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Published / 2025-08-28 21:08:40
स्वरूप नगर : 14 वर्षीय नाबालिग समेत पांच कराये गये मुक्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

स्वरूप नगर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ 

बचायी गयी पीड़िताओं में एक 5 महीने की गर्भवती नाबालिग भी शामिल 

एबीएन सोशल डेस्क। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाहरी उत्तरी दिल्ली पुलिस ने स्वरूप नगर स्थित एक फ्लैट में वेश्यावृत्ति के धंधे का भंडाफोड़ करते हुए 5 महिलाओं को मुक्त कराया। इनमें एक 14 वर्षीय नाबालिग और एक 6 महीने की गर्भवती नाबालिग भी शामिल हैं। एवीए के सदस्य कई हफ्तों से फर्जी ग्राहक बनकर इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक अधेड़ महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक दुव्यार्पार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।

काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने बताया कि पिछले महीने की शुरूआत में एक परिचित ने उसे इस धंधे में फंसाया था। बच्ची ने बताया कि घर में आर्थिक तंगी के चलते उसने एक महिला से फैक्ट्री में नौकरी ढूंढ़ने में मदद मांगी थी। लेकिन परिचित उसे रंजीता नाम की एक महिला के पास ले गयी जो इसी तरह का सेक्स रैकेट चलाती थी। बच्ची ने कहा कि जब उसने यह काम करने से इनकार किया तो उन्होंने उसे यकीन दिलाया कि इसमें बहुत पैसा है और इससे उसकी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। उसे कहा गया कि उसे रोज एक या दो ग्राहकों को खुश करना होगा और बदले में उसे 1000 रुपये मिलेंगे। 

उसने बताया कि 15 दिन बाद वह स्वरूप नगर आयी, जहां वह फिर से उसी रैकेट में फंस गयी। उसने कहा कि ग्राहकों को खुश करने के एवज में उसे रोजाना केवल 300 रुपये मिलते थे, जबकि बाकी पैसे गिरोह के संचालक अपने पास रख लेते थे। बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता को इस बारे में कुछ भी नहीं पता था। फिलहाल उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया है। आगे उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जायेगा ताकि उसकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। 

इस बीच, दूसरी पीड़िता (जो गर्भवती थी) ने दावा किया कि वह 25 साल की है, लेकिन बचाव दल को वह काफी छोटी लग रही थी। दस्तावेजों के अभाव में मेडिकल जांच से उसकी उम्र की पुष्टि की जायेगी। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने अभियान की जानकारी साझा करते हुए कहा, हमारी टीम को कुछ हफ्ते पहले इस रैकेट की खबर मिली थी। इसके बाद हमारी टीम के ही एक सदस्य ने ग्राहक बनकर बिचौलिये से संपर्क किया। कई दिनों तक विश्वास जीतने के बाद दलाल ने चार नाबालिग लड़कियां भेजने के एवज में 10,000 रुपए की मांग की। पुख्ता जानकारी के बाद हमने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद छापे की कार्रवाई हुई।

उन्होंने कहा, यह सराहनीय है कि डीसीपी हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की। इस तरह की कार्रवाइयां और अभियान सुनिश्चित करेंगे कि नाबालिग बच्चों की ट्रैफिकिंग न हो और वे इन गिरोहों के चंगुल में नहीं फंसें। इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तत्परता सराहनीय है, लेकिन यह कोई अकेली घटना नहीं है। 

हमने पहले भी ऐसे ही रैकेट का भंडाफोड़ किया है। हमें आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना होगा क्योंकि जब तक कानून उन पर शिकंजा नहीं कसेगा तब तक ये गिरोह अपनी गतिविधियां बेखौफ चलाते रहेंगे। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए), जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है, जो देश भर के 434 जिलों में बाल संरक्षण के लिए काम करने वाले 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

एवीए की सूचना पर पिछले महीने भी पुलिस ने एक वेश्यावृत्ति रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए द्वारका में एक 16 वर्षीय बच्ची को मुक्त कराया था। बच्ची ने खुलासा किया था कि उसे लगभग साल भर पहले इस धंधे में धकेला गया था और उसे हर रात 8 से 10 ग्राहकों को खुश करना पड़ता था। 
बताते चलें कि एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है। इस खबर से संबंधित और अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।

Published / 2025-08-28 21:06:35
क्षमा याचना कार्यक्रम के साथ जैन श्वेतांबर तेरापंथ संघ का पर्युषण पर्व संपन्न

टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेतांबर तेरापंथ संघ ने पर्युषण पर्व के उपलक्ष्य में आज दिगंबर जैन भवन में क्षमापना कार्यक्रम आयोजित किया। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय राज्य सभा सांसद महुआ मांझी थी। जैन श्वेतांबर तेरापंथ संघ ने श्री दिगंबर जैन भवन, हरमू में आज क्षमापना कार्यक्रम सह विदाई समारोह आयोजित किया गया। आज का कार्यक्रम नमस्कार महामंत्र के मंगलोच्चार मंत्र से शुरुआत हुई तथा सभी लोगों ने क्षमा याचना दिवस के उपलक्ष्य में आपस में एक दूसरे से क्षमा याचना की। 

आज के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद महुआ मांझी थी। तेरापंथ संघ के अध्यक्ष विमल दस्सानी मंत्री घेवर चंद नाहटा, अमर चंद बैंगानी एवं विनोद बेगवानी ने उनका अभिनंदन एवं उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपसिकाद्वय संतोष श्रीमाल एवं सीमा डूंगरवाल को संघ ने अभिनंदन एवं बहुमान किया गया। उपसिका ने कहा कि क्षमा का कोई मोल नहीं होता। 

हमें हमेशा अपनी गलतियों के लिए हृदय से पाश्चाताप करते हुए सामने वालों से क्षमा मांगनी चाहिए तथा मन में बिना कोई बैर रखे अन्य को क्षमा भी कर देना चाहिए। भगवान महावीर ने कहा कि क्षमा वीरस्यं भूषणं अर्थात क्षमा ही वीर पुरुष का आभूषण होता है। नि:स्वार्थ भाव से क्षमा करता है वही वीर है वही उत्तम मानव है। जैन धर्म में क्षमापना का विशेष महत्व है आज के दिन जैन अनुयायी सभी मनुष्य, जीव-जंतु, पशु-पक्षी, वनस्पति, थलचर, जलचर, नभचर आदि सभी से क्षमा याचना करते हैं।

राज्य सभा सांसद महुआ मांझी जी ने कहा कि जैन धर्म के समाज के लोग हमेशा ही अध्यात्म, धार्मिक के क्षेत्र में अग्रणी रहता है। आज क्षमा याचना के अवसर पर मुझे मौका मिला है यहां के तपस्या करने वाले कठोर तपस्वीयों को सम्मान करने का, बहुत ही गर्व हुआ! जैन समाज के युवा हमेशा आगे रहते है समाजिक कार्यों में, युवाओं से अपील है कि आपलोग आगे बढ़-चढ़ कर सेवा भाव से समाज के हित में कार्य करते रहे यही मेरी कामना हैं। माननीय सांसद महोदया के द्वारा समाज के पचहतर वर्ष के ऊपर के गणमान्य लोगों को एवं तपस्या करने वालों को सम्मानित किया गया।

तत्पश्चात तेरापंथ सभा के अध्यक्ष विमल दस्सानी, सचिव घेवर चंद नाहटा, साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष अशोक सुराणा, सचिव उत्तम चोरड़िया, दिगम्बर जैन भवन के अध्यक्ष प्रोफेसर सुरेश कुमार पांड्या, सचिव अमित कुमार रारा एवं तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष अमित बैंगानी, महिला मंडल के अध्यक्ष सरिता दस्सानी को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सभी तपस्वीयों का बहुमान तेरापंथ सभा एवं साधुमार्गी जैन संघ के द्वारा किया गया, तेरापंथ सभा ने समाज के सभी पचहतर वर्ष के ऊपर के गणमान्य लोगों को सम्मानित किया। साथ ही समाजिक कार्यों में हमेशा तत्पर रहने के लिए उत्कृष्ट कार्य हेतु विशेष रूप से अमर चंद बैंगानी, बलबीर बोथरा को एवं सहयोग के लिए तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों को सम्मानित किया गया।

मंच का संचालन कमलेश संचेती एवं खुशबु दस्सानी ने संयुक्त रूप से किया। सभा के अध्यक्ष एवं सचिव ने क्षमा याचना एवं आज के कार्यक्रम के ऊपर अपने अपने विचार रखे एवं सांसद को अपने व्यस्त कार्यक्रम में से आज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया। पर्युषण पर्व कि तपस्या निरंतर जारी है जिसमे आज विशाल दस्सानी के 29 उपवास गतिमान है उनका 31 उपवास का पारणा युगप्रधान संघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी के सानिध्य में अहमदाबाद गुजरात में होगा। रश्मि सिंघी के 9 उपवास गतिमान हैं।

तपस्या कि कड़ी में विकास नाहटा के 8, रूबी बांठिया के 7 उपवास, दिशा बैगानी एवं विशाल सिंघी के 4 एवं अन्य सभी तीन उपवास करने वालों का दुपट्टा ओढाकर एवं मोमेंटो देकर बहुमान किया गया एवं ज्ञानशाला में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष विमल दस्सानी, सचिव घेवर चंद नाहटा ने जैन समाज के सकल सभी संस्थाओं एवं श्रावकों को आज के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया एवं आभार व्यक्त किया।

आज के कार्यक्रम में श्रीचंद बोथरा, अमरचंद बैंगानी, विनोद बेगवानी, छोटे लाल चोरड़िया, श्रीलाल सेठिया, प्रकाश चंद नाहटा, गुलाब चंद बोथरा, हुक्मी चंद बोहरा, कमलेश संचेती, राजेश पिंचा, सुमन बरमेचा, करुणा देवी, मीना नाहटा, दिशा बैंगानी, ललित सेठिया, पंकज बोहरा, अरिहंत सिंघवी, विवेक बैंगानी, अमन सेठिया, आकाश बैंगानी आदि के अलावा आज भारी संख्या मे श्रावक एवं श्राविकाएं उपस्थित थे।

दोपहर 3 बजे से डोरंडा कन्या पाठशाला विद्यालय में उपासिकाद्वय श्रीमती संतोष जी श्रीमाल एवं श्रीमती सीमा जी डूंगरवाल जी का प्रवचन हुआ। जिसमें उन्होंने विद्यालय के सभी छात्राओं को शिक्षा, नैतिकता, शाकाहार, नशा मुक्ति एवं  अणुव्रत आदि के बारे में बताया। विद्यालय के सचिव घेवर चंद नाहटा, अमर चंद बैंगानी, अनिल कोठारी, अजय कोठारी  के अलावा सभी शिक्षक उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

Published / 2025-08-27 21:20:22
100 गरीब आदिवासी परिवारों में बांटा गया सब्जी किट पैकेट

ग्रामीण आदिवासी गरीबी रेखा से नीचे परिवारों को दिया गया सब्जी किट  

टीम एबीएन, रांची/ हजारीबाग। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, झारखंड, गौरिया कर्मा, बरही, हजारीबाग के द्वारा पसंद फाउंडेशन, रांची के सहयोग से 100 गरीब आदिवासी परिवारों को अनुसूचित जनजातिय उपयोजना अंतर्गत पोषण वाटिका के लिए सब्जी किट का पैकेट दिया गया।  

पसंद फाउंडेशन रांची के कीर्तिमान नाथ ने बतलाया की इस मौसम में खूंटी के कर्रा प्रखंड, गुमला के सिसई प्रखंड तथा सिमडेगा के कोलेबिरा प्रखंड के कुल 330 गरीब आदिवासी किसान परिवारों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा। आने वाले मौसम में भी उन जरूरतमंद किसान परिवारों को एनएससी के उन्नत सब्जी बीज किट दिये जायेंगे। 

इस बीज किट मे कुल सात प्रकार के विभिन्न सब्जी के बीज दिये गये हैं, जिसमे भिंडी, नेनुवा, झींगी, मुनगा, करेला, मिर्चा और लौकी के बीज हैं जिसे पा कर किसान उत्साहित नजर आये। इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबी रेखा से निचे के जनजातिय परिवार कुपोषण से बचेंगे साथ ही उनका आय भी बढेगा।

Published / 2025-08-25 23:30:35
विवाहित ही नहीं, अविवाहित कन्याएं भी कर सकती हैं हरतालिका तीज का त्योहार

राजकुमारी पाण्डेय

एबीएन सोशल डेस्क। हरतालिका तीज व्रत 26 अगस्त, मंगलवार को है। हरतालिका तीज व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। इस व्रत में भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। हरतालिका तीज व्रत को विशेषकर सुहागिन महिलाएं करती हैं। 

इस व्रत के प्रभाव से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने भी ये व्रत किया था। जिन कन्याओं के विवाह में अड़चन आ रही हैं वो भी हरतालिका तीज का व्रत करती हैं। इस व्रत को करने से पति, पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है। विवाह योग्य कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। विवाहिता पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य लाभ के लिए व्रत रखती हैं। 

हरतालिका तीज व्रत पर कई शुभ योग

इस बार तीज पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में पूजा अर्चना करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही व्यक्ति की सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती हैं। साध्य योग सूर्योदय से लेकर दोपहर 12: 39 तक रहेगा। शुभ योग दोपहर 12:39 से लेकर 27 अगस्त की दोपहर तक होगा। रवि योग पूरे दिन मान्य होगा। साथ ही इस दिन गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में रहने वाले हैं, जिससे गजकेसरी योग बन रहा है।

इस विधि से करें पूजा

सुबह स्नान कर शिव-पार्वती के मंदिर जाएं। मंदिर में शिव-पार्वती को लाल गुलाब अर्पित करें। भगवान शिव और नंदीगण को शहद चढ़ाएं। माता पार्वती को चुनरी और नथ अपने हाथों से पहनाएं। 

11 नव विवाहिताओं को 16 शृंगार की सुहाग की पिटारी भेंट करें। 5 बुजुर्ग सुहागन को साड़ी और बिछिया भेंट करें। गुड़ के 11 लड्डू मां पार्वती को चढ़ाएं और अगले दिन श्री गणेश चतुर्थी पर गणेश स्थापना के बाद खाएं। चावल की खीर बनाकर मां पार्वती को भोग लगाएं।

Published / 2025-08-25 21:24:02
दिगंबर जैन भवन में आठ दिवसीय अनुष्ठान के अंतर्गत छठा दिन संपन्न

पर्युषण पर्व का आज छठा दिन जप दिवस के रूप में मनाया गया,जैन श्वेतांबर तेरापंथ संघ का पर्युषण महापर्व प्रगति पर है 

टीम एबीएन, रांची। दिगंबर जैन भवन में आज इस आठ दिवसीय पर्व का छठा दिन जप दिवस के रूप में मनाया गया। पर्युषण में आज के आयोजित कार्यक्रम में उपासिका संतोष श्रीमाल एवं सीमा डुंगरवाल के सानिध्य में दिगंबर जैन भवन में प्रवचन हुआ। मौके पर जप के महत्व के बारे में उपासिका जी ने विस्तार से उपस्थित श्रावक समाज को जानकारी दी। 

उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि पवित्र मंत्र के जाप से मन सबल बनता है। इससे विघ्न बाधाएं दूर होती है। मंत्र जाप की विधि बताते हुए श्रीमती डुंगरवाल ने बताया कि मंत्र जाप में उच्चारण की शुद्धि का विशेष ख्याल रखना चाहिए। नियमितता,एक ही स्थान का चयन हो तो इसका विशेष महत्व है। उन्होंने जप के महत्व को बताते हर कहा कि नमस्कार महामंत्र और ओम भिक्षु का जाप मनोबल का विकास करता है।

आचार्य महाप्रज्ञ जी की पुस्तक मंत्र एक समाधान सबके लिए पठनीय है। जिसमें जैन दर्शन के कर्मवाद की चर्चा की गई, कर्मवाद को ठीक से समझ लेने पर आचरण नैतिक बन जाता हैं। जप करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की और होना चाहिए। एक जप का एक निश्चित आसन तथा स्थान होना चाहिए। इस तरह मंत्रो का जप करने से उसका प्रभाव अत्यधिक होता हैं। 

एक छोटी सी कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार देवताओं और असुरों के बीच संग्राम चल रहा था। तब देवताओं ने युद्ध जितने के लिए ध्यान तथा मन्त्रों का उच्चारण कर रहे थे, असुर भी ध्यान एवं मंत्र का उच्चारण करने लगे। देवताओं ने सही क्रिया विधि से और शुद्ध रूप से सात्विक मंत्र से ध्यान किया परन्तु असुरों ने मंत्रो का अशुद्ध उच्चारण तथा सही क्रिया विधि से ध्यान नहीं कर सके सो उसका फल देवताओं को मिला और वे संग्राम जीत गए।

अर्थात जप, ध्यान, मंन्त्रों का उच्चारण करते हुए हमें सात्विक मन से सही क्रिया विधि से तथा अक्षरों को शुद्ध पढ़ना चाहिये ताकि उसका प्रभाव व्यर्थ न जाये। आज 24 घंटे का नमस्कार महामंत्र का जप लगातार चल रहा हैं जो कि आज सुबह 6 बजे से कल 6 बजे तक चलेगा। आज के व्याख्यान में अध्यक्ष विमल दस्सानी, लालचंद बोथरा, दिलीप बोहरा, अशोक सुराणा, धर्मेंद्र बोहरा, हुकमी चंद चौरडिया, भावना बेगानी, नेहा बेगानी, ज्योति दुग्गड के अलावा काफी संख्या में श्रावक उपस्थित थे।

Published / 2025-08-25 13:57:44
विप्र फाउंडेशन के नव निर्मित श्री परशुराम ज्ञानपीठ, जयपुर का सेवाप्रण छह को : प्रदीप शर्मा

टीम एबीएन, रांची। रामगढ़, विप्र फाउंडेशन की सोलह वर्षीय यात्रा का सबसे बेहतर प्रकल्प सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च निर्माण का स्वप्न साकार हुआ है l 

दिन शनिवार 6 सितंबर 2025 को अपराह्न 3 बजे का वह अभिनव क्षण सन्निकट है, जब इस युगांतकारी संस्थान श्री परशुराम ज्ञानपीठ, जयपुर का सेवाप्रण होगा l श्री परशुराम ज्ञान पीठ का लोकार्पण राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जी के करकमलों से होना है।

विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा जी के मार्गदर्शन व वृहद प्रयासो से बेहद समाज हित में 60 हजार वर्गफुट में बने 6 मंजिला इमारत इस सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च भवन में समाज के युवाओं को शिक्षित, संस्कारित और राष्ट्रीयभक्त बनाना है।

शिक्षा, अनुसंधान और समाज कल्याण के साथ - साथ कोचिंग क्लासेज, प्रतियोगिता परीक्षा  मार्गदर्शन, वैदिक रिसर्च, कर्मकांड- यज्ञ प्रशिक्षण, रोजगारोंमुख कौशल विकास, कन्या छात्रावास, लर्निंग सेंटर, ई-लाइब्रेरी, सभागार, अतिथि गृह आदि की सुलभ सुविधाए उपलब्ध रहेगी। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा जी ने इस वृहद पुनीत कार्य बने सहयोगी व सहभागी सभी का आभार जताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है l 

आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा, राष्ट्रीय संरक्षक धर्म नारायण जोशी जी,राष्ट्रीय संयोजक सुशील ओझा जी सहित हज़ारों विप्र बंधु मौजूद रहेंगे एवं झारखंड से भी दर्ज़नों प्रदेश एवं अन्य पदाधिकारियों की आने की संभावना है। इसकी सूचना झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जेपी शर्मा एवं झारखंड प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दी।

Published / 2025-08-25 13:45:09
गणेश चतुर्थी पर्व 27 अगस्त को

  • गणेशोत्सव आस्था, भक्ति और उल्लास का पर्व, जो हमें नव चेतना, सामूहिकता और शुभता की ओर करता है अग्रसर : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता सह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने कहा है कि गणेश चतुर्थी पर्व 27 अगस्त दिन बुधवार को मनाया जायेगा। भाद्रपद पक्ष मे शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणपति बप्पा का अवतरण हुआ था। इसलिए हर वर्ष इसी तिथि पर गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। 

यह उत्सव 10 दिनों तक यानी अनंत चतुर्दशी तक चलता है अनंत चतुर्दशी के दिन पवित्र नदी या घर में ही पानी के टब में गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है।हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से  आरंभ हो रही है, जो 27 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक है। ऐसे में उदया तिथि अनुसार गणेश उत्सव 27 अगस्त से आरंभ होगा। 

गणेश चतुर्थी भारत में सबसे व्यापक रूप में मनाया जाने वाला त्यौहारों मे से एक है। जिसे 10 दिनों तक चलने वाले विस्तृत अनुष्ठानों और भव्य उत्सव द्वारा चिन्हित किया जाता है ज्ञान और समृद्धि के हाथी के सिर वाले देवता भगवान गणेश को समर्पित यह वार्षिक हिंदू त्योंहार गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है 10 दिवसीय उत्सव जिसे विनायक चतुर्थी एवं गणेशोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। 

गणेश चतुर्थी उत्सव पौराणिक कथाओं संस्कृति और आध्यात्मिकता से भरपूर है यह भक्तों के जीवन में प्रिय देवता श्री गणेश के आगमन का प्रतीक है। तथा हिंदू मान्यताओं और परंपराओं की समृद्धि ताने-बाने को समेटे हुए हैं जो इसे भारत में  वास्तव में एक प्रिय त्योहार बनाता है। यह दिन शिव और पार्वती के पुत्र भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है। इस दिन लोग पंडालों अपने घरों एवं ऑफिस मे गणेश जी की मूर्ति का स्थापना करते हैं। 

पूरे विधि विधान से विधिवत पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन गणपति जी का धरती पर आगमन बप्पा भक्तों के कष्टों को दूर करने के लिए 10 दिन तक पृथ्वी पर वास करते हैं तथा गणेश चतुर्थी पर माता पार्वती और शंकर जी के पुत्र गणेश जी का जन्म हुआ था। इस दिन घर में गणेश को विराजित करने से साल भर सुख, शांति, समृद्धि प्राप्त होती है। 

गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और लोक कलाओं के उत्सव का अवसर भी है लोक नृत्य, संगीत, सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस पर्व को जनमानस से जोड़ते हैं। गणेश चतुर्थी आस्था, भक्ति और उल्लास का ऐसा पर्व है जो हमें नव चेतना, सामूहिकता और शुभता  की ओर अग्रसर करता है।

Published / 2025-08-24 18:16:25
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ने जुटाये कई यूनिट रक्त

ब्रह्माकुमारी निर्मला

टीम एबीएन, रांची। आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवाकेन्द्र चौधरी बगान, हरमू रोड में ब्रह्माकुमारीजी संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि (25 अगस्त 2025) जिसे विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है, के पूर्व संध्या में एक भव्य रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। 

इस अवसर पर अभय अम्बष्ट (भा०प्र०से०) संयुक्त सचिव तथा दिव्यांग आयुक्त झारखंड ने स्वयं रक्त दान कर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि दादी जी के स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान द्वारा भारत एवं नेपाल में एक विशाल रक्त दान अभियान चलाया जा रहा है जो कि एक बहुत ही सराहनीय कार्य है। इस आयोजन का उद्देश्य रक्त की आवश्यकता की पूर्ति करना है।

इस महाअभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ 17 अगस्त को नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे०पी० नड्डा द्वारा किया गया। राष्ट्रीय शुभारंभ के उपरांत भारत और नेपाल में रक्त शिविरों की शुरुआत की गई। जिसके अन्तर्गत 22 से 25 अगस्त 2025 तक पूरे देश में 1500 से अधिक ब्रह्माकुमारीज सेवाकेन्द्रों पर एक साथ विशाल रक्त दान शिविर आयोजित किए गए।

इस अभियान का लक्ष्य एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित करना है। इतने कम समय में यह लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड होगा। यह अभियान ब्रह्माकुमारीजी संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि को समर्पित है। यह महाअभियान ब्रह्माकुमारीजी संस्थान द्वारा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। 

इसी श्रृंखला में आज ब्रह्माकुमारी चौधरी बगान, हरमू रोड रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन दादी जी के स्नेह, एकता, त्याग, तपस्या एवं सेवा की भावना को समाज में पुनः जागृत करने का माध्यम बनेगा। रक्त दान शिविर में उपस्थित रमेश कुमार श्रीवास्तव पूर्व निदेशक रिस्म ने कहा कि आज के पवित्र अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में उपस्थित हुए हैं एक नया संदेश लेकर मानवता की सेवा मानवता के द्वारा।

 वैसे बहुत विश्व विद्यालय हैं जो जीवन जीने का साधन उपलब्ध करते हैं परंतु प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में हमें जीवन जीने की कला सिखाई जाती है, और आपको बताया जाता है कि किस लिए इस धरा पर आपका जन्म हुआ है उसका आप यहां आकर समझ सकते हैं। आज के कार्यक्रम के संबंध में मुझे यह कहना है कि यह ऐसा प्रयास है जिसको गीता में सुकर्म बताया है। 

यह सात्विक दान है अर्थात निस्वार्थ दान है। इसमें कोई इच्छा नहीं है कि इससे आपको क्या मिलेगा लेकिन जिसे यह प्राप्त होता है उसे पता नहीं होता कि किसने मेरे लिए यह सौगात भेजा है। किसने मुझे जीवन दान दिया है। यह एक प्रयास है उन लोगों को नया जीवन देने का जिनको रक्त की आवश्यकता होती है। 

रक्त दान से होने वाले लाभ के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि रक्त दान करने से हमें नुकसान नहीं बल्कि फायदा होता है। रक्त दान करने से बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। सभा में उपस्थित पुनीत पोद्दार प्रेमसंस मोटर्स के सी०ई०ओ० एवं समाजसेवी ने कहा कि मैं इस आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन के प्रयास की सराहना करता हूँ एवं बधाई देता हूँ।

सभा में उपस्थित संजय सर्राफ प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन संयुक्त महामंत्री ने कहा कि दादी प्रकाशमणि शक्तियों गुणों से भरपूर थी उन्होंने पूरा जीवन सबको दिया और देने की प्रेरणा हम सब में जगाया। दान और पुण्य में अंतर है कि दान में हम कोई वस्तु किसी दूसरे व्यक्ति को देते हैं जबकि पुण्य में हम दूसरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके अनुसार उन्हें सहयोग देते हैं। 

पुण्य दूसरों के बारे में सोच कर किया जाता है। सुनील कुमार गुप्ता पूर्व ईजीएम स्टेट बैंक ने कहा कि रक्त का दान करने के लिए सर्व प्रथम अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। कहा जाता है कि जो रक्त दान करते हैं उनका रक्त जमीन में नहीं गिरता है इसका अर्थ है उनका रक्त कभी बेकार नहीं जाता है। यह एक बहुत ही पुनीत कार्य है।
अनुरंजन झा कार्यपालक दंडाधिकारी ने कहा कि रक्त दान के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। 

प्रकृति में दो ऊर्जा सदैव विद्यमान रहती हैं एक सकारात्मक और एक नकारात्मक । अगर सकारात्मक ऊर्जा काम नहीं करती है तो नकारात्मक ऊर्जा जरूर काम करती है। तो समाज में रक्त दान के बारे में जब तक सकारात्मक बातें नहीं होंगी तब तक नकारात्मक बातें होती रहेंगी। यह संस्था बहुत ही धन्यवाद की पात्र है बधाई की पात्र है कि जो समाज के लिए एक महान कार्य में योगदान दे रही है।

केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि रक्त का दान करूणा का दान है। यह हमें नहीं पता कि हमारा रक्त किनको मिलेगा। यह गुप्त दान महादान है निःस्वार्थ दान है। दादी जी स्वयं भी प्रकाश से भरी हुई थीं और देने की प्रेरणा उन्होंने समाज को दी। राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए ब्र०कु० निर्मला बहन ने आगे कहा दादी जी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की दूसरी मुख्य प्रशासिका रही हैं। 

जगदम्बा सरस्वती के बाद साकार में यज्ञ की प्रमुख दादी प्रकाशमणि रहीं। वे 1969 से 2007 तक संस्था की मुख्य प्रशासिका रहीं। इसी समय दादी जी के नेतृत्व में अनेक राजयोग केन्द्र खुले हैं। ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त होने के बाद से दीदी मनमोहिनी जी के साथ दादी प्रकाशमणि जी माउन्ट आबू से ही यज्ञ की संभाल करने लगी। ब्रह्मा बाबा ने अव्यक्त होने से पहले दादी जी को अपनी समस्त जिम्मेवारी सौंप दी थी। 

दादी जी के समर्थ नेतृत्व में संस्था वृद्धि को पाया और कई देशों में सहज रीती से राजयोग सेवाकेन्द्र खुले। 2007 में 25 अगस्त को सुबह 10 बजे दादी जी ने अपना नश्वर देह का त्याग किया। दादी जी की याद में मधुवन में प्रकाश स्तम्भ बनाया गया है जिस पर दादी जी की शिक्षाएं अंकित की गई है। दादी जी का स्वभाव बहुत ही मधुर, सहनशील और सहकारी था। 

दादी अपना समय ईश्वरीय सेवाओं में व्यतीत करती और आध्यात्मिक संगोष्ठियों में भाग लेने, व्याख्यान देने, राजयोग सेवाकेन्द्र खोलने और यहां तक कि मधुवन में आने वालों के लिए भोजन तैयार करने में मदद करने जैसी यज्ञ की सभी सेवा करती थीं। सभी को एक माँ, एक मार्गदर्शक और एक प्रिय मित्र के रूप में दादी से प्यार रहता था। दादी जी सारे ब्रह्माण परिवार को अपना परिवार मानकर उनकी पालना करती थी। 

वह हमेशा कहतीं थीं कोई भी अजनबी नहीं है हम सभी एक पिता की बच्चे हैं। केवल एक शक्तिशाली आत्मा ही प्रेम दे सकती है। केवल एक शक्तिशाली आत्मा ही विनम्र होने का बल रखती है। अगर हम कमजोर हैं तो स्वार्थी हो जाते हैं। अगर हम खाली हैं तो लेते हैं, लेकिन अगर हम भरे हुए हैं तो हम स्वचालित रूप से सभी को देते हैं। यही हम शिव बाबा के बच्चों ब्राह्मणों की प्रकृति है। 

अगर आप मानते हो कि आप सभी के हैं और एक ट्रस्टी के रूप में हर किसी की देखभाल करते हैं तो आप श्रेष्ठ ईश्वरीय कार्यों को करने में सक्षम हैं। लगाव होने के बजाय निस्वार्थ प्रेम होना चाहिए। डा० सुषमा कुमारी रिम्स ब्लड बैंक की मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि आज दादी प्रकाशमणि जी के स्मृति दिवस में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया है इसके लिए में ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन को धन्यवाद देती हूं। 

इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी रक्त दाताओं का आभार प्रकट करती हूं। क्योंकि इसके बजह से मैं रिम्स में भर्ती मरीजों की मदद कर पाऊंगी। रक्त दान से कई प्रकार का स्वास्थ्य लाभ होता है। यह मोटापा कम करने में सहायक है।

कार्यक्रम में गाईडेड मेडिटेशन कराया गया। सभा में कविता देवघरिया एवं उमेश कुमार सिंह रिम्स ब्लड बैंक के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। दिन भर रक्त दान शिविर में रक्त दाताओं का ताता लगा रहा। आननद पसारी प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं समाजसेवी ने भी शिविर में उपस्थित होकर 140 वां बार रक्त दान किया। 

रिम्स के डॉक्टर, नर्स एवं अन्य मेडिकल स्टॉफ ने शिविर में अपना योगदान दिया। शिविर में 100 यूनिट के लगभग रक्त का दान किया गया। सभी रक्त दाताओं को पोषण सामग्री, रक्तदान संबंधी प्रमाण-पत्र रिम्स एवं ब्रह्माकुमारी संस्थान दोनों के द्वारा दिया गया।

मानवता की सेवा में

(ब्रह्माकुमारी निर्मला)
केन्द्र संचालिका

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