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Published / 2022-01-23 07:36:09
पीएम मोदी तीरंदाज बिटिया कुमारी सविता को देंगे बाल शक्ति पुरस्कार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची के सिल्ली की तीरंदाज बिटिया कुमारी सविता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। 24 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री सिल्ली के टोंगटोंग गांव की रहने वाली सविता को सम्मानित करेंगे। सविता को यह पुरस्कार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के तहत दिया जा रहा है। सिल्ली के बिरसा मुंडा आर्चरी सेंटर की तीरंदाज सविता को यह पुरस्कार वर्ष 2021 के लिए दिया जा रहा है। पिछले साल ही सविता का चयन इस पुरस्कार के लिए कर लिया गया था। 25 जनवरी 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने सविता के साथ संवाद भी किया था, जिसके बाद अब सविता को बाल शक्ति पुरस्कार का सर्टिफिकेट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया जाएगा। कुमारी सविता रांची के सोनाहातू प्रखंड के टोंग टोंग गांव की रहने वाली है। सुदूरवर्ती गांव की रहने वाली इस तीरंदाज को मिलने वाले इस सम्मान से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। सविता के पिता एक गार्ड का काम करते हैं। बेहद गरीबी के माहौल में पली-बढ़ी सविता ने अपनी काबिलियत और प्रतिभा के बल पर अपना अलग मुकाम बनाया है। सविता ने नेशनल स्तर पर सब जूनियर और जूनियर में कई पदक जीते हैं। बांग्लादेश में आयोजित साउथ एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में भी सविता ने स्वर्ण पदक जीता था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड समेत पूरे देश का नाम रोशन किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ते हुए सविता ने पहली बार 2014 में तीरंदाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। 2018-19 में सविता का चयन खेलो इंडिया स्कीम में हुआ। नई दिल्ली में पहले खेलो इंडिया स्कूल गेम्स आर्चरी चैंपियनशिप 2018-19 में सविता को चौथा रैंक मिला। साल 2017-18 में छत्तीसगढ़ में आयोजित 63वें स्कूल नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में सविता ब्रांज जीतने वाली टीम का हिस्सा थी। 2018-19 में आंध्रप्रदेश में आयोजित मिनी सब जूनियर आर्चरी चैंपियनशिप में सविता ने गोल्ड जीता। बांग्लादेश ढाका में 2018-19 साउथ एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाली टीम का सविता हिस्सा रहीं।

Published / 2022-01-22 18:06:11
पोस्ट ऑफिस का ये सेविंग्स प्लान आपको देगी अच्छा रिटर्न

एबीएन डेस्क। बढ़ती महंगाई के बीच अगर आप कहीं ऐसी जगह निवेश करना चाह रहे हैं जहां आपको अच्छा रिटर्न मिले और आपको मंथली इनकम होती रहे, तो पोस्ट ऑफिस का नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट आपके लिए सही रहेगा। इसमें आपको 6.6% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं। कितने रुपए से खोल सकते हैं अकाउंट? इस स्कीम के तहत अकाउंट को मिनिमम 1000 रुपए से खुलवा सकते हैं। अगर आपका अकाउंट सिंगल है तो आप 4.5 लाख रुपए तक अधिकतम जमा कर सकते हैं। वहीं अगर आपका ज्वाइंट अकाउंट है तो इसमें अधिकतम 9 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। खास बात है कि स्कीम के पूरा होने के बाद आपको आपके पूरे पैसे भी वापस मिल जाएंगे। कितना रहता है मैच्योरिटी पीरियड? इसका मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। 5 साल बाद अपने पैसों को फिर इसमें निवेश कर सकते हैं। यानी स्कीम पूरी होने पर आपकी पूरी जमा पूंजी मिल जाती है जिसे आप दोबारा इस योजना में निवेश कर मंथली आय का साधन बनाए रख सकते हैं। कैसे मिलता है रिटर्न? इसमें 6.6% सालाना ब्याज मिल रहा है। सालाना मिलने वाले ब्याज को 12 महीनों में बांट दिया जाता है और वह अमाउंट आपको हर महीने मिलता रहता है। अगर आप मंथली पैसा न निकालें तो वह आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में रहेगी और मूलधन के साथ इन पैसों को भी जोड़कर आपको आगे ब्याज मिलेगा। क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं? मैच्योरिटी के पहले पैसा निकालने की जरूरत हो तो यह सुविधा अकाउंट के 1 साल पूरा होने पर मिल जाती है। 1 साल से 3 साल तक पुराने अकाउंट होने पर, उसमें जमा रकम में से 2% काटकर बाकी रकम आपको वापस मिलती है। 3 साल से ज्यादा पुराना अकाउंट होने पर, 1% काटकर बची रकम वापस मिलती है। कितना मिलेगा रिटर्न? इस योजना के तहत अगर आप 4.5 लाख रुपए का निवेश करते हैं तो अब आपको 6.6% सालाना ब्याज दर के हिसाब से सालाना 29700 रुपए यानी 2475 रुपए महीना ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप इसमें ज्वाइंट अकाउंट के तहत 9 लाख का निवेश करते हैं तो आपको 59,400 रुपए सालाना यानी 4950 रुपए महीना का ब्याज मिलेगा। कौन खोल सकता है अकाउंट? इस खाते को किसी नाबालिग के नाम पर और 3 वयस्कों के नाम पर जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है। 10 साल से ज्यादा उम्र के माइनर के नाम भी अभिभावक की देखरेख में खाता खोला जा सकता है। कैसे खोलें खाता? इसके लिए सबसे पहले पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खोलना होगा। इसके बाद पोस्ट ऑफिस से नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट के लिए एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ अकाउंट खोलने के लिए तय रकम के लिए कैश या चेक जमा करें। इसके बाद आपका खाता खुल जाएगा।

Published / 2022-01-22 13:32:39
देर शाम न करें सूर्य नमस्कार, हो सकते हैं तनावग्रस्त

टीम एबीएन, रांची। सूर्य नमस्कार तीन तत्वों से गठित है आकृति, ऊर्जा और लय। 12 आसनों की आधारशिला पर इस अभ्यास की रचना की गई है। आसनों की यह शृंखला सूक्ष्म शक्ति प्राण का उत्पादन करती है, जिससे अतींद्रिय शरीर सक्रिय होता है। स्थिरता पूर्वक लयबद्ध क्रम मे इसका अभ्यास करने से ब्रह्मांड को लयबद्धता दिन के 24 घंटे, वर्ष के 12 राशि चक्र और शरीर के जैविक लय प्रतिबिंबित होती है। आकृति और लय का  यह समायोजन शरीर और मन को एक परिवर्तनकारी शक्ति उत्पन्न करता है, जिससे एक पूर्ण और अधिक गतिशील जीवन का निर्माण होता है। इसलिए नमस्कार के अभ्यास  के लिए सबसे उपयुक्त सूर्योदय का समय है। जब हम देर शाम को सूर्य नमस्कार करते हैं तो हमारे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है, जिससे मस्तिष्क अधिक सक्रिय हो जाता है। इसके फलस्वरूप रात को जब हम सोते हैं तो हमें बेचैनी महसूस होती है एवं नींद नहीं आती, जिससे तनाव होता है। नींद पूरी नहीं होने के कारण दूसरे दिन भी हम तनाव में रहते हैं। इसलिए माना गया है कि देर शाम को सूर्य नमस्कार ना करके उसकी जगह चंद्र नमस्कार करना चाहिए। आसनों का क्रम सूर्य नमस्कार जैसा ही है अंतर इतना है कि अश्व संचालन के पश्चात अर्धचंद्रासन किया जाता है, यह संतुलन और एकाग्रता का विकास करता है। जिस प्रकार से सूर्य नमस्कार की 12 स्थितियां वर्ष की 12 राशियों और कलाओं से संबंधित है उसी प्रकार चंद्र नमस्कार की 14 स्थितियां का संबंध चंद्रमा की 14 कलाओं के साथ है। चांद पंचांग में पूर्णिमा के पूर्व के चौदह दिन शुक्ल पक्ष और पूर्णिमा के बाद के 14 दिन कृष्ण पक्ष कहलाते हैं।

Published / 2022-01-21 17:36:44
संघ के प्रथम मुस्लिम प्रचारक प्रह्लाद शिंदे का निधन, शोक

एबीएन डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता तथा विश्व हिन्दू परिषद के कोंकण प्रांत धर्मजागरण आयाम के प्रमुख प्रह्लाद शिंदे (52) का आज सुबह निधन हुआ। मूलतः गुलशन अब्दुल्ला शेख (प्रह्लाद शिंदे) मुंबई के नजदीक माथेरान में अपने बाल्यावस्था से ही संघ से जुड़े। 1985 से 1991 तक उन्होंने संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता (प्रचारक) के नाते अलग-अलग जगह में कार्य किया। हिन्दू तत्वज्ञान से प्रेरित होकर उन्होंने आगे अपने परिवार के साथ हिन्दू धर्म में प्रवेश किया। शुक्रवार सुबह उनकी अंत्ययात्रा में समाज के विविध स्तर के नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। उत्तम संगठक रहे शिंदे ने शालेय नौकरी करते हुए भी संघ के विविध दायित्व तत्परता से निभाए। उनके पास विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के काम का दायित्व आया। श्रीराम जन्मभूमि यह उनकी रुचि का विषय था तथा रायगढ़ जिला के विविध मंदिरों के विश्वस्त, पुरोहित और धर्माचार्य के साथ उनका अच्छा संबंध था। मंगलवार को स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल लाया गया। मेडिकल जांच में ब्रेन हैमरेज की पुष्टि होने पर उन्हें बॉम्बे अस्पताल और फिर पनवेल के पटवर्धन रुग्णालय में दाखिल करवाया गया। परंतु स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण उनका निधन हुआ। परिवार में पत्नी, पुत्र और पुत्री को पीछे छोड़ गए हैं।

Published / 2022-01-20 06:01:34
सुर साम्राज्ञी लता मंगेश्कर अब भी ICU में, डॉक्टर बोले- इलाज जारी, प्रार्थना करें

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की मशहूर सिंगर लता मंगेश्कर कोरोना संक्रमित होने के बाद अभी भी ICU में ही भर्ती हैं। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर प्रतीत समदानी ने लता मंगेश्कर के स्वास्थ्य को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। डॉक्टर प्रतीत समदानी ने कहा, लता मंगेश्कर अभी भी आईसीयू में हैं। वो जल्द से जल्द ठीक हो जाएं इसके लिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करें। डॉक्टर ने इससे पहले कहा था कि गायिका लता मंगेश्कर को केयर की जरूरत है। इसलिए उन्हें आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में कुछ और दिनों के लिए रखा जाएगा। बुधवार को लता की एक प्रवक्ता ने कहा कि शहर के एक अस्पताल में गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की हालत स्थिर है। 92 साल की लता मंगेश्कर को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद 9 जनवरी को दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनमें कोनोना संक्रमण के मामूली लक्षण थे। उनकी प्रवक्ता अनुषा श्रीनिवासन अय्यर ने एक बयान में बताया कि लता दी की हालत स्थिर है। डॉक्टरों से अनुमति मिलने के बाद उन्हें घर लाया जाएगा।

Published / 2022-01-18 14:51:13
फेक न्यूज : पूरी दुनिया में सरकारों और मीडिया पर घटा लोगों का भरोसा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पिछले एक साल में पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के बीच लोगों का सरकारों और मीडिया पर से भरोसा घटा है। इसके साथ ही फेक न्यूज को लेकर चिंताएं अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। यह बात मंगलवार को जारी हुए एक वैश्विक सर्वेक्षण में सामने आई है। यह दावा एडलमैन ट्रस्ट बैरोमीटर रिपोर्ट में किया गया है जो हर साल विश्व आर्थिक मंच के दावोस शिखर सम्मेलन के दौरान जारी की जाती है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सर्वाधिक भरोसे के मामले में व्यापार ने सरकार की जगह ले ली है। मीडिया अब तीसरे स्थान पर है। अध्ययन के अनुसार वैश्विक स्तर पर 76 फीसदी प्रतिक्रियादाताओं ने गलत सूचनाओं या फेक न्यूज का इस्तेमाल एक हथियार की तरह किए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की। इस मामले में स्पेन 84 फीसदी के साथ शीर्ष पर रहा। वहीं, भारत 82 फीसदी के साथ पांचवें स्थान पर रहा। नीदरलैंड्स, जापान, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी फेक न्यूज के मामले में सबसे कम चिंतित नजर आए। विभिन्न देशों में जनता के बीच गैर लाभकारी संगठनों (एनजीओ), कारोबारों, सरकारों और मीडिया पर भरोसे के मामले में चीन पहले स्थान पर रहा। वहीं, भारत को इस मामले में चौथा स्थान मिला है जबकि रूस अंतिम पायदान पर रहा। आर्थिक आशावाद के क्षेत्र में भी भारत ने शीर्ष पांच देशों में जगह बनाई। एक देश में नियोक्ताओं में भरोसे के मामले में इंडोनेशिया पहले और भारत दूसरे स्थान पर रहा। इस सूची में चीन को तीसरा स्थान मिला जबकि दक्षिण कोरिया अंतिम स्थान पर रहा। भारत में कारोबारों, सरकारों और मीडिया में भरोसा घटता दिखाई दिया है। वहीं, एनजीओ में लोगों का भरोसा बना हुआ है। इसके साथ ही सरकार में भरोसे को लेकर चीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और इंडोनेशिया के बाद भारत पांचवें स्थान पर रहा। इस सर्वेक्षण में शामिल किए गए 28 में से 23 देशों में लोगों के बीच सरकारों के मुकाबले कारोबारों को अधिक भरोसेमंद पाया गया है।

Published / 2022-01-16 12:17:27
लड़कियों की खरीद फरोख्त : राजस्थान और मध्यप्रदेश में काम कर रहा बड़ा गिरोह

एबीएन डेस्क। गुड़ाबांदा की तीन लड़कियों के साथ गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस को पता चला कि इनका बड़ा गिरोह है, जिसमें ओडिशा का श्याम राणा भी शामिल है। एसएसपी ने बताया कि बेरार रोड के मकड़ी राठौर (40) मूल रूप से बहरागोड़ा निवासी है और उसकी इसी तरह से शादी मध्य प्रदेश के ही बेरार रोड सेक्टर 12 निवासी परमू राठौर से हुई थी। मकड़ी ने ओडिशा के श्याम राणा से सम्पर्क किया था और श्याम राणा ने गुड़ाबांधा के बालेश्वर मुंडा को इस काम में लगाया। बालेश्वर ने इसके लिए अपने ही इलाके के वैसे परिवार को निशाना बनाया, जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर थे और घर में बेटियां थीं। उन्हें नौकरी देने का झांसा देकर पहले जाल में फंसाया और लड़कियों को श्याम राणा के माध्यम से ओडिशा से मध्य प्रदेश और राजस्थान भेज दिया। मध्य प्रदेश और राजस्थान में पप्पू परिहार और मंटू गोस्वामी द्वारा गिरोह बनाकर लोगों से लड़कियों का पहले से सौदा तय कर लिया जाता था। होटल तक इनके पहुंचने के बाद वहां उनके हवाले कर दिया जाता था। इन लड़कियों को बेचने के लिए इस गिरोह द्वारा व्हाटस्एप में तस्वीरों को भेजा जाता था। उन तस्वीरों के आधार पर लड़कियों का सौदा होता था और उनके दाम लगाए जाते थे। इसमें सर्वाधिक मूल्य गुड़ाबांधा की एक लड़की का छह लाख रुपये लगा, जिसे मध्य प्रदेश में ले जाकर बेचा गया। मध्य प्रदेश में बेची गयी तीन लड़कियों का अब तक पता नहीं चला है और इसके लिए डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम वहां स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश और राजस्थान में महिला अनुपात कम होने के चलते ही वहां से या तो शादी करने या फिर गलत पेशे में उन लड़कियों को उतारने के लिए झारखंड की लड़कियों को निशाना बनाया जाता था और मकड़ी, बालेश्वर और राणा जैसे दलालों के माध्यम से उनका सौदा कर लिया जाता था।

Published / 2022-01-15 15:14:30
स्टार्टअप के सहारे पीएम मोदी के सपनों को आकार दे रहे प्रतिभाशाली युवा अतुल

एबीएन डेस्क (अवंतिका राज चौधरी)। स्टार्टअप्स जैसे-जैसे लोगों की सोच में परिवर्तन आता है, वैसे युग परिवर्तित होता है। आज के युग में लोग स्टार्टअप की सोच के साथ सामने आ रहे हैं। आज के युवा अपनी अच्छी खासी पैकेज वाले नौकरियों को त्याग कर स्टार्टअप करने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप बिजनेस करने का एक नया तरीका है। अपनी सोच से समाज में कुछ बदलाव लाने का प्रयास किया जाता है। यह कह सकते हैं कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का स्टार्टअप एक अच्छा तरीका है। लोग अपनी विवेक, शिक्षा, बुद्धि का इस्तेमाल कर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की स्टार्टअप इकाइयों को नये भारत का आधार-स्तंभ बताते हुए शनिवार को कहा कि सरकार ने 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप कारोबारियों को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए कहा, स्टार्टअप की यह संस्कृति देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचे, इसके लिए 16 जनवरी को अब राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया है। मोदी ने कहा, ह्यमैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके सभी सुझावों, विचारों और नवाचारों को सरकार से पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप नए भारत का आधार-स्तंभ बनेंगे और देश भारत के लिए नवोन्मेष और ह्यभारत से नवोन्मेष के मंत्र के साथ आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, वर्ष 2013-14 में जहां चार हजार पेटेंट को स्वीकृति मिली थी, वहीं पिछले वर्ष इनकी संख्या 28 हजार से ज्यादा हो गई। उन्होंने कहा कि आज देश में 60,000 से अधिक स्टार्टअप इकाइयां हैं। इनमें से 42 यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन) हैं। मोदी ने कहा, भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए अनुसंधान और विकास में निवेश सरकार की प्राथमिकता है। स्टार्टअप दिवस के मौके पर आज हम बात करने वाले हैं रांची के एक ऐसे ही स्टाटेअप कंपनी शिल्पकारी की। शिल्पकारी का शॉप रांची के पिस्का मोड़ के नारायण मार्केट में है। शिल्पकारी ऐसे सोच के साथ सामने आया, जिससे झारखंड की लुप्त होती संस्कृति का संरक्षण हो सके। शिल्पकारी के फाउंडर सेंट्रल यूनिवर्सिटी आॅफ झारखंड के छात्र अतुल शौर्य हैं। अतुल ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी आॅफ झारखंड से नैनोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई की है। शिल्पकारी एक ऐसा हैंडीक्राफ्ट शॉप है जहां झारखंड की लोक कला डोकरा, बंबू एंड वुड आर्ट, और सोहराय पेंटिंग पर काम किया जाता है ।यह सभी प्रोडक्ट आॅनलाइन व आॅफलाइन दोनों मोड से बिक्री किए जाते हैं। शिल्पकारी ना सिर्फ झारखंड तक सीमित है बल्कि यह देश के अन्य राज्यों तक भी अपनी प्रोडक्ट्स पहुंचाते हैं। शिल्पकारी से झारखंड के लगभग 800 शिल्पकार और कलाकार जुड़े हैं। यह स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार का एक जरिया है। शिल्पकारी ने सोहराय आर्ट को जीआई टैग दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है। जीआई टैग, किसी उत्पाद का किसी दिए स्थान पर उत्पन्न होने के रूप में पहचान होता है। अतुल शौर्य ने शिल्पकारी की नींव जिस सोच के साथ रखी थी 3 साल बाद वह सही ट्रैक पर आगे बढ़ रही है। अतुल इसे और आगे तक ले जाना चाहते हैं अगले 5 सालों में यह शिल्पकारी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं।

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