एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को है। पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा की तिथि का प्रारंभ 11 फरवरी को शाम 6:55 मिनट पर हो रही है और अगले दिन यानी 12 फरवरी को शाम 07:22 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि का अधिक महत्व है। ऐसी स्थिति में 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी।
यह पूर्णिमा जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु संग लक्ष्मीजी की आराधना करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। माघी पूर्णिमा के दिन घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा पूजा करना चाहिए। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने माघ पूर्णिमा के दिन मत्स्य अवतार धारण किया था, इसलिए यह पूर्णिमा बेहद खास मानी गयी है।
माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है, जो माघ माह की पूर्णिमा को मनायी जाती है। इस दिन का विशेष महत्व धार्मिक क्रियाओं, पूजा-अर्चना और पवित्र नदियों में स्नान के साथ जुड़ा हुआ है। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा, यमुना, संगम आदि पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन का महत्व तब और बढ़ जाता है जब यह प्रयागराज के महाकुंभ के अवसर पर आता है, जिसे अमृत स्नान के रूप में जाना जाता है।
महाकुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार चार प्रमुख स्थानों- प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक मे आयोजित होता है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला विशेष रूप से माघ पूर्णिमा के दिन अपने चरम पर होता है। इस दिन को अमृत स्नान कहा जाता है, क्योंकि इस दिन गंगा में स्नान करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, और भक्त इस पवित्र अवसर पर एकत्र होते हैं, ताकि वे संगम में स्नान करके पुण्य प्राप्त कर सकें।
माघ पूर्णिमा के दिन प्रयागराज में स्नान करने से व्यक्ति को आत्मिक शांति, मानसिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। महाकुंभ मेला सभी पंथ, सम्प्रदाय और जातियों के लोग एक साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लेते हैं, जिससे देश में एकता और अखंडता का संदेश फैलता है। माघ पूर्णिमा का महत्व केवल प्रयागराज के महाकुंभ तक सीमित नहीं है।
इस दिन को विशेष रूप से तपस्वियों, साधुओं और योगियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य करने से व्यक्ति के पुण्यफल में वृध्दि होती है। साथ ही, माघ पूर्णिमा के दिन व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह दिन विशेष रूप से आत्मशुद्धि और आत्मबोध का होता है, जब व्यक्ति अपनी गलतियों और पापों का प्रायश्चित करता है और साधना के माध्यम से ईश्वर के निकट जाता है।
माघ पूर्णिमा और प्रयागराज महाकुंभ का संगम हिंदू धर्म का एक अद्वितीय पहलू है, जो न केवल व्यक्ति के आत्मिक शुद्धि के लिए है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का भी प्रतीक है। इस दिन के आयोजन से लोगों के बीच धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की भावना जागृत होती है, और यह देशभर के श्रद्धालुओं को एकजुट करने का कार्य करता है।
टीम एबीएन, रांची। पुरोहितों में नवीनीकरण लाने, विकास में तेजी लाने, योजनाओं को कार्यान्वित करने आदि से संबंधित, समाज विकास केंद्र में दो दिनों से चल रहे कार्यक्रम का आज सफलता पूर्वक समापन हुआ।
वीएससीआर (कमीशन फॉर वोकेशन, सेमिनारिस, कलर्जी एंड रिलीजियस) एवं सीडीपीआई (कॉन्फ्रेंस आफ डायोसिसन प्रीस्ट्स आफ इंडिया) ने दो एवं आधे दिन का समाज विकास केंद्र, रांची में पुरोहितों के नवीनीकरण के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न धर्मप्रान्तों, रांची, सिमडेगा, गुमला, डाल्टनगंज, खूंटी एवं दुमका के 76 पुरोहित शामिल होकर इससे लाभान्वित हुए।
इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का आज सफलता पूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम का शीर्षक रियलाइजिंग द प्रीस्टली आइडेंटिटी/रॉल्स एंड ईट्स इंप्लिकेशन इन आवर पास्टोरल मिनिस्ट्री रहा। इस कार्यक्रम में पुरोहितों के विश्वासियों के साथ अच्छे संबंध, उनकी भूमिका, उनके जिम्मेदारियों एवं इसके द्वारा प्राप्त परिणाम जैसे बातों पर विचार विमर्श किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता फाङ्म चार्ल्स लियोन रहे। इस नवीनीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन 06 फरवरी 2025 को रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद एवं खूंटी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनय कंडुलना की उपस्थिति में हुआ। विंसेंट आईंद ने सभी पुरोहितों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया एवं संत मदर तेरेसा द्वारा दिए पुरोहितों के मार्गदर्शन का पालन करने का आह्वान भी किया। समापन के दिन खूंटी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनय कंडुलना ने सभी धर्मप्रांत के धर्माध्यक्षों द्वारा पुरोहितों से अपेक्षाओं का ब्यौरा दिया।
पुरोहितों के नवीनीकरण कार्यक्रम के समापन के दिन खूंटी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनय कंडुलना, मुख्य वक्ता फाङ्म चार्ल्स लियोन, सीडीपीआई के अध्यक्ष फादर बिशु बेंजामिन आईंद, सचिव फादर रेमिस टोप्पो, फादर संदीप कंडुलना एवं विभिन्न धर्मप्रांतों से आये 76 पुरोहित उपस्थित रहे।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क (महाकुंभ, प्रयागराज)। विश्व हिंदू परिषद के प्रन्यासी मंडल व केंद्रीय प्रबंध समिति की त्रि-दिवसीय बैठक 7 फरवरी से झूसी स्थित महा कुंभ मेला क्षेत्र में बने विहिप के महा-शिविर में होने जा रही है।
इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने बताया कि इसमें भारत तथा विदेश से आमंत्रित विहिप के पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में हिंदू मंदिरों की सरकारी नियंत्रण से मुक्ति, जनसंख्या असंतुलन, वक्फ बोर्ड के निरंकुश व असीमित अधिकार, बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न की पराकाष्ठा तथा अयोध्या के बाद काशी और मथुरा जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों की मुक्ति के लिए भी चर्चा होने की संभावित है। संगठनात्मक विस्तार व विभिन्न राज्यों में हिंदू समाज से जुड़े कुछ विशेष मुद्दों के विषय में भी विचार विमर्श हो सकता है।
महाकुंभ मेला क्षेत्र में ही बने विश्व हिंदू परिषद के शिविर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री बागड़ा ने यह भी कहा कि हिंदू समाज अनेक वर्षों से सामाजिक कुप्रथाओं से जूझ रहा है। छुआछूत की मुक्ति के लिए और सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए हमने अनेक अभियान हाथ में लिए हैं। हिंदू परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पर्यावरण की रक्षा करना तथा हिंदू समाज को स्व का आत्मबोध कराना, आज के समय में एक महती आवश्यकता है।
बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से देश भर के 47 प्रांतों के साथ भारत के बाहर से भी अनेक देशों के गणमान्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। इन में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, सह संगठन महा मंत्री विनायकराव देशपांडे, बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी के साथ संगठन के सभी आयामों के अखिल भारतीय प्रमुख तथा क्षेत्रों व प्रांतों के मंत्री व संगठन मंत्री सहित अनेक पदाधिकारी भाग लेंगे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रचार प्रसार विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख विजय शंकर तिवारी ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा समिति के तत्वाधान में 2 मार्च 2025 दिन- रविवार को रांची नगर में राजस्थान के खाटू श्रीश्याम जी के परंपरा के अनुसार ही श्री श्याम ध्वजा निशान पदयात्रा का आयोजन होने जा रहा है। श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा रांची के नेवरी (विकास विद्यालय) से शुरू होकर श्री खाटू श्री श्याम मंदिर हरमू रोड में ध्वजा समर्पण के साथ समाप्त होगी।
खाटू धाम में यह परंपरा है कि श्याम भक्त बाबा श्याम को ध्वजा निशान यात्रा रिंगस से 17 किलोमीटर की पदयात्रा कर बाबा श्री श्याम को समर्पित करते हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त श्री श्याम प्रभु की निशान को अपनी मन की बात कहता है और उसे सच्चे विश्वास से श्री श्याम प्रभु को अर्पित करता है तो बाबा उन भक्तों की सारी मुरादे पूरी करते हैं।
इसी परंपरा के अनुसार रांची में विगत 3 वर्षों से श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा समिति द्वारा यह आयोजन हो रहा है तथा 2 मार्च को श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा के सफल आयोजन हेतु अति शीघ्र एक बैठक किया जायेगा। उक्त जानकारी श्री श्याम ध्वजा पदयात्रा समिति, रांची के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के पसंद फाउंडेशन ने आईसीए, पलांडू के सहयोग से 3 जिला के 40 किसानों को पेंसिल बीन के बीज बांटे और उन्हें इस खेती से होने वाले लाभ भी बताये। खूंटी के कर्रा प्रखंड, सिमडेगा के कोलेबिरा प्रखंड तथा गुमला के सिसई प्रखंड के कुल 40 किसान इसकी खेती करेंगे।
दिये गये पेंसिल बीन की खेती इस वर्ष इन तीनों जिलों में भारतीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत पेंसिल बीन की स्वर्ण सिद्धि किस्म के 20 किग्रा बीज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर), पलांडू के सहयोग से प्रदान किया गया है। आने वाले समय में मौसम के अनुसार विभिन्न प्रकार के दलहनी सब्जी के बीज एवं अन्य सहयोग किसानों को दिये जायेंगे।
संस्था के कीर्तिमान नाथ के साथ आइसीएआर पलांडू के विवेक कुमार व वेद प्रकाश ने किसानों को बताया कि पेंसिल बीन की खेती से उनकी आय बढ़ेगी तथा इसके उपभोग से उन्हें पोषण संबंधी लाभ मिलेगा। इस परियोजना के अन्तर्गत दलहनी किस्म के उन्नत बीज प्राप्त कर संबंधित लाभान्वित किसान अति उत्साहित हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। पूज्य गुरुदेवश्री का आत्मबोध- जन्मदिवस, सरस्वती पूजन, महायज्ञ एवं निःशुल्क विभिन्न संस्कार त्रिदिवसीय सोल्लास संपन्न हुए। दिव्य चेतना के साथ आत्म चेतना मिलन में अपनी योग्यता और क्षमता बढ़ानी चाहिए तथा अच्छा हो युग धर्म को पहचाना जाय... जय नारायण प्रसाद ने बताया। आगे आज का युग धर्म समयदान है, विषय पर गायत्री साधक जेएनपी ने अपने उद्बोधन में गायत्री महायज्ञ अनुष्ठान कार्यक्रम में बताया।
इस अवसर पर दो दिन 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ हुआ और श्रद्धावान लभते ज्ञानम्,भावनाशील वर्ग को युगांतरीय चेतना के साथ संबद्ध किया जाए। विचार क्रांति अभियान अपने समय का सशक्त महाक्रांति कहना चाहिए, हमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आएंगे भगवान, मन का मैल नहीं धोया तो कैसे आएंगे भगवान जैसे प्रज्ञागीत गायन परिव्राजक प्रमोद कुमार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गायत्री का शब्दार्थ और महामंत्र के भावार्थ पर प्रकाश डालकर,गायत्री परिवार, प्रज्ञा परिवार देवपरिवार, प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल का प्रतिनिधित्व प्रगति, स्वाध्याय मंडल, दीया ग्रुप, बाल संस्कारशाला संचालन, रांची जिला अंतर्गत ज्योति कलश रथ-दर्शन भ्रमण यात्रा, ज्ञान रथ संचालन, मासिक पत्रिका-अखंड ज्योति, युग निर्माण योजना, प्रज्ञा अभियान पाक्षिक के पाठक,नये ग्राहक सदस्य निर्माण,अगले दिनों रांची राजधानी शक्तिपीठ में प्रशिक्षण सत्र आदि अनेक विषयों पर वरिष्ठ साधक-शिष्यों द्वारा चर्चाएं हुईं।
वसंतोत्सव में सरस्वती पूजन वैदिक विधान से विस्तार पूर्वक गुरु-ईश वंदना, ध्यान नमन वंदन, स्वस्तिवाचन, रक्षा विधान, भजन-कीर्तन रांची गायत्री परिवार युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा, अलकापुरी, बस स्टैंड गायत्री प्रज्ञापीठ, टाटीसिलवे युग चेतना केन्द्र और चरणपीठों में वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य गायत्री परिवार एवं शान्तिकुञ्ज के संस्थापक पूज्य गुरुदेवश्री का आत्मबोध जन्मदिवस,सरस्वती पूजन नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार, गायत्री दीपयज्ञ व विभिन्न संस्कारोत्सव सोल्लास व श्रद्धापूर्वक सैकड़ो साधक-शिष्यों द्वारा मनाया गया। इस दौरान रांची मुख्य शक्तिपीठ में प्रथम दिन 12 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान, दूसरे व तीसरे दिन 9-9 कुंडीय का यज्ञीय अनुष्ठान विधान हुए।
इस अवसर पर दो दिन यज्ञीय अनुष्ठान में पुंसवन संस्कार (गर्भस्थ शिशुदेव का पूजन), नामकरण, विद्यारम्भ, गायत्री महामंत्र दीक्षा संस्कार, मुण्डन संस्कार, जन्म दिवसोत्सव, विवाह दिवस संस्कारोत्सव पर यज्ञीय दिव्य महामंत्रों की आहुतियां प्रदान कर वसुधैव कुटुंबकम् के उज्जवल भविष्य हेतु सर्वे भवन्तु सुखिनः भाव से वंदना प्रार्थना सहित कार्यक्रम सोल्लास व श्रद्धापूर्वक संपन्न हुए।
कार्यक्रम में अन्य साधक-शिष्यों व सदसयों में रणवीर कुमार, जीतेन्द्र कुमार,राजेन्द्र कुमार, नरेन्द्र गुप्ता, एसके मिश्रा, सुनी वेदिया, नन्दू कुमार,कुणाल कुमार अग्रवाल,उत्सव कुमार, अभिषेक कुमार, राजू कुमार जैसे अनेकानेक सदस्यों ने समयदान सहयोग देकर आयोजन और भंडारे को सफल सुफल बनाया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह झारखण्ड प्रदेश प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग में श्रीकृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में आज बसंत पंचमी सरस्वती पूजा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया है।
अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद संस्था की सदस्या विद्या देवी अग्रवाल एवं उनके परिवार के सौजन्य से किया गया। महाप्रसाद में 101 किलोग्राम की केसरिया खीर का भोग भगवान श्री राज श्याम जी को विधिवत भोग पुजारी अरविंद पांडे ने लगाया।
मंदिर परिसर में उपस्थित 4 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद भोग का वितरण किया गया। तत्पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के सदस्यों ने अपने मनमोहक सुमधुर भजनों से श्रोताओं को खूब झुमाया तथा पूरा वातावरण को बसंतमय एवं भक्तिमय बना दिया।
ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि संस्था द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर में आज 192वें अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन था। आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भगवान श्री राधा कृष्ण मंदिर मे लगभग 10 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये।
मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, विजय अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नंद किशोर चौधरी, शिव भगवान अग्रवाल, विशाल जालान, पवन पोद्दार, पूरणमल सर्राफ, सज्जन पाड़िया, संजय सर्राफ, विशाल जालान, चिरंजी लाल खंडेलवाल, मोहित चौधरी, श्रद्धा चौधरी, कविता चौधरी, डॉ रचिता चौधरी, विधा देवी अग्रवाल, शोभा जालान, सुनीता अग्रवाल, चंद्रदीप साहु, हरीश कुमार, परमेश्वर साहु, धीरज कुमार गुप्ता, महेश वर्मा, नीरज भट्ट, सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट के सदस्यगण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। दिनांक 31 जनवरी 2025 विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत टोली की बैठक प्रांत कार्यालय, किशोरगंज, रांची में चंद्रकांत रायपत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में श्री राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ, धर्म रक्षा निधि समर्पण, रामायण ज्ञान परीक्षा, सेवा कार्य, संस्कार केंद्र, संस्कारशाला, मठ मंदिरों एवं अर्चक पुरोहित संपर्क एवं सत्संग सहित परिषद द्वारा चलायी जा रही अन्य गतिविधियों की समीक्षा एवं आगामी योजनाओं पर चर्चा की गयी।
बैठक में उपस्थित झारखंड-बिहार क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद पांडे उपस्थित थे। उन्होंने झारखंड में चल रहे कार्यों की सराहना की तथा इसे और अच्छा करने के लिए सभी स्तर के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया। क्षेत्र सहमंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने विभाग स्तर के कार्यकर्ताओं से निरंतर प्रवास करने का आग्रह किया।
प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह ने बताया विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक 6 से 10 फरवरी तक प्रयागराज में होगी। साथ ही सभी आयामों की अलग-अलग बैठकें भी तय तिथियों में कुंभ के दौरान आयोजित की गयी है, जिसमें झारखंड से सभी अपेक्षित कार्यकर्ता भाग लेंगे। प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया आगामी कार्यक्रमों को लेकर 1 से 3 फरवरी तक सभी जिलों में जिला बैठकें तथा 7 से 9 फरवरी तक प्रखंड बैठकों का आयोजन किया जायेगा।
बैठक में प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सेवा सह प्रमुख अशोक अग्रवाल, प्रांत मंदिर अर्चक पुरोहित संपर्क प्रमुख देवेंद्र गुप्ता, सह प्रमुख मनोज पांडेय, सामाजिक समरसता प्रमुख किशुन झा, विभाग मंत्री अनूप यादव, विभाग सहमंत्री अरुण सिंह, महेंद्र प्रसाद, केशवचंद्र साय, राजेश दुबे, दीपक ठाकुर, दीपक मंडल, रामप्रताप सिंह, विजय यादव, जगदीश मंडल, कौलेश्वर टुडू, मिथिलेश महतो, देवीलाल मुर्मू सहित विभाग एवं जिला के सभी संगठन मंत्री उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने दी।
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