एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार युगतीर्थ शांतिकुञ्ज के तत्वावधान में परम पूज्य गुरुदेव की युग परिवर्तन पुरश्चक्रण, तप साधना, अखंड की प्राकट्य और गुरुमाता पूज्या भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष अगले वर्ष के परिप्रेक्ष्य में रांची जिलांतर्गत मुख्य शक्तिपीठ एवं अनगड़ा प्रखंड, टाटीसिल्वे चेतना केंद्र से संयुक्त सान्निध्य में रांची जिला सप्त आंदोलन अभियान समन्वयक टीम ने नशा उन्मूलन रैली निकाली।
इसमें व्यसन से बचाओ सृजन में लगाओ, थोड़ा-थोड़ा सोचो हजार बार सोचो, नशे को बाहर भगाओ, खुशहाली घर में लाओ, व्यसन से मुक्ति पाओ-जीवन में समृद्धि लाओ, पीटती पत्नी बिकते जेवर, छोड़ शराबी ऐसे तेवर, नशा नाश की जड़ है भाई, इससे सदा दूर रहो हे भाई, बैंड बाजा गीत संगीत, गायन वादन के ऐसे नारों व गीतों के साथ ऐ नशा भारत छोडो, यह बस्ती भी खाली करो, व्यसन से बचाओ- सृजन में लगाओ जैसे अनेक नारों, उद्घोषों से गायत्री परिवार चेतना केंद्र टाटीसिल्वे हरि नगर से गायत्री परिवार के अनगड़ा प्रखंड समन्वय समिति के सदस्यगणों और एसजीआरएस योजना विद्यालय के छात्राओं, प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने टाटीसिलवे क्षेत्र का इलाका गुंजायमान किया।
गायत्री साधकों ने ने शराब, गुटका, पान मसाला, धूम्रपान, अफीम गांजा चरस, बीड़ी सिगरेट आदि-आदि से दूर रहने का, मादक द्रव्यों से बचने का उपाय व दुष्परिणाम पर प्रकाश डाला। बताया कि नशा करने वाले मंडली व संगति से बचिये, अच्छा मित्र तलाशिये, जरा सोचिये नशे के कारण नशेड़ी को कितनी परेशानी, भयंकर बीमारियां व उसके दुष्परिणाम हो रहे हैं।
नशे की लत और व वीभत्स परिणाम पर सोचिये। बच्चों को नशा से मुक्त रहने के लिए कई अचूक नुस्खे बताये गये। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे भारत नशामुक्त हो, स्वर्णिम भारत हो, इस अभियान में साथ देंगे।
मौके पर गायत्री परिवार व समन्वय समितिगठन के सदस्यगण इस व्यसन मुक्त अभियान रैली को कर्नल बी के सिंह, जन प्रतिनिधि बच्चा श्रीवास्तव, एच के दूबे तथा विद्यालय के अध्यापक टीम का स्वागत अभिनंदन जिला समन्वयक ने गायत्री महामंत्र पट्टी पहनाकर साथ साथ गुरुवर श्री पूज्यवर के अंग अवयव पाठ पत्रक कार्ड, नवयुग का सत्संकल्प पाठ कार्ड, सद्वाक्य स्टीकर और मासिक पत्रिका अखंड ज्योति, युग निर्माण अभियान युग साहित्य से किया गया। उपरांत रैली को जयघोष के साथ गायत्री महामंत्र के सस्वर पाठ से प्रारंभ व प्रस्थान कराया गया।
इस कार्यक्रम को अनगड़ा प्रखंड समन्वय समिति के सदस्यगण व अशोक केसरी, अनिल सिंह, वृजकिशोर ठाकुर, इंद्रजीत चौरसिया, लक्ष्मण शर्मा, शैलेंद्र सिंह, रामेश्वर पटेल तथा महिला मंडल की अर्चना देवी, मीना देवी, रामरती देवी ने सहयोग किया।
नशा उन्मूलन रैली स्थानीय चेतना केंद्र से प्रारंभ होकर पुरुलिया रोड दुर्गा मंदिर, बाजार रोड होते बजरंग मंदिर तक फिर केंद्र वापस आयी। वहां सभी शामिल को लंच पैकेट और युग संस्कार युक्त स्टीकर, गायत्री चालीसा, अखंड ज्योति, युग निर्माण सत्संकल्प पाठ, अंग अवयव पाठ के पवित्र पत्रक वितरित किये गये।
अंत में संबंधित सप्त आंदोलन समन्वयकों ने सबको उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन व शांति-पाठ कर रैली अभियान को सफल बनाने को धन्यवाद दिया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जिला उपसमन्वयक अनिल कुमार सिंह और जय नारायण प्रसाद ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सनातन एकता मंच केंद्रीय कमेटी ने आज शौर्य दिवस पर नामकुम हाईटेंशन, हनुमान मंदिर प्रांगण में महाआरती की गयी। राम भक्तों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कर महाआरती की। जिसका नेतृत्व सनातन एकता मंच के संस्थापक/केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी ने किया।
उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम मंदिर को बाबर के आदेश से सेनापति मीर बाकी ने 1528 ई. में गिराकर वहां एक मस्जिद बना दी थी। इसके बाद से सनातनी/हिन्दू समाज एक दिन भी चुप नहीं बैठा। वह लगातार इस स्थान को पाने के लिए संघर्ष करता रहा।
आखिर लाखों हिन्दू पुरुषों और हजारों नारियों के बलिदान के बाद 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद को विध्वंस कर पाये और हाल ही में 2024 में नये राम मंदिर के निर्माण के साथ इसका अंत हुआ। इसलिए हर साल 6 दिसंबर शौर्य दिवस के नाम से मनाया जाता है।
कार्यक्रम में मंच के केंद्रीय कार्यकरी अध्यक्ष समीर सिंह, ब्रजेश सिंह, रोहित साहू, प्रेम केशरी, धर्मेंद्र कुमार, विकास सिन्हा, राज कुमार सिंह, विश्वजीत सिंह, आर्यन सागर, भीम शर्मा, राहुल यादव आदि उपस्थित हुए। सनातन एकता मंच ने आज प्राचीन श्रीराम मंदिर चुटिया, रांची में तुलसी पूजन कर तुलसी दिवस के रूप मे मनाया गया।
सभी सनातनी समाज को ब्रजेश सिंह ने ये संदेश देते हुए कहा कि आज के इस कलयुग में आप अपने बच्चों को संस्कार दें। उन्हें मंदिर लेकर जायें और अपने धर्म/संस्कृति का ज्ञान अपने छोटे बच्चों को अवश्य दें ताकि वही बड़े हो कर भटकें नहीं।
छोटी उम्र में अगर आप अपने बच्चों को संस्कार देंगे तभी वे गलत दिशा में न जाकर, एक सभ्य इंसान बन पायेंगे। कार्यक्रम में सनातन एकता मंच के अध्यक्ष रोहित सनातनी, भीम शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, विकास सिन्हा, देव प्रकाश, अनील कुमार, महाबीर, अनुराग, आशीष उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, रांची। श्री माहेश्वरी सभा द्वारा संचालित श्री अन्नपूर्णा सेवा ने अपने 13वें वर्ष में प्रवेश किया। विगत 12 वर्षों से श्री माहेश्वरी सभा द्वारा यह सेवा पूर्णत: निस्वार्थ सेवा-भाव से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 500 जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक 18,44,762 से अधिक लोग इस सेवा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। यह सेवा आगे भी समाज-कल्याण की भावना के साथ निरंतर संचालित की जायेगी। मौके पर आयोजित वार्षिक समारोह में समाजोपयोगी विभिन्न कार्यक्रमों एवं भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी।
अन्नपूर्णा सेवा में सेवा प्रदान कर रहे सेवादारों के बीच संबंध विस्तृत किया गया यह आह्वान किया गया कि समाज के अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ें तथा अन्य सामाजिक मुद्दों के समाधान हेतु भी मंच को सशक्त बनायें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री मुकेश काबरा ने कहा कि समाज में भोजन की बर्बादी रोकना अत्यंत आवश्यक है।
विशेषकर विवाह एवं अन्य आयोजनों में भोजन के दुरूपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण होना चाहिए। साथ ही बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर भी गंभीर चर्चा की गयी, जिसकी सभी सामाजिक संगठनों द्वारा कटु निंदा की गयी। आज के आयोजन में विशेष अतिथि राजीव मित्तल, विभिन्न सामाजिक संगठनों के अध्यक्षगण एवं सचिवगण उपस्थित रहे।
लगभग 300 से अधिक समाजबंधुओं ने अपनी सहभागिता निभायी। कार्यक्रम में रांची के विधायक सीपी सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के पश्चात सभी उपस्थितजनों ने प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण किया। उक्त जानकारी श्री माहेश्वरी सभा के पूर्व सचिव मुकेश काबरा ने दी।
इस आयोजन में मुकेश काबरा, अशोक साबू, राजकुमार मारू, शिव शंकर साबू, किशन साबू, बसंत लखोटिया, अंकुर डागा, मनोज काबरा, आदित्य मल्होत्रा, पुनीत पोद्दार, प्रदीप राजगढ़िया, पवन शर्मा, विनोद जैन, ललित पोद्दार, पवन बजाज, संजीव विजयवर्गीय, सीपी सिंह, सौरभ साबू, मनोज कल्याणी, मनोज चौधरी, निर्मल बुधिया, विनय मंत्री, पवन मंत्री सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी उपस्थितजनों ने निस्वार्थ सेवा भाव से इस सामाजिक कार्य को आगे बढ़ाने में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया।
एबीएन सोशल डेस्क। विश्व ब्राह्मण संघ एवं विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अत्यधिक ठंड को देखते हुए,माननीय पंडित मदन मोहन मालवीय एवं माननीय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म उत्सव एवं अत्यधिक ठण्ड को देखते हुए आयोजित कार्यक्रम में जरूरत मंदो के बीच में
विश्व ब्राह्मण संघ एवं विप्र फाउंडेशन के तरफ से झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी कड़ाके की हार्ड कपाने वालीं ठंड व कोहरे से कप कपाते असहाय एवं जरूरत मंदो के बीच कंबल का वितरण किया गया।
जैसे नया बस स्टेंड, पुराना बस स्टैंड, रामगढ़ रेल्वे स्टेशन, सुभाष चौक, सब्जी मंडी इत्यादि जगहों पर 25 जरूरत मंदो के बीच 25 कंबल वितरण किया गया एवं आगे भी उपरोक्त कार्यक्रम जारी रहेगा। इला रानी पाठक ने कहा नर सेवा नारायण सेवा के बराबर हैl अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने दिया। सभी ने सराहनीय कार्य बताया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व ब्राह्मण संघ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह विप्र फाउंडेशन के झारखंड प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार शर्मा, विशिष्ट अतिथि झारखंड प्रदेश महिला उपाध्यक्ष इला रानी पाठक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष महेश मिश्रा व नवीन पाठक, जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, जिला महासचिव अनिल त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष गोकुल शर्मा, विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष श्याम शर्मा, संरक्षक कमल शर्मा, नीरज शर्मा, विश्व ब्राह्मण संघ के सुरेंद्र पांडेय एवं नवीन पांडेय इत्यादि अनेक लोग उपस्थित थे।
एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल रांची महानगर ने आज बांग्लादेश में हिंदू नवजवान दीपू चंद्र दास को चौराहे पर पीट-पीट कर हत्या किये जाने, उसके बाद उसे पेड़ से लटकाकर आग लगा दिये जाने की घटना के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग जिला स्कूल मैदान परिसर में एकत्र हुए।
वहां से जुलूस की शक्ल में मोहम्मद युनूस मुर्दाबाद, बांग्लादेश मुर्दाबाद, बांग्लादेशी हिंदुओं तुम संघर्ष करो-हम तुम्हारे साथ हैं, हत्यारों को मौत की सजा दो आदि के नारे लगाते हुए शहीद चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। वहां पर इस्लामिक जिहादी रूपी मोहम्मद युनूस का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विहिप बजरंग दल रांची महानगर ने किया। मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश की इस घटना से पूरे विश्व का हिन्दू समाज आक्रोशित है इस प्रकार के इस्लामिक जिहादी आतंकवाद को हिन्दू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। धर्म के नाम पर वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार को अब हिन्दू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
पूरे विश्व का हिंदू समाज भारत पर नजर रखे हुए है इसलिए हमारा दायित्व है कि हम पूरे विश्व में रह रहे हिंदुओं की रक्षा करे। संगठन सरकार से मांग करती है कि इस घटना का करारा जवाब दे। हिंदू समाज जवाबी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।
मौके पर विहिप पटना क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र साहू, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, प्रचार-प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन, दुर्गावाहिनी प्रांत सह संयोजिका कीर्ति गौरव, धर्माचार्य प्रांत संपर्क प्रमुख युगल किशोर प्रसाद, रविशंकर राय, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, महानगर मंत्री विश्वरंजन कुमार, महानगर संयोजक विक्रम साहू, योगेश खेड़वाल, अनिल तिवारी, सुशील जी, पारस नाथ मिश्रा, शंकर दुबे, पलामू उप महापौर मंगल सिंह, रतन केशरी, राजेश अग्रवाल, विजयनाथ महतो, तड़ित राय एवं विहिप तथा बजरंग दल के कार्यकर्त्ता शामिल हुए। उक्त जानकारी रांची महानगर विहिप मंत्री विश्व रंजन ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। हिंदू धर्म में चार धाम माने गये हैं : रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी, बद्रीनाथ और द्वारका धाम। कहा जाता है कि भगवान रामेश्वरम में स्नान करते हैं, पुरी में भोजन करते हैं, बद्रीनाथ में तपस्या करते हैं और द्वारका में शयन करते हैं। आप इन चारों स्थानों पर जाइए, यह सिर्फ़ कथा नहीं लगती वह अनुभूति बन जाती है।
रामेश्वरम में दर्शन से पहले 22 कुओं में स्नान की परंपरा है। बद्रीनाथ में हिमालय के बीच बैठते ही मन अपने आप ध्यान में चला जाता है। द्वारका में दोपहर को भगवान की अपराह्न निद्रा होती है और उसी समय पूरे शहर की दुकानें तक बंद हो जाती हैं, जैसे भगवान के साथ पूरा नगर भी विश्राम करता हो।
जगन्नाथ पुरी भगवान का भोजन स्थल है। यहाँ भगवान खाते हैं यह बात प्रतीकात्मक नहीं, परंपरागत और व्यवस्थित है। जगन्नाथ मंदिर की अपनी एक विशाल और समर्पित रसोई है, जिसे आप टिकट लेकर मंदिर परिसर के भीतर जाकर देख सकते हैं। सुबह से ही महाप्रसाद की तैयारी शुरू हो जाती है।
भोजन मिट्टी की हांडियों में पकता है। हांडियाँ एक के ऊपर एक रखी जाती हैं नीचे आग जलती है। और चमत्कार यह कि सबसे ऊपर रखी हांडी का भोजन सबसे पहले पक जाता है, जबकि नीचे वाली बाद में। विज्ञान आज भी इसे पूरी तरह समझा नहीं पाया है।
इन हांडियों में 56 भोग महाप्रसाद बनता है। त्यौहार के समय सौ प्लस तरह का प्रसाद चढ़ता है। चावल इसका मुख्य आधार है। यहाँ तक कि एकादशी के दिन, जब सामान्यतः हिंदू घरों में चावल नहीं खाया जाता, जगन्नाथ मंदिर में चावल ही पकता है और वही प्रसाद के रूप में वितरित होता है।
सुबह से दोपहर तक अलग-अलग हांडियों में चावल, दाल, सब्ज़ियाँ और अन्य व्यंजन बनते रहते हैं। फिर यह सब पहले भगवान को अर्पित किया जाता है उसके बाद पूरे दिन भक्त महाप्रसाद ग्रहण करते हैं। दिन में पांच बार भगवान् को भोग लगाया जाता है इसके पश्चात् यह महाप्रसाद बन जाता है।
मंदिर और रसोई क्षेत्र में हर समय एक विशेष गहमागहमी रहती है। पुजारीगण, ऊपर से निर्वस्त्र, धोती और जनेऊ धारण किए, कंधों पर हांडियाँ उठाये भगवान के लिए भोजन ले जाते दिखते हैं। उन्हें स्पर्श करना वर्जित होता है क्योंकि वह भोजन सीधे भगवान को अर्पित होने जा रहा होता है।
और यह केवल जगन्नाथ जी तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर के भीतर सैकड़ों छोटे-बड़े मंदिर हैं सभी को वही महाप्रसाद मिलता है। केवल एक ही मंदिर ऐसा है जहाँ चावल का प्रसाद नहीं चढ़ता उसकी कथा फिर कभी।
जगन्नाथ पुरी में प्रसाद केवल भक्तों के लिए नहीं होता। यहाँ भगवान स्वयं भोजन करते हैं, और फिर भक्त उसी भोजन को उनके साथ साझा करते हैं। यही कारण है कि पुरी का महाप्रसाद सिर्फ़ पेट नहीं भरता मन को तृप्त करता है। यहाँ भगवान सिर्फ़ पूजे नहीं जाते, यहाँ भगवान जीते हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। महासमाधि धारक परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में अहिंसा रक्षा पद यात्रा चल रही है। इसके अंतर्गत 22 दिसम्बर 2025 को श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ जगह-जगह, पाद प्रक्षालन किया गया।
ज्ञात हो कि मुनि संघ का पद बिहार श्री सम्मेद शिखर जी के लिए चल रहा है। मुनि संघ के पद बिहार में सिवनी, कटंगी, गुना, रांची, ललितपुर, खिमलासा, जैन समाज के महानुभाव शामिल हुए। मुनि श्री का लगभग 900 किलोमीटर का पद विहार हो चुका है। श्री सम्मेद शिखरजी तक 160 किलोमीटर और पद बिहार होगा।
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि भक्ति से तन, मन, वचन, वतन, धन, जीवन सफल हो जाता है। पूजा भक्ति एक अमृत रस है। भक्ति से शरीर मन, आत्मा, हृदय शुद्ध होते हैं एवं समाज, देश, परिवार शुद्ध होता है। मोक्ष के द्वार का ताला भक्ति रूपी चाबी से खोला जाता है। भक्ति पापी मन को पवित्र करती है। तल्लीनता से भक्ति करने से अतिशय चमत्कार होते हैं।
भक्ति से आनंद, उत्साह, सफलता की प्राप्ति होती है। भक्ति से ऊर्जा मिलती है। आप ऐसी भावना करें- हे प्रभु मेरे पैरों में इतनी शक्ति देना की दौड़-दौड़ कर आपके दरवाजे आ सकूं। तीर्थ क्षेत्र की वंदना कर सकूं। मुझे ऐसी सद्बुद्धि देना कि सुबह शाम घुटने के बल बैठकर आपको नमस्कार सकूं। जब तक प्राण रहे जीभ पर आपका नाम रहे।
प्रेम से भरी हुई आंखें देना, श्रद्धा से झुका हुआ सिर देना, सहयोग करते हुए हाथ देना, सत्पथ पर चलते हुए पांव देना और स्मरण करता हुआ मन देना अपनी कृपा दृष्टि और सद्बुद्धि देना भक्ति मुक्ति महल की चाबी है। गुणीजनों में दान, पूजा, विनय का भाव होना भक्ति है। भक्ति सर्वश्रेष्ठ रस है, भक्ति जीने की कला सिखाती है, भक्ति श्रद्धा की कसौटी है, पूजा भक्ति एक सरिता है, विनय भक्ति का श्रेष्ठ तरीका है।
प्रभु के गुण अनुराग को भक्ति पूजा, अर्चना, वंदना या प्रार्थना कहते हैं, जिससे विशेष शक्तियों की प्राप्ति होती है, और आध्यात्मिक सिद्धियां प्रकट होती है, मन का विकार धुल जाता है, इससे शरीर समाज, देश, परिवार विश्व शुद्ध होता है।
धर्म सभा में मंत्री जीतेन्द्र छाबड़ा उपाध्यक्ष संजय छाबड़ा कोषाध्यक्ष प्रमोद झाँझरी पदम गोधा अशोक सोगानी हेमन्त सेठी धर्मेन्द्र छाबड़ा के अलावा पूरा जैन समाज उपस्थित था। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री प्रज्ञापीठ बस स्टैंड धुर्वा में मुख्य ट्रस्टी भाई मनोजकुमार राय के सान्निध्य में एक विशिष्ट गोष्ठी हुई। उन्होंने नव निर्मित ट्रस्ट संरचना तथा शांतिकुंज से उसकी प्राप्त स्वीकृति के बारे में और क्रियान्वयन व जिम्मेदारी निर्वाह पर प्रकाश डाला। गोष्ठी में नगरी प्रखंड समन्वय समिति गठन व उसकी भी प्राप्त स्वीकृति पत्र व उसपर सौंपी उत्तरदायित्व पर चर्चा जिला समन्वयक ने की।
जिला समन्वयक ने गुरुवर श्रीपूज्यवर द्वय प्रज्ञावतारी महाचेतना के युग निर्माण योजना व विचार क्रांति अभियान के अंतर्गत नव निर्मित, निर्धारित निर्देश व नियमानुसार संशोधित पत्र के 11 बिन्दु पर विस्तार से तदनुसार क्रियान्वित करने उसकी महत्ता, उपयोगिता समझने और आवश्यकतानुसार रिपोर्ट विवरण तैयार करना और सामयिक अवसर पर प्रस्तुत करने को दिशा-निर्देश पर प्रकाश डाला।
जिला समन्वयक द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित साधकों द्वारा प्रथम गायत्री महामंत्र की 24 बार श्रीगुरुवाणी साथ सामूहिक सस्वर पाठ, संजू सरस्वती बहिन द्वारा युग निर्माण सत्संकल्प पाठ, नवयुग का आध्यात्मिक संविधान तथा मुख्य ट्रस्टी मनोज कुमार राय ने गुरुवर श्रीपूज्यवर के अपने अंग अवयव से अपेक्षा व अनुरोध को पढ़कर समझाया।
बताया गया कि हर इकाई प्रमुख को अपनी क्षेत्रीय स्तर पर वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी दिशा-निर्देश पर चर्चा हुई। साधनात्मक अनुष्ठान विधान पर प्रसाद ने बताया कि वर्तमान समय महाध्वंश व नवसृजन की हिलोरें ले रहा है। सामूहिक साधना के वैज्ञानिक प्रभाव पर चर्चा करते हुए बताया कि आज संघबद्ध साधनात्मक उपचार-विधान की मानवीय हृदय-अंतराल में अभीष्ट प्रभाव की जरूरत है।
शांतिकुञ्ज मुख्यालय को सप्त सूत्रीय कार्यक्रम अभियान अंतर्गत गृहे गृहे यज्ञीय कार्यक्रम, आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, महिला एवं जन जागरण, जन संपर्क, पुंसवन संस्कार, युवा मंडल सम्मेलन, नशा उन्मूलन, महिला की रिपोर्ट आज उपजोन, मुख्य जोन को प्रस्तुत कर दी गयी।
साथ ही भाई दीपक दयाल प्रसाद के सानिध्य में नामकुम क्षेत्र में जरार गांव में जन सम्पर्क कर युग साहित्य, गायत्री चालीसा, अखंड ज्योति युग निर्माण योजना व स्टीकर वितरण किये गये। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।
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