समाज

View All
Published / 2024-09-08 18:47:48
हम प्रत्येक प्रभु की दृष्टि में मूल्यवान हैं : महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बेड़ो, दिघिया। रांची महाधर्मप्रांत के दीघिया के संत बर्कमंस चर्च प्रांगण में आज रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद ने पल्ली विश्वासियों के लिए पहली बार मिस्सा बलिदान अर्पित किया और दृढ़करण संस्कार प्रदान किया।  दिघिया पल्ली में आज रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद का आगमन हुआ, जहां उन्होंने पल्ली के कैथोलिक विश्वासियों के लिए रविवार का मिस्सा बलिदान अर्पित करने के साथ ही 6 व्यस्कों को दृढ़करण संस्कार प्रदान किया।

महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद के पहली बार आने पर पल्ली के विश्वासियों ने उनका हर्षोल्लास से स्वागत किया और बेड़ो से बाइक रैली से उनका एस्कोर्टिंग किया। उन्होंने माता मरियम के पर्व पर माता मरियम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अपने धर्मोपदेश में कहा कि: हम प्रभु ईश्वर की दृष्टि में हम प्रत्येक मूल्यवान हैं। माता मरियम एक साधारण परिवार से ताल्लुक रहते हुए भी ईश्वर की कृपापात्री बनी। प्रभु की आशीष के कारण ही वह कष्टों और दुखों में भी प्रभु के आज्ञा अनुसार चलते हुए उनकी इच्छा को पूरा कर ने में सक्षम बनी। 

उनके जीवन को आदर्श मानकर हमारे जीवन को भी उन्हीं के अनुरूप बनाने की आवश्यकता है। मिस्सा  के अंत में महाधर्माध्यक्ष और सभी पुरोहितों का पल्लीवासियों ने जोरदार स्वागत किया और उनका आभार प्रकट किया। सांस्कृतिक समारोह में पल्लीवासियों ने रंगारंग प्रस्तुति से लोगों का हृदय जीत लिया। महाधर्माध्यक्ष ने पल्ली के विश्वासियों को और मजबूत बनने और बच्चों को उनके विश्वास तथा सहभागी जैसे गुणों के विकास करने में उनकी अगुवाई करने की सलाह दी। 

यह दिन युवाओं के लिए भी खास रहा क्योंकि पल्ली में युवा दिवस मनाया गया उन्होंने ने भी मन मोहक प्रस्तुति दी।  इस दृढ़करण संस्कार और सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह में रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद के आलावा, दिघिया के पल्ली पुरोहित फा विंसेंट मिंज, सहायक पल्ली पुरोहित फा परमदयाल खेस्स, फा रॉबर्ट मिंज, फा अजय मिंज, फा ब्रिसियूस मिंज, आर्चबिशप के सेक्रेटरी फा असीम मिंज, धर्मबहनें एवं हजारों की संख्या में ख्रीस्त विश्वासी शामिल हुए।

Published / 2024-09-07 21:04:47
पर्युषण पर्व की आराधना कर्मों की निर्जरा एवं व्यक्तित्व निर्माण से : गौतम जी रांका

टीम एबीएन, रांची। श्री श्वेताम्बर जैन मंदिर डोरंडा मे मूर्तिपूजक संघ के आज पर्युषण पर्व अपनी अंतिम दिन के पूर्णता पर है! मंदिर में नमिनाथ जिनालय में सुबह भगवान का अभिषेक व स्नात्र पुजा हुई, सात दिनो से कल्पसूत्र का वांचन हो रहा था, उसका आज प्राकृतभाषा में मुलसूत्र का वांचन हुआ। शाम में सभी श्रावक एवं श्राविकाओं ने सामुहिक प्रतिक्रमण किया। 

प्रतिक्रमण के बाद सभी साध्वी भगवंतों ने संकुल संघ से क्षमायाचना की, सकल संघ ने भी गुरु भगवंतों से क्षमा मांगी एवं एक दूसरे से क्षमा मांगी। क्षमा इस प्रकार मांगी जाती है 12 मास, 24 पक्ष, 365 दिन में किसी भी प्रकार से मैंने आपको दु:ख पहुंचाया हो तो मन, वचन, काया से आप मुझे अपने उदार र्ह्दय से क्षमा प्रदान करें। 

सुरेश बोथरा व श्रुति सेठिया के आज आठ उपवास था। किसी के आज बीस उपवास, किसी के आठ उपवास, तीन एवं दो उपवास एवं आज प्राय: सभी श्रद्धालुओं का उपवास था। रात्रि में 16 सतियों के जीवन का वांचन एवं मंचन हुआ। इधर, दिगम्बर जैन भवन में पर्वाधिराज पर्युषण के आज छठे दिन श्री साधु मार्गी जैन संघ के कार्यक्रम में स्वाध्यायी बंधु गौतम जी रांका और सुरेशजी बोरडिया ने बताया कि पर्युषण पर्व की आराधना स्वाध्याय, संस्कार, वातावरण एवं समय नियोजन से की जा सकता है।

पढमं नाणं तओ दआ अर्थात पहले ज्ञान फिर आचरण ज्ञान। आत्मशुद्धि, ज्ञान एवं प्रज्ञा की निर्मलता, आत्मा की सरलता स्वाध्याय से की जा सकती है। संस्कार से व्यक्तित्व कनिर्माण होता है, संस्कार मनुष्य के जीवन की नींव है। बाल संस्कार, युवा संस्कार, परिवार संस्कार से सशक्त राष्ट्र निर्माणहो सकता है। वातावरण अर्थात समाज एवं सरकार का दायित्व है कि ऐसे वातावरण का निर्माण करें जिससे चारों ओर शांति व स्मृद्धि की गूंज हो। 

समय नियोजन अर्थात जिस तरह से विद्यार्थी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक समय का नियोजन करते है उसी तरह आध्यात्मिक चेतना के लिए एवं आत्म शांति के लिए समय का नियोजन करना चाहिए। साधुमार्गी जैन संघ के झारखंड प्रभारी उत्तम चोरड़िया ने बताया कि आज छोटे लाल जी चोरड़िया, विशाल दस्सानी एवं धर्मेंद्र बोहरा के आज सात उपवास है। घेवरचंद नाहटा ने अपने उद्गार व्यक्त किये, रूबी भाटिया ने प्रेक्षा ध्यान के बारे मे बताया एवं महिला मंडल, समता मंडल द्वारा तपस्या के उपलक्ष्य में गीत पेश किये गये। 

दिगंबर जैन भवन में कल पर्युषण के अंतिम दिवस में सुबह 8 बजे से प्रवचन तत्पश्चात बच्चों, महिलाओं का सांस्कृतिक कार्यक्रम, शाम को प्रतिक्रमण है, उसके बाद सभी एक दूसरे से क्षमा याचना करेंगे। कल जैन मंदिर डोरंडा में प्रवचन  सुबह 8:30 बजे से यथावत रहेगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी। 

Published / 2024-09-05 20:56:14
पूर्णता की ओर बढ़ रहा जैन श्वेतांबर का पर्यूषण पर्व

टीम एबीएन, रांची। श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व का कार्यक्रम डोरंडा जैन मंदिर एवं दिगम्बर जैन भवन में चल रहा है। श्वेतांबर जैन धर्म का पर्वाधिराज पर्युषण गतिमान है, इस अवसर पर धर्म की आराधना और त्याग, तपस्या और संयम का विशेष महत्व है।  इस अवसर पर लोग अपने आत्म शुद्धि, आत्म साक्षात्कार, धर्म ध्यान, त्याग, तपस्या आदि करके अपने कर्मों की निर्जरा करतें हैं। पूरे चातुर्मास में एवं इस पर्युषण पर्व के दौरान अधिकतर लोग सूर्यास्त से पूर्व ही भोजन ग्रहण कर लेते है। अगले दिन सूर्योदय के पश्चात ही अन्न-जल ग्रहण करते हैं। 

जैन मंदिर डोरंडा

पर्युषण पर्व धीरे धीरे अपनी पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा है। कहते हैं कि पर्व के दिन संकरे यानी छोटे होते हैं। आज पर्यूषण पर्व का छठवें रोज जैन मंदिर डोरंडा में सुबह 6:30 बजे नमिनाथ जिनालय में सुबह अभिषेक व स्नात्र पूजा बड़े ही उत्साह व ठाठ बाठ से संपन्न हो रही हैं! आज प्रवचन में भगवान महावीर के जन्म महोत्सव का बहुत ही सजीव वर्णन पुज्य भव्योंदया श्री जी ने किया बताया दिक्कुमारियां, ढ़य इंद्र आदि नाचगान करके भगवान का जन्म बहुत ही आनंद से उत्सव मनाते हैं। 

क्षत्रियकुंड नगरी में संगंधित द्रव्यों का छिड़काव, पूरे राज्य में मिष्ठान वितरण सभी बंदियों को रिहा किया गया था, गर्भ में जब से बालक आया तब से राज्य में हर जगह सम्रद्धि आई इसीलिये भगवान का नाम वर्द्धमान भी रखा गया। आज के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान के पिता सिद्धार्थ महाराज एवं माता त्रिशला रानी के द्वारा भगवान महावीर के जन्म का नाट्य मंचन हुआ।

श्रद्धाल का उत्साह देखते ही बनता है ऐसा लग रहा है कि सभी श्रद्धालु नंदीश्वरदीप मैं ही परमात्मा की भक्ति पूजा कर रहे हैं। मौके पर संपतलाल रामपुरिया, सुभाष बोथरा, सुरेश बोथरा, आनंद गोठी, विनय नाहटा, अनिल कोठारी, संजय कोठरी, राजू रामपुरिया, बालवीर बोथरा, अक्षय सेठिया, विनायक मेहता, रिखभ चंद भंसाली, प्रमोद बोथरा आदि के साथ काफी श्रद्धालु उपस्थित थे। 

इधर, दिगंबर जैन भवन मे श्री साधुमार्गी जैन संघ रांची के पर्युषण के 5 दिवसयीय कार्यक्रम में स्वाध्यायी द्वय गौतम रांका और सुरेश बोरडिया ने बहुत ही सुंदर तरीके से जीवन में कैसे जैन धर्म के नियमों को अपना कर अपने कर्मों की निर्जरा कर सकते हैं, इस विषय पर प्रवचन दिया। जैन धर्म हमें संसार में जीवन जीने की कला सिखाता है। यह संस्कार बहुत आसानी से हम अपने बच्चों में देकर अपनी और उनके जीवन को सफल बना सकते हैं। 

सुबह 8 बजे से अन्त: गढ़ सूत्र वाचन सुरेश जी ने किया, जिसमें गजसुकुमार के जीवन अध्यन के बारे में बताया गया कि अनेकानेक भव में किये गए कर्म भी हमारा पीछा नहीं छोड़ते और हमें स्वजन, परिजन, महल, बगीचे, सोने धन वैभव सब नस्वर हैं और छूटने वाले हैं। रांची के जैन समाज में तपस्याओं की कड़ी चल रही है जिसमे श्री छोटे लाल चोरडिया, विशाल दस्साणी और धर्मेंद्र बोहरा लगातार 5 दिनों से उपवास कर रहें हैं।

संगीता लोढ़ा 50 दिनों के आयम्बिल की तपस्या कर रही हैं।  सुबह 4:30  बजे रायसी प्रतिक्रमण, उसके बाद प्रार्थना और ध्यान का कार्यक्रम हुआ। आज दिगंबर जैन भवन में पारस हॉस्पिटल के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया जिसमें 70 लोगो ने अपना स्वास्थ्य चेकअप करवाया।

मौके पर प्रकाश चन्द नाहटा, छोटे लाल चोरड़िया, देव चन्द पींचा, मगन देवी पींचा, पायल कोठारी, पुष्पा बच्छावत, सुमन बरमेचा, वंदना चोरडिया और अन्य महिला मंडल के सदस्य उपस्थित थे। दिगंबर जैन भवन में कल सुबह सुबह 6 बजे से 24 घण्टे का अखण्ड नवकार महामंत्र का जप एवं अन्य कार्यक्रम यथावत रहेंगे एवं जैन मंदिर डोरंडा में सुबह कल्पसूत्र वांचन, प्रवचन एवं शाम में भक्ति भजन किया जायेगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

Published / 2024-09-04 20:48:42
श्वेतांबर जैनधर्म के पर्युषण पर्व में जुटी रही लोगों की भारी भीड़

टीम एबीएन, रांची। श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व का कार्यक्रम डोरंडा जैन मंदिर एवं दिगम्बर जैन भवन में चल रहा है। पर्युषण पर्व अंतर्गत श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ का डोरंडा जैन मंदिर में धर्म आराधना चल रही है एवं श्री साधुमार्गी जैन श्वेतांबर संघ एवं तेरापंथ धर्मसंघ का दिगम्बर जैन भवन में पर्युषण कार्यक्रम हो रहा है। 

जैन मंदिर डोरंडा में आज पर्युषण पर्व के पांचवे दिवस पर सुबह 6.30 बजे नमिनाथ जिनालय में सामुहिक अभिषेक व स्नान, पूजा संपन्न हुई। तत्पश्चात कल्पसूत्र वाचन हुआ, जिसमें आज भगवान महावीर के जन्म के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया एवं श्रद्धालुओं द्वारा जन्म उत्सव मनाया गया। स्नात्र पूजा अर्थात जब भगवान का जन्म होता है तब इन्द्र महाराजा, भगवान को ले जाकर मेरुपर्वत पर सभी देवी देवाताओं के साथ पूजा करते है। 

आज पुज्य लयस्मिता की शिष्या जिनवर्षा जी ने भगवान पार्श्वनाथ जी का जीवन परिचय दिया, भगवान पार्श्वनाथजी को इतनी महिमा है कि हर मंदिर में इनकी मूर्ति होती है। नेमिनाथ जीवन चरित्र का वर्णन किया गया, नेमिनाथ भगवान श्रीकृष्ण के चचेर भाई हैं जिनका मोक्ष गिरनार पर्वत पर हुआ है। 

भगवान महावीर के जन्म पर वाचन किया गया, बताया गया कि जब भगवान का जन्म होता है, तब उनकी माता त्रिशला  चौदह चौदह स्वप्न देखते है। उन सपनों को प्रदर्शित किया गया एवं उनके बारे में साध्वी जी के द्वारा विस्तार पूर्वक बताया गया एवं श्रद्धालुओं के द्वारा सपनों की पुजा करके सबको दर्शन करवाया गया। भगवान पालना के सामने आज शाम में भक्ति भजन कार्यक्रम रखा गया है। 

सम्पतलाल रामपुरिया, सुभाष बोथरा, सुरेश बोथरा, आनंद गोठी, विनय नाहटा, अनिल कोठारी, संजय कोठरी, राजू रामपुरिया, बालवीर बोथरा, अक्षय सेठिया, विनायक मेहता, रिखभ चंद भंसाली, प्रमोद बोथरा, धर्म चंद भंसाली, प्रमोद बोथरा आदि के साथ काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

इधर, दिगंबर जैन भवन में पर्युषण महापर्व के अपने आधे मार्ग को तय करते हुए आज चतुर्थ दिन श्री साधुमार्गी जैन श्वेतांबर संघ के स्वाध्यायी बंधु गौतम जी रांका एवं सुरेश जी बोरडिया ने प्रवचन दिया कि आत्म साधना के लिए पारिवारिक शांति कि आवश्यकता होती है। व्यक्ति अगर किसी तरह के पारिवारिक तनाव में रहकर जीता है तो वह धर्म कि सम्यक आराधना नहीं कर सकता, आत्म साधना के लिए घर का वातावरण भी सहायक होता है।

धर्म आराधना जैसे कल्याणकारी कार्य के लिए परिवार में शांति कि आवश्यकता होती है। एक आदर्श सुखकर परिवार का निर्माण संस्कारों कि नींव पर आधारित होती है। परिवार में हर सदस्य एक दूसरे के प्रति सहज सरल समर्पित रहें, बड़ों का आदर और छोटों पर महर हो तो वह परिवार सुखी बना रहेगा, ऐसे सुखी परिवार के बीच मयार्दा का प्रस्फुटन स्वत: हो जाता है। राजेश पींचा एवं प्रकाश नाहटा ने अपने विचार प्रस्तुत किये। 

आज वाणी संयम दिवस अवसर पर वाणी कि सुचिता रखने कि चर्चा कि गयी अंत: गढ़ सूत्र की वाचना एवं अभय कुमार के जीवन चरित्र के माध्यम से धर्म जागरण और ज्ञान, दर्शन, चरित्र तप जीवन, परिवार और समाज में महत्व कीबात बताई गई। इस अवसर पर देव पींचा, राजेश बच्छावत, अर्जुन बोहरा, मोहन लाल नाहटा, मूलचंद सुराणा, केसर देवी पींचा, सरिता दस्सानी, पुष्पा बछावत, करुणा चोरड़िया, रेशमा बोहरा, पुष्पा सुराणा सहित कई श्रावक और श्राविकाएं उपस्थित थे। 

मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने बताया कि दिगंबर जैन भवन में सुबह 8 बजे से अंत: गढ़ सूत्र वांचन एवं तत्पश्चात 8:30 बजे से प्रवचन एवं दोपहर में ज्ञान शाला एवं शाम में प्रतिक्रमण किया जायेगा।

Published / 2024-09-03 21:01:56
मुंबई से आये स्वाध्यायी बंधु श्रीमान गौतम जी रांका और सुरेश जी बोरडिया लोगों को किया संबोधित

श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व 

टीम एबीएन, रांची। श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व का कार्यक्रम डोरंडा जैन मंदिर एवं दिगंबर जैन भवन में चल रहा है। पर्युषण पर्व अंतर्गत श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ का डोरंडा जैन मंदिर में धर्म आराधना चल रही है एवं श्री साधुमार्गी जैन श्वेताम्बर संघ एवं तेरापंथ धर्मसंघ का दिगम्बर जैन भवन में पर्युषण कार्यक्रम हो रहा है। 

श्री दिगम्बर जैन भवन, हरमू रोड में श्री साधुमार्गी जैन श्वेताम्बर संघ के धर्म की प्रभावना करने मुंबई से आये स्वाध्यायी बंधु श्रीमान गौतम जी रांका और सुरेश जी बोरडिया ने आज पर्युषण के तीसरे दिन अंत: गढ़ सूत्र की वाचना एवं प्रवचन दिया। आगमों का स्वाध्याय ज्ञान वृद्धि एवं कर्मनिर्जरा का साधन है, अत: प्रत्येक श्रावक को यथा शक्ति आगमों का निरंतर स्वाध्याय करना चाहिए। 

अंत: गढ़ सूत्र के माध्यम से 90 भव्यात्मा का वर्णन किया जा रहा है जिन्होंने मोक्ष प्राप्त किया है।स्वाध्यायी श्री गौतम जी रांका ने प्रवचन में कहा की प्रमाद से कर्म बंधन होता है, अप्रमाद से नए कर्म के बंधन से बचा जा सकता है और पूर्व संचित कर्मों की निर्जरा भी की जा सकती है।  जीवन को आध्यात्ममय बनाकर, सुसंस्कृत बना कर मनुष्य भाव को धन्य बनाया जा सकता है। 

जीव अनंतकाल से संसार में भटकता आ रहा है, इसके बीच यह मनुष्य जन्म मिला है, ऐसे दुर्लभतम मनुष्य भाव को हमें सम्यकरूप से जी कर मोक्ष की तरफ एक कदम आगे बढ़ना चाहिए। अभय कुमार के जीवन चरित्र की रसीली सूंदर व्याख्या की गयी। मौके पर अशोक सुराणा, उत्तम कोठरी और राजेश बछावत ने भजन प्रस्तुत किया! कल 4 सितम्बर को पारस हॉस्पिटल के सहयोग से हेल्थ चेकअप कैंप भी दिगम्बर जैन भवन में लगाया जायेगा जिसमे चेक अप और चिकित्शक परामर्श उपलप्ध रहेगा। 

आज सामायिक दिवस के उपलक्ष पर ज्यादा से ज्यादा सामायिक की प्रभावना की गयी। छोटेलाल जी चोरडिया, चेतन दास बोहरा, मूलचंद सुराणा,घेवर चंद नाहटा आदि उपस्थित हुए। जैन समाज के श्रावक काफी संख्या में उपस्थित थे। दोपहर में धर्म चर्चा और संध्या के समय प्रतिक्रमण एवं प्रवचन हुआ। 

श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ, डोरंडा के तत्त्वाधान में चातुर्मास परम् पूज्य श्री खतरगच्छाधिपति मणीप्रज्ञ सागर सूरीश्वर जी की परम् पूज्य गुरूवर्या श्री लयस्मिता श्री जी, पु. अभिवर्षा श्री जी, पु.भव्योंदया श्री जी, पु. गुणोंदया श्री जी, पु. जिनवर्षा श्री जी आदि ठाना 5 का भव्य चातुर्मास चल रहा है! नित्य जप, तप, ज्ञान, ध्यान चल रहा है! आज सुबह 8 बजे से कल्पसूत्र वांचन, एवं 8:30 बजे से प्रवचन हुआ। कल 4 सितम्बर से भगवान महावीर का जन्म का वांचन किया जायेगा। श्रद्धालुओं से मंदिर खचाखच भरा हुआ था। 

कल सुबह 8 बजे मंदिर डोरंडा में कल्पसूत्र वांचन एवं तत्पश्चात 8:30 बजे से प्रवचन एवं दोपहर में ज्ञान शाला एवं शाम में भक्ति भजन किये जायेगा। दिगंबर जैन भवन में सुबह 8 बजे से अंत: गढ़ सूत्र वांचन एवं तत्पश्चात 8:30 बजे से प्रवचन एवं दोपहर में ज्ञान शाला एवं शाम में प्रतिक्रमण किया जायेगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

Published / 2024-09-03 20:54:07
घरों और मंदिरों में श्रद्धापूर्वक मना राणी सती दादी जी का भादो बदी अमावस

टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी समाज का प्रमुख त्यौहार श्री राणी सती दादी जी का भादो बदी अमावस्या सभी के घरों एवं दादी जी के मंदिरों में श्रद्धा पूर्वक एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि राणी सती दादी जी को मारवाड़ी समाज की कुलदेवी भी है तथा इस पूजा का पितरों के संदर्भ में बहुत महत्व है। 

आज महिलाएं एवं पुरुष दादी जी की मंदिरों एवं अपने-अपने घरों मे विधिवत पूजा की तथा पितरों को धोक एवं दादी जी की जात दी गयी। घरों में भी दादी जी की तस्वीर को फूलों से सजाया गया, एवं  चुनड़ी चढ़ाई गई, महिलाएं ओढ़ना ओढ़कर पूरे परिवार के साथ ज्योत प्रज्वलित कर विधिवत पूजा अर्चना की,पूजा में रोली, मोली, मेहंदी, चावल, नाल जोड़ी काजल, चूड़ी, सिंदूर, नारियल, गट, प्रसाद, फल, दक्षिणा, दीपक, कलश, मीठा पूड़ा, घूघरे डिजाइन का पूड़ा, पूड़ी, दादी जी को अर्पित किया गया। 

एक साफ पाटे पर रोली की सथिया बनाई, दीपक प्रज्वलित की गई, सबों ने तेरह रोली, चावल, मेहंदी, काजल की टिकी दी। तथा दादी के भजनों के साथ सामूहिक आरती की गई तथा सभी के लिए सुख, शांति, समृद्धि की दादी जी से प्रार्थना की, तथा राणी सती दादी जी के मंदिर मे जाकर पूजा अर्चना की गई। राणी सती दादी का वास्तविक नाम नारायणी है।

परम आराध्या दादी जी के प्रताप उनके वैभव और अपने भक्तों पर नि:स्वार्थ कृपा बरसाने वाली मां नारायणी सती दादी को मारवाड़ी समाज की कुलदेवी भी माना जाता है। तथा नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इष्ट देवी के रूप में श्री राणी सती दादी देवी दुर्गा का अवतार है। इस मान्यता के चलते माता के प्रतिरूप को त्रिशूल स्वरूप में प्रतिष्ठापित किया गया है। दादी का मंदिर स्त्री सम्मान ममता और स्त्री शक्ति का प्रतीक है।

Published / 2024-09-02 20:37:23
श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व में हो रही धर्म आराधना

टीम एबीएन, रांची। श्वेतांबर जैनधर्म का पर्युषण पर्व का कार्यक्रम डोरंडा जैन मंदिर एवं दिगम्बर जैन भवन में चल रहा है। पर्युषण पर्व अंतर्गत श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ का डोरंडा जैन मंदिर में धर्म आराधना चल रही है एवं श्री साधुमार्गी जैन श्वेतांबर संघ एवं तेरापंथ धर्मसंघ का दिगम्बर जैन भवन में पर्युषण कार्यक्रम हो रहा है। 

डोरंडा स्थित जैन मंदिर में परम् पूज्य श्री खतरगच्छाधिपति मणीप्रज्ञ सागर सूरीश्वर जी की आज्ञा से परम पूज्य गुरूवर्या श्री लयस्मिता श्री जी आदि ठाणा 5 का चातुर्मास चल रहा है, लयस्मिता श्री जी आज के प्रवचन में बताया की नदियों में गंगा श्रेष्ठ, पक्षियों में हंस श्रेष्ठ, पशुओं में गाय श्रेष्ठ, गुरुओं में गौतम स्वामी श्रेष्ठ है। पर्वों में पर्युषण को पर्व श्रेष्ठ कहा गया है। आज से कत्यसुत्र का वाचन शुरू हुआ। 

साधुसमाचारी-साधुओं को कैसा जीवन जीना का वांचन होगा। साथ ही प्रवचन में तीर्थंकर भगवान आदिनाथजी के समय के साधु, अजितनाथ, पार्श्वनाथ, शासनपति भगवान महावीर के समय के साधु के जीवन के बारे बताया गया। भगवान महावीर के 27 भवों का वर्णन किया गया। आज सुबह 6:30 बजे से नमिनाथ जिनालय में अभिषेक पुजा आदि शुरू हुई। दोपहर में ज्ञान शाला एवं शाम में 7 बजे से भक्ति भजन कार्यक्रम हुआ। श्रद्धालुओं से मंदिर खचाखच भरा हुआ था। 

इधर दिगंबर जैन भवन, हरमू रोड में श्री साधुमार्गी जैन श्वेतांबर संघ रांची का आज से पर्युषण पर्व कार्यक्रम शुरू हुआ। आज प्रथम दिन धर्म की प्रभावना करने मुंबई से आये स्वाध्यायी बंधु श्रीमान गौतम जी रांका और सुरेश जी बोरडिया ने अंत: गढ़ सूत्र की वाचना एवं प्रवचन दिया। पर्युषण के दूसरे दिन श्री साधुमार्गी जैन संघ के कार्यक्रम में मुख्य विषय था अपने कर्मों की निर्जरा किस प्रकार कर सकते है। 

स्वाध्यायी बंधु गौतम जी रांका एवं सुरेश जी बोरिया ने अंत: गढ़ सूत्र की वाचना एवं प्रवचन दिया।सुरेश जी बोरिया ने बताया कि अंत: गढ़ सूत्र में वर्णित ज्ञान एवं साधना से यह ज्ञात होता है की ज्ञान दर्शन चरित्र की सम्यक पालने से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। स्वाध्यायी जी गौतम रांका ने प्रवचन में कहा कि सुख दु:ख कर्म नियोजित हैं। जैसा कर्म करेंगे वैसा ही फल मिलेगा। कर्मों का कारण आस्रव - मिथ्यात्व, अव्रत, कषाय, प्रमाद, अशुभ योग कर्म जो रोकना संवर के द्वारा और खतम करना निर्जरा भावना से। 

अभय कुमार का जीवन चरित्र पर भी प्रवचन में चर्चा हुई। इस अवसर पर महिला समता मंडल ने गीत प्रस्तुत किया। मौके पर मोहन लाल पींचा, अमर चंद बेंगानी, राकेश बच्छावत सहित अन्य लोग उपस्थित थे। प्रवचन समाप्ति के अंत मे जय पींचा ने बताया कि 4 सितंबर को पारस हॉस्पिटल के सहयोग से हेल्थ चेकअप कैंप दिगंबर जैन भवन में लगाया जायेगा जिसमे चेक अप और चिकित्शक परामर्श उपलप्ध रहेगा। 

बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता रखी गयी है जिसका विषय है अहिंसा परमो धर्म। जैन समाज के श्रावक काफी संख्या में उपस्थित थे। दोपहर में धर्म चर्चा और संध्या के समय प्रतिक्रमण एवं प्रवचन हुआ। कल सुबह 8 बजे मंदिर डोरंडा में कल्पसूत्र वांचन एवं तत्पश्चात 8:30 बजे से प्रवचन एवं दोपहर में ज्ञान शाला एवं शाम में भक्ति भजन किये जायेगा। दिगंबर जैन भवन में सुबह 8 बजे से अंत: गढ़ सूत्र वांचन एवं तत्पश्चात 8:30 बजे से प्रवचन एवं दोपहर में ज्ञान शाला एवं शाम में प्रतिक्रमण किया जायेगा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

Published / 2024-09-02 18:50:01
भक्तिमय माहौल में मना श्री सती सावित्री माता की भादो अमावस्या महोत्सव

रांची के बुजुर्ग गणमान्य लोगों को किया गया सम्मानित

टीम एबीएन, रांची। श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज रांची के तत्वावधान में आदिशक्ति श्री सती सावित्री माता जी (कोटड़ी वाली) का एक दिवसीय भादो अमावस्या महोत्सव मारवाड़ी ब्राह्मण भवन रांची के प्रथम तल्ला मे हर्षोल्लास एवं भक्तिमय के साथ मनाया गया। महोत्सव में आदिशक्ति माताजी का सुगंधित पुष्पों से अलौकिक नयनाभिराम श्रृंगार, अखंड मंगल पाठ, भजन जागरण, छप्पन भोग महाप्रसाद का आयोजन किया गया। 

महोत्सव दोपहर 2:30 बजे से श्री गणेश पूजन एवं मंगल पाठ से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अखंड मंगल पाठ जयपुर राजस्थान की मां की लाडली सरोज तोसार्व (सोनी) ने सुमधुर भजनों के साथ सावित्री मंगल पाठ प्रस्तुत कर महिलाओं को खूब झुमायी। तत्पश्चात अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित कर छप्पन भोग महाप्रसाद का भोग लगाया गया। 

शाम 6 बजे से रांची के प्रसिद्ध भजन गायक मदन मोहन सोनी एवं मनीष सोनी ने भजनों की अमृत वर्षा की तथा अपने मधुर भजनों के गंगा प्रवाहित कर दादी जी के श्री चरणों में भजनों की लड़ी लगा दी। भक्तगण दादी दादी बोल दादी सुन लेसी.., आओ मां आओ मां आओ मां भक्तों के घर कभी आओ मां.., नारायणी लियो अवतार बधाई सारे भक्तों ने.. किस्मत का खोल देते ताला जी सालासर के बालाजी..आदि भजनों की लय पर भक्तगण भाव विभोर हो दादी जी के नाम की खूब मस्ती लूट रहे थे। 

खूब झूमे, महोत्सव में रांची की धार्मिक संस्थाएं श्री कृष्ण प्रणामी ट्रस्ट, श्री हनुमान मंडल भी पधारी, मारवाड़ी स्वर्णकार समाज द्वारा सभी आगंतुक अतिथियों एवं रांची के सभी बुजुर्ग गणमान्य  व्यक्तियों विजय दनवार, बनवारी लाल, गजानंद जी, दयानंद जी, रुकमानंद जी, जगदीश जी,ओम मदन जी, शिवप्रसाद सोनी को अंग वस्त्र एवं दादी जी का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। देर रात सामूहिक रूप से महा आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

महोत्सव सफल बनाने में ओम प्रकाश सोनी, प्रतीक सोनी, किशन सोनी, कन्हैया सोनी, विष्णु सोनी, नारायण सोनी, गोपाल सोनी, प्रेम सोनी, सोनू सोनी, मदन मोहन सोनी, मनीष सोनी, अमित तोसावर, वीरेंद्र तोसावर, मनीष तोसावर सहित पूरा स्वर्णकार परिवार अपना भरपूर योगदान दिया। उक्त जानकारी मनीष सोनी (97092 55630) ने दी।

Page 74 of 219

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse