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Published / 2025-06-01 19:59:53
श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची ने बांटे ताड़ पत्ते से निर्मित हाथ के पंखे

टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) ने रविवार को ताड़ पत्ते से निर्मित 180 हाथ पंखों का वितरण रांची शहर के विभिन्न स्थानों पर किया। कार्यक्रम की शुरुवात किशोर गंज चौक से किया गया। चौक पर सब्ज़ी एवं फल विक्रेता तथा साइकिल रिक्शा चालक बंधुओं को हाथ पंखा दिया गया।

इसके पश्च्यात पहाड़ी मन्दिर के मुख्य द्वार एवं श्री जग्गनाथ मंदिर परिसर, धुर्वा में बैठे असहाय एवं जरूरतमंद लोगों हाथ पंखे दिए गये। उसके उपरान्त हटिया रेलवे स्टेशन के बाहर एवम धुर्वा बाजार के निकट भी हाथ पंखों का वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम को श्री सर्वेश्वरी समूह के उन्नीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। ज्ञात हो कि श्री सर्वेश्वरी समूह एक विश्वस्तरीय सामाजिक एवं धार्मिक संस्था है जो जनकल्याण के अनेक कार्यक्रम लगातार करती रहती है। पिछले महीने संस्था द्वारा पंछी को दाना- पंछी को पानी जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत सकोरा (मट्टी का बर्तन) एवं दाना का पैकेट वित्रित किया गया था। आने वाले वर्षा ऋतु में शाखा द्वारा सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण एवं वृक्षवितरण कार्यक्रम भी वृहद स्तर पर किया जाएगा।

इस चिलचिलाती गर्मी में अपने जीवनयापन के लिए इस धूप में बैठे जरूरतमंद लोगों को यह हाथ पंखा अवश्य ही इस असहाय गर्मी से राहत देगा। कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह -  शाखा रांची की ओर से समरेन्द्र सिंह, राधा मोहन मिश्रा, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, सौरभ राज, सागर सिंह, यदुनाथ शाहदेव इत्यादि शामिल हुए।

Published / 2025-05-31 23:32:11
शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में बजरंग दल के प्रांत शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ

टीम एबीएन, लोहरदगा। जिले के शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर में बजरंग दल के प्रांत शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र संगठन मंत्री श्री आनंद पांडे ,बजरंग दल क्षेत्र संयोजक श्री जन्मेजय कुमार, क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख श्री उपेंद्र कुशवाहा ,प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ,प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो  ने भारत माता एवं श्री रामदरबार के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वल कर  किया। वर्ग में झारखंड के सभी जिलों से प्रशिक्षणार्थी इस वर्ग में भाग ले रहे हैं जिन्हें राष्ट्र, धर्म और समाज के हित में कार्य करने के लिए शारीरिक और बौद्धिक रूप से निपुण बनाया जाएगा।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बजरंग दल के क्षेत्र संयोजक श्री जन्मेजय कुमार ने कहा बजरंग दल इस राष्ट्र का बल है जिसकी स्थापना हिंदू धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए की गई है। सेवा, सुरक्षा और संस्कार बजरंग दल का मुख्य ध्येय है। श्री रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण में विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में बजरंग दल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

वर्ग के उद्घाटन कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री श्री देवी सिंह ,प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री जुगल किशोर प्रसाद, बजरंग दल प्रांत सहसंयोजक श्री जनार्दन पांडे , प्रचार प्रसार प्रमुख श्री प्रकाश रंजन, प्रचार प्रसार प्रांत टोली के श्री अमरनाथ ठाकुर, लोहरदगा जिलाध्यक्ष श्री रितेश जायसवाल, जिला मंत्री श्री रंजीत साहू, द्वारिका प्रसाद ,श्री मनीष बाबू, श्री मुकेश सिंह , कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

Published / 2025-05-31 18:45:23
तंबाकू एक धीमा जहर, इससे दूरी ही सुरक्षा है : संजय सर्राफ

विश्व तंबाकू निषेध दिवस

टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता सह हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य है लोगों को तंबाकू से होने वाले घातक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसके सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करना। 

यह दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वर्ष 1987 में शुरू किया गया था, ताकि वैश्विक स्तर पर तंबाकू नियंत्रण को बढ़ावा दिया जा सके। तंबाकू सेवन चाहे धूम्रपान के रूप में हो या गुटखा, पान मसाला, खैनी के रूप में-यह शरीर को धीरे-धीरे भीतर से खोखला कर देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल तंबाकू के सेवन से 80 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है, जिनमें लगभग 12 लाख लोग ऐसे होते हैं जो स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करते बल्कि पैसिव स्मोकिंग (दूसरों के धुएँ के संपर्क में आने) से प्रभावित होते हैं।

भारत में तंबाकू सेवन एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे गेट्स  2016-17 के अनुसार, लगभग 28.6% वयस्क आबादी तंबाकू का सेवन करती है। यह न केवल व्यक्ति की सेहत के लिए खतरा है, बल्कि समाज और देश की आर्थिक व्यवस्था पर भी बोझ डालता है। तंबाकू जनित बीमारियों के इलाज में हर साल अरबों रुपये खर्च होते हैं और लाखों परिवार प्रभावित होते हैं। 

हर साल इस दिवस की एक विशिष्ट थीम होती है। इस वर्ष की थीम है- बच्चों को तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप से बचाना यह विषय इस बात की ओर संकेत करता है कि कैसे तंबाकू कंपनियाँ युवा पीढ़ी को निशाना बनाकर उन्हें अपने उत्पादों का उपभोक्ता बना रही हैं। यह न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उनका भविष्य भी अंधकारमय बना सकता है।

तंबाकू के दुष्परिणामों से निपटने के लिए सरकार, सामाजिक संगठनों और स्वयं नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे जैसे- जन- जागरूकता अभियान चलाना, शैक्षणिक संस्थानों में तंबाकू विरोधी शिक्षा देना,तंबाकू उत्पादों पर कड़े कानून और जुमार्ने, धूम्रपान निषेध क्षेत्र का पालन करना, नशा मुक्ति केंद्रों की पहुँच बढ़ाना, आदि। 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिन नहीं है, यह एक जागरूकता का अवसर है, जिसमें हमें यह समझना होता है कि तंबाकू केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक मौत का सामान है। अगर हम आज कदम नहीं उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां इसकी कीमत चुकायेंगी। 

इस विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम न केवल स्वयं तंबाकू से दूर रहेंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे। स्वस्थ जीवन ही सच्चा जीवन है। तंबाकू से नहीं, जिंदगी से प्यार करें।

Published / 2025-05-31 18:40:35
चार जून को धूमधाम से मनेगा महेश नवमी महोत्सव

माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस झ्र महेश नवमी महोत्सव 2025 

टीम एबीएन, रांची। दिनांक 4 जून 2025, बुधवार को ज्येष्ठ शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर 5158वां माहेश्वरी वंशोत्पत्ति दिवस—महेश नवमी—उत्साहपूर्वक मनाया जायेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान महेश एवं माता पार्वती के आशीर्वाद से 5158 वर्ष पूर्व माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति हुई थी। 

मौके पर श्री माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी महिला समिति एवं माहेश्वरी युवा संगठन , रांची के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 1 से 8 जून 2025 तक महेश नवमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों—बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों—के लिए समर्पित होगा। मीडिया प्रभारी अशोक साबू एवं रश्मि मालपानी ने जानकारी दी कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विविध प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं : 

  • स्कूटोथॉन,रक्तदान शिविर एवं नेत्र जांच शिविर 
  • इंडोर गेम्स: कैरम, शतरंज, सुडोकू 
  • मनोरंजन : फन अंताक्षरी, किड्स जैम, जोड़ीदार फन विथ टैलेंट 
  • सामाजिक परिचर्चा: जीवनसाथी चयन में युवा एवं अभिभावकों की सोच 
  • प्रभात फेरी एवं रुद्राभिषेक 
  • वरिष्ठ समाजजनों का सम्मान 
  • ओजस्वी एवं प्रतिभाशाली बच्चों को पुरस्कार वितरण 
  • सांस्कृतिक संध्या 
  • कार्यक्रम के मुख्य संयोजक : सुरेश सारडा, अमित मालपानी, विनीता बिहानी, कविता मंत्री, अंकित काबरा एवं आकाश चितलांगिया। 
  • सभा अध्यक्ष : किसन कुमार साबू, सचिव : नरेन्द्र लाखोटिया। 
  • महिला समिति अध्यक्षा : भारती चितलांगिया, सचिव : बिमला फलोड़। 
  • युवा संगठन अध्यक्ष : विनय मंत्री, सचिव : हेमन्त माहेश्वरी। 
  • अन्य सक्रिय सदस्य : अंकुर डागा, बसंत लाखोटिया, प्रभात साबू, हेमंत साबू, मनमोहन मोहता, गिरिजाशंकर पेड़ीवाल, श्याम बियानी, राजेश 
  • सोमानी सहित अन्य सदस्यगण। 

यह आयोजन पूरे समाज को एक सूत्र में बांधने एवं हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को सशक्त करने का प्रयास है। उक्त जानकारी माहेश्वरी समाज के मीडिया प्रभारी अशोक साबू और रश्मि मालपानी ने दी।

Published / 2025-05-31 08:09:46
आज बजरंग दल का शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का भी हो जायेगा शुभारंभ : रितेश कुमार, अध्यक्ष विहिप् सह वर्ग व्यवस्था प्रमुख

  • 27 मई से विश्व हिंदू परिषद का शौर्य प्रशिक्षण वर्ग जारी
  • त्याग और सहनशीलता की प्रतिमूर्ति हैं हमारे ईष्ट श्रीराम: बीरेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय मंत्री, विहिप
  • महपुरुषों के त्याग से हमें प्रेरणा लेने की ज़रूरत : आनन्द जी, क्षेत्र संगठन मंत्री

टीम एबीएन, रांची। प्रांतीय संगठन के निर्देश पर 27 मई से विश्व हिंदू परिषद लोहरदगा द्वारा स्थानीय शीला देवी सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल परिषर में विश्व हिंदू परिषद तथा बजरंग दल का ग्यारह दिवसीय संयुक्त प्रान्त स्तर का शौर्य प्रशिक्षण वर्ग आरम्भ हो चुका है। जिसमें विश्व हिंदू परिषद के 75 कार्यकर्ता तथा बजरंग दल के 300 बजरंगी शौर्य प्रशिक्षण ले रहे हैं।

विश्व हिन्दू परिषद शौर्य प्रशिक्षण के शुभारंभ में क्षेत्रीय मंत्री बीरेंद्र प्रसाद जी ने कहा कि हमे हमारे भगवान के राम का चरित्र से प्रेरणा लेने की ज़रूरत है, क्योंकि जब पूरा संसार जान रहा था कि अयोधया के राजा दशरथ अपने बड़े पुत्र श्रीराम का राज्याभिषेक की घोषणा कर दी थी, परन्तु समय चक्र बदलते देर नही लगी और अपने पिता यानि राजा दशरथ के दिये हुए वचन का पालन करने हेतु 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किये तथा अपने भाई भरत को राजगद्दी सौप दी। 

वही छोटे भाई भरत ने भी बड़े भाई की चरण पादुका राजगद्दी में रखकर श्रीराम की तरह जमीन में सोकर पूरा 14 वर्ष एक आज्ञाकारी सैनिक की तरह राज्य को चलाया और पुनःभगवान राम का वनवास से लौटने के बाद राजगद्दी सौप दी। जबकि वनवास के दौरान अनेकों विधर्मी, दुष्टों का संहार कर भगवान राम ने सम्पूर्ण संसार को इनकी अत्याचार से छुटकारा दिलवाया और बिना किसी लोभ लालच के किस्किंधा में सुग्रीव तथा श्रीलंका का राजा विभीषण को राजा बनाकर वहां का राज काज सौप दिया जबकि भगवान राम चाहते तो इब सभी  को अपने राज्य में मिला सकते थे।

जबकि क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने बौद्धिक वर्ग को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी को महापुरुषों की कार्यों को जानने तथा उनसे प्रेरणा लेकर उनकी प्रेरणादायी कार्यों का आलिंगन करने की ज़रूरत है। प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य चरित्र निर्माण तथा धर्म रक्षा हेतु शारिरिक सौष्ठव एवं बौद्धिक क्षमता बढ़ाना है। 

वर्ग में प्रशिक्षक के रूप में विहिप क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा,प्रान्त संगठन मंत्री देवी सिंह जी, प्रान्त धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख युगल प्रसाद, बजरंग दल प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो, प्रान्त मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, सत्संग टोली प्रान्त सदस्य सह वर्गाधिकारी बलदेव आचार्य, धनबाद महानगर अध्यक्ष सह वर्ग मुख्य शिक्षक द्वारिका प्रसाद, विभाग प्रचारक कुलदीप सिंह, हजारीबाग संगठन मंत्री कुलेश्वर जी शामिल हैं।

जबकि पूरे वर्ग को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने हेतु लोहरदगा ज़िला विहिप् अध्यक्ष एवं वर्ग व्यवस्था प्रमुख रितेश कुमार, ज़िला मंत्री सह व्यवस्था प्रमुख रंजीत कुमार, ज़िला संगठन मंत्री कार्तिक जी के साथ साथ सुनील अग्रवाल, हिमांशु कुमार, आशुतोष पाठक, नितिन कांषयकर, अंकित गुप्ता, प्रशांत खत्री, गुमला ज़िला मंत्री मनीष बाबू समेत लोहरदगा ज़िला अनेको सनातन व्यापारी बन्धु तथा समाजसेवियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

Published / 2025-05-30 20:57:51
सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में मंदबुद्धि निराश्रित को कराया गया भोजन

टीम एबीएन, रांची। परमहंस डॉ संत शिरोमणी श्रीश्री 108 स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य मे श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वाधान मे विगत 16 माह से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आज 30 मई को दीपक मोदी एवं नवीन मोदी के सौजन्य से आश्रम में रह रहे 37 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में भोजन बनवाकर भोजन खिलाया गया। 

अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 16 से 30 मई तक 15 दिनों में 2990 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया। मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम सदगुरू कृपा अपना घर (सत्य-प्रेम सभागार) में विश्वनाथ मोदी, अशोक अग्रवाल, निर्मला गाड़ोदिया, महादेव शिव शंकर, मधुर मोतिका, पीके चौधरी, प्रेम प्रकाश अग्रवाल, विनय प्रसाद, बृजमोहन प्रसाद, रूमा कुमारी, विकास विजयवर्गीय, निर्मला छावनिका, तुषार केडिया, छाया दत्ता, डूंगरमल अग्रवाल, के सौजन्य से सभी निराश्रित प्रभुजी को भोजन प्रसादी खिलाकर सेवा की गयी। सभी ने ट्रस्ट के सदस्यों को बहुत बहुत धन्यवाद एवं अपना अमूल्य आशीर्वाद दिया। 

अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल सचिव मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुर्णमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल,नन्द किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, मधु जाजोदिया, अरविंद अग्रवाल,पवन कुमार पोद्दार, विष्णु सोनी, सुरेश भगत सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2025-05-29 16:21:17
लोकमाता देवी अहिल्याबाई के मानव सेवा कार्य संपूर्ण भारतवर्ष में समाज के लिए प्रेरणा स्रोत : योगाचार्य महेशपाल

एबीएन सोशल डेस्क। संपूर्ण भारतवर्ष में हर साल की भांति इस साल भी 31 मई को लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी का 300वा जन्म उत्सव (जयंती) संपूर्ण भारत बर्ष मैं बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाने जा रहे हैं।

योगाचार्य महेश पाल लोक माता देवी अहिल्याबाई जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताते हैं कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई द्वारा किए गए समाज सेवा के कार्य समाज के हित में और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी भारत ही नहीं पूरे विश्व में अपने समाज सेवा के कार्य अपनी धर्म परायण नीति, न्याय प्रिय नीति और अपनी राजनीतिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालन करने के लिए पूरे विश्व में विख्यात है।

जिस तरह से उन्होंने अपने राज्य को संभाला और मानव सेवा के कार्य के साथ साथ पूरे भारतवर्ष में मंदिरों घाटों का पुनर्निर्माण करवाया जिन्हें विदेशी आक्रमण द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था, लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी का जन्म महाराष्ट्र के चौड़ी ग्राम में 31 मई 1725 मै भेड़-बकरी पशुपालक गाडरी-धनगर (पाल-बघेल-होल्कर) परिवार में हुआ, वह बचपन से ही स्वभाव से चंचल चतुर समझदार न्याय प्रिय, धार्मिक थी।

उनका विवाह मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव होलकर के साथ हुआ एक युद्ध में खंडेराव होलकर की मृत्यु हो गई उसके पश्चात सन 1767 में मालवा के शासन व्यवस्था महारानी अहिल्याबाई जी ने संभाली और और एक आदर्श हिंदू राज्य व्यवस्था स्थापित की, सनातन धर्म के न जाने कितने तीर्थ मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया घाटों का निर्माण करवाया मानव सेवा के कार्य में बावड़ियों छायादार वृक्ष एवं जनहित के कार्य किये।

महारानी अहिल्याबाई जी ने मालवा क्षेत्र पर लगभग 30 साल तक शासन किया उन्होंने महेश्वर को अपनी राजधानी बनाया,लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी द्वारा किए गए सामाजिक कार्य धार्मिक क्षेत्र के कार्यों द्वारा आज उन्हें संपूर्ण भारतीय जनमानस में देवी का दर्जा प्राप्त कर चुकी हैं, मालवा में तो उन्होंने एक आदर्श हिंदू राज्य स्थापित किया ही लेकिन अपनी राज्य की सीमाओं से परे जाकर भी उन्होंने मंदिरों घाटों का पुनरुद्धार किया।

आज जिन भी स्थानों को हिंदू सनातन तीर्थ स्थानों के रूप में जाना जाता हैं उसके 80 फीसदी निर्माण और पुनरुद्धार लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी द्वारा कराए गए हैं, जिसमें, काशी, विश्वनाथ, बैद्यनाथ, सोमनाथ, ओंकारेश्वर, भीमाशंकर, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं बड़े बड़े कुण्ड, धर्म शालाओ, का निर्माण कराया, पुष्कर से लेकर गया तक, अयोध्या मथुरा से लेकर केरल तमिलनाडु तक महारानी अहिल्याबाई जी ने सैकड़ो तीर्थ व मंदिरों को पुनर्जीवित किया काशी, गया, सोमनाथ, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार कांची, द्वारका, बद्रीनारायण, रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी का आज जो भी रूप हम देखते हैं वह अहिल्याबाई जी की ही देन है।

अपनी 70 वर्ष के जीवन में चाहे कितने ही दुख झेले हो अहिल्याबाई होल्कर जी ने लेकिन 30 साल के अपने शासन में एक शासक के रूप में वह हमेशा जनता की सेवा में ललगी रही इसलिए आज भी कई राज्यों में उनके नाम से कई लोक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रहे हैं वही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अहिल्या विकास बोर्ड का गठन भी किया गया है। 

हमारे भारतीय समाज के युबाओ को  महान वीर वीरांगनाओं के जीवन व उनके चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व से कुछ सीखना चाहिए जिससे कि हमारा युवा पीढ़ी राष्ट्र के लिए कुछ कर सके राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सके समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म कर एक नए उत्तम संस्कारबान समाज व पीढ़ी को गढ़ सके।

देवी अहिल्याबाई जी का पूरा जीवन संघर्षों के साथ बीता लेकिन फिर भी वह धर्म के साथ डटी  रही और पूरे विश्व में हिंदू सनातन धर्म को स्थापित कर पूरे भारतीय समाज की प्रेरणा स्रोत बनी इसी तरह हम सबको भी अपने जीवन में उच्च कार्यों को करते हुए अपने जीवन को सफल बनाना है और राष्ट्र के निर्माण मै अहम योगदान देना है।

Published / 2025-05-28 16:59:11
हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई को

  • हिंदी पत्रकारिता अभिव्यक्ति की आवाज़ और समाज का आईना : संजय सर्राफ

एबीएन सोशल डेस्क। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता सह हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है। इसी दिन सन् 1826 में उदन्त मार्तण्ड नामक पहले हिंदी समाचार पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ था। इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। उदन्त मार्तण्ड का संपादन और प्रकाशन पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने किया था। 

यह साप्ताहिक समाचार पत्र कोलकाता से प्रकाशित हुआ, जो उस समय भारत में अंग्रेजी शासन का प्रमुख केंद्र था। यद्यपि यह समाचार पत्र आर्थिक कारणों से केवल 79 अंक ही निकाल पाया, परंतु इसने हिंदी पत्रकारिता की नींव रख दी। हिंदी पत्रकारिता ने आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। इसने आम जनमानस को अंग्रेजों के अत्याचारों से अवगत कराया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया।

हिंदी समाचार पत्रों ने लोगों में चेतना जगाने का काम किया और भारतीय अस्मिता को शब्दों में ढाला। आजादी के बाद हिंदी पत्रकारिता ने लोकतंत्र को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह आम जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करती है। लोकतंत्र में चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता सत्ता पर निगरानी रखने का कार्य करती है और जनहित के मुद्दों को उठाती है। 

वर्तमान समय में डिजिटल युग ने पत्रकारिता के स्वरूप को व्यापक रूप से बदला है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है। सोशल मीडिया के माध्यम से समाचार तेजी से फैलते हैं, लेकिन इसके साथ ही फेक न्यूज़ और भ्रामक जानकारी की चुनौती भी सामने आई है। ऐसे में पत्रकारिता की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। 

हिंदी पत्रकारिता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उस आंदोलन की याद दिलाता है जिसने हिंदी को जनसंवाद की भाषा बनाया। यह दिवस पत्रकारों को उनके उत्तरदायित्व की याद दिलाता है कि वे निष्पक्ष, निर्भीक और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता करें। यह समाज को सच से जोड़ने और लोकतंत्र को मजबूती देने का अवसर है।

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