टीम एबीएन, रांची। रांची के अग्रसेन भवन के सभागार में श्री मदभागवत कथा के समापन सप्तम दिवस पर मुख्य यजमान श्री मति लता देवी केडिया, ओम प्रकाश केडिया, निरंजन, अजय, संजय केडिया संग परिवार द्वारा श्री मदभागवत व ब्यास पूजन किया गया। बेदिक मंत्रोचारण के साथ ब्यास पीठ पर विराजमान परम श्रधेय कथा वाचक श्रीकांत जी शर्मा को मुख्य यजमान ओम प्रकाश केडिया सपत्नी द्वारा चंदन,वंदन माल्यर्पण कर उनका अभिनंदन स्वागत किया गया।
कथा के मुख्यसार को बताते हुए महाराज श्री कहते है शरण में आने वालों का कल्याण करते हैं भगवान। जो भी उनकी शरण में आ जाता है उसका कल्याण होता है शरण में आने वालों के कल्याण के लिए भगवान अपने ऊपर कलंक तक ले लेते हैं। लेकिन शरणागत को निराश नहीं करते हैं।
भगवान को जिसने भी स्वीकार किया वह भगवान का हो गया इसलिए कहा गया है कि हरि को भजे सो हरि का होई। भगवान शरणागत को स्वीकार करने के साथ-साथ समाज में उसके सम्मान की प्रतिष्ठा भी करते हैं। भगवान कृष्ण की 8 पटरानियां ओर सोलह हजार एक सो रानियां थी। कर्मकांड के सोलह हजार एक सो मंत्र है।
उन्होंने भगवान के साथ रमन की इच्छा व्यक्त की थी ।इसके बाद में कन्या के रूप में धरती पर आये। इन 16100 कन्याओं को भगवान भौमासुर नामक एक असूल ने बंदी बना लिया था। भगवान ने इन असुर को मार कर इनका उद्धार किया। इसके बाद इन कन्याओं को उनके घर भेजने का प्रस्ताव दिया।
तब उन्होंने कहा कि वे असुर के जेल में रह चुकी है, समाज में उन्हें विवाह के लिए कौन स्वीकार करेगा और समाज में प्रतिष्ठा दिलायेगा।जिसको कोई स्वीकार नहीं करता है, उसे भगवान स्वीकार कर लेते हैं। इन कन्याओं को समाज में प्रतिष्ठा दिलाने के लिए भगवान ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह से भगवान ने यह शिक्षा दी कि जो भी उनकी शरण में आएगा उनका कल्याण होगा। भगवान शरणागत को नहीं छोड़ सकते हैं यह मानी हुई बात है ,इसलिए जो उनकी शरण में जाता है उनका कल्याण होता है। राम और कृष्ण दोनों ने ही नारियों के सम्मान की रक्षा की है।
श्री राम ने सीता के उद्धार के लिए रावण और अन्य असुरों का वध किया तो श्री कृष्ण चंद्र जी ने नारी सम्मान की रक्षा के लिए भौमासुर और अन्य असुरों का वध किया। गोपियों को आनंद देने वाले द्रोपदी की लाज बचाने वाले श्री कृष्ण कहीं गए नहीं है। भक्ति करोगे तो यत्र तत्र सर्वत्र वो दिखने लगेंगे। गुरु कहते है पंच तत्व से बना है शरीर जो माटी में मिल जाएगा।
जो सत्य नही उससे डरना नही क्योकि दुनिया निंदा के सिवा आपको कुछ दे नही सकती क्योंकि दुनिया हमेशा कलंक , लांछन लगाएगी लेकिन आप सत्य हो तो अडिग रहे। अगर आपको चारो तरफ दुखो ने घेरा हो ऐसी स्तथि बन जाये तो भगवान को याद कर ले।आज सप्तम दिवस पर पूरी कथा के प्रसंग के सार को लोगो के बीच रखा।
परम पूज्य बाल व्यास श्रीकांत शर्मा जी श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस की कथा श्रबन करने वालो में ओमप्रकाश केडिया ,निरंजन केडिया ,अजय केडिया, संजय केडिया,निर्मल बुधिया,प्रमोद सारस्वत,पवन मंत्री श्रबन जालान, पवन शर्मा, गौरव अग्रवाल सहित काफी संख्या में लोगो ने कथा श्रबन किया।
दोपहर 1 बजे सप्तम दिवस की कथा आरती के साथ विराम की गई। कथा विराम के साथ हवन, पूर्णाहुति सहित यजमान द्वारा गुरु जी का स्वागत,अभिनंदन किया गया। कथा स्थल में सभी लोगो के लिए भागवत प्रसाद की ब्यवस्था रखी गयी थी। उक्त जानकारी प्रमोद सारस्वत (9431325438) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता सह हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह दिन योग के महत्व, इसकी उपयोगिता और इसकी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक बन चुका है। योग भारत की प्राचीनतम जीवनशैली और आध्यात्मिक परंपरा का एक अमूल्य उपहार है, जिसे आज पूरी दुनिया अपनाने की दिशा में अग्रसर है।
योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन और आत्मा को भी संतुलित करता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का विचार भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने अपने भाषण में कहा, योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर, विचार और क्रिया, संयम और पूर्ति के बीच सामंजस्य है।
इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में 177 देशों का समर्थन मिला और केवल 3 महीनों के भीतर 11 दिसंबर 2014 को इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया। 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और यह उत्तरी गोलार्द्ध में गर्मी के अयनांत का दिन होता है। योग के दृष्टिकोण से यह दिन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
यह वह दिन है जब भगवान शिव ने सप्त ऋषियों को योग का प्रथम ज्ञान दिया था, इसलिए इसे योग की शुरुआत का दिन भी कहा जाता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र जीवन शैली है। यह शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने की प्रक्रिया है। योग के अभ्यास से तनाव, चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। इसके अलावा यह रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी बीमारियों को रोकने में भी सहायक होता है।
आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व के अधिकांश देशों में योग केंद्र, योग शिक्षक और योग प्रेमी पाए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विद्यालयों, कार्यालयों और स्थानीय समुदायों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। लाखों लोग एक साथ सामूहिक योगाभ्यास करते हैं, जिससे वैश्विक एकता और शांति का संदेश भी प्रसारित होता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस न केवल योग के शारीरिक और मानसिक लाभों को प्रचारित करता है, बल्कि यह विश्व में भारतीय संस्कृति की प्राचीनता, वैज्ञानिकता और उपयोगिता को भी स्थापित करता है। यह दिन हमें हमारी जड़ों से जोड़ने का अवसर देता है और एक स्वस्थ, संतुलित एवं शांतिपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। योग को अपने जीवन में अपनाकर हम व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक खास विषय पर आधारित होता है।
इस साल योग दिवस 2025 की थीम है-योगा फॉर वन अर्थ वन हेल्थ यानी एक पृथ्वी और एक स्वास्थ्य के लिए योग। यह थीम पृथ्वी पर हर व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए योग को प्रोत्साहित करने पर आधारित है। इस थीम का उद्देश्य व्यक्तिगत और वैश्विक स्वास्थ्य के बीच संबंध को उजागर करना है। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास में योग की भूमिका को रेखांकित करना भी है, इस योग दिवस पर हम सभी संकल्प लें- योग को अपनाएं, जीवन को सुखमय बनाएं।
टीम एबीएन, रांची। रांची के अग्रसेन भवन के सभागार में श्री मदभागवत कथा के पंचम दिवस पर मुख्य यजमान श्री मति लता देवी केडिया, ओम प्रकाश केडिया, निरंजन, अजय, संजय केडिया संग परिवार ने श्री मदभागवत व ब्यास पूजन किया। वैदिक मंत्रोचारण के साथ ब्यास पीठ पर विराजमान परम श्रधेय कथा वाचक श्रीकांत जी शर्मा को मुख्य यजमान ओम प्रकाश केडिया सपत्नीक द्वारा चंदन, वंदन माल्यर्पण कर उनका अभिनंदन स्वागत किया गया। कथा के मुख्यसार को बताते हुए महाराज श्री कहते है ईश्वर रूपी धन जितना खर्च होगा उतना ही बढ़ेगा।
ईश्वर रुपी धन को जितना अधिक खर्च किया जाएगा, वह उतना ही बढेÞगा। सांसारिक धन खर्च करने पर काम होता है, लेकिन ईश्वर रूपी धन जितना खर्च होता है, उतना ही बढता जाता हैं। सांसारिक धन भी सद् कार्यों में इस्तेमाल किया जाय तो वह बढ़ता है। धन के साथ भक्ति होनी जरूरी हैं, क्योंकि भक्ति रहित धन विनाश की ओर ले जाता है। कोई व्यक्ति जवान हो और उसके पास काफी धन हो, लेकिन उसे सत्सग नहीं मिले तो वह बिगड़ जायेगा, यह मानी हुई बात है। दुनिया के अन्य कामों में भी हो सकता है, लेकिन ईश्वर का नाम लेने पर लाभ होता है, इसलिए भगवान का नाम जपते रहना चाहिए। सही अर्थों में धनवान वही है, जो धन से समाज और राष्ट्र की सेवा करता है।
परम पूज्य बाल व्यास श्रीकांत शर्मा जी श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा सुनाते हुए व्यास जी ने कहा कि गोधन को सबसे श्रेष्ठ कहा गया है। गाय जितना देती है उतना कोई भी नहीं दे सकता है। नंद बाबा के यहां नौ लाख गायें थी। जब उन्होंने पुत्र होने की खबर सुनी तो दो लाख गायें दान कर दी। भारत ऋषि और कृषि प्रधान देश है। जब तक गाये हैं तब तक भारत है। गाय नहीं रहेगी तो भारत भी नहीं रहेगा। गायों के खत्म होने पर यह देश भी खत्म हो जायेगा। किसान के अन्न और ऋषि के तप से ही खुशहाली आती है।
भगवान को पाना हो या सही अर्थों में बड़ा आदमी बनना हो तो मन को बड़ा बनाएं। छोटे से तालाब में पत्थर का टुकड़ा फेका जाता है तो हलचल मच जाती है, लेकिन वही पत्थर का टुकड़ा जब विशाल समुद्र मे फेंका जाता है, तो उसमें ऐसा समा जाता है जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। ईश्वर का आह्वान भी छोटे मन से नहीं हो सकता है। ईश्वर को मनाना है तो खुद को बड़े मन वाला बनायें। नंद बाबा महा मना है ।वे गो की सेवा करते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि गो की सेवा करने वाला निरवंश नहीं रह सकता है। महाराज दिलीप ने नंदिनी गाय की सेवा की तो उन्हे रधु जैसा प्रतापी पुत्र हुआ। माताएं अपने बच्चों को विदेश भेजती है तो कहती है कि बेटे खाने-पीने का ध्यान रखना, यही वे भूल जाती है।
विदेश जाने वाले पुत्र से कहना चाहिए बेटे अपने मन का ख्याल रखना। मन वश में रहेगा तो सब कुछ वश में रहेगा। मन को वश में रखने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होती है। कृष्ण बाल लीला एवं छप्पन भोग की कथाओं में देवराज इंद्र की अहंकार को भगवान श्री कृष्ण ने तोड़कर समस्त ब्रिज वासियों को गिरिराज जी की महिमा को ऊपर रखते हुए कहा कि इनसे बड़ा हमारे लिए कलिकाल में गिरिराज सबसे बड़ा देवता है। मनुष्य को अपनी ओहदे का कभी गुमान नहीं करना चाहिए।
श्रीमद् भागवत कथाओं के पंचम दिवस कि कथाओं पर प्रकाश देते हुए कहा कन्हैया के बालरूप सहित उनकी लीलाओ का वर्णन माखनचोरी की कथा को बताया। भजनो से पूरा कथा स्थल श्रीकृष्ण मय हुआ। आज गोवर्धन भगवान की पूजा की गयी।भगवान को छपन भोग लगाया गया। कथा स्थल में भगवान शंकर के स्वरूप की झांकी, कृष्ण के बाल रूप की झांकी, बलराम ओर ग्वालबाल की झांकी के स्वरूप का दर्शन किया। कथा स्थल आज पूरी तरह महिलाओं ओर बच्चों से भरा था।
कथा श्रवण करने वालों में ओमप्रकाश केडिया, निरंजन केडिया, अजय केडिया, संजय केडिया, निर्मल बुधिया, प्रमोद सारस्वत, राजेश गोयल सहित काफी संख्या में लोगो ने कथा श्रबन किया। चंद्रप्रकाश बागला, धीरज बंका, राजेश सारस्वत, अशोक पुरोहित, दिनेश चौधरी, अमित अग्रवाल, राजेन्द्र प्रसाद, रौनक झुनझुनवाला, रेखा साहू सहित कई लोगों ने महाराज श्री को माल्यार्पन व अंग वस्त्र देकर अभिनंदन, स्वागत किया।
7 बजे पंचम दिवस की कथा आरती के साथ विराम की गयी। लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रमोद सारस्वत ने बताया कि छठे दिवस की कथा दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक होगी। आप सपरिवार समय पर आकर श्रीमद् भागवत कथा के रस पान का आनंद अवश्य उठायें। उक्त जानकारी संगठन के प्रमोद सारस्वत (9431325438) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। शनिवार और रविवार को 7 लीजेंड्स टर्फ, कांके रोड, रांची में अग्रवाल युवा सभा ने दो दिवसीय बॉक्स क्रिकेट लीग का आयोजन किया, जिसमें कुल 10 टीमों के 80 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 15 लीग मैच के साथ दो सेमीफाइनल और एक फाइनल मैच खेला गया। टीम माइटी मेवेरिक्स ने फाइनल जीत कर पहला स्थान हासिल किया, दूसरे स्थान पर टीम सोनी पावर्स रही।
देवांश पोद्दार को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप से नवाजा गया। साथ ही सभी मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को मैन आफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सभी खिलाड़ियों एवं सभा के सभी सदस्यों के लिए खान-पान की पूर्ण व्यवस्था थी।
खेलकूद प्रभारी आभाष बथवाल, विवेक लोहिया एवं कार्यक्रम संयोजक रोहित सरावगी, अरुण पोद्दार ने पूरे कार्यक्रम को बहुत ही सुसज्जित रूप से सजाया और मनोरंजन हेतु संस्था के सदस्यों की महिलाओं के लिए भी एक मैच का आयोजन किया।
अध्यक्ष रौनक झुनझुनवाला ने इस आयोजन को सफल बनाने हेतु सभी स्पॉन्सर्स एवं सभी सदस्यों का दिल से धन्यवाद किया और बताया कि इस टूर्नामेंट में न केवल सभी का मनोरंजन हुआ साथ ही खिलाड़ियों में खेल के प्रति उत्साह एवं जज्बा भी दिखा। अग्रवाल युवा सभा अपने सदस्यों के लिए आगे भी इस तरह के मनोरंजन के कार्य परस्पर करती रहेगी। यह जानकारी प्रवक्ता अरुण पोद्दार एवं मीडिया प्रभारी सुमित महालका ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची के अग्रसेन भवन के सभागार में श्री मदभागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर मुख्य यजमान श्री मति लता देवी केडिया, ओम प्रकाश केडिया, निरंजन, अजय, संजय केडिया संग परिवार द्वारा श्री मदभागवत व ब्यास पूजन किया गया।
वैदिक मंत्रोचारण के साथ ब्यास पीठ पर विराजमान परम श्रधेय कथा वाचक श्रीकांत जी शर्मा को मुख्य यजमान ओम प्रकाश केडिया सपत्नीक द्वारा चंदन, वंदन माल्यर्पण कर उनका अभिनंदन स्वागत किया गया।
कथा के मुख्यसार को बताते हुए महाराज श्री कहते है : भक्त की रक्षा स्वयं भगवान करते हैं। समुद्र मंथन से एक बार 14 रत्न मिले पर आत्ममंथन सबसे बड़ा है, जिससे परमात्मा प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा जिस का रक्षक भगवान हो उसे कोई मार नहीं सकता। जो प्रभु का दास हो वो कभी हार नहीं सकता। राम जन्म उत्सव के अवसर पर कथा का व्याख्यान करते हुए व्यास जी ने कहा राम के लिए ब्रह्मा विधमान है राम हमारे देश के वर्तमान आदर्श है।
शास्त्र जैसा कहता है वैसा ही करो भगवान जब हदय में प्रगट होते हैं तब मानव का कल्याण होता है। बिना संतों की सेवा के ईश्वर नही मिल सकते। भगवान का कीर्तन भजन तुम्हे बचा सकता है। प्रभु हदय सिंहासन पर आए इसलिए कथा सुनी जाती है। काम क्रोध लोभ मानव को कमजोर करते हैं जब तक यह रहते हैं प्रभु का सामीप्य नहीं मिलता।
कथा काम, क्रोध लोभ आदि विकारों को दूर करती है काम मानव का शत्रु है, लेकिन वह मित्र के समान प्रतीत होता है, जब वह हटता है राम का प्रवेश होता है। भगवान सभी को सूर्य की तरह समभाव से प्रकाश देते हैं ।वह सब को उसके अनुकूल फल देते हैं। भगवान जीव को आनंद देने के लिए लीला कहते हैं। भगवान मित्र का तो कल्याण करते ही हैं वे शत्रु का भी कल्याण करते हैं। श्रीमद् भागवत कथाओं के चतुर्थ दिवस कि कथाओं पर प्रकाश देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को भगवान घोषित करें ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए।
वैज्ञानिक अभी तक एक मौलिक कीड़ा भी नहीं बना सके लेकिन लोगों ने धरती पर कई भगवान बना दिये। इस तरह के लोगों और कथित भगवान से सतर्क रहना चाहिए। जिसका पाप ज्यादा बढ़ जाता है उसके अंदर भक्ति का संचार नहीं होता है। नवधा भक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रवण मनन कीर्तन वंदन आत्म निवेदन आदि में किसी एक का भी सहारा लिया जाए तो भगवान मिल जाते हैं।
अनेक योनियों के बाद मनुष्य का शरीर मिलता है। इसलिए भजन करते रहना चाहिए इस जगत को पसंन्न करना बहुत कठिन है, लेकिन भगवान को प्रसन्न करना बहुत आसान है। अंतत: भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए। भगवान के नाम से बेड़ा पार होता है मुक्ति मिलेगी।आज भगवान को मक्खन, पंजीरी, मिश्री, पेड़ा सहित फलों का भोग लगाया। पूरे कथा स्थल को बैलून, फूलों, हरी पत्तियों से सजाया गया था।
राजा बली झांकी, बावन अवतार की झांकी के दर्शन लोगो ने किये। भगवान का जन्म हुआ भगवान की झांकी का दर्शन कथा स्थल में सभी ने किया। कथा स्थल में भगवान के जन्म पर खूब जयकारा लगा। भगवान का पूजन मुख्य यजमान द्वारा किया गया। लोगो के बीच बधाई बांटी गयी। टॉफी, खिलौने लोगों के बीच लुटाये गये। कथा स्थल आज पूरी तरह महिलाओ ओर बच्चों से भरा था।
कथा श्रबन करने वालों में ओमप्रकाश केडिया, निरंजन केडिया, अजय केडिया, संजय केडिया, निर्मल बुधिया, प्रमोद सारस्वत, राजेश गोयल सुरेंद्र अग्रवाल सहित काफी संख्या में लोगों ने कथा श्रबन किया। ललित पोद्दार, विश्वनाथ नारसरिया, पवन शर्मा, विनोद जैन, पवन पोद्दार, अशोक नारसरिया, अनिल अग्रवाल, विशाल पाड़िया, अमित शर्मा, उर्मिला पाडिया सहित कई लोगों ने महाराज श्री को माल्यार्पन व अंग वस्त्र देकर अभिनंदन, स्वागत किया।
7 बजे चतुर्थ दिवस की कथा आरती के साथ विराम की गयी। लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रमोद सारस्वत ने बताया पंचम दिवस की कथा दोपहर 3 से 7 बजे तक होगी। भगवान का उत्सव, बाल लीलाओं का झांकियों के संग सुंदर चित्रण, छप्पन भोग का कार्यक्रम है। आप सपरिवार समय पर आकर श्रीमद् भागवत कथा के रस पान का आनंद अवश्य उठायें। उक्त जानकारी प्रमोद सारस्वत (9431325438) ने दी।
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल, दुर्गावाहिनी-मातृशक्ति रांची महानगर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 27 जून 2025 से होने वाले भव्य श्री जगन्नाथ रथयात्रा मेला में विधि व्यवस्था में सहयोग के निमित्त एक महत्वपूर्ण बैठक जगन्नाथपुर स्थित नीलाद्री भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी ने की एवं कार्यक्रम में विशेष रूप से बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो जी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैलाश केसरी जी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल, दुर्गावाहिनी-मातृशक्ति के संयुक्त तत्वावधान में जगन्नाथपुर में यात्रा के दौरान सेवा शिविर का आयोजन किया गया है। सेवा शिविर का उद्घाटन आगमी 26 जून संध्या 4:00 बजे होगा। उन्होंने बताया की श्री जगन्नाथपुर में सन् 1977 ई. से ही विश्व हिंदू परिषद द्वारा सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रथयात्रा के सफल आयोजन हेतु विहिप-बजरंग दल, दुर्गावाहिनी एवं मातृशक्ति की बहने यात्रा को संपन्न कराने में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करती हैं।
बैठक में उपस्थित बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने कहा कि इस वर्ष लगभग 500 से अधिक बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रातः 05 बजे से ही सेवा कार्य में लग जाएंगे। सभी कार्यकर्ता विभिन्न पालियों मुख्य मंदिर से लेकर मौसी बाड़ी तक प्रभु जगन्नाथ स्वामी के सेवा में तैनात रहेंगे। इस वर्ष विहिप-बजरंग दल एवं दुर्गावाहिनी-मातृशक्ति की बहनों का एक विशेष ड्रेस कोड होगा।
आगे उन्होंने कहा कि बजरंग दल का ध्येय वाक्य है सेवा सुरक्षा संस्कार को चरितार्थ करते हुए हम सभी कार्यकर्ता सेवा भी देंगे, सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे और संस्कार में स्वयं रहते हुए विभिन्न संस्कारों के पालन कराने का भी मेला में कार्य करेंगे। तथा इस भव्य आयोजन में सम्मिलित समस्त श्रद्धालु भक्तों का कुशल क्षेम की चिंता के साथ ही अभिनंदन भी करेंगे। संगठन द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रसाद (भोग) का वितरण सेवा शिविर के पास किया जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, प्रांत धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख युगल किशोर प्रसाद, विभाग मंत्री रविशंकर राय, विभाग प्रचार प्रचार प्रमुख अमर प्रसाद, विभाग धर्माचार्य संपर्क प्रमुख सुरेंद्र तिवारी, बजरंग दल रांची विभाग संयोजक अंकित सिंह, विभाग सेवा प्रमुख पारसनाथ मिश्रा, महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, उपाध्यक्ष चंद्रदीप दुबे,मुकेश गिरी, राजेश अग्रवाल, सुमन जी, अजय बैठा, अनिल तिवारी, योगेश खेडवाल, श्रवण जी, आशुतोष मिश्रा, मंजू सिंह, सुलेखा देवी, पार्वती देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मान्यवर संपादक महोदय
सभी समाचार पत्र, टीवी चैनल्स, इलैक्ट्रानिक मीडिया
कृपया निम्न समाचार प्रकाशित कर अनुगृहीत करे, नीचे प्रेशिष छायाचित्रों से आवश्यकतानुसार चयन कर लें.
===========================
"प्रकाशनार्थ"
"रक्त दान शिविर में 55 रोगियों को जीवन दान देने के लिए रक्त दाताओं द्वारा रक्तदान किया गया"
आज 15 जून 2025 को प्रातः 10:00 बजे से स्वर्गीय सुधा अग्रवाल की स्मृति में यहां न्यू लाईफ हॉस्पिटल युवराज होटल के समीप 11वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया. इस शिविर में कुल 122 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था जिसमें से लगभग 35 महिलाएं थी परंतु हीमोग्लोबिन के कठिन मापदंड रखने के कारण अधिकांश लोगों के और महिलाओं का चयन रद्द हो गया. अंत में 55 लोगों का रक्तदान लिया गया जिसमें पांच महिलाएं थी. आज के शिविर को लेकर अभी तक 571 यूनिट्स रक्त का संचय किया गया है. रक्तदान शिविर में संग्रहित रक्त को राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान बरियातू रांची ब्लड बैंक से लेने के लिए उनकी पूरी टीम सभी उपकरणों के साथ ब्लड बैंक एम्बुलैंस के साथ आये थे.
इस शिविर के आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह था कि हम अपने स्वजनों के पूर्ण स्मृति विवाह वर्षगांठ अथवा जन्मदिन पर दूसरों को जीवनदान देने के लिए रक्त दान का शिविर आयोजित करें ताकि समाज के बीच में एक अच्छा संदेश जा सके और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके जी रोगी के रक्त में यह दान दिया हुआ रक्त संचारित होगा तो देने वाले को अवश्य लगेगा कि उसकी उसने एक नया जीवनदान दिया है.
यह रक्तदान शिविर संतोष अग्रवाल द्वारा अपने परम सहयोगी संजीत अग्रवाल के सहयोग से विशेष कर नारनौली अग्रवाल संघ को लेकर और अपने नातेदार रिश्तेदार मित्रों को लेकर लगाया था. विशेष बात यह रही कि बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया. कई माता पिता अपनी पुत्रियों पुत्रों बहनों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते दिखे. अरविंद अग्रवाल और उनकी पुत्री ने साथ-साथ रक्त दान किया. बहुत से रक्त दाताओं ने न केवल भाग लिया बल्कि अपने छोटे छोटे बाल बच्चों को लेकर भी शिविर में आए ताकि आने वाले पीढ़ी को यह संदेश जाए कि बड़े होकर वह भी अपने माता-पिता की तरह लोगों को रक्तदान करें और किसी का जीवन बचाने में सहभागी बने. सभी रक्त दाताओं को अग्रवाल नारनौली संघ व रिम्स ब्लड बैंक से एक एक प्रमाण पत्र भी दिया गया.
विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि यह एक सकारात्मक शिविर सकारात्मक सामाजिक सोच का अनोखा प्रयास है. पिछले 11 वर्षों से लगातार अपनी माता को सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजली अर्पण के उनकी पुण्य तिथि पर इसका आयोजन सफलतापूर्वक किया जा रहा है. विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांत सेवा प्रमुख अशोक अग्रवाल ने बताया कि सुधा अग्रवाल उनकी बड़ी बहन जैसी थी और उनका वर्ष 2081 से उनका बहुत ही घनिष्ट संबंध था वह स्वयं ही एक अच्छी सामाजिक कार्यकर्ता थी और अपनी छोटी बहनों का भी सामाजिक कार्यों मे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए बराबर मार्गदर्शन करती रहती थी. आज उनके स्वर्गवास होने के पश्चात उनके सभी पुत्र, पुत्र वधुऐं, बन्धु-बांधव, रिश्तेदा-नातेदार इस परंपरा को आगे बढ़ते हुए उनकी स्मृति में इस प्रकार के मानवीय कार्यों द्वारा शिविर के उद्देश्यों, सामाजिक दायित्वों को पूरा करने के लिये प्रयासरत हैं.
स्वर्गीय सुधा अग्रवाल की प्रेरणा से और उनकी स्मृति में रेखा अग्रवाल कडरु और वीणा अग्रवाल रातू रोड से आई थी परंतु हीमोग्लोबिन कम होने के कारण वह अपना रक्तदान नहीं कर स्की, इसका उन्हें बहुत अफसोस रहा पर उन्होंने यह प्रण लिया कि अगले शिविर में न केवल वह अपने हीमोग्लोबिन को बढ़ाकर आएंगे और अपने साथ बहुत सी महिलाओं को भी प्रेरित कर इस कार्य में भागीदार बनाऐंगे.
=========================
निवेदक
उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद झारखंड के प्रांत सह-सेवा प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल (8862823043, 8789300579) और विश्व हिन्दू परिषद झारखंड के सेवा विभाग के प्रवक्ता संजय सर्राफ (82717 90800, 8210091921) ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। व्यसन मुक्त होने का शुभ संकल्प करें एवं दूसरो को भी नशा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करें-- महिला युवा प्रकोष्ठ इनने इस अपील के साथ संदेश दिया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के निर्देशानुसार नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज से नशा को भगाने तथा इस के दुखद परिणाम के प्रति जागरूकता फैलाने koको लेकर जागरूक किया गया।
इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-२ धुर्वा रांची के निर्देशन में रांची शहर में जिला स्तरीय महिला मंडल एवं युवा प्रकोष्ठ द्वारा नशा मुक्त अभियान रैली आयोजन 15 जून-2025 रविवार को सुबह 7 बजे से 10 बजे तक अल्कापुरी गायत्री शक्तिपीठ से सभी परिजन पीत वस्त्र में , बैंड बाजा गाड़ी, डफली वादन यंत्र सहित रैली निकाल कर बिरला मैदान, मेट्रो गली, रातु रोड दुर्गा मंदिर होकर पुनः वापस अल्कापुरी गायत्री शक्तिपीठ पर सैकड़ों युवा भाई-बहनों के माध्यम से सम्पन्न किया गया।
इस नशा मुक्त अभियान अंतर्गत प्रभात रैली में गुटखा, तम्बाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब आदि से लोगों को व्यसन मुक्त होने तथा व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत महाअभियान जागरुकता पत्रक का वितरण सभी धर्मों के लोगों के बीच में किया गया। जागरुकता पत्रक वितरण कर इसके माध्यम से विनम्र अपील कर यह बताया गया कि आपकी अपनी इच्छा से अपनाया हुआ दुःख का यह मार्ग नशा का व्यापार करने वालों को आर्थिक रुप से बहुत लाभकारी करेगा।
अंततः नुकसान तो आपका, आपके माता-पिता, भाई-बहन, सगे-संबंधियों एवं समाज का ही होगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से बेहाल मरीज के रूप में देखना नहीं चाहते। आगे अपने उद्घोष में युवा महिला मंडल ने अपील में कहा कि व्यसन मुक्त होने का शुभ संकल्प करें एवं दूसरो को भी नशा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
प्रभात रैली के दौरान नशा को समाज से तथा व्यक्तिगत जीवन से हटाने हेतु गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के भाई-बहनों द्वारा मुहल्ला वासियों को नशा के दुष्परिणाम के तरफ ध्यान आकर्षित करके पूरे वातावरण को कुछ विशिष्ट स्लोग्नों के उद्घोषों से गुंजायमान किया :
मांस-मदिरा, बीड़ी -पान--असुर तत्व की है पहचान।मदिरा पीने में क्या शान-गली-गली होता अपमान।यदि सुख से चाहो तुम जीना-कभी भूलकर मद्य मत पीना। पिटती पत्नी बिकते जेवर, छोड़ शराबी ऐसे तेवर आदि जयघोषों,नारों और आडियो माध्यम से संदेश नगर, मुहल्लों व घरों में व्यसन न करने तथा इसके दुष्परिणाम को बताया गया।
इस रैली में रांची जिला समन्वय समिति युवा प्रकोष्ठ, अनेक मंडलों व विभिन्न मुहल्लों से आये हुए गायत्री परिवार के सभी युवा भाई बहनों के साथ रांची जोन कार्यालय के मुख्य व्यवस्थापक, रांची जिला युवा समन्वयक, रांची जिला युवा सह समन्वयक, रांची जिला युवा महिला समन्वयक, रांची जिला युवा महिला सह समन्वयक, भारतीय संस्कृति ज्ञान मंडल, बाल संस्कार मंडल, सप्त आन्दोलन समन्वयक, सप्त आन्दोलन सह समन्वयक तथा विभिन्न आंदोलनों के समन्वयक आदि ने भाग लिया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार रांची जिला युवा प्रकोष्ठ, महिला मंडल, जोनल कार्यालय,रांची गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर-२ धुर्वा रांची के जय नारायण प्रसाद ने दी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse