टीम एबीएन, रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में दिनांक 08 मई 2025 को मोहिनी एकादशी उत्सव अत्यंत धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। प्रात: श्री श्याम प्रभु को नवीन वस्त्र (बागा) पहनाकर स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर रजनीगंधा, गुलाब, बेला, गेंदा, तुलसीदल की मालाओं से श्री श्याम प्रभु का श्रृंगार किया गया। साथ ही मंदिर में विराजमान शिव परिवार एवं बजरंगबली का भी इस अवसर पर विशेष श्रृंगार किया गया।
रात्रि 9 बजे श्री श्याम प्रभु के जयकारों के बीच पावन ज्योत प्रज्ज्वलित की गयी। श्री श्याम तुम्हारे कदमों में हम नजर बिछाए बैठे हैं, हारे का सहारा है बाबा श्याम हमारा, अपने दिल का हाल सुनावन आयां हां, बस इतनी तमन्ना है हे श्याम तुम्हें देखूं... इत्यादि मधुर भजनों की लय पर भग्तगण श्री श्याम प्रभु को रिझाते रहे। इस अवसर पर श्री श्याम प्रभु को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान, फल, मेवा व केसरिया दूध का भोग अर्पित किया गया।
रात्रि 12 बजे महाआरती व प्रशाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। आज के इस कार्यक्रम में गोपी किशन ढांढनीया, ओम जोशी, रमेश सारस्वत, बालकिशन पररमपुरिया, नितेश लाखोटिया, चंद्र प्रकाश बगला, धीरज बंका, अभिषेक डालमिया, राजेश सारस्वत, विकास पाडिया का विषेश सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार रांची शाखा के कुटुंबजन ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अपने आवास परिसर में अपने दो पौत्रों में छोटे का अनप्राशन संस्कार और बड़े का जन्मदिवस संस्कार 51 घंटे का अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन कर गायत्री यज्ञीय विधान से संपन्न किये। शाखा प्रतिनिधि साधक ने संस्कार अनुष्ठान कार्यक्रम में स्थानीय सोसाइटीज के पहुंचे बच्चों व अभिभावकों बीच इस अवसर पर गायत्री महामंत्र, महाविद्या, महाविज्ञान, यज्ञ विधान, गायत्री परिवार,जप-अनुष्ठान संबंधित संचालित कार्यक्रमों के कुछ आयोजनों पर तथा इस संस्थान अभियान के अंतर्गत प्रचलित युग निर्माण अभियान, विचार क्रांति अभियान, ग्रामे ग्रामे गायत्री यज्ञ, गृहे गृहे गायत्री स्थापन, उपासना, संस्कार प्रकरण संबंधित विषयगत उद्देश्य अन्नप्राशन संस्कार व जन्मदिवस संस्कारोत्सव युक्त यज्ञीय प्रकरण पर प्रकाश डाल बताया कि अन्न का शरीर से गहरा संबंध है, जैसा खाए अन्न- वैसा बने मन बताया कि शिशु के लिए अन्नाहार क्रम को श्रेष्ठतम संस्कारयुक्त यज्ञीय व धमार्नुष्ठान के वातावरण में करना अभीष्ट होता है।
बताया कि शास्त्र में निदेर्शानुसार तेन त्यक्तेन भुंजीथा और आहार शुद्धौ सत्वशुद्धि का शास्त्र वचन है,अर्थात् हमें त्याग के साथ भोग करने का निर्देश है, भोजन ईश्वर को समर्पित कर या अग्नि में आहुति प्रदान कर खाने का निर्देश है। इस आधार व अवसर पर परिवार में विधिवत 51 घंटे का अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित कर देवपूजन, चालीसा -पाठ, मंत्र-जप सहित यज्ञीय कार्यक्रम करके गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय महामंत्र, प्रखर प्रज्ञाय सजल श्रद्धाय सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रों से यज्ञीय आहुति में शुद्ध खीर मिष्ठान की मंत्राहुति देकर शेष भाग का प्रसाद भोग शिशु को अन्नाहार कराया गया।
इस अवसर पर बड़े पौत्र का जन्मदिवसोत्सव भी पंच तत्वों के पूजन विधान से मनाया गया और सोसाइटीज में ऐसी वैदिक विधि विधान से नयी पीढ़ी में शिशुदेवों जैसा संस्कार विधान का आचरणअनुकरण का संदेश दिया गया। अंत में सभी ने उक्त शिशुओं को बधाई, मंगलमय कामना का संदेश व आशीर्वचन दे प्रसाद ग्रहण और प्रीति पान कर समापन किया।
आगे बताया कि कल गुरुवार को मोहिनी एकादशी व्रत-उपवास क्रम में राष्ट्रीय आनलाइन समूह प्रतिनिधित्व में यह गायत्रीपरिवार साधक भाग लेकर इस 51 घंटे के दीप प्रज्ज्वलन के सानिध्य में इस अखंड जप-अनुष्ठान में शामिल होंगे। उक्त जानकारी गायत्री परिवार की शीला देवी और जय नारायण प्रसाद ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम के श्री राधा- कृष्ण मंदिर मे सीता नवमी व मां जानकी प्राकट्य दिवस के अवसर पर विशेष पूजा- अर्चना भव्य भजन कीर्तन, महाभोग एवं महाआरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में ट्रस्ट द्वारा भगवान श्री राज श्याम जी एवं माता सीता का विधिवत भोग पुजारी अरविंद पांडे द्वारा लगाया गया तथा पूरे विधि विधान से पूजा- अर्चना एवं आरती की गई।
मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद भोग का वितरण किया गया। तत्पश्चात भजन- कीर्तन के कार्यक्रम में सांस्कृतिक परिषद रांची के महिलाओं द्वारा श्री राम सीता एवं श्री राधा कृष्ण पर समर्पित गाये मनमोहक सुमधुर भजनों की अमृत गंगा का रसपान कराते हुए श्रोताओं को खूब झुमाया। तथा पूरा वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर सांस्कृतिक परिषद द्वारा सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम मे रहे मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रह रहे हैं उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों को अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद खिलाया गया। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने कहा कि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनाया जाता है।
इस दिन को देवी सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। सीता नवमी धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन व्रत रखने से दांपत्य जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है माता सीता को आदर्श पत्नी और नारीत्व का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हमें माता सीता के आदर्शों का पालन करने की प्रेरणा देता है और हमारे जीवन में सुख शांति और समृद्धि की कामना करता है।
इस अवसर पर विजय अग्रवाल, डुंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, मनोज चौधरी, पूरणमल सर्राफ, संजय सर्राफ, सुरेश भगत, सुरेश अग्रवाल, नंदकिशोर चौधरी,पवन पोद्दार, विशाल जालान, शिव भगवान अग्रवाल, प्रेमचंद श्रीवास्तव, सुरेश मलिक,विधा देवी अग्रवाल, रानी लाभ, ममता शरण, सुधा मलिक, रानी दास, अनुपमा रंजन, श्वेता किरण, निर्मला किरण, कविता मलिक, पुष्पा लाभ, मनीषा प्रसाद, संध्या देवी, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। हनुमान क्लब बड़ागांई रांची के तत्वावधान में उपाध्यक्ष व समाजसेवी अशोक कुमार साहू अपने स्मृतिशेष पिता आनंद राम साहू एवं स्मृतिशेष माता सोहदरा देवी के स्मृति में आज दिनांक 5 मई, 2025 को श्री श्री पंचदेव मंदिर बड़ागांई के प्रांगण में 13 जोड़ों क्रमश: प्रभात माली - रानी मुंडा, अमित लिंडा - निकिता कीरो, मुकेश करमाली - पूजा कुमारी, विशाल लोहारा- सिमरन कुजूर, प्रमेन्द्र तुरी- गुड़िया कुमारी, रितिका नायक-स्वाति कुमारी, सुरेंद्र उरांव-मुनिता कुमारी, पवन राम-संध्या कुमारी, सोनू कच्छप-रानी उराव, छोटू उरांव-सुमन उरांव, अमित उरांव-पूनम बिन्हा, संदीप उरांव-प्रियंका उरांव, अनुज मुंडा ममता कुमारी के सामूहिक विवाह का कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
सभी 13 वर की ओर से 10 बजे मंदिर प्रांगण से निकलकर ग्राम भ्रमण करते हुए बड़ागांई चौक तक पहुंच कर पुण: मंदिर प्रांगण वापस पहुंची। मंदिर प्रांगण पहुंचने पर वर-वधु पक्षों ने एक दूसरे को पुष्प माला पहनाकर स्वागत किये। 12 बजे वरमाला एवं 1- 3 से वैदिक मंत्रों के साथ विवाह कार्यक्रम संपन्न हुए। सिंदूर दान कर सभी वर-वधू सात जन्मों तक साथ-साथ रहने का वचन खाये। 5:30 बजे सभी को आवश्यक घरेलू सामान व आभूषण देकर व सुरुचि भोज कराकर विदाई दी गयी।
मौके पर विश्व हिंदू परिषद के झारखंड बिहार के सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा सामूहिक विवाह आयोजन करता अशोक कुमार साहू को साधुवाद व वर-वधुओं को आशीर्वाद देते हुए देते हुए कहा वैवाहिक कार्यक्रम हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। जो सिर्फ दो आत्माओं को ही नहीं अपितु दो परिवार को जोड़ते वह जगत को आगे बढ़ाने की कामना रखता है।
कार्यक्रम आयोजक अशोक साहू ने संबोधित करते हुए कहा आर्थिक रूप से तंगी व गरीब परिवार जो विवाह करने में असमर्थ हुआ करते हैं जिसके कारण वे बाध्य होकर अविवाहित ही साथ-साथ रहने में विवश हो जाते हैं, ऐसे ही जोड़ों को उनका सामाजिक मान्यता दिलाने के लिए विवाह कार्यक्रम आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा यह मेरा तीसरा आयोजन है जिसमें 36 जोड़ों का विवाह हो चुके हैं।
कार्यक्रम में रमेश तिर्की, बालसाय महतो, डॉ जीवाधन प्रसाद, राजकुमार साहू, रणधीर सिंह, फागु साहु सहित वर-वधुओं के परिवार के साथ-साथ कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। उक्त जानकारी हनुमान क्लब बड़ागांई, रांची के प्रचार प्रसार प्रमुख मनीष साहु ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 4/05/2025 दिन रविवार को विश्व ब्राह्मण संघ व विप्र फाउंडेशन झारखंड के तत्वावधान में गुरुनानक आडिटोरियम रामगढ़ में श्री गुरुनानक पब्लिक स्कूल रामगढ़ में सर्व ब्राह्मणों की उपस्थिति मे हर्षोल्लास के साथ परशुराम जन्मोत्सव बड़े ही भव्य रुप से हजारों की संख्या में मनाया गया।
इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सतीश चंद्र दूबे कोयला मंत्री एवं खनन राज्य मंत्री भारत सरकार एवं प्रदेश अध्यक्ष को अनेक ब्राह्मणों ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत सम्मान किया। उसके बाद भगवान परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। भगवान परशुराम जी की वैदिक मंत्रोच्चारण रीतिनुसार पूजन किया गया। सभा मे ब्राह्मण समाज के गणमान्य विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने की, मंच संचालन अमित मणि शर्मा एवं प्रहलाद पाण्डेय ने किया। स्वागत भाषण प्रदीप कुमार शर्मा ने दिया, जिसमें उन्होंने संगठन के द्वारा ब्राह्मण समाज के उत्थान में किये जा रहे सामाजिक कार्यों पर अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि ने ब्राह्मण समाज के पौराणिक महत्व के बारे में प्रकाश डाला।
परशुराम भगवान शास्त्र और शस्त्र के विद्वान थे। ब्राह्मणों का जीवन त्याग और बलिदान का जीवन हैं। भारत के संपूर्ण ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक उत्थान में ब्राह्मणों का अतुलनीय योगदान रहा है। वर्तमान समय में दयनीय परिस्थितियों में हमें एक दूसरे का सदैव सहयोग करना चाहिए।
प्रकाश मिश्रा ने भी सभा को संबोधित करते भारत में ब्राह्मणों के वर्तमान स्थिति पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज ज्यादातर ब्राह्मण आर्थिक पिछड़ेपन के कारण समाज में बेरोजगारी और गरीबी के शिकार हो रहे जिसे सरकार को इस विषय पर चिंता करने की आवश्यकता है। विक्रम पाण्डेय पूर्व प्रत्याशी भाजपा टुंडी विधानसभा ने ब्राह्मणों में आपसी एकजुटता और संगठित होने पर बल दिया। ज्ञान ब्रह्म पाठक ने भारत मे ब्राह्मण के त्याग और बलिदान पर अपने विचार रखे।
इस कार्यक्रम में प्रदीप कुमार मिश्रा, जय प्रकाश शर्मा, प्रदीप मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पाठक, महेश मिश्रा प्रहलाद पाण्डेय, ईलारानी पाठक, कृष्णा उपाध्याय, रमाशंकर पांडेय, विनोद मिश्रा, अशोक कुमार पांडेय, श्याम शर्मा, गोकुल शर्मा,सरिता पाण्डेय, संगीता दूबे,नंदु शर्मा, प्रकाश चंद्र व्यास, मुना मिश्रा, अनुज तिवारी, अंकित पाठक, सुरेंद्र पांडेय, नवीन पांडेय आदि हजारों लोग उपस्थित थे।
एबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि सीता नवमी जिसे जानकी नवमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को देवी सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनायी जाती है।
इस दिन को सीता जयंती और जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि मां सीता मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री थीं, इसलिए उन्हें जानकी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख शुक्ल की नवमी तिथि के दिन माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। सीता नवमी का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 5 मई को सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर होगा।
नवमी तिथि का समापन 6 मई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर होगा। सीता नवमी के दिन व्रत करने का भी विधान है। इस दिन व्रत कर भगवान राम और मां सीता की विधिपूर्वक की जाती है। कहते हैं कि सीता नवमी के दिन जो कोई भी व्रत करता है, उसे सोलह महादानों और सभी तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है।
साथ ही माता सीता और श्री राम के मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- श्री सीतायै नम:। श्री रामाय नम: इस प्रकार मंत्र जप करके माता सीता और श्री राम,दोनों को पुष्पांजलि चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लें। इससे आपके सारे मनोरथ सिद्ध होंगे और आपकी सारी इच्छाएं पूरी होंगे। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा जनक संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ कर रहे थे।
यज्ञ भूमि की जोताई करते समय हल से एक कन्या प्रकट हुई, जिसे राजा जनक ने अपनी पुत्री के रूप में अपनाया और उसका नाम सीता रखा। सीता शब्द का अर्थ है जोती हुई भूमि, जो इस घटना से जुड़ा है। सीता नवमी का पर्व विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन व्रत रखने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। माता सीता को आदर्श पत्नी और नारीत्व की प्रतीक माना जाता है।
सीता नवमी के दिन प्रात:काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और भगवान राम तथा माता सीता की मूर्तियों का पूजन करें। पूजा में रोली, चावल, पुष्प, फल, मिठाई, दीपक आदि अर्पित करें। रामायण का पाठ करें और माता सीता की आरती उतारें।इस दिन विशेष रूप से 16 श्रंगार की वस्तुएं जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी आदि माता सीता को अर्पित करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा, खीर का भोग लगाकर सात कन्याओं को प्रसाद देने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। सीता नवमी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण पर्व है।
यह पर्व हमें माता सीता के आदर्शों का पालन करने की प्रेरणा देता है और हमारे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करता है। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि सीता नवमी के अवसर पर 6 मई को पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा- अर्चना, भोग एवं भजन- कीर्तन का आयोजन किया गया है।
एबीएन सोशल डेस्क। सर्दियों में 6 माह बंद रहने के बाद केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिए जाएंगे।
इस मौके पर हिमालय स्थित इस मंदिर को देश-विदेश से मंगाए गए विभिन्न प्रकार के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। सजावट के लिए गुलाब और गेंदा समेत 54 प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया गया है।
*प्रेस वक्तव्य:*
*नागरिकता रजिस्टर का काम शीघ्र प्रारंभ हो तथा पाकी नागरिकों व उनके स्लीपर सेलों को बाहर खदेड़ा जाए : विहिप*
नई दिल्ली। मई 2, 2025। विश्व हिन्दू परिषद ने आज मांग की है कि भारत में नागरिकता रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ कर पाकिस्तानी नागरिकों के साथ उनके स्लीपर सेलों को सीमा पार खदेड़ा जाए। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा मंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि पहलगाम में जिहादी आतंकवादियों द्वारा हिंदुओं के निर्मम नरसंहार के बाद केंद्र सरकार ने जो कठोर कदम उठाए हैं, उनके कारण कई राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र उजागर भी हो रहे हैं, जो दशकों से देश की जड़ों को खोखला कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ऐसी लाखों महिलाएं सामने आई हैं जिनके शौहर पाकिस्तानी मुसलमान हैं व वहीं के पासपोर्ट धारी भी हैं। लेकिन वे महिलाएं और उनके बच्चे भारत के नागरिक हैं। ऐसे हजारों और भी मामले हैं जिसमें भारतीय मुस्लिम महिला ने किसी पाकिस्तानी से शादी की और खुद भी पाकिस्तान की नागरिकता ली लेकिन बच्चों को भारत की ही नागरिकता दिला रखी है। ये सब लोग भारत में मिल रही सुविधाओं का तो लाभ ले ही रहे हैं, ये भारत के पैसे पर पलकर भारत की ही जड़ों पर आघात कर रहे हैं। ये पाकिस्तान से सहानुभूति रखते है और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारों पर भड़ककर हिंसक हो जाते हैं। ये पाकिस्तानी स्लीपर सेल हैं जिन्हें अबिलंब सीमा पार खदेड़ा जाना बहुत जरूरी है।
विहिप की मांग है कि अब भारतीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) शीघ्र बनना चाहिए। जो भी भारत के अधिकृत नागरिक नहीं है, उनके राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर कार्ड की गहन जांच होनी चाहिए और उनको रद्द करके इन लोगों को भारत से निष्कासित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना के साथ-साथ एनआरसी भी बन जाए और भारत के दुश्मनों व उनके स्लीपर सेल को तत्काल प्रभाव से भारत से बाहर निकाल दिया जाए, यह जरूरी है। अब समय आ गया है कि जो भी भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं, उन्हें भारत में ना रहने दिया जाए।
डॉ जैन ने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोग ऐसे षड्यंत्र करने वालों को रोते-धोते दिखाकर उनके प्रति संवेदना निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि इन राष्ट्र विरोधियों के ये षड्यंत्र कई दशकों से चल रहे हैं और लाखों महिलाएं भी इसमें संलिप्त हैं। जिहादी-सेकुलर ताकतों के अपवित्र गठजोड़ भी उनकी सहायता करते रहे हैं। अब, जबकि इनका पर्दाफाश हो गया है, ये संवेदना के नहीं, भारत से निष्कासन के पात्र हैं। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता
विनोद बंसल
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