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Published / 2025-01-01 20:16:42
भारत के बाद नेपाल ने भी शुरू किया राष्ट्रव्यापी बाल विवाह मुक्त अभियान

  • प्रधानमंत्री केपी ओली के शपथ लेने के साथ शुरू हुए बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के? लिए जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन (जेआरसी) और बैकवर्ड एजुकेशन सोसायटी (बेस) दे रहे हैं अभियान को रणनीतिक सहयोग
  • भारत की रणनीतियों पर अमल करते हुए बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान बाल विवाह की ज्यादा दर वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित करेगा 
  • जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों से भारत में 2,50,000 बाल विवाह रुकवाये गये और अब वह एक ऐसी दुनिया की कोशिश में है जो बाल विवाह से मुक्त हो 
  • जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के बाल विवाह मुक्त विश्व प्रतिज्ञा कार्यक्रमों में 2 से 8 दिसंबर, 2024 के बीच, तीन महाद्वीपों के 39 देशों ने शिरकत की और लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलायी

एबीएन सोशल डेस्क। पिछले साल नवंबर में भारत द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू करने के बाद, नेपाल ने बाल विवाह को समाप्त करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करके दक्षिण एशिया क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नेपाल सरकार द्वारा शुरू किया गया बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) और बैकवर्ड एजुकेशन सोसायटी (बेस) नेपाल रणनीतिक भागीदार हैं। 

इस अभियान का उद्घाटन काठमांडू में एक कार्यक्रम में किया गया। जहां महिला, बाल एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय के मंत्री नवल किशोर साह सुदी, नेपाल के लुंबिनी प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री और बेस संस्था के संस्थापक दिल्ली बहादुर चौधरी, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक और जानेमाने बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु भी मौजूद थे, जो बाल विवाह मुक्त विश्व के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में नेपाल के सभी सातों प्रांतों के मंत्रालयों के मंत्री शामिल हुए और इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए राष्ट्र की एकजुटता और प्रतिबद्धता पर जोर दिया। 

बाल विवाह के खात्मे के लिए भारत की रणनीतियों पर अमल करते हुए बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान उन जिलों और समुदायों पर ध्यान केंद्रित करेगा जहां बाल विवाह के चलन की दर ज्यादा है। इसके लिए बाल विवाह के खिलाफ नेपाल के कानूनों के बारे में युवाओं और समुदायों में जागरूकता का प्रसार किया जाएगा।

अभियान के दौरान पूरे देश में लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। इसमें सरकारी कर्मचारियों, वकीलों, नागरिक समुदाय के सदस्यों, धार्मिक नेताओं और बच्चों जैसे सभी हितधारकों को साथ लिया जायेगा ताकि देश से 2030 तक बाल विवाह का खात्मा किया जा सके। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 27 नवंबर 2024 को नई दिल्ली में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी जिसका लक्ष्य 25 करोड़ लोगों तक पहुंचना है। 

देश के 416 जिलों में बाल विवाह के खात्मे के लिए अभियान चला रहे 250 गैर सरकारी संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने अकेले ही 2,50,000 बाल विवाह रुकवाये हैं। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के जमीनी हस्तक्षेपों और जनहित याचिकाओं के नतीजे में 2024 में बच्चों की सुरक्षा के लिए कई ऐतिहासिक फैसले आये, जिससे यह देश में बाल अधिकारों की रक्षा के पर्यायवाची के रूप में उभरा है।

बच्चों के प्रति इस सबसे घृणित अपराध के खिलाफ वैश्विक समुदाय की प्रतिबद्धता और इसकी तात्कालिकता को रेखांकित करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक और प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु ने कहा- आज का दिन हर मायने में हमारे लिए ऐतिहासिक है। बाल विवाह मुक्त विश्व के सपने के साथ शुरू हुआ यह सफर बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में तमाम देशों और सरकारों के शामिल होने से धीरे-धीरे वास्तविकता में बदलने लगा है। 

ऋभु ने कहा कि बाल विवाह मानवाधिकारों के हनन का सबसे वीभत्स स्वरूप है और भारत दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इसके खिलाफ लड़ाई की मोर्चे से अगुआई कर रहा है। अब नेपाल सरकार के बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान शुरू करने से इसके खात्मे की लड़ाई में हमारी सामूहिक शक्ति में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। यह सिर्फ एक मील का पत्थर ही नहीं बल्कि बच्चों की गरिमा, स्वतंत्रता, स्वास्थ्य, शिक्षा और हर बच्चे को सुरक्षा देने के वादे को दोहराने का दिन है। आज एक नये युग की शुरुआत है। 

बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई को वैश्विक विस्तार देते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने 2 दिसंबर 2024 से 8 दिसंबर 2024 के बीच बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक शपथ सप्ताह मनाया। इस दौरान भारत व नेपाल सहित एशिया, अफ्रीका व अमेरिका के 39 देशों ने इसमें शिरकत की। बाल विवाह के खिलाफ इस जंग को मिला अप्रत्याशित और अभूतपूर्व वैश्विक समर्थन इस वास्तविकता को रेखांकित करता है कि बाल विवाह मानवाधिकारों के उल्लंघन का सबसे भयावह स्वरूप है और इसके खात्मे के लिए सामूहिक कार्रवाइयों की आवश्यकता है।  

बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान इस हिमालयी देश से इस बुराई के खात्मे की दिशा में एक बेहद अहम और जरूरी कदम है क्योंकि बाल विवाह की दर के मामले में नेपाल दक्षिण एशिया में दूसरे स्थान पर है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 20 से 24 आयु वर्ग की 35 प्रतिशत लड़कियों का विवाह उनके 18 साल की होने से पहले ही हो जाता है। 

हालांकि नेपाल में लड़के और लड़कियों के लिए विवाह की कानूनी उम्र 20 साल है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि देश की 54 लाख लड़कियों में 15 लाख का विवाह उनके 15 साल की होने से पहले ही हो गया था। ये आंकड़े भयावह हैं लेकिन माना जा रहा है कि नेपाल सरकार की इस पहल से बाल विवाहों पर तेजी से रोक लगेगी। इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।

Published / 2024-12-30 17:52:44
आनंदमार्ग ने कराया आदर्श विप्लवी विवाह

टीम एबीएन, रांची। आज आनंदमार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में हेहल जागृति भवन में आनंदमार्ग चर्याचर्य के अनुसार आदर्श विप्लवी विवाह संपन्न हुआ। एक आदर्श समाज की स्थापना हेतु वर के रूप में गढ़वा के अरूण बैठा एवं वधु के रूप में पुरुलिया की राजोबाला महतो ने बिना दान-दहेज के एवं जाति-पाति के बंधन को तोड़कर एक क्रांतिकारी कदम उठाया।

इस विवाह में पौरोहित्य का कार्य आचार्य ज्ञानांजनानंद अवधूत एवं अवधुतिका आनंद सर्वज्ञा आचार्या ने किया तथा उपस्थित लगभग 200 लोग इस विवाह के साक्षी बने।

इस विवाह को सम्पन्न कराने में शहर के प्राख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ आचार्या करुणा शाहदेव, मृदुला सिंह भुक्ति प्रधान पंचु, अधिवक्ता विनोद, प्रोफेसर मनोज देव का अहम योगदान रहा।

Published / 2024-12-30 17:51:56
रांची की नेहा पटवारी को मिला मारवाड़ी युवा मंच का सर्वोच्च नवरत्न पुरस्कार

झारखंड एवं समाज के लिए गर्व की बात : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच का गुजरात के गांधी धाम में आयोजित चार दिवसीय 15वां राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय रक्तदान संयोजक राजधानी रांची की नेहा पटवारी को सत्र 2023-25 के लिए मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र भट्टर ने सर्वोच्च नवरत्न पुरस्कार से अलंकृत किया। 

सुरेंद्र ने कहा कि आपसे पूर्ण आशा एवं विश्वास है कि मंच को इसी तरह अपनी सेवा देकर मंच के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए एक नया इतिहास गढ़ने का कार्य नि:स्वार्थ भावना से निरंतर करते रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मंच की नारी शक्ति तेजी से समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। उसी कड़ी को नेहा पटवारी ने अपने कार्यों से सेवा कार्य कर परचम लहराया है। 

नेहा पटवारी को सर्वोच्च नवरत्न पुरस्कार से सम्मानित किये जाने पर रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व प्रांतीय कार्य समिति सदस्य संजय सर्राफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए नेहा पटवारी को बधाई देते हुए कहा है कि सर्वोच्च नवरत्न पुरस्कार मिलना झारखंड के लिए गर्व की बात है। 

उन्होंने समाज के गौरव को बढ़ाते हुए गौरवान्वित की है। नेहा पटवारी समर्पण शाखा रांची की पूर्व अध्यक्ष, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच में मुख्यालय उपाध्यक्ष पर रहते हुए भी राष्ट्र के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से अलंकृत हुई थी।

Published / 2024-12-29 18:53:28
श्री सर्वेश्वरी समूह ने किया कंबल वितरण कार्यक्रम

टीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सवेश्वरी समूह- शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड - पश्चिम, रांची) के महिला संगठन ने ग्राम- जुरकेला, लड़वा, खटगांव, टंगरा टोली, पूरना टोली अघरमा, कोलेबिरा, जिला - सिमडेगा में जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम किया। 

कार्यक्रम की शुरुआत परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं परम पूज्य बाबा संभव राम जी की तस्वीर की विधिवत आरती पूजन के बाद की गयी। आरती-पूजन जुरकेला ग्राम के  स्व भुवनेश्वर नाथ शाहदेव की धर्मपत्नी रमावती देवी ने संपन्न किया। तत्पश्चात ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी की गयी। 

गोष्ठी में शाखा के गिरेन्द्र नाथ शाहदेव ने श्री सवेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में ग्रामीण बंधुओं को बताया। ज्ञात हो कि श्री सर्वेश्वरी समूह एक विश्वविख्यात सामाजिक एवं धार्मिक संस्था है जो निरंतर जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। जनसेवा के लिए संस्था का नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। 

गोष्ठी के बाद उपस्थित ग्रामीण बंधुओं के बीच 150 कंबलों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम श्री सवेश्वरी समूह के उन्नीस सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित किया गया। समस्त कार्यक्रम का आयोजन श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची के महिला संगठन के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लाल उपेंद्र नाथ शाहदेव, नयन मंजरी देवी, आतिश तिवारी, नीलेश लाल के साथ शाखा रांची से लगभग 30 श्रद्धालु-सदस्यगण सम्मिलित हुए।

Published / 2024-12-28 17:48:41
रांची : अन्नपूर्णा सेवा में 450 लोगों ने किया भोजन, 200 को मिले कंबल

  • रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित दोनों अन्नपूर्णा सेवा मे 450 लोगों ने किया भोजन,200 कंबल का हुआ वितरण
  • मानव सेवा से बढ़कर कोई भी पुनीत कार्य नहीं : रामावतार नारसरिया

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के द्वारा संचालित पहाड़ी मंदिर रोड स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा 230 लोगों ने भोजन प्राप्त किया। तथा दूसरा अन्नपूर्णा केंद्र पुरुलिया रोड स्थित स्वर्णभूमि अन्नपूर्णा सेवा केंद्र में 220 लाभुकों ने भोजन प्राप्त किया। 

दोनों अन्नपूर्णा सेवा मे 450 लोगों ने भोजन किया। इस अवसर पर कड़ाके की ठंड को देखते हुए दोनों अन्नपूर्णा सेवा मे श्री रामावतार नारसरिया एवं उनके परिवार के द्वारा 200 कंबल निर्धन एवं जरूरतमंदों को वितरण किया गया। 

मौके पर रामावतार नारसरिया ने कहा की मानव सेवा से बढ़कर कोई भी पुनीत कार्य नहीं है। ठंड में जरूरतमंदों को कंबल मिलने से ठंड से बचाव के साथ बहुत राहत मिलता है। उन्होंने कहा कि कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा निरंतर चलती रहेगी। 

मौके पर अन्नपूर्णा सेवा के संयोजक सुरेश चंद्र अग्रवाल मारवाड़ी सम्मेलन के जिला महामंत्री विनोद कुमार जैन, प्रदीप नारसरिया, प्रमोद अग्रवाल, पुरुषोत्तम विजयवर्गीय, मनोज रुइया, द्वारका प्रसाद अग्रवाल, निर्भय शंकर हरित, सांवरमल बुधिया, रमेश बंका, संजय सर्राफ, सहित कई सदस्य उपस्थित थे। 

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि दोनों अन्नपूर्णा सेवा स्व सत्यनारायण नारसरिया एवं स्व शारदा देवी नारसरिया की स्मृति में एवं रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के द्वारा संचालित है।

Published / 2024-12-26 20:30:27
छह दिवसीय आवासीय प्राकृतिक चिकित्सा शिविर सात जनवरी से, रजिस्ट्रेशन तीन तक

प्राकृतिक आहार एवं उपचार के माध्यम से सभी साध्य एवं असाध्य रोगों का होगा उपचार : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। पवित्रम सेवा परिवार के तत्वाधान में 6 दिवसीय पूर्ण आवासीय-शरीर शुद्धि (विषाक्तता निवारण) प्राकृतिक उपचार शिविर 7 जनवरी 2025 से 12 जनवरी तक धनबाद में आयोजित की गयी है। झारखंड में पहली बार आयोजित इस शिविर में देश के कई चिकित्सक विशेषज्ञ तथा चिकित्सा टीम उपचार करने हेतु भाग लेंगे। 

इस 6 दिवसीय आवासीय उपचार शिविर का उदेश्य आहार, जीवनशैली को ठीक करते हुए प्राकृतिक चिकित्सा शैलियों के माध्यम से शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ करना है। पवित्रम सेवा परिवार के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस शिविर मे प्राकृतिक आहार एवं उपचार के माध्यम से सभी साध्य एवं असाध्य रोगों का उपचार किया जायेगा। शिविर मे भाग लेने हेतु रजिस्ट्रेशन की प्रकिया शुरू हो गयी है। 

इस शिविर में चिकित्सा हेतु कुल 80 महिला एवं पुरुषों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। प्रतिदिन ओपीडी की भी व्यवस्था रखी गयी है। बाकी लोग ओपीडी के माध्यम से लाभ ले सकेंगे, जो नि:शुल्क रहेगा, शिविर के प्रेरणा के मुख्य स्रोत संस्था के संयोजक अजय भरतिया है। इस शिविर मे प्राकृतिक आहार एवं उपचार के माध्यम से सभी साध्य एवं असाध्य रोगों का उपचार मधुमेह, मोटापा, कब्ज, गैस, एसिडिटी, रक्तचाप, हृदय रोग, दमा, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, आंखों में जलन, त्वचा रोग, सर दर्द, अनिद्रा, तनाव, चिंता, मानसिक रोग आदि अनेक रोगों में स्थायी लाभ होता है। 

रोग शरीर में एकदम उत्पन्न नहीं होते हैं। शरीर के अंदर लगातार विजातीय पदार्थ (गंदगी) जमा होने से रोगों की उत्पति होती है। घातक रोगों का अंत मृत्यु के रूप में होता है। इन सभी रोगों से बचने के लिए नियमित शरीर शुद्धि आवश्यक है। शिविर में किये जाने वाले उपचार- सूर्यवाष्प स्नान, नस्यपुरन, कल्प उपचार, अग्निहोत्र, प्राकृतिक आहार, जलोपचार, मिट्टी द्वारा उपचार, स्टीमबाथ भाप स्नान, रस्सी उपचार, योग निद्रा, रबर नेति उपचार, गरम पाद स्नान, योग- आसन, जलनेती, वमन (कुंजल) फॉल लपेट उपचार, कंबल लपेट उपचार, शरीर शुद्धि इस प्राकृतिक उपचार शिविर में भाग लेने वाले सभी शिविरार्थियों (साधकों) को एक प्राकृतिक उपचार की किट प्रदान की जायेगी।

जिसमें जलपोट, नेति रबर, एनिमा केथेटर, आईवास कप, सूर्य स्नान प्लास्टिक पॉलीथिन, गर्म पट्टी बड़ी, गर्म पट्टी छोटी, कॉटन पट्टी बड़ी, कॉटन पट्टी छोटी, रबर गरम बोतल, सुजोक रिंग, ऐनिमा पॉट, बैग, कॉन्फ्रेंस पैड, बॉल पैन दिया जायेगा। शिविर में भाग लेने वाले लोगों के लिए आवास हेतु सुव्यवस्थित कमरे एवं चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था है। पुरुषों एवं महिलाओं की अलग-अलग सामूहिक व्यवस्था है। 

मात्र छह माह में एक बार शिविर करने से सभी प्रकार के रोगों से स्थायी मुक्ति शरीर के आंतरिक अंग लीवर, किडनी, रक्त, आंतों, हृदय, फेफड़ों की पूरी तरह से सफाई, मन तनाव रहित हो जाता है। आंतरिक आनंद, करुणा, दया, ममता, उत्साह, उमंग आदि गुणों में अद्वितीय वृद्धि होती है। शिविर में भाग लेने हेतु रांची के लोग 3 जनवरी तक संजय सर्राफ से भी संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उक्त जानकारी पवित्रम सेवा परिवार के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2024-12-23 21:19:03
सफला एकादशी 26 को

सफला एकादशी उपवास और भक्ति का पर्व, जीवन मे सुख शांति का वास होता है: संजय सर्राफ 

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि सफला एकादशी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। यह एक विशेष उपवासी व्रत है जो भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और परम सुख की प्राप्ति के लिए प्रोत्साहित करता है। 

इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, जिन्हें संसार के पालनहार के रूप में पूजा जाता है। इस वर्ष पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 25 दिसंबर को रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 27 दिसंबर को रात 12 बजकर 43 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार 26 दिसंबर दिन गुरुवार को सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

सफला एकादशी का महत्व विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए है जो जीवन में विभिन्न परेशानियों और दुखों से जूझ रहे होते हैं। यह व्रत मानसिक शांति, समृद्धि और भक्ति की ओर मार्गदर्शन करता है। इस दिन उपवासी रहकर भक्ति में लीन रहने से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

यह एकादशी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का अवसर है, जिनकी उपासना से जीवन में सुख-शांति का वास होता है। व्रत के दौरान श्रद्धालु केवल एक बार भोजन करते हैं और रात को जागरण करते हुए भजन-कीर्तन करते हैं। कुछ लोग इस दिन विशेष रूप से विष्णु सहस्रनाम् का पाठ भी करते हैं। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन नियमपूर्वक उपवास रखता है और भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। 

सफला एकादशी का महत्व भारतीय संस्कृति में बहुत गहरा है। यह न केवल एक धार्मिक अवसर है, बल्कि आत्मसंयम और भक्ति की दिशा में एक अहम कदम भी है। इस दिन को सही रूप से मनाने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं, और यह उसे एक सशक्त और संतुष्ट जीवन की ओर मार्गदर्शन करता है।

Published / 2024-12-23 21:18:08
इंडिया फॉर चिल्ड्रेन को मिला प्रतिष्ठित द गोल्डन स्टार आइकॉन अवार्ड

एबीएन सोशल डेस्क। बाल अधिकारों पर काम करने वाले देश के एकमात्र मीडिया एवं संचार संगठन को बच्चों के संरक्षण एवं सशक्तीकरण में योगदान के लिए मिला। बाल अधिकारों पर काम करने वाले देश के इकलौते मीडिया एवं संचार संगठन इंडिया फॉर चिल्ड्रेन को बच्चों के संरक्षण एवं सशक्तीकरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित द गोल्डन स्टार आइकॉन अवार्ड-2024 (टीजीएसआई) से सम्मानित किया गया है। 

इंडिया फॉर चिल्ड्रेन का चयन एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल ने किया, जिसमें भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ अरिजीत पसायत, निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ जयदेव सारंगी, भारत सरकार के पूर्व सचिव तथा आईआईएम लखनऊ में सेंटर फॉर मार्केटिंग इन इमर्जिंग इकोनॉमीज के अध्यक्ष, प्रोफेसर सत्य भूषण दाश शामिल थे। यह पुरस्कार रेडिसन ब्लू कौशांबी, गाजियाबद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदान किया गया। 

बाल अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित और निरंतर उच्च मानकों को बनाये रखने के लिए इंडिया फॉर चिल्ड्रेन को 9वें अतिरिक्त पुरस्कार में एक ट्रॉफी और उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अवीवा कीन द्वारा स्थापित, गोल्डन स्टार आइकन अवार्ड्स (टीजीएसआई अवार्ड्स) दुनिया भर के संगठनों और पेशेवरों की उपलब्धियों और सकारात्मक प्रभाव को सम्मानित करके प्रतिष्ठित ब्रांडों, सेवाओं और व्यक्तियों को मान्यता देने के लिए दुनिया के प्रमुख प्लेटफार्मों में से एक के रूप में उभरा है, जिससे उन्हें वह सार्वजनिक मान्यता मिलती है जिसके वे हकदार हैं। 

बाल अधिकारों पर काम करने वाले भारत के एकमात्र मीडिया एवं संचार संगठन को पुरस्कार मिलने पर इंडिया फॉर चिल्ड्रेन के निदेशक अनिल पांडेय ने कहा कि प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करना एक उपलब्धि है और इससे देश में प्रत्येक बच्चे के अधिकारों की वकालत करने में आशा की किरण के रूप में उभरने वाले संगठन की विश्वसनीयता स्थापित होती है। 

उन्होंने कहा कि मुख्यधारा की मीडिया में बाल अधिकारों के मुद्दों को प्रमुखता से लाने में हमारा मिशन सफल रहा है क्योंकि हम एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने में सक्षम रहे हैं जहां बाल संरक्षण अब डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कवरेज प्राथमिकता बन रहा है। हमारे प्रयासों के परिणाम मिले हैं क्योंकि देश में बच्चों से संबंधित मुद्दों को जगह देने के लिए मीडिया की धारणा में एक स्पष्ट बदलाव आया है। 

टीजीएसआई अवार्ड्स के सलाहकार पैनल के सदस्य सूर्य नारायण मिश्रा ने कहा कि गोल्डन स्टार आइकन अवार्ड्स विविध व्यावसायिक क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देता है तथा आपसी सहयोग और विकास को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा, टीजीएसआई अवार्ड्स उच्च गुणवत्ता वाले शोध, मीडिया सामग्री और ब्रांड निष्ठा बनाने और वितरित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो इसमें शामिल सभी लोगों के लिए निरंतर सफलता को बढ़ावा देता है। इस मंच के माध्यम से, हमारा उद्देश्य प्रतिभा का पोषण करना, उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और प्रतिभागियों को उनकी पेशेवर यात्रा में और भी अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है।

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