टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने दो स्थानों पर ठंडे पानी की मशीन की व्यवस्था की। प्याऊ लगाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गर्मी में राहत मिल सके एवं उन्हें शुद्ध स्वच्छ एवं ठंडा पानी मिल सके। पहले प्याऊ एलईबीबी हाई स्कूल लगाया गया, जिसका उद्घाटन उषा अग्रवाल से कराया गया। 

दूसरा प्याऊ हिंदपीड़ी फर्स्ट स्ट्रीट स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय में लगाया गया, जिसका उद्घाटन सुनीता सरावगी एवं सुनील सरावगी ने किया। मौके पर स्कूल के बच्चों ने सुंदर भजन एवं गाना गाकर एवं शाखा अध्यक्ष मधु सर्राफ को और सुनीता सरावगी को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

स्कूल के प्रधानाचार्य ने इस नेक कार्य के लिए सभी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थाई प्याऊ लगने से सभी को शुद्ध जल हमेशा मिल सकेगा उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है जल है तो कल है।  उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी। 

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शाखा अध्यक्ष मधु सराफ, निवर्तमान राष्ट्रीय सचिव रूपा अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष गीता डालमिया, अंशु नेवटिया, नैना मोर, प्रांतीय उपाध्यक्ष अलका सरावगी, उर्मिला पाड़िया, बिना मोदी, कुसुम पटवारी, सरिता अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल, मंजू तुलस्यान, रीना सुरेखा, नूपुर सरावगी, के अलावे अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

Page 48 of 218

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse